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आस की कच्ची छत से विश्वास के पक्के मकान तक

आस की कच्ची छत से विश्वास के पक्के मकान तक  सोनिबाई की संघर्ष और सफलता की कहानी ​रायपुर      प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में विकास की बयार हर जरूरतमंद के द्वार तक पहुँच रही है। राज्य सरकार की सुशासन नीति से दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के ऐसे हज़ारों परिवारों के सपने साकार हो रहे हैं, जो वर्षों से एक पक्की छत की आस में संघर्षरत थे। ऐसी ही एक सुखद और जीवन बदलने वाली कहानी नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत भरंडा की रहने वाली श्रीमती सोनिबाई पति श्री संनु राम की है।       ​सोनिबाई और उनका परिवार सालों से कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। बारिश के दिनों में टपकती छत, कड़कड़ाती ठंड में ठिठुरती रातें और तेज आंधियों का डर—हर मौसम उनके लिए एक नया इंतहान लेकर आता था। कच्चे घरौंदे में असुरक्षा और परेशानियों के बीच बीतते हर दिन के साथ एक सुरक्षित और पक्के मकान की आस धुंधली पड़ती जा रही थी। ​लेकिन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सोनिबाई के परिवार के लिए एक नया सवेरा और वरदान बनकर आई। योजना के तहत स्वीकृत राशि और प्रशासन की सहज प्रक्रिया से उनका पक्के घर का सपना हकीकत में बदल गया। जब घर की पक्की नींव पड़ी और छत ढली, तो केवल एक मकान ही नहीं खड़ा हुआ, बल्कि उस परिवार का आत्मसम्मान और नए कल का भरोसा भी सुदृढ़ हुआ।       ​अपनी खुशी और अनुभव साझा करते हुए श्रीमती सोनिबाई कहती हैं कि पुराने दिनों की तकलीफें याद कर आज भी मन सिहर उठता है। टपकती छत और कड़कड़ाती ठंड में नींद उड़ जाती थी। अब पक्का मकान मिलने से जिंदगी से असुरक्षा का साया हमेशा के लिए हट गया है। यह योजना हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।         ​मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचे। ग्राम भरंडा की सोनिबाई की यह सफलता की कहानी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि राज्य सरकार के उस अटूट संकल्प की प्रतीक है, जो हर नागरिक को सम्मानजनक, सुरक्षित और खुशहाल जीवन देने के लिए कटिबद्ध है।

बाढ़ से बिहार की 2000 KM ग्रामीण सड़कें प्रभावित, 3800 चापाकल-नल योजनाएं भी डूबीं

 पटना  बिहार में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने के साथ ही तबाही की तस्वीर सामने आने लगी है। बाढ़ से सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण कार्य विभाग को 17 बाढ़ प्रभावित जिलों से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 2000 किलोमीटर है। इन सड़कों की मरम्मत में शुरुआती आकलन के मुताबिक करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। ग्रामीण कार्य विभाग के निर्देश पर जिलों से ग्रामीण सड़कों की स्थिति की दैनिक रिपोर्ट मंगाई जा रही है। फिलहाल बड़ी संख्या में सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। पानी उतरने के बाद ही पूरी तरह हालात स्‍पष्‍ट होंगे। ग्रामीण सड़कों की स्थिति सीधे गांवों के प्रखंड, बाजार और अन्य प्रमुख इलाकों से संपर्क पर असर डालती है, इसलिए क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त करना चुनौती होगी। भागलपुर में सबसे अधिक सड़कें प्रभावित प्रारंभिक रिपोर्ट में भागलपुर और पटना में ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का सबसे अधिक असर बताया गया है। भागलपुर में 151 और पटना में 140 ग्रामीण सड़कें पानी में डूबी पटना जिले में अकेले दानापुर क्षेत्र में 44 सड़कें प्रभावित बताई गई हैं। अन्य जिलों में भोजपुर की 134, सारण की 101, समस्तीपुर की 86, वैशाली की 82, कटिहार की 60, लखीसराय की 54, बेगूसराय की 49, मुंगेर की 48 और खगड़िया की 36 ग्रामीण सड़कें पानी की चपेट में हैं। इसी तरह अरवल की 21, सहरसा की 20, मधेपुरा की 18, पूर्णिया की 18, पश्चिम चंपारण की 16 और अररिया की 10 ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं। पानी उतरने के बाद सामने आएगा वास्तविक नुकसान विभाग के अनुसार अभी अधिकांश आंकड़े प्रारंभिक हैं। कई सड़कें लगातार पानी में डूबी हुई हैं, इसलिए उनके वास्तविक नुकसान का आकलन फिलहाल संभव नहीं है। पानी पूरी तरह उतरने के बाद सड़क की सतह, पुल-पुलिया, संपर्क मार्ग और अन्य संरचनाओं को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसके बाद मरम्मत के लिए आवश्यक राशि और काम की प्राथमिकता तय की जाएगी। 3800 चापाकल और नल-जल योजनाएं भी प्रभावित बाढ़ ने ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। पिछले महीने आई बाढ़ के बाद 75 प्रखंडों की 307 पंचायतों में करीब 3800 चापाकल और नल-जल योजनाएं प्रभावित होने की जानकारी मिली है। आपदा प्रबंधन विभाग को पीएचईडी से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई चापाकल कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण खराब हो गए हैं। ऐसे स्थानों पर नए चापाकल लगाने की जरूरत पड़ सकती है। पेयजल योजनाओं को दुरुस्त करने और नए चापाकल लगाने में करीब 24.40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पानी कम होते ही प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति योजनाओं की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। भागलपुर में 760 चापाकल प्रभावित पेयजल व्यवस्था में सबसे अधिक नुकसान भागलपुर पीएचईडी प्रमंडल  में बताया गया है। यहां 760 चापाकल प्रभावित हुए हैं। इसके बाद खगड़िया में 450, पटना पूर्वी और पश्चिमी प्रमंडल में 294, किशनगंज में 206, हाजीपुर में 136 और बेगूसराय में 134 चापाकल खराब होने की जानकारी है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब विभागों के सामने सड़क संपर्क बहाल करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को जल्द सामान्य करने की चुनौती है।  

नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली

​सेवा का संकल्प, विकास की धार नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली ​रायपुर        जब सुबह की शुरुआत पानी जुटाने की चिंता से न होकर एक नए आत्मविश्वास और सुविधा के साथ हो, तो समझ लेना चाहिए कि विकास ज़मीन पर उतर चुका है। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित पंडरवाही गांव में आज यह सुखद बदलाव हर घर की देहरी पर साफ़ महसूस किया जा सकता है। अंगीरा ऋषि पर्वत की मनमोहक वादियों और बालका नदी के प्राकृतिक आंचल में बसे इस गांव में कभी पानी के लिए मीलों पैदल चलने और घंटों इंतज़ार करने की मजबूरी थी। लेकिन आज 'सेवा संकल्प अभियान' और जल जीवन मिशन के सशक्त संयोजन ने यहाँ की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। गांव के 94 परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन पहुँचने से अब स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल ग्रामीणों की दिनचर्या का एक सहज और सम्मानजनक हिस्सा बन गया है।         ​पंडरवाही में पहले प्राकृतिक जलस्रोत उपलब्ध होने के बावजूद, विशेषकर गर्मी के दिनों में, पानी का प्रबंध करना एक गंभीर चुनौती हुआ करता था। इसका सबसे बड़ा खामियाजा महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ता था, जिनकी सुबह और शाम का बहुमूल्य समय भारी बर्तन ढोने और पानी की कतारों में ही बीत जाता था। गांव की निवासी सुपेन बाई और सुशीला बाई बताती हैं कि अब घर-आंगन में ही नल लग जाने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बेहद आसान हो गई है। पानी लाने में जो श्रम और समय नष्ट होता था, अब उसका उपयोग वे अपने परिवार की देखभाल, बच्चों की पढ़ाई और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में कर रही हैं। इसके साथ ही, पानी भरने की जिम्मेदारी से मुक्त होकर बच्चे भी अब नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं, जिससे उनके सुनहरे भविष्य की नींव मजबूत हो रही है।         ​यहाँ यह योजना केवल नल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि जलापूर्ति को नियमित और सुचारू बनाए रखने के लिए एक पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था भी तैयार की गई है। स्थानीय पंप ऑपरेटर चुमन पटेल निर्धारित समय पर मोटर चलाकर ओवरहेड टैंक भरते हैं और जलापूर्ति की हर जानकारी 'मेरी पंचायत' ऐप पर दर्ज करते हैं। इसके अलावा, पाइपलाइन या मोटर में किसी भी तरह की तकनीकी खराबी आने पर उसके तुरंत निवारण के लिए ग्रामीणों को सीधे संपर्क की सुविधा दी गई है, जो प्रशासनिक सजगता और जन-भागीदारी की एक मिसाल पेश करता है।       ​घर-घर नल से जल पहुँचने का सीधा प्रभाव गांव की स्वच्छता और लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ़ दिखाई दे रहा है। नियमित जल उपलब्धता से व्यक्तिगत स्वच्छता, घरेलू साफ़-सफाई और बीमारियों से बचाव में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। पंडरवाही की यह सफलता दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं की असली उपलब्धि केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए गुणात्मक सुधार में निहित है। आज पंडरवाही के घरों में नल से बहती पानी की धार केवल प्यास बुझाने का माध्यम नहीं, बल्कि बदली हुई दिनचर्या, बचे हुए समय और छत्तीसगढ़ में सुशासन के एक नए और बेहतर कल का प्रतीक बन चुकी है।

