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राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का शुभारंभ 18 नवंबर को, करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 18 नवम्बर को करेंगे राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदशर्नी का शुभारंभ प्रदशर्नी में 31 प्रदेशों के 900 विद्यार्थी कर रहे हैं सहभागिता 23 नवम्बर तक होंगी विज्ञान पर केन्द्रित गतिविधियां भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में 18 नवम्बर मंगलवार को प्रात: 9:45 पर 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। शुभारंभ समारोह में जनजातीय कार्य मंत्री  कुंवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहेंगे। प्रदशर्नी  का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, श्यामला हिल्स, भोपाल में किया जा रहा है। प्रदर्शनी के आयोजन में स्कूल शिक्षा विभाग सहभागिता कर रहा है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षक विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट एवं मॉडल प्रदर्शित करेंगे। बच्चों में प्रोत्साहित की जायेगी विज्ञान के प्रति रूचि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना और वैज्ञानिक विचार विकसित करना है। इस कार्यक्रम में देश के समस्त प्रदेश एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के स्कूली विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओं जैसे आंचलिक विज्ञान केन्द्र, आईसर, मैनिट, आईसेक्ट एवं ग्लोबल स्किल पार्क के वैज्ञानिक सहभागी विद्यार्थियों के साथ वैज्ञानिक वार्ता में विशेष व्याख्यान देंगे। इसके बाद 30 मिनट विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तरी भी होगी। विज्ञान प्रदर्शनी का 2025-26 का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान प्रौद्योगिकी रखा गया है। प्रदशर्नी के दौरान मुख्य रूप से खाद्य, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, परिवहन एवं संचार, प्राकृति खेती, आपदा प्रबंधन, गणितीय मॉडलिंग और कंप्यूटेशनल थिंकिंग के साथ अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी। विज्ञान प्रदशर्नी में शाम को प्रतिदिन विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। विभिन्न राज्यों से आये विद्यार्थियों को राजधानी भोपाल के आसपास ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों, विज्ञान केन्द्र, शिल्प केन्द्र आदि का भ्रमण भी कराया जायेगा। प्रदशर्नी की विशेषताएं प्रदर्शनी में प्रतिदिन 2 हजार विद्यार्थी एवं नागरिक अवलोकन करने पहुंचेंगे। प्रदर्शनी में 240 साइंस मॉडल का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदशर्नी में प्रतिभागी विद्यालयों की संख्या 229 है। यह प्रदर्शनी देश के विभिन्न भागों के युवाओं एवं बच्चों को विज्ञान, गणित तथा पर्यावरण संबंधी मुद्दों के विभिन्न पहलुओं के विषय में जानकारी प्राप्त करने और एक-दूसरे के साथ अपनी विविध संस्कृतियों को साझा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी। भोपाल में 6 दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 23 नवम्बर को दोपहर 3:30 बजे होगा।  

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के साथ PM मोदी करेंगे किसानों को राशि का वितरण

