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राजस्थान में सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर सरकार का बड़ा फोकस

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने प्रदेश के 4 प्रमुख पार्कों का नाम उनके नाम पर करने और उनके आदर्शों को समर्पित स्मारक स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों पर चलने की अपील की. चार शहरों में चार पार्कों के नाम बदले सीएम ने कहा कि जयपुर स्थित वुडलैंड पार्क, जोधपुर के विवेक विहार स्थित सेंट्रल पार्क, कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित पार्क तथा उदयपुर की सेक्टर-12 योजना स्थित पार्क का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा. साथ ही, इन सभी स्थानों पर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को प्रदर्शित करने वाले स्मारक भी स्थापित किए जाएंगे.       महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी हम सभी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। श्यामा प्रसाद के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा क‍ि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ एकता, अखंडता और जनसेवा के लिए समर्पित रहा. उनके विचार, त्याग और राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. ऐसे में यह पहल भावी पीढ़ियों को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से प्रेरणा देने का एक विनम्र प्रयास है. सीएम ने प्रदेश के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वे उनके आदर्शों और संकल्पों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत और विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं. इन 4 पार्कों के नाम श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी     जयपुर का 'वुडलैंड पार्क'       जोधपुर के विवेक विहार कॉलोनी में स्थित लोकप्रिय 'सेंट्रल पार्क'       कोटा के रामचंद्रपुरा अटवाल नगर स्थित प्रमुख पार्क     उदयपुर की सेक्टर-12 योजना के तहत बने बड़े पार्क को इस सूची में शामिल किया गया है.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम ने सड़क और पार्क नामकरण का ऐलान किया

पटना आने वाले दिनों में बिहार में अगर किसी सड़क का नाम श्याम प्रसाद मुखर्जी मार्ग हो तो आपको चौंकने की जरुरत बिल्कुल नहीं है। दरअसल बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बिहार में सड़कों के नामकरण का ऐलान किया है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अपने आधिकारिक ऐक्स हैंडल पर एक बेहद ही खास ऐलान भी किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अखण्ड भारत के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले युगपुरुष, भारत सरकार के पूर्व मंत्री डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के नाम पर जिला मुख्यालयों में महत्वपूर्ण पार्क/सड़क का निर्माण एवं नामकरण किया जाएगा। इससे पहले एक अन्य ट्वीट में सीएम ने लिखा, 'राष्ट्रीय एकता के धरातल पर ही सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है। – डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी। एक मजबूत और एकजुट भारत निर्माण के दृढ़ निश्चयी, मानवता के उपासक, जनसंघ के संस्थापक, हमारे प्रेरणा पुंज परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें कोटिश नमन!' PM मोदी ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोमवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉ मुखर्जी को भारत के प्रमुख राष्ट्र-निर्माताओं में से एक बताया एवं कहा कि शिक्षा, उद्योग, मानवीय सेवा और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मैं भारत के सबसे असाधारण राष्ट्र-निर्माताओं में से एक को नमन करता हूं, जिनका जीवन विद्वता, साहस एवं राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरित रहा। उन्होंने खुद को भारत की एकता, सम्मान और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।' डॉ मुखर्जी की बहुआयामी विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शिक्षा, शासन एवं औद्योगिक विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘डॉ. मुखर्जी का कई क्षेत्रों में योगदान रहा। वह एक बेहतरीन विचारक एवं शिक्षाविद् थे जिन्होंने नवाचार और भविष्य की आवश्यकता के हिसाब से सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का समर्थन किया। उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने औद्योगिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि पारंपरिक क्षेत्र और लोगों की आजीविका फलती-फूलती रहे। बंगाल के अकाल के दौरान उनके मानवीय प्रयासों से मुसीबत में घिरे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना झलकती थी। सबसे बढ़कर, भारत की एकता एवं अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बनी हुई है।’