राजस्थान में ‘नेक्स्ट जेन जनसम्पर्क’ की पहल, CS ने परिवादियों से किया सीधा संवाद

जयपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केन्द्र का निरीक्षण कर सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न जिलों के परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली वीडियो कॉल के माध्यम से आमजन से सीधे संवाद मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्थान संपर्क पोर्टल के तहत एक अभिनव पहल की गई है। इसके माध्यम से प्रशासनिक सचिव प्रतिदिन वीडियो कॉल के जरिए आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं तथा उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नवाचार से सरकार को आमजन की समस्याओं के स्वरूप और उनकी वास्तविक कठिनाइयों को सीधे समझने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संकल्प है कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो, जिससे उनका संतुष्टि स्तर बढ़े तथा समस्याओं का प्रभावी, सार्थक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि 181 हेल्पलाइन के माध्यम से शासन और आमजन के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रशासन अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और आमजन के प्रति तत्पर बन सके। ‘नेक्स्ट जेन जनसम्पर्क’ की दिशा में बढ़ रहा राजस्थान संपर्क मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार के सुशासन के संकल्प को साकार करने के लिए राजस्थान संपर्क को नेक्स्ट जेन जनसम्पर्क के रूप में विकसित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से आमजन और शासन के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाकर शिकायतों के त्वरित, सार्थक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। परिवादियों की अधिकतम संतुष्टि को सुनिश्चित करें मुख्य सचिव ने सभी जिला स्तरीय एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य से जुड़े विभागों से संबंधित परिवादों के निस्तारण में परिवादियों की अधिकतम संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन परिवादों के निस्तारण के बाद परिवादी की असंतुष्टि सामने आती है, उन पर जिला स्तरीय एवं विभागीय उच्चाधिकारी विशेष ध्यान दें तथा अपने स्तर से उनके संतोषजनक समाधान का प्रयास करें। साथ ही, परिवादों के निराकरण के दौरान सामने आने वाली कमियों को जानकर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि आमजन को अधिकतम राहत मिल सके। परिवादियों से किया सीधा संवाद मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परिवादियों से स्वयं संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने बीकानेर के अशोक कुमार, जयपुर के मोहनलाल तथा टोंक के आसाराम सहित अन्य परिवादियों से बातचीत की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परिवादियों की समस्याओं और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग दिनेश कुमार, आयुक्त, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग हिमांशु गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

