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बाढ़ से जूझते पंजाब के लिए MP में जुटी मदद, अशोकनगर सिख समाज ने प्रभावितों को दिया योगदान

अशोकनगर  उत्तर भारत में मानसून ने तबाही मचा रखी है। पूरा पंजाब बाढ़ और तबाही से जूझ रहा है। हजारों परिवार बर्बाद हो गए हैं। केंद्र और स्थानीय सरकार तो मदद कर ही रही है। की सिख समाज ने भी बाढ़ग्रस्त इलाके के दुखी और बेघर लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। पहल अशोकनगर सिख समाज ने की है, जिसने अभी तक 35 लाख एकत्रित कर लिए हैं। जल्द ही यहां से एक प्रतिनिधि मंडल पंजाब जाकर मदद देगा। देश के पंजाब में तेज बारिश से आई बाढ़ मे तबाह हुए लोगों के लिए अब जिले की सिख समाज आगे आई है जहां समाज के द्वारा ग्राम ग्राम जाकर सिख समाज के लोगों से धनराशि एकत्रित की जा रही है वहीं गुरुद्वारों से भी पंजाब के लोगों की मदद के लिए मदद मांगी गई तो महज चार दिन में ही 35 लाख रुपए इकट्ठे हो गए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पंजाब में आई बाढ़ के बाद कई जिलों में हालात बेहद खराब हैं। बाढ़ न केवल किसानों की फसलें बल्कि घर और मवेशी के साथ जान माल का भी भारी नुकसान हुआ है। कई इलाकों का पानी तो अभी उतरा भी नहीं है, जिसके बाद पंजाब की इस दुख की घड़ी में मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की सिख समाज आगे आई है। पंजाब में बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए पैसा एकत्र किया जा रहा है। सिख समाज के लोग सामूहिक रूप से गांव गांव तक पहुंच रहे हैं। सिख परिवार एवं गुरुद्वारे से भी मदद मांग रहे हैं जिसके चलते लोगों ने दिल खोल कर दान दिया है। मदद लेकर समाज के लोग पंजाब जाएंगे सिख समाज के लोगों के अनुसार पंजाब में बाढ़ पीड़ितों के लिए चार दिन पहले ही यह अभियान शुरू किया था, जिसके बाद लोगों ने खूब सहयोग मिला और चार दिन के अंदर ही 35 लाख रुपए एकत्रित कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि यह अभियान 7 दिन और चलाया जाएगा और एक बड़ी धनराशि एकत्रित कर सिख समाज के 25 से 30 लोग पंजाब जाएंगे। वहां स्थानीय प्रशासन से मिलकर वास्तविक नुकसान वाले पीड़ित परिवारों के लिए यह धनराशि दी जाएगी, फिर चाहे वह किसी भी समाज या धर्म के लोग हो।

