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पंजाब में ग्रामीण कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव: AI सर्वे और मेगा लिंक रोड परियोजना से गाँवों में आया बदलाव

मोहाली  पंजाब में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार ने लिंक सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन की ऐतिहासिक परियोजना शुरू की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य की 30,237 लिंक सड़कों में से 7,373 सड़कों (19,491.56 किमी) को उन्नत बनाने पर 4,150.42 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह परियोजना ग्रामीण परिवहन और कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का लक्ष्य रखती है। परियोजना की सबसे विशेष बात यह है कि सड़कों का पूरा सर्वे AI-आधारित आधुनिक तकनीक द्वारा किया गया। इस डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया से वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन संभव हुआ और 383.53 करोड़ रुपये की सरकारी बचत भी हुई। यह पंजाब में पहली बार है जब ग्रामीण सड़क उन्नयन में इतनी उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया। निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने “सड़क बुनियादी ढांचा विकास बैठक” आयोजित की, जिसमें संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क की मजबूती और टिकाऊपन से कोई समझौता नहीं होगा। सड़क सुरक्षा पर भी सरकार ने खास ध्यान दिया है। 91.83 करोड़ रुपये की सुरक्षा परियोजना के तहत स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के पास चेतावनी संकेत, ज़ेबरा क्रॉसिंग, स्पीड लिमिट बोर्ड और हर 2 किमी पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मान का कहना है कि “लिंक सड़कें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं।” नई सड़कों से किसानों और ग्रामीणों को बाज़ारों, मंडियों और शहरों तक तेज़ और आसान पहुंच मिलेगी। यह परियोजना न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि ग्रामीण पंजाब को नई दिशा देकर हर गांव में विकास की मजबूत नींव डालेगी।

पंजाब कांग्रेस में घमासान तेज—2027 से पहले ही नेताओं की अंदरूनी जंग उजागर

चंडीगढ़  ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’ वाली टिप्पणी करके राजनीतिक विवाद खड़ा करने वालीं नवजोत कौर सिद्धू की प्राथमिक सदस्यता पंजाब कांग्रेस ने सोमवार शाम निलंबित कर दी। नवजोत कौर सिद्धू पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं। इसके बाद नवजोत कौर और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग एक-दूसरे पर निशाना साधते नजर आए।   खास बात है कि पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2022 में हुए चुनाव में कांग्रेस को आप के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस दौरान भी चुनाव से कुछ महीने पहले पार्टी में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जमकर खटपट सामने आई थी। इसके बाद कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया था। वहीं, सिद्धू को कांग्रेस अध्यक्ष, लेकिन बाद में वडिंग ने पद संभाला। अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष वडिंग के खिलाफ हमला बोला और आरोप लगाया, 'मैं एक असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार, नैतिक रूप से बेईमान और भ्रष्ट अध्यक्ष के साथ खड़े होने से इनकार करती हूं।' उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं अपने उन सभी भाइयों और बहनों के साथ खड़ी हूं जो उनकी अक्षमता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से आहत हुए हैं। मैं उन्हें अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने से इनकार करती हूं। मुझे आश्चर्य है कि मुख्यमंत्री उन्हें क्यों बचा रहे हैं?' वडिंग ने एक आदेश में कहा, 'डॉ नवजोत कौर सिद्धू को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जाता है।' ट्रिब्यून के अनुसार, वडिंग ने कहा कि उन्हें अनुशासनहीनता और बयानों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के कारण निलंबित किया है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने (नवजोत कौर सिद्धू) पार्टी के नेताओं के खिलाफ निराधार आरोप लगाए थे।' नवजोत कौर सिद्धू ने यह दावा करके राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है कि “जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है, वह मुख्यमंत्री बन जाता है”। टीवी चैनल पर लगाए आरोप पार्टी द्वारा कार्रवाई किए जाने से पहले, कौर ने सोमवार को एक टीवी चैनल से बात करते हुए एक और आरोप लगाया कि तरनतारन उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार करणबीर सिंह बुर्ज ने पार्टी टिकट के लिए पंजाब कांग्रेस के दो नेताओं को 10 करोड़ रुपये दिए। बुर्ज ने हालांकि आरोपों को निराधार बताकर उनकी निंदा की। उन्होंने कौर से जानकारी का स्रोत बताने को कहा। पिछले महीने तरनतारन उपचुनाव में असफल रहे बुर्ज ने कहा कि उन्होंने टिकट के लिए कभी एक रुपया भी नहीं दिया और न ही किसी ने उनसे इसके लिए कहा। बुर्ज ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'मैं इस संबंध में गुरुद्वारे में शपथ लेने के लिए तैयार हूं।' नवजोत सिंह सिद्धू की वापसी की शर्त बताई शनिवार शाम पत्रकारों से बातचीत में नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि अगर कांग्रेस उनके पति को पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है तो वह (नवजोत सिंह सिद्धू) सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास किसी पार्टी को देने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन वे पंजाब को एक 'स्वर्णिम राज्य' में बदल सकते हैं। राज्य में कथित रूप से बिगड़ती कानून व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद शनिवार को उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'हम हमेशा पंजाब और पंजाबियत की बात करते हैं… लेकिन हमारे पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, जो हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए दे सकें।' यह पूछे जाने पर कि क्या किसी ने उनसे पैसे की मांग की है, उन्होंने कहा कि किसी ने मांग नहीं की है, लेकिन 'जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है, वह मुख्यमंत्री बन जाता है।' हालांकि, टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद उठने के बाद नवजोत कौर ने दावा किया कि उनकी सीधी टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। बयान पर दी सफाई कौर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर रविवार शाम लिखा, 'मैं हैरान हूं कि मेरे सीधे बयान को किस तरह तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने हमसे कभी कुछ नहीं मांगा। जब मुझसे पूछा गया कि नवजोत किसी दूसरी पार्टी से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बन सकते हैं या नहीं, तो मैंने कहा कि हमारे पास मुख्यमंत्री पद के वास्ते किसी को देने के लिए कोई पैसा नहीं है।' विपक्ष हुआ हमलावर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि इससे कांग्रेस की कार्यप्रणाली का 'घिनौना सच' सामने आ गया है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने नवजोत सिद्धू की पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, 'पंजाब में ‘झाड़ू’ बिखरने से पहले ही कांग्रेस बिखर गई।' झाड़ू आम आदमी पार्टी का चुनाव चिह्न है। आप नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस नेतृत्व को नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों का जवाब देने की चुनौती दी।  