हरियाणा HTET Exam विवादों में, पेपर में मुहावरे पूछने और अंग्रेजी-गणित की गलतियों पर बवाल

लुधियाना. हरियाणा में रविवार को हुए HTET एग्जाम में गंभीर गड़बड़ियों की बात सामने आई है। आरोप है कि एग्जाम के दौरान गलत OMR शीट, गलत क्वेश्चन पेपर, बिना सील वाले पेपर और क्वेश्चन पेपर में गंभीर गलतियां जैसी शिकायतें सामने आई हैं।   बिना मुहावरे के मतलब पूछा गया कुछ मामलों में मुहावरे गायब थे और उनके मतलब सीधे पूछे गए थे, जबकि कुछ में मैथ के सवालों में हिंदी और इंग्लिश के अंकों में अंतर दिखा।  इंग्लिश के पेपर में ऐसे सवाल थे जिनका रेफरेंस पैराग्राफ पेपर में था ही नहीं।  क्वेश्चन पेपर और OMR शीट के सीरियल नंबर अलग कैथल में क्वेश्चन पेपर और OMR शीट के सीरियल नंबर अलग-अलग पाए गए, जबकि रेवाड़ी में बिना सील के क्वेश्चन पेपर बांटे गए।  कुछ सेंटर्स पर कम क्वेश्चन पेपर मिले, और कई कैंडिडेट्स को उनके तय सब्जेक्ट के बजाय दूसरे सब्जेक्ट के क्वेश्चन पेपर दे दिए गए। इस अफरा-तफरी के कारण एक सेंटर पर कैंडिडेट्स ने एग्जाम का बॉयकॉट भी कर दिया। आज जारी होगी आंसर की रविवार को, हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (HTET) के दूसरे दिन, लेवल 1 (PRT) और लेवल 2 (TGT) एग्जाम पूरे राज्य में शांति से और कड़ी सुरक्षा के बीच हुए। एग्जाम के सफल आयोजन के बाद, हरियाणा बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन के चेयरमैन शंकर धूपर ने कैंडिडेट्स को एक बड़ा अपडेट देते हुए कहा कि आंसर की सोमवार, 6 जुलाई को जारी की जाएंगी। बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि एग्जाम रविवार को दो अलग-अलग सेशन में हुआ। सुबह का सेशन, सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक, लेवल 2 (TGT) के लिए था, जिसमें सबसे ज़्यादा कैंडिडेट्स आए। शाम का सेशन, दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक, लेवल 1 (PRT) के लिए था। सुबह और शाम के सेशन मिलाकर कुल 162,000 से ज़्यादा कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया।

किडनैपिंग समझ मचा हड़कंप, लुधियाना पुलिस की जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच- बच्चे का पिता निकला युवक

