samacharsecretary.com

जन्मदिन पर अनोखा उपहार! बृजभूषण शरण सिंह ने ऋतेश्वर महाराज को भेंट की करोड़ों की दुर्लभ गाय

गोंडा यूपी के गोंडा जिले में नंदिनी नगर में चल रहे राष्ट्रकथा महोत्सव के दौरान सदगुरु ऋतेश्वर महाराज के जन्मदिन पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उन्हें दुर्लभ 20 लाख रुपए कीमत वाली श्यामा गाय भेंट की। हरियाणा से लाई गई काले रंग की इस दुर्लभ गाय को देखते ही महाराज उसे दुलार करने लगे। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ये उपहार उनके एक मित्र ने भेजा है। इस मौके पर ऋतेश्वर महाराज ने श्रोताओं से आह्वान किया कि हमें राष्ट्र, धर्म और अपनी आत्मा की पुकार को सुनना चाहिए। आज हमें अपने महापुरुषों द्वारा बताए गए कर्तव्यों पर गंभीरता से विचार करना होगा। परिवार, समाज और राष्ट्र के सशक्त निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना चाहिए।   भोजपुरी स्टार पवन सिंह, बृजभूषण ने भी साधा सुर राष्ट्रकथा में रविवार की शाम भोजपुरी गानों के पावर स्टार पवन सिंह भी पहुंचे। दो भजन भी गाए। बृजभूषण ने स्टेज से खुद ही आज नंदिनी नगरिया निहार सखियां… गीत गाया। इस दौरान राष्ट्र कथा के भंडारे में परोसे जा रहे बथुए के सगपहिते पर कहा बथुआ अब राष्ट्रीय ब्रांड हो गया है। अब इसे नेशनल फूड घोषित किया जाना चाहिए। स्टेडियम में पहलवानों से मिले सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज सदगुरु रविवार के देर शाम पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, ऋतेश्वर महाराज को लेकर नंदिनी नगर कुश्ती स्टेडियम पहुंचे। कुश्ती सीखने आए खिलाड़ियों से मुलाकात कराई। दांव-पेंच बताए। इस दौरान तलवार बाजी का प्रदर्शन भी किया गया। पूर्व सांसद ने अपने मालिश करने वाले नेशनल पदक विजेता खिलाड़ी और अपने नाई से मुलाकात कराकर कहा जब नाऊ इतने तगड़े हैं नेताजी का तो दबदबा तो रहेगा ही भैया। यह सुनकर सद्‌गुरु ऋतेश्वर महाराज जोर से हंसे और दोनों को आशीर्वाद दिया।

नेहरू कॉलोनी में आपसी विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो परिवार आमने-सामने, पुलिस बल तैनात

फरीदाबाद फरीदाबाद के डबुआ थाना क्षेत्र स्थित नेहरू कॉलोनी में मंगलवार सुबह दो परिवारों के बीच नशा बेचने को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें लोग एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों परिवार एक-दूसरे पर पथराव कर रहे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इलाके में पथराव होने से वहां हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दोनों तरफ से लोग घरों की छतों से पत्थर फेंकने लगे और सड़कों पर इधर-उधर भागने लगे। मिली जानकारी के अनुसार विवाद नशा तस्करी से जुड़ा बताया जा रहा है। एक पक्ष का आरोप है कि नशा तस्कर मतीन और उसके साथियों ने लतीफ के परिवार पर हमला किया। नशा बेचने से रोकने को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो बाद में पत्थरबाजी में बदल गई। दोनों पक्षों से अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। नेहरू कॉलोनी घनी आबादी वाला इलाका है, जहां छोटे-मोटे विवाद अक्सर होते रहते हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। इसके साथ ही पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही है। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है, जांच जारी है और जल्द से जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री से माँगा पूर्णिया के युवाओं के लिए इंटरनेशनल स्किल सेंटर

