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शाही मस्जिद पर सोशल मीडिया पोस्ट से बवाल, उज्जैन में आरोपी गिरफ्तार

उज्जैन  कोटद्वार के मोहम्मद दीपक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर दुकानदार को जान से मारने की धमकी देने और गाली-गलौज के मामले में कार्रवाई हुई है। पुलिस ने दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक के खिलाफ गैर जमानती समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आज मोहम्मद दीपक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह पूरा विवाद उज्जैन शादी मस्जिद को लेकर फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिस पर दीपक भड़क गए थे। कोटद्वार इंस्पेक्टर प्रदीप नेगी के अनुसार, गुरुवार को गंगादत्त जोशी मार्ग में कपड़े की दुकान संचालित करने वाले संजीव टांक ने कोतवाली में मोहम्मद दीपक के खिलाफ तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे के आसपास दीपक ने उनकी दुकान में जाकर गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी। सीसीटीवी में पूरी वारदात सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। कोतवाल प्रदीप नेगी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद दीपक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज लिया है। शाम को दीपक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उज्जैन शादी मस्जिद से जुड़ा विवाद दरअसल, 28 सितंबर को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए दो मिनट लंबे वीडियो में, कुमार को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "उज्जैन में मुसलमानों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करना चाहिए और मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए"। दुकानदार संजीव के भाई अरविंद ने बताया कि इसके जवाब में उनके भाई ने भी नीचे कमेंट लिखा था। इसी बात से नाराज होकर दीपक ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। इन धाराओं में मुकदमा पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया, "दीपक कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 351 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 'कुमार को फेसबुक पर उसकी एक टिप्पणी पसंद नहीं आई। इसलिए वह उसकी दुकान पर गया और उस पर हमला किया और उसे धमकी दी।" रातोंरात मिली सुर्खियां मोहम्मद दीपक का असली नाम दीपक कुमार कश्यप है और वह एक जिम ट्रेनर है। 26 जनवरी 2026 को पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आगे आने के बाद चर्चा और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जब भीड़ दुकान के नाम का विरोध कर रही थी, तब दीपक कुमार ने बीच-बचाव किया खुद को भीड़ के सामने ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया नमन

सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया नमन नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और आत्मनिर्भर भारत की भावना निहित थी। उनका जीवन हमें सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका दिया ‘जय जवान-जय किसान’ का मंत्र देश की सुरक्षा और समृद्धि में हमारे जवानों तथा किसानों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श हमें जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

योगी सरकार ने बाग से विदेशी बाजार तक मजबूत की निर्यात श्रृंखला, पांच पैक हाउस बने अहम कड़ी

सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात योगी सरकार ने बाग से विदेशी बाजार तक मजबूत की निर्यात श्रृंखला, पांच पैक हाउस बने अहम कड़ी विदेशी सफर में चौसा सबसे आगे, दशहरी, रटौल और बनारसी लंगड़ा की भी बढ़ी मांग लखनऊ उत्तर प्रदेश के आम की मिठास अब देश की सीमाओं से आगे दुनिया के बाजारों तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों की उपज को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और निर्यात सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्रों में पैक हाउस और निर्यात सुविधाएं विकसित करने के साथ निर्यातकों को आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। इसका परिणाम है कि बीते पांच वित्तीय वर्षों में उत्तर प्रदेश से 90,844 क्विंटल से अधिक आम का निर्यात हुआ। यूएई, सऊदी अरब, कतर समेत अन्य खाड़ी देश और नेपाल इसके प्रमुख विदेशी बाजार हैं। बाग से विदेशी बाजार तक तैयार हुई निर्यात की मजबूत कड़ी योगी सरकार द्वारा विकसित निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर में लखनऊ, सहारनपुर, अमरोहा, गोरखपुर और वाराणसी के पैक हाउस अहम भूमिका निभा रहे हैं। यहां आम की छंटाई, ग्रेडिंग, ट्रीटमेंट और पैकेजिंग के बाद उसे निर्यात के लिए तैयार किया जाता है। मंडी परिषद के पैक हाउस में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च तापमान पर हॉट वाटर ट्रीटमेंट और वेपर हीट ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध है। एपीडा और उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के समन्वित प्रयासों से पैक हाउस का समय से प्रमाणीकरण भी कराया गया है। इससे प्रदेश में ही किसानों की उपज को विदेशी बाजारों के अनुरूप तैयार करने के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। विदेशी बाजार में चौसा की सबसे ज्यादा मांग उत्तर प्रदेश से निर्यात होने वाले आम में चौसा की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत है। बेहतर टिकाऊपन और अपेक्षाकृत लंबी शेल्फ लाइफ इसे लंबी दूरी के विदेशी बाजारों के लिए अनुकूल बनाती है। वहीं दशहरी की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत और रटौल की करीब 15 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश स्टेट हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड के सदस्य सतीश कुमार सिंह के अनुसार, मलीहाबाद का दशहरी अपनी मिठास और खुशबू, बागपत का रटौल अपने विशिष्ट स्वाद-सुगंध और बनारसी लंगड़ा अपने खास स्वाद के लिए पहचान रखता है। आम्रपाली और पूर्वांचल के गवरजीत को भी व्यापक बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। 650 फार्म हॉर्टीनेट से जुड़े, यूरोपीय बाजार की राह होगी आसान एपीडा और उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के प्रयासों से इस वर्ष करीब 650 आम उत्पादक फार्मों का हॉर्टीनेट पर पंजीकरण कराया गया है। हॉर्टीनेट एपीडा की ट्रेसबिलिटी प्रणाली है, जिसके माध्यम से निर्यात होने वाले आम को उत्पादक फार्म से पैक हाउस और निर्यात तक ट्रैक किया जा सकता है। इससे गुणवत्ता नियंत्रण और निर्यात मानकों के अनुपालन को मजबूती मिलेगी तथा विशेष रूप से यूरोप जैसे कड़े मानकों वाले बाजारों में यूपी के आम की पहुंच बढ़ाने की राह आसान होगी। 15 लाख मैंगो कवर से गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा उत्तर प्रदेश मंडी परिषद ने इस वर्ष पहली बार फल उत्पादकों को 15 लाख मैंगो कवर उपलब्ध कराए हैं। इन विशेष कवर से आम को कीटों, दाग-धब्बों और प्रतिकूल मौसम के प्रभाव से बचाने में मदद मिलती है। इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाला फल तैयार करने में सहूलियत मिल रही है और निर्यात योग्य उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। हवाई भाड़े से मार्केटिंग तक निर्यातकों को प्रोत्साहन उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत हवाई, समुद्री और सड़क मार्ग से निर्यात पर कुल भाड़े का 25 प्रतिशत निर्यातक को दिए जाने का प्रावधान है। एक निर्यातक को सालाना अधिकतम 20 लाख रुपये तक लाभ मिल सकता है। ट्रेड फेयर, बायर-सेलर मीट, डिजिटल मार्केटिंग और निर्यात सर्टिफिकेशन जैसी अनुमन्य गतिविधियों पर 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है। निर्यात के नए मार्ग भी तलाशे जा रहे हैं। जुलाई में अमरोहा से 12.5 मीट्रिक टन दशहरी और लंगड़ा आम की व्यावसायिक खेप रीफर कंटेनर के माध्यम से समुद्री मार्ग से दुबई भेजी गई। पांच साल में 90,844 क्विंटल आम का निर्यात डीजीसीआईएस के आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 से 2025-26 के बीच उत्तर प्रदेश से कुल 9,084.41 मीट्रिक टन यानी 90,844 क्विंटल आम का निर्यात हुआ। इसमें 2021-22 में 4,122.79 मीट्रिक टन, 2022-23 में 527.59 मीट्रिक टन, 2023-24 में 567.62 मीट्रिक टन, 2024-25 में 396.64 मीट्रिक टन और 2025-26 में 3,469.77 मीट्रिक टन आम विदेश भेजा गया। मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को बेहतर और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए पैक हाउस एवं निर्यात सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चौसा, दशहरी, रटौल और लंगड़ा के साथ आम्रपाली और गवरजीत को भी व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर है, ताकि वैश्विक बाजार में यूपी के आम की पहचान और मजबूत हो तथा किसानों के लिए बाजार का दायरा लगातार विस्तृत हो।

आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही हैं दोनों राज्यों की सरकारें : मुख्यमंत्री साय

महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और दोनों राज्यों के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हुए शामिल आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही हैं दोनों राज्यों की सरकारें : मुख्यमंत्री साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास है कि महानदी के जल के बेहतर प्रबंधन से दोनों राज्यों में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके तथा नई परियोजनाओं के द्वार खुल सकें। मुख्यमंत्री साय आज नई दिल्ली में महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति रही। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

राज्यपाल रमेन डेका ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए

राज्यपाल  रमेन डेका ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इन महान विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित की।

72825 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, याचिका खारिज

 प्रयागराज  उत्तर प्रदेश की परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में चले आ रहे विवाद को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हमेशा के लिए बंद कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की खंडपीठ ने उन सैकड़ों अवमानना याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जो वर्ष 2014-15 के अंतरिम आदेशों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए वर्ष 2024 से 2026 के बीच दायर की गई थीं। इसी के साथ इस भर्ती में रिक्त 6170 पदों पर नियुक्ति की लड़ाई लड़ रहे 32 हजार से अधिक बेरोजगारों की उम्मीदें भी समाप्त हो गई हैं। शीर्ष कोर्ट में सिविल अपील संख्या 4347 से 4375 तक साल 2014 में दायर हुई थीं। तब अंतरिम आदेशों के जरिए राज्य सरकार को प्रशिक्षु शिक्षकों के पद भरने के निर्देश दिए गए थे। बाद में इनमें संशोधन भी हुआ। जिन अभ्यर्थियों के नाम टीईटी में गड़बड़ी से जुड़े नहीं थे और जिन्होंने तय प्रतिशत अंक हासिल किए थे, उन्हें नियुक्ति दी गई। जुलाई 2017 में जब अंतिम फैसला आया तो अदालत ने साफ कर दिया कि अंतरिम आदेशों के तहत हुई 66,655 नियुक्तियों में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अंतिम आदेश के बाद अंतरिम आदेशों की अवमानना का सवाल ही नहीं उठता। ये याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं, इसलिए इन्हें खारिज किया जाता है। साथ ही सभी लंबित अंतरिम अर्जियां भी निपटा दी गईं। वर्षों से चले आ रहे इस विवाद में एक बार फिर अदालत ने रेखा खींच दी। जो आदेश पूरे हो चुके थे, उनके नाम पर नई लड़ाई की कोशिश अब रुक गई है। ओएमआर शीट गलत भरने वालों को राहत नहीं प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओएमआर शीट भरने में परीक्षा निर्देशों का पालन नहीं करने वाली अभ्यर्थी को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ओएमआर शीट भरने के संबंध में जारी निर्देश अनिवार्य और बाध्यकारी हैं। निर्धारित तरीके से जानकारी नहीं भरने पर बाद में हाथ से ओएमआर शीट का मूल्यांकन कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने कहा कि अभ्यर्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे परीक्षा के निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

सर्दी से पहले बठिंडा की सड़कें होंगी चकाचक, ₹32.52 करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर

बठिंडा बठिंडा नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी की बैठक मेयर पदमजीत सिंह मेहता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई। इसमें शहर के विकास, सड़क निर्माण, पार्कों के रखरखाव और निगम के प्रशासनिक कार्यों से जुड़े कुल 14 एजेंडों पर चर्चा करने के बाद मंजूरी दी गई।  शहर के विभिन्न वार्डों में पत्थर की मेटल, प्रीमिक्स कारपेट (पीसी), बिटुमिनस कंक्रीट (बीसी) और सड़क निर्माण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर प्रमुखता से चर्चा हुई। इस काम के लिए करीब 32.52 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया, जोकि रॉयल दीप कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने अनुमानित लागत से 8.89 प्रतिशत कम दर पर करीब 29.62 करोड़ रुपए में हासिल किया। बैठक में सड़क निर्माण का काम जल्द आवंटित करने पर जोर दिया गया, ताकि सर्दी का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले प्रीमिक्स से जुड़े काम पूरे किए जा सकें। जॉगर पार्क के पास बनेगा मेयर कार्यालय जॉगर पार्क के पास करीब 1.62 करोड़ रुपए की लागत से नए मेयर कार्यालय का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए प्राप्त तीन टेंडरों में श्री दुर्गा बिल्डर्स ने 7.86 प्रतिशत कम दर पर करीब 1.49 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। बैठक में शहर के अलग-अलग जोन और वार्डों में पार्कों की मरम्मत और सिविल वर्क्स से जुड़े कई प्रस्ताव रखे गए। जोन-1 में पुराने थाने के पीछे स्थित पार्क में 8 लाख रुपए के काम के लिए पनाव कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 13.13 प्रतिशत कम दर यानी करीब 6.94 लाख रुपए में काम करने की पेशकश की। पार्कों के रखरखाव पर भी प्रस्ताव जोन-2 के वार्ड 19 स्थित पार्क नंबर 15 में 21.62 लाख रुपए के काम के लिए बीएस इंफ्रा सॉल्यूशंस ने बातचीत के बाद 13.10 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति दी। शक्ति नगर वार्ड-47 के पार्कों की मरम्मत के लिए 12.60 लाख रुपए और मॉडल टाउन फेस-3, वार्ड-9 के पार्कों के रखरखाव से जुड़े टेंडर भी बैठक में रखे गए। फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए नई बस्ती में पार्क के जीर्णोद्धार के लिए 16.87 लाख रुपए के काम पर जीडी गैलेक्सी इंफ्रा ने 16.30 प्रतिशत कम दर पर काम करने की सहमति जताई। जोन-3, 4 और 5 में विभिन्न सिविल रिपेयरिंग कार्यों के प्रस्ताव भी कम दर वाली फर्मों के आधार पर कमेटी के समक्ष रखे गए। सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन नगर निगम के आंतरिक ऑडिट, वार्षिक बैलेंस शीट, टीडीएस, जीएसटी रिटर्न और सिटी फाइनेंस मॉड्यूल से जुड़े कार्यों के लिए सीए/कॉस्ट अकाउंटेंट फर्म के चयन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इसके लिए मोहन एंड मोहन की टेक्निकल बिड प्राप्त होने की जानकारी दी गई। कमेटी की मंजूरी के बाद संबंधित विकास कार्यों के लिए टेंडर आवंटन और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

सीएम योगी ने बापू की 157वीं जयंती पर निवेदित की श्रद्धा, प्रदेशवासियों को दी ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामना

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया पुष्पार्चन  सीएम योगी ने बापू की 157वीं जयंती पर निवेदित की श्रद्धा, प्रदेशवासियों को दी ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ की शुभकामना स्कूली बच्चों ने भजनों व गीतों पर दी सुमधुर प्रस्तुति  आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे बापू के आदर्श, सादगी और विचारः मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। मुख्यमंत्री ने जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने 'रघुपति राघव राजा राम', 'वह शक्ति हमें दो दयानिधे', 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' आदि भजनों/गीतों पर संगीतमयी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने भजनों का श्रवण किया। मुख्यमंत्री ने दी 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामना मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संपूर्ण विश्व को स्वदेशी व अहिंसा के माध्यम से स्वाधीनता का संदेश देने वाले, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पावन जयंती पर कोटिश: नमन। प्रदेशवासियों को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' की शुभकामनाएं। सीएम ने लिखा कि बापू के आदर्श, सादगी और विचार आज भी हम सभी को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। पुष्पांजलि कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, डॉ. नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, जय देवी, अमरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

गांधी जयंती पर यूपी में ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर चर्चा

गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’ 02 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर होगी चर्चा सीएम योगी के विजन के अनुरूप रोजगार से राशन, पानी, जमीन और महिला सशक्तीकरण तक के मुद्दे ग्राम सभा के केंद्र में होंगे ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी गांवों में जल संरक्षण, स्वच्छता, बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी लिया जाएगा संकल्प लखनऊ,  गांधी जयंती पर इस बार गांव की चौपाल सिर्फ समस्याएं गिनाने के लिए नहीं सजेगी, बल्कि अपने विकास की दिशा तय करने के लिए बैठेगी। गांव में सबसे पहले किसे रोजगार मिले, कहां पानी बचाया जाए, कौन सा तालाब फिर से जिंदा हो, स्वच्छता की कमी कैसे दूर हो और महिलाओं की आमदनी कैसे बढ़े, ऐसे सवालों पर ग्रामीण खुद ग्राम सभा में मंथन करेंगे। 02 अक्टूबर को ‘सुधार उत्सव’ के रूप में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में डबल इंजन सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का एजेंडा एक साथ गांव तक पहुंचेगा। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी से लेकर लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने, सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण, उपभोक्ता अधिकार, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति तक के विषय शामिल होंगे। सीएम योगी के विजन के अनुरूप सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्राम सभा गांव की जरूरतों और कमियों को पहचानकर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने का भी मंच बनेगी। ग्राम सभा तय करेगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी जीराम जी (VB-G RAM G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई है। योजना में जल संरक्षण, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े 375 तरह के काम शामिल हैं। ग्राम सभा यह तय करने में भूमिका निभाएगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए। ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक घरेलू आय के स्तर तक पहुंचकर लखपति दीदी बन रही हैं।  महिलाओं को उद्यम शुरू करने, बाजार से जोड़ने और शी मार्ट (SHE-MARTs) जैसी पहलों के जरिए सहायता देने की योजना है। अब लखपति दीदियों को सालाना 10 लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले स्तर तक पहुंचाकर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य रखा गया है। हर घर नल ही नहीं, लगातार साफ पानी पहुंचाने पर जोर जल जीवन मिशन 2.0 में केवल घरों तक नल पहुंचाने के बजाय नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। ग्राम पंचायतें पानी के स्रोत, आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों और रखरखाव की जरूरतों की समीक्षा करेंगी। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल (ODF Plus Model) की ओर ले जाने की तैयारी है। ग्राम सभाओं में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई और कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा गांवों में बारिश का पानी बचाने पर भी ग्राम सभाओं का विशेष जोर रहेगा। ग्राम सभाएं ऐसे तालाबों और रिचार्ज पिट की पहचान कर सकेंगी जिन्हें दोबारा ठीक करने की जरूरत है। घरों और खेतों के आसपास नई जल पुनर्भरण संरचनाएं बनाने में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाने के साथ गर्मी और सूखे के दौरान गांवों में पानी की उपलब्धता बेहतर करना है। ग्राम सभाओं के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। उपभोक्ता अपनी शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 की मदद ले सकते हैं। ई-जागृति के जरिए शिकायत दर्ज करने और ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा लेने की सुविधा भी उपलब्ध है। नए आपराधिक कानूनों के बारे में गांवों में बढ़ेगी जागरूकता ग्राम सभाओं के जरिए लोगों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ डिजिटल साक्ष्यों और तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। गांव-गांव तक पहुंचेगा सहकारिता का नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण और विस्तार पर भी जोर है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों और सहकारिता विभाग के कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतों तक सहकारी व्यवस्था पहुंचाने के लिए नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां, डेयरी सहकारी समितियां और मत्स्य सहकारी समितियां बनाने और मजबूत करने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीणों को ऋण, बाजार, डेयरी, मत्स्य पालन और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी ग्राम सभा में संकल्प महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया है। ग्राम सभा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित कर सकती है। इसके सत्यापन के बाद जिला स्तर से गांव को प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था है। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों के साथ माता-पिता और ग्रामीणों की भागीदारी भी मांगी गई है। गांव खुद तय करेंगे विकास की प्राथमिकता : अमित कुमार सिंह पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायतों को विकास से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार कर ई ग्राम स्वराज (eGramSwaraj) पर अपलोड करती हैं। ग्राम सभा में गांव की जरूरतों और कमियों की पहचान कर प्राथमिकता वाले कामों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है। ग्रामीणों को मिल रहे संपत्ति के स्पष्ट रिकॉर्ड स्वामित्व योजना के जरिए गांवों के आबादी वाले क्षेत्रों में घर और दूसरी आवासीय संपत्तियों का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके लिए डिजिटल नक्शों की मदद ली जाती … Read more

