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जनता पूछेगी तो जवाब देना होगा: CM मान ने ECI की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

चंडीगढ़ आज देश में चुनावों को लेकर एक अजीब-सी बेचैनी फैली हुई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं, और अपने मन का संदेह खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है—जब जनता, जो लोकतंत्र की असली मालिक है, अपने ही चुनावी सिस्टम पर भरोसा खोने लगे, तो समझ जाइए कि समस्या बहुत गहरी है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर पैदा हुए संदेहों के बीच उन्होंने वह बात कही, जो करोड़ों भारतीयों के मन की आवाज़ थी—“सबूत जनता क्यों दे? जवाब तो चुनाव आयोग को देना चाहिए।” यह बात सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र की असली आत्मा की रक्षा करने वाला एक साहसिक संदेश था। जब जनता सवाल उठाती है, तो वह देश को कमजोर नहीं करती—वह लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। CM मान ने साफ कहा कि अगर वोटर चिंतित हैं, अगर प्रक्रिया पर शक है, तो इसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। जनता से सवाल पूछने के बजाय, उसका सम्मान किया जाए। क्योंकि लोकतंत्र जनता से ही चलता है, और जनता के भरोसे पर ही टिकता है। इस दौर में, जब कई नेता जनभावनाओं से जुड़ने से बचते हैं, CM मान का यह बयान लोगों के मन को छू गया। उन्होंने उन्हीं शब्दों में बात की, जिनमें आम आदमी सोचता है। यही कारण है कि उनका संदेश सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गूंज उठा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव किसी पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि जनता का पवित्र अधिकार है और जब इस अधिकार पर सवाल उठते हैं, तो चुप्पी समाधान नहीं — पारदर्शिता समाधान है। CM भगवंत मान का यह बयान —एक ऐसा सच है, जिसे कहने की हिम्मत बहुत कम नेताओं में होती है। CM मान ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया लोगों को भरोसा दे, डर नहीं। यह बात सुनकर हर वह नागरिक राहत महसूस करता है जो अपने वोट को अपनी आवाज़ समझता है। ऐसे समय में, जब लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बेचैन थे, CM मान की आवाज़ एक भरोसा बनकर उभरी। उन्होंने न जनता को दोषी ठहराया, न सवाल पूछने वालों को दबाया, बल्कि यह कहा कि सवाल उठाना जनता का हक है, और जवाब देना संस्था का कर्तव्य। ऐसे ही नेताओं से लोकतंत्र मजबूत होता है—जो जनता की चिंता को समझते हैं और सच बोलने से नहीं डरते। भगवंत मान ने साबित कर दिया कि पंजाब सिर्फ बहादुरों की धरती नहीं, बल्कि सच्चाई बोलने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने वालों की धरती है। CM मान का यह बयान सिर्फ पंजाब की आवाज नहीं, पूरे भारत की आवाज है।यह याद दिलाता है कि अभी भी इस देश में ऐसे नेता हैं जो कुर्सी से नहीं, जनता के भरोसे से अपनी ताकत लेते हैं।

