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सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, नगर निगम आयुक्त और महापौर के वित्तीय अधिकार होंगे दोगुने

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल की नगरी में होने वाले आगामी सिंहस्थ के लिए नगर निगम अयुक्त और महापौर के वित्तीय अधिकार दोगुने हो जाएंगे। सरकार ने तैयारियों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। बता दें कि उज्जैन में आगामी साल 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ होगा। इसी कड़ी में उज्जैन नगर निगम आयुक्त (कमिश्नर), महापौर (मेयर) और एमआईसी के वित्तीय अधिकार दोगुने कर दिए है। बढ़ी हुई शक्तियां 30 मई 2028 तक लागू रहेंगी। सिंहस्थ से जुड़े कार्यों के लिए शहरी निकायों की सभी वित्तीय शक्तियां मेयर-इन-काउंसिल और प्रेजिडेंट-इन-काउंसिल को सौंपी गईं है। उज्जैन मेयर 10 से 20 करोड़ रुपए तक के सिंहस्थ संबंधित कार्यों को मंजूरी दे पाएंगे। बिना नोटिस किसी भी भवन या परिसर में जाकर निरीक्षण का अधिकार होगा। इसका उद्देश्य नियमों का उल्लंघन, टैक्स वसूली, स्वच्छता और अन्य निरीक्षण कार्य शामिल हैं।

इंदौर में शुक्रवार को बाबा रणजीत की प्रभातफेरी, होगा रंगारंग उत्सव

 इंदौर  इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से शुक्रवार सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकलेगी। जिसमे दो लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान है। कड़ाके की ठंड में इतनी सुबह भक्तों का इतना जमावड़ा देश में शायद ही कही और होता होगा। चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ती में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आएगा। मंदिर में चार दिनी उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। बुधवार को दीपोत्सव मनाया गया तो गुरुवार को अनुष्ठान हुआ । रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो जाएगी। प्रभातफेरी को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। सुबह चार बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकलेंगे। इस दौरान भव्य आतिशबाजी होगी। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ेगी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंचेगी।  रामायण पर आधारित दो झांकियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा दस से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में चलेगी। प्रभातफेरी में शामिल भक्त नंगे पैर चलेंगे।  तीन मार्गों पर वाहन प्रतिबंधित प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 12 दिसबंर को सुबह तीन बजे से फूठीकोटी, उषा नगर, और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक आवागमन बंद रहेगा। तीनों मार्ग पर ट्रैफिक गुरुवार रात दो बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक बंद रहेगा। तीन स्थानों पर पार्किंग कलेक्टोरेट की दिशा से आने वाले वाहन लालबाग परिसर में वाहन पार्क कर सकेंगे। गंगवाल क्षेत्र से आने वाले वाहन, सराफा स्कूल एमअेाजी लाइन में वाहन पार्क कर सकेंगे। अन्नपूर्णा मार्ग की तरफ से आने वाले वाहन दशहरा मैदान में वाहन पार्क सकेंगे। पांच सौ पुलिस जवान रहेंगे तैनात रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा मार्ग के बड़े भवनों से भी पुलिस जवान निगरानी करेंगे। ड्रोन के जरिए भी पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रखेगी। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा के घेरा बना रहेगा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से जुड़ी गलियों में भी पुलिस जवान तैनात रहेंगे और गलियों में बैरिकेड लगाए जाएंगे।    

कुबरेश्वर धाम के पास डर्टी वीडियो मामले में प्रदीप मिश्रा का बयान, ‘धाम आएं, होटल में न रुकें