पूर्णिया. युवाओं को रोजगार, आधुनिक कौशल और वैश्विक अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दिल्ली में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र में पूर्णिया इंटरनेशनल स्किल सेंटर की स्थापना का ठोस प्रस्ताव रखते हुए मंत्रालय को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया केवल एक जिला नहीं, बल्कि कोसी-सीमांचल और पूर्वोत्तर बिहार के लाखों युवाओं की उम्मीदों का केंद्र है, जहां सही दिशा में निवेश से ऐतिहासिक बदलाव संभव है। सांसद ने अपने ज्ञापन में बताया कि पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी युवा वर्ग की है, लेकिन आधुनिक कौशल प्रशिक्षण संरचनाओं के अभाव में यह ऊर्जा और प्रतिभा पलायन का शिकार हो रही है। बिहार, नेपाल और उत्तर-पूर्व भारत के बीच स्थित यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्किल इंफ्रास्ट्रक्चर से वंचित है। उन्होंने कहा कि यहां के युवा मेहनती हैं, सीखने की इच्छा रखते हैं, पर अवसरों की कमी उन्हें दिल्ली, मुंबई, पंजाब और खाड़ी देशों की ओर पलायन के लिए मजबूर कर रही है। इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार सहित पूरा कोसी-सीमांचल कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और घरेलू उद्योगों की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। उभरती एयर कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल और पूर्वोत्तर के लिए गेटवे की भूमिका इसे पूर्वी भारत का सबसे संभावनाशील स्किल-इकोनॉमी जोन बनाती है। ऐसे में यदि यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाए तो यह क्षेत्र न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए कुशल मानव संसाधन का हब बन सकता है। इसी सोच के तहत सांसद ने पूर्णिया इंटरनेशनल स्किल सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव रखा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आईटी, एविएशन और एयरपोर्ट ऑपरेशन, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर असिस्टेंट, एग्री-टेक एवं फूड प्रोसेसिंग, सोलर एवं ग्रीन एनर्जी टेक्नीशियन, साथ ही विदेशी भाषा प्रशिक्षण (अरबी, जापानी, फ्रेंच आदि) जैसे कोर्स संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह सेंटर पूर्वोत्तर बिहार का पहला उन्नत बहु-क्षेत्रीय कौशल संस्थान होगा, जो युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगा। मुलाकात के दौरान स्किल रेजोल्यूशन 2026 के तहत ड्रोन आधारित कृषि, सक्षम कौशल प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना विकास पर भी गहन चर्चा हुई। सांसद ने बताया कि पूर्णिया में ड्रोन कृषि के प्रयोग से मात्र 6 मिनट में एक एकड़ में स्प्रे, फसल स्वास्थ्य की निगरानी और लागत में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी संभव है, जिसका सफल प्रदर्शन स्थानीय युवा कार्तिक द्वारा किया जा चुका है। युवा बन सके उद्यमी उन्होंने ‘ड्रोन शक्ति’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों के तहत अप्रेंटिसशिप को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि युवा स्वयं उद्यमी बन सकें। सांसद पप्पू यादव ने मंत्रालय से अनुरोध किया कि स्किल रेजोल्यूशन 2026 के अनुरूप पूर्णिया के लिए 150 करोड़ का विशेष पैकेज स्वीकृत किया जाए, जिसके अंतर्गत 10 आधारभूत प्रशिक्षण केंद्र, 2,000 ड्रोन पैकेज (प्रशिक्षण सहित) तथा बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के साथ अभिसरण स्थापित किया जाए। इससे 5,000 से अधिक युवाओं, विशेषकर महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को अनुमोदित रिमोट पायलट ट्रेनिंग मिल सकेगी और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। अपने दूसरे पत्र में उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र बार-बार बाढ़, भारी पलायन, सीमावर्ती चुनौतियों और आर्थिक पिछड़ेपन से जूझता रहा है। ऐसे में इस परियोजना को राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले जिलों के मॉडल के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।

धमतरी में बड़ी कामयाबी: 5 लाख की इनामी नक्सली भूमिका ने पुलिस के सामने डाला हथियार

धमतरी  नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 5 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी ने पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वह नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत थी। छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमावर्ती इलाकों में संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती थी। आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के अनुरूप भूमिका को 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं पुनर्वास का लाभ भी दिया जाएगा। मूलतः ग्राम पुसनार, थाना गंगालूर जिला बीजापुर की रहने वाली 37 वर्षीय भूमिका पर शासन ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय तक माओवादी संगठन से जुड़े रहने के अनुभवों ने भूमिका को भीतर से तोड़ दिया था। संगठन के भीतर भेदभावपूर्ण व्यवहार, हिंसा पर आधारित विचारधारा और पारिवारिक व दांपत्य जीवन से लगातार वंचित रहना उसके लिए मानसिक बोझ बन चुका था। इन्हीं परिस्थितियों से क्षुब्ध होकर उसने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। 2005 से माओवादी संगठन में रही सक्रिय पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह वर्ष 2010 तक प्लाटून-01 में शामिल रही। इसके पश्चात उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां विभिन्न इकाइयों में कार्य करते हुए वर्ष 2011 से 2019 तक वह शीर्ष माओवादी नेता सीसीएम संग्राम की सुरक्षा में तैनात रही। वर्ष 2019 से 2023 के बीच उसने सीनापाली एरिया कमेटी में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई, जबकि सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस कमांडर बनाया गया। इन घटनाओं में शामिल थी भूमिका संगठन में लगातार घटती संख्या के चलते हाल के समय में भूमिका नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी। अपने लंबे नक्सली जीवन के दौरान वह कई गंभीर मुठभेड़ों में शामिल रही। वर्ष 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली क्षेत्र में हुई मुठभेड़, जिसमें आठ नक्सली मारे गए, से लेकर बीजापुर, गरियाबंद और धमतरी के जंगलों में हुई अनेक घटनाओं में उसका नाम सामने आता रहा। वर्ष 2018 में बीजापुर के तिमेनार जंगल में मुठभेड़, वर्ष 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, वर्ष 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल और वर्ष 2025 में मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ों में भी उसकी संलिप्तता रही। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा: बायो मेडिकल वेस्ट का सुनियोजित और नियमानुसार प्रबंधन करें सुनिश्चित

बायो मेडिकल वेस्ट का सुनियोजित और नियमानुसार प्रबंधन करें सुनिश्चित: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, चिकित्सा अधोसंरचना के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने रीवा, सिंगरौली, ग्वालियर, सागर एवं बुधनी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, मानव संसाधन की नियुक्ति और शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय गतिविधियों के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बायो मेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक एवं सुनियोजित प्रबंधन सुनिश्चित के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये, पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और जिला चिकित्सालयों के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता में सुधार शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उन्नयन प्रस्तावों को व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ऐसे सभी विषयों एवं प्रस्तावों, जिनके लिए सक्षम समिति अथवा मंत्रि-परिषद की स्वीकृति अपेक्षित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अग्रेषित करने के निर्देश दिए, जिससे निर्णय प्रक्रिया में विलंब न हो और योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंच सके। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी उपस्थित थे।  

योगी कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृत

  जेएस विश्वविद्यालय का परिसमापन, आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ग्रेटर नोएडा ऑफ-कैंपस को मंजूरी योगी कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृत जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद में अनियमितताओं पर योगी सरकार की कठोर कार्रवाई फर्जी डिग्रियों के चलते जेएस विश्वविद्यालय पर गिरी गाज, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय संभालेगा अभिलेख आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ का ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस, उच्च शिक्षा के विस्तार को मिली मंजूरी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। एक तरफ, योगी कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (जनपद फिरोजाबाद) के परिसमापन को मंजूरी दी है तो वहीं आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।  फर्जी डिग्रियों पर कड़ा एक्शन  जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद के परिसमापन के प्रस्ताव की मंजूरी के निर्णय की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि  जांच में यह सामने आया कि विश्वविद्यालय द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए बीपीएड पाठ्यक्रम की फर्जी और बैक डेट में मार्कशीट व डिग्रियां जारी की गईं, जिनका उपयोग राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा किया गया। इस प्रकरण में राजस्थान पुलिस की जांच, कुलाधिपति एवं कुलसचिव की गिरफ्तारी तथा शासन स्तर पर गठित जांच समितियों की आख्या में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मंत्री ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया गया है, जिसमें डिग्री प्रदान करने की शक्ति का दुरुपयोग, संगठित अपराध के रूप में फर्जी अंकतालिकाओं एवं डिग्रियों का वितरण, आवश्यक भूमि मानक का पालन न करना तथा उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को अनिवार्य विवरण उपलब्ध न कराना शामिल है। इन सभी तथ्यों के दृष्टिगत योगी सरकार ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद के परिसमापन का निर्णय लिया है। परिसमापन के पश्चात विश्वविद्यालय के समस्त अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रखे जाएंगे तथा उन्हीं अभिलेखों के आधार पर पूर्व में निर्गत मार्कशीट एवं डिग्रियों का प्रमाणीकरण किया जाएगा। साथ ही, परिसमापन अवधि के दौरान विश्वविद्यालय की गतिविधियों के संचालन हेतु धारा 55(6) के अंतर्गत त्रि-सदस्यीय अंतरिम समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में उच्च शिक्षा के नए अवसर होंगे सृजित  कैबिनेट बैठक में दूसरा अहम निर्णय आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस की स्थापना को लेकर लिया गया। इसके लिए संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस ऑफ-कैंपस के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे और छात्रों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 तथा उसके द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2021 के अंतर्गत परिसर दूरस्थ केंद्र की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इस क्रम में प्रायोजक संस्था एसोसिएशन ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मेरठ द्वारा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 4.796 एकड़ भूमि चिन्हित की गई थी, जिसके लिए 25 फरवरी 2025 को आशय पत्र (एलओआई) निर्गत किया गया था। अब सरकार द्वारा आई०आई०एम०टी० विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा स्थित ऑफ-कैंपस के संचालन हेतु प्रायोजक संस्था को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। मंत्री ने कहा कि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं एनसीआर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

