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प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट भी सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंडस्ट्री के मांग की अनुसार आधुनिक ट्रेड्स में युवाओं को दिया जाए प्रशिक्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट भी सुनिश्चित करें प्रदेश का हर युवा कुशल बने, ग्रामीण युवाओं को बनाये आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री ने खजुराहो में की तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को उद्योग की आवश्यकता से सीधे जोड़कर युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध करायें। उन्होंने निर्देश दिए कि युवाओं को उन्हीं ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाए, जिनकी इंडस्ट्री में मांग है और प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी संस्थागत व्यवस्था विकसित की जाए जो युवाओं को प्रशिक्षण के साथ ही प्लेसमेंट भी सुनिश्चित कराए। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो में तकनीकी शिक्षा ,कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों की मांग के अनुरूप समीपस्थ आईटीआई में आवश्यक ट्रेड्स प्रारंभ हों जिससे युवा अपने ही क्षेत्र में कुशल बनकर रोजगार प्राप्त कर सकें। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के ट्रेड्स जैसे कृषि यंत्र मरम्मत, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी तथा मत्स्य पालन को भी आईटीआई में प्राथमिकता से प्रारंभ कर ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया जाए। पीएम सूर्य घर योजना के तहत अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही सोलर सिस्टम के मैनेजमेंट के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हर युवा कुशल बने, रोजगार पाए और मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़े। सरकार इसके लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उपलब्धियों की जानकारी तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार प्रमुख  मनीष सिंह ने दो वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईटीआई में अब तक का सर्वाधिक प्रवेश दर्ज हुआ है। शासकीय आईटीआई में 94.55% (49,402) और प्राइवेट आईटीआई में 74.65% (45,559) युवाओं ने प्रवेश लिया है। प्रदेश के 10 प्रशिक्षणार्थी राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित हुए। विश्व कौशल प्रतियोगिता 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर 1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज और 11 मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर (फ्रांस) पर 1 मेडेलियन ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त हुआ। तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला। साथ ही 113 प्रशिक्षणार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। राष्ट्रीय ग्रेडिंग में प्रदेश 5वें स्थान पर रहा और 47 आईटीआई को 9+ स्कोर मिला। कौशल आधारित प्रशिक्षणों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। फ्यूचर स्किल कोर्स में 87.23% प्रवेश (2233 प्रशिक्षणार्थी), 8वीं आधारित ट्रेड्स में 87% प्रवेश और दिव्यांगजन प्रवेश 490 रहा। "संकल्प" के अंतर्गत 2340 प्रशिक्षु प्रशिक्षित हुए, 5G टेक्नोलॉजी में 400 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। IIT जोधपुर द्वारा 612 विद्यार्थियों को साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षण, "यू.एन वीमेन" के सहयोग से 2127 बालिकाओं को एसटीईएम एवं सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण और 220 बालिकाओं को प्लेसमेंट मिला। UNFPA द्वारा “जीवन तरंग” में प्रति वर्ष 18,000 युवाओं को जीवन कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। CSR सहयोग के अंतर्गत उद्योगों द्वारा आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है। मारुति सुजुकी द्वारा भोपाल व जबलपुर में 5 करोड़ रूपये की लैब, 9 आईटीआई में एआई डेटा लैब, एनटीपीसी द्वारा आईटीआई बड़वाह, सीमेन्स द्वारा उज्जैन में 60 लाख रूपये की मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी लैब और जेकर फाउंडेशन व – ट्रस्ट द्वारा विभिन्न आईटीआई में लैब स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री सीखो–कमाओ योजना में 27,257 अभ्यर्थी संलग्न, 17,783 प्रशिक्षण पूर्ण और 5314 महिलाएँ लाभान्वित हुईं। NAPS में 55,311 अभ्यर्थी संलग्न, 29,866 प्रशिक्षण पूर्ण हुआ। पीएम विश्वकर्मा में 4,577 प्रशिक्षित हुए। पीएमकेवीवाय 4.0 के अंतर्गत 40 आईटीआई में जनवरी 2026 से प्रशिक्षण प्रारंभ करने की तैयारी है। युवा संगम के माध्यम से प्रत्येक जिले में रोजगार और स्वरोजगार अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। PM SETU के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 10 हब + 40 स्पोक आईटीआई के लिए 240 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत 3282 कर्मचारियों द्वारा 42,030 कोर्स पूर्ण हुए। ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल में 2 हजार से अधिक प्रशिक्षित और 29 युवाओं को अंतरराष्ट्रीय नियुक्तियाँ मिली हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि डिप्लोमा पाठ्यक्रम को 12वीं के समकक्ष मान्यता मिलने से प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 21.38% प्रवेश वृद्धि दर्ज की गई। आरजीपीवी भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना जारी है। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना में सत्र 2024–25 में 78,218 से अधिक विद्यार्थियों को 750 करोड़ रूपये वितरित किए गए। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 में 5500 युवाओं को प्रशिक्षण और 70% प्लेसमेंट सफलता रही। एमएसएमई की आरएएमपी स्कीम में 9 इनक्यूबेशन सेंटर चयनित हुए और “SRIJAN” में 34 प्रोजेक्ट स्टार्टअप के रूप में विकसित हुए। आगामी कार्ययोजना शिक्षण गुणवत्ता सुधार के अंतर्गत एआईसीटीई मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास, विशेषज्ञ व्याख्यान, उद्योग–संवाद कार्यक्रम तथा रोजगार क्षमता प्रशिक्षण को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। आने वाले तीन वर्षों में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में रिक्त पदों की प्राथमिकता से पूर्ति, नए टेक आधारित कार्यक्रम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और 40% कार्यक्रमों को NBA मान्यता दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।  

महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का होगा अनावरण राजनगर में होगा महिला सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का होगा अनावरण राजनगर में होगा महिला सम्मेलन मुख्यमंत्री, लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित करेंगे 1857 करोड़ रुपये खजुराहो  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पूरे मंत्री-मंडल के साथ दो दिवसीय खजुराहो प्रवास पर हैं। प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक होगी। मुख्यमंत्री महाराजा कन्वेंशन सेंटर में महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लाभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र राजनगर के सती की मढ़िया में आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में लगभग 1857 करोड़ 62 लाख रुपये अंतरित करेंगे। साथ ही विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। इस योजना में मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी विवाहित महिलाओं के साथ ही निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। आवेदन वर्ष के आधार पर 1 जनवरी की स्थिति में 21 से 59 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। योजना की शुरुआत में एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि लागू की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में तीन बार 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की जा चुकी है। योजना प्रारंभ जून 2023 से नवंबर 2025 तक योजना की 30 किस्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है और दिसंबर 2025 में 31वीं किस्त का भुगतान किया जा रहा है। यह सभी भुगतान डीबीटी के माध्यम से आधार-सक्रिय बैंक खातों में किए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को राशि सीधे और सुरक्षित प्राप्त हो सके।  

योगी सरकार ने बिजली, पानी और उपज को बाजार उपलब्ध करा किसानों को किया संपन्न

शामली जनपद के बुच्चाखेड़ी गांव में लगी चौपाल, लगभग 450 किसानों ने लिया हिस्सा  योगी सरकार ने गन्ना के दामों में की वृद्धि, प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा पहली प्राथमिकता  बोले किसान- योगी जी ने बदली यूपी की परिभाषा, निवेश की दृष्टि से उद्यमियों की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश  बोले अन्नदाता- किसानों का सम्मान है गन्ना, योगी सरकार ने किसानों के सम्मान में की वृद्धि  शामली कृषि चौपाल का छठवां पड़ाव सोमवार को बुच्चाखेड़ी गांव में रहा। इसमें आसपास के गांवों के लगभग 450 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। यहां कृषि चौपाल में गन्ना किसानों ने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का जिक्र कर इसका श्रेय योगी आदित्यनाथ सरकार को देते हुए उनके कार्यों को सराहा। किसानों ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये की वृद्धि के लिए भी योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि बिजली, पानी और उपज को बाजार उपलब्ध कराकर किसानों को संपन्न किया जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बिक्री कर रहे हैं और उन्हें 48 घंटे के भीतर ही भुगतान भी किया जा रहा है। योगी सरकार किसानों को सुरक्षा, सुविधा और संसाधन उपलब्ध करा रही है। योगी सरकार ने अपने कार्यों से यूपी की परिभाषा बदल दी है। सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी हर क्षेत्र में अब सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जाना जा रहा है।  फसलों का मिल रहा उचित दाम, खुशहाल हो रहा किसान  किसानों ने कहा कि पहले किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं होते थे। किसान और उनकी फसल का कोई हाल लेने वाला नहीं था, लेकिन 2017 में सत्ता में आने के बाद ही योगी सरकार ने किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ किया। केंद्र सरकार की योजनाओं का पारदर्शिता से क्रियान्वयन कराया और किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं बनाईं। इसका लाभ मिलने से किसान खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं।  किसानों को उपलब्ध कराई जा रही बिजली  किसान मास्टर गुलाब ने कहा कि योगी सरकार पिछली सरकारों की तरह भेदभाव नहीं करती। अब यूपी के सभी 75 जनपदों में समान रूप से बिजली उपलब्ध कराई जाती है। इस कारण खेती करने वाले किसानों को काफी सहूलियत मिल रही है। कभी किसान आत्महत्या करते थे, लेकिन सरकार के प्रोत्साहन के कारण खेती फायदे का सौदा हो गया है। किसान बेखौफ होकर खेती करते हैं और उनकी फसल भी अब सुरक्षित रहती है।  2017 के पहले घरों से खोल लिए जाते थे मवेशी, अब किसी की हिम्मत नहीं  किसान सादिक हसन ने कहा कि 2017 के पहले घरों से मवेशी खोल लिए जाते थे। किसान खेत व मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी परेशान रहता था। शाम के समय महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल होता था। सरेआम सड़कों पर लूटपाट होती थी, लेकिन पश्चिम उत्तर प्रदेश हो या प्रदेश का कोई भी कोना, अब रात 12 बजे भी लोग कहीं आ जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश में अब अपराधी डरते हैं और आम नागरिक बेफिक्र होकर देर रात भी कहीं आ जा सकते हैं।  किसानों का सम्मान है गन्ना, योगी सरकार ने ‘सम्मान’ में की है वृद्धि  शाहिद चौधरी ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का ‘सम्मान’ है। योगी सरकार ने गन्ने के दाम में 30 रुपये की बढ़ोतरी कर किसानों का सम्मान और बढ़ाया है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के उपरांत किसानों के संसाधन और सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। हर जनपद में सड़कों का बेहतरीन जाल बिछा है। आवागमन सुगम हुआ है। किसानों की उपज को बाजार मिला है। योगी जी धन्यवाद के पात्र हैं, जिन्होंने किसानों के विकास और समृद्धि के लिए अथक प्रयास जारी रखा है।  कृषि चौपाल में किसान गोवर्धन चौहान, मुनव्वर चौहान, तोप सिंह, डॉ. अजय, अंकुर शर्मा, मास्टर धर्मपाल, वीरेंद्र चेयरमैन, राधा, संजय, नाथी, पंकज, मुकेश शर्मा, दीपक पवार, राशिद चौहान, सर्वेश्वर शर्मा, मास्टर गुलाब, अंकुर आदि मौजूद रहे।  योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में की 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि  योगी सरकार ने बड़ा तोहफा देते हुए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 360 रुपये से 390 रुपये प्रति क्विंटल किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हो रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। बुधवार और गुरुवार को मुजफ्फरनगर में लगेगी कृषि चौपाल  1 से 11 दिसंबर तक पश्चिम उत्तर प्रदेश के चार जनपदों में कृषि चौपाल का आयोजन हो रहा है। बागपत, हापुड़ और शामली में कृषि चौपाल लग चुकी है। अब बुधवार से मुजफ्फरनगर में किसान संवाद करेंगे। 10 दिसंबर को यहियापुर व 11 दिसंबर को दाहोद गांव में ‘कृषि चौपाल’ लगाई जाएगी।

कोडीन युक्त प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ आईजी स्तर पर एसआईटी टीम का गठनः प्रमुख सचिव गृह

