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पंजाब में सियासी हलचल तेज: ऑडियो सबूत मांगने पर सुखबीर बादल सहित एसएडी नेताओं को समन

चंडीगढ़ पंजाब के जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में धांधली के आरोपों को लेकर सियासी चर्चा तेज है। रविवार को पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) एसपीएस परमार ने शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्यालय तलब किया है। पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर लगे आरोपों से जुड़े सबूतों की जांच के लिए एसएडी नेताओं को तलब किया गया है।  आरोप है कि एक कथित ऑडियो क्लिप में पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा और अन्य अधिकारी आपत्तिजनक तरीके से आम आदमी पार्टी (आप) को फायदा पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करते सुनाई दे रहे हैं। एसएडी ने 4 दिसंबर 2025 को पंजाब राज्य चुनाव आयोग में दर्ज की थी। उसी दिन पटियाला साइबर क्राइम थाने में एफआईआर 52 भी दर्ज हुई। नोटिस धारा 94 बीएनएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल ऑडियो क्लिप से संबंधित जांच के लिए मौखिक, दस्तावेजी, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक सबूत 7 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे कमरा नंबर 307, तीसरी मंजिल, पंजाब पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-9, चंडीगढ़ में प्रस्तुत करें।  एसएडी की ओर से कोर कमेटी सदस्य, मुख्य प्रवक्ता एवं लीगल विंग अध्यक्ष एडवोकेट अर्शदीप सिंह क्लेर पेश होंगे। एसएडी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 3 दिसंबर को सोशल मीडिया पर यह ऑडियो क्लिप पोस्ट की थी। क्लिप में कथित तौर पर पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा एक कॉन्फ्रेंस कॉल में एसपी, एसएचओ और डीएसपी को निर्देश दे रहे हैं कि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को उनके घरों, गांवों या नामांकन केंद्र पहुंचने के रास्ते में ही रोक लिया जाए। बता दें कि राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने डीजीपी गौरव यादव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी ने जांच एसपीएस परमार को सौंपी है। उन्होंने कहा है कि जांच पूरी होने पर धारा 193 बीएनएस के तहत अदालत में रिपोर्ट पेश की जाएगी।

सौर ऊर्जा पॉलिसी का असर: यूपी में बिजली उत्पादन और रोजगार दोनों में वृद्धि

पीएम सूर्य घर योजना से आगरा मंडल में रिकॉर्ड 82 हजार से अधिक लोगों ने किया आवेदन ब्रज क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा ग्रीन एनर्जी की ओर, लोगों के घर और प्रतिष्ठान हो रहे सौर ऊर्जा से रोशन सूर्य मित्र मुफ्त प्रशिक्षण पाकर सोलर सेक्टर में युवाओं को मिल रहे करियर बनाने के अवसर वेंडरों और कंपनियों के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर मिल रहा रोजगार आगरा  योगी सरकार की हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीति उत्तर प्रदेश को विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर बना रही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। केंद्र की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' को आगरा मंडल में जबरदस्त सफलता मिली है। यहां 82 हजार से अधिक लोगों ने सौर ऊर्जा से अपने घर और प्रतिष्ठान रोशन करने के लिए आवेदन किया है, जिससे ब्रज क्षेत्र ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यूपी नेडा परियोजना अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) खगेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन नीतियों और पीएम सूर्य घर योजना के कारण सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है। आगरा मंडल में अब तक 82759 लोगों ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन किया है। जिसमें आगरा जनपद से 30502 आवेदन प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली प्रदान कर रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देते हुए पर्यावरण और रोजगार दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस योजना से आगरा मंडल में अब तक 3200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। 'सूर्य मित्र' से युवाओं को मिल रहा स्थायी करियर इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 'सूर्य मित्र' प्रशिक्षण कार्यक्रम है। यूपी नेडा द्वारा युवाओं को सोलर पैनल लगाने और रखरखाव का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को सोलर सेक्टर में करियर बनाने और रोजगार पाने का अवसर मिल रहा है। हजारों वेंडरों, कंपनियों और प्रशिक्षित तकनीशियनों के माध्यम से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। सोलर इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के तकनीकी सहायक पंकज यादव ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यूपी नेडा से प्रशिक्षण लेने के बाद मुझे सोलर कंपनी में तुरंत काम मिल गया। पहले मैं बेरोजगार था, लेकिन अब मैं एक स्थायी करियर बना रहा हूँ। योगी सरकार का यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका दे रहा है। उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली और बचत पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ता भी बेहद उत्साहित हैं। आगरा की विजय नगर निवासी और उपभोक्ता रोमा ने बताया कि बिजली बिलों से बहुत परेशानी होती थी, लेकिन पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने के बाद अब हमारा घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा हैं। इससे बिजली के बिल में बड़ी बचत हो रही है। यह सरकार की बहुत बड़ी राहत है।