प्रियंका सेन ने समंदर से जुड़ा नया मुकाम हासिल किया, दुनिया की सबसे बड़ी क्रूज शिप की पहली इलेक्ट्रिकल इंजीनियर

कोटा राजस्थान जैसे राज्य में, जहां आज भी कई इलाक़ों में बेटियों के सपनों पर सीमाएं लगाई जाती हैं, वहीं कोटा की बेटी प्रियंका सेन ने इतिहास रचते हुए Royal Caribbean International की विश्व प्रसिद्ध क्रूज़ शिप Harmony of the Seas पर पहली भारतीय महिला इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन किया. प्रियंका सेन का जन्म कोटा के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ. उनके पिता PWD विभाग से सेवानिवृत्त हैं और मां गृहिणी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद प्रियंका ने बचपन से ही कुछ अलग करने का सपना देखा. गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, बीकानेर में पढ़ाई के दौरान NCC में रहने वाली प्रियंका ने नेवी और मर्चेंट नेवी में जाने का लक्ष्य तय किया. कॉलेज और करियर की शुरुआत में ही उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा. फीस भरने के बाद गलती से कॉलेज ने उन्हें लड़का समझकर बाहर कर दिया. इसके बाद ETO कोर्स में आवेदन करने पर कई बार रिजेक्ट किया गया. सामाजिक दबाव और शारीरिक मानक भी बाधा बने, लेकिन प्रियंका और उनके परिवार ने हार नहीं मानी. ईटीओ कोर्स पूरा करने के बाद दो साल तक किया संघर्ष ईटीओ कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने लगातार दो साल संघर्ष किया. पुणे में सस्ते कमरे में रहकर रोज़ मुंबई जाती और कंपनियों में रिज्यूम देती. अंततः Anglo Eastern Shipping कंपनी ने उन पर भरोसा जताया और वे कंपनी की पहली भारतीय महिला ईटीओ बनीं. करीब 7-8 महीने की लगातार कोशिशों के बाद Royal Caribbean International ने उन्हें Harmony of the Seas के लिए चयनित किया. आज वे अमेरिका के फ्लोरिडा से संचालित इस क्रूज शिप पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं, जहां 7,500 से अधिक यात्री और क्रू सदस्य सफर करते हैं. तकनीकी विभाग में कार्यरत पहली भारतीय महिला हैं प्रियंका बताती हैं कि इस कंपनी के तकनीकी विभाग में पहली भारतीय महिला हूं. कई विदेशी क्रू सदस्य मुझसे कहते हैं कि उन्होंने पहली बार किसी महिला को टेक्निकल डिपार्टमेंट में काम करते देखा है. आपने हमारा सपना पूरा कर दिया. कोटा की बेटी प्रियंका सेन की यह कहानी सिर्फ़ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है, जो हालातों से डरकर अपने सपने छोड़ देती हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि न सामाजिक बंदिशें, न शारीरिक मानक और न ही संस्थागत नियम किसी दृढ़ निश्चयी भारतीय बेटी को उसके सपनों तक पहुंचने से रोक सकते हैं.