कोडीन युक्त कफ सिरप मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस की नीति’  कोडीन युक्त प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ आईजी स्तर पर एसआईटी टीम का गठनः प्रमुख सचिव गृह 28 जनपदों के 128 दवा प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के खिलाफ एफआईआरः पुलिस महानिदेशक सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज, नियमानुसार कार्रवाई के दिए गए निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोडीन युक्त कफ सिरप के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।  प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कोडीन प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर अत्यन्त गंभीर है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि सभी दवाइयां मानक के अनुरूप होनी चाहिए तथा मानक के अनुरूप न पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रमुख सचिव गृह ने यह भी बताया कि कोडीन युक्त कफ सिरप से प्रदेश में किसी की भी मौत नहीं हुई है।  उन्होंने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें एफएसडीए के अफसरों को शामिल करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप की जांच करने हेतु निर्देश दिये गये हैं।  ‘नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश’ के तहत अभियान संचालित उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि ‘नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश’ के तहत कार्रवाई के दौरन 28 जनपदों के कुल 128 दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, जनपदीय पुलिस तथा यूपी एसटीएफ द्वारा समन्वित अभियान पिछले दो महीनों में और एंटी नारकोटिक्स के संयुक्त अभियान में प्रदेश में औषधियों के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ किया गया और बड़ी मात्रा में अवैध कफ सिरप जब्त किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया या अन्य किसी भी तरह से गलत या भ्रामक अफवाह फैलाने पर नियमानुसार कार्रवाही की जा रही है, जिसके तहत वाराणसी में एफआईआर भी दर्ज की गई है।  कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध बिक्री का खुलासा एफएसडीए द्वारा केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (मध्य प्रदेश) से प्राप्त महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर औषधि विभाग के विभिन्न औषधि निरीक्षकों द्वारा हिमाचल प्रदेश स्थित दो, उत्तराखंड राज्य स्थित तीन कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माता फर्मों एवं हरियाणा राज्य स्थित निर्माता फर्म के एक डिपो व झारखंड राज्य के रांची स्थित एक बहुराष्ट्रीय निर्माता फर्म के सुपर स्टॉकिस्ट सैली ट्रेडर्स की गहन जांच कर, कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय एवं वितरण संबंधित सूचना व अभिलेखों को प्राप्त किया गया। यूपी के कई जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गाजियाबाद में बिना पर्चे और बिना लाइसेंस के बड़ी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप की अवैध बिक्री की जा रही थी। कुछ प्रतिष्ठानों ने अवैध तरीके से 1 से 3 लाख कोडीन युक्त कफ सिरप बेंचे। यह स्पष्ट करता है कि अवैध रूप से तैयार माल नशे के रूप में युवाओं को बेचा जा रहा था। कोडीन युक्त कफ सिरप के तार बांग्लादेश और नेपाल से भी जुड़े हैं।  