मधुमक्खीवाला फर्म के प्राकृतिक शहद का होगा वैश्विक बाजार में निर्यात, न्यूज़ीलैंड के प्रतिनिधि दल ने दिया आश्वासन

  लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में युवा उद्यमियों और स्वरोजगार को जिस तरह से बढ़ावा दिया जा रहा है, इसकी बानगी हमें बाराबंकी जिले के निमित सिंह द्वारा चलाए जा रहे मधुमक्खीवाला स्टार्ट-अप के तौर पर देखने को मिल रही है। इसी क्रम में आज न्यूज़ीलैंड के प्राइमरी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री के प्रतिनिधि ईशन जयवर्धने तथा एपीईडीए के रीजनल हेड संदीप साहा ने बाराबंकी जिले में चलाए जा रहे 'मधुमक्खीवाला' स्टार्ट-अप की फार्म का दौरा किया। प्रतिनिधि दल ने स्टार्ट-अप की मधुमक्खी पालन की पद्धति और शहद उत्पादन के तकनीकी की सराहना की और उनके उत्पाद की ग्लोबल ब्रांडिंग और बिक्री में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।    न्यूज़ीलैंड की प्राइमरी इंडस्ट्री और कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) की ओर से आए प्रतिनिधि दल ने मधुमक्खीवाला की फार्म का गहन निरीक्षण किया एवं उनके द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक पद्धतियों, जैसे- बिना गर्मी, मिलावट और रसायन प्रयोग के बिना प्राकृतिक शहद के उत्पादन की खुलकर सराहना की। जयवर्धने ने कहा कि यह फार्म न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि पर्यावरण-संरक्षण और सामुदायिक विकास का जीवंत उदाहरण है। दल ने विविध प्राकृतिक स्रोतों सरसों, मल्टीफ्लोर, यूकेलिप्टस, अजवाइन, नीम और जामुन से तैयार उच्च गुणवत्ता वाले शहद को न्यूजीलैंड के जीआई टैग वाले मनुका हनी की तरह ग्लोबल स्तर पर ब्रांडिंग करने का आश्वासन भी प्रदान किया। इस अवसर पर यूपी उद्यान विभाग के उप निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने मधुमक्खीवाला के साथ जुड़े हुए सामुदायिक शहद उत्पादकों और जिले के अन्य बी-कीपर्स को भी अपने प्रोडक्ट की गुणवत्ता बढ़ाने और उसकी निर्यात संभावनाओं का विस्तार करने के सुझाव भी प्रदान किये।   'मधुमक्खीवाला' के संस्थापक निमित सिंह ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के राजौली से निकलकर मधुमक्खी पालन को एक स्थायी आजीविका के साथ सामुदायिक विकास का माध्यम बना दिया है। निमित सिंह ने बातचीत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में मधुमक्खीवाला स्टार्ट-अप की शुरुआत की थी। वर्ष 2017 से यूपी में स्टार्ट-अप के लिए बने सकारात्मक वातावरण और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई सीएम स्वरोजगार योजना और सीएम युवा उद्यमी योजना के साथ प्रदेश उद्यान विभाग और पीएमईएमई योजना से मिले सहयोग ने उनके उत्पाद को ग्लोबल पहचान दिलवाई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उनके प्रयास को राजभवन में गवर्नर अवॉर्ड और प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल कर सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एपीईडीए और न्यूज़ीलैंड के साथ प्रस्तावित एफटीए के तहत निरीक्षण के लिए उनकी फर्म का चयन करना प्रदेश में शहद और स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर ब्रांडिंग और बिक्री में सहयोग  प्रदान करेगा। यह निरीक्षण कार्यक्रम भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच कृषि एवं शहद उत्पादन में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

