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स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया में मनाया जाएगा मध्यप्रदेश दिवस, मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल

भारत पर्व 2025 में मध्यप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और स्वाद का होगा अद्भुत संगम भोपाल भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया गुजरात में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक "भारत पर्व" का उत्साहपूर्वक आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशिष्ट आतिथ्य में भारत पर्व 2025 के अंतर्गत मंगलवार, 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में मध्यप्रदेश दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के ध्येय को दृष्टिगत रखते हुए देश की विविधता में एकता को प्रदर्शित करना है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि भारत पर्व के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लगभग 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक आकर्षक थीम पेवेलियन तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की पर्यटन, संस्कृति और हस्तशिल्प विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। पेवेलियन में सांची, खजुराहो, भीमबेटका, मांडू, ओरछा, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के साथ-साथ बांधवगढ़, कान्हा और पेंच जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों की झलक प्रस्तुत की जा रही है। साथ ही, राज्य के स्थानीय हस्तशिल्प और हस्तकला जैसे चंदेरी और महेश्वरी वस्त्र, बाघ प्रिंट, डोकरा कला, मिट्टी के बर्तन और गोंड पेंटिंग को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता का सुंदर उत्सव है। मध्यप्रदेश ‘भारत का हृदय’ है, और यहां की हर परंपरा, हर स्वाद, हर कला रूप हमारे देश की आत्मा को दर्शाता है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के पर्यटन, हस्तशिल्प, व्यंजनों और संस्कृति की प्रस्तुति के माध्यम से हम देशभर के आगंतुकों को अतुलनीय मध्यप्रदेश की आत्मा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि आगंतुक न केवल मध्यप्रदेश के स्वाद और संगीत का आनंद लें, बल्कि उसकी आत्मिक ऊर्जा और जीवंतता का भी अनुभव करें। स्टूडियो किचन में मध्यप्रदेश का स्वाद मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) द्वारा 11 नवंबर को स्टूडियो किचन की विशेष प्रस्तुति दी जा रही है, जिसमें प्रदेश के पारंपरिक और प्रादेशिक व्यंजन लाइव तैयार कर परोसे जाएंगे। यह प्रस्तुति फ्लेवर्स फ्रॉम द हार्ट ऑफ इंडिया की थीम पर आधारित है। बुंदेलखंड क्षेत्र का खट्टा–तीखा छाछ पर आधारित पेय सन्नाटा, डिंडोरी क्षेत्र का पारंपरिक सूप कंगनी दाल का शोरबा, मालवा का प्रसिद्ध स्नैक भुट्टे की कीस, चना बेसन से बना स्वादिष्ट नमकीन व्यंजन चंबल का थोपा, सीधी क्षेत्र का पारंपरिक नाश्ता बेड़ई धुमना आलू, बघेलखंड क्षेत्र का लोकप्रिय व्यंजन मटर का निमोना और सादी पूरी, शहडोल क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाई कुटकी की खीर आगंतुकों को परोसे जाएंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से प्रदेश के विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सांस्कृतिक प्रस्तुति – “अमृतस्य मध्यप्रदेश” संस्कृति विभाग की ओर से प्रसिद्ध नृत्य संयोजिका मैत्रीय पहाड़ी एवं समूह द्वारा “अमृतस्य मध्य प्रदेश” शीर्षक से एक भव्य नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति दर्शकों को मध्यप्रदेश की प्राचीन सभ्यता, भक्ति, प्रेम और प्रकृति की लय से जोड़ती है। इस नृत्यगाथा की शुरुआत भीमबेटका की गुफाओं से होती है, जहां मानव सभ्यता की प्रथम झलक दिखाई देती है। आगे खजुराहो के मंदिरों की मूर्तिकला, सांची के स्तूपों की शांति, और चित्रकूट की पवित्र भूमि के भावनात्मक दृश्यों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। उज्जैन और ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता, ग्वालियर किले की ऐतिहासिकता, मांडू की प्रेम गाथा और ओरछा के मंदिरों की भव्यता मंच पर जीवंत होती है। प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध को बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के वनों तथा जबलपुर की संगमरमर चट्टानों के दृश्यों से दर्शाया गया है। पारंपरिक महेश्वरी, चंदेरी और बाग प्रिंट वस्त्रों में सजे कलाकार मंच पर राज्य की शिल्प विरासत का गौरव गान करते हैं। नर्मदा आरती के दृश्य के साथ यह यात्रा अपने आध्यात्मिक उत्कर्ष पर पहुंचती है।