279 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, दोषियों पर बड़ी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की सचिव रोशन जैकब ने कोडीन युक्त कफ सिरप के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि औषधि विभाग ने पूरे अभियान में 279 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर कोडीन युक्त सिरप को मेडिसिन नहीं बल्कि नशे के रूप में बेचने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि अवैध भंडारण, नकली स्टॉक और अवैध बिक्री के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जांच में यह भी पाया गया कि सिरप की अवैध बिक्री का सबसे अधिक उपयोग वाराणसी, गाजियाबाद और जनपद वाराणसी क्षेत्र के आसपास हो रहा था।  128 एफआईआर दर्ज, अभियुक्तों की धर-पकड़ जारी औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 128 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें एनडीपीएस एक्ट  तहत कार्रवाई भी शामिल है। इस अभियान के तहत वाराणसी में 38, अलीगढ़ में 16, कानपुर में 08, गाजियाबाद में 06, महाराजगंज में 04, लखनऊ में 04 और अन्य जिलों में 52 मुकदमें दर्ज हुए।  यूपी एसटीएफ द्वारा की गयी कार्यवाही यूपी एसटीएफ ‌द्वारा उक्त प्रकरण में कुल 09 अभियुक्तो (धर्मेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, पवन गुप्ता, शैलेन्द्र आर्या, विभोर राणा, विशाल सिंह, बिट्टू कुमार, सचिन कुमार, अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा एवं आलोक प्रताप सिंह) को गिरफ्तार किया जा चुका है।  लखनऊ जोन के विभिन्न जनपदों में कुल 11 अभियोग पंजीकृत करते हुए 02 अभियुक्तों (रुपम राय एवं दिवाकर सिंह) को गिरफ्तार किया गया है। बरेली जोन के विभिन्न जनपर्दा में कुल 04 अभियोग पंजीकृत करते हुए 02 अभियुक्तों (अब्दुल कादिर एवं रहमान नूरी) को गिरफ्तार किया गया है। गोरखपुर जोन के विभिन्न जनपदों में कुल 10 अभियोग पंजीकृत करते हुए 03 अभियुक्तों (नीरज कुमार दीक्षित, अली सरीम मेकरानी एवं मोहम्मद आफताब) को गिरफ्तार एवं 02 अभियुक्तों (कल्पना एवं मोहम्मद असद) को नोटिस तामील किया गया है। कमिश्नरेट वाराणसी के विभिन्न जनपर्दा में कुन 02 अभियोग पंजीकृत करते हुए 04 अभियुक्तों (भोला प्रसाद जायसवाल, विशाल जायसवाल, बादल आर्या एवं आजाद सिंह) को गिरफ्तार किया गया है।  सोनभद्र एवं गाजियाबाद पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई इस वर्ष 18 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने 02 ट्रकों से 1,19,675 बोतलें कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं 1 नवंबर को रांची (झारखंड) में 13,400 बोतलें बरामद हुईं।  इसके बाद, 4 नवंबर को सोनभद्र व गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 1,57,350 बोतलें पकड़ी गईं। इस दौरान पुलिस ने 8 अभियुक्तों (सौरभ त्यागी, शादाब, शिवकांत उर्फ शिव, संतोष भडाना, अंबुज कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, दीपू यादव, और सुशील यादव) को गिरफ्तार किया है। उक्त अपराध में शुभम जायसवाल, आसिफ, अभिषेक शर्मा, विशाल उपाध्याय व अन्य 5 अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए। इस प्रकरण में पंजीकृत अभियोग में कुल 17 अभियुक्तों को नामजद किया गया है।  इस पूरे प्रकरण की व्यापकता को देखते हुए तथा विस्तृत वित्तीय जांच के उ‌द्देश्य से, प्रदेश स्तर पर एक एसआईटी का गठन किया जा रहा है। यह एसआईटी सभी प्रचलित जांचों … Read more