एसआईआर की बड़ी उपलब्धि: सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता गणना पत्रकों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूरा

एसआईआर :-जिले ने तीन दिन पहले हासिल की बड़ी उपलब्धि सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के गणना पत्रकों के शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण. जबलपुर   मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत जबलपुर जिले के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विधानसभा क्षेत्र जबलपुर केंट के मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ ही आज सोमवार को जिले की सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में तीन दिन शेष रहते शत-प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूर्ण कर लिया गया है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों पाटन, बरगी, सिहोरा, पनागर, जबलपुर उत्‍तर, जबलपुर पश्चिम एवं जबलपुर पूर्व में यह काम पहले ही पूरा कर लिया गया था।  जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने जिले की आठों विधानसभा क्षेत्र में शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा होने पर सभी बीएलओ एवं बीएलओ के सहायकों, बीएलओ सुपरवाईजर, सेक्‍टर अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी को बधाई दी है। श्री सिंह ने एसआईआर के अंतर्गत मतदाताओं के घर-घर सत्‍यापन, गणना पत्रकों का वितरण और गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के कार्य के प्रति इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लगन और निष्‍ठा की सराहना भी की है।  जिला निवार्चन कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले के 19 लाख 25 हजार 472 मतदाताओं में से 2 लाख 62 हजार 722 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं। इन मतदाताओं में 50 हजार 992 मृत, 77 हजार 450 अनुपस्थित, 1 लाख 18 हजार 898 स्‍थाई तौर पर स्‍थानांतरित मतदाता भी शामिल है। गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं होने पर ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जा सकते हैं।   जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र नहीं भरे हैं, वे अभी भी 9, 10 और 11 दिसम्‍बर को अपने बीएलओ से संपर्क कर अपने गणना प्रपत्र भरकर सौंप सकते हैं, अन्‍यथा उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकेगा। ऐसे मतदाताओं जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुये हैं उनके नाम 16 दिसम्‍बर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में मतदान केन्‍द्रों पर रखे जायेंगे तथा इन पर दावे-आपत्तियां प्रस्‍तुत की प्रक्रिया की जा सकेंगी।  जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड किये जा चुके हैं उनमें 1 लाख 15 हजार 490 ऐसे मतदाता भी हैं जिनका 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी हैं, उन्‍हें नोटिस जारी किये जायेंगे। ऐसे मतदाताओं को 16 दिसम्‍बर को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे-आपत्ति प्राप्‍त करने की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्‍तावेजों में से आवश्‍यक दस्‍तावेज प्रस्‍तुत करने होंगे।  जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार एएसडीआर (अनुपस्थित, स्‍थानांतरित, मृत और रिपिटेड) श्रेणी के ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं, उनमें विधानसभा क्षेत्र पाटन के 21 हजार 608, बरगी में 24 हजार 308, जबलपुर पूर्व में 51 हजार 015, जबलपुर उत्‍तर में 27 हजार 176, जबलपुर केंट में 41 हजार 801, जबलपुर पश्चिम 47 हजार 139, पनागर 31 हजार 123 एवं सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के 18 हजार 552 मतदाता शामिल हैं। एएसडीआर श्रेणी के ये मतदाता जिले के कुल मतदाताओं का 13.64 प्रतिशत हैं।

दूल्हे-दुल्हन का प्यार टोल प्लाजा पर, CCTV वीडियो से मैनेजर ने शुरू की ब्लैकमेलिंग की कोशिश

