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उत्तर प्रदेश में भीड़ का हंगामा: चोरी के आरोप में दो युवकों की जमकर पिटाई

झांसी/मऊरानीपुर यूपी के झांसी में मॉब लिंचिंग जैसा मामला सामने आया है। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी। भीड़ ने दोनों युवकों को घसीट-घसीट कर पीटा। इतना ही नहीं दोनों युवकों के कपड़े भी फाड़ डाले। भीड़ की पिटाई से दोनों युवक बुरी तरह से घायल हो गए। किसी ने उसकी मदद नहीं कि, उल्टे लोग तमाशा बनकर देखते रहे। किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। हालांकि ‘हिन्दुस्तान’ ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। घटना मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन की है। यहां करीब 30 से 35 मिनट तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों को पीट दिया। भीड़ दोनों युवकों को प्लेटफार्म से घसीटकर पार्किंग एरिया तक ले आई। खास बात यह रही कि अन्य मुसाफिर तमाशा देखने रहे। किसी ने बचाने तक का प्रयास नहीं किया। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात मुसाफिर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रहे तभी हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। चोरी के शक में भीड़ दो युवकों पर टूट पड़ी। उनके कपड़े फाड़ दिए। करीब आधे घंटे से अधिक पूरा मामला चलता रहा। जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भीड़ का गुस्सा इतना तीखा था कि कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। जबकि कई तो वीडियो बनाते रहे। यहीं नहीं भीड़ प्लेटफार्म से घसीटकर दोनों युवकों को पार्किंग एरिया तक लाई। जहां उनके साथ फिर मारपीट की गई। लोगों को इन दोनों पर चोरी का शक था। हालांकि कोई ऐसा सामान बरामद हुआ। सूचना पर मऊरानीपुर रेलवे पुलिस पहुंची। इस बीच भीड़ गायब हो गई। वहीं दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने प्राइवेट में अपना इलाज कराया। रेलवे पुलिस की मानें तो जांच की जा रही है।

सर्द हवाओं का असर: राजस्थान का तापमान 13°C से नीचे, कोटा-उदयपुर में बारिश की संभावना

जयपुर राजस्थान में अब सर्दी ने दस्तक दे दी है। सीकर के बाद अब दौसा में भी रात का तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार करौली, जालोर, गंगानगर, बाड़मेर, भीलवाड़ा और अजमेर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। रातों में बढ़ी ठंड, दिन में गर्मी बरकरार पिछले 24 घंटे के दौरान पूरे राज्य का मौसम साफ रहा। दिन में धूप तेज रही, लेकिन रात में तापमान में गिरावट के चलते ठंड का असर बढ़ गया है। सीकर में न्यूनतम तापमान 13°C, दौसा में 13.7°C, नागौर में 14.4°C और जयपुर में 19.2°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.6°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि जैसलमेर में 36.5°C और बीकानेर में 35.5°C दर्ज हुआ। 27 अक्टूबर को बारिश की संभावना मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में अरब सागर में डिप्रेशन सिस्टम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बना हुआ है। साथ ही, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26-27 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय होने की संभावना है। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों में 26 से 28 अक्टूबर के बीच मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। सबसे अधिक असर 27 और 28 अक्टूबर को रहेगा, जब कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश की स्थिति बनेगी। यह भी पढें-  जैसलमेर बस अग्निकांड: बस क्यों बन गई थी 26 लोगों की चिता? FSL रिपोर्ट में सामने आई आग लगने की वजह, जानें… किसानों और आमजन के लिए सलाह मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि संभावित बारिश को देखते हुए फसलों की कटाई और भंडारण के कार्यों में सावधानी बरतें। वहीं, तापमान में गिरावट को देखते हुए सुबह और रात के समय ठंड से बचाव के इंतजाम करने की सलाह दी गई है। बीते 24 घंटों में तापमान की स्थिति इस प्रकार रही:  अजमेर में अधिकतम 32.8°C और न्यूनतम 15.4°C, भीलवाड़ा में 31.6°C और 16°C, अलवर में 33.5°C और 15.4°C, जयपुर में 31.8°C और 19.2°C, तथा नागौर में 30.4°C और 15.5°C तापमान दर्ज हुआ। सीकर में रात का तापमान सबसे नीचे 13°C रहा, जिससे सर्दी का असर बढ़ा। उदयपुर में अधिकतम 35.2°C और न्यूनतम 18.2°C, फलोदी में 34.8°C और 20.2°C, बीकानेर में 35.5°C और 21°C, जबकि श्रीगंगानगर में 34.4°C और 17.7°C दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम 36.5°C, बाड़मेर में 37.6°C, और चित्तौड़गढ़ में 34.6°C तापमान रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है, जबकि दिन में मौसम सामान्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

