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पंजाब में शीतलहर के कहर के बीच बठिंडा रहा सबसे ठंडा

लुधियाना. पंजाब में धुंध और शीतलहर जारी है। बुधवार को बठिंडा सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम 3.2 डिग्री दर्ज किया गया। चंडीगढ़ सहित तीन जिलों में शीत दिन की स्थिति रही। यहां अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा है। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह पटियाला का न्यूनतम तापमान 4.4 व अधिकतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को दिन भर धुंध छाई रही। दृश्यता बेहद कम रहने से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छुट्टियां खत्म होने पर स्कूल खुले, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। बुधवार को दिन भर धुंध छाई रही। दृश्यता बेहद कम रहने से वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छुट्टियां खत्म होने पर स्कूल खुले, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। बेहद घने कोहरे के चलते अमृतसर में दृश्यता शून्य रही। एसबीएस नगर में केवल 5 मीटर, बठिंडा व फरीदकोट में 50 मीटर से कम, पटियाला में 70 मीटर और गुरदासपुर में 100 मीटर दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 18 जनवरी से तीन दिनों तक कुछ इलाकों में बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। अमृतसर का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री, लुधियाना 5.4, पटियाला 4.4, गुरदासपुर 3.5, एसबीएस नगर 4.5, फरीदकोट 5.1, होशियारपुर 5.6 और रूपनगर 5.0 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान अमृतसर में 8.8 डिग्री, लुधियाना 10.8, पटियाला 9.6, पठानकोट 8.5, बठिंडा 13.5, फरीदकोट 13.6, एसबीएस नगर 8.5 और होशियारपुर 8.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि वीरवार को बेहद घना कोहरा पड़ने के साथ कुछ क्षेत्रों में कोल्ड डे रहेगा। आने वाले दिनों में पंजाब में ठंड और कोहरे का असर जारी रहेगा। लोगों से सड़क पर सतर्क रहने और वाहन धीमी गति से चलाने की अपील की गई है। दृश्यता शून्य के कारण अमृतसर की सड़कों पर वाहन और लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। 

हजारीबाग में बम विस्फोट में लापरवाही या साजिश की जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

हजारीबाग. हजारीबाग के खिरगांव हबीबी नगर में हुए बम धमाके के बाद यह इलाका एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र के रडार पर आ गया है। विस्फोट में तीन लोगों की मौत के बाद केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि खुफिया एजेंसियों के बीच भी गंभीर मंथन शुरू हो गया है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां सबूत जुटाने में लगी हैं। फोरेंसिक जांच, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह विस्फोट स्थानीय लापरवाही का नतीजा था या किसी बड़ी साजिश की कड़ी है। क्योंकि आप पहले विस्फोट की बड़ी घटना हो चुकी है इसलिए लोग इसे पुरानी घटना से जोड़कर भी देख रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। खिरगांव के हबीबीनगर की घटना ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि शहर के भीतर मौजूद संवेदनशील इलाकों को नजरअंदाज करना भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और क्या इस घटना से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाता है या नहीं। घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वर्षों से निगरानी में रहे क्षेत्र में इस तरह का विस्फोट कैसे हुआ। खिरगांव इलाका पहले भी सुरक्षा कारणों से चर्चा में रहा है। बीते वर्षों में यहां कुछ मामलों में संदिग्ध गतिविधियों और गैरकानूनी तत्वों को पनाह देने के आरोप सामने आ चुके हैं, जिनकी जांच विभिन्न एजेंसियों ने की थी। अप्रैल 2016 में इसी क्षेत्र में बम बनाते समय हुए धमाके में छह लोगों की मौत ने पूरे राज्य को हिला दिया था। उस घटना के बाद इलाके पर विशेष निगरानी बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद ताजा धमाके ने खुफिया तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई इलाका लंबे समय से संवेदनशील माना जाता रहा है, तो वहां इस तरह की घटना का दोहराव गंभीर चूक की ओर इशारा करता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं का सही विश्लेषण और समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक घटना के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन बार-बार ऐसे मामलों का सामने आना यह संकेत देता है कि संवेदनशील इलाकों में सतत और निष्पक्ष निगरानी की जरूरत है। राजनीतिक या अन्य किसी भी दबाव से मुक्त होकर यदि गहन तलाशी और जांच की जाए, तो कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं। विस्फोट के बाद खुफिया तंत्र हुआ सक्रिय धमाके के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया इकाइयां भी सक्रिय हो गई हैं। यह जांच की जा रही है कि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री स्थानीय स्तर पर छिपाई गई थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल किसी भी अंतरराष्ट्रीय या बाहरी संपर्क की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच एजेंसियां संभावित पहलुओं को खंगाल रही हैं।

