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देसी स्वाद का दुनिया में डंका! अंतरराष्ट्रीय चूरमा दिवस पर वैश्विक पहचान दिलाने की पहल

झज्जर. आधुनिकता की अंधी दौड़ और डिब्बाबंद खान-पान के इस दौर में जहां हमारी पारंपरिक देसी खुराकें लुप्त होने की कगार पर हैं, वहीं अपनी सांस्कृतिक विरासत और गांव-देहात की अनमोल पहचान को वैश्विक पटल पर चमकाने के लिए एक बेहद अनूठी मुहिम की शुरुआत की गई है। ''खाओ चूरमा, बनो सूरमा'' के बुलंद और ओजस्वी नारे के साथ 13 जुलाई 2026 को दुनिया भर में ''तीसरा अंतरराष्ट्रीय चूरमा दिवस'' बेहद गौरवमयी अंदाज में मनाया जाएगा। दरअसल, इस वैश्विक मुहिम की नींव आज से ठीक तीन साल पहले 13 जुलाई 2024 को रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों के पारंपरिक खान-पान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करना रहा। इस मुहिम के प्रणेता झज्जर के लाडले और यूके के काउंसलर रोहित अहलावत ने दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों और अपनी संस्कृति से प्यार करने वाले लोगों से इस ऐतिहासिक दिन को एक उत्सव के रूप में मनाने की भावुक अपील की है। बाजारीकरण के दौर में देसी पहचान की लड़ाई काउंसलर रोहित अहलावत का मानना है कि आज के समय में हर छोटी-बड़ी पश्चिमी चीज़ का बड़े स्तर पर प्रचार करके उसे हमारे घरों तक पहुंचा दिया गया है, लेकिन हमारे गांवों की असली पहचान, स्वाद और सेहत का खजाना रही मुख्य खुराक ''चूरमा'' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह गौरव और पहचान नहीं मिल सकी है, जिसकी यह हकदार है। यह मुहिम इसी खाई को पाटने और भावी पीढ़ी को अपनी पौष्टिक विरासत से रूबरू कराने का एक जीवंत प्रयास है। मेडलवीर खिलाड़ियों और सरहद के सूरमाओं की असली ताकत  देखा जाए तो चूरमे का इतिहास केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शारीरिक बल और अदम्य साहस का प्रतीक भी रहा है। खेल के मैदानों में जब देश के पहलवान, मुक्केबाज और धावक अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए देश के लिए मेडल जीतते हैं, तो वे अपनी इस अपार सफलता के पीछे अपनी इसी देसी खुराक और मां के हाथ के बने चूरमे का ज़िक्र गर्व से करते हैं। इसके साथ ही, देश की सीमाओं पर तैनात जवान भी जब छुट्टियों के बाद अपनी ड्यूटी पर लौटते हैं, तो अपने साथ मां के प्यार से लिपटा चूरमा लेकर जाते हैं, जो महीनों तक बिना खराब हुए उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी ऊर्जा और शक्ति प्रदान करता है। 13 जुलाई को हर घर में महकेगा पारंपरिक स्वाद काउंसलर रोहित अहलावत ने सभी देशवासियों और वैश्विक नागरिकों से अनुरोध किया है कि इस मुहिम को एक जन-आंदोलन का रूप दें। उन्होंने अपील की है कि आगामी 13 जुलाई 2026 को सभी लोग अपने-अपने घरों में शुद्ध देसी घी और गुड़-शक्कर का पारंपरिक चूरमा अनिवार्य रूप से बनाएं। बच्चों के स्कूल के लंच बाक्स में चूरमा भेजें ताकि नई पीढ़ी को इस स्वाद और इसके महत्व का पता चल सके। नौकरीपेशा और व्यवसायी लोग अपने कार्यस्थल पर भी अपनी इस पारंपरिक धरोहर को साथ लेकर जाएं और अपने साथियों के साथ साझा करें। ऐसा करने से हम अपनी गौरवशाली संस्कृति, बेमिसाल स्वाद तथा सेहतमंद विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और अमिट पहचान दिला पाएंगे।

