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‘सर तन से जुदा’ के नारे पर बवाल, मंत्री सारंग का सख्त बयान

भोपाल  मध्य प्रदेश के सागर जिले में ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान लगाए गए विवादित नारों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. बताया जा रहा है कि शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तीन बत्ती इलाके में यह जुलूस कांग्रेस नेता फिरदौस कुरैशी और पम्मा कुरैशी के नेतृत्व में निकाला गया था. इसी दौरान 'सर तन से जुदा' जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज घटना के सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. अधिकारियों के अनुसार, वीडियो की जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने कहा कि किसी भी सूरत में शहर की अमन-शांति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. इस पूरे मामले पर प्रदेश सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है. राज्य के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया. उन्होंने कहा कि जब-जब समाज में विघटनकारी गतिविधियां होती हैं, उसका तार कांग्रेस से ही जुड़ जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में लव जिहाद का आरोपी पार्षद अनवर कादरी भी कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और अब सागर में भड़काऊ नारों में कांग्रेस नेताओं का नाम सामने आ रहा है. ऐसे कृत्य बर्दाश्त से बाहर: सारंग सारंग ने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश में ऐसे कृत्यों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'यह बेहद गंभीर मामला है, एफआईआर दर्ज हो चुकी है, इसमें जो नाम सामने आए हैं, उनका कांग्रेस से जुड़ाव चिंता का विषय है. प्रदेश में समाज को बांटने और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो नज़ीर बनेगी.' 'माहौल बिगाड़ने की कोशिश' स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन बत्ती क्षेत्र शहर का मुख्य इलाका है और यहां इस तरह की नारेबाजी जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश है. फिलहाल पुलिस ने वीडियो को प्रमाण के तौर पर जब्त कर लिया है और संबंधित लोगों की तलाश जारी है. इस घटना से सागर में तनाव का माहौल बन गया है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

सरल और सहज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिखा अपनत्व, नन्हे इवान को गोद में लेकर किया दुलार

रायपुर, रायगढ़ के खरसिया पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सहजता, सरलता और अपनेपन ने आज सभी को गहरे तक प्रभावित किया। खरसिया हेलीपैड पर जब उनकी नज़र ढाई साल के इवान पर पड़ी तो वे बच्चे को दुलारे बिना नहीं रह सके। आत्मीय मुस्कान के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे इवान को अपनी गोद में उठाया और बड़े स्नेह से दुलार किया। नर्सरी में पढ़ने वाला इवान अपने पिता के साथ बड़े उत्साह से हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को देखने आया था। बच्चे को अचानक मुख्यमंत्री  साय की गोद में देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक और आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सहजता, आत्मीयता और संवेदनशील व्यवहार का सजीव उदाहरण बन गया। इसे देखकर लोगों के मन में यह भाव सहज ही उमड़ पड़ा कि मुख्यमंत्री के दिलो-दिमाग में केवल प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का ही संकल्प नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति उनका गहरा अनुराग भी है। इवान के पिता  अमन गर्ग ने कहा कि अपने बेटे को मुख्यमंत्री की गोद में देखना उनके परिवार के लिए भावुक, अनमोल और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्मृति जीवन भर उनके साथ रहेगी।  गर्ग ने बताया कि इवान बड़े उत्साह से मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर को देखने उनके साथ हेलीपैड आया था। मुख्यमंत्री की गोद में जाते ही उसकी खुशी दोगुनी हो गई। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनत्व और बच्चों के प्रति उनका अनुराग सबके सामने आया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल अमन गर्ग के परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों के हृदय में भी अमिट छाप छोड़ दी।