नशे और शॉर्टकट से दूर रहें युवा, नितिन नवीन ने मेरठ में किया आह्वान

मेरठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के मेरठ में हैं। यहां सुभारती विश्वविद्यालय के मांगल्य कन्वेंशन सेंटर में नितिन नवीन ने जेएनजी से संवाद करते हुए नितिन नवीन ने उन्हें रील के बजाय रियल में जीने की अपील की है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि युवा नशे और शॉर्टकट से दूर रहें। करीब 11 बजे सुभारती विवि पहुंचे नितिन नवीन ने शहीद स्मारक में पहुंचकर सबसे पहले शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद शक्ति केंद्र सम्मेलन पश्चिमी क्षेत्र में उन्होंने युवाओं को संबोधित किया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आजकल युवा को सबसे ज्यादा नशा और शॉर्टकट प्रभावित कर रहा है। इसलिए युवाओं को इन दोनों से बचना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नशे के खिलाफ शुरू किए गए अभियान का हवाला देते हुए दूसरों को भी नशे से बचाने की अपील की। सौ करोड़ निष्ठावान और ऊर्जावान युवा देश की तकदीर बदल सकते नितिन नवीन ने युवाओं से अपील की कि वे रील की दुनिया से बाहर निकलकर 'रियल' को जिएं और राष्ट्र प्रथम को आगे रखें। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि दुनिया में बड़े बदलाव हमेशा युवाओं के कंधों पर सवार होकर हुए हैं। भारत युवाओं का देश है और यही ताकत देश की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई दे रही है। अंतरिक्ष से स्टार्टअप और खेल से तकनीक तक युवा अपनी प्रतिभा का लोहा देश-दुनिया में मनवा रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सौ करोड़ निष्ठावान और ऊर्जावान युवा देश की तकदीर बदल सकते हैं। उन्होंने युवाओं से प्रत्येक कार्य में राष्ट्र प्रथम की भावना, अनुशासन एवं निरंतरता और सामाजिक समरसत को जीवन में सर्वोपरि रखने की अपील की। कार्यक्रम में मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद रहे। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे नितिन नवीन का भव्य स्वागत आपको बता दें कि नितिन नवीन का सोमवार को उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली से मेरठ पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से लेकर सुभारती विश्वविद्यालय तक कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नितिन नवीन का स्वागत किया। मार्ग में जगह-जगह पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़, ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी और भाजपा के झंडे नजर आए।स्वागत कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कई स्थानों पर कतार में खड़े किए गए बुलडोजर रहे। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर और मेरठ के महापौर हरिकांत अहलूवालिया की अगुवाई में खड़े किए गए बुलडोजरों से नितिन नवीन के काफिले पर पुष्पवर्षा की गई। एक स्थान पर क्रेन के जरिए माला लटकाकर भी उनका स्वागत किया गया।नवीन के मेरठ आगमन के दौरान एक्सप्रेसवे से लेकर शहर के प्रवेश मार्ग तक कई स्थानों पर कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। भाजपा अध्यक्ष का काफिला वहां पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पुष्पवर्षा की।

स्लीमनाबाद टनल का काम अंतिम दौर में, जल्द रीवा के खेतों को मिलेगा नर्मदा जल

स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर, शीघ्र ही रीवा जिले के खेतों को मिलेगा नर्मदा जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में हुए बलराम कृषि महोत्सव में आए किसानों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती-किसानी विशेषकर उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रीवा का जवाब नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और लगन से यहां धान, गेहूं, चना, मसूर, अलसी और सोयाबीन का भरपूर उत्पादन हुआ है। इससे रीवा जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रीवा जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि स्लीमनाबाद टनल का काम तेजी से पूरा होने की ओर है। इस टनल के पूरा होते ही रीवा जिले के खेतों तक नर्मदाजी का पावन जल पहुंचेगा। इससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि रीवावासियों को त्योंथर, लोंही, सिरमौर और सेमरिया की सिंचाई परियोजनाएं पूरी होने पर करीब एक लाख 32 हजार हैक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि जिनके पास भूमि के पट्टे हैं परंतु रजिस्ट्री नहीं है, ऐसे सभी पट्टेधारकों को राज्य सरकार रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क प्रदाय करेगी। ऐसे 50 लाख पट्टों की रजिस्ट्री का शुल्क (करीब 4 हजार करोड़ रुपए) राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के जनप्रतिनिधियों और 4 प्रगतिशील किसानों से आत्मीय संवाद कर उनके द्वारा परम्परागत खेती से अलावा वर्तमान में की जा रही नवाचारी खेती के बाद तब और अब के अनुभवों की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्नत कृषि यंत्रों से तकनीकी खेती करने और जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती करने में ज्यादा फायदा होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले भर से आए किसानों से प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, श्रीअन्न, पशुपालन और फसल विविधीकरण अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रीवा जिले में एक हजार हैक्टेयर क्षेत्र को नैचुरल फार्मिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बसामन मामा गो-अभयारण्य हमारे गौ-संवर्धन और ग्रामीण स्वावलंबन का एक बड़ा केन्द्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला में संचालित 'प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र' से यहां के सभी किसान भाइयों को जीवामृत, घन जीवामृत और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकें सीखने और अपनाने में बड़ी मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत खेती से आगे बढ़कर रीवा के किसान उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीवा में अमरूद, आंवला और कटहल का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जो यहां की कृषि विविधता को दर्शाता है। रीवा श्रीअन्न उत्पादन में भी आगे बढ़ रहा है। खेती में विविधता लाने के लिए राज्य मिलेट मिशन अन्तर्गत कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज की फसलों का विस्तार किया जा रहा है। श्रीअन्न की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ हमारे परिवारों की पोषण सुरक्षा को भी सुदृढ़ करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी किसानों को तेजा दशमी, डोल ग्यारस और गणेशोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं। रीवा में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी किसानों को संबोधित किया। इस अवसर पर मप्र राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, सिद्धार्थ, कपिल यार्दे, वीरेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसानबंधु उपस्थित थे।  

