samacharsecretary.com

एनएचआरसी ने मांगा जवाब: MP के मदरसों में 556 हिंदू बच्चों के धर्मांतरण का आरोप

भोपाल  राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) के पास पहुंची शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों के मतांतरण का रैकेट चल रहा है। प्रदेश के 27 मदरसों में 556 हिंदू बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले में एफआइआर दर्ज कराने की मांग की है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली एनएचआरसी की पीठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से 15 दिन में जवाब मांगा है। प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में आयोग ने कहा है कि मदरसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर हैं। ऐसे में यह समझ से परे है कि हिंदू बच्चों को वहां कैसे और क्यों प्रवेश दिया जाता है।  NHRC ने मांगी रिपोर्ट, कानूनगो बोले-सरकार बंद करें ग्रांट एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि आयोग को 26 सितंबर को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदेश में अवैध धर्मांतरण का गिरोह सक्रिय है, जो 556 हिन्दू बच्चों को 27 अवैध मदरसों में दाखिला देकर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि ये मदरसे मुरैना, इसलामपुरा, जौरा, पोरसा, अंबाह, कैलारस, संबलगढ़ और अन्य क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। बिना सरकारी अनुमति के ये संस्थान हिन्दू बच्चों को कुरान और हदीस की शिक्षा दे रहे हैं, जो किशोर न्याय (देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उल्लंघन है। सरकार ग्रांट देना तुरंत बंद कर दें  प्रियांक कानूनगो ने कहा कि मध्य प्रदेश में पिछली कई वषों से समस्या चल रही है। मध्य प्रदेश में मदरसा संचालक हिंदू बच्चों को प्रवेश देते है और कुरान पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा केंद्र नहीं है। यह धार्मिक परंपरा सीखाने के केंद्र हैं। राज्य सरकारों को मदरसों को ग्रांट देने का काम तुरंत बंद कर देना चाहिए। यह सरकार का काम नहीं है।   शिकायतकर्ता का आरोप एनएचआरसी को 26 सितंबर को भेजी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुरैना, इस्लामपुरा, जौरा, पौरसा, अंबाह, कैलारस, संबलगढ़ और अन्य क्षेत्रों में स्थित ये मदरसे, किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उल्लंघन करते हुए, बिना उचित सरकारी अनुमति के हिंदू नाबालिगों को कुरान और हदीस पढ़ा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 28(3) और 16 अगस्त 2024 को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन है, जिसमें गैर-इस्लामी बच्चों को इस्लामी मदरसों में पढ़ने से रोक दिया गया है। इसके अलावा यह आरोप भी लगाया गया कि इस रैकेट का अवैध विदेशी फंडिंग और राष्ट्र-विरोधी तत्वों से संबंध हो सकता है। 

जगदलपुर : आईटीआई बस्तर में सेवा पखवाड़ा के तहत चलाया गया स्वच्छता अभियान

जगदलपुर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर में सेवा पखवाड़ा अभियान 2025 के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के परिसर में गत दिवस स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस बारे में संस्था के प्राचार्य डॉ एके मण्डले ने बताया कि स्वच्छता अभियान के दौरान संस्था के परिसर एवं परिसर के आस-पास साफ-सफाई किया गया। साथ ही एक पेड़ ष्माँष् के नाम पर वृक्षारोपण किया गया। वहीं जनजागरूकता के लिए प्लास्टिक मुक्त, जल संरक्षण और व्यक्तिगत त स्वच्छता पर रैलियां निकाली गई। इस दौरान स्लोग्न और पोस्टर के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर संस्था के समस्त प्रशिक्षण अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

सुरजाखेड़ा याचिका के बाद प्रशासन में हलचल: मुख्य सचिव, DGP और ADGP को नोटिस, वजह क्या है?