कपिल मिश्रा पर जांच रोक, कोर्ट ने दिल्ली दंगों मामले में आदेश को किया खारिज

नई दिल्ली दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को राऊज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिली है. राऊज एवेन्यु  सेशन कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में कपिल मिश्रा की भूमिका को जांच को लेकर दिए मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को रद्द किया है. इस आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस दोनों ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी  थी.  क्या था मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश 1 अप्रैल को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट  वैभव चौरसिया ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जाँच करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने यह आदेश  मोहम्मद इलियास नाम के शख्श की अर्जी पर दिया था जिसमे दिल्ली दंगों में कपिल मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.मोहम्मद इलियास ने कोर्ट में दायर शिकायत में कहा था कि  उन्होंने 23 फरवरी 2020 को कपिल मिश्रा और उनके साथियों को कर्दमपुरी में मुस्लिम की रेहड़ी पटरी वालों की गाड़ियों को तोड़ते हुए भी देखा था. मौके पर  दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे. शिकायत के मुताबिक  कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने या परिणाम भुगतने की धमकी दी थी. एडिशनल चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट ने कहा था कि इस मामले में कोर्ट के सामने जो तथ्य रखें गए है, उसके मद्देनजर कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा की मौजूदगी साबित हो रही है और ये संज्ञेय अपराध का मामला बनता है. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जांच का आदेश दिया था. दिल्ली पुलिस का रुख मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी. दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग का विरोध किया था. दिल्ली पुलिस का कहना था कि इस मामले में कपिल मिश्रा को फंसाने की साजिश हो रही है.सेशन कोर्ट ने कपिल मिश्रा और पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इसके चलते कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच  अभी रुकी हुई थी. अब सेशन कोर्ट ने चूंकि इस आदेश को रद्द ही कर दिया है ,इसलिए अब साफ है कि उनकी भूमिका को लेकर कोई जांच नहीं होगी. 

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना एक महत्वाकांक्षी योजना, सतत निगरानी की आवश्यकता : मंत्री कुशवाह

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा सकते है। मंत्री श्री कुशवाह ने विभाग की 2 वर्षो की उपलब्धियों की समीक्षा के दौरान पीएमएफएमई योजना की सतत निगरानी ने निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक योजना की शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति की जाए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी गतिविधियाँ ग्रामीण अंचल से शहरों तक संचालित की जाती है। प्रदेश में उद्यानिकी उत्पादों को लगातार प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिये कि बड़े शहरों के आसपास सब्जी के साथ साथ फूल उत्पादन के क्लस्टर भी विकसित किये जाये। मंत्री कुशवाह कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और मेले भी आयोजित किये जाने चाहिए। उन्होंने एमपी एग्रो तथा उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को वितरित किये जाने वाले उपकरण व अन्य सामग्री का भौतिक सत्यापन कराये जाने के निर्देश भी दिये। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अरविन्द दुबे ने बताया कि प्रदेश में गत 2 वर्षो में उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कराई है। इन 2 वर्षो में उद्यानिकी फसलों का रकबा में 2 लाख 43 हैक्टेयर तथा उत्पादन में लगभग 36 लाख मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। संरक्षित खेती के तहत 1573 हैक्टेयर क्षेत्र का विस्तार किया गया है। आयुक्त दुबे ने बताया कि प्रदेश में उद्यानिकी विकास के लिये 3 सेक्टर आफ एक्सीलेंस मुरैना में आलू, छिंदवाड़ा में नीबूवार्गीय तथा हरदा में आम एवं सब्जी के विकसित किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई (PMFME) योजना में चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 3 हजार 113 सूक्ष्म उद्यमियों को 108 करोड़ का अनुदान प्रदान किया जा चुका है। योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। एमपी एग्रो ने समीक्षा के दौरान प्रबंध संचालक श्री दुबे ने बताया कि गत तीन वर्षों में एमपी एग्रो का व्यापार 47 करोड़ से बढ़कर 386 करोड़ हो गया है। इसके और बेहतर करने के प्रयास किये जा रहे है। बैठक में विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

छात्र-पुलिस संघर्ष: पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई जोरदार झड़प और लाठीचार्ज