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण: मंत्री का सख्त ऐलान, होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल  शहर में शासकीय भूमि पर पक्के स्थायी निर्माण कर लाभ कमाने वाले भूमाफिया तो जेल जाएंगे ही, साथ ही जिन अधिकारियों के संरक्षण में ये पनप रहे हैं वह भी नपेंगे।पिछले दिनों कोकता ट्रांसपोर्ट नगर और हथाईखेड़ा डैम के आसपास स्थित पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन के सीमांकन में 80 से अधिक पक्के अतिक्रमण मिले थे। यदि समय रहते विभाग सीमांकन करवाता और प्रशासन, नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी खसरा, खतौनी, बंटान आदि दस्तावेजों की जांच करवाते तो करोड़ों की जमीन पर कब्जे नहीं होते।ऐसे में इन अवैध कब्जों के लिए SDM, तहसीलदार, आरआइ, पटवारी सहित अन्य अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। अब उनकी जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जानी चाहिए। यह बात प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल और भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कही है। गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा की टीम द्वारा पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन का सीमांकन किया गया तो यहां पर करीब सात एकड़ से अधिक जमीन पर अतिक्रमण निकला।इसमें नगर निगम की 50 दुकानें, एसटीपी प्लांट आदि भी विभाग की जमीन पर बनाए गए हैं। ये दुकानें तत्कालीन निगमायुक्त केवीएस चौधरी कोलसानी के समय पर बनवाई गईं थीं। तब तत्कालीन भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया थे और प्रशासन ने सीमांकन कर जमीन नगर निगम को सौंपी थीं। विभाग की जमीन पर निगम की दुकानें आने के बाद से सवाल खड़े हो रहे हैं कि रिकार्ड में जब पशुपालन का रकबा था तो आरआइ, पटवारी ने किस आधार पर यह जमीन निगम की बता दी। ऐसे में अब दोनों विभागों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि पशुपालन विभाग ने जिला प्रशासन को जमीन अतिक्रमणमुक्त करवाकर सौंपने के लिए कहा है। सभी अतिक्रमणकारियों को जारी होंगे नोटिस विभाग की जमीन पर पेट्रोल पंप, स्कूल, रिसार्ट, शादी हाल, फार्म हाउस, 20 मकान, 50 दुकान, एसटीपी प्लांट, डायमंड सिटी, कोर्टयार्ड प्राइम, कोर्टयार्ड कस्तूरी, राजधानी परिसर आदि का अतिक्रमण है। इन सभी को तहसीलदार द्वारा संभवत: प्रकरण बनाकर सोमवार से नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस सीमा के दौरान यदि ठोस दस्तावेज न्यायालय में नहीं दिए गए तो पक्के निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जाएगी। निगम की 100 एकड़ से ज्यादा जमीन तत्कालीन निगमायुक्त केवीएस चौधरी कोलसानी ने बताया कि मेरे समय दुकानों का निर्माण कराया गया था, यह निगम की जमीन है। इसी से लगी हुई पशुपालन विभाग की जमीन है। अब सीमांकन में दुकानें उनकी जमीन में बताई गई हैं जो समझ नहीं आ रहा है। कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में नगर निगम भोपाल के पास 100 एकड़ से अधिक जमीन और कई दुकानें हैं। आलोक शर्मा (भाजपा सांसद) ने कहा, वर्जन राजधानी में शासकीय जमीनों पर भूमाफिया ने जमकर कब्जे किए हैं और यह एक दो नहीं बल्कि 50 से 100 एकड़ में कब्जे हैं। मछली हो या मगरमच्छ सभी के कब्जे से शासकीय भूमि मुक्त करवाई जाएगी। वहीं, जिन एसडीएम, तहसीलदार, आरआइ, पटवारी के रहते यह सब अतिक्रमण हुए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लखन पटेल (राज्यमंत्री, पशुपालन एवं डेयरी विभाग) ने बताया, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर के पास स्थित पशुपालन विभाग की जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया गया है। मुझे जानकारी मिली है यहां पर लोगों ने अतिक्रमण किए हैं। उनके दस्तावेज तक बनाए गए हैं। सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। भूमाफिया पर कार्रवाई होगी, साथ ही अधिकारियों पर भी सख्ती बरती जाएगी।