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव, डीजीपी व एडीजीपी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को नोटिस जारी कर 27 अक्तूबर तक जवाब तलब किया है। रामनिवास फिलहाल अंबाला के केंद्रीय जेल में बंद हैं। एसीबी ने सुरजाखेड़ा को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। याचिका में बताया गया कि 2015-2019 के बीच हुडा अब एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के खाते से करीब 70 करोड़ रुपये की फर्जी डेबिट ट्रांजेक्शन हुईं। कोर्ट को बताया कि इस मामले में पूर्व विधायक को सीधे तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया था बल्कि जांच के दौरान संदिग्ध लेनदेन और बैंक खातों की कड़ियां मिलने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने बार-बार पुलिस रिमांड मांगी। हालांकि अदालत ने हर बार रिमांड की अवधि सीमित कर दी और सिर्फ एक या दो दिन की रिमांड ही दी गई। रामनिवास का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह गैर-कानूनी तरीके से की गई। उनके अनुसार, पुलिस और एसीबी ने गिरफ्तारी का कोई स्पष्ट और ठोस आधार पेश नहीं किया और सिर्फ सहयोग न करने को आधार बनाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।   याचिका में संविधान के अनुच्छेद 21 व 22 के उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा गया है कि गिरफ्तारी व रिमांड की कार्यवाही पूरी मनमानी रही। इससे उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और न्यायिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। याचिका में उनकी गिरफ्तारी और रिमांड संबंधी सभी आदेशों को रद्द कर उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग भी की गई है क्योंकि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं है। साथ ही इस पूरे मामले को राजनीतिक द्वेष और बदनाम करने की सोची-समझी साजिश बताया गया है।

बरेली में कार्रवाई का बिगुल, IMC प्रवक्ता कार्यालय समेत 74 दुकानों पर ताला, बुलडोजर चलाने की धमकी

बरेली  बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मस्थल के पास स्थित आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता डॉ. नफीस के ऑफिस और 74 दुकानों को सील कर दिया है। ये सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले के ऊपर किए गए हैं, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की तैयारी चल रही है। बुलडोजर ऐक्शन हो सकता है। सिविल लाइंस में नावल्टी चौराहे के पास स्थित धर्मस्थल के पास एक ही इमारत में आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस का ऑफिस और 74 दुकानें बनी हुई हैं। वक्फ संपत्ति बताकर डॉ. नफीस ही इन दुकानों से किराया वसूलता था, जो बवाल के मुख्य आरोपियों में भी शामिल है। निगम के मुताबिक यह सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले पर अतिक्रमण कर किए गए हैं। कई बार दुकानदारों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में सोमवार दोपहर अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट, पुलिस की मौजूदगी में निगम अफसरों ने सभी दुकानें खाली करा लीं और उन्हें सील कर दिया गया। साथ ही, डॉ. नफीस का ऑफिस भी टीम ने सील कर दिया। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे। लूटे वायरलेस से नदीम जान रहा था पुलिस मूवमेंट नदीम खां की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया वायरलेस हैंडसेट बरामद किया है। बवाल के दौरान इस हैंडसेट से वह पुलिस की गतिविधियों और फोर्स के मूवमेंट पर नजर रख रहा था। शिकारपुर चौधरी निवासी उपद्रवी जफरुद्दीन के कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद हुआ है। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।

उत्तर बस्तर कांकेर: चिरायु योजना के तहत क्लब फुट से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष शिविर आयोजित

उतर बस्तर कांकेर स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी तारतम्य में कलेक्टर श्री नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की निर्देशानुसार शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्व जिला चिकित्सालय कांकेर में क्लब फुट (टेढे़-मेंढे पैर) वाले बच्चों के उपचार के लिए शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 31 बच्चों को फॉलोअप एवं जन्मजात बालिका (07 दिन) का भी ऑपरेशन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि विकासखंड अंतागढ़ के ग्राम सेमर निवासी सुखबती कुरेटी की बच्ची का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमाबेड़ा में एक सप्ताह पहले हुआ, जिसमें बच्चे के पैर में विकृति पाई गयी। चिरायु टीम द्वारा इसकी पहचान कर इसके उपचार की शुरूआत की गई। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में पदस्थ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुप पदमवार ने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है, जिसका शीघ्र पहचान कर उपचार किया जावे तो इस विकृति से निजात पाया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी.ठाकुर ने शिविर में उपचाररत बच्चों के परिजनों से मिलकर बच्चों के नियमित उपचार के लिए समझाईश भी दिया। शिविर में जिला स्तरीय एवं चिरायु टीम के डॉ. जयप्रकाश धीवर एवं फार्मासिस्ट प्रेमराज विशाल उपस्थित रहे।

