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नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य, बनेगी ‘पीपल सिटी’

रायपुर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव मती आर. संगीता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विकसित सीजी निगरानी पोर्टल, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन विषयक फिल्म, मंडल की 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म, मंडल की नवीन वेबसाइट तथा ईको क्लब गतिविधियों पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया गया। भारतीय संस्कृति प्रकृति के संरक्षण और सह-अस्तित्व पर आधारित             मंत्री  ओपी चौधरी ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का मूल कारण प्रकृति के साथ असंतुलित विकास मॉडल है। भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति के संरक्षण और उसके साथ सह-अस्तित्व की भावना पर आधारित रही है। यहां नदियों, पर्वतों, वृक्षों और जीव-जंतुओं तक को पूजनीय माना गया है। हमारी परंपरा प्रकृति के उपयोग की बात करती है, शोषण की नहीं।          मंत्री  चौधरी ने कहा कि भारत हजारों वर्षों तक विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था रहा, लेकिन उस दौर में पर्यावरण संकट, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि विकास का आधार प्रकृति के साथ संतुलन था। औद्योगिक क्रांति के बाद दुनिया ने जिस विकास मॉडल को अपनाया, वह प्रकृति के अत्यधिक दोहन पर आधारित रहा और आज उसके दुष्परिणाम पूरी मानवता भुगत रही है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, वर्तमान की चुनौती बन चुका है। असामान्य वर्षा, बढ़ती गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। प्रकृति के साथ अन्याय का परिणाम अंततः मानव समाज को ही भुगतना पड़ता है। पर्यावरण संरक्षण में तकनीक का उपयोग बढ़ाया           मंत्री  चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरणीय निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाले उत्सर्जन की ऑनलाइन निगरानी के लिए आधुनिक प्रणाली विकसित की गई है, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ते ही विभाग को तत्काल जानकारी मिलती है और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश के सुरक्षित परिवहन और निपटान के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि अन्य राज्यों का फ्लाई ऐश छत्तीसगढ़ में डंप न किया जाए। खतरनाक अपशिष्टों के प्रबंधन को लेकर भी राज्य सरकार ने सख्त और नैतिक निर्णय लिए हैं, ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी           चौधरी ने वृक्षारोपण की वर्तमान पद्धतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता के लिए पौधे लगाने के बजाय स्थानीय और पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पीपल, नीम, आम और अन्य देशी वृक्ष पर्यावरण संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने “पीपल फॉर पीपल” अभियान प्रारंभ किया था। अब नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसी भी दिशा में देखने पर पीपल का वृक्ष दिखाई देगा। बच्चों में विकसित करनी होगी पर्यावरणीय संवेदनशीलता       आवास एवं पर्यावरण मंत्री  चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी आदतों से           आवास एवं पर्यावरण मंत्री  चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी आदतों से शुरू होता है। अनावश्यक बिजली की बचत, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, पौधों की सही देखभाल और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का वृक्षारोपण जैसी आदतें समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। उन्होंने शिक्षकों और ईको क्लब समन्वयकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करें। आने वाली पीढ़ी की सोच बदलकर ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है। सस्टेनेबिलिटी में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं           मंत्री  चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक रिसाइक्लिंग, हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास आधारित स्टार्टअप भविष्य के सबसे बड़े अवसरों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और उद्यमिता का भी बड़ा क्षेत्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने करियर और उद्यमों को सस्टेनेबिलिटी के सिद्धांतों से जोड़ें और पर्यावरणीय चुनौतियों को अवसर में बदलने का प्रयास करें। विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन             कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण विषयक प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा तुलसी पौधे को जल अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मिशन लाइफ की शपथ दिलाई गई तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक “किस्सा लकड़ी का” ने पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ईको क्लब समन्वयकों एवं मास्टर ट्रेनर्स को मिशन लाइफ, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरणीय गतिविधियों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर प्रतियोगिता एवं विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, विद्यालयों और ईको क्लबों को सम्मानित भी किया गया।            समारोह में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव   राजु अगसिमनि, प्रदेशभर से आए शिक्षकों, ईको क्लब समन्वयकों, विद्यार्थियों, विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि  सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री  साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद  सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली। मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय  सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में  सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, विधायक  अमर अग्रवाल, विधायक  धरमलाल कौशिक, विधायक  अजय चंद्राकर, महापौर मती मीनल चौबे,  रमेश बैस,  राम प्रताप,  पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना,  राम दत्त,  राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