लुधियाना. जिले जगराओं रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई और पूरे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया, जब एक मासूम बच्चे का चॉकलेट के लिए रोना उसके पिता के लिए बहुत बड़ी आफत बन गया। बच्चे को रोता-चिल्लाता देख स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बिना सोचे-समझे व्यक्ति को बच्चा चोर समझ लिया और अपहरण का शोर मचा दिया। देखते ही देखते कुछ लोगों ने बेबस पिता की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ वायरल कर दीं। अफवाह आग की तरह फैलने के बाद रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पिता-पुत्र दोनों को हिरासत में ले लिया लेकिन दो घंटे की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने सबको हैरान करके रख दिया। मिली जानकारी के अनुसार, यह हाई-पैनिक ड्रामा उस समय शुरू हुआ जब एक व्यक्ति अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर लुधियाना से फिरोजपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म की तरफ तेजी से दौड़ रहा था। ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी थी और छूटने ही वाली थी। इसी जल्दबाजी के बीच बच्चा रास्ते में चॉकलेट खाने की जिद पर अड़ गया। जब पिता ने ट्रेन छूटने के डर से चॉकलेट नहीं दिलाई, तो बच्चा जोर-जोर से रोने और पैर पटकने लगा। एक तरफ पिता की तेज भागने की छटपटाहट और दूसरी तरफ बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के यात्रियों को शक हो गया कि यह व्यक्ति कोई अनजान किडनैपर है जो बच्चे को जबरन उठा कर भाग रहा है। यात्रियों ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद मौके पर मुस्तैद जी.आर.पी. के जवानों ने दौड़कर उस व्यक्ति को दबोच लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई फेक न्यूज, पुलिस में मची अफरा-तफरी हंगामे के दौरान कुछ स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों ने जिम्मेदारी दिखाने की बजाय बिना सच जाने उस बेबस पिता की तस्वीरें खींच लीं और एक भ्रामक ऑडियो रिकॉर्ड कर उसे व्हाट्सएप और सोशल मीडिया ग्रुप्स में ‘जगराओं स्टेशन से बच्चा चोर पकड़ा गया’ लिखकर वायरल कर दिया। इस फेक न्यूज के डिजिटल दुनिया में फैलते ही यात्रियों, स्थानीय लोगों और रेलवे पुलिस महकमे के उचाधिकारियों में भी कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। 2 घंटे खंगाले दस्तावेज, तब टली आफत रेलवे चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि पुलिस टीम दोनों को चौकी लेकर आई और करीब 2 घंटे तक बच्चे और उस व्यक्ति से जुड़े हर दस्तावेज, आई.डी. प्रूफ और पारिवारिक पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। पूछताछ और पहचान पत्रों के मिलान के बाद 100 फीसदी साफ हो गया कि व्यक्ति कोई किडनैपर नहीं, बल्कि उस बच्चे का सगा पिता ही है। तथ्यों की पुष्टि होने और जनता की गलतफहमी दूर होने के बाद रेलवे पुलिस ने राहत की सांस ली और पिता-पुत्र को सम्मानपूर्वक अगली ट्रेन से फिरोजपुर के लिए रवाना किया।

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में कॉफी मिशन की तैयारी, अधिकारियों को ओडिशा भेजा जाएगा ट्रेनिंग के लिए

दुर्ग. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग एवं जिला रोजगार स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जिला-दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 10 जुलाई को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग नया भवन परिसर पोटिया में जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। रोजगार मेला हेतु कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम डिप्लोमा पैरामेडिकल एवं अन्य योग्यताधारी आवेदकों के कुल 14 नियोजकों से 1317 तकनीकी एवं गैर तकनीकी रिक्तियां प्राप्त हो चुकी हैं जो 8 जुलाई तक बढ़ सकती है एवं जिसकी जानकारी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है, इच्छुक आवेदक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक रोजगार विभाग के वेबसाईट एवं छग रोजगार एप के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

‘स्वस्थ छत्तीसगढ़ से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा संदेश

स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण- मुख्यमंत्री साय 103 करोड़ रुपये से अधिक के स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों का भूमिपूजन 200 सीटर छात्रावास, कैंसर भवन विस्तार और आवासीय परिसर का होगा निर्माण रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा। प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह परियोजनाएं प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी तथा मरीजों, विद्यार्थियों और चिकित्सकों सभी को इसका लाभ मिलेगा। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज आने पर विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए आज उसके निर्माण की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और "मोदी की गारंटी" को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए स्वस्थ छत्तीसगढ़ आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति से लेकर अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं तक केंद्र सरकार ने हर मांग पर सकारात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) की भी सौगात मिलेगी, जिससे राज्य की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों एवं आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब  नक्सलवाद से मुक्त होकर तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के हर क्षेत्र में सेवाएं देने का संकल्प लें और केवल शहरों तक सीमित रहने की मानसिकता न रखें। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना, छात्रावास एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास, कैंसर संस्थान विस्तार एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहा है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में लंबित कोरबा, कांकेर एवं महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य प्रारंभ कराए हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स का भी व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि डीएम कार्डियक कोर्स प्रारंभ हो चुका है तथा जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम परियोजना के तहत 200 सीटर आधुनिक छात्र-छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। दूसरी परियोजना के तहत कैंसर भवन का द्वितीय से छठे तल तक विस्तार किया जाएगा। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक लैब, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, सिंगल रूम, आईसीयू तथा अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे, जिससे कैंसर रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। तीसरी परियोजना के अंतर्गत छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल तथा सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