सीएम पंजाब की तबीयत खराब, कैबिनेट मीटिंग रद्द—सिसोदिया और मां पहुंचे अस्पताल

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लो पल्स रेट (LOw Pulse Rate) की वजह से शुक्रवार मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था. ताजा हेल्थ अपडेट के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. अस्पताल प्रशासन ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा कि 51 वर्षीय मुख्यमंत्री की पल्स रेट में सुधार हुआ है. उनकी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति को स्थिर करने के बाद मेडिकल टीमें उनकी लगातार निगरानी कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, मान पिछले दो दिनों से वायरल बुखार और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के हवाले से खबर आ रही है कि वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया फोर्टिस अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को मान के आधिकारिक आवास पर उनकी सेहत का जायजा लिया था. पंजाब में बाढ़ संकट के बीच मान की तबीयत बिगड़ने के कारण कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी गई थी. CM की सेहत में अब सुधार है। उनकी पल्स रेट पहले से बेहतर हुई है। मेडिकल टीमें लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही हैं। मेडिकल टीमें लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मुख्यमंत्री को धड़कन धीमी होने और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका चेकअप किया और निगरानी के लिए भर्ती करने की सलाह दी थी। इसके बाद शुक्रवार रात उन्हें एडमिट कर लिया गया था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल लाए गए जानकारी के मुताबिक भगवंत मान पिछले दो दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। इसी वजह से उनका AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा भी टल गया था। तब से वह चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर ही आराम कर रहे थे और वहीं पर इलाज चल रहा था। लेकिन शुक्रवार शाम उनकी तबीयत और बिगड़ गई। मुख्यमंत्री की तबीयत खराब होने के चलते शुक्रवार शाम को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। पिछले साल भी सितंबर माह में तबीयत खराब हुई थी CM भगवंत मान की तबीयत पिछले साल भी बिगड़ी थी। 26 सितंबर 2024 को उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रूटीन चेकअप में पता चला कि उनके फेफड़ों की धमनी में सूजन थी, जिससे दिल पर दबाव बढ़ रहा था और ब्लड प्रेशर अस्थिर हो रहा था। बाद में सामने आया कि मान को लैप्टोस्पायरोसिस नामक संक्रमण है। यह एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो बरसात और गंदे पानी के संपर्क से फैलता है और शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। लगातार देखरेख और दवाओं के असर से उनकी तबीयत में सुधार आया। तीन दिन बाद 29 सितंबर 2024 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के बारे में जानिए….     कॉमेडी से राजनीति में आए: भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। उन्होंने संगरूर के SUS कॉलेज से बीकॉम किया। कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी या बिजनेस करने की बजाय कॉमेडियन बन गए। उन्होंने कई स्टेज शो और फिल्मों में काम करके नाम कमाया। अपने चुटकुलों से उन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीता।     पंजाब पीपल्स पार्टी से शुरुआत, पहला चुनाव हारे: भगवंत सिंह मान शुरू से आम आदमी पार्टी में नहीं थे। उन्होंने राजनीति की शुरुआत मनप्रीत सिंह बादल की पंजाब पीपल्स पार्टी से की थी। 2012 में वे लहरागागा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। इसके बाद मनप्रीत कांग्रेस में शामिल हो गए।     2014 में सांसद, 2022 में CM बने: 2014 में भगवंत मान आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और संगरूर लोकसभा सीट से सांसद बने। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ जलालाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2019 में वे फिर संगरूर सीट से सांसद बने। 2022 विधानसभा चुनाव में AAP की जीत हुई। उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया।     CM बनने के बाद दूसरी शादी की: भगवंत मान ने CM बनने के बाद हरियाणा के पिहोवा की रहने वाली डॉ. गुरप्रीत कौर से दूसरी शादी की थी। 2019 में उनकी मुलाकात भगवंत मान से हुई। भगवंत मान तब संगरूर से सांसद थे। इसके बाद वह सीएम मान के विशेष कार्यक्रमों में शामिल होती रहीं। CM पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी गुरप्रीत कौर मौजूद थीं। स्थिति में सुधार अस्पताल द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि सीएम मान के पहुंचने पर उनकी हेल्थ जांच की गई. अब उनकी हालत स्थिर है. अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘वह फिलहाल कुशल डॉक्टरों निगरानी में हैं. उनकी पल्स की गति में सुधार हुआ है.’ अस्पताल के कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है. डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं. भगवंत मान की बीमारी के कारण शुक्रवार शाम को होने वाली पंजाब कैबिनेट की बैठक रद्द कर दी गई. रद्द करनी पड़ गई थी कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को देर शाम मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करने और राज्य में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए शाम 4 बजे बैठक बुलाई थी. सूत्रों ने बताया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति में कोई सुधार नहीं होने के कारण बैठक रद्द करनी पड़ी. कथित तौर पर वायरल बुखार से पीड़ित मान गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ सुल्तानपुर लोधी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा नहीं कर पाए. बाढ़ क्षेत्र का दौरा करने के दौरान हुए बीमार मान इस हफ्ते की शुरुआत में बीमार पड़ने से पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे. वे बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर रहे थे. गुरुवार को पंजाब सरकार ने बचाव और राहत कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए हर बाढ़ग्रस्त गांव में राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए.