भोपाल का ऐतिहासिक होटल अब 7-स्टार में विकसित, टेंडर प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रतिष्ठित होटल लेक व्यू अशोका(Lake View Ashoka Hotel Bhopal) अब शहर के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। श्यामला हिल्स स्थित यह होटल, जो फिलहाल 3-स्टार श्रेणी में आता है। इसे अब 7-स्टार होटल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर क्रियान्वित किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर जारी हो चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य भोपाल में लग्जरी पर्यटन को बढ़ावा देना और निगम के लिए राजस्व का एक स्थायी स्रोत सुनिश्चित करना है। निजी पार्टनर की तलाश एक साल से जारी होटल के इस महत्वाकांक्षी कायाकल्प के लिए पर्यटन निगम ने एक साल से प्राइवेट पार्टनर की तलाश कर रहा है। योजना के अनुसार पीपीपी मॉडल के तहत पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा, जिसमें पार्टनर होटल का विकास और संचालन करेगा, जबकि इसका मालिकाना हक पर्यटन निगम के पास ही रहेगा। 150 से अधिक होंगे रूम वर्तमान में 7.16 एकड़ में फैले इस होटल में 4 सुइट्स, 39 डीलक्स रुम, एक स्वीमिंग पूल और एक रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं हैं। 7-स्टार बनने के बाद इसमें 150 से अधिक रूम होंगे और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां से बड़े तालाब का खूबसूरत नजारा दिखता है, जो इसे और भी खास बनाता है। स्पेशल पर्पज व्हीकल के निगरानी में होगा डेवलपमेंट यह निर्णय सात साल पहले ही किया गया था, जब होटल अशोक के शेयर निगम को ट्रांसफर किए गए थे। लेक व्यू अशोक के संचालन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) कंपनी बनाई गई थी। इसी कंपनी के जरिए होटल के डेवलपमेंट की पूरी याजना को अंजाम दिया जाएगा। इसे लेकर निगम ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। इस प्रोजेक्ट को लेकर गुरुवार (5 सितंबर) को मंत्रालय में बैठक भी हुई। जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में पेश किया जाएगा। अभी 3 स्टार कैटेगरी में शामिल है होटल श्यामला हिल्स स्थित यह होटल फिलहाल 3 स्टार की कैटेगरी में शामिल है। यह 7.16 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें 4 सुइट, 39 डीलक्स रूम, स्वीमिंग पूल और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। होटल के कैंपस में एक बड़ा बैंक्वेट हॉल है, जिसमें 180 लोग एक साथ आ सकते हैं। साथ ही, होटल में 8135 मीटर बिल्ट अप का एरिया लेक व्यू रेसिडेंसी कैम्पस में मौजूद है। इसमें 82 लोग बैठ सकते हैं। बड़े तालाब के पास मौजूद होने के कारण यहां से बहुत ही शानदार नजारा देखने को मिलता है। वहीं इस नई योजना के बाद होटल लेक व्यू का भविष्य सुनहरा नजर आ रहा है। 40 साल पुराना है होटल अशोक होटल की शुरुआत 40 साल पहले लगभग 1985-86 के आसपास हुई थी। तब इसके लिए जमीन को 30 साल की लीज पर दिया गया था। होटल की शुरुआत के समय इसमें 51 प्रतिशत साझेदारी केंद्र सरकार की और 49 प्रतिशत शेयर मध्य प्रदेश सरकार के थे। बाद में मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से होटल की सारी इक्विटी खरीद ली थी। अब इसमें केंद्र सरकार की कोई साझेदारी नहीं है। होटल का लीज 2016 में समाप्त होने के बाद इसकी लीज की फाइल पेंडिंग चल रही थी। पांच साल पहले सरकार 350 करोड़ के बाजार मूल्य के साथ अशोक होटल को निजी हाथों में सौंपना चाहती थी लेकिन किसी प्राइवेट कंपनी ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई थी।  पहले भी हुई थी कोशिश यह पहला मौका नहीं है जब इस होटल को निजी हाथों में में सौंपने की कोशिश की गई हो। करीब 6 साल पहले भी इसे निजी कंपनियों को देने का प्रयास किया गया था। तब इसकी कीमत लगभग 350 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन उस समय कोई भी निजी कंपनी इसे लेने के लिए तैयार नहीं हुई थी। होटल लेक ब्यू अशोका वर्तमान में पूरी तरह से निगम के नियंत्रण में है। हाल ही में इस प्रोजेक्ट पर समीक्षा बैठक भी हुई थी।– डॉ. इलैया राजा टी. एमडी एमपी टूरिज्म

AIIMS भोपाल में शुरू हुई अत्याधुनिक छाती कैंसर इलाज सुविधा, मरीजों को अब लंबा सफर नहीं