चंडीगढ़ चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनावों के ऐलान की मांग कर रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आज हालात तब बेकाबू हो गए, जब प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस से हिंसक भिड़ंत हो गई। पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रवेश को रोकने की कोशिश की तो छात्र हिंसक हो गए और पुलिस से भिड़ गए। छात्रों और पुलिस के बीच देखते ही देखते धक्का मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को काबू में करने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। ये झड़प और लाठीचार्ज ऐसे वक्त पर हुआ, जब प्रदर्शनकारी छात्रों का साथ देने के लिए सिख संगठनों और कृषि यूनियनों के कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोग विश्वविद्यालय परिसर में घुसना चाह रहे थे। ये लोग भी काफी विलंब से चल रहे पीयू सीनेट चुनावों की तारीखों की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्र विश्वविद्यालय के शासी निकाय सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन के फैसले को अब केंद्र द्वारा वापस लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की इस दौरान विद्यार्थी और पुलिस के बीच बहस भी देखने को मिली। पुलिस के इंतजाम देखकर विद्यार्थियों ने समर्थकों से अपील की है कि पुलिस उन्हें जहां रोके, वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दें। पुलिस ने एक नंबर द्वार को बंद कर दिया है और दो तथा तीन नंबर के द्वार से भी कड़ी जांच के बाद ही जाने दिया जा रहा है। जब खबर आई कि पुलिस ने दो नंबर द्वार से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है तो विद्यार्थी और भड़क उठे। वह गेट जबरन खोलकर यूनिवर्सिटी में घुस गये हैं। इस दौरान पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। रविवार रात भी इस मुद्दे पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया था। देर रात तक छात्र यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठे रहे। मामला बढ़ता देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरपाल कौर को खुद ही स्थिति संभालनी पड़ी थी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी में सोमवार और मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी में 2000 पुलिस कर्मचारी तैनात सोमवार को सुबह से ही यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। विद्यार्थियों के आह्वान पर उनके समर्थन में किसान और कई राजनीतिक दल भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। इसे देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और 2000 कर्मचारी तैनात किये हैं। पूरे शहर में 12 जगह नाकाबंदी की गयी है। यूनिवर्सिटी में सिर्फ उन्हीं को जाने की इजाजत है, जिनका कोई काम है। उसके लिए भी उनके पहचान पत्र देखे जा रहे हैं। विवाद सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ बता दें कि यह विवाद पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ। इससे विद्यार्थी भड़क उठे, तो केंद्र सरकार ने यह अधिसूचना वापस ले ली थी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने घटना की निंदा करते हुए कहा, " पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों द्वारा लड़कियों को धक्का दिया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। " राजा वडिंग ने कहा, " उनके पास वैध पहचान पत्र हैं – क्या यह लोकतंत्र है या छिपी हुई तानाशाही है? पंजाब विश्वविद्यालय में आज शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की निंदा करने के लिए शब्द कम हैं। छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, क्योंकि उनका केंद्र सरकार पर से भरोसा उठ गया है जो पंजाब से विश्वविद्यालय छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

मॉडल की रहस्यमय मौत: शरीर पर चोट के निशान, पुलिस कर रही बॉयफ्रेंड से पूछताछ

भोपाल राजधानी भोपाल के भैंसाखेड़ी क्षेत्र में सोमवार सुबह 21 वर्षीय मॉडल की मौत होने का मामला सामने आया है। युवती को उसके दोस्त ने अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान खुशबू अहिरवार के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ वर्षों से भोपाल में मॉडलिंग कर रही थी। बैरागढ़ क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त आदित्य राज सिंह ने बताया कि खुशबू को उसका दोस्त कासिम और एक बस कंडक्टर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, खुशबू बीए फर्स्ट इयर के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह तीन साल से भोपल में रह रही थी। उसके प्राइवेट पार्ट और बॉडी पर चोटों के निशान मिले हैं। परिजनों ने लव जिहाद और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कासिम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मामला आत्महत्या, हादसा या कुछ और है। जानकारी सामने आई कि मॉडल गर्भवती थी। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में गर्भवती और उसके कॉम्प्लिकेशन की बात कही जा रही है। फूल पीएम रिपोर्ट मंगलवार को आएगी। जिसके बाद पूरी तरह से मौत का कारण साफ होने की बात कही जा रही है। 

नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय ने किया 33/11 के.वी. सब स्टेशन का लोकार्पण

