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मिलावटखोरों पर शिकंजा: इंदौर की मोमो फैक्ट्री में गंदगी और अजीनोमोटो का भारी उपयोग पाया गया

इंदौर  खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खातीपुरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद इसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। चिंटू मोमो फैक्ट्री में मिली भारी गंदगी खातीपुरा में संचालित 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री, जिसके प्रोपराइटर दीपक चौरे हैं, शहर के विभिन्न फास्ट फूड संचालकों को मोमोस सप्लाई करती है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान परिसर में भारी गंदगी मिली। रॉ मटेरियल (कच्चे माल) का भंडारण भी उचित तरीके से नहीं किया गया था। बच्चों के लिए 'जहर' अजीनोमोटो का जखीरा टीम को मौके पर बड़ी मात्रा में अजीनोमोटो (Ajinomoto) मिला। प्रभारी वर्षा खराटे ने पुष्टि की कि इस अजीनोमोटो का इस्तेमाल मोमोस बनाने में किया जा रहा था। यह स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों में तय सीमा से अधिक अजीनोमोटो का उपयोग हो रहा था, जो विशेष रूप से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। लाइसेंस नहीं, फैक्ट्री सील सबसे गंभीर बात यह पाई गई कि परिसर में खाद्य पदार्थ निर्माण के लिए आवश्यक वैध अनुज्ञप्ति (फूड लाइसेंस) ही नहीं थी। जन स्वास्थ्य और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए, परिसर में खाद्य कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया। टीम ने मौके से 04 प्रकार के मोमोस, मसाला, अजीनोमोटो, तंदूरी मसाला और चीज़ सहित कुल 07 नमूने जांच के लिए भेजे हैं और लगभग 150 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किया है। बायपास के रेस्टोरेंट भी रडार पर एक अन्य टीम ने तहसीलदार योगेश मेश्राम के नेतृत्व में इंदौर बायपास स्थित पपाया ट्री रेस्टोरेंट से पनीर और चना दाल के नमूने लिए। वहीं, जुरू रेस्टोरेंट (बायपास) से पनीर, पनीर लबाबदार और सेवइयां के सैंपल लिए गए। इसके अलावा, राउ स्थित यूडब्लयूसी फूड प्राइवेट लिमिटेड, जो चिप्स निर्माण का काम करती है, से चिप्स और आलू पाउडर के नमूने भी लिए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

गुरुनानक देव की जयंती पर मोहन यादव ने गुरुद्वारा में मत्था टेका, देशभक्ति और बलिदान की बात कही