बांध में मिली युवक की लाश, पत्थर से बंधा शव

तखतपुर बिलासपुर के तखतपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां घोरामार के फेकूबांध में रविवार सुबह एक युवक का तैरता हुआ शव मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पानी में शव मिलने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कोटा पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि युवक के शरीर पर पत्थर बांधकर उसे पानी में फेंका गया था। मामले में कोटा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग ने बताया कि पानी में युवक का शव मिला है। शव को पानी से बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही आसपास के गांवों में लापता युवक की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच जारी है।

विदेश यात्राओं पर सियासी संग्राम: मान सरकार ने कहा— जनता के पैसे से सुखबीर बादल और अमरिंदर सिंह का लग्ज़री टूर

चंडीगढ़ पंजाब की जनता ने दशकों तक भ्रष्टाचार, परिवारवाद और जनता के पैसे की बर्बादी का दर्द सहा है। अकाली दल और कांग्रेस के पुराने मुख्यमंत्रियों ने सरकारी खजाने को अपनी निजी संपत्ति समझा, जहां विदेश यात्राओं के नाम पर करोड़ों रुपये उड़ाए जाते थे, लेकिन राज्य के विकास के लिए एक पैसा भी नहीं लगता था। इन नेताओं की लग्जरी ट्रिप्स, परिवार के साथ शॉपिंग और मौज-मस्ती पर जनता का मेहनत का पैसा लुटाया जाता था, जबकि पंजाब के किसान, नौजवान और आम आदमी गरीबी, बेरोजगारी और कर्ज के बोझ तले दबे रहते थे।  ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि आज भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस काले दौर को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जहां हर फैसला जनता के हित में लिया जाता है और पारदर्शिता सबसे ऊपर है। अब विदेश यात्राओं का एकमात्र मकसद पंजाब में निवेश लाना, फैक्ट्रियां लगाना और लाखों नौकरियां पैदा करना है, ताकि राज्य आर्थिक रूप से मजबूत बने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो। यह बदलाव न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि पंजाब की जनता के लिए एक नई उम्मीद की किरण है, जहां भ्रष्टाचार की जगह ईमानदारी और विकास ने ले ली है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों जापान और दक्षिण कोरिया के 10 दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे पंजाब को निवेश का हब बनाने के लिए रोडशो और उच्च-स्तरीय बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान ही जापानी कंपनी टोप्पन स्पेशलिटी फिल्म्स ने पंजाब में 400 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है, जो राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। टोक्यो और ओसाका में रोड शो के दौरान भगवंत मान ने जापानी उद्योगपतियों को बताया कि पंजाब अब निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और लाभदायक जगह है, जहां सरकारी नीतियां सरल हैं और बुनियादी ढांचा मजबूत है। आप सरकार की यह रणनीति पंजाब को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि अब जरा पुराने मुख्यमंत्रियों को याद कीजिए, जैसे सुखबीर सिंह बादल, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते विदेश यात्राओं का बहाना बनाकर दुबई, लंदन और दक्षिण अफ्रीका जैसी जगहों पर सरकारी पैसे से मौज की। इन ट्रिप्स पर लाखों रुपये खर्च होते थे, जिसमें पॉकेट मनी तक शामिल होती थी, लेकिन लौटकर आते तो हाथ खाली रहते और सूटकेस परिवार के लिए ब्रांडेड कपड़े-जूते से भरे होते थे। एक बार तो दक्षिण अफ्रीका जाने के बहाने दुबई में रुककर परिवार के साथ शॉपिंग की गई और पूरा बिल पंजाब की जनता के टैक्स से चुकाया गया। लंदन ओलंपिक्स देखने के नाम पर भी सरकारी खजाने से लाखों उड़ाए गए, जबकि पंजाब में किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी बढ़ रही थी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी भी भ्रष्टाचार में पीछे नहीं थे, जिन्होंने 2022 में चुनाव हारने के बाद जैसे ही ईडी की जांच उनके करीब पहुंची, फौरन कनाडा और अमेरिका भाग गए। महीनों तक वे वहां रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ रहकर मौज करते रहे, जबकि पंजाब में उनके भतीजे भूपिंदर सिंह हनी से 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी, जिसमें 8 करोड़ उनके रिश्तेदार से ही मिले। अवैध रेत खनन मामले में ईडी ने छापे मारे, लेकिन चन्नी जांच से बचने के लिए विदेश में छिपे रहे और पंजाब की जनता