साजिश और सनसनीखेज कत्ल… राजा रघुवंशी केस में पुलिस ने पेश की 790 पन्नों की चार्जशीट

इंदौर मेघालय पुलिस ने इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में पुलिस की एसआईटी ने लंबी जांच के बाद शुक्रवार को अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उनके तीन साथी आकाश राजपूत, आनंद कुरमी और विशाल सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया है. ये सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. हनीमून मर्डर केस में दाखिल चार्जशीट कितने पन्नों की है? पुलिस ने यह चार्जशीट सोहरा सब-डिवीजन के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल की है. इसमें 790 पन्नों में घटनाक्रम, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों का ब्योरा दर्ज किया गया है. हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी कौन है? चार्जशीट के अनुसार, सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी. आरोप है कि शादी के बाद हनीमून ट्रिप के दौरान ही पति की हत्या की प्लानिंग की गई थी. अन्य तीन आरोपियों ने इस साजिश को अंजाम देने में मदद की. हनीमून मर्डर चार्जशीट में कौन से सबूतों का जिक्र है? चार्जशीट में हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. आरोपियों पर धारा 103(1) BNS (हत्या), धारा 238(a) BNS (सबूत मिटाना), और धारा 61(2) BNS (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज है. इसके अलावा कॉल रिकॉर्ड्स, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान भी इसमें शामिल किए गए हैं. क्या सोनम ने हनीमून मर्डर केस में अपनी भूमिका स्वीकार की है? बता दें कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान सोनम रघुवंशी ने स्वीकार किया था कि हत्या के समय वह मौके पर मौजूद थी. जांच टीम को दिए बयान में उसने बताया था कि पार्किंग लॉट में ही उसने किलर्स को इशारा कर दिया था. अब चार्जशीट में सोनम को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है. ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने बताया कि इस मामले में तीन और सह-आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जैसे ही अतिरिक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाती है. ये तीन सह आरोपी हैं, जिनमें प्रॉपर्टी डीलर सिलोमे जेम्स, लोकेन्द्र तोमर (वह बिल्डिंग मालिक जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी) और बलबीर अहिरवार (सिक्योरिटी गार्ड) शामिल हैं. इन तीनों को सबूत नष्ट करने और छिपाने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फिलहाल ये जमानत पर बाहर हैं. हनीमून मर्डर केस में ट्रायल कब शुरू होगा? अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब ट्रायल प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है. हत्या का यह मामला बेहद चर्चा में रहा, यह घटना शादी के तुरंत बाद हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस की अदालत में सुनवाई तेज होने की उम्मीद है.

लाल किला बना चोरों का निशाना, हीरे से जड़ा सोने का कलश गायब, जैन समाज के धार्मिक कार्यक्रम में लगाई सेंध