भोपाल  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल ने कैंसर के इलाज में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के सर्जिकल आंकोलाजी विभाग में अब विशेष रूप से छाती के कैंसर (फेफड़ों और भोजन नली) के इलाज के लिए एक 'समर्पित थोरासिक आंकोलाजी सुविधा' शुरू की गई। अब मध्य भारत के कैंसर रोगियों के लिए यह सुविधा मिलती रहेगी, अब इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस नई सुविधा की शुरुआत के साथ ही एक बेहद जटिल आपरेशन को अंजाम दिया गया है। डॉक्टरों ने एक मरीज की भोजन नली (इसोफेगस) के कैंसरग्रस्त हिस्से को निकाला। इसके बाद पेट के एक हिस्से से एक नई नली बनाकर उसे गले तक जोड़ा गया। यह पूरी सर्जरी दूरबीन और कैमरे वाली अत्याधुनिक थोरोस्कोपिक और लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की गई। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें मरीज को बड़े चीरे नहीं लगाए जाते, जिससे दर्द कम होता है और वह जल्दी ठीक हो पाता है। एम्स भोपाल का सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग पहले से ही मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों के लगभग 20 हजार कैंसर मरीजों का हर साल इलाज करता है। अब तक छाती से जुड़े जटिल कैंसर के ऑपरेशन के लिए मरीजों को दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जो काफी खर्चीला और मुश्किल होता था। अब यह विश्वस्तरीय सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से हजारों मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञ नेतृत्व और मजबूत टीम इस महत्वपूर्ण पहल का नेतृत्व प्रो. डॉ. माधवानंद कर रहे हैं, जो न केवल एक बेहतरीन सर्जन हैं, बल्कि एक कुशल शिक्षक भी हैं। उन्होंने देश के कई एम्स संस्थानों का मार्गदर्शन किया है और लगातार युवा डाक्टरों को प्रशिक्षित करते रहते हैं। उनके नेतृत्व में डॉ. विनय कुमार (विभागाध्यक्ष, सर्जिकल आंकोलाजी), डॉ. अंकित, डॉ. वैशाली, डॉ. जैनब और डॉ. शिखा सहित एक विशेषज्ञ टीम ने पहली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया।

प्लास्टिक से डीजल! मध्य प्रदेश में शुरू होगी खास तकनीक, कचरा नहीं जलेगा बल्कि पिघलकर बनेगा ईंधन