6 उद्योगों में में सुरक्षा के अभाव पर लगाया 10 लाख रुपए का जुर्माना

रायगढ़. जिले के उद्योगों में लगातार हादसे हो रहे हैं। इसमें अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, कुछ मजदूर घायल भी हुए हैं। इसे देखते हुए जब औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने जांच की तो सुरक्षा मानकों में कमी सामने आई है। इसके बाद प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किया। जहां प्रकरणों में सुनवाई कर 6 उद्योगों को 10 लाख 52 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इसमें मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट) में कारखाना अधिनियम के उल्लंघन पर अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय व कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को 1.50-1.50 लाख रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया गया। इसके अलावा मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी व फैक्ट्री प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान को 1.40 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। इसके अलावा मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड में भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा व ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया है।इसी इकाई में कारखाना अधिनियम के एक अन्य प्रकरण में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा व कारखाना प्रबंधक जीके मिश्र को कुल 2.80 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।

योगी आदित्यनाथ से “क्या चाहिए?” पर बच्चे का जवाब था “चिप्स”, हर कोई हंसी रोक न सका

गोरखपुर  मकर संक्रांति पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में सुबह चार बजे उन्होंने विधि-विधान के साथ गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की. पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं से मिले. जब वो बैठे थे तो एक छोटे बच्चे को अपने पास बुलाया और स्नेहपूर्वक उसके सिर पर हाथ फेरा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सहज भाव से उससे पूछा क्या चाहिए? बच्चा पहले कुछ नहीं बोला. योगी जी ने दो-तीन बार बड़े ही अपनत्व से पूछा, तब जाकर बच्चे ने मुख्यमंत्री के कान में धीरे से कुछ कहा. पहले तो मुख्यमंत्री समझ नहीं पाए कि बच्चा क्या कह रहा है. जैसे ही बात स्पष्ट हुई कि बच्चे ने चिप्स मांगे हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिलखिलाकर हंस पड़े. उनका यह ठहाका देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुरा उठे. इसके बाद तत्काल बच्चे के लिए चिप्स मंगवाकर उसे दिया गया. गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य: मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में प्रदेशवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो आस्था, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र स्थलों पर पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं. गुरुवार को गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रातः चार बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा के उपरांत भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिला. सूर्यदेव जगत की आत्मा हैं मकर संक्रांति के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में सूर्य उपासना को विशेष स्थान दिया गया है. मकर संक्रांति का पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत प्रशस्त माना जाता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार सूर्य का अयन वृत्त 12 राशियों में विभाजित है. एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है. जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तो वह मकर संक्रांति कहलाती है. इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और अगले छह महीने तक मिथुन राशि तक उत्तरायण रहते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तरायण काल में दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं. यह समय ऊर्जा, जीवन और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. सूर्य के प्रकाश का मानव जीवन में कितना महत्व है, इसका अनुमान भारत की ऋषि परंपरा और पर्व-त्योहारों से लगाया जा सकता है. देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जहां लाखों श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं, वहीं प्रयागराज में भी संगम तट पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में कल्पवासी और संतजन अपनी साधना में लीन हैं. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के पावन संगम में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. यह दृश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करते हैं. मकर संक्रांति का संदेश है ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता की ओर अग्रसर होना.