एविएशन सेक्टर में अलर्ट: प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों पर GPS छेड़छाड़ की घटनाओं का खुलासा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन एयरपोर्ट्स में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, अमृतसर, बेंगलुरु और चेन्नई शामिल हैं। सरकार ने बताया कि यह वही समस्या है जिसमें सेटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम बाधित हो जाता है और इसका असर सीधे उड़ान संचालन पर पड़ सकता है। नवंबर 2023 में DGCA ने सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को ऐसे मामलों की कंपलसरी रिपोर्टिंग के निर्देश दिए थे। इसके बाद से देशभर से लगातार घटनाओं की रिपोर्ट मिल रही हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि जब भी सैटेलाइट नेविगेशन में दिक्कत आती है, तब भारत में मौजूद न्यूनतम ऑपरेटिंग नेटवर्क जो जमीन आधारित पारंपरिक नेविगेशन और सर्विलांस सिस्टम पर चलता है उड़ानों को सुरक्षित रूप से संचालित करने में सक्षम है। उन्होंने संसद को आश्वस्त किया कि सभी बड़े एयरपोर्ट्स इन घटनाओं को नियमित रूप से दर्ज कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस क्या है? GPS स्पूफिंग एक तरह का साइबर हमला है, जिसमें हमलावर नकली सैटेलाइट सिग्नल भेजते हैं। इससे विमान या किसी भी GPS-आधारित उपकरण को गलत लोकेशन या डेटा प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में विमान के नेविगेशन सिस्टम को गलत पोजिशन, गलत अलर्ट या गलत टेरेन वार्निंग मिल सकती हैं, जिससे विमान अपनी असली दिशा से भटक सकता है। हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट के पास कई उड़ानों को 60 नॉटिकल मील तक गलत लोकेशन डेटा मिला। इस कारण कुछ विमानों को एहतियातन नज़दीकी एयरपोर्ट जैसे जयपुर या लखनऊ की ओर डायवर्ट करना पड़ा।   एयरपोर्ट के आसपास GPS और GNSS खतरें एयरपोर्ट के पास GPS स्पूफिंग या GNSS इंटरफेरेंस के कारण नेविगेशन, एयरस्पेस सुरक्षा और पायलट के वर्कलोड पर गंभीर असर पड़ सकता है। आधुनिक विमान इन सिस्टम्स पर काफी हद तक निर्भर हैं। GPS या GNSS सिग्नल में गड़बड़ी से विमान की पोजीशन, ऊंचाई और स्पीड में गलतियां हो सकती हैं, जिससे विमान निर्धारित रूट से भटक सकता है या संवेदनशील इलाके में प्रवेश कर सकता है। रनवे अवेयरनेस, टेरेन वार्निंग और ऑटोपायलट जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम GPS पर निर्भर हैं। स्पूफिंग की स्थिति में ये सिस्टम गलत अलर्ट दे सकते हैं या पूरी तरह फेल हो सकते हैं, जिससे रनवे या बाधा से टकराने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर एयरपोर्ट के पास यह खतरा और भी अधिक होता है, क्योंकि लैंडिंग और अप्रोच के दौरान विमान जमीन के बेहद करीब होता है। गलत पोजिशन डेटा से रनवे मिसअलाइनमेंट, ग्लाइड पाथ में गड़बड़ी या गो-अराउंड जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, एक ही इलाके में कई विमानों के GPS डेटा में गड़बड़ी से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के लिए सही लोकेशन समझना मुश्किल हो जाता है। इससे विमानों के बीच सेपरेशन कम हो सकता है और पायलट एवं ATC दोनों पर वर्कलोड बढ़ जाता है। सरकार ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास GNSS का समुचित संरक्षण और विभिन्न रेडंडेंसी सिस्टम्स का इस्तेमाल आवश्यक है ताकि इन खतरनाक परिस्थितियों से बचा जा सके और हवाई यात्रा सुरक्षित बनी रहे।   