दीपोत्सव से पहले बदलेगी अयोध्या की तस्वीर, 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का होगा कायाकल्प

त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप 1140 करोड़ रुपये से 31 किलोमीटर मार्ग का हो रहा चौड़ीकरण, फोरलेन बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगा सुगम आवागमन शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने और प्रकाश की सुविधाओं से संवर रहा परिक्रमा पथ पीली रेलिंग, आकर्षक रोशनी और पौधारोपण से आस्था के इस मार्ग को दिया जा रहा नया स्वरूप अयोध्या रामनगरी की पहचान सिर्फ उसके मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि उन परंपराओं से भी है जिनसे सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी रही है। इन्हीं परंपराओं में शामिल 14 कोसी परिक्रमा अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आवागमन के साथ नए स्वरूप में दिखाई देने की ओर बढ़ रही है। श्रद्धालुओं के आस्था पथ को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रहा है। करीब 1140 करोड़ रुपये की लागत से 31 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ को फोरलेन बनाया जा रहा है। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की कुल लंबाई लगभग 42 किलोमीटर है, जिसमें कुछ हिस्सा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का भी आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस परियोजना को दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।परियोजना पूरी होने के बाद परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। लोक निर्माण विभाग खंड-3 की ओर से कराए जा रहे कार्यों के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ अब मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने पर जोर है। आस्था की सदियों पुरानी परंपरा को मिल रहा आधुनिक स्वरूप 14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि श्रद्धालु इस परिक्रमा के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक सीमा की परिक्रमा करते हैं। वर्ष में विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण केवल सड़क को बेहतर बनाने की परियोजना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक सुगम बनाने से जुड़ा प्रयास भी है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच इस मार्ग का फोरलेन निर्माण यातायात और परिक्रमा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। सड़क के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी रखा जा रहा ध्यान परिक्रमा मार्ग पर शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को रास्ते में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इससे इस हिस्से में आवागमन सुगम हुआ है। अब दीपावली और दीपोत्सव से पहले पूरे 42 किलोमीटर मार्ग को तैयार करने पर जोर है। पीली रेलिंग और रोशनी से बदलेगा परिक्रमा पथ का नजारा परियोजना के तहत परिक्रमा मार्ग के डिवाइडर पर आकर्षक पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है। मार्ग के बीच-बीच में पौधारोपण के बाद ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं। वहीं पूरे मार्ग को रोशन करने के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। अचारी सगरा के पास भी प्रकाश व्यवस्था शुरू हो गई है। ऐसे में दिन के साथ रात में भी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप अधिक आकर्षक दिखाई देने लगा है। आस्था से जुड़े इस मार्ग को सुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था के जरिए नया रूप देने का काम अब अंतिम चरण में है। परिक्रमा के दौरान मिलेगी बैठने, रोशनी और स्वच्छता की सुविधा परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अधिकारी निर्माण कार्यों को दीपोत्सव से पहले पूरा कराने में जुटे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी परिक्रमा पूरी कर सकें। इसके लिए सड़क चौड़ीकरण के साथ मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। धार्मिक परंपरा के साथ पर्यटन को भी मिलेगी नई रफ्तार रामनगरी में धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का फोरलेन होना आवागमन की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव होगा। दीपोत्सव के दौरान जब अयोध्या में देश-दुनिया से श्रद्धालु पहुंचेंगे, तब आधुनिक सुविधाओं से सजा यह मार्ग रामनगरी की प्राचीन धार्मिक परंपरा और बदलते विकास का संगम नजर आएगा।बेहतर सड़क, प्रकाश, बैठने, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही परिक्रमा मार्ग का नया स्वरूप अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को भी विस्तार देने में सहायक हो सकता है।