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‘माफिया खत्म होंगे तो प्रदेश आगे बढ़ेगा’, योगी आदित्यनाथ ने बताया अपना सबसे प्रिय विषय

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 वर्षों में पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने सबसे प्रिय विषय का जिक्र किया. सोमवार को आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि माफिया का सफाया करना ही उनका सबसे प्रिय विषय है. आगे भी वह इसी तरह माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते रहेंगे।  कार्यक्रम के दौरान सीएम ने बताया कि लखनऊ में पुलिस विभाग की एक जमीन पर माफिया का कब्जा था. इस मामले को लेकर डीजीपी उनके पास पहुंचे और पूरी जानकारी दी. डीजीपी ने बताया कि संबंधित जमीन पर माफिया ने अवैध कब्जा कर रखा है. ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश पर माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।  एफआईआर के अगले ही दिन अवैध कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई. प्रशासन ने माफिया से जमीन खाली करवा ली. खाली कराई गई जमीन पर बाद में फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट का निर्माण कराया गया. सीएम ने इस घटना को कानून-व्यवस्था और माफिया के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का उदाहरण बताया।  बच्चों के प्रति अपने लगाव का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से अपने जुड़ाव का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा कि जब वे किसी गांव या सार्वजनिक कार्यक्रम में जाते हैं तो वहां माताएं अपने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन कराने के लिए उत्सुकता से खड़ी रहती हैं. यह दृश्य उनके लिए बेहद आत्मीय और भावनात्मक होता है।  उन्होंने बताया कि उन्हें बच्चों का अन्नप्राशन कराना बहुत अच्छा लगता है. कई बार बच्चे अपने माता-पिता या दादा-दादी की गोद में रोते रहते हैं, लेकिन जैसे ही वे उनकी गोद में आते हैं, तो तुरंत मुस्कुरा देते हैं. सीएम ने इसे बच्चों की सहज भावना और विश्वास का प्रतीक बताया. उनके अनुसार यह दिखाता है कि बच्चे किस व्यक्ति के प्रति खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।   मु्ख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाज में बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बनाना बेहद जरूरी है, ताकि उनका सही विकास हो सके. मेरी सरकार आने के बाद राज्य में अच्छा वातावरण तैयार हुआ है।   

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा तबादला आदेश, 101 अधिकारियों की बदली; हुजूर, कोलार और बैरसिया में नई नियुक्तियां

भोपाल राज्य सरकार ने देर रात प्रदेशभर में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 101 तहसीलदारों और प्रभारी तहसीलदारों के तबादले कर दिए। इस व्यापक तबादला सूची में राजधानी भोपाल की तीनों प्रमुख तहसीलों हुजूर, कोलार और बैरसिया के तहसीलदार भी बदल दिए गए हैं। भोपाल से जुड़े साइबर तहसील में पदस्थ तीन अपर तहसीलदारों को भी अन्य स्थानों पर भेजा है। राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। भोपाल की तीनों तहसीलों को मिले नए तहसीलदार जारी आदेश के अनुसार, प्रतिभा चौरसिया को पचमढ़ी से तबादला कर भोपाल में पदस्थ किया है। हुगना अवस्थिया को खजुराहो से भोपाल भेजा है, जबकि बृजेन्द्र जैन को जबलपुर से स्थानांतरित कर भोपाल में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को राजधानी की प्रमुख तहसीलों का प्रभार दिया जाएगा। साइबर तहसील से भी हटाए गए तीन अधिकारी राजस्व विभाग ने साइबर तहसील में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है। साइबर तहसील से जुड़े तीन अपर तहसीलदारों का स्थानांतरण अन्य जिलों में किया गया है। विभाग का मानना है कि प्रशासनिक कार्यों में गति और बेहतर समन्वय के लिए यह बदलाव आवश्यक था। इन अधिकारियों का भी हुआ तबादला     नरेन्द्र परमार को भोपाल (कोलार) से रायसेन भेजा गया।     अनुराग त्रिपाठी को भोपाल (हुजूर) से सागर भेजा गया।     दिलीप कुमार चौरसिया को भोपाल (बैरसिया) से विदिशा भेजा गया।     प्रीतिरानी चौरसिया को सागर से भोपाल स्थानांतरित किया गया।     कुणाल अवस्थ्या को खरगोन से भोपाल भेजा गया है।     आदित्य जंघेला को जबलपुर से भोपाल भेजा गया है।     राजेस राम को भू संसाधन प्रबंधन, रायसेन से भोपाल भेजा गया है।     सुजाता विश्वकर्मा को साइबर तहसील भोपाल से रायसेन भेजा गया।     नेहा दुबे को साइबर तहसील भोपाल से नर्मदापुरुम स्थानांतरित किया गया।     सोनम मौर्य को साइबर तहसील भोपाल से रायसेन भेजा गया है।  