सीहोर  मध्य प्रदेश  के प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम के पास बने एक होटल में वायरल हुए डर्टी वीडियो मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना पर अब कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कथा के दौरान उन्होंने कहा –  “कुबरेश्वर धाम आए हैं, तो किसी होटल में मत जाइए। बाबा कांबेश्वर भंडारी का द्वार खुला है। यहां पार्किंग फ्री, सोने की जगह फ्री, ओढ़ने-बिछाने को सब मिलेगा, खाना भी फ्री मिलेगा। जैसे बेटियां मायके जाती हैं, वैसे ही धाम आएं—बस होटल में न रुकें। राजस्थान से आए कपल का वीडियो बनाकर वायरल किया गया मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान से आए एक कपल ने कुबरेश्वर धाम क्षेत्र के होटल डमरू वाला के कमरे में ठहराव किया था। तभी पास के होटल उपासना पैलेस के एक कर्मचारी ने सामने की खिड़की से कपल का अश्लील वीडियो बना लिया। बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने के बाद उसने इसे अपने दोस्तों को भेज दिया, जिसके बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ केस जब होटल डमरू वाला के मैनेजर को यह वीडियो मिला तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने: चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है आरोपी कर्मचारी वीडियो बनाने वाला बताया जा रहा है पुलिस अब पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है स्थानीय स्तर पर बढ़ी सुरक्षा चर्चा इस घटना के बाद कुबरेश्वर धाम क्षेत्र में होटल सुरक्षा, प्राइवेसी और निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। निजता भंग करने का मामला दर्ज मीडिया में मामला उछलने के बाद पुलिस अब सक्रिय हुई है। मंडी थाना पुलिस ने होटल उपासना पैलेस के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निजता भंग करने, अश्लील सामग्री प्रसारित करने और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुबेरेश्वर धाम जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक क्षेत्र में इस तरह की घटना ने पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। होटल में रुकते समय इन बातों का ध्यान रखें      कमरे की खिड़कियां और दरवाजे हमेशा बंद रखें।     अजनबियों से सावधान रहें, खासकर होटल कर्मचारियों से।     अपने सामान और निजी वस्त्रों को सुरक्षित जगह पर रखें।     अगर कोई संदिग्ध गतिविधि देखी जाए तो तुरंत होटल प्रबंधन या पुलिस से संपर्क करें।     अपने कमरे में कैमरे या अन्य सुरक्षा उपकरणों का ध्यान रखें। यह घटना धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है? इस तरह की घटना ने सिर्फ धार्मिक स्थल की इज्जत को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि सुरक्षा और पर्यटन पर भी सवाल उठा दिए हैं। कुबेरेश्वर धाम, जो एक बहुत ही प्रमुख धार्मिक जगह है। वहां इस तरह की घटना के बाद अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग सोचने लगे हैं कि अगर यहां ऐसा हो सकता है, तो कहीं और क्या होगा? दोस्तों से शेयर किया दंपती का वीडियो सुमित पैरवाल ने वीडियो बनाकर उसे वाट्सएप के जरिए अपने दोस्तों के साथ शेयर किया था। इस वीडियो के प्रसार के बाद होटल प्रबंधक कृष्णपाल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सुमित पैरवाल के साथ-साथ अंकित जाटव और विनोद मालवीय के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इन तीनों को हिरासत में लिया गया है। आरोपितों के खिलाफ अश्लीलता फैलाने, निजता भंग करने और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में एक और आरोपित कमलेश उर्फ कनक कौशल की तलाश जारी है।

मंत्री प्रतिमा बागड़ी के भाई पर गांजा तस्करी का आरोप, सीएम मोहन यादव ने कहा- ‘जो अपराध करेगा, उसे सजा मिलेगी’

भोपाल मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागड़ी का भाई गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गया है और इस मुद्दे पर विपक्ष बेहद आक्रामक है। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा दी जाएगी और मंत्री के भाई का भाई भी बच नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी और सरकार की छवि तब खराब होती जब मंत्री का भाई होने की वजह से आरोपी को पकड़ा नहीं जाता।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर कोई विवाद नहीं है और पुलिस की ओर से लिए गए ऐक्शन से कानून व्यवस्था और सुशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता झलकती है। सीएम ने कहा, 'प्रतिमा बागड़ी के मुद्दे पर कोई विवाद नहीं है। इसके ठीक उलट है। प्रतिमा बागड़ी के भाई के खिलाफ आरोप था, और हमने तुरंत पुलिस को उसे पकड़ने को कहा। इसलिए विवाद कैसा?' कानून व्यवस्था और सुशासन के लिए यह हमारी प्रतिबद्धता है।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यहां तक कि कोई मंत्री का भाई हो तो भी, वह कानून से बच नहीं सकता है। मैं प्रतिमा बागड़ी को भी यह कहने के लिए धन्यवाद देता हूं कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने भी सरकार के ऐक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा मिलेगी। इसलिए यह एक अच्छा उदाहरण है।'  जब सीएम से पूछा कि क्या मंत्री के भाई अनिल बागड़ी की गिरफ्तारी से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है तो मोहन यादव ने कहा, 'हमारी सरकार की छवि तब धूमिल होती, यदि हम उसे गिरफ्तार नहीं करते। यह मेरी भी छवि नष्ट कर देता यदि मंत्री के भाई को गिरफ्तार नहीं किया जाता और ऐक्शन नहीं लिया जाता। लेकिन मैंने कहा कि कोई बचाव नहीं होगा।' दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी पहली बार की विधायक और राज्य मंत्री बनीं बागड़ी से इस्तीफे की मांग कर रही है। बुधवार सुबह यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बंगले के बाहर भोपाल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस प्रमुख अमित खत्री की अगुआई में बंगले के बाहर मंत्री के नेम प्लेट पर कालिख पोत दी गई।