शिवपुरी  कचरे में मौजूद प्लास्टिक से पायरोलिसिस प्रक्रिया को अपनाकर डीजल बनाने का प्लांट शहर में लगाया जाएगा। यह मध्यप्रदेश का पहला ऐसा प्लांट होगा, जहां प्लास्टिक से डीजल बनेगा। यह प्लांट शिवपुरी में लगाया जाएगा जिसके लिए टेंडर रविवार को खुलेंगे। सबकुछ सही रहा तो 3-4 माह में प्लांट शुरू हो जाएगा। अभी तक देश में इस तरह के 3-4 प्लांट हैं। ऐसा ही प्लांट उत्तरप्रदेश के मथुरा में है। शिवपुरी का प्लांट पीपीई मोड पर होगा। नगर पालिका के बड़ौदी स्थित ट्रेंचिंग गाउंड में फर्म को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी को कम से कम 15 साल के लिए प्लांट चलाने की शर्त होगी। प्लांट लगाने में 3-4 करोड़ खर्च होंगे। कंपनी अपना लाभ निकालने के साथ ही नगर पालिका को भी तय रकम हर माह या सालाना देगी। इस डीजल का प्रयोग वाहनों में कम, बल्कि जनरेटर और हैवी मशीनरी को चलाने में ज्यादा किया जाता है। इस तरह तैयार होगा डीजल प्लास्टिक कचरे को रियक्टर में 350 से 450 डिग्री सेल्सियस तापमान पर गर्म किया जाता है। इसमें हाइड्रो कार्बन बनते हैं। इससे पेट्रोल, डीजल व कार्बन गैस का उत्पादन होता है। एक टन प्लास्टिक कचरे से 150 से 200 लीटर डीजल बन सकता है। यह हैं तकनीक के अविष्कारक मेट्रो अटलांटा के 21 वर्षीय अश्वेत आविष्कारक जूलियन ब्राउन ने प्लास्टोलाइन नामक तकनीक विकसित की है, जो माइक्रोवेव पायरोलिसिस का उपयोग कर सौर ऊर्जा से चलने वाला रिएक्टर है। यह प्लास्टिक कचरे को गैसोलीन, डीजल व जेट ईंधन जैसे ईंधन में परिवर्तित करता है। नगर पालिका स्वास्थ्य अधिकारी योगेश शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक से पायरोलिसिस प्रक्रिया के तहत डीजल बनाने का प्लांट जल्द लगेगा। इसमें दो-तीन फर्म ने रुचि दिखाई है। केले के छिलके और प्लास्टिक के कचरे से बनेंगे डीजल वैज्ञानिकों ने कमाल का काम किया है। जिस केले के छिलके और प्लास्टिक के कचरे को कम फेक देते थे, उनसे यहां के वैज्ञानिकों ने डीजल बनाने का तरीका खोज निकाला है। यह डीजल सस्ता होगा। साथ ही पर्यावरण के लिए भी अच्छा होगा। इसके लिए वैज्ञानिकों ने को-पैरोलीसिस तकनीक का इस्तेमाल किया है। इससे बायोडीजल तैयार होगा। डीजल वाहनों में अच्छे से काम करेगा वैज्ञानिकों का दावा है कि यह बायो-डीजल, डीजल वाहनों में भी अच्छे से काम करेगा। यह खोज कचरे को उपयोगी बनाने के लिए की गई है। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन को इससे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग ने की खोज यह रिसर्च आइसर भोपाल के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शंकर चाकमा के नेतृत्व में हुई। उनके साथ बबलू अलावा और अमन कुमार ने भी इस रिसर्च में भाग लिया। वैज्ञानिकों ने केले के छिलके और प्लास्टिक कचरे को 25:75 के अनुपात में मिलाया। फिर उन्होंने इसे एक खास तापमान पर गर्म करके पायरो-ऑयल (तरल ईंधन) प्राप्त किया। ऐसे होगा इस्तेमाल रिसर्च में पता चला कि इस ईंधन को डीजल के साथ 20 प्रतिशत तक मिलाकर गाड़ी में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस रिसर्च को जर्नल ऑफ द एनर्जी इंस्टीट्यूट और एनर्जी नेक्सस में भी छापा गया है। रिसर्च करने वालों के अनुसार, एक किलोग्राम केले के छिलके और प्लास्टिक कचरे से लगभग 850 ग्राम तरल पदार्थ, 140 ग्राम गैस और 10 ग्राम चारकोल मिलता है। गैस का इस्तेमाल खाना बनाने में किया जा सकता है, जबकि चारकोल का इस्तेमाल पानी को साफ करने के लिए किया जा सकता है। तरल ईंधन को डीजल के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है। क्या होता है पायरो आयल वहीं, यह जो पायरो-आयल है, उसमें कई तरह के हाइड्रोकार्बन होते हैं। जैसे कि ओलेफिन, पैराफिन, एरोमैटिक्स, एस्टर और अल्कोहल। इसमें लगभग 12 प्रतिशत ऑक्सीजन वाले यौगिक और लंबी श्रृंखला वाले एस्टर भी पाए जाते हैं। इससे इसकी ऊष्मा (हीट) देने की क्षमता लगभग 55 मेगाजूल प्रति किलोग्राम तक बढ़ जाती है। यह सामान्य डीजल से कहीं ज्यादा गर्मी देता है।इसके अलावा, यह ईंधन ठंडे मौसम में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। क्योंकि इसका पोर पाइंट -25 डिग्री सेल्सियस तक है. साथ ही, इसका फ्लैश पाइंट भी 4 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा पाया गया है, जिससे यह ज्यादा सुरक्षित भी है। ईंधन की खपत कम हुई इस वैकल्पिक ईंधन को डीजल इंजनों में भी टेस्ट किया गया। टेस्ट में पाया गया कि इससे ईंधन की खपत कम हुई और बीटीई (ब्रेक थर्मल एफिशिएंसी) में भी काफी सुधार हुआ। इससे यह साबित होता है कि यह ईंधन डीजल से न केवल सस्ता है, बल्कि प्रदर्शन के मामले में भी बेहतर है।

सीता के रूप में मंच पर आएंगी मनिका विश्वकर्मा, अयोध्या की रामलीला में चमकेगी खूबसूरती और प्रतिभा

