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बिलासपुर: बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए निकले रईसजादों का हाईवे पर हंगामा, स्टंट करते बनाए वीडियो, NH पर लगा जाम

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-मस्तूरी नेशनल हाईवे पर फिर रसूखदारों ने गाड़ियों का काफिला निकालकर जाम लगा दिया। शहर की सड़कों पर 15-20 कारों का काफिला एक साथ निकला। जिसमें करीब 18 लड़के सवार थे। ये सभी मस्तूरी में किसी कारोबारी के फॉर्म हाउस में बर्थडे पार्टी मनाने जा रहे थे।  मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है। बदमाशों ने ना केवल सड़कों पर जाम लगाया बल्कि रील बनाने के लिए स्टंटबाजी भी की। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लड़के चलती कार की खिड़की पर बैठकर फोन चलाते दिखे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने सभी 18 बदमाशों को पकड़ लिया है। कार की विंडो पर बैठकर स्टंटबाजी, लगा जाम इस दौरान शहर के बदमाश युवक नेशनल हाईवे पर अलग-अलग 15-20 कारों में सवार थे, विंडो पर बैठकर मस्ती कर रहे थे। युवकों ने रील्स बनाने के लिए फिल्मी स्टाइल पर नेशनल हाईवे पर कारों का काफिला लगाकर स्टंटबाजी भी की। बर्थडे पार्टी में शामिल होने जा रहे थे सभी बताया जा रहा है कि मस्तूरी क्षेत्र में एक जमीन कारोबारी का फार्म हाउस है, जहां बुधवार की रात बर्थ-डे सेलिब्रेशन किया जा रहा था। इस आयोजन में शहर के युवाओं को बुलाया गया था। फार्म में DJ लगाकर शराब और कबाब के साथ युवक मस्ती कर रहे थे। वहीं, पार्टी में शामिल होने के लिए शहर के रसूखदार युवक नेशनल हाईवे पर कारों का काफिला लगाकर सड़क जाम कर दिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की बदमाशों के इस काफिले से नेशनल हाईवे जाम हो गया था। पीछे चल रही गाड़ियों के कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सभी गाड़ियों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 18 युवकों के खिलाफ होगी कार्रवाई पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी कार को जब्त कर 18 युवकों को गिरफ्तार किया गया। एडिशनल एसपी अर्चना झा ने बताया कि पुलिस ने सभी कार को जब्त किया है। साथ ही कार सवार 18 युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