रायपुर : ढोलमहुआ एनीकट निर्माण कार्य के लिए 13.74 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड-कोटा के अंतर्गत ढोलमहुआ एनीकट निर्माण कार्य हेतु 13 करोड़ 74 लाख 13 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से निस्तारी, भू-जल संवर्धन एवं आवागमन सुविधा के साथ 180 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा स्वयं के साधन से सिंचाई सुविधा होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

DGP के आदेश के बाद रात 12 से 5 बजे तक केवल जरूरी मामलों में ही चले पुलिस वाहन

भोपाल  सागर जिले में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात ट्रॉले से टकराकर मुरैना जिले के बम डिस्पोज़ल एंड डॉग स्क्वॉड (BDDS) वाहन में सवार चार पुलिसकर्मियों की मौत के बाद पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने नए निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच पुलिस वाहन केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही चलाए जाएं। डीजीपी मकवाणा ने इंदौर और भोपाल पुलिस आयुक्तों सहित सभी जोन के आईजी और जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजे पत्र में उल्लेख किया कि सागर जिले में हुए इस भीषण हादसे में चार पुलिसकर्मी जान गंवा चुके हैं, जबकि एक घायल जवान को एयरलिफ्ट कर दिल्ली इलाज के लिए भेजा गया है। हादसे का शिकार वाहन मुरैना जिले का था, जो बालाघाट में एक महीने तक नक्सल विरोधी अभियान में ड्यूटी करने के बाद वापस लौट रहा था। देर रात बढ़ता है हादसों का खतरा डीजीपी ने पत्र में कहा कि बीते वर्षों में भी यह देखा गया है कि देर रात लंबी दूरी की यात्रा करने पर वाहन चालक थकान का शिकार हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन की स्थिति बेहतर हो, चालक अधिकृत हो और उसे कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो। रात में यात्रा पर सख्त निर्देश आदेश में कहा गया है कि रात्रि गश्त, थानों की आकस्मिक ड्यूटी, अचानक उत्पन्न परिस्थितियों में घटनास्थल पर पहुंचना या वीवीआईपी मूवमेंट जैसी आवश्यक स्थितियों को छोड़कर रात 12 से सुबह 5 बजे के बीच यात्रा से बचा जाए। यदि लंबी दूरी तय करनी हो तो मार्ग में पड़ने वाली पुलिस इकाइयों पर चालक को पर्याप्त विश्राम दिलाया जाए। डीजीपी ने सभी इकाइयों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।  