कांग्रेस के नए हरियाणा अध्यक्ष पर सीनियर नेता ने उठाए सवाल, पार्टी में उबाल

रोहतक  हरियाणा में कांग्रेस ने बीते साल विधानसभा चुनाव में करारी मात खाई थी। 2009 में आखिरी बार विधानसभा चुनाव जीतने वाली कांग्रेस को लगातार तीन बार हार झेलनी पड़ी है। इसके बाद नेतृत्व को लेकर रस्साकशी हुई तो एक साल बाद ही नेता विपक्ष के तौर पर भूपिंदर सिंह हुड्डा को चुना गया है तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष अहीरवाल बेल्ट के नेता राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस को लगता है कि इससे उसे भाजपा के गढ़े बने अहीरवाल में सेंध लगाने में मदद मिलेगी, लेकिन इसका उलटा होता दिख रहा है। कैप्टन अजय सिंह यादव ने ही इस फैसले पर सवाल उठा दिए हैं, जो पार्टी के सीनियर लीडर हैं। उनका कहना है कि यह फैसला गलत है और इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। कैप्टन अजय यादव ने ट्वीट किया, 'हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के लगातार गिरते ग्राफ को देखते हुए आज लिए गए निर्णय पर पार्टी को आत्म निरीक्षण करने की आवश्यकता है। राहुल गांधी जी की इच्छा थी कि हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष एक ऐसे व्यक्ति को बनाया जाए जिसकी छवि पूरी तरह साफ-सुथरी, बेदाग और युवा नेतृत्व की पहचान रखने वाली हो। लेकिन आज का निर्णय इसके ठीक उलट दिखाई देता है। इस वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडर का मनोबल बिलकुल गिर गया है।' उनका सीधा इशारा राव नरेंद्र सिंह की ओर है, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली है। राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ 2016 में दर्ज हुआ था करप्शन का केस सीनियर लीडर कैप्टन अजय यादव ने यह साफ नहीं किया कि वह क्यों राव नरेंद्र सिंह को साफ-सुथरी छवि का नेता नहीं मानते हैं, लेकिन इसके तार 2016 के एक केस जोड़े जा रहे हैं। दरअसल राव नरेंद्र सिंह पर 2016 में एफआईआर दर्ज हुई थी। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने जमीन का इस्तेमाल बदलने के लिए कैश लिया था। लोक अदालत की जांच के बाद राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ केस फाइल हुआ था। क्यों इतने खफा हैं कैप्टन अजय यादव माना जा रहा है कि कैप्टन अजय यादव ने इशारों में उसी केस का जिक्र करते हुए राव नरेंद्र सिंह को अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध किया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि ओबीसी नेता के नाम पर खुद कैप्टन अजय यादव दावेदारी कर रहे थे। ऐसे में उनकी ही बिरादरी के राव नरेंद्र सिंह को बनाए जाने से वह खफा हैं। उन्हें लगता है कि इससे उनकी अपनी सियासी जमीन भी कमजोर होगी।

जगदलपुर: बस्तर के कारीगरों को मिल रहे डिजिटल पंख, उद्यमिता विकास कार्यक्रम में मिली नई दिशा