भूषण कुमार पर नए आरोप, एक और लड़की ने बताया दर्दनाक अनुभव

फिल्लौर दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग लड़की को न्याय दिलवाने की जगह थाना प्रभारी द्वारा पीड़िता और उसकी मां का शारीरिक शोषण करने के मामले में पूर्व थाना प्रभारी जिस पर पीड़िता की मां के बयानों पर शारीरिक शोषण करने की धारा में मुकद्दमा दर्ज किया गया था उसमें फरार चल रहे भूषण कुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस ने दूसरी पीड़ित लड़की की शिकायत पर उसके विरुद्ध एक और शारीरिक शोषण का मुकदमा दर्ज किया है। साथ में फिल्लौर पुलिस ने नाबालिग लड़की के केस में इजाफा करते हुए भूषण कुमार पर पोक्सो एक्ट की धारा भी लगाई। फिल्लौर के पूर्व थाना प्रभारी भूषण कुमार की मुश्किलें कम होने की जगह प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। पूर्व एस.एच.ओ. भूषण कुमार जिस पर आरोप लगा था कि उन्होंने ड्यूटी पर रहते हुए 14 वर्ष की नाबालिग पीड़ित लड़की जिसके साथ पड़ोस में रहने वाले लड़के ने दुष्कर्म किया था उसे इंसाफ दिलवाने की जगह भूषण कुमार पीड़िता और उसकी मां को अकेले में बुलाकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इसकी शिकायत मिलते ही एस.एस.पी. जालंधर देहाती हरविंदर सिंह विर्क ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्हें उसी दिन लाइन हाजिर कर पहले सस्पैंड किया उसके बाद भूषण कुमार पर पीड़ित लड़की की माता की शिकायत पर शारीरिक शोषण करने की धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर दिया गया। उस दर्ज मुकद्दमे की जांच के लिए एस.एस.पी. द्वारा बाकायदा एक उच्च अधिकारियों की एस.आई.टी. बनाई गई जिसमें महिला उच्चाधिकारियों के अलावा डी.एस.पी. फिल्लौर सरवन सिंह बल भी थे जिनकी रिपोर्ट के आधार पर भूषण कुमार के विरुद्ध पहले से दर्ज मुकद्दमे में पोक्सो एक्ट की धारा लगा दी गई है।   डी.एस.पी. सरवन सिंह बल ने बताया कि एक और नजदीकी गांव की पीड़ित लड़की ने भी भूषण कुमार के विरुद्ध शिकायत दी थी कि भूषण कुमार एस.एच.ओ. के पद पर रहते हुए उनके घर किसी जांच के संबंध में आए थे। जाते वक्त वह उसका फोन नंबर ले गए जिसके बाद वह उसे अकेले मिलने के लिए आने को दिन में कई-कई बार फोन कर दबाव डालने लग पड़े और फोन पर उसके साथ बातचीत करते हुए अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते थे। भूषण कुमार के डर के चलते पीड़ित लड़की और उसका परिवार अपना घर छोड़ रिश्तेदार के घर जाकर रहने लग पड़े। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पहले से दर्ज मुकद्दमे में फरार चल रहे पूर्व थाना प्रभारी भूषण कुमार के विरुद्ध एक नया मुकद्दमा और दर्ज किया गया है।

सुदूर वनांचल में शुरू हुआ बस्तर ओलंपिक 2025, उप मुख्यमंत्री शर्मा ने किया उद्घाटन

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'बस्तर ओलंपिक 2025' का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में  शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया।       इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी। उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।     इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे।      इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।      उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।

चित्रकूट से शुरू हुई राम यात्रा, मुरारी बापू और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने किया शुभारंभ

