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बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग से ट्रेनें प्रभावित, कई रूट बदले जाएंगे

 जबलपुर बीना-आगासौद के बीच यार्ड रीमाडलिंग के चलते जबलपुर और आसपास के यात्रियों की कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस के 19 फेरे निरस्त किए गए हैं। गाड़ी संख्या 12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस 26 सितंबर से 14 अक्टूबर तक और ट्रेन 12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस 27 सितंबर से 15 अक्टूबर तक निरस्त रहेगी। बीना-कटनी मुड़वारा मेमू के फेरे 15 अक्टूबर तक इसी तरह बीना-कटनी मुड़वारा मेमू के दोनों दिशाओं के 19-19 फेरे 21 सितंबर तथा 28 सितंबर से 15 अक्टूबर तक रद रहेंगे। भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस के सात-सात फेरे भी नौ से 16 अक्टूबर के बीच प्रभावित होंगे। रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर और भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस का भी एक-एक फेरा निरस्त रहेगा। कटनी-बीना मेमू 15 अक्टूबर तक खुरई तक चलेगी कटनी-बीना मेमू 29 सितंबर से 15 अक्टूबर तक बीना के बजाय खुरई तक चलेगी और वापसी में खुरई से शुरू होगी। बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस बीना मालखेड़ी जंक्शन तक शॉर्ट टर्मिनेट होगी। भोपाल-बीना मेमू सहित चार ट्रेनों का संचालन मंडीबमौरा तक सीमित रहेगा।  

घंटों या एक-दो दिन के लिए किराये पर फ्लैट, रांची की गेटेड सोसाइटियों में बढ़ी चिंता

 रांची  राजधानी में महंगे अपार्टमेंट और गेटेड सोसाइटियों में फ्लैट खरीदकर परिवार के साथ रहने वाले लोगों की सुरक्षा अब एक नए चलन से प्रभावित हो रही है। कुछ फ्लैटों को स्थायी किराये पर देने के बजाय कुछ घंटे या एक-दो दिन के शॉर्ट स्टे के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। बुकिंग के बाद कौन व्यक्ति फ्लैट में पहुंच रहा है, उसका स्थानीय स्तर पर सत्यापन हुआ है या नहीं और वहां ठहरने के दौरान वह क्या गतिविधियां कर रहा है, इसकी जानकारी कई बार सोसायटी के स्थायी निवासियों तक नहीं पहुंचती। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे फ्लैटों में लगातार बदलते लोगों के आने-जाने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है। उनका सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शार्ट स्टे के लिए दिए गए फ्लैट में कोई अपराध, मारपीट या दूसरी आपराधिक घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी- फ्लैट मालिक की, बिल्डर की, बुकिंग कराने वाले की या सोसायटी प्रबंधन की। छह से आठ हजार रुपये तक में कुछ घंटों का ठहराव स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, कुछ फ्लैटों को प्रतिदिन करीब छह से आठ हजार रुपये तक की दर पर शॉर्ट स्टे अथवा कुछ घंटे के लिए उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। ऑनलाइन मंचों पर रांची में कम अवधि के लिए अपार्टमेंट और सर्विस्ड अपार्टमेंट की उपलब्धता जरूर दिखाई देती है। एयरबीएनबी पर भी रांची में निजी वन बीएचके और अन्य आवासीय इकाइयां कम अवधि के ठहराव के लिए सूचीबद्ध हैं। एक सूची में संपत्ति को गेटेड आवासीय परिसर में स्थित बताते हुए छोटे और लंबे दोनों तरह के ठहराव की सुविधा दी गई है। इससे साफ है कि कम अवधि के लिए आवासीय संपत्ति उपलब्ध कराने का आनलाइन बाजार राजधानी में मौजूद है, लेकिन इन संपत्तियों की कुल संख्या और उनमें से कितने सामान्य आवासीय फ्लैट हैं तथा कितने विधिवत लाइसेंस प्राप्त आवास/सर्विस्ड अपार्टमेंट हैं, इसका कोई समेकित सरकारी आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। रांची में ऑनलाइन रियल एस्टेट बाजार का आकार भी काफी बड़ा है। मैजिकब्रिक्स पर हाल में रांची में बिक्री के लिए 1,162 फ्लैट/अपार्टमेंट सूचीबद्ध दिखाई दिए। इसी मंच पर किराये के लिए 971 फ्लैट/अपार्टमेंट उपलब्ध बताए गए हैं। स्थायी परिवारों को सबसे ज्यादा चिंता सत्यापन की सोसायटी में रहने वाले लोगों की चिंता सिर्फ इस बात को लेकर नहीं है कि बाहर से लोग क्यों आ रहे हैं। सवाल यह है कि कौन आ रहा है और उसकी पहचान क्या है? स्थायी निवासी चाहते हैं कि शार्ट स्टे के नाम पर किसी भी व्यक्ति को फ्लैट देने से पहले उसकी पहचान, मोबाइल नंबर, पता और ठहरने की अवधि का रिकार्ड रखा जाए। साथ ही सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों को भी इसकी जानकारी हो। कई मामलों में फ्लैट मालिक या बुकिंग संचालक केवल आनलाइन बुकिंग और भुगतान पर ध्यान देते हैं। सोसाइटी प्रबंधन अथवा स्थानीय पुलिस को अतिथि की जानकारी देने की व्यवस्था स्पष्ट नहीं होती। इससे किसी घटना के बाद संबंधित व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। नशे और मारपीट की शिकायतें भी कुछ सोसाइटियों के निवासियों ने ऐसे शार्ट स्टे फ्लैटों में नशे के सेवन, देर रात तक शोर-शराबे और आपसी विवाद की शिकायतें होने का दावा किया है। उनका कहना है कि कुछ मामलों में नशे के बाद मारपीट तक की स्थिति उत्पन्न हुई। देह व्यापार का भी आरोप, लेकिन पुलिस जांच जरूरी स्थानीय निवासियों की ओर से कुछ शॉर्ट स्टे फ्लैटों के इस्तेमाल को लेकर देह व्यापार की आशंका और आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यही वजह है कि सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन के सामने यह चुनौती भी है कि आवासीय सोसायटियों में कम अवधि के ठहराव की गतिविधियों पर स्पष्ट निगरानी व्यवस्था कैसे बनाई जाए, ताकि सामान्य वैध अतिथि और आपराधिक गतिविधि के बीच अंतर किया जा सके। कौन है जिम्मेदार, क्या कहता है कानून: हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अनूप अग्रवाल ने बताया कि कानून में यह महत्वपूर्ण अंतर है कि किसी संपत्ति में अपराध हो जाना अपने आप में मालिक को उस अपराध का आरोपी नहीं बना देता। लेकिन यदि किसी मकान मालिक को यह जानकारी हो कि उसकी संपत्ति का इस्तेमाल वेश्यावृत्ति/वेश्यालय के लिए किया जा रहा है और वह जानबूझकर उसे इसकी अनुमति देता है, तो अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत मालिक, पट्टेदार या परिसर के प्रभारी व्यक्ति पर कार्रवाई का प्रावधान है अधिनियम की धारा 3 में ऐसी स्थिति के लिए दंड का प्रावधान है। इसी तरह धारा 7 में सार्वजनिक स्थानों या उनके आसपास वेश्यावृत्ति से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में अलग प्रावधान हैं। आवासीय फ्लैट को लाजिंग की तरह चलाने पर भी सवाल झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 317 में नगरपालिका क्षेत्र में किसी परिसर को होटल या लॉजिंग हाउस के रूप में इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस की व्यवस्था है। कानून नगर आयुक्त को ऐसे परिसर का निरीक्षण करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उपयोग बंद कराने की शक्ति भी देता है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि सिर्फ आवासीय उपयोग के लिए खरीदे गए फ्लैटों को नियमित रूप से व्यावसायिक शॉर्ट स्टे के रूप में संचालित किया जा रहा है या नहीं और संबंधित परिसर के पास आवश्यक लाइसेंस है या नहीं। पुलिस सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर नागरिक सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं और पुलिस स्थानीय स्तर पर व्यक्तियों के पूर्ववृत्त की जांच जैसी सेवाओं का उल्लेख करती है। पुलिस पोर्टल पर अपराध संबंधी शिकायत के लिए संबंधित थाने में सूचना देने की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है। रांची में पहले भी किरायेदार सत्यापन को लेकर पुलिस की ओर से मकान मालिकों को जागरूक करने की बात सामने आई है। 2025 की एक रिपोर्ट में रांची पुलिस ने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने को सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय बताते हुए मकान मालिकों से इसका पालन करने की अपील की थी। बीट रिपोर्टिंग नहीं होने से अपार्टमेंट-सोसाइटी के लोगों की पुलिस के पास जानकारी नहीं राजधानी में बीट रिपोर्टिंग व्यवस्था प्रभावी नहीं होने से पुलिस के पास अपने क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। वरीय अधिकारियों ने सभी थानेदारों … Read more

नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत

नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में होगा आयोजन ​रायपुर          ​छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, आत्मीयता और पारंपरिक तिहारों की मिठास को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य ‘तीज मिलन उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की मेजबानी में यह गरिमामय उत्सव 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से संध्या 4 बजे तक एम.-12, सेक्टर-24, अटल नगर, नवा रायपुर में संपन्न होगा।           ​छत्तीसगढ़िया अस्मिता और पारंपरिक पर्वों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में आयोजित इस विशेष समागम में प्रदेश की शीर्ष हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपनी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह और  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ  विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसके साथ ही राज्य के कई मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी इस सांस्कृतिक संध्या के साक्षी बनेंगे।          ​इस आयोजन के संदर्भ में मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि ये आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता की मजबूत बुनियाद हैं। इस तीज मिलन उत्सव का मूल उद्देश्य अपनी समृद्ध परंपराओं और छत्तीसगढ़िया संस्कृति की मिठास को आपस में बांटना तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर रखना है। इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, लोक-संस्कृति के रंगों और तीजा पर्व के आत्मीय अनुष्ठानों का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

एटा-कासगंज में सपा नेताओं के विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा

बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर   एटा-कासगंज में सपा नेताओं के विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा   अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा   बोले- टिकट बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं, सत्ता मिली नहीं और अभी से चढ़ गई ‘पैसे की गर्मी’   कहा- राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने नेता भिड़ जाएं तो पार्टी के अनुशासन का हाल समझा जा सकता है   राजभर का तंज- कार्यकर्ता की जगह अपराधी भरेंगे तो क्या होगा, बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय    लखनऊ  सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एटा-कासगंज में सपा नेताओं के बीच हुए विवाद को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तंज किया कि अखिलेश यादव ने बैठक चुनावी रणनीति बनाने के लिए बुलाई थी, लेकिन उनके सामने ही नेताओं में कुश्ती हो गई। उन्होंने पीडीए का नया मतलब भी “पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई” बताया।   राजभर ने लिखा, “अखिलेश यादव जी! क्या से क्या हो गया, देखते-देखते। बुलाए थे बैठक और हो गई कुश्ती।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की जगह अपराधियों को भरकर रखा जाएगा तो नतीजा ऐसा ही होगा। इसी के साथ उन्होंने कहावत लिखी, “बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।”   सत्ता मिली नहीं, अभी से ‘पैसे की गर्मी’ राजभर ने एटा-कासगंज की बैठक में हुए विवाद और इसके बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयां भंग किए जाने को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने अखिलेश की “पैसे की गर्मी” वाली टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि टिकट अभी बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं और सत्ता मिली नहीं, लेकिन “पैसे की गर्मी” अभी से चढ़ गई है।   उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने ही नेता आपस में भिड़ जाएं और अध्यक्ष को बैठक छोड़कर जाना पड़े, वहां अनुशासन का हाल समझा जा सकता है। राजभर ने कटाक्ष किया कि “सपा और अनुशासन” एक साथ नहीं आ सकते।   प्रदेश की इकाई भी भंग कर दीजिए राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा कि यदि पार्टी को चुनाव जिताना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर देनी चाहिए। सिर्फ एटा-कासगंज के नेताओं को ही “पैसों की गर्मी” नहीं आई है, बल्कि हाल सब जगह एक जैसा है। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव” लिखा।

स्मार्ट मीटर के बाद बदली बिजली बिल व्यवस्था, अब ‘बिजली मित्र’ ऐप से देख सकेंगे बिल

उदयपुर बिजली के स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही अब घर-घर जाकर मीटर रिडिंग लेने की प्रक्रिया बंद की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली बिल की हार्ड कॉपी नहीं मिलेगी, बल्कि वे ऑनलाइन ही बिजली खपत देख सकेंगे। चाहे तो बिजली बिल डाउनलोड कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था की शुरुआत के लिए शहर के अशोकनगर, पावर हाउस प्रथम और द्वितीय का चयन किया गया है। इन सबडिविजन के 50 हजार उपभोक्ताओं को अगले माह से बिजली बिल नहीं मिलेंगे। अमूमन महीने की शुरुआत से करीब 15 दिन तक मीटर रीडिंग का काम ही चलता रहता है। ऐसे में उपभोक्ता को बिजली बिल जमा कराने के लिए कम ही समय मिल पाता है। नई व्यवस्था के तहत महीने की पहली तारीख को ही बिल जनरेट हो जाएगा। ऐसे में उपभोक्ता को बिल जमा कराने का भरपूर समय मिलेगा। इससे जहां बिजली निगम के कार्मिकों को आसानी होगी, वहीं उपभोक्ता को दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। 'बिजली मित्र' ऐप डाउनलोड करना जरुरी नई व्यवस्था के तहत बिजली बिल, खपत, भुगतान और शिकायतों से जुड़ी जानकारी के लिए उपभोक्ताओं को बिजली मित्र ऐप डाउनलोड करना होगा। बिजली मित्र ऐप उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़ी कई सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। ऐप के जरिए वर्तमान और पुराने बिजली बिल देखे और डाउनलोड किए जा सकते हैं। साथ ही पिछले भुगतानों की जानकारी भी मिल सकेगी। धीरे-धीरे पूरे शहर में यही व्यवस्था लागू होगी। खपत पर भी रख सकेंगे नजर ऐप की मदद से उपभोक्ता पिछले महीनों की बिजली खपत देख सकते हैं। मासिक और औसत खपत की जानकारी मिलने से यह समझने में मदद मिलती है कि किस महीने बिजली का इस्तेमाल कितना बढ़ा या घटा। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए 'माय स्मार्ट मीटर' सुविधा के जरिए प्रति घंटे, साप्ताहिक और मासिक खपत, रियल टाइम मीटर रीडिंग और ऑन-डिमांड रीडिंग जैसी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। बिल भुगतान और शिकायत की सुविधा ऐप से वर्तमान बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है। बिजली आपूर्ति, सुरक्षा, बिजली चोरी या अन्य तकनीकी समस्याओं से संबंधित शिकायत और सुझाव भी दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के बाद उसका स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है। ऐप पर नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। कई प्रक्रियाओं में कागजी दस्तावेज लेकर कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। डिजिटल ज्ञान नहीं तो परेशानी जिन उपभोक्ताओं को डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी होती है, उनके लिए इन सुविधाओं का लाभ लेना कठिन हो सकता है। एप की सुविधाएं कनेक्शन और मीटर की उपलब्ध सेवाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। कई घरों में बुजुर्ग ही निवासरत हैं, जो डिजिटल या तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें बिल देखने में परेशानी आएगी। याद नहीं रखने पर भी बिजली उपभोक्ताओं को दिक्कत आ सकती है। इनका कहना है- 'अजमेर मुख्यालय से लिए गए निर्णय के अनुसार फिलहाल तीन सबडिविजन का चयन किया गया है। इन सबडिविजन के क्षेत्र में आने वाले उपभोक्ताओं तक रीडिंग के माध्यम से बिल नहीं पहुंचाए जाएंगे। वे मोबाइल के जरिये खुद ही खपत व बिल देख सकेंगे।' -केआर मीणा, एसइ, एवीवीएनएल उदयपुर सर्कल

नशे के मुद्दे पर केजरीवाल का BJP को जवाब, मुंद्रा पोर्ट पर उठाए सवाल

चंडीगढ़. पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि अगर पंजाब की रत्ती भर भी चिंता है तो गुजरात से आने वाले नशे को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब की धरती से नहीं, बल्कि मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। केजरीवाल ने नितिन नवीन के उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें प्रधानमंत्री के हवाले से पंजाब के युवाओं और भविष्य को नशे से बचाने की बात कही गई थी।

सीएम साय आज ओडिशा में राज्यपाल से मिलकर लौटेंगे

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 21 सितंबर 2026, सोमवार के दौरा कार्यक्रम के अनुसार वे आज ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विभिन्न निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री सुबह पुरी से भुवनेश्वर के लिए रवाना होंगे और इसके बाद रायपुर लौटेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह पुरी स्थित होटल मायफेयर से कार द्वारा रवाना होंगे। इसके बाद लोक भवन, भुवनेश्वर पहुंचेंगे। ओडिशा के राज्यपाल से होगी मुलाकात मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सुबह  लोक भवन, भुवनेश्वर में ओडिशा के राज्यपाल से मुलाकात निर्धारित है। इसके बाद वे लोक भवन से रवाना होंगे। नीलकंठ नगर में रहेगा रिजर्व समय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री नीलकंठ नगर, भुवनेश्वर पहुंचेंगे। यहां 11:05 बजे से 11:30 बजे तक रिजर्व समय रखा गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री 11:30 बजे कार से नीलकंठ नगर से रवाना होंगे। दोपहर में रायपुर के लिए होंगे रवाना मुख्यमंत्री करीब 11:40 बजे भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 12:20 बजे इंडिगो की फ्लाइट 6E-6522 से भुवनेश्वर से रायपुर के लिए रवाना होंगे। 1:25 बजे रायपुर पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री की दोपहर 1:25 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर पहुंचने की समय-सारिणी है। एयरपोर्ट से वे 1:35 बजे कार द्वारा रवाना होंगे। सीएम हाउस में रहेगा रिजर्व समय कार्यक्रम के अंतिम हिस्से के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 1:55 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास, रायपुर पहुंचेंगे, जहां आगे के लिए रिजर्व समय निर्धारित किया गया है।

₹1.60 लाख की सब्सिडी के लिए मांगी घूस, कृषि मंत्रालय के अधिकारी पर कार्रवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में वेयरहाउस से जुड़ी सब्सिडी के मामले ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय का ध्यान खींचा है। मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले पैसे मांगे गए थे। दो अलग-अलग वेयरहाउस से कथित तौर पर 1 लाख और 60 हजार रुपये की मांग का जिक्र शिकायत में किया गया है। अब विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सीहोर में निरीक्षण के दौरान सामने आया मामला मामला सीहोर जिले में वेयरहाउस के निरीक्षण से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी दौरान कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग पर वेयरहाउस संचालकों से कथित तौर पर पैसे मांगने का आरोप लगा। शिकायत के मुताबिक, सरकारी योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की रकम जारी करने की प्रक्रिया के बदले कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई थी। इस शिकायत के सामने आने के बाद मामला सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचा। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद मंत्रालय की ओर से अधिकारी को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई। 60 हजार रुपए मांगी थी रिश्वत बताया गया है कि अधिकारी के खिलाफ सीहोर जिले में निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस संचालकों से कथित तौर पर रिश्वत मांगने की शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में शिवाय वेयरहाउस से एक लाख रुपए और श्रीकृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपए की मांग की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया भी की जा सकती है। दो वेयरहाउस से 1.60 लाख मांगने का आरोप शिकायत में दो अलग-अलग वेयरहाउस का उल्लेख किया गया है। आरोप के अनुसार, शिवाय वेयरहाउस के संचालक से एक लाख रुपये और श्री कृष्णा वेयरहाउस के संचालक से 60 हजार रुपये मांगे गए थे। अगर दोनों रकम को जोड़ा जाए तो कथित मांग 1 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है। हालांकि, यह राशि शिकायत में लगाए गए आरोपों का हिस्सा है। मामले में अंतिम स्थिति विभागीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही साफ होगी। शिकायत के बाद मंत्री ने लिया संज्ञान वेयरहाउस संचालकों की ओर से शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचने के बाद मामले में तेजी से कार्रवाई हुई। बताया गया है कि शिकायत में अधिकारी की कार्यप्रणाली और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिवराज सिंह चौहान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद विपणन अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद अब विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। निलंबन के बाद होगी विभागीय जांच अधिकारी के निलंबन के बाद सबसे अहम प्रक्रिया विभागीय जांच की होगी। जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित वेयरहाउस से जुड़े दस्तावेजों और सब्सिडी की प्रक्रिया की जानकारी देखी जा सकती है। इसके साथ ही यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारी की भूमिका क्या थी और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया में उनकी जिम्मेदारी कितनी थी। आरोप साबित होना अभी बाकी इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए हैं लेकिन आरोप और उनका साबित होना अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार अधिकारी को शिकायत के आधार पर निलंबित किया गया है। अब जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और अन्य तथ्य यह तय करने में अहम होंगे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है। सब्सिडी प्रक्रिया पर भी उठे सवाल वेयरहाउस को मिलने वाली सब्सिडी सरकारी योजनाओं से जुड़ी होती है। ऐसे में रकम जारी करने की प्रक्रिया में किसी अधिकारी पर पैसे मांगने का आरोप लगना गंभीर मामला माना जाता है। इस शिकायत ने सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। मामले में अब विभागीय जांच के नतीजे का इंतजार रहेगा। जांच के आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। फिलहाल तत्काल कदम के तौर पर उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि और ग्रामीण विकास के सचिव सहित शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बताया गया कि अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही की विभिन्न शिकायतों को लेकर सोमवार शाम को करीब 7 बजे दिल्ली में यह बैठक होगी। सोमवार को दिन में शिवराज सिंह चौहान पंजाब के दौरे पर रहेंगे। वहां से लौटने के बाद वे कृषि और ग्रामीण विकास के सचिव सहित शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें महत्वपूर्ण दिशा निर्देश के साथ प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं। शिवराज सिंह चौहान सोमवार को पंजाब में भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' में शामिल होंगे। यात्रा में शामिल होने से पहले वे तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेकेंगे। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान तलवंडी साबो में रविदासिया चौक पर स्थित दाना मंडी में 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय मंत्री मैसरखाना में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और बठिंडा में किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ सीधी बातचीत करेंगे।

छोटे उद्योगों और MSME को मिलेगा बढ़ावा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी बोले- रोजगार और निवेश बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

रायपुर : लघु उद्योगों और एमएसएमई को मजबूत बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप तैयार कर रही सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में वित्त मंत्री ने कहा—2047 तक विकसित भारत के साथ कदमताल करता विकसित छत्तीसगढ़ बनाना लक्ष्य एमएसएमई, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने पर दिया जोर रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, उद्योग, रोजगार और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण देश का लक्ष्य और ध्येय है। इसी विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ भी देश के अग्रणी राज्यों के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार दीर्घकालिक रोडमैप के साथ काम कर रही है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप के साथ कार्य प्रारंभ किया है। विकास के साथ देश की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है और आने वाले वर्षों में देश के विकास की गति को और तेज करने के लिए संरचनात्मक सुधारों तथा दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है। *‘छत्तीसगढ़ अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से 2047 के विकास का रोडमैप* वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए ‘अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार कराया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य को देश के साथ कदमताल करते हुए अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आगे बढ़ना है और राष्ट्र के विकास के महायज्ञ में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य केवल दूरगामी लक्ष्य नहीं है। इसके लिए 2030 और 2035 जैसे मध्यकालिक लक्ष्यों के साथ अल्पकालिक और वार्षिक लक्ष्य भी निर्धारित किए जा रहे हैं, ताकि दीर्घकालिक विजन को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके। *दीर्घकालिक सोच के साथ आर्थिक सुधारों पर जोर* मंत्री चौधरी ने कहा कि देश के विकास के लिए दीर्घकालिक योजना और भविष्य को ध्यान में रखकर नीतियां बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी 21वीं सदी और विजन 2020 जैसे लक्ष्य निर्धारित किए, लेकिन उनके अनुरूप दीर्घकालिक रोडमैप और आवश्यक नीतिगत सुधारों का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 का आर्थिक संकट देश के लिए गंभीर चुनौती था और उस दौर की आर्थिक परिस्थितियों से सबक लेते हुए भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप अनेक क्षेत्रों में दीर्घकालिक निर्णय लिए जा रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की नींव तैयार करना है। *एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण आधार* वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सर्विस सेक्टर का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और विशेष रूप से लेबर इंटेंसिव मैन्युफैक्चरिंग को और विस्तार देने की आवश्यकता है। रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने के लिए लघु उद्योगों, एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत करते हैं। इसलिए प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में उद्योग जगत, उद्यमियों और लघु उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि नीतिगत सुधारों, निवेश के अनुकूल वातावरण और उद्यमिता को प्रोत्साहन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को नई गति दी जाए।

SIR नोटिस के बाद पोलिंग स्टेशनों पर पहुंचे वोटर, नाम सुधार और दस्तावेजों को लेकर बढ़ी परेशानी

 नई दिल्ली SIR के तहत रविवार को लोगों की मदद के लिए स्पेशल कैंप लगाया गया। सभी 14,947 पोलिंग स्टेशन पर कैंप लगाए गए थे। सुबह 10 बजे से लगे कैंप में बीएलओ का सर्वर डाउन होने से लोगों के काम नहीं हो पाए। इससे लंबा इंतज़ार करना पड़ा। अधिकतर लोग नाम में करेक्शन के नोटिस जारी होने के बाद पहुंचे थे। तुर्कमान गेट के पोलिंग स्टेशन बुलबुल खाना में अधिकतर वोटर और उनके रिश्तेदार नाम में करेक्शन के लिए जारी नोटिस से जुड़ी समस्या लेकर आए थे। यहां सुईवालान के अधिकतर वोटर थे। एक वोटर का नाम पहले मोहम्मद अली था, बाद में शराफ़त अली दर्ज हो गया। वह करेक्शन के लिए आवेदन देने आए थे। जबकि एक वोटर का नाम नसरीन खानम था। शादी के बाद उनका नाम नसरीन तकी हो गया। लास्ट SIR से मैपिंग तो हो गई, लेकिन नाम में करेक्शन के लिए नोटिस किया गया। 6 से ज्यादा भाई-बहनों वाले मामलों में भी नोटिस, दस्तावेज जुटाने में परेशानी यहां मौजूद बीएलओ जौहर सुल्ताना ने बताया कि कई मामले ऐसे भी आए हैं, जिनमें 6 से ज्यादा भाई-बहन हैं। उनकी उम्र के डिफरेंस के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। जिनकी उम्र के बीच S महीने या उससे कम का अंतर है, उन्हें नोटिस दिया गया है। डॉक्यूमेंट्स मांगे जा रहे हैं। उन्हें काफी परेशानी हो रही है। जौहर ने बताया कि नोटिस जारी होने वालों की सूची ऑनलाइन जारी कर दी गई है, लेकिन बहुत लोगों को जानकारी नहीं है। कई को पता चला है कि उन्हें नोटिस जारी किया गया है और वे चक्कर काट रहे हैं। अब पहले के पोलिंग स्टेशन भी बदल गए हैं। हालांकि, हमारे पास जो जानकारी है, उससे हम मदद कर रहे हैं। जौहर ने कहा कि कई बार इंटरनेट में नेटवर्क की समस्या हो जाती है। इसलिए वाई-फाई की सुविधा दी जानी चाहिए। पहाड़गंज में 168 नोटिस, नाम की स्पेलिंग सुधारने के लिए पहुंचे वोटर पहाड़गंज के पोलिंग स्टेशन मुल्तानी ढांडा में 168 नोटिस जारी किए गए हैं। यहां की बीएलओ पूनम ने बताया कि दोपहर 2 बजे तक 45 से 50 के करीब लोग आए हैं। ज्यादातर को नाम करेक्शन के मामले में नोटिस जारी हुआ है। यहां आए वोटर राजेश वाधवा ने बताया कि नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ थी। उनका बूथ भी बदल गया है। जानकारी लेने और डॉक्यूमेंट्स देने पहुंचे थे। 27 सितंबर को लगेगा कैंप दिल्ली चुनाव आयोग की ओर से सभी पोलिंग स्टेशन पर अब 27 सितंबर को स्पेशल कैंप लगाया जाएगा। इसमें नोटिस और परेशानियों का निस्तारण किया जाएगा। जारी ड्राफ्ट रोल में करीब 97 लाख लोगों के नाम हैं। दिल्ली चुनाव आयोग ने बताया कि इनमें करीब 33 लाख को नोटिस भेजे गए हैं। इसके अलावा करीब 1.5 करोड़ लोगों में से अब तक 47 लाख लोगों को एब्सेंट, शिफ्ट, डेथ और डुप्लिकेट की सूची में डाला गया है। नोटिस को लेकर CEO ने दिया जवाब SIR को लेकर वीआईपी और अन्य चिन्हित वोटर्स को नोटिस जारी किए जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस ने कहा है कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित वोटर का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा। CEO के अनुसार, 31 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल वोटर्स को पुराने इंटेंसिव रिवीजन की लिस्ट से लिंक किए जाने के आधार पर देखा गया है। जिन वोटर्स का पुराने रिकॉर्ड से लिंक नहीं हो पाया या उनके द्वारा दी गई जानकारी में कई तरह की कमियां हैं, उन्हें सिस्टम के जरिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस वाले वोटर्स को ERO या BLO के पास अपना जवाब और डॉक्यूमेंट्स जमा करने का मौका मिलेगा।