को उनके भ्रष्टाचार की सजा भुगतनी पड़ी। सरकारी पैसों से विदेशी टूर करना और जांच आते ही फरार हो जाना कांग्रेस की पुरानी आदत है, जहां नेता अपनी जिम्मेदारी से भागते हैं और राज्य को अराजकता में छोड़ देते हैं। चन्नी ने खुद को आम आदमी बताकर सत्ता हासिल की, लेकिन ईडी की छापेमारी ने उनकी असली छवि उजागर कर दी, जहां करोड़ों का काला धन परिवार के लिए जमा किया गया था। ऐसे नेताओं ने पंजाब को विकास से दूर रखा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि इन सबके विपरीत भगवंत मान विदेश इसलिए जा रहे हैं ताकि पंजाब में फैक्ट्रियां लगें, नौजवान नौकरियां पाएं और गांव-गांव में तरक्की आए। उनकी हर यात्रा का पूरा हिसाब जनता के सामने है, जहां कोई परिवार साथ नहीं जाता, कोई शॉपिंग या मौज-मस्ती नहीं होती – सिर्फ और सिर्फ पंजाब के आर्थिक उत्थान पर फोकस रहता है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा जैसे अधिकारियों के साथ यह डेलीगेशन निवेशकों से सीधे बात करता है, और परिणाम भी दिखते हैं जैसे टोप्पन कंपनी का निवेश। आप सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है, जहां विदेश यात्राएं विकास का माध्यम बनी हैं, न कि निजी सुख का। यह पारदर्शिता पंजाब की जनता को विश्वास देती है कि उनका पैसा सही जगह लग रहा है, और राज्य अब देश का सबसे समृद्ध प्रदेश बनने की राह पर है। मान की यह पहल पूर्ववर्ती सरकारों के भ्रष्टाचार से मुक्ति का प्रतीक है।ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि आज पंजाब की जनता देख रही है कि असली मुख्यमंत्री कैसा होता है – जो जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब देता है और उसी पैसे से पंजाब को दुनिया का सबसे समृद्ध राज्य बनाने में जुटा रहता है। भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार का दौर अब इतिहास बन गया है, और पंजाब का सुनहरा दौर शुरू हो चुका है, जहां निवेश, रोजगार और समृद्धि हर घर पहुंचेगी।  

जहरीली हवा + कड़ाके की ठंड: दिल्ली की सांसें थमीं, AQI फिर खतरे के स्तर पर

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड के कहर के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी जारी है। बीता दिन शनिवार (6 दिसंबर) भी दिल्लीवासियों के लिए बेहद प्रदूषित रहा जहां 24 घंटे का औसत AQI 330 दर्ज किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी पिछले डेढ़ महीने से ज़हरीली हवा की गिरफ़्त से बाहर नहीं निकल पाई है। CPCB के समीर ऐप के अनुसार दिल्ली के 40 में से 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ। मुंडका में AQI 387 और नेहरू नगर में 369 तक पहुंच गया। शनिवार सुबह 9 बजे तक भी औसत AQI 335 बना रहा। शनिवार शाम को दिल्ली-NCR की हवा में PM10 का स्तर 275.7 और PM2.5 का स्तर 157.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो मानक से करीब तीन गुना ज़्यादा है। 14 अक्टूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 200 से नीचे आया हो। अगले 3-4 दिन सुधार के आसार नहीं वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक AQI इसी खराब स्तर के आसपास बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक रविवार सुबह हल्की धुंध का अनुमान है और आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सरकारी एजेंसियों का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के लिए बारिश या तेज़ हवा ही चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसी किसी मौसमी गतिविधि की संभावना कम है। सेहत पर बढ़ता सीधा खतरा राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। सबसे अधिक समस्या अस्थमा मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। लोगों में आंखों में जलन, संक्रमण, गले में खराश, खांसी और दर्द की शिकायत बढ़ रही है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है और लोगों में थकान, घबराहट, सिरदर्द जैसे लक्षण भी बढ़े हैं। ठंड का सितम भी जारी प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली के लोगों को ठंड का सितम भी झेलना पड़ रहा है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है जबकि अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पहाड़ों में बर्फबारी जारी रहने के कारण इसका असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने शहर की सिहरन और बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर के लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है।  