भारत ही नहीं, दुनिया को दिशा देती है गीता : नायब सिंह सैनी का संबोधन

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को धर्मक्षेत्र–कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में भव्य और ऐतिहासिक वैश्विक गीता पाठ आयोजित किया गया। इस सामूहिक पाठ में 21 हजार बच्चों ने एक स्वर में गीता के श्लोकों का उच्चारण कर वह दिव्य दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे वातावरण को ज्ञान, भक्ति और अध्यात्म से सराबोर कर दिया। इस अभूतपूर्व सहभागिता ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भारतीय अवधारणा को साकार रूप दिया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में वैश्विक गीता पाठ में भाग लेने वाले स्कूली छात्रों के लिए मंगलवार को विशेष अवकाश की भी घोषणा की। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी एवं गीता जयंती के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री कृष्ण से नागरिकों के जीवन को ज्ञान के आलोक से आलोकित करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इसी शुभ तिथि पर 5163 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को श्रीमद्भगवद् गीता का दिव्य उपदेश दिया, जिसका संदेश आज भी संपूर्ण मानवता के लिए पथप्रदर्शक है। आज 21 हजार विद्यार्थियों द्वारा अष्टादशी श्लोकों के जाप से आकाश गूंज उठा है। यह गर्व की बात है कि आज भारत के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा अनेक देशों में भी एक साथ इन श्लोकों के स्वर गूंज रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता पाठ का महत्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक भी है। वेद, उपनिषद और गीता के मंत्रों के उच्चारण से उत्पन्न होने वाली सकारात्मक ध्वनि तरंगें मन और मस्तिष्क को शांति प्रदान करती हैं, विचारों में नैतिकता लाती हैं और व्यक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गीता महोत्सव बन चुका है अंतर्राष्ट्रीय उत्सव, कई देश कर रहे सहभागिता मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही प्रेरणा से हम गीता जयंती समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाते हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में अमेरिका की अपनी प्रथम यात्रा के दौरान 19 सितम्बर, 2014 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को महादेव देसाई द्वारा लिखित पुस्तक "The Gita According to Gandhi" भेंट की। इस अद्भुत पहल से प्रेरित होकर हम वार्षिक गीता जयंती समारोह को वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने लगे हैं। इसमें कई देशों के प्रतिभागी और लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए और महाभारत थीम आधारित अनुभव केंद्र का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने 28 नवंबर को कर्नाटक के उडुपी में भी इस अनुभव केंद्र का उल्लेख करते हुए देशवासियों से इसे देखने का आग्रह किया। आज यह महोत्सव उनके मार्गदर्शन में विश्वव्यापी स्वरूप ले चुका है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर करता है अग्रसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गीता के अलावा योग को भी पूरे संसार में फैलाने का काम किया है। उन्हीं के प्रयासों से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, क्रोध और अनिश्चितता जैसी कई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए गीता हमें जीवन के हर उतार-चढ़ाव में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन गीता का पाठ करने वाला व्यक्ति काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार से ऊपर उठ जाता है। गीता का प्रत्येक श्लोक ज्ञान का दीप है और प्रत्येक अध्याय जीवन का मार्गदर्शक। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर अग्रसर करता है और समाज में अनुशासन व संतुलन स्थापित करता है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस सिद्धांत को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में अनुशासन, समरसता और संतुलन स्वतः स्थापित हो जाएगा। गीता का संदेश कालातीत, यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत नायब सिंह सैनी ने कहा कि गीता का हर श्लोक हमें जीवन जीने की नई प्रेरणा देता है। गीता केवल अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण जी के बीच का संवाद ही नहीं है, यह हमारे हर प्रश्न का समाधान करती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस भी घर में गीता का नियमित रूप से पाठ होता है, वहां पर कभी किसी तरह की कोई नेगेटिव एनर्जी नहीं आ सकती। गीता हमें सिखाती है कि सुख-दुःख, सफलता असफलता, लाभ-हानि जीवन का हिस्सा हैं। इनसे विचलित हुए बिना हमें समभाव बनाए रखना चाहिए। यदि हर व्यक्ति इस शिक्षा को अपने जीवन में उतारे, तो आपसी संघर्ष और तनाव कम होगा। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश कालातीत है—यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति गीता के उपदेशों को अपनाए, तो कुरीतियाँ, असमानताएँ और संघर्ष स्वतः समाप्त हो जाएंगे और एक आदर्श समाज की स्थापना होगी। गीता के इस संदेश को अपनाकर हम एक दूसरे के साथ बेहतर संबंध स्थापित कर सकते हैं और समाज में समरसता ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थिजन को गीता के ज्ञान को समझकर अपने जीवन में अपनाने और इसे दूसरों तक पहुंचाने का संकल्प दिलवाया।