अयोध्या  मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 का खिताब अपने नाम करा चुकी मनिका विश्वकर्मा के हाथ एक और बड़ी उपलब्धि लगी है। मनिका अयोध्या में होने वाली सितारों की रामलीला में सीता की भूमिका निभाएंगी। मनोज तिवारी, रवि किशन, पुनीत इस्सर और रजा मुराद जैसे कई जाने-माने अभिनेता इस रामलीला का हिस्सा बनेंगे। 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राम कथा पार्क में आयोजित होने वाली इस रामलीला में देश-विदेश के दर्शकों को एक अनोखा अनुभव मिलने वाला है। रामलीला के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक (बॉबी) और संस्थापक महासचिव शुभम मलिक ने जानकारी दी कि इस बार विश्व की सबसे बड़ी रामलीला में दर्शकों को और भी शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। पिछले वर्ष इस रामलीला को रिकॉर्ड तोड़ 45 करोड़ लोगों ने देखा था, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। दुनिया के कोने-कोने से इसे देखने वाले दर्शक इसे खास और अद्वितीय बनाते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान की रहने वाली मनिका विश्वकर्मा मिस यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। मनिका ने कहा कि वह लंबे समय से अयोध्या आने की सोच रही थीं, लेकिन अवसर नहीं मिल पाया। अब उन्हें भगवान श्रीराम की कृपा से सीता का किरदार निभाने का अवसर मिल रहा है, जो उनके लिए जीवन का अनमोल अनुभव है। मनिका ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह वर्ष उनके लिए बेहद खास है क्योंकि उन्हें एक ही समय में देश का प्रतिनिधित्व करने और अयोध्या की रामलीला में मां सीता का पावन किरदार निभाने का अवसर मिला है। बॉबी मलिक ने बताया कि इस बार रामलीला में कई चर्चित और नामी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। परशुराम की भूमिका में पुनीत इस्सर, बाली के रूप में मनोज तिवारी, केवट के किरदार में रवि किशन, हनुमान जी के रूप में राजेश पुरी, रावण के रूप में मनीष शर्मा, भगवान राम के रूप में राहुल गुच्चर, मेघनाद की भूमिका में रजा मुराद, राजा जनक के रूप में अवतार गिल, विभीषण के रूप में राकेश बेदी और भगवान लक्ष्मण के रूप में राजन मोदी नजर आएंगे। शुभम मलिक ने कहा कि सुविख्यात कलाकारों का संगम इस रामलीला को और भी आकर्षक बना देगा। अयोध्या की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है।

सीट बंटवारे को लेकर जीतन राम मांझी ने रखी साफ़ स्थिति, केंद्रीय नेतृत्व का फैसला तय

पटना  केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने शनिवार को आगामी चुनावों में एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर कोई विवाद नहीं है और जो भी फैसला केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से आएगा, उसको सभी मानेंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद ही बातें होंगी। मांझी ने कार्यकर्ताओं को चुनाव अकेले लड़ने के लिए तैयार रहने की बात कही थी। उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा कि यह सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कहा गया था। कभी-कभी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसा बोलना पड़ता है। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान पर कुछ भी बोलने से बचते हुए इशारों में निशाना साधा। कहा कि वह चिराग के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते, क्योंकि 2020 से लोग उनका 'चाल और चरित्र' देख रहे हैं। चिराग को नसीहत देते हुए कहा कि अभी देश और बिहार को एनडीए की जरूरत है, इसलिए ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिससे गठबंधन कमजोर पड़े। वहीं कांग्रेस द्वारा बीड़ी की तुलना बिहार से करने के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस का लोकतंत्र पर अविश्वास दिखाता है और वे सिर्फ 'भद्दी भद्दी बातें' करके खुद को स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने केरल कांग्रेस द्वारा दिए गए इस बयान की कड़ी निंदा की। इसके साथ ही जीएसटी स्लैब में बदलाव के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अपने 46 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने गरीबों के लिए इतना बड़ा तोहफा पहले कभी नहीं देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम गरीबों के लिए जीते हैं और आगे भी उनके लिए ही काम करेंगे। उन्होंने इस फैसले को दीपावली और दशहरा से ठीक पहले आने वाली 'बड़ी सौगात' बताया।