संविधान से सम्मान तक: नागरिक अधिकारों पर कुमारी सैलजा ने किया डॉ. अंबेडकर को नमन

नरवाना अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने धमतान साहिब नरवाना जिला जींद में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 649 वें जन्मोत्सव को समर्पित कार्यक्रम में पहुंचकर उन्हें नमन किया और मंच से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गुरु रविदास जी द्वारा दिए गए समानता, न्याय और मानवीय मूल्यों के संदेश को साझा किया। साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करते हुए संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन: दोहराया। सांसद कुमारी सैलजा ने गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूप माथा टेक कर नमन किया।  कुमारी सैलजा ने कहा कि धमतान साहिब गुरु तेग बहादुर जी की पावन तपोभूमि रही है जहां वे तीन बार पधारे और यहां के विभिन्न स्थलों पर अपनी अनंत कृपा दृष्टि बरसाई। उन्होंने कहा कि धमतान साहिब में जो ऐतिहासिक कुआं स्थित है, वह उन्हीं के समय में बनाया गया था। इसी पवित्र भूमि पर गुरु साहिब ने अपनी कर कमलों से गुरु घर की नींव रखी थी। जो आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सांसद ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करते हुए संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुन: दोहराया। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का हर व्यक्ति चाहे वह किसी भी जाति धर्म का हो पर उसको मिले अधिकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की ही देन है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना हर व्यक्ति का दायित्व है। इस दौरान रघुबीर सिंह नैैन (बिनैन खाप प्रधान) सतबीर सिंह दबलैन (पूर्व प्रत्याशी नरवाना), रविदास सभा के प्रधान जोधाराम, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी संदीप लौट, पूर्व विधायक राजरानी पूनम, धोला नैन, संजीव धमतान, महावीर सिंह, बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला, जगरूप सिंह सुरजेवाला, आशुतोष शर्मा, सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। नेहरू को बदनाम करना आज की सत्ता का मुख्य मकसद सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से रूस और यूएसएसआर के साथ अच्छे रिश्ते रहे, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय भी अच्छे रिश्ते रहे। ये बात अलग है कि ये सरकार नेहरू को हर बात में गलत साबित करना चाहती है। इसमें कोई शक नहीं है कि जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करना आज की सत्ता का मुख्य मकसद है। वह उन्हें (नेहरू को) सिर्फ इतिहास से मिटाना नहीं चाहती, बल्कि उनकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक आधारों भी को कमजोर करना चाहती है, जिन पर देश खड़ा हुआ। हम चाहेंगे कि भारत और रूस के साथ हमारी दोस्ती और भी आगे बढ़े।