चित्रकूट भगवान श्रीराम के वनगमन पथ पर आधारित ऐतिहासिक 'राम यात्रा' का शुभारंभ शनिवार को सतना के चित्रकूट से हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध संत मुरारी बापू और मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन से रवाना हुई यह विशेष ट्रेन चित्रकूट से रामेश्वरम तक जाएगी। इसके बाद राम यात्रा हवाई मार्ग से श्रीलंका पहुंचेगी और अंततः अयोध्या धाम में इसका समापन होगा।यह 11 दिवसीय यात्रा प्रभु श्रीराम के वनवास काल में तय किए गए मार्गों को पुनर्जीवित करने और उन पवित्र स्थलों को श्रद्धालुओं से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। यात्रा 4 नवंबर तक चलेगी। बापू बोले- यात्रा एकता का संदेश देगी इस पावन अवसर पर डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, संत रामहृदय दास और उद्योगपति मदन पालीवाल सहित अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। यात्रा के दौरान राम यात्री अत्रि मुनि आश्रम, सती अनुसूया, चित्रकूट और सरभंगा जैसे पौराणिक स्थलों से भी गुजरेंगे। संत मुरारी बापू ने इस यात्रा को केवल भक्ति का नहीं, बल्कि संस्कृति और एकता का संदेश देने वाला बताया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे मध्य प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण कहा और श्रीराम के पदचिह्नों पर चलना भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया। अत्रि मुनि आश्रम में जहां पहली रामकथा का आयोजन किया जाएगा. 411 भक्त एक विशेष ट्रेन से आठ हजार किलोमीटर की यात्रा करेंगे. इसमें नौ राम कथाएं शामिल हैं.  27 अक्टूबर को पंचवटी (महाराष्ट्र), 28 तारीख को सबरी आश्रम (कर्नाटक) में कथा आयोजित की जाएगी. फिर 29 अक्टूबर को ऋषिमुख पर्वत (हम्पी) में और 30 अक्टूबर को प्रवर्षण पर्वत (कर्नाटक) में कथा होगी. इसके बाद एक नवंबर को रामेश्वरम में कथा का आयोजन किया जाएगा. अयोध्या में होगा समापन इसके बाद भक्त श्रीलंका की यात्रा में शिरकत करेंगे. श्रीलंका के कोलंबो में तीन नवंबर को कथा का आयोजन किया जाएगा. चार नवंबर को अयोध्या में रामकथा होगी. इसके साथ इस यात्रा का समापन होगा. सभी कथाएं निःशुल्क होंगी, जिसमें सभी वर्गों के लोग शामिल हो सकेंगे. इस यात्रा का आयोजन संतकृपा सनातन संस्थान के मदन पालीवाल द्वारा की जा रहा है. मोरारी बापू ने कहा कि ये सिर्फ एक अध्यात्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि ये भगवान राम के करुणा और धर्म के रास्ते को याद करना है. जहां लोग उनका नाम प्रेम से लेते हैं वो जगह अयोध्या बन जाती है. बता दें कि यह मोरारी बापू की दूसरी राम यात्रा है. पहली राम यात्रा 2021 में अयोध्या से चित्रकूट और नंदीग्राम तक हुई थी.

सरस्वती शिक्षा संस्थान को राज्यपाल ने प्रदान किए चार ई-रिक्शे

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर को चार ई-रिक्शे प्रदान किए। उन्होंने राजभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से चार ई-रिक्शे की चाबी वाहन चालकों को सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न सरस्वती शिक्षा संस्थानों में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

छठ महापर्व की शुरुआत, CM हेमंत ने साझा की शुभकामनाएं

रांची  छठ पूजा एक प्रमुख भारतीय त्योहार है जिसे खासतौर पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, नेपाल, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। छठ पूजा की शुरुआत आज नहाय-खाय के साथ हो चुकी है और इसका समापन सूर्यदेव को सुबह अर्घ्य देने के साथ होगा। छठ पूजा का समापन मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ होगा। वहीं, सीएम हेमंत सोरेन ने छठ पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "आज नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का शुभारंभ हो रहा है। यह महापर्व हमारे जीवन में शुद्धता, श्रद्धा, संयम, समर्पण, संकल्प, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का अद्भुत संदेश देता है। छठी मईया एवं भगवान भास्कर से यही प्रार्थना है कि सभी व्रतियों और परिवारजनों को उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। यह पर्व हमारे राज्य और देश में खुशहाली, सद्भाव और नई ऊर्जा का संचार करे। जय छठी मईया!! जय भगवान भास्कर!!  