जगदलपुर आयुक्त हस्तशिल्प एवं वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में बस्तर शिल्प हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सहयोग से छः दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन शहर के एक निजी होटल में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर के कारीगरों एवं उद्यमियों को आधुनिक व्यावसायिक तकनीकों से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाना है।         इस अवसर पर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ राहुल कुमार पाण्डेय ने कारीगरों को डिजिटल माध्यमों से अपने शिल्प और उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के गुर सिखाए। उन्होंने उदाहरणों और प्रेरक अंदाज में बताया कि किस प्रकार डिजिटल मार्केटिंग किसी भी पारंपरिक व्यवसाय को “स्थानीय से वैश्विक” बना सकती है। उन्होने बताया कि बस्तर की कला और शिल्प केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि भारत की पहचान भी है। यदि हमारे कारीगर डिजिटल साधनों का सही उपयोग करें, तो उनका हुनर दुनिया के हर कोने तक पहुँच सकता है। मेरा संकल्प है कि यहाँ का हर कारीगर डिजिटल पंख लगाकर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाए।         कारीगरों और प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत प्रेरणादायी और उपयोगी बताया। उनका कहना था कि ऐसे प्रशिक्षक ही वास्तव में बस्तर के कारीगरों को नई दिशा दे सकते हैं और ऐसे कार्यक्रम उनके जीवन और व्यवसाय में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले सिद्ध होंगे। यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन दे रहा है, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।