देर से गर्भपात के नियम स्पष्ट: 22 हफ्ते बाद अबॉर्शन पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 30 वर्षीय महिला को 22 हफ्तों की प्रेग्नेंसी को खत्म करने का आदेश दिया है. हालांकि, ऐसा हर महिला के साथ संभव नहीं है. इसके अलावा, भारतीय कानून के मुताबित, 22 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए भी कोर्ट की मंजूरी चाहिए होती है. ऐसे में क्यों महिला को बिना किसी मौजूदा कारणों के बाद गर्भपात की मंजूरी दी गई? चलिए जानते हैं पूरी बात. किस मामले में सुनाया यह फैसला? दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट मे एक 30 वर्षीय महिला के केस की सुनवाई चल रही थी. महिला अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रही थी. उस दौरान वह दो बार प्रेग्नेंट हुई थी. पहली बार भी उसे अपने पार्टनर द्वारा बहलाये जाने के बाद गर्भनिरोधक गोलियों से अबॉर्शन किया. मगर दूसरी बार जब वह फिर गर्भवती हुई तो अब लंबे समय की प्रेग्नेंसी थी. हालांकि, महिला ने पहले ही बच्चे को गिराने से इंकार किया था लेकिन पार्टनर ने उसे जबरदस्ती मेडिकल अबॉर्शन करने के लिए कहा. दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस की टिपण्णी पार्टनर की बात न मानने पर उसके साथ मारपीट की गई और प्रताड़ित किया गया. इसके बाद महिला ने FIR कर केस दर्ज करवाया था. इस पर दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस रविंद्र डुडेजा ने स्पष्ट कहा है कि गर्भावस्था को जारी रखना पीड़िता की तकलीफों को बढ़ाना होगा. दरअसल, महिला को शादी का झूठा वादा किया गया था. मगर अब ऐसा नहीं होगा तो गर्भावस्था को जारी रखना युवती के लिए कठिन हो सकता है. किस संदर्भ में दिया गया फैसला? जस्टिस ने यह फैसला महिला को और कष्ट न पहुंचाने और सामाजिक कलंक से बचाने के लिए सुनाया था. पीड़ित महिला को पहले से ही आरोपी मित्र से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था और कोर्ट भी उसकी मनोस्थिति को नहीं समझेगा तो उसके लिए मुश्किल आ सकती है. कोर्ट ने महिला को एम्स में गर्भपात करवाने की अनुमति दे दी है. क्या है यह नियम और कब महिला को ऐसे अधिकार मिलते हैं? भारतीय कानून में यह नियम नया नहीं है. इस नियम को साल 1970 में ही लागू कर दिया गया था, जिसमें 20 हफ्ते के भ्रूण को गिराने का प्रावधान है लेकिन कुछ विशेष मामलों में. इसे MTP Act, 1971 कहते हैं. इसमें लीगल अबॉर्शन प्रोसेस के बारे में बताया जाता है. इसे साल 2021 में बदला गया जिसके बाद 24 हफ्तों तक गर्भपात करने की अनुमति दी जाती है. मगर विशेष परिस्थितियों में. एक्ट के मुताबिक, शादीशुदा और अविवाहित महिलाओं के बीच अब कोई फर्क नहीं रखा गया है. दोनों को समान अधिकार हैं. रेप सर्वाइवर, नाबालिग, विकलांग महिलाओं को 24 हफ्ते तक गर्भपात का अधिकार दिया गया है. इस केस में भी मामला यौन शोषण से जुड़ा था. इसलिए, गर्भपात की अनुमती दी गई है.

सोशल मीडिया सेंसेशन बना ट्रैफिक कॉप रंजीत, अब वायरल चैट के चलते हुआ लाइन अटैच

इंदौर अपने खास अंदाज में शहर का ट्रैफिक संभालने वाले डांसिंग कॉप रंजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक महिला से सोशल मीडिया चैट के चक्कर में इंदौर पुलिस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. वायरल चैट के मुताबिक ट्रैफिक कॉप रंजीत का कसूर ये था कि उन्होंने अपनी एक फॉलोअर को इंदौर आने का ऑफर दिया था. कथित तौर पर रंजीत ने अपनी फॉलोअर को एयर टिकट भेजने और होटल में रुकवाने का भी ऑफर दिया था. यह ऑफर महिला को इतना नागवार गुजरा कि उसने रंजीत सिंह के साथ हुई अपनी चैट वायरल कर दी. डांसिंग कॉप ने इसे बताया बदनाम करने की साजिश महिला द्वारा चैट वायरल किए जाने के बाद रंजीत ने अपने बचाव में कहा कि युवती उसे बदनाम करने के लिए उन मैसेज का दुरुपयोग कर ही है. रंजीत ने बताया कि वह कई साल पुराने चैट हैं. इस मामले में दोनों के वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने ट्रैफिक कॉप रंजीत को लाइन अटैच कर दिया है लेकिन महिला अब भी रंजीत को बख्शने को तैयार नहीं है. महिला ने फिर वीडियो जारी कर रंजीत को चेतावनी दी है. ट्रैफिक जागरुकता और डांसिंग स्टाइल के लिए फेमस हैं रंजीत गौरतलब है इंदौर के ट्रैफिक कॉप रंजीत सिंह अपनी अनोखी स्टाइल में ट्रैफिक ड्यूटी निभाने और डांस मूव्स के लिए फेमस हैं. वे अपने अनोखे अंदाज के जरिए ट्रैफिक जागरुकता फैलाने के कारण इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुके हैं. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. इस बीच एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप से रंजीत पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए यह तक आरोप लगाया दिया कि रंजीत ने उसे होटल में मिलने के लिए एप्रोच किया था. पुलिस कमिश्नर ने किया लाइन अटैच रंजीत का कहना है कि महिला द्वारा जिन संदेशों का जिक्र किया जा रहा है, वे कई साल पुराने हैं और उन्हें गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि वीडियो और आरोप झूठे हैं व उनका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है. दोनों पक्षों के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से रंजीत सिंह को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि महिला की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इधर संबंधित महिला ने गुरुवार को फिर अपनी ओर से वीडियो जारी करते हुए रंजीत के आरोपों का जमकर खंडन किया. महिला ने इसके साथ ही रंजीत के पुराने मैसेज भी सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी है. वहीं, इंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडौतिया ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, '' सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो और समाचार माध्यमों से मिला जानकारी के आधार पर ट्रैफिक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को अमर्यादित व्यवहार के लिए लाइन अटैच किया गया है.''  