सुल्तानपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हलियापुर स्थित टोल प्लाजा पर ‘एंट्री ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (एटीएमएस) पर सीसीटीवी का दुरुपयोग कर अश्लील वीडियो बनाए जाने की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। शिकायतकर्ता ने टोल के मैनेजर पर इस मामले संलिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है। बताया कि सीसीटीवी से लोगों की निजी गतिविधियों की अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। इस शिकायत के बाद ऐसे कई मामले सोशल मीडिया में चर्चा में हैं। ऐसा ही एक मामला एक नवविवाहित जोड़े से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि शादी के कुछ दिन बाद यह जोड़ा लखनऊ जा रहा था। टोल प्लाजा से कुछ पहले गाड़ी रुकने के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को किस कर लिया। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी को जूम कर इसका वीडियो बना लिया गया और फिर ब्लैकमेलिंग की गई। रुपए लेने के बाद भी आरोपियों ने वीडियो वायरल कर दिया। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ ऐसे किसी वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस बारे में पूछे जाने पर टोल प्लाजा मैनेजर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मैनेजर का कहना कि यह मामला उसके संज्ञान में है। टोल पर सात कर्मचारी हैं। जांच की जा रही कि वीडियो बनाकर किसने ओछी हरकत की है। शौच के लिए निकली महिलाओं के भी बनाए वीडियो शिकायत करने वाले लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बताया है कि पूर्वाचल एक्सप्रेस वे पर हलियापुर टोल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की दिशा आसपास मौजूद गांवों की तरफ कर दी जाती है। टोल के आसपास जरईकला, हलियापुर और गौहनियां गांव हैं, यहां कैमरे को शौच आदि करने के लिए निकलने वाली महिलाओं की तरफ कर अश्लील वीडियो बनाया जाता है। इसके अलावा घर के बाहर निकलने वाली लड़कियों की गतिविधियों को भी कैमरे में कैद किया जाता है। बाद में उनसे संपर्क कर उन्हें ब्लैकमेल कर धन की उगाही की जाती है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दो महीने पहले मिल्कीपुर (अयोध्या) के एक युवक से वीडियो दिखकर उससे 10,000 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर 144 किमी पर एक ट्रक चालक और महिला के मामले में भी वसूली की गई। इसके अलावा 25 अक्तूबर को भी एक नवविवाहिता जोड़े का अश्लील वीडियो बनाया गया। युवक आजमगढ़ का रहने वाला है, वह अपनी पत्नी को लेकर लखनऊ जा रहा था। बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा से कुछ पहले गाड़ी रुकने के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को किस किया। सीसीटीवी जूम कर इसका वीडियो बनाया गया है और ब्लैकमेलिंग की गई। यह वीडियो बल्दीराय थाने के माइल्ड स्टोन 93 के पास बनाई गई। इस मामले में युवक से 32,000 रुपये की वसूली की गई। इसके बाद भी आरोपियों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। क्या बोला मैनेजर आरोपों के बारे में टोल प्लाजा मैनेजर ने कहा कि हमारे स्टाफ में 7 कर्मचारी हैं। यह वीडियो हमारे स्टाफ के किसी कर्मचारी ने बनाकर वायरल किया है। इसकी जांच की जा रही है। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है, मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है, मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। जांच चल रही है जल्द आरोपी को पकड़ा जाएगा।

भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 21 दिसंबर को, CM मोहन यादव ने खजुराहो में किया ऐलान, PM के आने पर संशय