MP Governor News: मंगुभाई पटेल का कार्यकाल समाप्त! अब दोबारा नियुक्ति होगी या बदले जाएंगे? जल्द होगा फैसला

भोपाल  मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच साल का कार्यकाल 6 जुलाई को पूरा होने जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति की ओर से लिया जाएगा। इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यपाल मंगू भाई पटेल को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय माना जाता है। राज्यपाल के रूप में उनका पूरा कार्यकाल बिना किसी विवाद का रहा है और उनकी ट्यूनिंग राज्य सरकार से काफी अच्छी है। इन सब स्थितियों को देखते हुए मंगू भाई पटेल का कार्यकाल बढ़ने की पूरी संभावना है। 15 साल बाद कोई राज्यपाल पूरा करेगा पांच साल का कार्यकाल मंगुभाई पटेल पिछले डेढ़ दशक में दूसरे ऐसे राज्यपाल होंगे, जो मध्य प्रदेश में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे पहले रामनरेश यादव ने 8 सितंबर 2011 से 7 सितंबर 2016 तक राज्यपाल के रूप में पूरा कार्यकाल पूरा किया था। 2016 से 2021 के बीच तीन बार बदले राज्यपाल रामनरेश यादव के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश में लगातार राज्यपाल बदले गए। इस दौरान लालजी टंडन, आनंदीबेन पटेल और ओपी कोहली ने अलग-अलग समय पर राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली। आनंदीबेन पटेल दो बार मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं। 7 जुलाई 2021 को मंगुभाई पटेल ने राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी। आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल अभियान पर रहा फोकस राज्यपाल रहते हुए मंगुभाई पटेल ने आदिवासी परिवारों में सिकल सेल बीमारी को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। इस दिशा में हुए प्रयासों के कारण मध्य प्रदेश देश में सिकल सेल बीमारी की पहचान और रोकथाम के अभियान में अग्रणी राज्यों में शामिल रहा। अब राष्ट्रपति लेंगी अंतिम फैसला मंगुभाई पटेल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें राज्यपाल के रूप में दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या मध्य प्रदेश को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति की ओर से किया जाएगा, जिसका इंतजार राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही हलकों में किया जा रहा है। आईएएस विवेक अग्रवाल ने बढ़ाया प्रदेश का मान विवेक अग्रवाल को वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का उपाध्यक्ष बनाया गया है। मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल भारत सरकार में संस्कृति सचिव हैं। अग्रवाल देश के पहले ब्यूरोक्रेट हैं जिन्हें वैश्विक संस्था का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह संस्था मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से जुड़ी फंडिंग को रोकने के लिए नियम और कानून बनाती है। भारत 2010 से इस प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था का सदस्य है, लेकिन भारत को पहली बार उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश में इंदौर और उज्जैन के कलेक्टर रहे हैं। वे मध्य प्रदेश शासन में तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रहने के साथ ही कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। मनोज अग्रवाल हो सकते हैं वन विकास निगम के एमडी वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान जुलाई में सेवानिवृत होने जा रहे हैं। उनकी जगह वरिष्ठता और मेरिट के आधार पर 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी मनोज अग्रवाल को प्रबंध संचालक बनाने की चर्चा है। वर्तमान में मनोज अग्रवाल पीसीसीएफ कैंपा के पद पर हैं और उन्हें पीसीसीएफ वर्किंग प्लान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। पूरे महकमे में अग्रवाल की छवि वित्तीय प्रबंध के मामले में एक्सपर्ट के रूप में देखी जाती है। जानकारों का मानना है कि अग्रवाल के अनुभव और वित्तीय प्रबंधन से निगम की वित्तीय स्थिति को सुधारने में मदद मिल सकती है। जल्द घोषित हो सकते हैं इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष इंदौर-भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्षों के नाम जल्द सामने आ सकते हैं। पता तो यहां तक चला है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच इस पर चर्चा हुई। इस चर्चा में वही दोनों नाम फिर फाइनल किए गए हैं, जिन्हें पूर्व में तय किया गया था। उस वक्त तात्कालिक विरोध को देखते हुए आदेश जारी नहीं किए गए थे। 