नई दिल्ली दिल्ली स्थित लाल किले के परिसर से बीते मंगलवार को करीब एक करोड़ रुपये का कलश चोरी हो गया. बताया जाता है कि लाल किले के परिसर में एक धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. लोग अनुष्ठान में व्यस्त थे, तभी चोरों ने 760 ग्राम सोने और 150 ग्राम हीरे, माणिक्य, पन्ना जड़ा कलश चोरी कर लिया. फिलहाल पूरे मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई है. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश कर रही है. जानकारी के अनुसार लाल किले के परिसर में जैन धर्म का अनुष्ठान चल रहा था. इसी दौरान चोरों ने मौका देखकर करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत का कलश चुरा लिया.  तकरीबन 1 करोड़ रुपये कीमत दिल्ली के लाल किले परिसर में जैन धर्म के एक धार्मिक कार्यक्रम से लगभग 1 करोड़ रुपये कीमत का सोने और कीमती पत्थरों से जड़ा कलश चोरी हुआ है. 760 ग्राम सोने के इस कलश में 150 ग्राम हीरा, माणिक और पन्ने जड़े थे. यह कलश मंगलवार को हुए कार्यक्रम के दौरान भीड़-भाड़ के समय गायब हो गया. इस कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी शामिल हुए थे. CCTV कैमरे में कैद हुआ संदिग्‍ध दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन धर्म के अनुयायियों की ओर से धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था. इसी में लाखों रुपये के कलश को भी रखा गया था. कारोबारी सुधीर जैन रोजाना पूजा के लिए कलश लेकर आते थे. बीते मंगलवार को कार्यक्रम में कई गणमान्य राजनेता भी पहुंचे थे. स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब हो गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां कैद हुई हैं. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है. लाल किले परिसर में जैन समुदाय का यह अनुष्ठान 15 अगस्त पार्क में चल रहा है और 9 सितंबर तक जारी रहेगा. पुलिस ने शुरू की जांच दिल्ली पुलिस ने बताया कि एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लाल किले के परिसर से एक करोड़ रुपये का कलश चोरी हो गया. चोरी हुए कलश में 760 ग्राम सोना, हीरे, माणिक और पन्ना जड़ा था. संदिग्ध की गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी.   मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, 303(2) के तहत FIR दर्ज की गई है.  

कुरुक्षेत्र दौरे पर CM नायब सैनी, मारकंडा नदी के पानी से बने हालात की करेंगे समीक्षा

कुरुक्षेत्र हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज कुरुक्षेत्र जिले में बाढ़ और जलभराव से प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। हाल की भारी बारिश और नदियों के उफान के बाद यह उनका पहला दौरा है। सीएम सबसे पहले शाहाबाद पहुंचेंगे, जहां मारकंडा नदी के ओवरफ्लो से हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएम प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। शाहाबाद के बाद वे झांसा और पिहोवा क्षेत्र का भी जायजा लेंगे। पिहोवा के पंजाब बॉर्डर से लगे गांवों में जलभराव ने फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान सीएम प्रशासन के कामकाज का आकलन भी करेंगे। झांसा और पिहोवा का जायजा शाहाबाद के बाद मुख्यमंत्री झांसा और पिहोवा जाएंगे। पिहोवा क्षेत्र खासकर पंजाब बॉर्डर से लगे गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर है। खेतों में खड़ी फसलों को पानी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री यहां जाकर किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेगे। वे राहत सामग्री, भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन करेंगे। प्रशासनिक कामकाज की जांच मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि उनका दौरा केवल औपचारिकता नहीं है बल्कि वे प्रशासनिक कामकाज का भी गहराई से आकलन करेंगे। वे बचाव और राहत कार्यों की गति की समीक्षा करेंगे। साथ ही नदियों के तटबंधों की मजबूती और मरम्मत कार्यों पर विशेष ध्यान देंगे, ताकि भविष्य में ऐसी आपदा से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। लाडवा में होगा समापन दौरे का अंत सीएम अपनी विधानसभा सीट लाडवा से करेंगे। यहां भी वे नदियों की स्थिति और बाढ़ प्रबंधन कार्यों की जांच करेंगे। प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और सभी विभागों को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य न केवल वर्तमान स्थिति का जायजा लेना है बल्कि आगामी समय में बेहतर प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाना भी है।

कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी– मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर : ग्रामोद्योग से गाँव-गाँव में रोजगार का होगा विस्तार – मंत्री गजेंद्र यादव कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी– मंत्री गजेंद्र यादव ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक : छोटे उद्योगों से बड़े रोजगार की ओर कदम रायपुर ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा एवं विधि विधायी विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग के अंतर्गत रेशम, हथकरघा, खादी, हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड की कार्यप्रगति का विस्तार से आकलन किया गया। मंत्री यादव ने बताया कि राज्य में लगभग 3.15 लाख हितग्राही ग्रामोद्योग के विभिन्न कुटीर उद्योगों से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों और विकासखंडों में रीपा (RIPA) भवनों में ग्रामोद्योग की गतिविधियाँ संचालित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोना–पत्तल, कांसा, गोबर से जैविक खाद, पपीता से गुलकंद, फर्नीचर जैसे छोटे उद्योगों की स्थापना कर हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा राज्य शासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासकीय विभागों में केवल राज्य के बुनकरों और कारीगरों द्वारा निर्मित सामग्री की ही आपूर्ति हो। साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शिल्प ग्राम एवं शिल्प नगरी के निर्माण की कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि कारीगरों को बेहतर विपणन सुविधा मिले और राज्य की शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके। बैठक में सचिव सह संचालक ग्रामोद्योग श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड जे. पी. मौर्य, उप सचिव अर्न मरकाम, अपर संचालक रेशम डॉ. राजेश बघेल, संयुक्त संचालक हथकरघा अ. अयाज़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने गोंडी अनुवादक ऐप ‘आदि वाणी’ परियोजना की सफलता पर दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा। प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है। प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित

रायपुर : महतारी वंदन योजना : माताओं-बहनों के सम्मान से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि संभव – मुख्यमंत्री साय महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को दिलाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को दिलाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री साय रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायगढ़ में कला और संस्कृति के प्रति अलग ही प्रेम है। इस प्रेम को स्थायी बनाए रखने की दिशा में यहाँ कला और संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा विगत वर्ष की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है और महाविद्यालय हेतु स्थान का चयन भी हो चुका है। कुछ माह के पश्चात यह महाविद्यालय अस्तित्व में आ जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 20 माह में अनेक योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें जन-जन तक पहुँचाकर लोगों को लाभान्वित किया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो गारंटी दी थी, उसे हमारी सरकार ने अल्प समय में ही पूरा किया है और 2047 तक के लिए छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को महतारी वंदन योजना से लाभान्वित करते हुए हर माह उनके खाते में एक एक हजार रुपये की राशि डाली जा रही है। इससे राज्य की लगभग 70 लाख महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति लागू कर राज्य में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियों को रोजगार देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में संस्कृति और आस्था की पहचान राजिम कुंभ को भी भव्य रूप देने की बात कही। *मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अन्य अतिथियों ने पद्मगायक कैलाश खेर के गीतों का उठाया आनंद* मुख्यमंत्री साय सहित अन्य अतिथियों ने चक्रधर समारोह के समापन समारोह में आज के प्रमुख आकर्षण, प्रख्यात गायक पद्मकैलाश खेर की प्रस्तुतियों का आम दर्शकों के साथ आनंद लिया। *महाराजा चक्रधर सिंह पर विशेष आवरण का किया विमोचन* मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने मंच से डाक विभाग द्वारा महाराजा चक्रधर सिंह पर जारी विशेष आवरण का विमोचन किया। उन्होंने सुग्घर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर आधारित रायगढ़ नगर पालिक निगम के शुभंकर अप्पू राजा को भी लॉन्च  किया। मंच पर कथक प्रस्तुत करने वाली विख्यात कलाकार पद्मडॉ. नलिनी, डॉ. कमलिनी अस्ताना एवं उनकी टीम को सम्मानित भी किया गया। *छत्तीसगढ़ की पहचान है कला और संस्कृति : उपमुख्यमंत्री अरुण साव* समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्रारंभ से ही कला और संस्कृति की रही है। महाराजा चक्रधर सिंह ने यहाँ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। उन्होंने मंच से अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। *कला और संस्कृति की नगरी है रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी* चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर उपस्थित हजारों की भीड़ को कला-प्रेमियों की पहचान बताते हुए स्थानीय विधायक एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ कला और संस्कृति की नगरी है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक विरासतों को आगे बढ़ाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। हम सभी रायगढ़ के विकास को लेकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रायगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ और उससे होने वाली जॉब गारंटी का भी उल्लेख किया। साथ ही नालंदा परिसर की स्थापना के साथ आईआईटी, नीट, लॉ यूनिवर्सिटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश हेतु अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। वित्त मंत्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विकास में अनेक प्रोजेक्ट संचालित होने की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह समारोह महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को समर्पित है। उन्होंने संगीत की खोती हुई विरासत को सहेजने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कार्य किया और संगीत के गौरव को पुनर्स्थापित किया। उन्होंने सभी कलाकारों का आभार भी जताया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, सीसीएफ प्रभात मिश्रा, कलेक्टर एवं एसपी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।