भोपाल  गुरुनानक देव का 556वां प्रकाशपर्व राजधानी भोपाल में धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश वासियों को प्रकाश पर्व की शुभाकामनांए दी. साथ ही गुरु तेग बहादुर की 350वीं जन्मजयंती को भी धूमधाम से मनाने का आश्वासन दिया. सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की जन्म जयंती पिछली बार भी प्रदेश में धूमधाम से मनाई गई थी, इस बार भी सरकार इसके लिए कटिबद्ध है. गुरुनानक ने अपने जीवन से किया लोगों को प्रेरित हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मत्था टेका. इसके बाद कुछ देर गुरुद्वारे में बैठकर कीर्तन सुना. इसके बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि "हम लोग कार्तिक पूर्णिमा को ऐसे गुरुद्वारे में मना रहे हैं, जो साक्षात ईश्वर के समान थे. उन्होंने कहा कि गुरुनानक एक ऐसा विराट व्यक्तित्व थे, जिसने मानवता को सेवा, कीर्तन और शिक्षा के माध्यम से ने केवल साहस दिया बल्कि अपने जीवन के जरिए उन्होंने सीख भी दी." अरब देशों में जाकर भी किया एक ओंकार का प्रसार सीएम मोहन यादव ने कहा कि "संत गुरुनानक पूरे देश में पदयात्रा करते थे. वर्तमान देश ही नहीं, उस समय के अफगानिस्तान और अरब देशों में भी जाकर उन्होंने निडरता के साथ एक ओंकार सतनाम वाहे गुरु का मंत्र दिया. उस दौर में अरब देशों में ऐसा करना कोई सोच भी नहीं सकता था, लेकिन गुरुनानक ने वहां जाकर भी प्रचार किए कि ईश्वर एक है. गुरुनानक का अरब और अफगानिस्तान में जो भाव था, वह बाबर के सामने भी रहा. देश को बचाने के लिए सिक्ख समाज ने किया बलिदान उन्होंने कहा कि संत गुरुनानक ने लोगों को बताया कि नाम जप से अयात्मिक और मानसिक उर्जा मिलती है. इसीलिए उन्होंने नाम जप और संकीर्तन के लिए लोगों को प्रेरित किया. उन्होंने सामाजिक समरसता के लिए सब लोगों को एक पंगत में लेकर आए. उनका मानना था कि जातिगत विभिन्नताओं से समाज कमजोर होता है. इन समाज में दूरियां बढ़ती हैं. अन्याय करने वालों के साथ दृड़ता से खड़े रहने का जो पाठ गुरुनानक ने सिखाया, उसे गुरु तेग बहादुर से लेक गुरु गोविंद सिंह तक ने मजबूती से निभाया. चाहे अफगानी रहे हो या मुगल या अंग्रेज, सिक्ख समाज ने देश को बचाने के लिए हमेशा बलिदान किया." हमीदिया रोड में 15 हजार लोगों का लंगर गुरुनानक के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर अरेरा कॉलोनी, हमीदिया रोड और पिपलानी स्थित गुरुद्वारों को रंगबिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है. वहीं हमीदिया रोड गुरुद्वारे पर 15 हजार लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है. यहां 35 से 40 क्विंटल खाद्य सामग्री का उपयोग इस विशाल लंगर में किया जाएगा. शहर के 5 से 6 गुरुद्वारों से रोटियां व अन्य सामग्री भी बनाकर हमीदिया रोड गुरुद्वारे में लंगर के लिए भेजी जाएगी.

मध्य प्रदेश बिजली विवाद: 10 घंटे वाले सर्कुलर के बाद चीफ इंजीनियर को हटाया, CM ने लिया सख्त निर्णय

भोपाल  एमपी में किसानों को बिजली आपूर्ति के लिए तय की गई समय सीमा को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सीएम मोहन यादव एक्शन में दिखे। उन्होंने नए फरमान कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति पर अफसरों का वेतन काटे जाने के मामले को तूल पकड़ता देख चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दिए हैं। यहां पढ़ें पूरा मामला दरअसल एमपी की विद्युत वितरण कंपनी, मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड और कुछ क्षेत्रीय वितरण कंपनी ने कृषि फीडरों को लेकर एक फरमान जारी किया था, जिसमें कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली दिया जाना निश्चित किया गया। इस नये फरमान के मुताबिक यदि किसी क्षेत्र में तय समय सीमा के 10 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जाती है, उस क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी काटी जाएगी और अतिरिक्त बिजली का भुगतान लिया जाएगा। ये अधिकारी और कर्मचारी उसी क्षेत्र के फीडर और नेटवर्क के होंगे। वहीं दूसरी ओर कंपनी ने कहा है कि किसानों को रोजाना 10 घंटे की बिजली लगातार दी जा रही है। विपक्ष ने बोला हमला इस फरमान के बाद विपक्ष ने बीजेपी को जमकर घेरा। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या प्रदेश में बिजली की इतनी कमी है कि बिजली कंपनी को ये सर्कुलर जारी करना पड़ा कि 10 घंटे से 1 मिनट भी बिजली आपूर्ति ज्यादा दिखी, तो संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उनका वेतन काटा जाएगा। संक्षिप्त में जानें विवाद     कृषि विद्युत आपूर्ति को 10 घंटे में सीमित करना     अधिक बिजली देने पर अधिकारियों का वेतन काटा जाना     कंपनी का ये कहना कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति कर्मचारियों और अधिकारियों के तनाव का कारण बन सकती है।     विपक्ष इसे अस्पष्ट, अनुचित दबाव वाला कदम बता रहा है।     यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि किसानों की बिजली आपूर्ति और सब्सिडी से जुड़ा है। ऐसे निर्णय सीधे ग्रामीण इलाकों की दैनिक कृषि-क्रियाओं को प्रभावित करते हैं। सीएम ने लिया एक्शन इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएम मोहन यादव ने जहां किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पर्याप्त आपूर्ति देने का आश्वासन दिया है। वहीं कृषि फीडरों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति के निश्चित किए गए समय और अफसरों के वेतन काटे जाने के फरमान का जारी किए गए सर्कुलेशन को लेकर भी सख्त एक्शन में नजर आए। उन्होंने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। सीएम मोहन यादव का ये कदम दायित्व परक रवैये का संकेत माना जा रहा है। वहीं सीएम का एक्शन एक संदेश है कि सरकार किसानों की बिजली आपूर्ति को हल करने के लिए सक्रिय है।

ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले

समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ महाभियान: अब तक 73 लाख ने दिए सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले कृषि, ग्राम विकास और शिक्षा से संबंधित विषयों में मिले सर्वाधिक फीडबैक सुझाव देने में जौनपुर, संभल और गाजीपुर जनपद रहे टॉप तीन में अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न लखनऊ ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047-समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान प्रदेश की विकास यात्रा की जानकारी साझा कर भविष्य के रोडमैप पर फीडबैक प्राप्त किया गया। महाभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 73 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं। शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास पर सर्वाधिक फीडबैक आयु वर्ग के अनुसार देखें तो 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से 36 लाख से ज्यादा, 31–60 वर्ष से 33.54 लाख से ज्यादा और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से 3.42 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं। प्राप्त सुझावों में सबसे अधिक कृषि (19.30 लाख से ज्यादा), ग्रामीण विकास (14.16 लाख से ज्यादा) और शिक्षा (16.42 लाख से ज्यादा) से संबंधित रहे। इसके अलावा उद्योग, आईटी, पर्यटन, समाज कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक राय दी गई। फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (7.42 लाख से ज्यादा) पहले, संभल (6.89 लाख से ज्यादा) दूसरे और गाजीपुर (3.37 लाख से ज्यादा) तीसरे स्थान पर रहे।  रोजगार, शिक्षा, न्यायिक सुधार और औद्योगिक निवेश पर ज़ोर महोबा के योगेश नायक जी ने सुझाव दिया है कि कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई प्रणाली और सोलर पंपों का उपयोग बढ़ाया जाए। छोटे किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी की सुविधाएँ स्थापित की जाएँ तथा पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए बीमा योजनाएँ शुरू की जाएँ।  फतेहपुर के प्रशांत कुमार जी का मानना है कि 2047 तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और शोध आधारित अध्ययन से छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा सकता है।  कुशीनगर के आदित्य मिश्र जी ने न्यायिक, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, कृषि, कर, बिजली, शहरी, जल प्रबंधन, औद्योगिक, श्रम और पर्यावरण क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, एआई-आधारित केस प्रबंधन, पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड, स्मार्ट ग्रिड और हरित बुनियादी ढांचे जैसे सुझाव शामिल हैं।  वहीं फर्रुखाबाद के रजत गुप्ता जी ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हरियाणा, तमिलनाडु और गुजरात की तरह बड़ी कंपनियों को आमंत्रित किया जाए ताकि लखनऊ और कानपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के माध्यम से प्रदेश को नई ऊर्जा, युवाओं को रोजगार और विकास को नई दिशा मिल सके। 51,000 से अधिक ग्राम सभाओं में बैठकें सम्पन्न प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष बैठकें और गोष्ठियां आयोजित की गईं। अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह महाभियान जनता की सहभागिता और सुझावों के आधार पर “विजन उत्तर प्रदेश 2047” डॉक्यूमेंट तैयार करने की दिशा में अग्रसर है।

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बंगाल से श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे, कार्तिक पूर्णिमा पर नर्मदा में डुबकी लगाई