18 साइबर ठगी मामलों से जुड़ा फर्जी सिम रैकेट उजागर, ‘शिवम टेलीकॉम’ पर कार्रवाई

नई दिल्ली  सेंट्रल जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को अवैध रूप से प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक लाइसेंसधारी टेलीकॉम पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा एक्टिव किए गए सिम कार्ड देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 18 से अधिक साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत नगर निवासी शिवा के तौर पर हुई है। आरोपी रोड किनारे स्टॉल लगाकर 'शिवम टेलीकॉम' के नाम से सिम बेचता था। डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में कार्यरत ऐसे टेलीकॉम PoS एजेंटों के बारे में पता किया जा रहा था, जिनसे जारी सिम कार्ड बार-बार साइबर अपराधों में उपयोग हो रहे थे। जांच के दौरान शिवा सिम्स, नीतीश टेलीकॉम और शिवम टेलीकॉम संदेह के दायरे में आए। 2 जुलाई को आरोपी को पकड़ा जांच में पता चला कि आम लोगों के नाम पर एक्टिवेट किए गए सिम साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे। एसएचओ इंस्पेक्टर योगराज दलाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जांच में सामने आया कि शिवम टेलीकॉम के माध्यम से अवैध रूप से एक्टिव किए गए 11 सिम कार्ड देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 18 साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए थे। इसके बाद 2 जुलाई को आरोपी को हिंदूराव अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।     आरोपी के सिम कार्डों से देश के अलग-अलग राज्यों में हुई 18 से ज्यादा साइबर ठगियां     सड़क किनारे स्टॉल लगाकर बेचता था सिम, 11 सिम कार्डों से खुली बड़ी साजिश की पोल 500-600 रुपये में बेचता था एक सिम पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आम ग्राहकों के आईडी प्रूफ और बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी और सहमति के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। इसके बाद वह इन प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्डों को 500 से 600 रुपये प्रति सिम के हिसाब से बिचौलियों और साइबर अपराधियों को बेच देता था। आरोपी जानबूझकर केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन के नियमों का उल्लंघन करता था। वह असली ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता और उन्हें साइबर ठगों तक पहुंचाता था।  

सतना का 10 वर्षीय बालक अकेले पहुंचा भोपाल, रेवांचल एक्सप्रेस में सफर के बाद GRP ने ऐसे खोजी मां

 भोपाल ऑपरेशन हमर्दद ने एक मासूम को उसकी मां से मिलवा दिया। बच्चे के सही सलामत होने की खबर सुन मां भावुक हो गई। मामला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का है। जीआरपी ऑपरेशन हमदर्द चला रही है। 10 वर्षीय बालक स्टेशन पर भीख मांग रहा था। महिला आरक्षकों ने उसकी पूरी बात सुनी। बच्चे ने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया। इसी एक नंबर ने मां-बेटे को फिर से मिला दिया। स्टेशन पर भीख मांगते मिला था बालक जीआरपी के अनुसार, बुधवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन हमदर्द के तहत बेशहारा और लावारिस लोगों का डोजियर तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान ओवरब्रिज पर एक 10 वर्षीय बालक भीख मांगता मिला। महिला आरक्षकों ने उसे सुरक्षित जीआरपी थाने लाकर पूछताछ शुरू की। सतना से अकेला पहुंच गया भोपाल बच्चे ने बताया कि वह सतना से रेवांचल एक्सप्रेस में अकेले बैठकर भोपाल पहुंच गया था। सुबह से वह स्टेशन परिसर में भीख मांग रहा था। बातचीत के दौरान उसने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया, जिसके बाद जीआरपी ने तुरंत संपर्क किया।  

छत्तीसगढ़: बिलासपुर की प्रार्थना सभा विवादों में, धर्मांतरण के आरोपों के बाद बढ़ा तनाव

बिलासपुर. बिलासपुर में एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित लायंस क्लब भवन के पास आयोजित एक प्रार्थना सभा उस समय विवादों में आ गई, जब हिंदू संगठनों ने सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया। मामले की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम का विरोध करते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का आरोप हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में भोले-भाले हिंदू परिवारों, महिलाओं और बच्चों को बीमारी ठीक करने, बच्चों का स्कूल में प्रवेश दिलाने, नशे की लत छुड़ाने तथा अन्य समस्याओं के समाधान का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। संगठन ने इसे सुनियोजित धर्मांतरण का प्रयास बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण में सिमडेगा आगे, गोड्डा सबसे पीछे, डिजिटल अपलोड की धीमी रफ्तार

रांची  राज्य में चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अब तक 34.62 प्रतिशत मतदाताओं को बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र दिए जा चुके हैं। हालांकि मतदाताओं द्वारा भरा हुआ तथा हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अभी 3.53 मतदाताओं के ही डिजिटली अपलोड हुए हैं। गणना प्रपत्र अपलोड करने में सिमडेगा सबसे आगे हैं, जहां 15 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटलाइज्ड कर दिए गए हैं। सबसे पीछे गोड्डा है, जहां एक भी प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र अभी तक अपलोड नहीं किए जा सके हैं। पांच जिलों में पांच प्रतिशत काम पूरा मतदाताओं द्वारा भरे हुए तथा हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अपलोड करने की बात करें तो पांच अन्य जिले ऐसे हैं, जहां पांच प्रतिशत मतदाताओं के ये कार्य पूरे किए जा चुके हैं। रामगढ़ में लगभग 10 प्रतिशत, पश्चिमी सिंहभूम में नौ प्रतिशत, कोडरमा में आठ प्रतिशत, लोहरदगा में सात प्रतिशत तथा दुमका में छह प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र अपलोड कर दिए गए हैं। अन्य जिलों में एक से चार प्रतिशत मतदाताओं के ही गणना प्रपत्र अपलोड हुए हैं। रांची में 2.33 प्रतिशत मतदाताओं का यह कार्य पूरा हुआ है। बताते चलें कि एसआइआर के तहत 29 जुलाई तक गणना चरण चलेगा, जिसमें मतदाताओं से गणना प्रपत्र भराए जाएंगे। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन पांच अगस्त को जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा होंगे तथा अपलोड किए जाएंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में प्रकाशित होगा। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन पांच अगस्त होगा प्रारूप मतदाता सूची पर चार सितंबर तक आपत्तियां ली जाएंगी तथा तीन अक्टूबर तक आपत्तियां का निपटारा होगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर को होगा     वर्तमान में राज्य में कुल मतदाता : 2,64,63,236     जितने मतदाताओं को मिल चुके गणना प्रपत्र : 91,62,749     जितने मतदाताओं के गणना प्रपत्र हो चुके अपलोड 9,34,998  

समान नागरिक संहिता को लेकर सियासी घमासान, कांग्रेस ने जनसुनवाई बहिष्कार का ऐलान किया

जयपुर राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता (RUCC-2026) का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. इन सबके बीच सियासी घमासान भी शुरू हो गया है. कांग्रेस ने हर संभाग स्तर पर होने वाली जनसुनवाई का बहिष्कार करने की तैयारी कर ली है. दरअसल, विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सुझाव के लिए जनसुनवाई की तैयारी है. इसमें सामाजिक संगठन, विधि विशेषज्ञ, गैर-सरकारी संगठन, चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और आम नागरिक अपनी राय रख सकेंगे. इस रायशुमारी के बाद समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार किया जाएगा. 30 जून को बैठक में दिए थे निर्देश गृह विभाग की ओर से 30 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जनसुनवाई के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है. अधिकारियों से कहा गया कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए. इन मुद्दों पर सुझाव लेगी सरकार संयुक्त शासन सचिव अंजली राजोरिया ने बताया कि समिति विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों पर सुझाव ले रही है. जयपुर में जनसुनवाई रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी. कलेक्ट्रेट में 10 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सुझाव लिए जाएंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आम नागरिकों के लिए जनसुनवाई होगी, जिसमें कोई भी व्यक्ति समिति के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकेगा. 11 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आम नागरिकों की जनसुनवाई होगी. इस दौरान RUCC-2026 समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान नागरिकों से सुझाव लेंगी. ये है संभागवार कार्यक्रम बीकानेर: 2 और 3 जुलाई जोधपुर: 6 और 7 जुलाई अजमेर: 6 और 7 जुलाई उदयपुर: 13 और 14 जुलाई कोटा: 7 और 8 जुलाई भरतपुर: 9 और 10 जुलाई  

मेवात पहुंचेंगे CJI सूर्यकांत, खाप 360 के प्रधान करेंगे स्वागत, कार्यक्रम को लेकर उत्साह

मेवात. आगामी 12 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के दौरे को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है। पहली बार मेवात की ऐतिहासिक भूमि पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कार्यक्रम के दौरान सीजेआई सूर्यकांत के आगमन पर 360 खाप के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान और 84 खाप के प्रधान शिवदत्त सहरावत क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के साथ उनका भव्य स्वागत करेंगे। विभिन्न समितियों का गठन किया गया दोनों खापों के प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र के लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। स्वागत की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन तो तैयारियों में जुटा ही है। साथ ही विभिन्न समितियों का गठन किया गया है और कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा 360 के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान ने कहा कि सीजेआई सूर्यकांत के स्वागत के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, तावड़ू 84 प्रधान शिवदत्त सहरावत ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है।

लखनऊ में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, नितिन नवीन और योगी ने साधा विपक्ष पर निशाना

लखनऊ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ दौरा न केवल भाजपा संगठन के लिए नई ऊर्जा देने वाला रहा बल्कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार को भी राहत दे गया। इस दौरे में नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन-2027 के लिए संगठन व सहयोगी दलों के साथ समन्वय की राह प्रशस्त की। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से उपजी उलझन को आक्रामकता के साथ विपक्ष पर हमला कर वर्ष 2027 के सियासी रण के तेवर-तपिश भी तय कर दी। मिशन-2027 में तीखे हमले-पलटवार की रणनीति भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा ऐसे वक्त में हुआ जब संगठन और सरकार दोनों राममंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष के निशाने पर थे। नितिन नवीन ने खुद ही कहा कि वह मिशन-2027 के सियासी रण का शंखनाद करने आए थे, उन्होंने कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों के साथ मंथन कर किया भी वैसा ही। उन्हें कड़े परिश्रम की सीख दी उन्होंने जिस आक्रामकता से विपक्ष खासतौर पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल का नाम लेकर हमला किया, उससे साफ कर दिया है कि मिशन-2027 के रण में भाजपा कुछ ऐसे ही तीखे हमलों-पलटवार से विपक्ष को घेरेगी। विपक्ष को असहज करने की कोशिश दरअसल, विपक्ष नहीं चाहता कि 2027 का सियासी समर धार्मिक मुद्दों, मजहबी वैमनस्यता अथवा उसके कार्यकाल से जुड़े रहे अतीत के किस्सों के इर्द-गिर्द लड़ा जाए। कहना गलत न होगा कि विपक्ष को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था और माफिया के मुद्दे उठाकर घेरते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को भी कुछ ऐसा ही कर विपक्ष को असहज करने की कोशिश की। अव्वल तो उन्होंने हिन्दू हृदय सम्राट की अपनी छवि के मुताबिक, अपना संबोधन ही ‘सियावर रामचंद्र’ की जय और ‘योगेश्वर श्री कृष्ण की जय’ के साथ शुरू किया। इसके पीछे उनकी मंशा विपक्ष को संदेश देने की थी कि प्रभु राम हिन्दुओं की आस्था के केंद्र में थे हैं और रहेंगे। राम मंदिर से एक कदम आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री ने योगेश्वर श्रीकृष्ण की जयकार कर हिन्दुओं के ह्रदय को मथुरा में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जोड़ने की कोशिश की। नितिन नवीन ने सपा और कांग्रेस को घेरा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को लखनऊ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस आज खत्म होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। भाजपा कार्यकर्ता सपा की राजनीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेकर मैदान में उतरेगा। इस बार साइकिल पंचर नहीं, खराब ही हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर तुष्टिकरण, परिवारवाद और समाज को बांटने की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए कार्य कर रही है। नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर कार्य करती है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को दिया है।

पंजाब में अगले 4 दिन भारी बारिश के आसार, 15 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

चंडीगढ़. पंजाब में अगले चार दिनों तक मौसम बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई को जिला पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अगले 3 दिनों का मौसम 7 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पूरे पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 8 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 9 जुलाई: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूरे पंजाब में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतें। विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान सड़कों पर पेड़ गिरने तथा अन्य हादसों का खतरा बना रह सकता है।

पंजाब में बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए अहम फैसला, बर्थ सर्टिफिकेट पर मिली राहत, नई हिदायतें लागू

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से 8वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। बोर्ड ने इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल बर्थ सर्टीफिकेट अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों और स्कूलों को राहत देते हुए बोर्ड पोर्टल पर अब 'अंडरटेकिंग' का ऑप्शन भी शुरू कर दिया गया है। जिन विद्यार्थियों का बर्थ सर्टीफिकेट अभी तक नहीं बना है या डिजिटल नहीं है, उनके स्कूल अब अंडरटेकिंग अपलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना लेट फीस के रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम तिथि 10 जुलाई तय है, जबकि ऑनलाइन फीस जमा करवाने के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई है। सर्टिफिकेट में अब गलतियां नहीं होंगी पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स के सर्टिफिकेट में अब गलतियां नहीं होंगी। बोर्ड ने सर्टिफिकेट को त्रुटि-रहित बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। खास बात यह है कि पर्टिकुलर में करेक्शन के लिए पेरेंट्स या स्कूल संचालकों को अब बोर्ड दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सात दिन के भीतर पेरेंट्स को स्कूल में जाकर प्रिंसिपल से मिलना होगा और उन्हें सही जानकारी देकर करेक्शन करवा सकेंगे। PSEB के इस फैसले से सर्टिफिकेट में नाम, पिता का नाम, मां का नाम, डेथ ऑफ बर्थ में किसी तरह की गलतियां नहीं होंगे। बोर्ड के पोर्टल में स्टूडेंट के सही पर्टिकुलर एक बार अपलोड हो जाएंगे वो हमेशा के लिए दर्ज रहेंगे। इससे स्टूडेंट्स व पेरेंट्स से किसी तरह की फीस नहीं वसूली जाएगी।