शिक्षा विभाग में बड़ा फंड घोटाला: 59.28 लाख के गबन पर अधिकारियों पर केस दर्ज

नूंह नूंह जिले के पुन्हाना क्षेत्र के गांव सिंगार स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लंबे समय से चल रहे बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। बिछोर थाना पुलिस ने स्कूल के तत्कालीन डीडीओ और मैसेंजर की कथित मिलीभगत से कर्मचारियों के यूनिक कोड का उपयोग कर 59 लाख 28 हजार से अधिक रुपये के गबन का मामला दर्ज किया है। इस गबन की शिकायत गणित अध्यापक हामिद हुसैन ने दर्ज कराई, जो 2009 से सितंबर 2017 तक सिंगार स्कूल में तैनात रहे थे। ट्रांसफर के बाद उन्होंने किसी प्रकार का एरियर, एलटीसी या भत्ता नहीं लिया था। लेकिन 2018 में सैलरी स्लिप निकालने पर उन्होंने पाया कि उनके यूनिक कोड का दुरुपयोग करते हुए मार्च 2018 में दो बार खाते का नाम और नंबर बदलकर 2.20 लाख रुपये एरियर और 16,500 रुपये शिक्षा भत्ता निकाल लिया गया था। जून 2016 का मामला इसी तरह जून 2016 में उनकी 2016-19 की एलटीसी राशि 49,140 रुपये भी बिना आवेदन के मैसेंजर वाहिद अहमद के खाते में भेज दी गई। जांच की मांग पर डीडीओ मोहम्मद अली और मैसेंजर ने केवल 25 रुपये की फर्जी रसीद दिखाई। बाद में दबाव बढ़ने पर वाहिद ने नकद 49 हजार रुपये लौटाए और नया चालान बनाने की बात कही। शिकायत में आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने अन्य कर्मचारियों के यूनिक कोड से भी फर्जी बिल पास कर लाखों रुपये हड़पे। हामिद ने 2018 में ही इस धोखाधड़ी की शिकायत प्रिंसिपल से लेकर निदेशालय तक की थी। केस दर्ज एएसपी आयुष यादव के अनुसार, बिछोर पुलिस ने मोहम्मद अली (तत्कालीन DDO), वाहिद अहमद (मैसेंजर) और एसएस मास्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मुख्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। शिकायतकर्ता ने 2016–19 के सभी वित्तीय रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच की मांग भी की है।

राज्यपाल डेका से भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पुलिस को आमजनता से मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ बर्ताव करना चाहिए। पुलिस की छवि, थाने में  शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों से किए गए व्यवहार से बनती है। पुलिस अधिकारियों को थाने में आए पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए तत्पर होना चाहिए। राज्यपाल डेका ने आज राजभवन में भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों से उक्त बातें कही।         भेंट के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंद्रखुरी रायपुर के निदेशक अजय कुमार यादव, अकादमी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला भी उपस्थित थे।  परीवीक्षाधीन आइपीएस अधिकारियों  आदित्य कुमार, अंशिका जैन,  बनसोडे प्रतीक दादासाहेब और  साकोरे मानसी नानाभाऊ ने राज्यपाल से भेंट की।  

कल होगी भारी किसान रैली — हर पहलू पर एक नज़र

चंडीगढ़  स्थानीय डी.सी. दफ्तर के समक्ष भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा बाढ़ पीड़ित किसानों को गेहूं का बीज बांटकर लौटते सड़क हादसे में जान गंवाने वाले किसान नेता हरजीत सिंह कोटकपूरा के परिवार और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के लिए मुआवजे की मांगों के लिए चल रहे अनिश्चित समय के धरने में सरकार द्वारा अपनाई टालमटोल और अनदेखी की नीति के खिलाफ सख्त एक्शन का ऐलान किया गया है। यह जानकारी देते हुए किसान नेताओं हरबंस सिंह कोटली, गुरभगत सिंह भलाईआना और नत्था सिंह रोड़ी कपूरा ने बताया कि किसानों की मुआवजे की जायज मांगों प्रति सरकार द्वारा अपनाए गए मैं ना मानूं वाले किसान विरोधी रवैये का सख्त नोटिस लेते हुए राज्य कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार 2 दिसम्बर को डी.सी. दफ्तर के सामने मालवा के 6 जिलों (मोगा, बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, फरीदकोट) और स्थानीय जिले के किसान बड़ा रोष प्रदर्शन करेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के बहरे कानों तक आवाज पहुंचाने और मृतक किसान नेता हरजीत सिंह के परिवार को 10 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पूरा कर्ज माफ और गंभीर घायल बलवंत सिंह नंगल के इलाज का सरकारी खर्चे पर इलाज की मांगों की प्राप्ति के लिए विशाल रोष प्रदर्शन में हजारों किसान शामिल होंगे। डी.सी. दफ्तर के गेट सामने रोष प्रदर्शन करते किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि कल होने वाले इस बड़े रोष प्रदर्शन के लिए गांवों में किसानों की लामबंदी की जा रही है। इस मौके निर्मल सिंह, शेरजंग सिंह खारा, बिक्कर सिंह भलाईआना, अजैब सिंह मल्लण, जगसीर सिंह घाली, जोगिंदर सिंह बुट्टर शरींह, हरभगवान सिंह रोड़ीकपूरा और गुरप्रीत सिंह बिट्टू मल्लण समेत अनेक किसान नेता मौजूद थे। 