VVIP के चलते चंडीगढ़ में ट्रैफिक जाम, स्कूलों के बाहर परेशानी

चंडीगढ़. शहर में यदि कोई व्यक्ति सड़क पर गाड़ी खड़ी कर दे तो ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान कर देती है और यही नहीं उसकी गाड़ी को उठाकर ले जाती है। यह रूल्स सिर्फ आम नागरिकों पर लागू होते नजर आते हैं। बात नेताओं और वीवीआईपी की आ जाती है तो पुलिस बेबस दिखती है। इसका उदाहरण सोमवार को सेक्टर-26 के स्ट्रॉबेरी फील्ड स्कूल और सेंट कबीर स्कूल के बाहर देखने को मिला। स्कूलों के बाहर मेन सड़क पर दो या तीन लेन में अफसर और नेताओं की गाड़ियां खड़ी थी, जिसकी वजह से जाम में फंसकर लोग परेशान हो रहे थे। ट्रैफिक लाइट पड़ी बंद शहर में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी आमतौर पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की होती है, लेकिन बुधवार दोपहर सेक्टर-19/27 की ट्रैफिक लाइट खराब होने के बाद एक ऑटो चालक ने ट्रैफिक लाइट बंद होने और मौके पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण चौराहे के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे सैकड़ों वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सवारी छोड़कर लौट रहे थे, जाम देखकर रोक दिया ऑटो सेक्टर-19/27 के पास ट्रैफिक लाइट खराब होने के कारण चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। मौके पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आया। जाम लगातार बढ़ता जा रहा था और वाहन चालक परेशान हो रहे थे। अलग-अलग दिशाओं से आ रहे वाहनों को बढ़ाकर यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास शुरू किया।

CG में दशहरा-दिवाली से लेकर विंटर वेकेशन तक छुट्टियों की घोषणा

रायपुर. छत्तीसगढ़ के स्कूलों में आगामी त्योहार और शीतकालीन छुट्टियों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने अवकाश की घोषणा कर दी है। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश के लिए कुल 15 दिनों की छुट्टी निर्धारित की गई है। जारी आदेश के मुताबिक दशहरा अवकाश 17 अक्टूबर 2026 से 21 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। इस दौरान स्कूल पांच दिनों के लिए बंद रहेंगे। इसी तरह दीपावली अवकाश 6 नवंबर 2026 से 10 नवंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। दीपावली के अवसर पर भी विद्यार्थियों और शिक्षकों को पांच दिनों का अवकाश मिलेगा। वहीं, साल के अंत में शीतकालीन अवकाश 24 दिसंबर 2026 से 28 दिसंबर 2026 तक रहेगा। यह अवकाश भी पांच दिनों का होगा। इस तरह छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश को मिलाकर कुल 15 दिनों की छुट्टियां रहेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।

सिंधिया ने मंत्रियों के साथ मल्टीलेवल कार पार्किंग का किया निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने राज्य के मंत्रिगणों के साथ मल्टीलेवल कार पार्किंग का किया निरीक्षण  पानी निकासी के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी अध्ययन कराया जाए  ग्वालियर   केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के प्रमुख केंद्र महाराजा बाड़ा में बन रहे मल्टीलेवल कार पार्किंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा विशेष रूप से बेसमेंट-3 में पानी की समस्या और उसकी निकासी की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, सीईओ स्मार्ट सिटी प्रतीक राव सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।     केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि विकास कार्यों में गति जरूरी है, लेकिन गुणवत्ता और निर्माण की सावधानियों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बेसमेंट-3 में पानी की निकासी के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे विषय का समग्र एवं तकनीकी अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि पानी के आउटलेट और निकासी व्यवस्था का ऐसा स्थायी एवं सुरक्षित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को इस विषय की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।     केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि महाराजा बाड़ा मल्टीलेवल कार पार्किंग ग्वालियर के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित की जा रही इस परियोजना से महाराजा बाड़ा क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में आवश्यक गति लाने के साथ गुणवत्ता के उच्च मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए।     परियोजना के तहत लगभग 77 करोड़ रुपये की लागत से 429 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जा रही है। इसमें 353 चार-पहिया और 76 दो-पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी।     केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने निर्देश दिए कि बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर का कार्य जनवरी-फरवरी 2027 तक पूरा करने की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि पानी, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जा रही राशि का सदुपयोग करते हुए ऐसी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए, जिनका लाभ लंबे समय तक आम नागरिकों को मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का अंतिम उद्देश्य जनता की सेवा, बेहतर सुविधाएं और ग्वालियर का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है।   

