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झारखंड में बिजली महंगी होने वाली, JBVNL का प्रस्ताव सार्वजनिक

रांची झारखंड में नए साल में बिजली महंगी हो सकती है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के सामने बिजली की कीमतों में 60 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव रखा है जिससे प्रति यूनिट 3.50 रुपए तक का इजाफा हो सकता है। एक अप्रैल से लागू होती हैं नई दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग अब प्रमंडलों में जनसुनवाई कर आपत्तियां और सुझाव लेगा। उसके बाद स्टेक होल्डर्स की बैठक में सभी पक्षों को सुनने के बाद नई दर पर आदेश देगा। आमतौर पर नई दरें एक अप्रैल से लागू होती हैं। चालू वर्ष में नई दरें एक मई से लागू की गईं। जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजली खरीद पर 8,726 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान लगाया है। इसमें थर्मल, हाइड्रो और अन्य स्रोतों से खरीदी जाने वाली बिजली शामिल है। इससे पहले 1 मई 2025 से ग्रामीण घरेलू बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट और शहरी घरेलू बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई थी, जबकि किसानों को राहत दी गई थी।  

डिजिटल सुविधा का विस्तार: भोपाल में ऑनलाइन मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट, नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर

भोपाल राजधानीवासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा। टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। चेतावनी: 50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।    बड़े बकायादरों पर करें सख्ती राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश: बिहार के स्कूलों का समय बदल गया

पटना घने कोहरे, गिरते तापमान और बढ़ती ठंड के कारण पटना जिले में आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। सुबह के समय कम दृश्यता और शीतलहर जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी विद्यालयों के संचालन समय में एहतियातन बदलाव किया। 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा यह आदेश पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आदेश जारी करके कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ प्री-प्राइमरी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 10 बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। उन्होंने आदेश में कहा कि निर्धारित समय से पहले या बाद में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन के अनुसार, सुबह और देर शाम की ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह आदेश 20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित विशेष कक्षाएं और निर्धारित परीक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी, ताकि परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित ना हो। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 10 दिसंबर को विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया था। उस दौरान आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय का समय सुबह 8.30 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया था, जो 11 से 18 दिसंबर तक लागू रहा। हालांकि मौसम के और अधिक सर्द होने तथा न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज होने के बाद अब सभी कक्षाओं के लिए एक समान समय तय किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: हरियाणा का यह रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

हिसार रेलवे प्रशासन ने हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी सुरक्षा में लाने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है और कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी। हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्गों से संभव होगा। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा कर्मियों के लिए निगरानी करना भी आसान हो जाएगा।

सेहत पर संकट: मध्यप्रदेश में बच्चों और महिलाओं को तेजी से घेर रहा एनीमिया

भोपाल मध्यप्रदेश में पोषण और सेहत को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम 2025-26 की ताजा स्क्रीनिंग रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के हर 10 में से पांच बच्चे (50%) और हर 10 में से तीन महिलाएं (30%) एनीमिया से पीड़ित हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़ी आबादी अब भी कुपोषण और खराब खान-पान की समस्या से जूझ रही है। हालांकि, इस चिंताजनक तस्वीर के बीच एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। मध्यप्रदेश ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के क्रियान्वयन में लगातार छह माह से देशभर में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसका श्रेय हेल्थ वर्कर्स, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है, जो समय रहते मरीजों की पहचान कर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता और टीमवर्क का परिणाम बताया है।   70 लाख बच्चों की हुई डिजिटल जांच वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ‘दस्तक अभियान’ के तहत 70.62 लाख बच्चों की डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच की गई। इनमें से 35.21 लाख बच्चों में एनीमिया की पुष्टि हुई, जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही 9.42 लाख गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग में 3 लाख से अधिक महिलाएं मध्यम से गंभीर एनीमिया से ग्रसित पाई गईं, जिन्हें आयरन सुक्रोज और रक्ताधान जैसी सुविधाएं दी गईं। एनीमिया केवल थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक विकास में भी बड़ी बाधा बनता है। सरकार का लक्ष्य उपचार और जागरूकता के माध्यम से प्रदेश को पूरी तरह एनीमिया मुक्त बनाना है। बचाव के लिए क्या करें? पालक : आयरन और फोलेट का समृद्ध स्रोत। अंजीर व चुकंदर : रोजाना सेवन से खून बढ़ाने में सहायक। केला व शकरकंद : ऊर्जा के साथ पोटैशियम और मैग्नीशियम की पूर्ति। लौकी : विटामिन और मिनरल से भरपूर, कोलेस्ट्राल नियंत्रित रखने में मददगार।