  भोपाल नगरीय प्रशासन मंत्री एवं धार जिले के प्रभारी मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने धार जिले के बाग के अखाड़ा में रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम आरडीएसएस अंतर्गत नए 33/11केवी सब स्टेशन का लोकार्पण किया। उन्होंने प्रदेश शासन को किसानों, ग्रामीणों समेत सभी वर्ग के लिए कल्याणकारी सरकार निरूपित किया। इस अवसर पर धार जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मईड़ा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के धार अधीक्षण यंत्री  आशीष आचार्य ने बताया कि करीब पौने तीन करोड़ की लागत के इस नए सब स्टेशन से अखाड़ा, महेशरा, सिरपानी, पिपरियापानी, डिलवानी समेत करीब 7 ग्रामों एवं अन्य फलियों के बिजली उपभोक्ताओ को फायदा मिलेगा। इस नए सब स्टेशन से आपूर्ति के बाद बाग सब स्टेशन पर लोड घटेगा। उन्होंने बताया कि धार जिले में आडीएएस अंतर्गत प्रत्येक बिजली संभाग में सब स्टेशन, केबल, ट्रांसफार्मर, पोल, कंडक्टर इत्यादि के कार्य बड़ी संख्या में हो रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर रीवा को मिलेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल स्मृति टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्वविद्यालय स्टेडियम रीवा में आयोजित स्व. भैयालाल शुक्ल स्मृति टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा बड़े आयोजनों का केन्द्र बनता जा रहा है। समाजसेवी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल की स्मृति में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में रीवावासियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता लगातार 10वें वर्ष में सफलतापूर्वक आयोजित हो रही है। प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाने का अवसर मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रीवा में सैनिक स्कूलों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। हमने कुछ दिनों पहले ही नौ सेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का नागरिक अभिनंदन किया था। रीवा में 6 से 9 नवम्बर तक अखिल भारतीय साहित्य परिषद का अधिवेशन भी आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मेरे पूज्य पिताजी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल से ही मुझे जनसेवा और समाज सेवा के संस्कार मिले हैं। उनके आशीर्वाद से ही मुझे जन-कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करने की शक्ति मिलती है। पूज्य पिताजी से मिले संस्कार, गौमाता और आमजनों से मिला आशीर्वाद सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन रीवा ही नहीं पूरे विन्ध्य के लिए ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। आज से रीवा से दिल्ली के लिए 72 सीटर हवाई सेवा शुरू हो गई है। यह हवाई सेवा विन्ध्य के विकास की बड़ी छलांग साबित होगी। उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रंद्धाजलि दी। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। प्रतियोगिता 10 से 16 नवम्बर तक राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर रीवा नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय,  राजगोपाल मिश्रा चारी,   सतीश सिंह,  प्रकाश सोनी,  गौरव पाण्डेय,  अखिलेश शुक्ला,   अरूण मिश्रा तथा स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राशि बढ़ी तो खुशी से झूमीं लाड़ली बहनें

  भोपाल खुशियां लेकर आई खबर ने ग्वालियर जिले की लाड़ली बहनों का भी उत्साह बढ़ा दिया है। रोजमर्रा के काम में जुटीं महिलाओं को जब पता चला कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लाड़ली बहना की मासिक सहायता राशि 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए करने का निर्णय लिया गया है तो सभी महिलायें खुशी से झूम उठीं। ग्वालियर जिले के ग्राम धनेली निवासी श्रीमती प्रीति मौर्य का कहना है कि लाड़ली बहना योजना हमारे लिये बड़ा सहारा है। हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहायता राशि बढ़ाकर इस सहारे को आज और मजबूत कर दिया है। इसी तरह ग्राम भदरौली निवासी श्रीमती मोनी बोलीं कि लाड़ली बहना से मुझे सिर्फ धनराशि ही नहीं बल्कि आत्मविश्वास भी मिल रहा है, जिसे मुख्यमंत्री भैया ने आज और बढ़ा दिया है।       ग्वालियर शहर के छप्पर वाला पुल क्षेत्र की निवासी श्रीमती नर्मदा कुशवाह के चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। वे बोलीं कि अब हम अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में और सहूलियत हो गई है। आरोन ग्राम में रह रहीं श्रीमती पूजा भी काफी खुश थीं , उनका कहना था कि मुख्यमंत्री भैया ने महिलाओं के स्वावलम्बन की चिंता की है। इसी प्रकार ग्वालियर शहर की निवासी श्रीमती पूजा शुक्ला बोलीं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज हमारी खुशियों में और इजाफा कर दिया है। घर में होने जा रही शादी की खरीददारी करने बाजार के लिये निकलीं सरोज, रेखा, कृष्णा व उर्वशी आपस में बतिया रहीं थीं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेटी, बहू और माँ सहित सभी महिलाओं के मान-सम्मान और जरूरतों का पूरा ध्यान रख रहे हैं। ग्वालियर जिले में लगभग 3 लाख 5 हजार 600 से अधिक महिलायें “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” से जुड़ी हैं। नवम्बर माह से अब जिले की सभी लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से कुल मिलाकर 45 करोड़ 25 लाख रूपए से अधिक धनराशि पहुँचेगी।

शादी के बाद अपराध रोकने के लिए सख्ती: एमपी में हर विवाह का होगा रजिस्ट्रेशन जरूरी