छात्रावास होंगे आधुनिक, विदेश अध्ययन के लिए मेरिट बनेगी आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चार जिलों में बनेंगे विशेष जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव छात्रावास होंगे आधुनिक, विदेश अध्ययन के लिए मेरिट बनेगी आधार स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान के लिये होंगे स्थानीय आयोजन मुख्यमंत्री ने खजुराहो में की अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छात्रों के हित के लिए छात्रावासों में नवीन तकनीक का उपयोग कर उन्हें आधुनिक बनाया जाए। निर्माणाधीन छात्रावास भवनों का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें। उच्च शिक्षा एवं स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को त्वरित और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए। चार जिलों में बनेंगे जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को सहेजने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए संबंधित क्षेत्रों में 'जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र' स्थापित किए जाएं। इसके अंतर्गत मंडला में बैगा जनजाति, छिंदवाड़ा में भारिया जनजाति, श्योपुर में सहरिया जनजाति और धार में भील जनजाति के लिए सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में 'पीएम जनमन योजना' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन योजनाओं से न केवल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, बल्कि 'आदि कर्मयोगी अभियान' में समाज में प्रतिबद्ध नेतृत्व भी तैयार किए जाएं, जिससे जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय पूजा स्थलों (देव स्थानों) का उन्नयन करने और स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान का स्मरण करने के लिए स्थानीय स्तर पर भव्य आयोजन करने के भी निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान,मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण श्री ई रमेश कुमार, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा उपस्थित थे। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां     अनुसूचित जाति विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में छात्रावासों की सीट क्षमता का अधिकतम उपयोग किया गया है और वर्तमान में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक सीटें भरी जा रही हैं।     विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025–26 में 31 नए विद्यार्थियों का चयन किया गया है। 24 विद्यार्थी पहले से अध्ययनरत हैं।     सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को UPSC एवं MPPSC की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता और आवास सुविधा प्रदान की जा रही है। वर्ष 2024–25 में कुल 271 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्तरों पर सफलता प्राप्त की है।     राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं जैसे IIT, IIM, NIT, NLIU, IIIT आदि में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को विभाग द्वारा नियमित रूप से छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।वर्ष 2023-24 में 1736 और वर्ष 2024–25 में 1819 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।     अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना को ऑनलाइन किया गया है। अब आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है।     ज्ञानोदय विद्यालयों में 10 विद्यालय वर्तमान में संचालित हैं। इनमें छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जा रही है।     संत रविदास स्व-रोजगार योजना एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना से युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।     पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के सभी लंबित प्रकरणों का भुगतान लगभग पूरी तरह कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है।     छात्रावास भवन निर्माण में तेजी आई है।कुल 63 में से 33 भवन पूर्ण हो चुके हैं तथा 30 भवन निर्माणाधीन हैं।     प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में 150 में से 117 भवन पूरे हो चुके हैं। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के नवाचार     POA Act के मामलों का डिजिटल निराकरण     POA Act 1989 के पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था शुरू की गई ।     MPTAASC पोर्टल (अ.जा.क. विभाग) + CCTNS पोर्टल (पुलिस विभाग) का एकीकरण किया गया। अंतरजातीय विवाह योजना का ऑनलाइन सत्यापन अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – ऑनलाइन आवेदन प्रणाली     वर्ष 2025-26 में MPTAASC पोर्टल पर योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की गई।     विदेश शिक्षा योजना के लिए नए मेरिट-आधारित मापदंड का निर्धारण किया गया।     अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की अगले तीन वर्षों की कार्य योजना     विभाग ने IT सुधार, प्रक्रियागत सुधार, छात्रावास भवन निर्माण, स्वरोजगार योजनाओं के विस्तार और PETC प्रशिक्षण को प्राथमिकता में रखा है।     विभागीय MPTAASC पोर्टल का सम्पूर्ण डिजीटाइलेशन की कार्य योजना बनाई गई है, जिसके अंतर्गत सभी योजनाओं को ऑनलाइन लाने का लक्ष्य मार्च 2026 तक निर्धारित किया गया है।     दिल्ली छात्रगृह योजना में विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 करने तथा मासिक सहायता 1766 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। जनजातीय कार्य विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां     एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1846 नियुक्तियां।     153 विशिष्ट आवासीय विद्यालय में 54,000 विद्यार्थी।     1109 हाई स्कूल एवं 998 हायर सेकेंडरी स्कूल में 2,69,000 जनजाति वर्ग के विद्यार्थी।     छात्रावास में रह रहे 1,43,000 विद्यार्थियों को आवास सहायता के रूप में 240.42 करोड़ का वितरण।     23,59000 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति 766 करोड़ रुपए।     प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग हेतु 5 भवन निर्माण की स्वीकृति जारी।     सिविल सेवा परीक्षा में सफल हुए 1250 विद्यार्थियों को 2.60 करोड़ की प्रोत्साहन राशि।     जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रमों का भव्य आयोजन।     भगवान बिरसा मुंडा की 150 की जयंती पर जनजाति गौरव उत्सव का राज्य, जिला, विकासखंड , ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर भव्य आयोजन ।     पीएम जनमन योजना में 1.28 लाख से अधिक … Read more