NEET UG परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव सतर्क, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की तैयारियों की समीक्षा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आगामी रविवार 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने परीक्षा के सुचारु एवं पारदर्शी संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने परीक्षा से पहले टेलीग्राम मैसेजिंग एप पर रोक लगा दी है। यह अस्थायी रोक 22 जून तक जारी रहेगी वहीं 30 जून तक मैसेज एडिटिंग का ऑप्शन बंद रहेगा। ताकि कोई पुराने मैसेज को एडिट कर परीक्षा को लेकर भ्रामक जानकारी ना फैला सके। नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने और इसके कैंसिल होने के बाद से दूसरी बार परीक्षा 21 जून को होना है। ऐसे में केंद्र सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए सभी सख्त कदम उठा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने भी विद्यार्थियों को निर्देश जारी किया है कि वे सिर्फ आधिकारिक चैनल से जारी निर्देश पर ही भरोसा करें।  

वन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर को दी 18 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात

वन मंत्री केदार कश्यप ने  बीजापुर जिले को 18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का शुभारंभ हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का मिला लाभ रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने जिले को 18 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का शुभारंभ करते हुए 16 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 2 करोड़ 9 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। 16 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन                वन मंत्री कश्यप ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें मिरतुर और बेदरे में ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण, उसूर में वरिष्ठ कृषि अधिकारी भवन, आवापल्ली एवं कुटरू में शासकीय महाविद्यालय भवन, भैरमगढ़ महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा दुगईगुड़ा से चिंताकोंटा तक सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।  इन परियोजनाओं से शिक्षा, कृषि सेवाओं और आवागमन सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति प्राप्त होगी। जिला अस्पताल सहित कई सुविधाओं का लोकार्पण                लोकार्पित कार्यों में जिला अस्पताल परिसर में रैन बसेरा, दाल-भात केंद्र, अत्याधुनिक अटल आरोग्य लैब, कार्यालय सह गोदाम भवन, विद्यालय भवन, पंचायत भवन, पुलिया निर्माण तथा शैक्षणिक संस्थानों में तार फेंसिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। अटल आरोग्य लैब में अब 134 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ               कार्यक्रम के दौरान मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का शुभारंभ किया गया। अभियान के माध्यम से जिले में मलेरिया नियंत्रण, समय पर जांच और उपचार के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ               कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। स्वामित्व योजना के अंतर्गत वनाधिकार पट्टों का वितरण किया गया। वहीं निष्क्षय योजना के तहत पोषण आहार फूड बॉक्स, पुनर्वासित परिवारों को आयुष्मान कार्ड, गर्भवती महिलाओं को जच्चा-बच्चा कार्ड तथा दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है बीजापुर                वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बीजापुर में अब विकास की नई धारा बह रही है। पहले जिन क्षेत्रों तक पहुंचना कठिन था, वहां आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आयुष्मान भारत सहित कई योजनाएं बदल रहीं जीवन               मंत्री कश्यप ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, महतारी वंदन योजना तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाएं लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं से समाज के सभी वर्गों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बीजापुर आने वाले वर्षों में विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा।               इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी, कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ डॉ. सागर यादव, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चैबे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

गोबर गैस संयंत्रों के पुनर्जीवन से गांवों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया बल

गोबर गैस संयंत्रों के पुनर्जीवन से ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई गति रायगढ़ में बंद पड़ा बायोगैस संयंत्र हुआ पुनः चालू, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा रायपुर  गोबर गैस संयंत्रों का पुनर्जीवन ग्रामीण भारत में ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है। यह गांवों को एलपीजी (LPG) पर निर्भरता से मुक्त कर पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए उत्तम जैविक खाद प्रदान करता है।  राज्य में बायोगैस संयंत्रों के पुनर्जीवन और प्रभावी संचालन की यह पहल ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। बड़े देवगांव स्थित  गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र को पुनः क्रियाशील            छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायगढ़ जिले के ग्राम बड़े देवगांव (जनपद पंचायत खरसिया) स्थित गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र को पुनः क्रियाशील किया गया है। यह पहल राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, जैविक अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन और ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है। बायोगैस से चूल्हा संचालित कर गैस परीक्षण पूरी तरह सफल              मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्रेडा की तकनीकी टीम, जिला पंचायत के अधिकारी तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से संयंत्र की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य संपन्न किए। इसके बाद संयंत्र को सफलतापूर्वक पुनः चालू कर बायोगैस से चूल्हा संचालित कर गैस आपूर्ति की गुणवत्ता और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। घरेलू ईंधन की सुलभ उपलब्धता होगी सुनिश्चित            अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए बायोगैस संयंत्रों के नियमित रखरखाव, तकनीकी परीक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को घरेलू ईंधन की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित होगी, एलपीजी पर निर्भरता घटेगी तथा ऊर्जा व्यय में कमी आएगी। गोबर और जैविक अपशिष्टों से बनेगा बायोगैस          बायोगैस संयंत्र न केवल स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि गोबर और अन्य जैविक अपशिष्टों के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संयंत्रों से प्राप्त जैविक खाद कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलता है। ग्रामीणों को मिलेगी स्वच्छ ईंधन की सुविधा         इस अवसर पर हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को संयंत्र के नियमित संचालन, गोबर की निर्धारित मात्रा में आपूर्ति, पाइपलाइन की समय-समय पर जांच तथा तकनीकी समस्याओं की त्वरित सूचना देने संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों ने संयंत्र के पुनः शुरू होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिलेगी, पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और घरेलू खर्च में बचत होगी।

दोपहर में छाया अंधेरा, तेज आंधी-बारिश से हरियाणा के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

 हिसार सुबह तक सामान्य दिख रहा मौसम सोमवार दोपहर अचानक बदला और देखते ही देखते प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और वर्षा का दौर शुरू हो गया। कई स्थानों पर दोपहर में ही अंधेरा जैसा वातावरण बन गया। हांसी में हल्की ओलावृष्टि हुई और तेज आंधी के कारण एक मोबाइल टावर गिर गया। भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का बवंडर दिखाई दिया। गुरुग्राम, सोनीपत, फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, झज्जर और अन्य जिलों में वर्षा दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, लेकिन कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हांसी क्षेत्र में तेज हवाओं और वर्षा के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। आंधी इतनी तेज थी कि शहर के बड़सी गेट एरिया में एक मोबाइल टावर गिर गया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और अवरोध पैदा होने की सूचनाएं भी मिलीं। सिवानी में दिखा धूल का विशाल बवंडर भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में धूल का ऊंचा बवंडर लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तेज हवाओं के साथ उठे इस बवंडर के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हुए। मौसम विशेषज्ञ इसे अस्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियों का परिणाम मान रहे हैं। गुरुग्राम में सड़कों पर भरा पानी गुरुग्राम में तेज वर्षा के बाद कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सोनीपत, फतेहाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और सिरसा सहित अनेक जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। आने वाले दिनों में भी बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल प्रदेश में हीटवेव जैसी स्थिति नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। आगामी दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं। – डॉ. चंद्रशेखर डागर, वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार  

ब्लैक फिल्म से लेकर हूटर तक, राजस्थान पुलिस का बड़ा अभियान जारी

जयपुर राज्य में सड़क परिवहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाने तथा मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले चालकों को कड़ा सबक सिखाने के लिए राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान पूरी रफ्तार से चल रहा है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के आदेशानुसार महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा के कड़े पर्यवेक्षण में पूरे राज्य में 1 जून से 30 जून  तक यह सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को भी सबसे अधिक कार्रवाई ब्लैक फिल्म लगे वाहनों (2853) पर हुई, जो सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। इसके तहत वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, बिना अनुमति के लाल-नीली बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म (ब्लैक फिल्म), अनधिकृत शब्द और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वाले वाहनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई जारी है, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। एक ही दिन में 7,721 वाहनों पर कार्रवाई अभियान के तहत 14 जून को अकेले पूरे राज्य में 7,721 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें- °  726 वाहन अवैध संरचनात्मक परिवर्तन वाले, °  674 वाहन अनधिकृत लाल-नीली बत्ती एवं हूटर वाले, °  438 वाहन प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न वाले, °  2,853 वाहन ब्लैक फिल्म लगे, °  1,041 वाहन अनधिकृत शब्द एवं चिन्ह प्रदर्शित करने वाले, °  1,989 वाहन नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले पाए गए। कोटा शहर सबसे आगे 14 जून की कार्रवाई में कोटा शहर 406 मामलों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद अलवर (388), जयपुर पश्चिम (378), जयपुर ग्रामीण (338) और जयपुर यातायात (303) प्रमुख रहे। वहीं चित्तौड़गढ़ (296) और भीलवाड़ा (297) में भी उल्लेखनीय कार्रवाई दर्ज की गई। सड़क सुरक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान डीजे ट्रैफिक पालीवाल का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष चलाया जा रहा है। उन्होंन आमजन से अपील की है कि वे वाहनों में किसी भी प्रकार अवैध संशोधन, ब्लैक फिल्म, प्रेशर हॉर्न, अनधिकृत हूटर अथवा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट का उपयोग न करें तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

उद्योग मंत्री देवांगन ने 36.75 करोड़ रुपये की जलप्रदाय योजना विस्तार परियोजना का किया भूमिपूजन

उद्योग मंत्री देवांगन ने पौने 37 करोड़ रूपए के जलप्रदाय योजना विस्तार कार्य का किया भूमिपूजन रायपुर,  वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के पौने 37 करोड़ रूपये की लागत वाले जलप्रदाय योजना विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया, इस कार्य के पूर्ण हो जाने के पश्चात निगम क्षेत्र की ऐसे बस्तियॉं जहॉं पानी की किल्लत थी, वह समस्या अब दूर होगी तथा समस्याजनित बस्तियों, पारों एवं मोहल्लों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद (डीएमएफ) से 36 करोड़ 73 लाख रूपये की लागत से जलप्रदाय योजना का विस्तार कार्य किया जाना हैं, इसके अंतर्गत 20 एमएलडी के जलउपचार संयंत्र के साथ-साथ इमलीडुग्गू में 12 लाख 60 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी, दादरखुर्द में 22 लाख 50 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी एवं रूमगरा में 10 लाख 80 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी यानी उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया जाएगा, वहीं 15.3 किलोमीटर पाईप लाईन भी बिछाई जाएगी। योजना के पूर्ण होने पर इमलीडुग्गू मोतीसागरपारा, भिलाईखुर्द, बरबसपुर, कर्रानाला, मानिकपुर, रूमगरा, ढेलवाडीह, खरमोरा, दादरखुर्द, बेलगिरी बस्ती में निवासरत नागरिकों को पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ-साथ निचले स्तर पर स्थित बस्तियों जहॉं पर लो प्रेशर के फलस्वरूप पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही थी, उन समस्त स्थानों में निर्वाध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी तथा नगर निगम कोरबा क्षेत्र की लगभग 60 हजार जनसंख्या इस कार्य से लाभान्वित होंगे। आज इमलीडुग्गू गौमाता चौक में आयोजित भूमिपूजन कायक्रम के दौरान इस महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के हाथों सम्पन्न किया गया। जिला खनिज न्यास की बड़ी सौगात दी प्रधानमंत्री मोदी ने  इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हम सबको जिला खनिज न्यास मद के रूप में एक बड़ी सौगात दी है, जिसके परिणाम स्वरूप जिलों में अरबों रूपये के विकास कार्य इस मद के अंतर्गत हो रहे हैं, उन्होने कहा कि आज जिस महत्वपूर्ण पेयजल योजना विस्तार कार्य का शुभारंभ किया गया है, वह भी जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत हुआ है। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि हर व्यक्ति के पास पक्का मकान हों, हर घर में बिजली की सुविधा व शौचालय हों, हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हों, और इन्ही सब का परिणाम है कि आज इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में दर्जनों जनकल्याणकारी व गरीब हितैषी योजनाएं संचालित हो रही हैं, जिसके परिणाम स्वरूप लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठ रहा है, उनकी समस्याएं दूर हो रही हैं। अब नहीं होगी बस्तियों में पानी की किल्लत   इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज इस महत्वपूर्ण कार्य का भूमिपूजन किया गया है, इस कार्य के पूर्ण हो जाने के पश्चात निगम क्षेत्र की ऐसी बस्तियों जहॉं पानी की किल्लत थी तथा पानी की कम आपूर्ति होती थी, वहांॅ पर पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो सकेगी तथा पानी की किल्लत दूर होगी। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में देश व प्रदेश का चहुमुंखी विकास हो रहा है, वहीं कोरबा के विकास के लिये उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।  पेयजल व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा, यह कार्य   इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पेयजल योजना विस्तार का यह कार्य निगम की पेयजल व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा तथा आमनागरिकों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उन्होने कहा कि विगत 12 साल में केन्द्र सरकार के द्वारा देश व प्रदेश का तेजी से विकास किया गया है, 12 साल में लाखों किलोमीटर सड़कें बन चुकी हैं, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आयें हैं तथा 50 करोड़ लोगों का आयुष्मान योजना में निःशुल्क इलाज हो रहा है।  भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी केसाथ ही पार्षद अशोक चावलानी, नरेन्द्र देवांगन, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, फिरतराम साहू, उर्वशी राठौर, अजय गोंड़, सरोज शंाडिल्य, अजय कुमार चन्द्रा, पार्षद रूबीदेवी सागर, धनसाहू, युगल कैवर्त, सुनीता चौहान, सुलोचना यादव, राधा महंत, राकेश वर्मा, सीमा कंवर, उपेन्द्र पटेल, ईश्वर पटेल, प्रताप सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, महामंत्री अजय विश्वकर्मा, सुफलदास महंत, दिनेश शर्मा, सुकेश दलाल, विनय जायसवाल, प्रदीप मजूमदार, राकेश खरे, आत्माराम गंर्धव, रितू जायसवाल, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, मनोज सिंह राजपूत, अनिल यादव आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