पूर्व CM अरविंद केजरीवाल का सरकारी आवास अब कल्चरल सेंटर बनेगा, बड़े फैसले से सियासत गरमाई

 नई दिल्ली दिल्ली की बीजेपी सरकार ने सिविल लाइंस स्थित 6-फ्लैगस्टाफ रोड पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास को लेकर बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार अब इस आधिकारिक आवास को स्टेट गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करेगी।  दरअसल बीजेपी सरकार दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के इस आवास को शीशमहल कहती है. अब इसी आवास में दिल्ली सरकार वीवीआईपी मेहमानों की मेजबानी करेगी. इसे लेकर सरकार ने पूरा प्लान तैयार किया है।  यहां सरकारी मेहमानों के लिए स्थायी सुविधा का इंतजाम किया जाएगा. देश-विदेश से यहां आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों, विशिष्ट अतिथियों और उच्चस्तरीय अधिकारियों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस गेस्ट हाउस तैयार किया जाएगा. इसे स्टेट गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा।  अनियमितताओं के चलते भाजपा ने इसे दिया था शीशमहल नाम यह बंगला उस दौरान कराए गए पुनर्निर्माण में अनियमिताएं सामने आने के कारण चर्चा में रहा था। भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था, जिसे शीशमहल नाम दिया था, गत दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई जगह भाजपा ने चुनावी रथ पर इसका माडल प्रदर्शित किया था। सरकार का कहना है कि अपना स्टेट गेस्ट हाउस नहीं होने से विभिन्न राज्यों और देशों से आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों तथा विशिष्ट अतिथियों के ठहरने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं करनी पड़ती थीं। नए फैसले के बाद यह कमी दूर होगी और सरकारी मेहमानों के लिए एक स्थायी एवं आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बंगले में कम से कम होगी तोड़फोड़ योजना के अनुसार परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अतिथि कक्ष विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा सम्मेलन कक्ष, बैठक स्थल और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बहुउद्देशीय सभागार भी तैयार किया जाएगा। यहां कला प्रदर्शनियां, संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियां, साहित्यिक आयोजन, सांस्कृतिक संवाद, सरकारी समारोह तथा विभिन्न विभागों के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य इस परिसर को प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ दिल्ली की कला, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि बंगले में इस तरह से गतिविधयां शुरू की जाएंगी कि बंगले में कम से कम तोड़फोड़ की जरूरत पड़े। मूल संरचना से छेड़छाड़ नहीं होगी इस बड़े बदलाव को लेकर सरकार की रणनीति बहुत स्पष्ट है कि भवन की मूल संरचना के साथ कम से कम छेड़छाड़ की जाए. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस आलीशान इमारत को बड़े पैमाने पर किसी भी तरह की तोड़फोड़ से बचाना है. बिना किसी भारी संरचनात्मक बदलाव के, मौजूदा भवन को ही कुछ इस तरह से अनुकूलित किया जाएगा कि यह अपनी नई उपयोगिता यानी गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर के ढांचे में पूरी तरह से फिट बैठ सके।  क्‍या आप इसे अंदर से देख पाएंगे? चूंकि यह एक उच्च सुरक्षा वाला स्टेट गेस्ट हाउस होगा, इसलिए इसके आवासीय और वीवीआईपी हिस्सों में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा. हालांकि, परिसर के जिस हिस्से को सांस्कृतिक गतिविधियों और मल्‍टी परपज ऑड‍िटोर‍ियम के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहां होने वाली कला प्रदर्शनियों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान आम जनता को भी प्रवेश करने का अवसर मिल सकेगा।  1942 में ब्रिटिश शासन के दौरान कराया गया था इसका निर्माण यह दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी बंगलों में से एक है और लुटियंस क्षेत्र के बाहर स्थित बड़े सरकारी आवासों में इसकी गिनती होती है। इसका निर्माण 1942 में ब्रिटिश शासन के दौरान कराया गया था, 2004 से 2008 के बीच तत्कालीन दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष प्रेम सिंह को आवंटित रहा। बाद में विधानसभा के उपाध्यक्ष अमरीश गौतम यहां रहे। 2015 से यह दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल का आधिकारिक आवास बना। जिसमें से पुनर्निमाण के दौरान काफी निर्माण तोड़ा जा चुका है। पीडब्ल्यूडी के आठ वरिष्ठ अभियंताओं के कैरियर पर लगाया धब्बा इस बंगले में पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण पर हुए खर्च को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट और अन्य जांचों में भी निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए थे। इस बंगले से जुड़े निर्माण में कथित अनियमितताओं के मामले में लोक निर्माण विभाग के आठ वरिष्ठ अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिससे उनके सेवा रिकार्ड पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई का असर उनके सेवा रिकार्ड, पदोन्नति और भविष्य की नियुक्तियों पर भी पड़ा है।  