धमतरी   छत्तीसगढ़ में बुधवार को धमतरी जिले में एक बड़ा राजनीतिक एवं प्रशासनिक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जहां केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी पहुंचेंगे। दोनों नेता एकलव्य खेल मैदान में आयोजित जनसभा में शामिल होंगे। इसी दिन कोयंबटूर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त जारी की जाएगी, जिसका सीधा प्रसारण धमतरी के सभा स्थल पर कराया जाएगा। कार्यक्रम के बाद चौहान जनसभा को संबोधित करेंगे और केंद्र की कृषि नीतियों, किसान हितैषी योजनाओं तथा छत्तीसगढ़ के लिए आगामी योजनाओं पर अपने विचार रखेंगे। धमतरी जिला प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी इस बड़े आयोजन की तैयारी में जुटे हैं। व्यवस्थाओं की समीक्षा लगातार की जा रही है। वहीं सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री के इस दौरे पर धमतरी जिले के लिए विशेष पैकेज की मांग भी रखी जा सकती है, जिससे जिले में कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में किसानों एवं ग्रामीण जनों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही हैग पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त को योजना से जुड़े देशभर के किसानों के खाते में 20वीं किस्त जारी कि गई थी। अब 3 महीने का समय में बीत चुका है। ऐसे में करोड़ों किसान 21वीं किस्त(PM Kisan 21th Installment) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि, केंद्र सरकार 19 नवंबर को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी करेगी। 21वीं किस्त का लाभ मध्यप्रदेश सहित देशभर के 9 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को मिलने वाला है। इस किस्त के लिए सरकार कुल 18 हजार करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित करेगी। पात्रता की मुख्य शर्तें     आवेदक मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी हो     वे किसान, जिनके पास कृषि योग्य भूमि हो     दो हेक्टेयर या उससे कम भूमि हो     आवेदक किसान के पास आधार कार्ड हो     बैंक अकाउंट होना भी अनिवार्य है     पीएम किसान के लिए फार्मर आइडी अनिवार्य  

मसूरी में IAS अफसरों की ट्रेनिंग, 39 कलेक्टरों का सिलेक्शन और प्रशासनिक तैयारियां