सतना पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 56 पुलिसकर्मियों के तबादले

सतना  सतना जिले की पुलिस व्यवस्था में कसावट लाने के लिए बड़ा फेरबदल किया गया है। एसपी हंसराज ने जिले के थानों, चौकियों और शाखाओं में पदस्थ 56 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। तबादला सूची में एसआई, एएसआइ, हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल है। कई पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन, यातायात शाखा, महिला थाना, अजाक, कंट्रोल रूम, साइबर सेल एवं थानों में नई पदस्थापना दी गई है। 30 पुलिसकर्मियों को थाने भेजा गया कई कर्मचारियों को प्रशासनिक शाखाओं से हटाकर मैदानी थानों में भेजा गया है। जबकि लंबे समय से थानों में पदस्थ कर्मियों को पुलिस लाइन और अन्य शाखाओं में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस लाइन से 30 कर्मचारियों को थानों में भेजा गया है। इसमें उन आठ पुलिसकर्मी को भी शामिल किया गया है। जो कि पूर्व में शिकायत के आधार पर थानों से लाइन अटैक किए गए थे। चार महीने हुआ बड़ा बदलाव जांच में क्लीन चिट मिलने के बाद दोबारा थाना में पदस्थ कर दिया गया। सतना पुलिस की कमान संभालने के चार माह बाद एसपी ने बड़ा बदलाव किया है। आगामी दिनों में जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरीक्षक स्तर में तबादले हो सकते हैं। एसआई नेहा ठाकुर को पुलिस लाइन से सिविल लाइन थाना, एसआइ मकरध्वज पांडेय को महिला थाना से डीएसपी अजाक कार्यालय, एएसआइ रामकेश सिंह अजाक से मझगवां, एएसआइ कल्लू रावत को पुलिस लाइन से कोलगवां, एएसआइ प्रदीप लढ़िया को पुलिस लाइन से यातायात, एएसआइ रावेंद्र मिश्रा को अजाक से रामपुर बाघेलान व रामायण सिंह को पुलिस लाइन से उचेहरा थाना भेजा गया है। इनके अलावा 49 पुलिसकर्मियों के नाम सूची में हैं।

जेएनयू परिसर में विवादित नारेबाजी: पीएम मोदी–अमित शाह को लेकर ‘कब्र खुदेगी’ के नारे

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 के दिल्ली दंगा केस में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में जमकर नारेबाजी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कैंपस में जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शन के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में लेफ्ट स्टूडेंट्स 'मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर' जैसे आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ बोलते नजर आ रहे हैं। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर विरोध दर्ज किया। उन्होंने ट्वीट किया 'मोदी शाह की कब्र खुदेगी जेनयू की धरती पर…' शरजील उमर को जमानत नहीं मिलने के बाद ये नारे जेएनयू में टुकड़े इकोसिस्टम द्वारा लगाए गए। यह शहरी नक्सलियों का भारत विरोधी समूह है।' पूनावाला ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि ‘कांग्रेस इकोसिस्टम के स्टूडेंट्स अब धमकी दे रहे हैं। वे नारे लगा रहे थे कि जेएनयू कैंपस पर मोदी-शाह की कब्र खुदेगी। ऐसे नारे हमने कांग्रेस के कार्यक्रम में भी सुने हैं। सोचिए जिन लोगों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर आरोप तय किए हैं जिन्हें प्रथम दृष्टया आतंकवाद के लिए जिम्मेदार पाया है। एक साल तक उनको जमानत नहीं मिल सकती। ऐसे लोगों के बचाव में आते-आते आज देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को मारने की धमकी दी जा रही है।’ वहीं एबीवीपी के उपाध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा, 'कल जेएनयू में 'एबीवीपी-आरएसएस की कब्र खुदेगी' के नारे लगाए गए। जेएनयू में इस तरह की नारेबाजी आम बात हो गई है। एबीवीपी-आरएसएस के करोड़ों कार्यकर्ता हैं। क्या वे करोड़ों कार्यकर्ताओं के करोड़ों कब्र खोदने की बात कर रहे हैं? हमने यह भी देखा कि न्यूयॉर्क के मेयर ने एक 'आतंकवादी' को पत्र लिखकर उसे रिहा करने की बात कही। हम उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हैं।' आपत्तिजनक नारेबाजी पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा ‘शरजिल इमाम और उमर खालिद के समर्थन में जिस तरह जेएनयू में नारे लगे है, वाह निंदनीय है। छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए जो बेहद निंदनीय है। जेएनयू में हुआ यह घटनाक्रम विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है। ऐसे लोगों की हिम्मत इसलिए बढ़ती है क्योंकि दिल्ली विधानसभा में ऐसे विधायक है जो ऐसे छात्रों को समर्थन दे रहे हैं। पीएम द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं नीति के बारे में बोला जा सकता है लेकिन देश के खिलाफ जाकर पीएम और गृह मंत्री को धमकी देना बेहद निंदनीय है।’  