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1469.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 494.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 900.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 752.5 मि.मी., गरियाबंद में 904.6 मि.मी., महासमुंद में 733.3 मि.मी. और धमतरी में 933.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1083.9 मि.मी., मुंगेली में 1047.9 मि.मी., रायगढ़ में 1257.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 901.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1234.0 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1053.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1004.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 796.1 मि.मी., कबीरधाम में 751.5 मि.मी., राजनांदगांव में 870.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1242.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 753.6 मि.मी. और बालोद में 1080.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 733.8 मि.मी., सूरजपुर में 1099.0 मि.मी जशपुर में 1011.1 मि.मी., कोरिया में 1168.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1052.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1406.6 कोंडागांव जिले में 954.7 मि.मी., कांकेर में 1149.3 मि.मी., नारायणपुर में 1239.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1379.3 मि.मी., सुकमा में 1088.9 मि.मी. और बीजापुर में 1415.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में ABVP का दबदबा, डूसू अध्यक्ष समेत 3 पदों पर कब्जा

नई दिल्ली  दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू चुनाव 2025) के नतीजे आ गए हैं। 17 राउंड की फाइनल गिनती के बाद डूसू चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष समेत तीन पदों पर बाजी मार ली है, जबकि एक पद एनएसयूआई के खाते में आया है। एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का पद जीता है। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई ने बाजी मारी है। डूसू चुनाव की मतगणना से पहले नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स स्टेडियम में मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। गुरुवार को बेहद कड़ी सुरक्षा में संपन्न हुए डूसू चुनाव में इस बार 39.36 प्रतिशत मतदान हुआ। रामानुजन में 63 फीसदी तो मिरांडा हाउस में 60 फीसदी विद्यार्थियों ने मतदान में हिस्सा लिया। मिरांडा हाउस, हंसराज, रामजस, किरोड़ीमल, रामानुजन सहित अन्य कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने मतदान किया। वहीं, कुछ कॉलेजों में मतदान के दौरान दो गुटों में आपसी झड़प और ईवीएम खराब होने की बात भी सामने आईं। डूसू चुनाव में पहली बार हुआ ऐसा डीयू में पहली बार ऐसा हुआ कि कैंपस और कॉलेजों की दीवारों पर किसी तरह का पोस्टर या बैनर दिखाई नहीं दिया। दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य सुरक्षाबलों ने पूरे कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया था। कैंपस लॉ सेंटर में मतदान के लिए पहली बैरिकेडिंग पर छात्रों का आईकार्ड चेक किया जा रहा था और बाद में दूसरी बैरिकेडिंग पर फिर से जांच हो रही थी। इसके बाद मतदान परिसर में छात्रों को जाने दिया जा रहा था। आज दिनभर चली मतगणना  डूसू चुनाव में फाइनल राउंड की काउंटंग के बाद एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव का पद जीता है। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई ने बाजी मारी है। डूसू चुनाव के फाइनल राउंड के नतीजे एबीवीपी प्रत्याशी:- अध्यक्ष – आर्यन मान 28841 उपाध्यक्ष – गोविंद तंवर 20547 सचिव – कुणाल चौधरी 23779 संयुक्त सचिव- दीपिका झा 21825 एनएसयूआई अध्यक्ष – जोश्लिन नंदिता चौधरी 12645 उपाध्यक्ष – राहुल झांसला 29339 सचिव – कबीर 16117 संयुक्त सचिव- लवकुश भड़ाना 17380 आइसा -एसएफआइ अध्यक्ष : अंजलि -5385 उपाध्यक्ष सोहन -4163 सचिव: अभिनंदना – 228 संयुक्त सचिव : अभिषेक – 8425 अध्यक्ष: 59882 उपाध्यक्ष: 59869 सचिव: 59863 संयुक्त सचिव: 69919 डूसू चुनाव के 16वें राउंड की मतगणना के नतीजे 16th Round तक कुल वोट एबीवीपी अध्यक्ष – आर्यन मान 21854 उपाध्यक्ष – गोविंद तंवर 16013 सचिव – कुणाल चौधरी 18506 संयुक्त सचिव- दीपिका झा 16501 एनएसयूआई अध्यक्ष – जोश्लिन नंदिता चौधरी 9973 उपाध्यक्ष – राहुल झांसला 22770 सचिव – कबीर 12419 संयुक्त सचिव- लवकुश भड़ाना 13996 आईसा -एसएफआई अंजलि -4414 सोहन -3185 अभिनंदना -7672 अभिषेक -6439  