भोपाल  लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) मसूरी में मिड करियर ट्रेनिंग आयोजित करेगा। यह ट्रेनिंग 5 जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगी। इसमें 122 आईएएस अफसर शामिल होंगे। इसके साथ ही, इसमें एमपी के 39 कलेक्टरों समेत अन्य अधिकारियों को बुलाया गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र भेजकर रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है। हालांकि, प्रदेश के 39 कलेक्टरों को लेकर पेंच फंस गया है। क्या है कारण… चलिए बताते हैं। चुनाव आयोग के आदेशों से बनी परेशानी     इस ट्रेनिंग के दौरान चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों की वजह से 39 कलेक्टरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चुनाव आयोग ने SIR के कारण प्रशासनिक फेरबदल पर रोक लगा दी है।     इससे इन कलेक्टरों को ट्रेनिंग में शामिल होने की मंजूरी मिलने की संभावना कम हो गई है। इसलिए, इन 39 कलेक्टरों का मिड करियर ट्रेनिंग में शामिल होना अब मुश्किल नजर आ रहा है। प्रदेश के 39 कलेक्टरों का सिलेक्शन लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशिक्षण अकादमी मसूरी में मिड करियर ट्रेनिंग के लिए किया गया है इसमें उज्जैन संभागायुक्त के अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर, रीवा जैसे बड़े शहरों के कलेक्टर शामिल है इसके साथ ही मंत्रालय और अलग-अलग विभागों में विभाग प्रमुख के उप सचिव और सचिव के रूप में काम करने वाले आईएएस अधिकारियों को भी ट्रेनिंग के लिए सिलेक्ट किया गया है 24वें मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के शेड्यूल जारी करते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है पांच जनवरी 2026 से 30 जनवरी तक चलने वाले मिड करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के फेज थ्री के लिए 2010 बैच के अधिकारियों का चयन मामला दर मामला के आधार पर किया गया है जबकि 2016 बैच के अधिकारियों के लिए यह तीसरा और अंतिम अवसर है 2017 बैच के अफसरों के लिए दूसरा और वर्ष 2018 बैच के अफसरों के लिए पहला प्रशिक्षण अवसर है ये कलेक्टर ट्रेनिंग के लिए चयनित जिन कलेक्टरों का चयन ट्रेनिंग के लिए किया गया है उसमें भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, ग्वालियर कलेक्टर रूचिका चौहान, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल, बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, अलीराजपुर कलेक्टर कलेक्टर नीतू माथुर, खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता, बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह, उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह शामिल है साथ ही देवास कलेक्टर ऋतु राज, शाजापुर कलेक्टर रितु बाफना, आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव, मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग, नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, दतिया कलेक्टर स्वन्प्रिल जी वानखेड़े, मुरैना कलेक्टर लोकेश रामचंद्र जांगिड़, श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को ट्रेनिंग के लिए चुना गया है इसके अलावा रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल, सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी, सतना कलेक्टर सतीश कुमार एस, अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली, उमरिया कलेक्टर धरणेंद्र कुमार जैन, सागर कलेक्टर संदीप जी आर दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिडे सीहोर कलेक्टर बालागुरू के रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा राजगढ़ कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना हरदा कलेक्टर सिद्थार्थ जैन बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सोमवंशी नरिसंहरपुर कलेक्टर रजनी सिंह छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिवनी कलेक्टर शीतला पटले बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीना, और पांढ़ुर्णा कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ का भी चयन किया गया है 12 दिसंबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा इसमें कहा गया है कि ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए सिलेक्ट किए गए अधिकारियों का रजिस्ट्रेशन 12 दिसंबर तक ऑनलाइन कराने की कार्रवाई कराएं। साथ ही अधिकारियों से कहा गया है कि 19 दिसंबर तक प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए संबंधित अधिकारियों के नामांकन की स्वीकृति भेंजे सभी अफसरों को 4 जनवरी को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी के लिए भेजना सुनिश्चित करें इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए उन अधिकारियों का चयन किया गया है जो 31 दिसंबर 2029 के पहले सेवानिवृत्त नहीं हो रहे है भोपाल कलेक्टर, उज्जैन कमिश्नर को भी बुलाया मिड करियर ट्रेनिंग के लिए 2010 बैच के एमपी कैडर को दो आईएएस अधिकारी चुने गए है इनमें भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह शामिल है वीएस चौधरी कोलसानी रुचिका चौहान हरिजिंदर सिंह बी विजय दत्ता अनुग्रह पी चंद्रमौलि शुक्ला नीरज कुमार सिंह पंकज जैन अजय कटेसरिया निधि निवेदिता स्वरोचिष सोमवंशी प्रवीण सिंह अधयक अनुराग वर्मा प्रतिभा पाल फटिंग राहुल हरिदास राजीव रंजन मीना बक्की कार्तिकेयन अवधेश शर्मा कुमार पुरुषोत्तम सुभाष कुमार द्विवेदी धरणेंद्र कुमार जैन नरेंद्र कुमार सोमवंशी राजेश बाथम संतोष कुमार वर्मा अरूण कुमार परमार गिरीश कुमार मिश्रा शिवम वर्मा ,सोनिया मीना हर्ष दीक्षित रजनी सिंह प्रियंक मिश्रा मयंक अग्रवाल अनूप कुमार सिंह संतीष कुमार एस नीरज कुमार वशिष्ठ अमर बहादुर सिंह संदीप जीआर पवन कुमार जैन रिजु बाफना आशीष वशिष्ठ साकेत मालवीय शीतला पटले रिषव गुप्ता लोकेश रामचंद्र जांगिड़ अंकित अष्ठाना नेहा मीना अरुण कुमार विश्वकर्मा भव्या मित्तल क्षितिज सिंघल दीलीप कुमार कापसे बुध्देश कुमार वैद्य अभय कुमार बेडेकर सुधीर कुमार कोचर नीतू माथुर जमुना भिडे अंजू अरुण कुमार परीक्षित संजयराव झाड़े सौरभ संजय सोनवड़े भारसत योगेश तुकाराम राहुल नामदेव धोटे अंकिता धाकरे शेर सिंह मीना अभिलाष मिश्रा देंवेंद्र कुमार नागेंद्र गुरु प्रसाद कुमार सत्यम संजय कुमार जैन राखी सहाय हर्ष सिंह अदिति गर्ग हर्षल पंचोली रितु राज संस्कृति जैन मृणाल मीना पार्थ जायसवाल हिमांशु चंद्रा अर्पिता वर्मा बालागुरू के जे रीभा रौशन कुमार मनोज कुमार सरियाम हरेंद्र नारायण प्रीति यादव जयति सिंह सिध्दार्थ जैन अंशुल गुप्ता स्वन्प्रिल वानखेड़े संजना जैन जगदीश कुमार गोमे अनुराग सक्सेना प्रताप नारायण यादव संघमित्रा गौतम कीर्ति खुरासिया अजीजा सरसार जफर संपना पंकज सोलंकी आशीष सांगवान राजेश कुमार जैन सुचिस्मिता सक्सेना दिशा प्रणय नागवंशी गजेंद्र सिंह नागेश मलिका निगम नागर मंजूषा विक्रांत राय संघ प्रिय शिशिर गेमावत अभिषेक चौधरी तपस्या परिहार सिध्दार्थ जैन प्रथम कौशिक श्याम वीर अमन वैष्णव हरसिमरन प्रीत कौर अंजलि जोसेफ अक्षय कुमार तेम्रवाल रामप्रकाश अहिरवार अर्चना सोलंकी संदीप केरकट्टा अभय सिंह ओहरिया वंदना वर्मा रेखा राठौर नवीन कुमार ध्रुर्वे