अनूपपुर  पवित्र नगरी अमरकंटक में कार्तिक मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पतित पावनी पुण्यसलिला मां नर्मदा जी के कोटि तीर्थ, कुंड एवं रामघाट में बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भोर की पहली किरण के साथ ही भक्तों द्वारा पुण्य स्नान, पूजन-अर्चन और दीपदान का क्रम प्रारंभ हो गया। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम स्थल परिसर में दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मन्नत मांगी। घाटों पर दीपों की जगमगाहट और श्रद्धा से भरे स्वर वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। नर्मदा मंदिर में भी भक्तगण भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। दर्शन के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा में हैं। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, भगवान भोलेनाथ और कार्तिकेय देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किया गया स्नान, दर्शन और दीपदान अत्यंत फलदायी और शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा के इस पुण्य पर्व पर अमरकंटक के घाटों, मंदिरों और मार्गों में भक्ति और उत्सव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

गंगा तट पर सजेगा दिव्य दीपमाल: काशी में जलेगा 25 लाख दीप, गूंजेगी आतिशबाजी

वाराणसी। काशी के अर्धचंद्राकार घाट, कुंड और तालाब आज दीपों की आभा से जगमगाएंगे। 84 घाट, 96 कुंड और तालाबों पर 25 लाख दीप जगमग होंगे। देव दीपावली पर बुधवार को घाट दीपों की पंक्तियों से सजेंगे। अस्सी से नमो घाट तक आयोजन होंगे और कहीं लेजर शो, ग्रीन आतिशबाजी और रंगोली आकर्षण का केंद्र होगी। देव दीपावली का शुभारंभ सभी घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन से शाम 5:15 से 5:50 बजे तक होगा। इसके बाद प्रमुख घाट नमो घाट, दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सी घाट पर विशेष गंगा आरती शाम छह बजे से 6:50 बजे तक संपन्न होगी। चेत सिंह घाट पर दर्शकों के लिए तीन चरणों में प्रोजेक्शन व लेजर शो होगा। पहला शो शाम 6:15 से 6:45 बजे, दूसरा 7:15 से 7:45 बजे और तीसरा शो 8:15 से 8:45 बजे तक चलेगा। ललिता घाट के सामने रेती पर रात आठ बजे से 8:15 बजे तक ग्रीन आतिशबाजी होगी। पूरे आयोजन को लेकर सुरक्षा, सफाई और यातायात की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घाटों और गलियों को सजाने के लिए पर्यटन विभाग ने नगर निगम से समन्वय स्थापित कर आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की है। गंगा तटों पर इस दौरान दीपों की रोशनी और आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी का संगम एक अलौकिक दृश्य रचेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन पर सजेगी दिव्य और हरित काशी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक देव दीपावली काशी की आत्मा और आस्था का उत्सव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आज काशी अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी उदाहरण बन रही है। हमारा लक्ष्य है कि श्रद्धालु इस पावन पर्व पर न केवल दिव्यता का अनुभव करें, बल्कि ‘स्वच्छ, हरित और विश्व स्तर की काशी’ के संदेश को भी महसूस करें। देव दीपावली पर खास     दशाश्वमेध और राजघाट पर ऑपरेशन सिंदूर की विशेष झलक     घाटों पर नारी सशक्तीकरण थीम के तहत विशेष सजावट     बूंदी परकोटा पर भगवान बुद्ध, जैन घाट पर अहिंसा परमो धर्मः और गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव थीम पर सजावट     घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन के लिए 83 समितियां होंगी शामिल     गंगा पार रेत पर भी दीप प्रज्ज्वलन होगा     हेरिटेज स्टोरी टेलिंग सत्र का आयोजन     ग्रीन आतिशबाजी का भव्य आयोजन  

वकील राकेश ने खजुराहो के विष्णु मंदिर में किया दौरा, नई मूर्ति स्थापना की मांग की