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी! झारखंड में इस बार पड़ेगी सबसे सख़्त सर्दी

रांची   दिसंबर महीने की शुरूआत हो चुकी है। महीने के पहले दिन ही ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिन में भी कड़ाके की ठंड महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अब दिन-प्रतिदिन सर्दी का सितम बढ़ेगा। दिन में आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले 12 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि होगी। इसके बाद तापमान में गिरावट आने लगेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, कल यानी मंगलवार के बाद से राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय कोहरा या धुंध छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही दिन में आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं। वहीं 03 दिसंबर से 06 दिसंबर तक सुबह में कोहरा या धुंध बनी रहेगी, लेकिन बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। पारा के साथ ओस गिरने की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड के मौसम में आज से लेकर अगले 5 दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह के वक्त धुंध छाया रहेगा और दिन के समय मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान बादल छाये रहेंगे। हालांकि आज यानी रविवार को पारा के साथ ओस गिरने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।  

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4239 रुपए जारी

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए  1 दिसंबर को 4239 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।

CM डॉ. मोहन का संदेश—गीता से सीखें लाइफ बैलेंस, हर बच्चे तक पहुंचे धर्मग्रंथ की सीख

भोपाल/उज्जैन 'भक्ति योग-ज्ञान योग-कर्म योग, इन सबका सार गीता में मिलता है। हर स्कूल के बस्ते में-हर बच्चे के साथ गीता होनी चाहिए। लाइफ बैलेंस करने के लिए गीता की शिक्षा महत्वपूर्ण है। जितना प्रैक्टिकल ज्ञान गीता देती है, उतना कोई नहीं देता। गीता बताती है कि हमारे कर्म हमारे साथ होते हैं। गीता हमें अपने कर्मों और आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करने का रास्ता दिखाती है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 1 दिसंबर को उज्जैन में कही। सीएम डॉ. यादव दशहरा मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (Bhagavad Gita at International Geeta Mahotsav) में सहभागिता कर रहे थे। इस कार्यक्रम में साधु-संतों के साथ-साथ बच्चे और बूढ़े भी शामिल थे। सभी ने एक साथ गीता पाठ भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रदेश को गीता भवन की सौगात भी मिलेगी।   गीता हमारा पवित्र ग्रंथ- CM मोहन यादव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गीता हमारा पवित्र ग्रंथ है। इसमें सबकुछ है। इससे बड़ा कोई ग्रंथ नहीं। मध्यप्रदेश सरकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मना रही है, इसके लिए सभी को शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2020 में शिक्षा नीति का संशोधन किया गया। इस संशोधन के बाद हमें गर्व है कि हमने गीता को पाठ्यक्रम में महत्ता दी है। हमारी सरकार ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं को भी महत्ता दी है। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों से सीखने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हमें धर्म के माध्यम से जीवन के मर्म को समझने का मौका मिलता है। हम किसी की बुराई नहीं कर रहे, किसी के प्रति हमारा गलत भाव नहीं है, लेकिन सच्चाई का पता लगाने का तो भाव होना चाहिए। एकता-प्रेम की प्रेरणा सीएम डॉ. यादव ने कहा कि 5 हजार साल पहले कंस को मारने के बाद भगवान श्री कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैयनी की तरफ कदम बढ़ाए। वे उस सांदीपनि आश्रम आए, जहां अमीर-गरीब सबके लिए दरवाजे खुले थे। सबको समान रूप से शिक्षा मिलती थी। इस आश्रम में एक ओर भगवान कृष्ण-शिक्षा पा रहे थे, तो दूसरी ओर सुदामा भी पढ़ाई कर रहे थे। इस तरह भगवान कृष्ण ने हमें एकता और प्रेम की प्रेरणा दी। भगवान कृष्ण के माता-पिता ने कई प्रकार के कष्ट सहे, उसी तरह भगवान ने भी संकट झेले। लेकिन, इन कष्टों में भी उन्होंने संघर्ष किया और हर जगह विजय पताका फहराई। कष्टों में मुस्कुराना और कालिया नाग के ऊपर नृत्य भगवान श्री कृष्ण ही कर सकते हैं। कुर्सी के बजाए शिक्षा को महत्व प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने कहा कि कंस को मारने के बाद कुर्सी के बजाए शिक्षा को महत्व देना, यह हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ सबके लिए सबक है। सांदीपनि आश्रम ने भगवान श्री कृष्ण को सिखाया कि चुनौतियों के बीच मुस्कुराना कैसे है, कर्तव्य के पथ से कर्म की तरफ कैसे जाते हैं। जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु भी होगी। इंसान को सदैव धर्म मार्ग पर चलना चाहिए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के माध्यम से दुनिया ने भारत का पराक्रम देखा है।  

सफलता की कहानी: निर्मला की धान बिक्री बनी बेटी के भविष्य की नई उम्मीद

रायपुर  निर्मला कहती हैं, इस साल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पहले से बेहतर है। तौल सटीक है लाइन नहीं लगानी पड रही है, भीड़ भी नहीं होती। किसानों को इंतजार नहीं करना पड़ता, स्टाफ सहयोगी है। व्यवस्था साफ और सुचारू रूप से संचालित है। किसानों को सम्मान मिल रहा है। यह बदलाव उनके लिए राहत जैसा है। उन्होंने कहा कि इसी से बेटी की पढ़ाई पूरी हुई। उनकी बेटी इंजीनियरिंग कर चुकी है और अब UPSC की तैयारी कर रही है। आमदनी नहीं, बल्कि सरकार पर है भरोसा           ग्राम अछोटा की किसान निर्मला देवांगन सुबह-सुबह 60 क्विंटल धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचीं। चेहरे पर सुकून था। मन में अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें थीं। धान बेचकर मिलने वाली राशि उनके लिए सिर्फ आमदनी नहीं, बल्कि एक भरोसा है। इसी से वे घर का खर्च चलाती हैं। ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप से समय और मेहनत दोनों की होती है बचत          सरकार ने खरीदी की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उपार्जन केंद्रों में परछाई, पीने का पानी, तौल व्यवस्था और सुरक्षा की पूरी तैयारी है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ी राहत ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप से मिली है। अब किसानों को घर बैठे टोकन मिल जाता है। समय तय होता है, भीड़ नहीं होती। समय और मेहनत दोनों बचते हैं। महिला किसानों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हुई है। किसान परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाली है व्यवस्था         निर्मला देवांगन जैसे हजारों किसान इस व्यवस्था का लाभ ले रहे हैं। उनकी मेहनत सुरक्षित दाम पर बिक रही है। परिवार के सपने मजबूत हो रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की जरूरतें पूरी हो रही हैं। धान खरीदी सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं। यह किसान परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाली व्यवस्था है। अछोटा जैसी जगहों में यह व्यवस्था बदलाव की कहानी लिख रही है। निर्मला की मुस्कान उसी बदलाव का प्रमाण है।