छत्तीसगढ़ में 24 नई बसों का आगाज, 180 गांवों को मिला सीधा परिवहन कनेक्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों में परिवहन सुविधा को मजबूत बनाने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया और वर्चुअली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 10 जिलों की 23 रूटों पर 24 नई बसें, 180 गांव सीधे जुड़े दूसरे चरण के तहत बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों में 23 मार्गों पर 24 नई बसें संचालित होने लगीं। इससे 180 गांव पहली बार सीधे बस सेवा से जुड़ गए हैं, जो क्षेत्र के ग्रामीण परिवहन नेटवर्क के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। कार्यक्रम में कई ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जो योजना के प्रथम चरण में शुरू की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि अब ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है। पहले मुश्किल था सफर, अब सड़क से संभव सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से आए ग्रामीणों ने बताया कि वे 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे। पहले यह सफर बेहद कठिन, असुविधाजनक और समय लेने वाला था। कोई गांव विकास से अछूता न रहे- मुख्यमंत्री साय  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे     योजना से परिवहन सुविधा में वृद्धि हो रही ह     गांवों को शहरों, सेवाओं और अवसरों से जोड़कर सामाजिक–आर्थिक समानता को मजबूत किया जा रहा है उन्होंने 180 गांवों के लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि अब उनकी यात्रा सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक होगी, जिससे विकास के नए रास्ते खुलेंगे। परिवहन मंत्री बोले- वनांचलों में बसें पहुंचाना ऐतिहासिक कदम परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन पहाड़ी, वनांचल और दूरस्थ गांवों तक कभी सार्वजनिक परिवहन नहीं पहुंचा था, वहाँ भी अब बस सेवाएँ चालू हो गई हैं। यह योजना विशेष रूप से जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। पहले चरण में 250 गांव जुड़े थे मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का प्रथम चरण 4 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुरू किया था। तब 250 गांव बस सेवा से जुड़े थे। अब दूसरे चरण में 180 और गांव जुड़ने से यह संख्या और बढ़ गई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, परिवहन सचिव एस. प्रकाश समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, हजारों नौकरियों का रास्ता खुला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता से पश्चिमी यूपी को मिला नया विकास इंजन दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति PPP मॉडल के तहत चल रही परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का श्रेष्ठ उदाहरण बनने जा रहा है। यह विश्वस्तरीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा करते हुए इसके समयबद्ध निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, ताकि जिन किसानों और परिवारों ने अपनी भूमि देकर इस सपने को साकार किया है, उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।  पीएएफ परिवारों के हित रखे गए सर्वोपरि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर परियोजना प्रभावित परिवारों (PAF) को लाभ पहुंचाने के लिए विशेष कार्यक्रम लागू किए गए हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) के नेतृत्व में PPP मॉडल के तहत चल रही इस परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, इंडियन ऑयल और बर्ड ग्रुप सहित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता है। लगभग 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसे सभी सरकारी लाभ शामिल हैं। रोजगार और कौशल विकास का किया गया प्रबंध PAF युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन करियर पोर्टल पर 180 से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण किया जा चुका है। तीन विशेष भर्ती शिविरों में 300 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 24 युवाओं को ऑफर लेटर जारी हुए हैं। यही नहीं, कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ITI जेवर को आधुनिकीकृत किया गया है, जहां पैसेंजर हैंडलिंग और रैंप ऑपरेशंस जैसे कोर्स संचालित किए गए। 28 प्रशिक्षुओं में से 24 को सफलतापूर्वक रोजगार मिला है। इसके अलावा, लगभग 100 PAF युवाओं को इंग्लिश और सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इन सभी पहलों की निगरानी NIAL, जिला प्रशासन और YIAPL की संयुक्त समिति द्वारा की जा रही है। नेट-जीरो उत्सर्जन वाला विश्वस्तरीय एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य पर काम करने वाला अत्याधुनिक हवाईअड्डा होगा, जिसमें स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रारंभिक चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक आर्थिक हब का काम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनने वाला यह एयरपोर्ट न केवल बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलेगा।

पति की दहेज मांग पूरी न होने पर शर्मनाक हरकत, पत्नी का अश्लील वीडियो वायरल कर दिया