राज्यपाल और CM पहुंचे डिप्टी CM के घर, NDA-INDIA गठबंधन में राजनीतिक रार बढ़ी

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर नवरात्रि के अवसर पर महाआरती एवं फलाहार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, जनक राम, केदार गुप्ता आदि शामिल हुए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनडीए गठबंधन के जन प्रतिनिधि एवं NDA गठबंधन के प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों द्वारा भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़े कई प्रस्तुतियां हुई. असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मां काली के द्वारा महिसासुर मर्दन की अलौकिक प्रस्तुति भी हुई. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज का यह आयोजन सभी सनातन परिवारों में ऊर्जा का संचार करेगा और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में उपस्थित होकर बिहार के आमजनों को सनातन-संस्कृति के विचारों को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया है. बिहार विधानसभा का चुनाव निकट है. ऐसे में मां दुर्गा सभी आसुरी शक्तियों का नाश करेंगी और NDA को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिलेगी. चुनाव के वक्त लगता है ऐसा आरोप, शांभवी का जवाब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा मंत्री अशोक चौधरी और अन्य लोगों पर लगाये गये आरोप के बाद अशोक चौधरी की पुत्री और समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने अपना बयान दिया. शांभवी ने कहा कि विशेष रूप से जब चुनाव आता है. आरोप और प्रत्यारोप हर समय, हर किसी के ऊपर लगता है. यह कोई नहीं बात नहीं है. जो आरोप प्रशांत किशोर ने लगाया है. मेरे पिताजी और मेरी मां, दोनों लोग अपना अपना पक्ष दे चुके हैं. उनके आराेप का कोई आधार नहीं है. यह सब बेबुनियाद है. सारे आरोप झूठे हैं. शांभवी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्सनल अटैक किया है. ससुर, सास का भी नाम उन्होंने लिया है. ट्रस्ट के बारे में भी उन्होंने बोला है. हमारे ससुर पर पर्सनल अटैक किया है. हमारे ससुर, सास कोई राजनीतिक परिवार से नहीं है, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई देंगे. ट्रस्ट में कुछ भी गलत नहीं हुआ है. बोलने को बहुत कुछ बोल सकते हैं, लेकिन हम इधर से बोलेंगे, वह उधर से बोलेंगे. इसका कोई अंत नहीं होगा. जहां तक ट्रस्ट का बात है. ट्रस्ट अपना पक्ष रखेगी.पहले भी हम लोग मीडिया में आ चुके हैं, जो आरोप लगे वह बेबुनियाद और झूठे हैं. पीके बहेलिया और राजनीतिक नटवरलाल: बीजेपी भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को घेरते हुए कहा कि पीके बहेलिया है और राजनीतिक नटवरलाल है. प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति के सबसे बड़ा फ्रॉड हैं और अपने बयानों को लेकर यही कर रहे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि प्रशांत किशोर हर उस आदमी पर सवाल उठा रहे हैं, जो लालू के जंगलराज के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है. सही अर्थों में कहें तो वे महागठबन्धन की सरकार बनाने में लगे हुए हैं. यही कारण है कि वे अनाप शनाप आरोप लगा रहे हैं. भाजपा के नेता ने सीधा सवाल करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन खुद पर लगे आरोपों का जवाब नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें यह तो बताना होगा कि उनकी पार्टी को मिले पैसे उनके निजी खाते में कैसे जमा हुए हैं? कांग्रेस-राजद ने पिछड़ा-अति पिछड़ा समाज को ठगा: बीजेपी बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता प्रेम कुमार ने राजद और कांग्रेस पर पिछड़े और अति पिछड़े समाज को ठगने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब दोनों दल सत्ता में रहे, तो इस समाज को न अधिकार देने का काम किया, न कभी सम्मान दिया. मंत्री प्रेम कुमार ने राजद के ‘कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार सम्मेलन’ को लेकर कहा कि इसमें तेली, कानू, दांगी और चौरासिया जाति के लिए नो एंट्री कर दी जाती है. तेली समाज से राजद के बड़े नेता और ‘बिहार तैलिक साहू समाज’ के अध्यक्ष, विधायक रणविजय साहू और कानू समाज के नेता और राजद व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता को इस कार्यक्रम से लौटा दिया गया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव आज ‘जननायक’ के नाम पर अतिपिछड़ा का वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं और उनके पिता लालू यादव कर्पूरी ठाकुर को हमेशा अपमानित करते रहे हैं. अति-पिछड़ों से लालू यादव को इतनी घृणा थी कि वो कर्पूरी ठाकुर को ‘कपटी ठाकुर’ कहते थे. सम्राट चौधरी के मामले पर नेतृत्व चुप क्यों? राजद राजद ने प्रशांत किशोर द्वारा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर लगाये गये आरोप पर बयान दिया है. पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि सम्राट चौधरी पर जो आरोप लगे हैं, उस संबंध में वह पब्लिक के बीच आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें, क्योंकि उन पर जो हत्या के मामले में बरी होने कि बातें सामने आई है, उसमें फर्जी तरीके से दस्तावेज लगाकर बरी होने का मामला सामने आया है. यह बहुत ही गंभीर मामला है. इस तरह के मामले पर मुख्यमंत्री और भाजपा का शीर्षस्थ नेतृत्व चुप क्यों है? यह बात समझ से परे है.  