बिहार की शिक्षा, रोजगार और सिंचाई पर सवाल, तेजस्वी यादव ने खोला मुद्दा

पटना बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को एनडीए सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि 20 वर्षों से भाजपा और जदयू सत्ता में हैं, फिर भी बिहार में शिक्षा, रोजगार और सिंचाई की हालत बदतर है।   पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इंडिया गठबंधन की बैठक के संबंध में कहा कि हम लोग नेताओं से मिलते रहते हैं, बातचीत चलती रहती है। यह प्रक्रिया है, चलती रहती है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि बिहार में 20 साल से एनडीए सत्ता में है, लेकिन बिहार में क्या है? बिहार में अपराध बढ़ गया है, भ्रष्टाचार चरम पर है। बिहार में न दवाई है, न पढ़ाई है, न सिंचाई है। उन्होंने कहा कि देश में बिहार प्रति व्यक्ति आय में सबसे फिसड्डी है। किसानों की आय के मामले में बिहार पीछे है। कोई उद्योग धंधा नहीं है। अब जब चुनाव का समय आया है, तो ये हमारी नकल कर रहे हैं। एक उद्योग कारखाना क्यों नहीं है? पहले ये लोग बात क्यों नहीं करते थे? माई बहिन योजना के फॉर्म को लेकर फर्जीवाड़ा कहने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि लोग स्वेच्छा से फॉर्म भर रहे हैं। इसमें क्या गलत है? भाजपा-जदयू की हालत खराब है, ये लोग हिले हुए हैं। इससे पहले, राजद नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एनडीए की सरकार पर पिछले 20 वर्षों में राज्य की दो पीढ़ियों को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए दस सवाल पूछे। तेजस्वी यादव ने एनडीए पर हमला करते हुए कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री के 20 वर्षों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी 11 वर्षों की डबल इंजन सरकार ने बिहार की दो पीढ़ियों का जीवन बर्बाद किया है। उन्होंने दस सवालों की एक सूची जारी की है, जिसमें मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि जब सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के नेता वोट मांगने आएं, तो उनसे गरीबी, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और राज्य की जर्जर स्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर सवाल पूछें।

आरा से बड़ा तोहफा: बिहार सरकार करेगी 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मुहैया

आरा बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 के बजट में विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण, के साथ-साथ मखाना कारखाने की स्थापना, खेलो इंडिया समेत अन्य कार्यों के लिए पूरी राशि मिल रही है। इस तरह से एक तरफ जहां विकास का कार्य तेज गति से हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने की योजना है। उक्त बातें भोजपुर जिले के उच्च विद्यालय जगदीशपुर मैदान में शनिवार को आम लोगों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही। वे परिभ्रमण यात्रा में बक्सर के बाद भोजपुर के बिहिया और जगदीशपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी भी थे। 'अब नहीं जाएंगे' मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से भाजपा और जेडीयू मिलकर तेजी से बिहार का विकास कर रही है, पहले की सरकार विकास करने के बदले केवल गड़बड़ करती थी, हम भी गलती से दो बार उधर चले गए, अब नहीं जाएंगे। 2020 में हमने 10 लाख नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, उसे पूरा करते हुए उससे भी ज्यादा 29 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार अब तक दिया जा चुका है। विपक्ष के लोगों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि 2005 के पहले शाम ढलते ही कोई डर से निकलता नहीं था और ना पहले रोड, रास्ता, स्वास्थ्य, बिजली व शिक्षा की स्थिति ठीक थी। योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री ने 754 करोड़ की लागत से 432 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास बिहिया तथा जगदीशपुर में किया। सीएम सबसे पहले बिहिया चौरास्ता कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वहां पर लगभग तीन सौ करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के बाद जगदीशपुर के नयका टोला बस पड़ाव मैदान पर मुख्यमंत्री ने 454 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास रिमोट दबाकर किया। जगदीशपुर में योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास के पहले प्रांगण में लगाए गए 10 स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान वे जीविका, समाज कल्याण, ऊर्जा, उपभोक्ता संरक्षण, कृषि, डीआरडीओ, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, गृह, आपदा और पंचायती राज विभाग के स्टाल का निरीक्षण करते हुए लाभुकों से मिलते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया और कई स्टाल पर योजनाओं का फीडबैक लिया।