रीवा   रीवा जिले से एक शर्मसार करने खबर सामने आई है. आरोप है कि यहां एक शख्स ने दहेज न मिलने पर अपनी ही पत्नी के अंतरंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए. पीड़िता रेखा साहू ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.पोर्न स्टार बनने की सनक में रीवा के एक युवक ने अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अभी वह फरार है। उसकी लोकेशन मुंबई में ट्रेस हुई है। आरोप है कि पति ने पहले पत्नी को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. इसके बाद भी जब दहेज नहीं मिला, तब पत्नी को भरोसे में लेकर उसके साथ संबंध बनाते हुए अंतरंग वीडियो तैयार किया और फिर उन वीडियो को फेसबुक व इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया. पीड़िता मामले की शिकायत लेकर समान थाना पहुंची, जहां पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले में पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था। वह पोर्न वीडियो के किरदारों को अपना आइडल मानता था और खुद को “स्टार” बनाने की चाहत में पत्नी के साथ 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया। जब पत्नी ने वीडियो वायरल होने पर इसका विरोध किया तो आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह जानबूझकर किया है और उसे कोई पछतावा नहीं है। उसका मकसद था कि लोग वीडियो देखकर उसे पहचानें और वह “पॉपुलर” हो जाए। पीड़िता बोली- “मेरी जिंदगी तबाह कर दी, वह इंसान नहीं दरिंदा है” वीडियो वायरल होने से आहत पीड़िता ने बताया कि आरोपी पति ने वीडियो रिश्तेदारों और दोस्तों तक भेज दिया, जिससे वह सामाजिक रूप से अपमानित महसूस कर रही है। उसने कहा,“उसने मुझे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। अब हर जगह से फोन आ रहे हैं। मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। वह इंसान नहीं, दरिंदा है।” दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उठाया घिनौना कदम: भाई पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि शादी 10 मई को हुई थी। शुरुआत से ही दहेज को लेकर तनाव बना हुआ था। शादी से पहले भी 3 लाख रुपए की मांग की गई थी, जिसमें से 2 लाख रुपए दिए गए थे। शेष रकम के लिए आरोपी लगातार दबाव बना रहा था। भाई के अनुसार,“मनचाही रकम न मिलने की नाराजगी में उसने यह घिनौना कदम उठाया। वह लगातार बहन को परेशान करता रहा। हमें भी धमकियां देता रहा।” मुंबई में छिपा आरोपी, पुलिस बोली- जल्द गिरफ्तार करेंगे शुरुआत में समान थाना पुलिस ने मामले में जीरो पर कायमी की थी, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर होते ही FIR दर्ज कर ली गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुंबई भाग गया है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि पुलिस टीम जल्द ही वहां दबिश देने वाली है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर किया वायरल पीड़िता रेखा साहू के अनुसार शादी से पहले ही उसके ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था. परिवार द्वारा असमर्थता जताने के बाद विवाह तो सम्पन्न हो गया और रेखा को ससुराल विदा कर दिया गया, लेकिन ससुराल पहुंचने के बाद उसका पति शिवम साहू दहेज के लिए लगातार उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा. पत्नी रेखा का आरोप है कि जब आरोपी अपने परिवार पर दबाव बनाने में सफल नहीं हुआ, तो उसने उसे बहला-फुसला कर संबंध बनाए और यह कहते हुए निजी पलों का वीडियो बना लिया कि हम हस्बैंड-वाइफ हैं, कोई बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड नहीं हैं. हम अपना वीडियो थोड़े ही वायरल करेंगे. कुछ समय बाद आरोपी पति ने एक बार फिर दहेज की मांग की और जब मांग पूरी नहीं हुई, तो उसने पत्नी के साथ बनाए गए अंतरंग वीडियो को सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया. बदनामी और प्रताड़ना से परेशान पीड़ित ने तत्काल अपने परिजनों के साथ समान थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

IAS संतोष वर्मा का नया विवाद, हाईकोर्ट पर आरोप: ‘एससी-एसटी के बच्चों को सिविल-जज बनने का नहीं मिल रहा अवसर’