पंजाब नगर निकाय चुनाव में AAP का दबदबा, 95 में 56 वार्डों पर जीत, विपक्ष को बड़ा झटका

चंडीगढ़  पंजाब में चार नगर निकायों के लिए हुए चुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले आए इन चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 में से 56 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक बढ़त कायम रखी है। इससे पहले हुए निकाय चुनावों में भी आप ने बेहतर प्रदर्शन किया था और इस बार भी पार्टी ने अपना दबदबा बरकरार रखा। इन चुनावों के लिए पांच जुलाई को होशियारपुर, फाजिल्का और फिरोजपुर जिले के चार निकायों के कुल 95 वार्डों में मतदान हुआ था। इनमें होशियारपुर नगर निगम की 50 सीटों, जलालाबाद नगर परिषद की 17 सीटों, गुरुहरसहाय नगर परिषद की 15 सीटों और ममदोट नगर पंचायत की 13 सीटों के लिए मतदान कराया गया। घोषित परिणामों के अनुसार, चारों निकायों में आम आदमी पार्टी ने कुल 56 सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस को 26 सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल के खाते में सात सीटें आईं। भारतीय जनता पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली, वहीं तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा फिरोजपुर जिले में आप का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। यहां 50 वार्डों में से 35 पर पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे। कांग्रेस ने नौ सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को तीन सीटों पर सफलता मिली। तीन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।फाजिल्का के जलालाबाद नगर परिषद चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाए रखी। यहां 17 में से 12 सीटों पर आप ने जीत दर्ज की। कांग्रेस को चार सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल एक सीट जीतने में सफल रहा। इन चुनावों की एक खास बात यह भी रही कि कुल 11 उम्मीदवार पहले ही सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित हो चुके थे। इसके बाद शेष वार्डों के लिए मतदान कराया गया।विधानसभा चुनाव से पहले आए इन निकाय चुनाव परिणामों को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।चुनाव नतीजों ने एक बार फिर राज्य की स्थानीय राजनीति में आम आदमी पार्टी की मजबूत पकड़ साबित की है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को सीमित सफलता से संतोष करना पड़ा।  अकाली दल का नहीं खुला खाता  नगर निगम होशियारपुर के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए निगम पर कब्जा कर लिया है। पचास सीटों में से आप ने 35 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। कांग्रेस नौ सीटें जीतने में कामयाब हुई है। भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। तीन वार्डों में आजाद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। निगम चुनावों में अकाली दल बादल का खाता नहीं खुला है। वहीं बसपा भी जीत का स्वाद नहीं चख पाई। बता दें कि राज्य चुनाव आयोग की ओर से करवाए गए चुनाव में आप 50, कांग्रेस 50, भाजपा 44, शिरोमणि अकाली दल बादल 36 और बसपा ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। नगर निगम में बहुमत के लिए 26 सीटों की जरूरत थी। आप के खाते में 35 सीटें आई हैं। निगम में आम आदमी पार्टी का ही मेयर बनेगा। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस रहेगी। पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 43 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 34 सीटों का नुकसान हुआ है। भाजपा पिछले निगम चुनाव में चार सीटें जीती थी। इस बार उसके खाते में तीन सीटें आई थीं। भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है। आप ने पिछले चुनाव में सिर्फ दो सीटें जीती थीं। इस चुनाव में आप को 33 सीटों का फायदा हुआ है। आप विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा गदगद नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता ने आप सरकार के विकास कार्यों पर मोहर लगाई है। निगम में आप का मेयर बनेगा। विकास कार्यों में और ज्यादा तेजी लाई जाएगी। सुखबीर बादल के गढ़ जलालाबाद में भी ‘आप’ की बड़ी जीत आम आदमी पार्टी ने जलालाबाद नगर परिषद की 17 में से 12 सीटों पर भी जीत हासिल की है. पार्टी ने ‘X’ पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह क्षेत्र कभी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का गढ़ माना जाता था।  बदला राजनीतिक समीकरण सुखबीर सिंह बादल ने 2017 के विधानसभा चुनावों में जलालाबाद सीट पर भगवंत मान को हराया था. इसके बाद 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी के नेता जगदीप कंबोज ने एसएडी प्रमुख को 30,930 वोटों के अंतर से हराने में कामयाबी हासिल की थी. इससे पहले मई महीने में भी, आम आदमी पार्टी ने आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। 