सुरक्षा बलों का अभियान तेज, नक्सलियों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के साथ पहली प्राथमिकता सरेंडर

मंडला  नक्सलियों को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक और सख्त अभियान शुरू किया गया है. मार्च 2026 तक नक्सल समस्या पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए कई आकर्षक योजनाओं की घोषणाएं भी की हैं. मंडला जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है. नक्सलवाद खत्म करने का रोडमैप तैयार एसपी रजत सकलेचा ने बताया "नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का रोडमैप तैयार है. इसके तहत पुलिस और सुरक्षा बल लगातार जंगल के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. इस बार अभियान में सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की ताकत भी जुड़ गई है." राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए लुभावनी पुनर्वास नीति लागू की है. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 20 हज़ार से लेकर 4 लाख 50 हज़ार रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरेंडर करने वाले नक्सलियों को आर्थिक मदद एसपी रजत सकलेचा ने बताया "सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जमीन खरीदने के लिए 20 लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी. प्रोत्साहन राशि के रूप में न्यूनतम 5 लाख रुपए, नए जीवन की शुरुआत के लिए 1 लाख 50 हज़ार रुपए,और विवाह करने पर 50 हज़ार रुपए की विशेष सहायता राशि प्रदान की जाएगी. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को फ्री खाद्यान्न भी दिया जाएगा ताकि वे समाज की मुख्यधारा में दोबारा जुड़ सकें. राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए लुभावनी पुनर्वास नीति लागू की है." अन्य नक्सलियों की जानकारी देने पर सरकारी जमीन मिलेगी अगर कोई नक्सली पुलिस को दूसरे नक्सली के आत्मसमर्पण या मूवमेंट की जानकारी देता है, तो उसे सरकारी नौकरी देने पर भी विचार किया जा सकता है. हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें. मार्च 2026 तक मंडला को नक्सल मुक्त बनाने का हमारा लक्ष्य है. इस योजना की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने मीडिया, सोशल मीडिया और स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से व्यापक प्रचार अभियान शुरू कर दिया है. सरकार की योजनाएं नक्सलियों तक पहंचाने की अपील सरकार का उद्देश्य साफ है कि जंगलों में छिपे हर नक्सली तक यह संदेश पहुंचे कि अब सरकार सज़ा नहीं, सुधार का मौका दे रही है. मंडला पुलिस और प्रशासन का मानना है कि अगर यह अभियान सफल रहा तो न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश में शांति और विकास की राह और मजबूत होगी.  

डॉ. यादव ने की डॉ. खट्टर के साथ सौजन्य मुलाकात, बढ़ाई आपसी संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. खट्टर से की सौजन्य भेंट डॉ. यादव ने की डॉ. खट्टर के साथ सौजन्य मुलाकात, बढ़ाई आपसी संवाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की सौजन्य भेंट, दोनों नेताओं ने की महत्वपूर्ण बातचीत सिंहस्थ-2028 से जुड़ी तैयारियों एवं परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की शाम नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री डॉ. मनोहर लाल खट्टर से उनके आवास पर सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. खट्टर को सिंहस्थ-2028 आयोजन से जुड़ी तैयारियों एवं अन्य प्रमुख परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास कार्यो और इसके विस्तार प्रस्तावों, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, शुचिता, नदी संरक्षण, पेयजल व्यवस्था, अस्थायी आवास निर्माण आदि विषयों के संबंध में केंद्रीय मंत्री को विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का सर्वोत्कृष्ट आयोजन बनाने के लिए राज्य सरकार विभिन्न बहुआयामी योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं —स्वच्छ भारत अभियान, अमृत मिशन, स्मार्ट सिटी पहल, विद्युत परियोजनाओं और शहरी आधारभूत ढांचे से संबंधित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य, (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रमुख अधिकारी तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

अनिल विज ने महबूबा मुफ्ती पर साधा निशाना, उग्रवाद को बढ़ावा देने का आरोप

अंबाला बीते दिन दिए महबूबा मुफ्ती के बयान पर 'गब्बर' हमलावर हो गए हैं। दरअसल महबूबा मुफ्ती ने बयान दिया था कि लाल किले पर जो धमाका हुआ है यह कश्मीर की आवाज है। इस पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महबूबा मुफ्ती पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि अगर महबूबा मुफ्ती मुबारक लाल किले पर हुए आतंकी हमले पर इस तरह का बयान दे रही है तो वह उग्रवाद का समर्थन कर रही है। विज ने कहा ति इन्होंने पहले भी उग्रवाद का समर्थन किया है इसलिए वास्तव में यह उग्रवाद की मां है, जो इतनी बड़ी घटना को कश्मीर की आवाज बता रही है। विज ने भड़कते हुए कहा कि इसका मतलब यह कश्मीर की आवाज सुनाने के लिए देश में जगह-जगह बम विस्फोट करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद महबूबा मुफ्ती पूरी तरह से इस देश की भावनाओं के विरुद्ध बात कर रही है । 

DGP ने आतंकवाद को बताया सनक, कहा- सीधे आम लोगों से मुकाबले की क्षमता नहीं

चंडीगढ़  दिल्ली ब्लास्ट पर हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने आतंकवाद को लेकर अपने एक्स अकाउंट पर एक लंबी चौड़ी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने आतंकवाद को सनक बताया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि आतंकियों की कोई औकात नहीं, वो आम लोगों को टारगेट करते हैं। डीजीपी ओपी  सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जन-सुरक्षा एक कभी न थमने वाला काम है।  ऊपर से ये ऑक्सीजन की तरह है। थोड़ा भी कम होने पर दम घुटने लगता है। खतरा हर तरफ से है। सनकी और चालक लोग शिकार में लगे रहते हैं। अपराध तंत्र भी उनको नाथने में लगा रहता है। वो कभी पहले धरे जाते हैं, कभी बाद में। उन्होंने लिखा कि आतंकवाद एक अलग ही लेवल का सनक है। सिरफिरे अपने औने-पौने मनवाने के फेर में लगे रहते हैं। सीधी लड़ाई की औकात नहीं है। सो, आम लोगों को टारगेट करते हैं। मकसद होता है दहशत फैलाना। इनको रोकने के लिए राज्य पुलिस से लेकर केंद्रीय एजेंसियों तक का एक व्यापक तंत्र है। दिन-रात काम करता है।  हमने NCR क्षेत्र के अपने एंटी-टेररिज्म तंत्र को और भी मजबूत किया: डीजीपी  डीजीपी ने कहा कि कल ही फरीदाबाद में मैंने एक अन्तर्राजीय बैठक की। केंद्रीय खुफिया एजेंसी, दिल्ली पुलिस और यूपी के एंटी-टेररिज्म में लगे पुलिस अधिकारी शामिल हुए। हमने सूचनाएं एवं स्टेटस अपडेट साझा किया। सुरक्षा एजेंसियां जब मिलकर काम करती है तो एक और एक ग्यारह होता है। हमने हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र के अपने एंटी-टेररिज्म तंत्र को और भी मजबूत किया है। ये सूचनाएं इकट्ठी करेगी, अनुसंधान करेगी और आंतकवादी गतिविधियों के संदिग्धों के खिलाफ लगातार अभियान चलाएगी। लेकिन आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सबसे कारगर हथियार है अलर्ट आम नागरिक। जैसे ही कोई संदिग्ध आदमी, गतिविधि या वस्तु मिले, 112 पर फोन घुमायें या स्थानीय पुलिस को बतायें। इससे आतंकियों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी, उन्हें प्लानिंग और ऑपरेशन के लिए स्पेस नहीं मिलेगा और समय रहते उनके मंसूबों को निष्फल किया जा सकेगा।  आतंकवादी को सिर्फ जहाज के टेक-ऑफ की ट्रेनिंगः ओपी सिंह ओपी सिंह ने कहा कि जैसे कि अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड टावर पर हमले से पहले अलकायदा के आतंकवादी सिर्फ जहाज के टेक-ऑफ की ट्रेनिंग ले रहे थे। ट्रेनर अगर इसे नोट करता कि इनकी रुचि लैंडिंग में नहीं है और स्थानीय पुलिस को बता देता तो उनकी कम से कम उनकी ये योजना सिरे नहीं चढ़ती। इजराइल के दुश्मन अरब देशों से घिरे होने के बावजूद उनकी पुलिस भारी संख्या में आतंकी हमले को विफल कर देती है। एक कारण ये भी है कि वहां के नागरिक सतर्क रहते हैं। कुछ भी संदिग्ध लगा तो फौरन पुलिस को खबर कर देते हैं।  लोगों से की अपील उन्होंने कहा कि  करनाल में कुछ दिनों पहले ही एक जागरूक होटलकर्मी ने संदिग्ध पहचान पत्र के आधार पर कमरे बुक कराने वाले के बारे में पुलिस को इत्तला दी। रात भर के सघन अंतर्ज़िला ऑपरेशन के बाद उसे धर दबोचा गया। पूछताछ के बाद मामला कुछ और निकला लेकिन एक सजग होटलकर्मी ने अपना काम तो कर ही दिया था। आप भी आतंकवाद के खिलाफ पुलिस के आंख और कान बनें। संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि और वस्तु के बारे में पुलिस को 112 पर फौरन बतायें।   