हरित ऊर्जा की पहल: पंजाब के इस जिले में छात्रों के घरों पर निःशुल्क सोलर सिस्टम

होशियारपुर  जिले के भविष्य को ऊर्जा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभों पर खड़ा करने की दिशा में जिला प्रशासन ने चढ़दा सूरज अभियान के तहत एक प्रेरक और दूरदर्शी पहल की है। इस अभियान के केंद्र में जहां 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1-1 किलोवाट का निःशुल्क रूफ टॉप सोलर सिस्टम है, वहीं इसके साथ-साथ विशेष बच्चों के लिए रोजगार और ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका से जुड़े दो अन्य प्रोजैक्ट भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। डी.सी. आशिका जैन की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत विभिन्न एन.जी.ओज के साथ आयोजित बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास तभी टिकाऊ होगा, जब प्रशासन और समाज मिलकर आगे बढ़ें। डी.सी. ने कहा कि यह पूरा अभियान जिला प्रशासन की ओर से रैडक्रास सोसायटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें एन.जी.ओज को परिवर्तन का सशक्त माध्यम माना गया है। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान की सबसे प्रभावशाली कड़ी “गो सोलर अभियान” है। उन्होंने घोषणा की कि सी.एस.आर. सहयोग से वर्ष 2024-25 के 10वीं कक्षा के 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1 किलोवाट तक का रूफ टॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह निःशुल्क लगाया जाएगा। यह पहल न केवल मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि उनके परिवारों के माध्यम से पूरे समाज को स्वच्छ और सस्ती सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने का सशक्त संदेश भी देती है।   डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से अपील की कि वे इस योजना को जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि लोग समझ सकें कि सोलर ऊर्जा बिजली बिल में राहत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम है। इसी क्रम में यह भी घोषणा की गई कि जो एन.जी.ओ. 28 फरवरी 2026 तक 25 सोलर पैनल स्थापित करवाएगी, उसे जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपए का रिवार्ड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान के अंतर्गत “विंग्ज प्रोजेक्ट” समाज के उस वर्ग के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जिसे अक्सर मुख्यधारा से दूर समझा जाता है। इस परियोजना के तहत होशियारपुर में 7 स्थानों पर कैंटीन स्थापित कर 16 विशेष बच्चों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया गया है। डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से आग्रह किया कि वे आगे आकर ऐसे बच्चों की पहचान करें और विंग्ज प्रोजैक्ट के विस्तार में भागीदार बनें। उन्होंने एन.जी.ओ. को प्रोजैक्ट के अंतर्गत अपने स्तर पर कैंटीन खोलने के लिए भी प्रेरित किया औ कहा कि कि जिला प्रशासन और रैडक्रास की ओर से हर तरह का पूरा सहयोग दिया जाएगा, जबकि संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी एन.जी.ओ. संभालेंगी। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि तीसरी महत्वपूर्ण पहल “सुई धागा” प्रोजैक्ट है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण जरूरतमंद महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से स्थायी आजीविका देना है। इस प्रोजैक्ट के तहत गांवों, तहसीलों और ब्लॉकों में सिलाई केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि मशीनरी और उपकरण रैडक्रास सोसायटी उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन मनरेगा फ्रेमवर्क के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एन.जी.ओज से अपेक्षा है कि वे उपयुक्त स्थानों और इच्छुक महिलाओं की पहचान कर सामुदायिक लामबंदी में सहयोग दें। डी.सी. आशिका जैन ने विश्वास जताया कि एन.जी.ओज की सक्रिय भागीदारी से चढ़दा सूरज अभियान सामाजिक सशक्तिकरण, स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल बनेगा, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक जिले की प्रगति में सुनाई देगी। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल, सचिव जिला रैडक्रास सोसायटी मंगेश सूद व संयुक्त सचिव आदित्य राणा भी में मौजूद रहे।