सागर   शादी के शत प्रतिशत पंजीयन को लेकर अब सरकार विभिन्न प्रकार की पहल करने जा रही है. राज्य सरकार के योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे इंतजाम किए जाएं, जिससे हर साल होने वाले विवाहों का शत प्रतिशत पंजीयन हो सके. इसके लिए कई तरह के सुझाव भी दिए गए हैं. हालांकि, कलेक्टर को अपने स्तर पर ऐसी व्यवस्था करने को कहा गया है, जिससे शत प्रतिशत विवाह पंजीयन का लक्ष्य पूरा हो सके. विवाह पंजीयन के लिए दिशा निर्देश इन निर्देशों के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में मौके पर ही विवाह पंजीयन किया जाए. इसके अलावा मैरिज गार्डन और शादी घरों में अनिवार्य रूप से विवाह पंजीयन के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाए और प्रचार प्रसार भी किया जाए. पति की मौत के बाद परेशानियां देवउठनी एकादशी के बाद से ही शादियों का सिलसिला शुरू हो गया है. योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने विवाह पंजीयन का महत्व लोगों को बताने के लिए शत प्रतिशत विवाह पंजीयन कराने पर जोर दिया है. इस काम को पूरा करने के लिए सभी कलेक्टर को दिशा निर्देश जारी किए हैं. विभाग का कहना है कि विवाह पंजीयन से दंपत्ति को कानूनी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा. मध्य प्रदेश विवाह रजिस्ट्रेशन नियम 2008 के तहत राज्य के भीतर भारत के नागरिकों के बीच किसी भी विधि के अधीन किये गये विवाह का पंजीयन किया जाता है. विवाह पंजीयन नहीं होने पर महिलाओं को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पति की मृत्यु के बाद उनको मिलने वाले हक और अधिकार और अन्य भुगतान में परेशानी होती है. सामूहिक विवाह सम्मेलन में तत्काल पंजीयन आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के आयुक्त विकास मिश्रा का कहना है कि "विवाह पंजीयन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने पर सभी कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया गया है. इनमें आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान, मुख्यमंत्री निकाह एवं सामूहिक विवाहों में कार्यक्रम स्थल पर ही विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जाए." इसके अलावा सामूहिक विवाह कराने वाली संस्थाओं को प्रचार प्रसार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. विवाह पंजीयन की जागरूकता और अनिवार्यता को लोगों तक पहुंचाने के लिए सार्वजनिक स्थल, मैरिज गार्डन और शादी घरों में ऐसी व्यवस्था किया जाए, जिससे लोग तत्काल विवाह पंजीयन कराएं. मैरिज गार्डन संचालकों के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी कराए जाएं कि वो तत्काल विवाह पंजीयन के लिए प्रेरित करने के साथ मदद करें.

25 नवंबर को अयोध्या में नया इतिहास: भगवान श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण, विशाल टेंट सिटी तैयार

अयोध्या   भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य आयोजन की साक्षी बनने जा रही है. 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था कर रहा है. 5 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में संपन्न होगा. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. ट्रस्ट की ओर से अब तक 6000 से अधिक लोगों को निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं. इन अतिथियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था के लिए शहर में लगभग 5000 से ज्यादा कमरे तैयार किए गए हैं. इनमें से 1600 कमरे राम मंदिर ट्रस्ट ने विशेष रूप से बुक किए हैं, ताकि मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र पुरम में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहां करीब ढाई हजार लोगों के ठहरने की उच्च स्तरीय व्यवस्था होगी. 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था कार्यक्रम के दिन 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था की गई है. हर अतिथि को सुव्यवस्थित ढंग से नाश्ता, भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, अयोध्या में बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यातायात और पार्किंग की विशेष योजना भी तैयार की गई है. शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होगा ताकि कोई जाम या असुविधा न हो. मंदिर ट्रस्ट ने की अतिथियों से ये अपील राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी आमंत्रित अतिथियों से आग्रह किया है कि वे 24 नवंबर की शाम तक अयोध्या पहुंच जाएं, जिससे अगले दिन के मुख्य कार्यक्रम में उन्हें कोई दिक्कत न हो. अतिथियों का प्रवेश मंदिर के मुख्य दर्शन मार्ग से कराया जाएगा और उनके बैठने की व्यवस्था मंदिर परिसर के परकोटे के कोर्टयार्ड में की जाएगी. ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. पूरी अयोध्या को इस अवसर पर सजाया-संवारा जा रहा है, और पूरे देश की निगाहें 25 नवंबर के इस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हुई हैं.