फतेहगढ़ साहिब में मानवता की मिसाल, SSP शुभम अग्रवाल ने धूप में राहगीरों की बुझाई प्यास

फतेहगढ़ साहिब  गर्मी के मौसम के मद्देनजर सरहिंद के ज्योति स्वरूप मोड़ के पास हर साल की तरह इस साल भी फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा धार्मिक और सामाजिक सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस धार्मिक समागम के दौरान सबसे पहले श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ के भोग डाले गए, जिसमें भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शामिल होकर सरबत के भले के लिए अरदास की। पाठ की समाप्ति के उपरांत भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए राहगीरों के लिए ठंडे-मीठे पानी और चने की छबील लगाई गई। इस मौके पर विशेष रूप से पहुंचे फतेहगढ़ साहिब के जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) शुभम अग्रवाल ने खुद श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठंडा-मीठा जल और प्रसाद वितरित कर सेवा की। मीडिया से बातचीत करते हुए जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि यह सारा आयोजन समूह एसपी, डीएसपी और पुलिस मुलाजिमों के आपसी सहयोग से किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा यह आयोजन हर साल निरंतर श्रद्धापूर्वक किया जाता है ताकि परमात्मा की कृपा से पूरे राज्य और जिले में अमन, सुख-शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा हमेशा बना रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में योगदान देना भी उनका मुख्य कर्तव्य है। इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस के इस मानवीय प्रयास की सराहना की।  

झारखंड का कृषि मेला शुरू, किसान सीखेंगे नई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीके

रांची  राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य कृषि-व्यापार मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को खुद मोरहाबादी मैदान पहुंचकर मेले की तैयारियों का जमीनी जायजा लिया. यह महत्वपूर्ण मेला मंगलवार (16 जून) से शुरू हो रहा है और आगामी 18 जून तक चलेगा. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख, गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज, मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, समेति निदेशक विकास कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा, स्टॉल और आगंतुकों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. अधिकारियों को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि मेले की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और किसानों और आम आगंतुकों की सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. आधुनिक तकनीकों से सीधे जुड़ेंगे झारखंड के किसान तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला राज्य के कृषि, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. यह मेला राज्य के किसानों को नई तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन नवाचारों और बाजार की नई संभावनाओं से परिचित कराने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा. यहां किसान देश भर से आने वाले कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. मंत्री ने राज्य के सभी किसान भाई-बहनों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि स्टार्टअप्स और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं. हर दिन होंगे तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस तीन दिवसीय मेले को ज्ञानवर्धक और आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र और परिचर्चा (सेमिनार) का आयोजन किया जाएगा. इन ज्ञानवर्धक सत्रों में देश के कोने-कोने से आए नामचीन कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे और किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफे की खेती के गुर सिखाएंगे. इसके साथ ही, दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें राज्य के सभी 24 जिलों से किसान प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे यहां से सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य किसानों तक पहुंचा सकें.