छत्तीसगढ़ में भी शुरू होगी वोटर लिस्ट की जांच प्रक्रिया (SIR), BLO को मिल रही ट्रेनिंग

जगदलपुर  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। एसआइआर कोई नया प्रविधान नहीं है। पहले भी ऐसा किया जा चुका है। मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद छत्तीसगढ़ में पहले विधानसभा चुनाव 2003 के पूर्व मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। बता दें कि 22 वर्ष बाद इस साल दोबारा एसआइआर प्रस्तावित है। यहां बस्तर में भी इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। हालांकि भारत निर्वाचन आयोग ने अभी इसके लिए कार्यक्रम विवरण जारी नहीं किया है। निर्वाचन आयोग से मिले दिशा निर्देशों के अनुसार हाल ही में बूथ लेवल आफिसर्स (बीएलओ) को पहले चरण का प्रशिक्षण दिया गया है। बस्तर जिले में 783 मतदान केंद्र और इतने की बूथ लेवल आफिसर्स हैं जो इस कार्य को करेंगे। जिले में साढ़े छह लाख से अधिक मतदाता हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्यरत रहे कुछ पुराने कर्मचारियों से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि एसआइआर सामान्य प्रक्रिया है और पहले भी हो चुकी है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए दो प्रविधान है। विशेष गहन पुनरीक्षण अर्थात एसआइआर और दूसरा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण। 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। इसके बाद प्रति वर्ष और विशेषकर विधानसभा, लोकसभा चुनाव से पहले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान चलाकर मतदाता सूची को अपडेट किया जाता रहा है। इसके तहत नाम जोड़ने, विलोपित करने, निवास पता की जानकारी परिवर्तित करने आदि किया जाता है। विशेष गहन पुनरीक्षण में एक-एक मतदाता का नए सिरे से दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर सत्यापन का प्रविधान है। इससे गलत जानकारी देकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले बाहर हो जाएंगे। चुनाव कार्यालय में लंबे समय तक कार्य कर चुके सेवा निवृत कर्मचारियों-अधिकारियों की माने तो पांच वर्ष में एक बार एसआइआर जरूर होना चाहिए। 2003 और 2025 की सूची की जांच होगी बताया गया कि एसआइआर में 2003 और 2025 की मतदाता सूची की जांच की जाएगी। प्रशिक्षण में बीएलओ को एक प्रपत्र दिया गया है। जिसमें ऐसे मतदाता जिनका नाम दोनों मतदाता सूची में हैं उनकी सूची तैयार की जाएगी। ऐसे मतदाता जिनका नाम 2025 की मतदाता सूची में हैं लेकिन 2003 की सूची में नहीं है उनकी पहचान की जाएगी। 2025 की सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता में किसी का भी नाम 2003 की सूची में शामिल है उनकी सूची भी तैयार की जाएगी। ऐसे मतदाताओं के साथ कोई दिक्कत नहीं है उनका सत्यापन बीएलओ सूची तैयार करने के बाद घर-घर जाकर करेंगे। ऐसे मतदाता जो 2003 के बाद जुड़े हैं और उनके माता-पिता में किसी का नाम पुरानी सूची में नहीं है उन्हें अपनी यहां का निवासी होने और पहचान स्थापित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