मंजू बनीं जिप चेयरपर्सन, भूपेंद्र हुड्डा को हराने के बाद मां बनने की खुशी जताई

चंडीगढ़  पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने गढ़ी-सांपला-किलोई हलके से विधानसभा चुनान लड़ीं मंजू हुड्डा मां बनने वाली हैं। उन्होंने बेबी बंप के साथ सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की। जिसमें पति राजेश हुड्डा के साथ इमोशनल अंदाज में दिख रही हैं।  मंजू हुड्डा की शादी कोरोना कॉल के दौरान 2020 में गांव धामड़ निवासी राजेश हुड्डा के साथ हुई। इसके बाद नवंबर 2022 में जिला परिषद का चुनाव लड़ा और 3,281 वोटों से जीत गईं। फिर भाजपा जॉइन की और 14 में से 10 पार्षदों के समर्थन से 27 दिसंबर 2022 को जिला परिषद की चेयरपर्सन बनीं। जब लगा मां बनने के लिए तैयार तो शुरू की प्लानिंग मंजू हुड्डा ने  कहा कि शादी के 4 साल बाद जब लगा कि अब ऑफिस और घर का काम एक साथ मैनेज हो सकता है, तो मां बनने के बारे में सोचा। जब उन्हें प्रेग्नेंसी का पता चला तो खुशी का ठिकाना नहीं था। पति राजेश के चेहरे पर अलग ही खुशी थी। गर्भावस्था के दौरान राजनीतिक कार्यक्रमों में जाना कम किया मंजू हुड्डा ने बताया कि प्रेग्नेंसी और मदरहुड का सफर इंजॉय कर रही हैं। भागदौड़ कुछ कम की है। राजनीतिक कार्यक्रमों में जाना भी कम किया। परिवार के साथ समय अधिक बिताना शुरू कर दिया। ऑफिस, राजनीति और परिवार को मैनेज करते हुए मां बनने के इन पलों को भी संभालने का पूरा प्रयास किया है। गर्भावस्था से संबंधित पढ़नी शुरू की किताब मंजू हुड्डा ने बताया कि प्रेग्नेंसी के बाद से उन्होंने कुछ अच्छी किताबें पढ़ी हैं ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे पर अच्छा असर पड़े। अच्छे संस्कार डालने के लिए किताब पढ़ने के साथ ही बड़े बुजुर्गों के अनुसार काम कर रही हैं। धार्मिक किताब भी पढ़ रही हैं, ताकि मन शांत रहे। गुरुकुल में पढ़ने का हो रहा फायदा मंजू हुड्डा ने कहा कि गुरुकुल में पढ़ाई की है तो उसका फायदा मिला है। गर्भावस्था के दौरान मन को शांत करने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा ले रही हैं। गुरुकुल में भी मेडिटेशन और योग करती थीं, तो अब रोजाना सुबह योग जरूर करती हैं, ताकि फिट रह सके। पूर्व सीएम के सामने 37 हजार वोट लिए मंजू हुड्डा ने भाजपा के टिकट पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ गढ़ी सांपला किलोई हलके से विधानसभा 2024 का चुनाव लड़ा। चुनाव में मंजू हुड्डा को 37 हजार 74 वोट मिले। भूपेंद्र हुड्‌डा को 1 लाख 8 हजार 539 वोट मिले थे। जीत का अंतर 71 हजार 465 वोट रहा। यह भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ माना जाता है और प्रचार के लिए भी कम ही आते हैं।

अलफलाह यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, फरीदाबाद में जल्द संभव बुलडोजर कार्रवाई

फरीदाबाद   फरीदाबाद से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है कि फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी पर जल्द प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है। यूनिवर्सिटी में जमीन अधिग्रहण पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन की टीम यूनिवर्सिटी की पैमाइश पुरी कर चुकी है।  दिल्ली क्राइम ब्रांच जमीन से जुड़े दस्तावेज की  जांच रही है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दो नोटिस भेजे हैं। लगातार अल्फाज यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी दिल्ली क्राइम ब्रांच और टीम के घेरे में घिरते हुए दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि दिल्ली ब्लास्ट में विस्फोटक के साथ खुद को उड़ा लेने वाले अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि उमर ने ब्लास्ट से पहले करीब 10 दिन नूंह की हिदायत कॉलोनी में किराए पर एक कमरा लिया था। यह कमरा दिल्ली-अलवर रोड पर स्थित एक महिला के मकान में है, जिस पर फिलहाल ताला लगा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 10 नवंबर को उमर इसी किराए के मकान से अपनी i-20 कार में विस्फोटक सामग्री लेकर निकला था। यह घर यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिशियन शोएब की साली का बताया जा रहा है। शोएब, जो पहले से ही पुलिस की हिरासत में है, ने ही उमर को यह कमरा उपलब्ध कराया था। शोएब की साली मूल रूप से नूंह के गोलपुरी गांव की रहने वाली है और उसकी ससुराल खिल्लुका गांव में बताई जा रही है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर 2 FIR इसी बीच, मामले में सामने आए ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ के खुलासे के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दिल्ली में दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR विभिन्न नियमों के उल्लंघन से संबंधित है, जबकि दूसरी FIR यूनिवर्सिटी द्वारा गलत तरीके से मान्यता प्राप्त करने के मामले में दर्ज की गई है। 