भोपाल   विवादों में घिरे IAS अफसर संतोष वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया में उनका एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे सीधे हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं. ब्राह्मण बेटियों पर दिए बयान से मचे हंगामे के बाद अब उनका नया बयान पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रहा है. वायरल वीडियो में संतोष वर्मा यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “हाईकोर्ट SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा.उन्होंने दावा किया कि सिविल जज भर्ती में 50% कटऑफ होने के बावजूद SC-ST उम्मीदवारों को 49.95 तक नंबर देकर बाहर किया जा रहा है. वर्मा ने आगे कहा कि इंटरव्यू में भी SC-ST उम्मीदवारों को पूरा 20 नहीं बल्कि सिर्फ 19.5 नंबर दिए जाते हैं. उनका सवाल था कि हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज क्यों नहीं? संतोष वर्मा यही नहीं रुके. उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट ही रोक रहा है SC-ST को आगे बढ़ने से.” यह बयान सामने आते ही विवाद और गहरा गया है. उनके पहले वीडियो में ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिए गए कमेंट ने पहले ही माहौल गर्म कर दिया था, और अब हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी ने तनाव और बढ़ा दिया है. दूसरा वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया में उनकी बातें आग की तरह फैल गईं. लोग इसे “संविधान, न्यायपालिका और समाज को बांटने वाला बयान” बताते हुए सवाल उठा रहे हैं. वहीं कुछ लोग उनके दावों की जांच की मांग कर रहे हैं. हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज नहीं दरअसल IAS संतोष वर्मा ने एक कार्यक्रम में कहा कि- एससी/एसटी (SC-ST) बच्चों को हाईकोर्ट सिविल जज नहीं बनने दे रहा है। IAS वर्मा के बयान पर सोशल मीडिया में हंगामा मच गया है। उन्होंने कहा- 50% कटऑफ, लेकिन SC-ST को दिए जा रहे 49.95 नंबर। “इंटरव्यू में 20 नहीं… 19.5 नंबर दिए जाते हैं”। “हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज नहीं?” IAS संतोष वर्मा का बड़ा दावा है कि -“हाईकोर्ट ही SC-ST को रोक रहा है”। ज्यूडिशरी में हमारा ‘बीज’ खत्म किया जा रहा है। संतोष वर्मा ने आगे कहा कि आपने तय कर लिया कि 50 पर्सेंट कटऑफ करके छात्र को 49.95 प्रतिशत देना है,50 नहीं देना है। आपने इंटरव्यू में भी तय कर दिया कि 20 की जगह 19 नंबर ही देना है, ऐसे में कौन सिविल जज बना देगा हमारे बच्चों को? ये कौन सा आरक्षण है, कौन सा नियम है? ये कौन कर रहा है? ये हमारा हाईकोर्ट कर रहा है, जिससे न्याय की उम्मीद होती है, बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मानते हैं। ये वहीं से हो रहा है। बता दें कि एक दिन पहले कार्यक्रम में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर की तारीफ में आईएएस संतोष वर्मा ने कहा था कि तुम कितने संतोष वर्मा मारोगे हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा। इसपर पर सपाक्स की महिला विंग ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ऐसा है तो हर घर से चंडी निकलेगी जिसे तुम रोक नहीं पाओगे। IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान से महिला विंग में आक्रोश IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान के बाद ब्राह्मण महिला विंग में आक्रोश जारी है. महिला विंग ने चेतावनी दी है कि अगर संतोष वर्मा पर कार्रवाई नहीं हुई तो हर घर से महिलाएं दुर्गा काली बनकर ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगी. ब्राह्मण महिला विंग न्यायालय की शरण लेगी और संतोष वर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग करेगी. उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल घर नहीं संभाल रही हैं बल्कि वकील, डॉक्टर, और पुलिसकर्मी के कर्तव्यों का निर्वहन भी कर रही हैं. महिला विंग का मानना है कि संतोष वर्मा को ऊपर से संरक्षण प्राप्त है. आईएएस संतोष वर्मा का एक और वीडियो वायरल विवादित आईएएस संतोष वर्मा का एक और वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी की है. वर्मा का आरोप है कि SC-ST बच्चों को सिविल जज बनने से रोका जा रहा है. पहले ब्राह्मण बेटियों पर बयान दिया था और अब हाईकोर्ट को लेकर विवादित बयान दिया है. उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. वर्मा ने कहा कि 50% कटऑफ है, लेकिन SC-ST को 49.95 नंबर दिए जा रहे हैं. इंटरव्यू में 20 नहीं, बल्कि 19.5 नंबर दिए जाते हैं. वर्मा का दावा है कि हाईकोर्ट ही SC-ST को रोक रहा है. IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान से गरमाया ब्राह्मण समाज IAS संतोष वर्मा के लगातार विवादित बयानों से ब्राह्मण संगठनों में रोष है. 65 ब्राह्मण संगठन आज अपनी आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए बैठक करेंगे. इन संगठनों का उद्देश्य एक मंच पर साथ आकर सीएम निवास का घेराव और आगामी प्रदर्शन की रणनीति तय करना है. संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज की बेटियों पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसके बाद दूसरा वीडियो भी सामने आया है. हर घर से निकलेगा एक संतोष वर्मा दूसरा वीडियो सामने आते ही विवाद बढ़ गया है। संतोष वर्मा भड़काऊ बयान लगातार दे रहे। अफसर का विवादित बयान… “कितने संतोष वर्मा को मारोगे?” “हर घर से निकलेगा एक संतोष वर्मा”। ब्राह्मण बेटियों वाले बयान के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ी है। ब्राम्हण समाज का विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का क्रम जारी है। समाज द्वारा उन्हें नौकरी से बार्खस्त करने की मांग की जा रही है।  जानबूझकर एग्जाम में 49.95, इंटरव्यू में 19.5 नंबर वर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि आपने कट ऑफ मार्क्स रख दिया है 50 प्रतिशत और आपने तय कर लिया कि इसे 49.95 नंबर देना है। 50 नंबर नहीं देना है। आपने देख लिया कि इंटरव्यू में 20 नंबर नहीं देना है। इसे 19.5 नंबर देना है। …तो कौन सिविल जज बना देगा, हमारे बच्चों को? ये कौन सा आरक्षण है…ये कौन सा नियम है। ये कौन कर रहा है…? यह हमारा हाईकोर्ट कर रहा है, जिससे हम न्याय की उम्मीद करते हैं, जिससे हम बाबा साहब के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मांगते हैं। यह वहीं से हो रहा है। मेरा सिर्फ आपको यह कहना है कि जिस तरह से जूडिशरी से, न्यायपालिका से … Read more