शिक्षकों के कंधों पर विकसित भारत और विकसित राजस्थान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी: भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं है, बल्कि वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर राष्ट्र के भविष्य को रोशन करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं। यह नीति 21वीं सदी के भारत को नई दिशा देगी। शर्मा शनिवार को बांसवाड़ा के लियो इंटरनेशनल संस्थान में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के महत्व को लेकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पीएगा वो दहाड़ेगा। गरीब और वंचित समाज की प्रगति का एकमात्र जरिया शिक्षा ही है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जो बौद्धिक विकास के साथ ही आत्मिक और नैतिक विकास भी करे। शिक्षित के साथ संस्कारवान भी बनाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सुनिश्चित करती है कि भाषा किसी विद्यार्थी की प्रगति में बाधा नहीं बने और प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में मिले। विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर तार्किक सोच पैदा हो। वोकेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थी केवल डिग्री धारक नहीं, बल्कि दक्ष नागरिक बनें। विद्यार्थी किन्हीं परिस्थितियों में पढ़ाई छोड़ने के बाद उसे पुनः प्रारंभ कर सकें। उन्होंने कहा कि इस नीति को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षकगणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक हमारे समाज के पथ प्रदर्शक, आने वाली पीढ़ियों का गढ़ते हैं भविष्य – शर्मा ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल अक्षर या पुस्तक ज्ञान देने तक ही सीमित नहीं है, इनकी भूमिका बहुत व्यापक और महत्वपूर्ण है। इसीलिए शिक्षक को भविष्य निर्माता और राष्ट्र निर्माता कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के पथ-प्रदर्शक हैं। शिक्षक दीपक के समान समाज को आलोकित करता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ता है। जब-जब समाज में परिवर्तन आया है, उसका नेतृत्व शिक्षक ने किया है। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने एक साधारण बालक चंद्रगुप्त को सम्राट बनाया क्योंकि उनके पास शिक्षा और दृष्टिकोण की शक्ति थी। चाणक्य ने कहा कि प्रलय और निर्माण शिक्षक की गोद में पलते हैं। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान’ की नींव को मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों का राजकीय निधि कोष का शुल्क माफ – मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शिक्षण क्षेत्र में पिछले दो साल में अनेक अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। राजकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में युवाओं के लिए परीक्षाओं की तैयारी करवाने की व्यवस्था शुरू की है। पहले चरण में 36 राजकीय कन्या महाविद्यालयों में अध्ययन सुविधा प्रारंभ की गई है। लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों के लिए राजकीय महाविद्यालयों में राजकीय निधि कोष में लिया जाने वाला शुल्क माफ किया गया है। 41 जिला मुख्यालयों पर महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ – शर्मा ने कहा कि 71 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। 177 नए राजकीय महाविद्यालयों के भवन बनाए गए हैं। 17 महाविद्यालयों को यूजी से पीजी में क्रमोन्नत किया है। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीबीए कोर्स प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि 7 संभाग मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में बीसीए कोर्स प्रारंभ किए गए हैं। 41 जिला मुख्यालयों पर स्थित महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय प्रारंभ किया गया है। 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित – मुख्यमंत्री ने कहा कि काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी एवं देवनारायण स्कूटी योजना के तहत 39 हजार 586 स्कूटियों का वितरण किया गया है। 65 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। विद्यार्थियों को मानसिक अवसाद से बचाने एवं मानसिक संबल प्रदान करने के लिए राजस्थान कोचिंग सेंटर्स (कंट्रोल एंड रेग्यूलेशन बिल) 2025 पारित किया है। राज्य में 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं। यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि- शर्मा ने कहा कि 500 पीएम श्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी खोली हैं। 714 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए हैं। 142 पीएम श्री विद्यालयों में ओ-लैब स्थापित की गई हैं। राजकीय विद्यालयों में अध्यनरत कक्षा 1 से 8 तक के समस्त बालक-बालिकाओं एवं कक्षा 9 से 12 की बालिकाओं को यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये की सहायता राशि प्रति विद्यार्थी डीबीटी की जा रही है। अब तक 41 लाख 25 हजार विद्यार्थियों को 330 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 45 हजार 489 विभिन्न पदों पर पदोन्नतियां दी गई हैं। 10 लाख 51 लाख साइकिलें वितरित की गई हैं। शैक्षिक सम्मेलन चिंतन का सशक्त मंच – मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षकों के बीच विचार-विमर्श के साथ ही चिंतन का भी एक सशक्त मंच है। यहां से जो विचार निकलेंगे, वे हमारी शिक्षा नीति को और अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने में सहायक होंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि स्कूलों में ऐसा वातावरण तैयार करें जहां विद्यार्थी न केवल परीक्षा उत्तीर्ण करें, बल्कि एक स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त नागरिक बनकर निकलें।  