बैंक कर्मियों से लाखों की लूट, तलाश में जुटी पुलिस

  दुर्ग  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। कुम्हारी के कपसदा में एटीएम में पैसे जमा करने जा रहे एजेंसी के दो कर्मियों से 14 लाख से अधिक रुपये की लूट हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। यह घटना शनिवार रात की है। मिली जानकारी के अनुसार, एजेंसी के दो कर्मचारी देर रात कैश लेकर एटीएम में जमा करने जा रहे थे। ग्राम कपसदा में गोयल स्कूल के पास रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच यह घटना हुई। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम एटीएम में कैश डालने के लिए वह एजेंसी के कर्मचारी गाड़ी से जा रहा था। तभी रास्ते में बाइक सवार दो युवक गिरते हुए दिखाई दिए। जैसे ही वह उन्हें उठाने के लिए गाड़ी से उतरा, तभी बदमाशों ने मौका पाकर गाड़ी में रखे कैश वाले बैग से 14 लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए और फरार हो गए। जिसके बाद इस घटना की सूचना कर्मियों ने तुरंत कुम्हारी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखते हुए इलाके के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदीकी और फरार आरोपियों की तलाश शुरू की। लेकिन अब तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है। फिलहाल, पुलिस मामले में जांच कर रही है और घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

झंडा दिवस कोष में जमा हुए 18 लाख, राज्यपाल ने कलेक्टर को किया सम्मानित

रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में इस वर्ष प्रदेश में सर्वाधिक 18 लाख रुपए के धन संग्रहण के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को सम्मानित किया. रायपुर जिले की इस उपलब्धि से सैन्य कर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण हेतु जनसहभागिता को और मजबूती मिलेगी. बता दें कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस या झंडा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के जवानों का आभार प्रकट करते हुए सेना के लिए धनराशि एकत्र करना है, जिसकी जरूरत आजादी के बाद ही भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों और सेना के कल्याण हेतु लगी. इस दिवस पर धन संग्रह के तीन मुख्य उद्देश्य होते हैं. पहले युद्ध के समय हुई जनहानि में सहयोग, दूसरा सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण और सहयोग हेतु और तीसरा सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवार के कल्याण के लिए. इस दिवस पर धन-संग्रह सशस्त्र सेना के प्रतीक चिन्ह झंडे को बाँट कर किया जाता है. इस झंडे में तीन रंग (लाल, गहरा नीला और हल्का नीला) तीनों सेनाओं को प्रदर्शित करते हैं.

प्रदेश में विजन 2047 को साकार करने के लिए 98 लाख सुझावों पर आधारित 12 सेक्टरों वाला विजन डॉक्यूमेंट हो रहा तैयारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहाः 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा जब राज्य समान गति व संकल्प से बढ़ेगा आगे नई दिल्ली,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत के विजन 2047 को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे अहम है। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक निजी समाचार पत्र के कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को वर्ष 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा हो सकता है जब देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य समान गति और संकल्प के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक विमर्श और जनभागीदारी के आधार पर राज्य का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है जिसमें जनप्रतिनिधियों तथा जनता दोनों के सुझाव शामिल किए गए हैं। जनता की भागीदारी का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश को अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी। इसके लिए विधानसभा में 27 घंटे तक लगातार चर्चा कराई गई, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जनता से भी व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे गए और अब तक 98 लाख विचार प्राप्त हुए। इन सुझावों को आधार बनाकर राज्य के 12 प्रमुख सेक्टरों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और राज्य की वर्तमान प्रगति इस दिशा में उत्साहजनक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश 'विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश' और 'आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को पूरा करेगा। उत्तर प्रदेश ने नकारात्मक धारणा को पीछे छोड़ा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक दौर में कई उद्यमी उत्तर प्रदेश लौटने से हिचकिचाते थे और राज्य के प्रति नकारात्मक धारणा रखते थे। योगी ने कहा कि उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि नया उत्तर प्रदेश उन्हें अवश्य दिखाई देगा। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप रोड शो में ढाई लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए और पहले इन्वेस्टर समिट में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग चार लाख पचहत्तर हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 के तीसरे इन्वेस्टर समिट में उत्तर प्रदेश को कुल 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को अब तक कुल 45 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं जिनमें से 15 लाख करोड़ की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और उनमें उत्पादन शुरू हो चुका है। अगली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी किया जिक्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के अगले संस्करण का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी ग्राउंड ब्रेकिंग के अगले संस्करण के आयोजन की तिथि तय की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेश के क्षेत्र में यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के लिए एक नया मील का पत्थर है और डबल इंजन सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है जो अब सभी को प्रत्यक्ष दिख रहा है।