खजुराहो के पश्चिमी मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन किया

खजुराहो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न विभागों की समीक्षा के बाद विश्व धरोहर खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह में आयोजित लाइट एवं साउंड-शो देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम मंदिर समूह में दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट का शुभारंभ भी किया। लाइट एंड साउंड-शो के माध्यम से खजुराहो के विश्व धरोहर मंदिरों, चंदेलवंश के गौरवशाली इतिहास और बुंदेलखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बुंदेलखंड की कला-संस्कृति को संरक्षित करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  लखन सिंह पटेल सहित मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवर्त संग्रहालय का किया भ्रमण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो में सांस्कृतिक गांव एवं जनजातीय लोक कला राज्य संग्रहालय आदिवर्त का भ्रमण किया। इस मौके पर अलीराजपुर एवं डिंडोरी के कलाकारों के दल द्वारा भगोरिया एवं गुदुमबाजा पारंपरिक लोक नृत्य की मनमोहक एवं आकर्षक प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवर्त संग्रहालय खजुराहो में नवनिर्मित पारंपरिक कलाओं के गुरुकुल का लोकार्पण भी किया। संग्रहालय में जनजातीय लोक संस्कृति एवं परंपरा पर केन्द्रित विभिन्न लोक कलाओं और नित दिन उपयोग की सामग्री का प्रदर्शन किया गया है।  