शादी के सीजन में होटल वालों को मिली चेतावनी, ये नियम अब अनिवार्य होंगे

रूपनगर  शादी के सीजन के बीच होटल, ढाबों, सराओं और रेस्टोरैंट में ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी न रखने पर संज्ञान लेते हुए, जिला मैजिस्ट्रेट वरजीत वालिया ने संबंधित प्रतिष्ठानों के मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे अब प्रत्येक व्यक्ति से 5 प्रकार के पहचान पत्र प्राप्त करें और इस रिकॉर्ड के संबंध में एक रजिस्टर बनाए रखें ताकि जिले में कोई अप्रिय घटना न घटे। वरजीत वालिया ने बताया कि इन स्थानों पर ठहरने वाले व्यक्तियों के संबंध में एक रजिस्टर बनाए रखा जाएगा और उस व्यक्ति से पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसैंस, भारत सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र/पब्लिक लिमिटेड जैसे 5 प्रकार के पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। कंपनियों के कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र/बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक/पैन कार्ड, भारत के महापंजीयक द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा योजना के अंतर्गत जारी जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज़, सांसदों/विधायकों/विधानसभा सदस्यों को जारी अधिकारी कार्ड और आधार कार्ड। सार्वजनिक स्थानों पर 5 या अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध जिला मैजिस्ट्रेट रूपनगर ने रूपनगर जिले में सार्वजनिक स्थानों पर 5 या अधिक लोगों के एकत्रित होने, रैलियां निकालने, धरना देने आदि पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। ये आदेश अर्धसैनिक बलों, सैन्य बल और सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों के जमावड़े, धार्मिक समारोहों, विवाह या निजी समारोहों और मृतकों के दाह संस्कार, और जुलूसों/सभाओं/धरनों पर लागू नहीं होंगे, जिनके लिए प्रबंधकों के लिखित अनुरोध पर संबंधित उप-मंडल मैजिस्ट्रेट/सक्षम पुलिस अधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त की गई हो। नंबर प्लेट बनाते और नंबर लिखते समय रजिस्टर रखने के निर्देश जिले में बदमाश, गैंगस्टर मोटरसाइकिल/स्कूटर/कार/वाहनों पर फर्जी नंबर लगाकर लूटपाट व अन्य अपराध करते हैं, जिससे उन्हें गिरफ्तार करना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए, जिला मैजिस्ट्रेट रूपनगर वरजीत वालिया ने बताया कि जिला रूपनगर की सीमा में बिना रजिस्टर बनाए नंबर प्लेट लगाने और नम्बर लिखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। इस संबंध में, जिले में नंबर प्लेट बनाने और नंबर लिखते समय रजिस्टर रखने के निर्देश दिए गए हैं।   प्लास्टिक लिफाफों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध उक्त आदेशों के तहत, जिला मैजिस्ट्रेट ने जिले में प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, वितरण, बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने पंजाब प्लास्टिक और कैरी बैग (निर्माण, उपयोग और निपटान) नियंत्रण अधिनियम-2005 के तहत प्लास्टिक लिफाफों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। शाम 7 से सुबह 6 बजे तक गोवंश की ढोया ढुआई पर पूर्ण प्रतिबंध जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत उनमें निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं रूपनगर जिले में शाम 7 से सुबह 6 बजे तक गोवंश की ढोया ढुआई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रहा हूं और मैंने उन लोगों को आदेश दिया है जिन्होंने गोवंश रखा है, वे पशुपालन विभाग के साथ पंजीकरण करवाएं। जिन लोगों के पास पशु हैं, वे अपने पशुओं का पंजीकरण संबंधित क्षेत्र के पशुपालन अधिकारी के पास अवश्य करवाएं ताकि भविष्य में पशुओं को लेकर कोई अप्रिय घटना न घटे और पशुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा सकें। सैन्य रंग की जीपों/मोटरसाइकिलों/मोटर वाहनों के प्रयोग व संचालन पर प्रतिबंध उक्त आदेशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति रूपनगर जिले में जैतूनी हरे (सैन्य रंग) रंग की जीपों/मोटरसाइकिलों/मोटर वाहनों का प्रयोग नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि कोई भी गैर-सामाजिक तत्व सैन्य वर्दी व जैतूनी हरे रंग (सैन्य रंग) का प्रयोग करके हिंसक घटनाएं कर सकते हैं, जिसके चलते आम जनता को इन रंगों का प्रयोग न करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह आदेश सैन्य अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।  