नितिन नवीन बोले- अंग्रेजों की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपनाया

यूपी को फिर बांटने की कोशिश कर रहे समाजवादी: नितिन नवीन   मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को दिया 2027 का मंत्र   नितिन नवीन बोले- अंग्रेजों की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपनाया   कहा- पहले पश्चिमी यूपी में भय और अराजकता का वातावरण था, आज भरोसा और कानून का राज, विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा प्रदेश   चौधरी चरण सिंह और बाबा साहेब आंबेडकर के सम्मान को लेकर कांग्रेस को घेरा, बोले- मोदी और अटल ने दिया बाबा साहेब को सम्मान   राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है   पंकज चौधरी बोले- शक्ति केंद्र प्रमुख बूथों का ठीक से अध्ययन करें तो चुनाव से पहले ही बता सकते हैं अपने क्षेत्र का पूरा परिणाम   प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को बताया भाजपा की रीढ़, बोले- मोदी और योगी के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं   मेरठ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को मेरठ की क्रांति धरा से कांग्रेस और समाजवादियों पर ‘डिवाइड एंड रूल’ की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेज चले गए, लेकिन उनकी बांटो और राज करो की नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपना लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं को संकल्प लेना होगा कि इस नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे और विकास के रथ को रुकने नहीं देंगे।   भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वह उस भूमि पर आए हैं, जो क्रांति की भूमि रही है। इस धरती ने कई ऐसे परिवर्तन दिए हैं, जिन्होंने देश के साथ पूरी दुनिया को संदेश दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आए बदलाव का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत को देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने प्रदेश को आतंक और जंगलराज से बाहर निकालकर उत्तम प्रदेश बनाने का काम किया है।   पहले भय था, आज भरोसे का वातावरण नितिन नवीन ने कहा कि एक समय यहां भय का वातावरण था, लेकिन आज भाजपा सरकार में भरोसे का वातावरण है। पहले अराजकता का राज था, आज कानून का राज है। पहले विकास का ठहराव था और आज उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।   उन्होंने कहा कि समाजवादी उत्तर प्रदेश में घूम-घूमकर फिर से प्रदेश को बांटने का काम कर रहे हैं। हम सभी यहां यह संकल्प लेने आए हैं कि बांटो और राज करो की नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे।   2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में जो खेल खेलने का प्रयास किया जा रहा है, उसे खत्म करना है। उत्तर प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है।   चौधरी चरण सिंह के सम्मान पर कांग्रेस को घेरा नितिन नवीन ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के लिए संघर्ष किया, लेकिन कांग्रेस के लोगों ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया। उनकी सरकारों को गिराने का काम किया गया। चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।   उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि बाबा साहेब को अपमानित करने का काम कांग्रेस और उसके साथियों ने किया। उन्हें सम्मान दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया। नितिन नवीन ने संत कबीर दास का उल्लेख करते हुए कहा कि हम उनकी 640वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। कांग्रेस के लोग केवल अपने परिवार के लोगों का जन्मदिन मनाते थे।   कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़: पंकज चौधरी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर ही चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह कार्यकर्ताओं का महत्व बखूबी जानते हैं। कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि है और उसके लिए कुछ भी करना पड़े तो वह तैयार रहते हैं।   पंकज चौधरी ने कहा कि शक्ति केंद्र प्रमुख के अधीन जो बूथ आते हैं, उनका ठीक से अध्ययन कर लिया जाए तो वह चुनाव से पहले ही अपने शक्ति केंद्र का पूरा परिणाम बता सकता है।   2017 से पहले पश्चिम की स्थिति जानती है जनता प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि 2017 से पहले यहां क्या स्थिति थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डबल इंजन सरकार के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है और उसी प्रकार पूरे उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है।   उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं तो विरोधी भी उनसे आंख मिलाकर बात नहीं कर पाएंगे।   पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा कि 2027 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता तन, मन और धन से लगकर यूपी में हैट्रिक सरकार बनाने का काम करेंगे।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे।