यूपी के हुनर और उत्पादों को दुनिया का बाजार देगा ट्रेड शो: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा, अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी गति, जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस होंगे भागीदार देश 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आएंगे करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार, छह देशों के लिए होंगे प्रीमियम पवेलियन और बी2बी बैठकें 20 से अधिक नॉलेज सेशन में उद्योग और निवेश पर होगा मंथन, संबंधित विभागों के मंत्री और प्रमुख सचिव भी होंगे शामिल ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी, फार्मा और टेक्सटाइल तक दिखेगी यूपी की औद्योगिक ताकत युवाओं को जोड़ने के लिए रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज, छात्र संभालेंगे वॉलंटियर की जिम्मेदारी 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के हुनर, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक क्षमता को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के जरिए वैश्विक मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। ट्रेड शो के चौथे संस्करण में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस छह भागीदार देश होंगे। 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाएगा। युवाओं को यहां प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी नहीं रहनी चाहिए। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास और आगंतुक सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ काम करें। छह देशों के लिए प्रीमियम पवेलियन, होंगी बी2बी बैठकें छह भागीदार देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के जरिए ट्रेड शो में भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेश स्थित भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी ने विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास तथा भागीदार देशों के उच्चायुक्तों के लिए लायजन ऑफिसर नियुक्त करने को कहा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को आगंतुकों एवं प्रतिनिधियों की सहायता के लिए वॉलंटियर बनाया जाएगा। सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक भी खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए तैनात रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री, उद्योग जगत और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद के लिए अतिरिक्त बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। 20 से अधिक नॉलेज सेशन, मंत्री और प्रमुख सचिव भी जुड़ेंगे ट्रेड शो में 20 से अधिक उच्च प्रभाव वाले नॉलेज सेशन होंगे। मुख्यमंत्री योगी ने प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ इन्हें संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए। टेक्निकल सेशन में संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रमुख सचिवों को आमंत्रित किया जाएगा, जिससे महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श और विभागीय समन्वय हो सके। नॉलेज सेशन में आम लोगों की भागीदारी भी प्रोत्साहित की जाएगी। अवध, ब्रज और बुंदेलखंड की भी दिखेगी झलक मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, जिससे ट्रेड शो प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का प्रतिनिधित्व कर सके। इसके लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी एवं आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य के साथ स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं। ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस तक दिखेगी ताकत इस वर्ष ट्रेड शो की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच’ है। इसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं हेल्थकेयर, टेक्सटाइल एवं हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई) तथा पर्यटन एवं संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन होगा। भूतल और द्वितीय तल के हॉल में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र पहले ही बुक हो चुका है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉरपोरेट संस्थाओं के लिए पूरा ले-आउट भी अंतिम रूप ले चुका है। 23 सितंबर तक तैयार होंगे सरकारी विभागों के स्टॉल मुख्यमंत्री योगी ने सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक स्टॉल लगाने का काम पूरा करने को कहा। प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टावर लगाने तथा विश्वसनीय इंटरनेट और वाई-फाई सेवा सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त रहेगा। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था होगी। तीनों संबंधित प्राधिकरण स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन के लिए आपसी समन्वय से काम करेंगे। प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सुरक्षा बल की तैनाती, फ्रिस्किंग, भीड़ प्रबंधन, निगरानी और निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। मुख्यमंत्री योगी ने भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। रील या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 500 से अधिक ईवी शटल बसों से आयोजन स्थल पहुंचेंगे आगंतुक पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच पर्यावरण अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा … Read more