पूर्व DGP के बेटे की मौत की जांच में नया मोड़, डायरी से मिली अहम जानकारी

पंचकूला पंजाब के पंचकूला में पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के 35 वर्षीय बेटे अकील अख्तर की मौत के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. एसआईटी जांच में अकील की डायरी से ऐसे कई राज खुले हैं, जो उसके आखिरी वीडियो से मिलते-जुलते हैं. पुलिस का दावा है कि डायरी में वही बातें दर्ज हैं, जो अक़ील ने अपनी वीडियो में कही थीं, लेकिन कुछ पन्नों में लिखे नोट्स उससे उलट भी हैं. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि डायरी की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. अकील की हैंडराइटिंग का मिलान भी कराया जाएगा, ताकि यह तय किया जा सके कि लिखावट उसी की है या किसी और ने उसमें कुछ जोड़ा है. पुलिस को अकील के कमरे से ऐसी वस्तुएं भी मिली हैं, जिन पर ड्रग्स कनेक्शन का शक जताया जा रहा है. एसआईटी टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स अब उन वस्तुओं की वैज्ञानिक जांच करा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक अकील का मोबाइल फोन और कुछ अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अभी तक बरामद नहीं हुए हैं, जिनसे जांच को बड़ा सुराग मिल सकता है. अकील की डायरी उसके परिवार ने ही पुलिस को सौंपी है. डायरी की लिखावट और उसमें दर्ज बातों ने एसआईटी को उलझा दिया है. इसमें दर्ज कुछ नोट्स ऐसे हैं जिनमें अकील ने अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया है, तो कुछ में उसने घर के अंदर की परेशानियों की बात कही है. पुलिस इन दोनों एंगल्स को समानांतर ट्रैक पर जांच रही है. इस केस में एफआईआर मलेरकोटला के रहने वाले शमसुद्दीन चौधरी की शिकायत पर दर्ज की गई है. वो खुद को अकील अख्तर के परिवार का पड़ोसी बताते हैं. उन्होंने अपनी शिकायत में अकील अख्तर की मौत पर संदेह जताया है. इसके साथ ही इसके पीछे साजिश की आशंका जताई है. हालांकि, उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि अब जांच का नया मुद्दा बन गई है. वह पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में मलेरकोटला से प्रत्याशी मोहम्मद जमील-उर-रहमान के लिए प्रचार कर चुके हैं. इस चुनाव में अकील की मां रजिया सुल्ताना को जमील-उर-रहमान ने हराया था, जो तीन बार की कांग्रेस विधायक रह चुकी हैं. रहमान का कहना है कि शमसुद्दीन चौधरी थोड़े समय के लिए पार्टी से जुड़े थे. उससे पहले वे अकाली दल से भी जुड़े रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि शमसुद्दीन कभी उनके पीए नहीं थे. उनके खिलाफ शिकायतें आने के बाद ऑफिस आने से रोक दिया था. पंजाब के पूर्व डीजीपी (मानवाधिकार) मोहम्मद मुस्तफा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा, ''मैं पुलिस केस का स्वागत करता हूं. जांच होगी तो सच्चाई सामने आएगी.'' उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा अकील अख्तर पिछले 18 सालों से साइकोटिक डिसऑर्डर से जूझ रहा था. उसे नशे की लत भी थी. शिकायतकर्ता धोखेबाज है. उन्होंने कहा, ''शमसुद्दीन चौधरी कभी मेरा पड़ोसी नहीं रहा. मेरा घर मलेरकोटला से दो किलोमीटर दूर है. वह दावा करता है कि वह मेरे ससुराल वालों को जानता है, लेकिन मैंने उसे उनके घर पर भी कभी नहीं देखा. वह किसी के इशारों पर काम कर रहा है. एसआईटी चाहे तो उसे मेरे सामने बिठा सकती है, ताकि मैं खुद उससे सवाल कर सकूं. उसका झूठ सामने आ जाएगा.'' शमसुद्दीन चौधरी ने बताया कि 27 अगस्त को अकील अख्तर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला था, जिसमें उसने अपने पिता और पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे. उसने कहा था कि उसे अपनी जान का खतरा है. लेकिन कुछ हफ्ते बाद उन्होंने ही एक नया वीडियो जारी कर कहा, ''पहले जो वीडियो डाला था, वो मेरी मानसिक बीमारी की वजह से था. मुझे बहुत अच्छा परिवार मिला है.'' इस मामले में 20 अक्टूबर को शिकायत मिलने के बाद पंचकूला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है. इस एफआईआर में अकील के माता-पिता मोहम्मद मुस्तफा और रजिया सुल्ताना के अलावा उनकी पत्नी और बहन का भी नाम शामिल है. फिलहाल पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण डोमेस्टिक टर्मिनल, सुरक्षा और उद्घाटन समारोह स्थल का लिया जायजा एयरपोर्ट के शुभारंभ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की विस्तृत समीक्षा सीएम ने दिए गुणवत्ता, समयबद्धता और यात्री सुविधा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश उच्च मानकों के अनुरूप सभी निर्माण और सुरक्षा कार्य संपन्न कराए जाएंः मुख्यमंत्री उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाएः सीएम योगी गौतमबुद्धनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉमेस्टिक टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के