योगी सरकार ने किसानों और पशुओं के लिए बीमा योजना को मंजूरी दी

लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज को भी मंजूरी दे दी गई। अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुओं को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। पशुओं का बीमा होगा और अलग-अलग कारणों से इनकी मौत पर एक महीने में मुआवजा मिलेगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी। इलेक्ट्रानिक विभाग के तीन प्रस्ताव रखे गए और तीनों पास हो गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाएगा। इसकी अलग से बॉडी होगी। अब तक यूपीएलसी इसका काम देखती थी। अब मुख्य सचिव गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे। डेटा पॉलिसी भी नई आई है। डेटा सुरक्षित रखने और हिन्दुस्तान में ही डेटा रखने पर जोर होगा। पशुओं का भी होगा बीमा पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी। गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी। ओलंपिक-पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को सीधी भर्ती ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को अब सीधी भर्ती दी जाएगी। अब भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया गया है। इसमें क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण 3 पद, उप क्रीड़ा अधिकारी 23 पद पर सीधी भर्ती हो सकेगी। अभी तक समूह ख और ग के पदों पर सीधी भर्ती नहीं हो पाती थी। उनकी व्यवस्था की गई है। तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई। 2017 तक प्रदेश में केवल 27 विश्वविद्यालय थे। अब राज्य में 56 निजी विश्वविद्यालय हो जाएंगे। अन्य फैसले शाहजहांपुर में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है। -रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन इसके लिए निशुल्क दी जाएगी। 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। -गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। गोरखपुर 80 करोड़, मुरादाबाद में 50 करोड़ का बांड जारी होगा। -धुलाई भत्ता और वर्दी का पैसा बढ़ाया जाएगा। वेतन समिति की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। 50% तक बढ़ाया गया है। -लोकसेवा आयोग के चेयरमैन की अधिकतम पेंशन 1 लाख 12 हजार 500 रुपये होगी