राजनीति में लौटे अशोक सिद्धार्थ, आकाश आनंद के बाद बसपा में स्वागत, मायावती ने किया माफ़

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को पार्टी और डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने के हित में पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में फिर शामिल कर लिया है। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से पहले उनके दामाद आकाश आनंद का भी बसपा से निष्कासन समाप्त कर उनको पार्टी में नंबर दो का दर्जा भी दिया है। अशोक सिद्धार्थ ने सार्वजनिक रूप से बसपा मुखिया से माफी मांगने के साथ अपनी गलती को स्वीकार किया था। उसी के बाद से उनका निष्कासन रद होना तय माना जा रहा था। बसपा मुखिया ने सोशल मीडिया पर अपने एक्स हैंडल पर पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ का पार्टी से निष्कासन रद करने का जानकारी दी। मायावती ने लिखा कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) में कई जिम्मेदार पदों पर लम्बे वर्षों तक कार्यरत रहे एवं पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिये कुछ माह पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आज अपने लम्बे पोस्ट के जरिये सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती की माफी मांगी है। उन्होंने आगे पार्टी और बीएसपी मूवमेन्ट के प्रति पूरी तरह से वफादर रहकर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लग जाने का आश्वासन बहुजन समाज व बीएसपी नेतृत्व को दिया है। मायावती ने आगे लिखा, हालांकि उन्हें अपनी गलती का एहसास बहुत पहले हो चुका था और वे इसका लगातार पश्चाताप विभिन्न स्तर पर कर रहे थे, किन्तु आज उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपना पछतावा जाहिर किया है। जिसको ध्यान में रखते हुये पार्टी व मूवमेन्ट के हित में उन्हें पार्टी ने एक मौका दिया जाना उचित समझा है। इसी कारण बीएसपी से उनके निष्कासन का फैसला आज तत्काल प्रभाव से रद किया जाता है अर्थात इनको पार्टी में वापस ले लिया गया है। उम्मीद है कि पार्टी के अन्य सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं की तरह वे भी पूरे तन, मन, धन से पार्टी व मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने में अपना भरपूर योगदान जरूर देंगे, ताकि बीएसपी के नेतृत्व में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कारवां आगे बढ़ता हुआ बहुजन समाज को शोषित वर्ग से ऊपर उठाकर यहाँ प्रदेश एवं देश का शासक वर्ग बना सके। आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने बसपा प्रमुख से माफी मांग ली है। अशोक सिद्धार्थ ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए मायावती से माफी मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने मायावती से खुद को पार्टी में वापस लेने का आग्रह भी किया है। मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने अब सभी विवाद खत्म करते हुए बसपा प्रमुख से माफी मांग ली है। बता दें कि मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पिछले दिनों पार्टी से निकाल दिया था। अपनी पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह मुझे माफ कर दें। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे से कभी भी ऐसी गलती नहीं करने की भी बात कही। अशोक सिद्धार्थ ने किसी के लिए सिफारिश नहीं करने का भी वादा किया। आखिर में उन्होंने मायावती से खुद को माफ करते हुए पार्टी में वापस लेने का आग्रह किया। अशोक सिद्धार्थ ने की पोस्ट अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आगे अब गलती नहीं होगी। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं अशोक सिद्धार्थ बीएसपी पूर्व सांसद निवासी जिला फर्रुखाबाद बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी की चार बार रहीं मुख्यमंत्री एवं कई बार लोकसभा व राज्यसभा की रहीं सांसद बहन मायावती जी का हृदय से सम्मान एवं चरण स्पर्श करता हूं और मुझसे पार्टी का कार्य करने के दौरान ‘जाने व अनजाने’ में तथा गलत लोगों के बहकावे में आकर जो भी गलतियां हुई हैं। तो उसके लिए मैं बहन जी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। जिन्होंने अनेकों कष्ट झेलकर, अपनी पूरी जिन्दगी, इस देश के करोड़ों दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के हित व कल्याण के लिए समर्पित की है।