e-KYC अनिवार्य: 30 सितंबर डेडलाइन, छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की सैलरी रुकने का खतरा

रायपुर  प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने अब तक केवायसी (नो योर कस्टमर) अपडेट नहीं कराया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की है। तय समय-सीमा में अपडेट नहीं कराने पर संबंधित कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है। वित्त विभाग की ओर से सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की केवायसी अपडेट कराकर उसकी जानकारी समय पर संबंधित ट्रेजरी कार्यालय को भेजें। साथ ही सभी कर्मचारियों से समय रहते केवायसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है, ताकि सैलरी भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। गौरतलब है कि केवायसी अपडेट करने के लिए कर्मचारियों को पहले 24 अप्रैल तक का समय दिया गया था। इसके बाद कोष एवं लेखा संचालनालय ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी थी। बावजूद इसके अब तक सिर्फ 35 से 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही प्रक्रिया पूरी की है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते केवायसी नहीं कराए जाने पर संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान में रुकावट आ सकती है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। प्रदेश के सभी जिलों में बनेगा मॉडल स्कूल प्रदेश के सभी जिलों में माडल स्कूल बनेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला शिक्षा अधिकारियों से 19 दिन के भीतर सूची मंगाई है। गुरुवार को मंत्रालय में मंत्री यादव ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने माडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। माडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को प्रस्तुत की जाए। शिक्षा मंत्री ने कहा डीएवी, इग्नाइट और पीएमश्री विद्यालयों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

समीर कुलकर्णी का बड़ा बयान: हिंदुओं से कांग्रेस को वोट न देने की अपील

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर आए मालेगांव ब्लास्ट मामले में दोष मुक्त किए गए समीर कुलकर्णी ने हिंदुओं से अपील की है कि कोई भी हिंदू आखिरी सांस तक कांग्रेस को वोट न दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बहुसंख्यक हिंदू मतों को बटोरकर सालों तक सत्ता का लाभ लिया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शरद पवार, सुशील कुमार शिंदे, शिवराज पाटिल, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मिलकर यह साजिश रची थी। मेरी जिंदगी के जो 17 साल बर्बाद हुए वह वापस नहीं आ सकते, ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से संवैधानिक दायरे में रहकर धर्म की रक्षा करने वालों की जिंदगी मेरी जैसी न हो, इसलिए कांग्रेस को वोट न दें। गौरतलब है कि 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में समीर कुलकर्णी, प्रज्ञा ठाकुर सहित सात आरोपी बनाए गए थे। बम विस्फोट को भगवा आतंकवाद का नाम देकर साध्वी प्रज्ञा सिंह, कर्नल पुरोहित, समीर कुलकर्णी सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी की गई थी, दो महीने पहले 31 जुलाई को इन आरोपियों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया था। पिछले हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अपील दायर की गई थी। अपील में दावा किया गया कि दोषपूर्ण जांच या जांच में कुछ खामियां आरोपियों को बरी करने का आधार नहीं हो सकतीं। इसके साथ ही दलील दी गई कि विस्फोट की साजिश गुप्त रूप से रची गई थी, इसलिए इसका प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि एनआईए की स्पेशल कोर्ट का 31 जुलाई को सात आरोपियों को बरी करने का आदेश गलत और कानूनी रूप से अनुचित था और इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। पीड़ित परिवारों ने एनआईए कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। परिवारों की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। इस मामले पर छह हफ्ते बाद सुनवाई होगी। मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी रहे समीर कुलकर्णी आज भोपाल आएंगे। वे भोपाल के अयोध्या बाईपास स्थित होटल यशोदा मैरिज गार्डन में आयोजित सनातन संबोधन कार्यक्रम में भाग लेंगे। सनातन संबोधन में समीर कुलकर्णी के अलावा राष्ट्रीय वक्ता छाया गौतम (मथुरा), विशाल ताम्रकार (छत्तीसगढ़) और कृष्णा गुर्जर (हरियाणा) भी सभा को संबोधित करेंगे। शाम 4 बजे यह सभा आयोजित की गई है।