डॉ. यादव ने निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया, स्थानीय लोगों के साथ चाय की चुस्की भी

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया। जानकारी दी गई कि यह भवन जी प्लस टू निर्मित किया जाएगा, अप्रैल 2026 में इसके पूर्ण होना होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी पीआईयू है।  गीता भवन की कुल क्षमता 1250 सीटर होगी। इसका निर्माण 5.11 एकड़ में लागत लगभग 34 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सुबह की चाय की चुस्की उज्जैनवासियों के साथ ली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भगवान बृहस्पति मंदिर में दर्शन करने के बाद पास के तेलीवाड़ा चौराहे पर शहर की पुरानी चाय की दुकान पर स्थानीय लोगों के साथ चाय पी और चर्चा की। उन्होंने दुकान संचालक से हालचाल पूछा, चाय पीने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय के पैसे दिए, दुकानदार द्वारा संकोच के कारण पैसे नहीं लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये तो लेना ही होंगे।    

हरियाणा सरकार का निर्देश ग्रुप-डी कर्मचारियों के खाली पदों की पोर्टल पर तुरंत दें जानकारी

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों को ग्रुप-डी कर्मचारियों के सुचारू समायोजन और पोस्टिंग की सुविधा के लिए हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल पर ग्रुप-डी के खाली पदों का विवरण तुरंत अपलोड करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी एक पत्र में, विभागों को एक सप्ताह के भीतर हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल रिक्विजिशन पोर्टल पर खाली पदों की जानकारी अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन ग्रुप-डी कर्मचारियों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है, उन्हें पोर्टल पर पहले से जमा की गई उनकी पोस्ट प्राथमिकताओं के अनुसार बिना किसी परेशानी के समायोजित या दोबारा पोस्ट किया जा सके। सरकार ने आगे निर्देश दिया है कि विभागों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित एक प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा, जो हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल पोर्टल पर अपलोड किए गए ग्रुप-डी रिक्तियों से संबंधित डेटा की सटीकता और सही होने को प्रमाणित करता हो। नए अनुशंसित ग्रुप-डी कर्मचारियों की पोस्टिंग संबंधित विभागों द्वारा प्रदान की गई प्रमाणित जानकारी के अनुसार ही की जाएगी।

खनिज संसाधन सचिव पी. दयानंद की पत्रकार वार्ता, छत्तीसगढ़ सरकार के नीतिगत फैसलों पर चर्चा

रायपुर   सचिव खनिज संसाधन पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 02 वर्षों में उल्लेखनियवृद्धि हुई है।            सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यांे के संपादनका सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व मंे वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान मंे कार्यरत् है।             दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।             सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN –  Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।        दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।           सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी – माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक – सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।            उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।           सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति … Read more

देश में पहली बार: किन्नरों के धर्मांतरण का मामला, सागर की घटना ने खड़ा किया विवाद

सागर  किन्नरों का 'जबरन धर्मांतरण ' और 'प्रताड़ना' को लेकर संभवत: देश का पहला मामला सागर से सामने आया है। एक किन्नर ने दबाव न झेल पाने के कारण सुसाइड कर लिया। उसके गुरु ने बकायदा पुलिस थाने में आवेदन देकर 'रंगमहल के मुखिया' पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हिन्दू संगठनों ने इस मामले में लामबंद होकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। जानकारी अनुसार हिन्दू किन्रर रानी ठाकुर और हिंदू संगठनों ने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। बकायदा लिखित शिकायत देकर कहा है कि 'किन्नर गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान' और उसके कुछ साथी हिंदू किन्नरों पर नमाज पढ़ने, रोजा रखने और जबरन गोमांस खाने का दबाव बनाते हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसी प्रताड़ना से आहत होकर उनके एक साथी मोना किन्नर ने बुधवार को टीकमगढ़ में अपनी जान दे दी। किन्नर गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान पर गंभीर आरोप किन्नर रानी ठाकुर ने शिकायत में कहा है कि सागर में किन्नरों के गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान जो 'रंगमहल' में रहते हैं, उसे पूरी तरह मस्जिद बना दिया गया है। वे रानी व उसके चेले मोना किन्नर को दो साल से जबरन नमाज पढ़वा रहे थे। जब मना किया तो प्रताड़ित करने लगे, मारपीट भी की गई। जान से मारने की धमकी भी देते हैं। शिकायत में हिन्दू किन्नरों को जबरन गोमांस-बकरे का मांस खाने के लिए दबाव डाला जाता है। रानी का आरोप है कि हमें जलाकर मारने तक की धमकी दी जा रही है। सुसाइड नहीं हत्या की आशंका, जांच की जाए किन्नर रानी ठाकुर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाए हैं कि, उनका चेला धर्मांतरण और प्रताड़ना के कारण काफी तनाव में था। वह एक दिन पहले ही टीकमगढ़ स्थित घर गया और खबर आई कि उसने फांसी लगा ली। लेकिन यह आत्महत्या नहीं है, उसकी हत्या हो सकती है, क्योंकि उस पर धर्मांतरण का भारी दबाव था। रानी का दावा है कि उसके पास इस सबकी मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी है, जिसकी जांच कर सकते हैं। हिन्दू संगठन थाने पहुंचे, कार्रवाई की मांग मामले में हिन्दू संगठनों जिनमें बजरंग दल और शिवसेना नेताओं ने रानी ठाकुर के साथ थाने पहुंचकर इस मामले में तीखा विरोध जताया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन ने धर्मांतरण मामले में आरोपी किन्नर गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।  