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। झीलों की नगरी भोपाल के लिए दिसंबर का महीना ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खजुराहो कन्वेंशन सेंटर से यह बड़ा ऐलान किया है कि 21 दिसंबर को भोपाल मेट्रो ट्रेन की शुरुआत होगी। सीएमआरएस (CMRS) से हरी झंडी मिलने के बाद अब शहरवासियों का बरसों पुराना इंतजार खत्म होने जा रहा है। क्या कहा सीएम ने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने पिछले दो साल के कार्यों की समीक्षा की है और अगले तीन साल के लक्ष्यों को भी तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर को मेट्रो के साथ विकास की कई अन्य सौगातें भी राजधानी को मिलेंगी। इसके साथ ही 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर राज्य में दो लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश की आधारशिला भी रखी जाएगी।सीएम ने कहा- तकनीकी लिहाज से भोपाल मेट्रो अब पूरी तरह तैयार है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) नीलाभ्र सेनगुप्ता की टीम ने नवंबर में तीन दिनों तक ट्रैक, डिपो और ट्रेन के नट-बोल्ट तक का गहन निरीक्षण किया था। अधिकारियों के मुताबिक, ऑरेंज लाइन का 6.22 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर कमर्शियल रन के लिए तैयार है। इसमें सुभाष नगर से एम्स (AIIMS) तक कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं। क्या है पूरा मामला? मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को पहली मेट्रो रेल की सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में प्रेस से चर्चा करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भोपाल मेट्रो की शुरुआत 21 दिसंबर को होगी। ​मुख्यमंत्री ने कहा, "21 तारीख को भोपाल में मेट्रो ट्रेन समेत विकास की कुछ और सौगातें जनता को दिलाई जाएंगी।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके अलावा, 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के समापन के अवसर पर दो लाख करोड़ रुपये के उद्योगों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा। ​बता दें कि मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के लिए पहले ही 'ग्रीन सिग्नल' दे चुके हैं। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के नेतृत्व में CMRS टीम ने 12 से 15 नवंबर के बीच तीन दिनों तक डिपो, ट्रैक और ट्रेन का गहन निरीक्षण किया था, जिसमें मेट्रो के नट-बोल्ट तक की जांच की गई थी। हालांकि, भोपाल मेट्रो के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश आना अभी तय नहीं हुआ है। गौरतलब है कि बीते कई महीनों से भोपालवासियों को इस पल का इंतजार था। अब जब इसकी तारीख की घोषणा हो गई है, तो शहरवासी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। खुद सीएम मोहन यादव की घोषणा के बाद जनता को यकीन है कि तय समय पर मेट्रो शुरू हो जाएगी। कौन-कौन से स्टेशन में होगा स्टॉपेज अधिकारियों ने बताया कि सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। हालांकि स्टेशनों पर फिनिशिंग का कुछ काम शेष है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि इससे मेट्रो के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल अब उस क्लब में शामिल होने जा रहा है जहां आधुनिक यातायात प्रणाली न केवल समय बचाएगी, बल्कि शहर के प्रदूषण और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगी। कितना होगा किराया मेट्रो का किराया पहले से ही तय कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो संचालन के पहले 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। उसके बाद लोग अगले तीन महीने तक कम छूट पर मेट्रो का सपर कर सकते हैं। अफसर बोले- काम बचा लेकिन कमर्शियल रन पर असर नहीं भोपाल मेट्रो से जुड़े अफसरों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। किराया तय, 7 दिन फ्री सफर मेट्रो में सफर के लिए किराया भी लगभग तय किया जा चुका है। एमपी नगर स्टेशन पर तो किराया सूची भी चस्पा कर दी गई है। हालांकि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने आधिकारिक रूप से किराए का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंदौर जैसा मॉडल ही अपनाए जाने की बात कही जा रही है। अफसरों की मानें तो 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। वहीं, 3 महीने तक टिकट पर 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट खत्म होने के बाद सिर्फ 20 रुपए में मेट्रो का सफर किया जा सकेगा। अधिकतम किराया 80 रुपए होगा। 31 मई को इंदौर में चलाई गई मेट्रो के लिए भी यही मॉडल रहा था। अधिकतम 80 रुपए किराया तब होगा, जब ऑरेंज लाइन के रूट का काम पूरा हो जाएगा। 30 से 80 किमी प्रति घंटा रहेगी मेट्रो की स्पीड भोपाल के सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किमी की रफ्तार से भी मेट्रो दौड़ाई जा रही है। ट्रेन की तर्ज पर मेट्रो में भी मैनुअल टिकट लेनी पड़ेगी मेट्रो का टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैनुअल ही रहेगा। जैसे आप ट्रेन में टिकट लेकर सफर करते हैं, वैसे ही मेट्रो में भी कर सकेंगे। इंदौर में अभी यही सिस्टम है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी 'असिस गार्ड’ से काम छिनने और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्थिति बनेगी। बता दें कि असिस गार्ड का मामला पिछले 4 महीने से सुर्खियों में था। आखिरकार अगस्त में असिस गार्ड का टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के लिए टेंडर भी कॉल किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। मैनुअल टिकट ही एकमात्र ऑप्शन अफसरों ने बताया कि असिस … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा: नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास

रायपुर : नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है। उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।” मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री  अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

फूड पॉइजनिंग से 4 कर्मचारियों की मौत, 5 को ग्वालियर अस्पताल रेफर, छतरपुर में मची अफरातफरी