साइबर फ्रॉड की बड़ी कुंडली उजागर! पंजाब पुलिस ने पकड़े 150+ म्यूल अकाउंट, लुधियाना में केस दर्ज

लुधियाना  पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में 150 से ज़्यादा एक्टिव "म्यूल अकाउंट" का पता लगाया है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी से लूटे गए पैसे को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए करते थे। ये खाते ज्यादातर लुधियाना में पाए गए है। जिसके बाद राज्य साइबर सेल ने लुधियाना कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। लुधियाना पुलिस खाते के विवरण की जांच में जुटी मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस अब जानिए… क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?  इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी से लूटे गए पैसे को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए करते थे। ये खाते ज्यादातर लुधियाना में पाए गए है। जिसके बाद राज्य साइबर सेल ने लुधियाना कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। लुधियाना पुलिस खाते के विवरण की जांच में जुटी     वरिष्ठ अधिकारियों को आशंका है कि ये खाते न केवल साइबर धोखेबाजों की मदद कर सकते हैं, बल्कि संगठित अपराध समूहों द्वारा भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इससे कानून और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है।     राज्य साइबर क्राइम सेल से मिली जानकारी के आधार पर लुधियाना पुलिस ने खाते के विवरण की जांच और इसमें शामिल व्यक्तियों का पता लगाना शुरू कर दिया है। पुलिस के एस सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) और 61 (2) (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई है। मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस     उन्होंने कहा कि हमें 150 से ज़्यादा म्यूल अकाउंट के बारे में जानकारी मिली है। हमारी टीमें अब यह पता लगाने के लिए हर विवरण की जांच कर रही हैं कि उन्हें किसने बनाया और कौन उन्हें चला रहा है। अब धोखाधड़ी वाले खातों के नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।     पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन खातों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों या अवैध नकद लेनदेन को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया था। जबकि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल आमतौर पर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त आय को रूट करने के लिए किया जाता है।     इससे पहले अगस्त महीने में साइबर विंग ने चार लोगों -गौतम (23),एहसास (24),आकाश (20) सभी अमृतसर निवासी और अनमोल (21) निवासी अबोहर को फाजिल्का से गिरफ्तार किया था। जो कथित तौर पर लगभग दो वर्षों से इसी तरह का रैकेट चला रहे थे।     पुलिस ने उनसे 10.96 लाख रुपए, 9 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 डेबिट कार्ड, 10 सिम कार्ड, 15 बैंक पासबुक और एक चेक बुक बरामद की थी। जांच से पता चला कि गिरोह ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों से मामूली भुगतान पर बैंक खाते हासिल किए थे। फिर उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों के माध्यम से चुराए गए पैसे को लेयर करने के लिए किया।     अवैध धन को बाद में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के माध्यम से विदेश भेजा गया। आरोपी दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित विदेशी हैंडलर्स द्वारा चलाए जा रहे कई टेलीग्राम ग्रुपों पर भी सक्रिय पाए गए। अब जानिए… क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?     म्यूल अकाउंट बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल अपराधी अवैध धन को लॉन्ड्रिंग या स्थानांतरित करने के लिए करते हैं। इन्हें उन व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा सकता है जिन्हें नौकरी के घोटालों, ऑनलाइन ऑफ़र या सोशल मीडिया संदेशों के माध्यम से "मनी म्यूल" बनने के लिए बहलाया-फुसलाया जाता है।     इसमें पैसा प्राप्त करने और स्थानांतरित करने के लिए कमीशन का वादा किया जाता है। इस तरह के खाते धोखेबाजों को चोरी किए गए धन के स्रोतों को छिपाने में मदद करते हैं और अक्सर फ़िशिंग घोटालों, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अपराधों से जुड़े होते हैं।