सीमा पर नाकाम हुई तस्करी: पंजाब पुलिस और BSF ने हेरोइन के साथ 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़ पंजाब में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीजीपी पंजाब पुलिस के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) बॉर्डर रेंज ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर ट्रांस-बॉर्डर स्मगलिंग के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में करीब 19.980 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ड्रग सप्लाई चेन को संचालित करने वाला एक मुख्य आरोपी भी शामिल है। डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और सीमा पार से आने वाली मादक पदार्थों की खेप की डिलीवरी और पूरे इलाके में इसके वितरण का समन्वय कर रहा था। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हुए हैं। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल जांच जारी है, जिसमें सीमा पार मौजूद हैंडलर्स की पहचान, सप्लाई रूट्स का पता लगाने और पूरे ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करने पर फोकस किया जा रहा है। डीजीपी गौरव यादव ने आगे कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने और सीमापार से संचालित नार्को नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इससे पहले भी पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। 1 जनवरी को डीजीपी ने जानकारी दी थी कि पटियाला पुलिस ने एक संगठित आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी हत्या, जबरन वसूली और टारगेट किलिंग जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नौ पिस्तौल (.32 बोर) और एक पीएक्स5 पिस्तौल (.30 बोर) बरामद की थी। प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि सभी आरोपी एक व्यवस्थित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इस मामले में भी एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए नशा तस्करों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

दिल्ली पलूशन बना वजह? सोनिया गांधी को सांस लेने में परेशानी, दोबारा कराया गया एडमिट

नई दिल्ली कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में एडमिट कराया गया है। उन्हें सीने में दर्द की समस्या थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य है और चेस्ट फिजिशियन की निगरानी में उन्हें रखा गया है। अस्पताल के एक सूत्र ने कहा कि वह रूटीन चेकअप के लिए ही आई हैं, लेकिन उन्हें खांसी की समस्या काफी ज्यादा है। विशेष तौर पर दिल्ली में बढ़े हुए पलूशन के चलते उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होती रहती हैं। एक बार फिर से ऐसी ही समस्या उभरने की आशंका है। वह सोमवार की रात को अस्पताल पहुंची थीं और फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं। बीते साल ही वह 79 वर्ष की हुई थीं।   सर गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने बताया कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उनकी जांच करने पर पाया गया कि उन्हें अस्थमा की समस्या थोड़ी बढ़ गई है। ऐसा सर्दी के मौसम और पलूशन के चलते हुआ है। फिलहाल एहतियात के तौर पर उन्हें एडमिट कर लिया गया है और उनकी सेहत की निगरानी की जा रही है। फिलहाल उनकी सेहत एकदम स्थिर है। उन्हें कुछ दवाएं भी दी जा रही हैं, जिनका उनकी सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ रहा है। उनकी सेहत का जायजा लेने के बाद एक या दो दिन में उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। 2020 में पलूशन के चलते गोवा जाने की डॉक्टरों ने दी थी सलाह इससे पहले भी सोनिया गांधी को पलूशन के चलते समस्याएं होती रही हैं। वर्ष 2020 में डॉक्टरों की सलाह पर दिल्ली के पलूशन से बचाव के लिए वह गोवा भी गई थीं। दिल्ली में एयर क्वॉलिटी ना सुधरने तक उन्हें गोवा में ही रहने की सलाह दी गई थी। चिकित्सकों की मानें तो एक बार फिर से उन्हें पलूशन के चलते समस्या बढ़ी है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही थी।