धर्मांतरण के बाद अंतिम संस्कार पर उठा विवाद थमा, बड़े तेवड़ा मामले में सरपंच का खुलासा

कांकेर  कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र अंतर्गत बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरित परिवार के एक व्यक्ति के शव के कफन-दफन को लेकर बीते चार दिनों से चला आ रहा विवाद अब शांत हो गया है. इस पूरे मामले में धर्मांतरित सरपंच राजमन सलाम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी दी है. सरपंच राजमन सलाम ने वीडियो बयान में बताया कि उनके पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने गांव के प्रमुख लोगों से परंपरागत रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराने की बात कही थी, लेकिन विरोध के चलते उन्हें अपने निजी पट्टे की जमीन पर अंतिम संस्कार करना पड़ा. इसके बाद 16 और 17 दिसंबर को गांव में रैली निकालकर विरोध किया गया, जिसके दौरान मारपीट की घटना हुई. इस घटना में उनके बड़े भाई और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए. सरपंच ने आरोप लगाया कि 18 दिसंबर को तनाव की स्थिति के बीच शव को कब्र से निकालकर ले जाया गया. साथ ही प्रार्थना भवन और उनके घर में आगजनी की गई. आगजनी की घटना में घर में रखा सोना-चांदी, करीब 4 लाख रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए. इधर, इस मामले पर कांकेर जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष व आदिवासी नेता ईश्वर कावड़े ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें ईसाई मिशनरियों से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है, लेकिन आदिवासी समाज की परंपराओं, देवी-देवताओं, पेन-पुरखों और आंगादेव के अपमान को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण के दौरान लोगों से देवी-देवताओं को त्यागने और उन्हें अविश्वासी कहे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो चिंताजनक हैं. ईश्वर कावड़े ने स्पष्ट किया कि यदि किसी धर्मांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार गांव की परंपराओं के अनुसार किया जाता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन परंपराओं के विपरीत तरीके से किए गए अंतिम संस्कार का विरोध किया जाएगा. उन्होंने धर्मांतरण कर चुके लोगों से मूल धर्म में लौटने की अपील भी की. जानकारी के अनुसार, मृतक की मृत्यु के बाद गांव में बैठक हुई थी, जिसमें गायता, पुजारी और पटेल ने कहा था कि यदि अंतिम संस्कार गांव की रीति-रिवाज से किया जाए तो कोई आपत्ति नहीं होगी. आरोप है कि इसके बावजूद परिवार द्वारा विदेशी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किए जाने पर जोर दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने विरोध किया. ग्रामीणों की मांग पर शासन-प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए कब्र से शव को बाहर निकलवाया. फिलहाल, प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. हालांकि, घटना को लेकर गांव में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा.

न्यायिक प्रक्रिया को नई रफ्तार: आर्बिट्रेशन सुनवाई के लिए अत्याधुनिक अकॉर्ड हब शुरू