 छतरपुर  सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की ओर जूता उछालने वाले वकील राकेश किशोर बुधवार सुबह करीब दस बजे खजुराहो के जवारी मंदिर पहुंचे, जहां थोड़ी देर वो बैठे और बाहर आकर मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा हम सभी सनातनी हैं। उन्हेांने कहा कोई जातिगत बात नहीं है। जात-पात की करो विदाई हम सब हिन्दू भाई भाई। जहां वह भारतीय संस्कृति की वेशभूषा में नजर आए। उनके साथ संतों का एक समूह भी साथ था। इस दौरान सिविल ड्रेस में खजुराहो पुलिस और एएसआई की टीम भी मौजूद रही। गौरतलब है कि वकील राकेश ने पूर्व में कहा कि अगर विष्णु भगवान की मूर्ति के सिर लग जाए, तब भी वह खंडित रहेगी। इसके बगल में एक और मूर्ति लग जाए और उसकी पूजा होनी चाहिए। या फिर इस मूर्ति को निकालकर गंगा में विसर्जित करें और बिलकुल ऐसी ही मूर्ति लगाई जाए। बता दें कि बीते दिनों सीजेआई बीआर गवई ने खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति के पुनर्निर्माण की याचिका को खारिज करते हुए कहा गया था, ‘भगवान से कहो कि वही कुछ करें’। डॉ. राकेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों और सनातन प्रेमियों से वहां पहुंचने का आह्वान था।  

भोपाल का धार्मिक आयोजन एक शाम छींद वाले दादाजी के नाम

पूर्व 1190 वितरित राम का आधार रामायण वितरण योजना के तहत रामचरित मानस अर्थ सहित भी भेंट की जाएगी    भोपाल पूर्व पाठों के 1293 महानुभावों की भांति नवम्बर संपूर्ण माह में जिन सनातन धर्म प्रेमियों के जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ की तिथियां हैं उन लगभग 44 लोगों को सम्मानित किया जाएगा । आपके परिवार में अगर किसी के जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ की तिथियां हो तो कृपया सूचित करने का कष्ट करें।   प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को आयोजित होने वाली श्रृंखला संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन 8 नवंबर 2025 को समय शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे के मध्य श्री परशुराम मंदिर शिवाजी नगर भोपाल* में किया गया है।  देव उठनी एकादशी एवं तुलसी विवाह के उपरांत पाठ का आयोजन है इस पावन पर्व के संयोग के कारण 101 तुलसी की माला गौमुखी सहित उपस्थित सनातन धर्म प्रेमियों को पूर्व की भांति श्री सुंदरकांड पारिवारिक मंडल द्वारा भेंट की जाएगी। आप सभी सपरिवार आमंत्रित हैं।

वंशिका की शादी का सफर: बचपन से बिंदी पहनने वाली लड़की ने मां के विरोध के बावजूद किया हिंदू युवक से विवाह

खंडवा  प्रेम की राह में धर्म और शरहद की दीवारें भी छोटी पड़ जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी सामने आई है मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित महादेवगढ़ मंदिर से है। यहां धार जिले की रहने वाली युवती रुखसार ने अपने प्रेमी विशाल के साथ सात फेरे लिए हैं। इसके लिए उसने अपने परिवार से बगावत की और धर्म भी बदला है। धर्म परिवर्तन कर किया विवाह धार जिले की रहने वाली रुखसार का विवाह 27 नवंबर को होने वाला था। परिवार ने निकाह की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली थीं लेकिन इसके कुछ दिन पहले ही युवती ने अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय ले लिया। बताया जाता है कि रुखसार लंबे समय से खंडवा निवासी विशाल से प्रेम करती थी। लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि दोनों का मिलन संभव नहीं दिख रहा था। इसी बीच युवती ने अपने तय निकाह से पहले घर छोड़ दिया और सीधे खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर पहुंच गई। मंदिर में उसने बताया कि वह विशाल के साथ ही अपना जीवन बिताना चाहती है। साथ ही अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहती है। इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार विधिवत धर्म परिवर्तन संस्कार करवाया। संस्कार के बाद युवती को नया नाम वंशिका दिया गया। मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच बंधे विवाह सूत्र में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में ही विवाह की तैयारी शुरू कर दी गई। वेद मंत्रों के बीच दोनों का विवाह संपन्न करवाया गया। वंशिका और विशाल ने सात फेरे लिए। विशाल ने मंगलसूत्र पहनाकर वंशिका को अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में मौजूद स्थानीय लोगों और मंदिर कमेटी ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया। मंदिर समिति ने की महाआरती विवाह के बाद महादेवगढ़ मंदिर की परंपरा के अनुसार भगवान महादेव की महाआरती की गई। मंदिर संचालक संरक्षक अशोक पालीवाल के नेतृत्व में समिति की ओर से नवविवाहित दंपती को रामायण का पवित्र ग्रंथ भी भेंट किया गया। दुल्हन वंशिका ने रामायण को जीवन में प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि रामायण में लिखा है कि श्रीराम ने अपनी पत्नी को पाने के लिए समुद्र पर सेतु तक बना दिया था। मैं हमेशा इसे कहानी समझती थी लेकिन अब इसे पढ़कर अपने जीवन में भी आदर्श और दृढ़ता लाना चाहती हूं। फैसले पर अडिग रही युवती रुखसार का विवाह 27 नवंबर को उसके मायके धार में होना था। परिवार ने रिश्तेदारों और समाज में निमंत्रण तक भेज दिया था। लेकिन युवती का अचानक घर छोड़कर धर्म परिवर्तन और विवाह कर लेना परिवार को बेहद नागवार गुजरा है। परिवार की ओर से गुस्सा और नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि फिलहाल परिवार ने युवती से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया है। वंशिका बनी रुखसार ने कहा कि मुझे मालूम है कि परिवार नाराज है, लेकिन मैंने अपना निर्णय सोच-समझकर लिया है। मुझे विश्वास है कि सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान है और मैं अपने जीवन का फैसला स्वयं करने की हकदार हूं।

ठंड और कोहरे के बीच बारिश का अनुमान, मध्यप्रदेश के 16 जिलों में बूंदाबांदी, भोपाल-इंदौर में सूरज चमकेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में बुधवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला सा रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश में ठंड भी बढ़ने लगी है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, वहीं सुबह घना कोहरा छाया रहा। राज्य के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के आसपास रहा। बुधवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। 16 जिलों में हो सकती है हल्की बारिश मौसम विभाग ने बुधवार को रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, सिवनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिनभर साफ आसमान और धूप खिली रहेगी। विभाग ने 6 नवंबर को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया है। उत्तरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मध्यप्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके असर से कुछ जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। दूसरी ओर, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव हो रहा है। अगले कुछ दिन में यह भारत में पहुंच जाएगा। जिससे हिमालयीन क्षेत्र में बर्फबारी भी हो सकती है। इसके बाद उत्तरी हवाओं का असर बढ़ेगा और एमपी में भी ठंडक का असर बढ़ जाएगा। दो दिन बाद पूरी तरह से साफ हो जाएगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 नवंबर को कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी, बादल वाला मौसम रहेगा। फिर उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा, तापमान 24.6 डिग्री मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां 2 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 24.6 डिग्री पहुंच गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। ग्वालियर में सुबह विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर रही। वहीं, अधिकांश शहरों में 4 से 10 किलोमीटर दर्ज की गई। रात में रीवा में पारा 12.5 डिग्री रहा। नौगांव में 13 डिग्री, उमरिया में 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा। इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। साथ ही, एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय हो रहा है, जो अगले कुछ दिनों में हिमालयी क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इससे उत्तर भारत में बर्फबारी और ठंड दोनों बढ़ने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। दो दिन बाद मौसम रहेगा साफ, फिर बढ़ेगी ठंड विभाग का अनुमान है कि 5 और 6 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे, लेकिन इसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं आने लगेंगी। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी आएगी। नवंबर के दूसरे सप्ताह से दिन और रात दोनों ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद प्रदेश में ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 1–2 डिग्री नीचे रहा। राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिवपुरी, श्योपुर, रतलाम, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर, बैतूल, धार, नरसिंहपुर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़ और मलाजखंड में दिन का पारा 30 डिग्री से नीचे रहा। रात के तापमान की बात करें तो रीवा में 12.5 डिग्री, नौगांव में 13 डिग्री और उमरिया में 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।