बोर्डरूम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। इस दौरान, सीएम योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा, इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ और उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और यात्री सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए ठोस और समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा। एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क और मेट्रो लिंक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने नागरिक उड्डयन, सुरक्षा, विस्फोटक निरोधक दस्ता, नियंत्रण इकाई, उप स्टेशन और आधारभूत संरचना से संबंधित अद्यतन जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे के संचालन से जुड़े सभी तकनीकी, सुरक्षा एवं प्रशासनिक पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीओओ किरण जैन ने एनआईए अनुज्ञा निर्गमन, यात्री सुरक्षा, रनवे, वायुसंचालन परीक्षण और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूर्ण रूप से सुदृढ़ और चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता अस्वीकार्य होगी। गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे से सड़क संपर्क, माल परिवहन संपर्क, अग्निशमन केंद्र, जल शोधन संयंत्र, जलभराव निस्तारण एवं वाहन पार्किंग की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। नायल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और नोडल अफसर शैलेन्द्र भाटिया ने प्रगति और कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि हवाई अड्डे के सभी कार्यों की प्रगति नियमित रूप से समीक्षा कर गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनसभा स्थल तक सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था हो दुरुस्त मुख्यमंत्री ने आगामी जनसभा एवं रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभा स्थल पर भूमि समतलीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखा जाए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनसभा स्थल तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखी जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छता एवं प्रकाश की व्यवस्था उच्च स्तर की सुनिश्चित की जाए। 150 उड़ानें प्रतिदिन हो सकेंगी संचालित जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण कराए जाने वाले हिस्से का क्षेत्रफल 3,300 एकड़ है, जबकि कुल 6,700 एकड़ भूमि का अब तक अधिग्रहण किया जा चुका है शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन माह में ली जाएगी। भूमि क्रय की लागत लगभग ₹5,000 करोड़ और एयरपोर्ट निर्माण की लागत ₹7,000 करोड़ है। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी। साथ ही, औसतन प्रतिदिन 150 उड़ानें यहां से संचालित होंगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या 1 करोड़ से अधिक होने पर दूसरे रनवे का निर्माण शुरू हो जाएगा और दोनों रनवे मिलकर 7 करोड़ यात्रियों की सेवा करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के पूर्ण स्वरूप में कुल 5 रनवे होंगे, इसका कुल क्षेत्रफल 11,750 एकड़ होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। उत्तर प्रदेश में 24 एयरपोर्ट्स, 16 संचालित उत्तर प्रदेश में कुल 24 एयरपोर्ट्स हैं, जिनमें से 16 संचालित हो चुके हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है और अब इसका जल्द ही शुभारंभ होने वाला है। वहीं, 7 एयरपोर्ट्स निर्माणाधीन हैं। संचालित एयरपोर्ट्स में घरेलू स्तर पर आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट और सहारनपुर शामिल हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ होते ही उत्तर प्रदेश 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का इकलौता राज्य बन जाएगा। निर्माणाधीन एयरपोर्ट्स की बात करें तो सोनभद्र, ललितपुर, मेरठ, गाजीपुर, झांसी, अमेठी और पलिया में भी इस पर तेजी से कार्य चल रहा है जो भविष्य में प्रदेश के वायु संपर्क और पर्यटन को और मजबूत करेंगे। योगी सरकार में सिविल एविएशन की तीव्र प्रगति उत्तर प्रदेश अब सिविल एविएशन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो रहा है। वर्ष 2024-25 में करीब 1.5 करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की, जिसमें 1.3 करोड़ घरेलू यात्री तो वहीं 13 लाख से ज्यादा इंटरनेशनल यात्री शामिल रहे। 2017 से 2025 के बीच यात्री संख्या में 10.1 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हुई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत से लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। वहीं, बेहतर एयर कनेक्टिविटी से प्रदेश में पर्यटन को भी नया आयाम मिला है, विशेषकर अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों पर … Read more