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका

पुलिस की मुस्तैदी और स्मार्ट पुलिसिंग से जीरो इंसिडेंट इवेंट बना यूपीआईटीएस 2025 उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका यूपी पुलिस ने ड्रोन, सीसीटीवी और कंट्रोल कमांड सेंटर की मदद से पूरे आयोजन को जीरो-इंसिडेंट इवेंट बनाया 9 जोन और 20 सेक्टर में रहा सख्त सुरक्षा कवच, 550 सीसीटीवी कैमरों और 24×7 एक्टिव कंट्रोल रूम ने आयोजन स्थल और आसपास की सुरक्षा को बनाया अभेद्य महिला सुरक्षा पर रहा खास ध्यान, 150 महिला कांस्टेबल और 40 महिला सब-इंस्पेक्टर की तैनाती ने महिला सुरक्षा सुनिश्चित की हैसल-फ्री ट्रैफिक मैनेजमेंट किया एक्टिव, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, टीएसआई और 450 ट्रैफिक कांस्टेबल की तैनाती से आगंतुकों को बिना जाम परेशानी के पहुंचने का मिला अवसर एंटी-ड्रोन सिस्टम और डिजिटल डायवर्जन प्लान से विदेशी डेलीगेट्स और लाखों आगंतुकों के लिए बनी सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था ग्रेटर नाेएडा   उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 (UPITS-2025) को सफल, सुरक्षित और भव्य बनाने में उत्तर प्रदेश पुलिस का योगदान भी काफी सराहनीय रहा। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने में यूपी पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था ने एक नई मिसाल कायम की। पुलिस अधिकारियों की तैनाती और आधुनिक सुरक्षा उपायों ने इस कार्यक्रम को न सिर्फ व्यवस्थित बल्कि दिव्य और भव्य भी बना दिया। इस बड़े आयोजन में आने वाले फॉरेन और वीआईपी डेलीगेट्स की सुरक्षा हो या फिर प्रतिदिन लाखों की संख्या में पहुंच रहे आगंतुकों की सुरक्षा और ट्रैफिक की जिम्मेदारी, हर मोर्चे पर पुलिस चौकन्नी रही। किसी तरह की मिसहैपनिंग न हो, इसके लिए 24 घंटे कंट्रोल कमांड सेंटर से पूरे वेन्यू की मॉनीटरिंग की गई। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से आयोजन को जीरो इंसिडेंट इवेंट बनाने में सफलता प्राप्त की गई। बड़े पैमाने पर तैनात की गई फोर्स एडिशनल पुलिस कमिश्नर ग्रेटर नोएडा राजीव नारायण मिश्र ने आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए किए गए व्यापक इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए, पुलिस विभाग ने सुरक्षा के लिए सात डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), चौदह एडीसीपी (एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), 38 एसीपी (असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस), 80 इंस्पेक्टर, तीन सौ सब इंस्पेक्टर, चालीस महिला सब इंस्पेक्टर, कुल एक हजार चार सौ कांस्टेबलों को तैनात किया। इसके साथ ही, महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एक सौ पचास महिला कांस्टेबल भी तैनात की गई थीं। सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए, सात कंपनियां पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) और एक कंपनी आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) को भी तैनात किया गया था। ट्रैफिक रहा चुस्त दुरुस्त यूपी पुलिस के इस बड़े प्रयास में ट्रैफिक प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा गया था। ट्रैफिक जाम और भीड़-भाड़ से बचने के लिए, दस ट्रैफिक इंस्पेक्टर, बीस टीएसआई (ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर), चार सौ पचास ट्रैफिक कांस्टेबल और तीन एसीपी ट्रैफिक को नियुक्त किया गया। इन सभी कर्मचारियों ने सुनिश्चित किया कि ट्रैफिक सुचारु रूप से चले और यात्री बिना किसी परेशानी के इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। इसका असर भी देखने को मिला और हर कोई हैसल फ्री ट्रैफिक के माध्यम से आयोजन स्थल पर पहुंच सका।  9 जोन और 20 सेक्टर्स में बांटा गया आयोजन स्थल आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए शहर को नौ जोन और बीस सेक्टरों में बांट दिया गया था। इसके अलावा, एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था, जो पूरे समय 24 घंटे एक्टिव था और सुरक्षा के सभी पहलुओं की निगरानी करता था। इस कंट्रोल रूम में 550 सीसीटीवी कैमरों द्वारा पूरे क्षेत्र की पल-पल की निगरानी की जाती थी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। 15 हजार की रही पार्किंग क्षमता पार्किंग की व्यवस्था भी इस इवेंट की अहम जरूरत थी। इसके लिए सात पार्किंग स्थल बनाए गए, जहां पंद्रह हजार से अधिक गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसमें सर्वाधिक क्षमता नासा पार्किंग की रही, जहां 10 हजार वाहन एक साथ खड़े किए जा सकते थे। यही नहीं, यहां से लोगों को आयोजन स्थल तक ले जाने के लिए शटल बसों की भी व्यवस्था की गई थी। यह व्यवस्था इवेंट में आने वाले आगंतुकों को आसानी से पार्किंग का विकल्प प्रदान कर रही थी। फिर दिखी स्मार्ट पुलिसिंग  स्मार्ट पुलिसिंग के तहत पुलिस ने एक डिजिटल दृष्टिकोण अपनाया था। इवेंट में आने वाले लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, ताकि वे इवेंट स्थल तक सही मार्ग पर पहुंच सकें। यह स्मार्ट पुलिसिंग की प्रणाली दर्शाती है, जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर जनता तक सटीक जानकारी पहुंचाई गई और यातायात व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया गया। शहर भर में लगाए गए साइन बोर्ड  आगंतुकों, विशेषकर विदेशी डेलीगेट्स और गेस्ट्स के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्हें इवेंट स्थल तक पहुंचने के लिए होटल से यूपीआईटीएस स्थल तक सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की व्यवस्था की गई। साथ ही, इवेंट स्थल और शहरभर में साइन बोर्ड लगाए गए, ताकि लोग आसानी से इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। एंटी ड्रोन भी किया गया तैनात  इसके अलावा, सुरक्षा के और भी कड़े उपाय किए गए थे। ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया था ताकि आसमान से भी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। यह आधुनिक तकनीकी उपाय इस बात का प्रमाण हैं कि यूपी पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग को पूरी तरह से अपनाया और इस इवेंट को एक सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव बनाने में अहम भूमिका निभाई।