सैनिक स्कूल में ऑडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की स्मृति में बना है ऑडिटोरियम मंगलवार को जीबीआर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में होगा श्रद्धांजलि अर्पण कार्यक्रम पिपरौली में मंगलवार को राजकीय आईटीआई का भी लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 9 दिसंबर को गोरखपुर के सैनिक स्कूल में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) स्वर्गीय बिपिन रावत की स्मृति में बने ऑडिटोरियम का उद्घाटन और उनकी प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसका निर्माण सैनिक स्कूल प्रोजेक्ट में राज्य सरकार द्वारा कराया गया है। पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर जीबीआर फाउंडेशन ऑफ इंडिया की तरफ से होने वाले आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री इस महान सैन्य अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ जनरल रावत के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। मंगलवार को ही दोपहर बाद मुख्यमंत्री, पिपरौली ब्लॉक के नरकटहा में पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सीएसआर फंड से बने राजकीय आईटीआई का भी लोकार्पण करेंगे।  सैनिक स्कूल में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धाजंलि अर्पण और उनकी याद में बनाए गए ऑडिटोरियम के उद्घाटन का कार्यक्रम मंगलवार सुबह 10 बजे से होगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लाखेड़ा, जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन के सचिव मंजीत नेगी और जनरल बिपिन रावत की सुपुत्री कृतिका और तारिणी रावत की भी उपस्थिति रहेगी। गोरखपुर के सैनिक स्कूल में निर्मित जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम की क्षमता 1000 से अधिक लोगों के बैठने की है।  सीएम योगी देंगे पिपरौली क्षेत्र में नए राजकीय आईटीआई का उपहार गोरखपुर दौरे के दौरान मंगलवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिपरौली क्षेत्र के ग्राम नरकटहा में बने राजकीय आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) का लोकार्पण करेंगे। इस आईटीआई का निर्माण पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड से 16 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। पिपरौली क्षेत्र का आईटीआई गोरखपुर का 11वां और पीपीपी मोड में संचालित होने वाला तीसरा राजकीय आईटीआई होगा।

अगले 48 घंटे ठिठुरन भरे: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में कड़ाके की ठंड का अलर्ट

रायपुर बीते दो दिन से माना और नवा रायपुर का इलाका कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर की चपेट में है. यहां रात और दिन के तापमान में 20 डिग्री का अंतर है. माना एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में अंबिकापुर जैसी ठंड पड़ रही है. दोनों शहरों का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री नीचे जा चुका है. दिसंबर के दूसरे सप्ताह में भी मामूली उतार-चढ़ाव के बीच ठंड का प्रभाव बढ़ने की संभावना है. अगले दो दिन यानी सोमवार और मंगलवार को रायपुर जिले के साथ दर्जनभर क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है. पिछले तीन चार दिनों से राज्य में बढ़ती ठंड का प्रभाव रहा है और राज्य के सीमावर्ती इलाकों में तो ठंड चरम पर है. वहां मैनपाट सहित आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. सुबह के वक्त पेड़ों की पत्तियों में ओस जमने जैसी स्थिति बन रही है. अंबिकापुर का तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंचा है, जो सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस कम है. इसी तरह की स्थिति राजधानी रायपुर से करीब 10 किमी दूर माना एयरपोर्ट और उससे लगे नवा रायपुर की है. वहां भी पिछले तीन दिनों से शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं. वहां रात का तापमान 8 डिग्री तक पहुंचा है, जो सामान्य से 5.7 डिग्री कम है. वहां दिन और रात के तापमान में 20 डिग्री का अंतर है, जो कड़ाके की ठंड की तरफ इशारा कर रहा है. इन इलाकों में शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक रायपुर के अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, दुर्ग, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है.