Retired IAS निरंजन दास गिरफ्तार, आबकारी घोटाले की प्लानिंग में शामिल होने का आरोप

 रायपुर 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में लंबे समय से जांच एजेंसियों की रडार पर रहे रिटायर्ड आइएएस अधिकारी निरंजन दास को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। निरंजन दास पर यह है आरोप पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त रहे निरंजन दास पर शराब घोटाले की पूरी रूपरेखा बनाने और उसे लागू कराने का आरोप है। विभाग प्रमुख के तौर पर उन्होंने विभाग में सक्रिय सिंडीकेट का सहयोग करते हुए, शासकीय शराब दुकानों में अन एकाउंटेंड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर, टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर, दोषपूर्ण शराब नीति लाये जाने में सहयोग, अन्य तरीकों से सिंडीकेट को लाभ पहुंचाते हुए उसके एवज में करोड़ों का लाभ अर्जित किया था। दास को शुक्रवार कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट ने नौ मई तक गिरफ्तारी से राहत दी थी। सूत्रों के मुताबिक ईओडब्ल्यू के अधिकारी नितेश पुरोहित, यश पुरोहित को गिरफ्तार करने गिरिराज होटल गई थी,जहां से दोनों फरार हो गए। कस्टम मिलिंग घोटाले में ईडी की छापेमारी वहीं 140 करोड़ के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भिलाई समेत प्रदेश के दस ठिकानों में छापेमारी की। गुरुवार की सुबह छह बजे ईडी की चार सदस्यीय टीम ने भिलाई के तालपुरी इलाके में रिटायर्ड आइएएस डॉ.आलोक शुक्ला और हुड़को में सुधाकर राव घर दबिश दी। टीम ने घर की घेराबंदी कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों,लेनदेन से जुड़े कागजों को खंगालकर छानबीन की। छापेमारी के दौरान आलोक शुक्ला घर पर नहीं थे। उनके मप्र जाने की जानकारी दी गई थी। ईडी ने घर पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तलब किया है। बताया जा रहा है कि आलोक शुक्ला सरेंडर करने ईडी की विशेष कोर्ट पहुंचे थे,लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं होने पर उन्हें वापस भेज दिया गया।

अग्रवाल समाज ने उठाई मांग – महाराजा अग्रसेन जयंती पर 22 सितंबर को बैंक बंद रहें

चंडीगढ़ ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी) हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने 22 सितंबर 2025 को पड़ने वाली महाराजा अग्रसेन जयंती को एन.आई. एक्ट 1881 के तहत सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन भारतीय समाज में समरसता, सेवा और उद्यमशीलता के प्रतीक रहे हैं। ऐसे में उनकी जयंती को बैंक अवकाश घोषित करना उनके आदर्शों के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति होगी। प्रतिनिधिमंडल में कामरेड हरविन्दर सिंह, कामरेड विनय कुमार, कामरेड प्रेम पवार और कामरेड नवदीप बंसल शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यान से सुनी और कहा कि सरकार इस पर विचार करेगी।