एमपी की पहली तेजस ट्रेन का संचालन बढ़ा, इंदौर-मुंबई रूट पर अब 29 नवंबर तक सेवा

इंदौर  मध्य प्रदेश की औद्योगिक नगरी इंदौर और मुंबई के बीच चलने वाली तेजस ट्रेन संचालित हो रही है। मध्य प्रदेश की पहली तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट आया है। यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को देखते हुए इसके संचालन को तीसरी बार बढ़ा दिया गया है। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीना ने जानकारी दी कि मुंबई सेंट्रल से इंदौर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 09085/09086 मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन के फेरों का विस्तार किया गया है। गाड़ी संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस स्पेशल ट्रेन जो पहले 29 सितंबर 2025 तक चलनी थी। वह अब 28 नवंबर 2025 तक मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए रवाना होगी। ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई के लिए ट्रेन संख्या 09086 हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को शाम 5 बजे चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी। ट्रेन का अंतिम फेरा अब 29 नवंबर तक होगा। इन जगहों पर रहेगा स्टॉपेज तेजस एक्सप्रेस मुंबई और इंदौर के बीच बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की सुविधा रहेगी। किराया अन्य ट्रेनों से ज्यादा तेजस एक्सप्रेस का किराया इस रूट की दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक रखा गया है। थर्ड एसी का किराया 1805, सेकंड एसी का किराया 2430 जबकि फर्स्ट एसी का किराया 3800 है। जबकि दुरंतो एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का किराया 3425 और अवंतिका एक्सप्रेस में 2870 है। यात्रा का समय भी ज्यादा तेजस ट्रेन, दुरंतो ट्रेन और अवंतिका की तुलना में अधिक समय लेगी। दुरंतो एक्सप्रेस इंदौर से मुंबई का सफर 11 घंटे 10 मिनट में पूरा करती है। वही अवंतिका एक्सप्रेस 12 घंटे 15 मिनट में पहुंचती है। जबकि तेजस एक्सप्रेस को 14 घंटे 10 मिनट का समय लगेगा। तेजस ट्रेन की खासियत तेजस एक्सप्रेस देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन है जिसे आईआरसीटीसी संचालित करता है। इसमें एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम टॉयलेट और आरामदायक सीटें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बुकिंग शुरू और सीटें उपलब्ध तेजस ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो चुकी है।मुंबई से 23 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 338, सेकंड एसी में 112 और फर्स्ट एसी में 81 सीटें उपलब्ध हैं। इंदौर से 24 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 317 सीटें, सेकंड एसी में 101 और फर्स्ट एसी में 77 सीटें खाली हैं।