सीएम हेमंत सोरेन को समन की अवहेलना केस में झारखंड HC से राहत नहीं

रांची. झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उनकी ओर से एमपी-एमएलए कोर्ट के संज्ञान को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर अदालत इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। इसलिए उनकी याचिका खारिज की जाती है। बता दें कि ईडी ने समन की अवहेलना मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ न्यायालय में शिकायतवाद दर्ज कराया है। जिसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है। जिसको हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। ईडी की ओर से अधिवक्ता जोहेब हुसैन, एके दास और सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।

‘झाड़ू लगाते बीती जिंदगी, लेकिन नौकरी आज भी अस्थायी’ पर हाईकोर्ट सख्त

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 40 वर्षों से पार्ट टाइम सफाईकर्मी के रूप में सेवा दे रहे कर्मचारी के साथ हरियाणा सरकार के रवैये पर तीखा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय तक काम लेने के बाद भी कर्मचारी के नियमितीकरण से इनकार करना संविधान की आत्मा के विरुद्ध है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वर्ष 1986 से लगातार सेवाएं दे रहे करनाल निवासी बीर सिंह उर्फ भीरा को आज भी अस्थायी बनाए रखना राज्य द्वारा किया गया संस्थागत शोषण है, जिसे किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता। जस्टिस संदीप मोद्गिल ने कहा कि राज्य से अपेक्षा की जाती है कि वह एक मॉडल एंप्लायर की तरह व्यवहार करे, लेकिन तकनीकी वर्गीकरण का सहारा लेकर दशकों तक श्रम लेने के बाद जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेना इस अवधारणा को ही खोखला कर देता है। अदालत ने कहा कि लंबे समय तक सेवा लेने के बाद कर्मचारी को अनियमित बनाए रखना न्याय और निष्पक्षता की बुनियादी भावना पर चोट है। अदालत के समक्ष यह भी आया कि याचिकाकर्ता का सेवा रिकार्ड पूरी तरह निष्कलंक रहा है और उसकी ईमानदारी या कार्यकुशलता पर कभी सवाल नहीं उठा। न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता द्वारा किया गया कार्य न तो अस्थायी प्रकृति का है और न ही कभी-कभार किया जाने वाला काम है, बल्कि संस्थान के दैनिक संचालन के लिए अनिवार्य और स्थायी काम वह कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कर्मचारी को वर्षों तक अस्थायी बनाए रखना समानता के संवैधानिक सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान केवल औपचारिक समानता की बात नहीं करता, बल्कि वह गरिमा, आजीविका और सामाजिक न्याय की ठोस गारंटी देता है। प्रस्तावना में निहित समाजवादी गणराज्य की भावना तब निरर्थक हो जाती है, जब प्रशासनिक ढांचे के सबसे निचले पायदान पर काम करने वालों को जीवन भर की सेवा के बाद भी सुरक्षा और सम्मान नहीं मिलता। कोर्ट ने टिप्पणी की कि भले ही याचिकाकर्ता को नाममात्र का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कहा गया हो, लेकिन उसके द्वारा किया श्रम सार्वजनिक संस्थानों के सुचारू संचालन की रीढ़ है।