हाईकोर्ट ने दिए ज्यूडिशियल सेपरेशन के आदेश, बीमारी छिपाने को माना क्रूरता

जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट तथा जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ अपने अहम फैसले में कहा है कि बीमारी की जानकारी छुपाकर विवाह करना और बीमार करने की साजिश करने का आरोप लगाना क्रूरता की श्रेणी में आता है। जीवन साथी की सेहत को लेकर टेंशन में दूसरे पक्ष को ज़िंदगी भर परेशान रहते हुए आर्थिक तथा भावुक नुकसान उठाना पड़ेगा। हाईकोर्ट युगलपीठ ने कुटुम्ब न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए अपीलकर्ता पति के पक्ष में ज्यूडिशियल सेपरेशन के आदेश जारी किए हैं। मंडला निवासी डॉ. महेन्द्र कुशवाहा की तरफ से दायर अपील में ज्यूडिशियल सेपरेशन के आवेदन को कुटुम्ब न्यायालय द्वारा निरस्त किए जाने को चुनौती दी गई थी। अपील में कहा गया था कि उसकी अनावेदिका पत्नी के साथ अरेंज मैरिज हुई थी। विवाह के पूर्व वह मिर्गी की बीमारी से पीड़ित थी और इस संबंध में उसे जानकारी नहीं दी गई। विवाह के बाद अनावेदिका को जून व जुलाई 2022 में मिर्गी के दौरे आने के बाद अपीलकर्ता ने ज्यूडिशियल सेपरेशन के लिए कुटुम्ब न्यायालय में आवेदन किया था। ज्यूडिशियल सेपरेशन के आवेदन की सुनवाई के दौरान पत्नी ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि वह मिर्गी की बीमारी से पीड़ित है। उसने अपने पति व सास पर बदनीयती से बीमार करने उसे बहुत मीठा खाना खाना दिए जाने के आरोप लगाये थे। पत्नी का तर्क, मिर्गी कोई बीमारी नहीं है अनावेदक पत्नी की तरफ से तर्क दिया गया कि ज्यूडिशियल सेपरेशन की मंजूरी से उसकी परेशानियां बढ़ जाएंगी। बीमारी के मुश्किल समय में यह उसके साथ क्रूरता होगी। पति को पत्नी की देखभाल करनी चाहिए और कोर्ट में ज्यूडिशियल सेपरेशन की अपील नहीं करनी चाहिए थी। मिर्गी कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसका इलाज नहीं है। उसे यह बीमारी शादी के बाद हुई है। कोर्ट ने माना सच छिपाकर धोखा किया गया युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि हर इंसान के पास शादी का पार्टनर चुनने का ऑप्शन होता है। वह बायोडाटा देखने, एक-दूसरे से मिलने और परिवार के सदस्यों और दोस्तों से बात करने के बाद एक-दूसरे से शादी करते हैं। अपीलकर्ता को बीमारी के संबंध में जानकारी होती तो शायद वह अनावेदक से शादी नहीं करता। शादी के बाद बीमारी होने के बाद पति का फ़र्ज़ है कि वह पत्नी का ध्यान रखे। सच छिपाकर अपीलकर्ता के साथ धोखा किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट, बीमारी पहले से थी मेडिकल दस्तावेज से स्पष्ट है कि अनावेदक को विवाह के पहले से उक्त बीमारी थी। इसके बावजूद भी अनावेदिका ने पति व सास पर साज़िश का झूठा आरोप लगाया गया। अनावेदक का यह बर्ताव क्रूरता के बराबर है, जो हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के सेक्शन 13(1)(पं) के तहत क्रूरता के दायरे में आएगा। युगलपीठ ने कुटुम्ब न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए अपीलकर्ता के पक्ष में ज्यूडिशियल सेपरेशन आदेश जारी किए है।

लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त का इंतजार खत्म, 1500 रुपये ट्रांसफर करेंगे CM मोहन यादव

भोपाल   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Madhya Pradesh) ने लाडली बहनों को 12 नवंबर को 'लाडली बहना योजना' की 30वीं किस्त (Ladli Behna Yojana 30th installment) जारी किए थे. 30वीं किस्त 1.26 करोड़ से अधिकर महिलाओं के खाते में आए थे. ऐसे में अब इन लाडली बहनों को दिसंबर यानी 31वें किस्त का बेसब्री से (Ladli Behna Yojana 31th installment) इंतजार है. हालांकि इन महिलाओं का यह इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है. ऐसे में लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी होने से पहले लिस्ट में अपना नाम चेक कर लें.  कब आएगी लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त, इस महीने कितनी राशि आएगी? कैसे लिस्ट में अपना नाम चेक करे. यहां जानिए सबकुछ…  कब आएगी लाडली बहन योजना की 31वीं किस्त मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले महीने यानी नवंबर माह मे12 तारीख को 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त की राशि ट्रांसफर किए थे. इससे पहले अक्टूबर महीने में भी महिलाओं के खाते में 12 तारीख को ही रुपये ट्रांसफर किए गए थे. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इस महीने भी 12 तारीख तक आपके खाते में 31वीं किस्त की राशि आ जाएंगे. अभी इसकी तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.  जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया ।     नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है … Read more