छतरपुर   मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक बड़ा हादसा हुआ है। एक रिसॉर्ट में खाना खाने के बाद नौ कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद इलाज के लिए कर्मचारियों को ग्वालियर और झांसी भेजा गया है। वहीं, पांच कर्मचारियों को इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि फूड पॉइजनिंग की वजह से यह हादसा हुआ है। हादसा तब हुआ है, जब पूरी सरकार खजुराहो में ही मौजूद है। गौतम रिसॉर्ट का है मामला छतरपुर के खजुराहो में स्थित गौतम रिसॉर्ट में सोमवार शाम को खाना खाने के बाद 9 कर्मचारियों की हालत गंभीर हो गई। सभी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुखद बात यह है कि इलाज के दौरान 4 कर्मचारियों की जान चली गई। बाकी 5 कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए छतरपुर से ग्वालियर के अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। आलू-गोभी की सब्जी खाने के बाद बीमार हुए जानकारी के अनुसार, गौतम रिसॉर्ट में कर्मचारियों ने सोमवार शाम करीब 5 बजे रोज की तरह भोजन किया था, जिसमें आलू-गोभी की सब्जी शामिल थी। भोजन के कुछ ही मिनट बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण महसूस हुए। इन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। खाने के बाद उल्टी और चक्कर आने लगे यह घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे हुई। रिसॉर्ट के कर्मचारी रोज की तरह ही खाना खा रहे थे। उनके भोजन में आलू-गोभी की सब्जी भी शामिल थी। खाना खाने के कुछ ही देर बाद कर्मचारियों को उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण महसूस होने लगे। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। जिन कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ी, उनमें हार्दिक सोनी (20), प्रागीलाल कुशवाहा (54), गोलू अग्निहोत्री (25), बिहारी लाल पटेल (60), रामस्वरूप कुशवाहा (47), रवि कौदर (19), दयाराम कुशवाहा (65), रोशनी रजक (30) और गिरजा रजक (35) शामिल हैं। ये सभी खजुराहो और आसपास के गांवों के रहने वाले थे। सभी कर्मचारियों को गंभीर हालत में छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर रोशन द्विवेदी ने बताया कि सभी मरीज फूड पॉइजनिंग के लक्षणों के साथ आए थे। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। लेकिन देर रात उनकी हालत और बिगड़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिला अस्पताल प्रशासन ने सभी 9 कर्मचारियों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर करने का फैसला किया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें झांसी भेजा। खाने के सैंपल जब्त किए घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमा हरकत में आ गया। पुलिस की टीम रिसॉर्ट पहुंची। उन्होंने रिसॉर्ट से खाने के नमूने जब्त किए। साथ ही, रिसॉर्ट के स्टाफ से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने भोजन, पानी और किचन की साफ-सफाई से जुड़े सभी सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का असली कारण पता चल पाएगा। प्रशासन ने रिसॉर्ट प्रबंधन को किचन की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सख्त हिदायत दी है। पूरी सरकार है खजुराहो में मौजूद वहीं, यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब पूरी मोहन सरकार खजुराहो में मौजूद है। सोमवार की सीएम मोहन यादव ने विभागों की समीक्षा बैठक की थी। मंगलवार को वहां कैबिनेट की बैठक है। इस बीच ऐसा हादसा हुआ है। गौरतलब है कि कलेक्टर ने इस मामले में तुरंत मृतक के परिवारों के लिए 20-20 हजार रुपए के मुआवजा की घोषणा की है।

मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा: समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी

रायपुर : समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी- मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्कूली शिक्षा मंत्री ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश  रायपुर स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी विभागों एवं अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से बालोद जिले में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा। मंत्री श्री यादव आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जंबूरी के सफल आयोजन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं और सभी अधिकारी पूर्णनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।  सभी विभागों को सौंपे गए दायित्व, तैयारियों की विस्तृत समीक्षा  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह राष्ट्रीय आयोजन मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। शिक्षा मंत्री श्री यादव ने सभी विभाग प्रमुखों से क्रमवार चर्चा कर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में इन सभी व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।  जिला प्रशासन ने दिया सफल आयोजन का आश्वासन  बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंत्री श्री यादव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की टीम अपने दायित्वों का सर्वाेत्तम निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का सफल और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करेगी। समीक्षा बैठक में जंबूरी डायरेक्टर श्री अमर क्षेत्री, भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, डीपीआई डायरेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, राज्य एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, तथा अन्य अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात

रायपुर : निर्माण कार्यों से शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास को मिलेगी गति– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज नगर पंचायत पिपरिया को विकास की नई दिशा देते हुए कुल साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात दी। पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पिपरिया परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।  उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी प्राथमिकता है। शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास तीनों को गति देने के लिए ये कार्य मील का पत्थर साबित होंगे। इन परियोजनाओं के साथ पिपरिया में शिक्षा, सार्वजनिक सुविधाओं और नगरीय विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यह सौगात पिपरिया के आने वाले वर्षों को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पंचायत पिपरिया अध्यक्ष  घुरवाराम साहू जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर वीरेंद्र साहू,  मुकेश अग्रवाल,  निर्मल द्विवेदी, पार्षद कमल कांत नाविक,  सोम पटेल सहित जनप्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।  पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने 1 करोड़ 60 लाख 92 हजार रूपए की लागत से पीएम  स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, 14 लाख 83 हजार रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, 10 लाख रुपए की लागत से जायसवाल सामुदायिक भवन, 3 करोड़ 31 लाख 90 हजार रुपए की लागत से विभिन्न स्थानों में चौरिया, घड़ी व अन्य चौक निर्माण – सौंदर्यीकरण, हाईमास्ट लाईट, आरसीसी नाली, सीसी रोड, बाउंड्री वाल, व्यायामशाला, सामुदायिक भवन एवं पाथवे निर्माण, 19 लाख रुपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में रासायनिक, प्री-विज्ञान व भौतिक प्रयोगशाला और 20 लाख रुपए की लागत से नवीन खाद्य गोदाम निर्माण का भूमिपूजन किया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह सभी परियोजनाएँ पिपरिया को आधुनिक शिक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुदृढ़ नगरीय विकास की दिशा में नई गति देंगी। सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रही निरंतर कार्य उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए की बड़ी राशि से एक साथ  विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिपरिया अस्पताल का उन्नयन हो चुका है, वहीं सीएचसी निर्माण के लिए स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है तथा अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन की शुरुआत भी की गई है। उन्होंने बताया कि आईटीआई के लिए पौने 3 करोड़ रुपए और अनुसूचित जाति छात्रावास निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीएम  स्कूल उन्नयन के लिए 1.60 करोड़ रुपए का भूमिपूजन, प्रतिभा को मिलेगा आधुनिक शिक्षण मंच कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम  स्कूलों के उन्नयन के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्कूल में संचालित स्मार्ट क्लास की व्यवस्था और विद्यार्थियों से इसकी उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा के 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने थ्री-डी तकनीक के माध्यम से विज्ञान विषय को पढ़ाने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चे अत्यंत प्रतिभावान होते हैं और आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद नगर विकास कार्यों को नई गति मिली है और पिपरिया में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आने वाले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। स्वास्थ सुविधा में हो रहा तेजी से विस्तार उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा को मेडिकल कॉलेज की एक बड़ी सौगात मिली और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों हेतु तैयारी की जा रही है और 60 पदों की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पिपरिया एवं तरेगांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु 52–52 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। बच्चों के लिए 50-सीटर क्रिटिकल केयर अस्पताल, जिला अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 बिस्तर, तथा सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है। बोडला में सोनोग्राफी सेवा आरंभ की गई है। पिपरिया सहित दो स्थानों पर एंबुलेंस की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। नया बस स्टैंड एवं मेडिकल कॉलेज को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए घोटिया रोड सहित गौरव पथ के दोनों मार्गों का उन्नयन किया जा रहा है। जनसहभागिता से स्वच्छ और समृद्ध जिला का होगा  निर्माण उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। भोरमदेव विद्यापीठ निःशुल्क कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। साढ़े 4 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया गया है। कवर्धा के प्राचीन बूढ़ा महादेव परिसर में कांवरिया श्रद्धालुओं हेतु सुविधाओं के निर्माण का कार्य किया जाएगा। भोरमदेव पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन हेतु 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा में विकास कार्यों की गति निरंतर तेज हो रही है। रायपुर–बिलासपुर–राजनांदगांव मार्ग को फोरलेन में विकसित करते हुए कवर्धा प्रवेश मार्ग को उच्च स्तरीय स्वरूप देने के लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के सभी हिस्सों में संतुलित एवं व्यापक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वच्छता के क्षेत्र में जनसहयोग आवश्यक है। प्रत्येक वार्ड और हर गली को स्वच्छ बनाने के लिए जनजागरण तथा सामुदायिक सहयोग अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया … Read more