जयपुर पिंकसिटी जयपुर में शनिवार को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुसज्जित आर्बिटेशन सेंटर अकॉर्ड हब का शुभारंभ हो गया । मुख्य अतिथि पूर्व जस्टिस अतुल कुमार जैन ने फीता काटकर इस सेंटर का शुभारंभ किया । इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एच सी गणेशिया , उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन देवेंद्र मोहन माथुर, सीनियर एडवोकेट संदीप पाठक, सुधांशु कासलीवाल, प्रतीक कासलीवाल, सुकृति कासलीवाल, प्रमुख शासन सचिव माइंस टी रविकांत, पूर्व एसीएस जेसी मोहंती, , पूर्व चीफ इंजीनियर पीडल्ब्यूडी शिवलहरी, पूर्व चीफ इंजीनियर उमेश ढींगरा समेत हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और अधिवक्तागण मौजूद रहे । इस मौके पर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपनी शुभकानाएं प्रेषित की । टोंक रोड पर लालकोठी स्थित कैलाश टावर में इस आर्बिटेशन सेंटर को बनाने वाली कंपनी अकॉर्ड हब के सीईओ चित्रित गुप्ता ने अतिथियों को प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि यह देश का पहला विधिक रूप से नियोजित, उद्देश्यपरक एवं पूर्णतः सुसज्जित ADR केंद्र है। उन्होंने बताया कि यह केंद्र आधुनिक कानूनी आवश्यकताओं, अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा भारतीय न्यायिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। अकॉर्ड हब, मध्यस्थता, सुलह एवं सुलह-समझौता सेवाओं के लिए एक पूर्णतः डिजिटल, सुव्यवस्थित एवं उपयोगकर्ता केंद्रित मंच प्रदान करता है। यह केंद्र एक सशक्त एवं सहज डिजिटल वेबसाइट www.accordhub.in द्वारा संचालित है. जहाँ फिगर टच पर 24×7 ऑनलाइन बुकिंग, कक्षों की उपलब्धता, व्यक्तिगत एवं समूह उपयोग की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध है।यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। चित्रित गुप्ता ने बताया कि आर्बिटेशन सेंटर में स्थित "बृहस्पति कक्ष एवं कौटिल्य कक्ष" सप्ताह के सभी सातों दिन 24×7 उपलब्ध हैं तथा इन्हें अत्यंत रियायती दरों पर उपयोग के लिए प्रदान किया जा रहा है। ये कक्ष आधुनिक तकनीक, गोपनीयता, ध्वनि नियंत्रण तथा सौम्य वातावरण से युक्त हैं, जिससे निष्पक्ष, निर्वाध एवं प्रभावी कार्यवाही संभव हो सके। यहां विधि विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, एडवोकेट्स और पक्षकार शांतिपूर्ण वातावरण में विवादों का आपसी सुलह, समझौता और मध्यस्थता से निस्तारण करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अकॉर्ड हब का स्थान जयपुर के न्यायिक केंद्र क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सुविधाजनक है। यह केंद्र राजस्थान उच्च न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय और उच्च न्यायालय अधिवक्ता आवास एवं चैंबरों से पैदल दूरी यानि वॉकिंग डिस्टेंस पर स्थित है। जिला न्यायालय परिसर से भी काफी नजदीक स्थित है। यह क्षेत्र सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन से भली-भाँति जुड़ा हुआ है, जिससे अधिवक्ताओं, मध्यस्थों, पक्षकारों एवं संस्थागत उपयोगकर्ताओं के लिए यह अत्यंत सुगम बनता है। चित्रित गुप्ता ने बताया कि अकॉर्ड हब में सपूर्ण डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाई गई है, जिससे गोपनीयता, डेटा सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। कागजी कार्यवाही पर निर्भरता कम करते हुए डिजिटल अभिलेखों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कुरुक्षेत्र से CM सैनी का बड़ा ऐलान, 7 हजार जरूरतमंद परिवारों को मिलेंगे 100 गज के प्लॉट

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र जिले के गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी में आयोजित धन्यवाद एवं जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 7 हजार भूमिहीन परिवारों को शीघ्र ही 100-100 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर मकान निर्माण में सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 15 हजार से अधिक परिवारों को पहले ही 30 गज के प्लॉट दिए जा चुके हैं और अब पात्र लाभार्थियों को दूसरी किस्त में भी प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही विभिन्न सरकारी विभागों में नई भर्तियां निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने गांव प्रहलादपुर, बदरपुर और बणी के लिए 21-21 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। प्रहलादपुर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 47.46 लाख रुपये की पाइपलाइन योजना और बदरपुर में 43.31 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई। इसके अलावा सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए भी धनराशि मंजूर की गई। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब दिख 1.40 लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों की महिलाएं भी इस योजना में आवेदन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं और रोजाना हजारों नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।