डिजिटल सुशासन और साइबर सुरक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर हुआ पुरस्कृत मध्यप्रदेश : मंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने डिजिटल सुशासन, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा तथा नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व नवाचार किए हैं। यह राष्ट्रीय पुरस्कार मध्यप्रदेश द्वारा उत्कृष्ट नागरिक सेवाओं के वितरण और तकनीकी सुधारों की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना का एक गौरवशाली प्रतीक है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग नागरिकों को उत्कृष्ट, सरल एवं पारदर्शी डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है और साथ ही साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण के प्रति भी समान रूप से संवेदनशील है। विभाग का उद्देश्य केवल सेवाओं का डिजिटलीकरण करना नहीं, बल्कि प्रदेश में एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल इको सिस्टम स्थापित करना है, जहां तकनीक, सुरक्षा और नागरिकों के विश्वास साथ आगे बढ़ें। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा है कि ई-नगर पालिका परियोजना को नागरिक सेवाओं को सरल, तेज़ एवं पारदर्शी बनाने एवं नागरिकों के डेटा की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म आधुनिक क्लाउड अवसंरचना, जीरो ट्रस्ट ऑर्किटेक्चर, डेटा एन्क्रिप्शन, निरंतर साइबर निगरानी और उन्नत साइबर सुरक्षा मानकों पर आधारित है। इससे नागरिकों की जानकारी की गोपनीयता, अखंडता एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है, साथ ही सभी आवश्यक सुरक्षा एवं अनुपालन मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। विभाग द्वारा संचालित ई- नगर पालिका परियोजना को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाना प्रसन्नता का विषय है। मंत्री  विजयवर्गीय ने ई-नगरपालिका 2.0 की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत जीआईएस आधारित संपत्ति प्रबंधन, क्लाउड आधारित डेटा प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाएं और उमंग सहित विभिन्न शासकीय डिजिटल प्लेटफॉर्मों से एकीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में इस सिस्टम के माध्यम से 20 से अधिक मॉड्यूल एवं 24 नागरिक सेवाओं का एकीकृत संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है, जिससे नगरीय निकायों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश में नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा और 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। मंत्री  विजयवर्गीय ने विभाग की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट व समर्पित कार्यों की सराहना की और भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार पूरी टीम के कड़े परिश्रम, नवाचार और राज्य में पारदर्शी डिजिटल सुशासन स्थापित करने के संकल्प का एक सुखद प्रतिफल है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को रायसेन जिले के सेमरी गांव की रहने वाली पर्वतारोही बेटी सुश्री अंजना यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री अंजना को उसकी अतुल्नीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि सुश्री अंजना यादव ने हाल ही में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउण्ट एवरेस्ट (कुल 8848.86 मीटर ऊंची) के टॉप पाइंट पर सफलतापूर्वक फतह हासिल कर देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रौशन किया है।  

वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट अजय अहिरवार से मंत्री टेटवाल का वर्चुअल संवाद, प्रतिभा की सराहना

मंत्री टेटवाल ने वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट् अजय अहिरवार से किया वर्चुअल संवाद वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन सितम्बर 2026 शंघाई चीन में होंगे शामिल ग्लोबल स्किल्स चैलेंज जून 2026, ऑस्ट्रेलिया में भी होंगे शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा अजय अहिरवार से संवाद किया। अजय अहिरवार ने इंडिया स्किल्स नेशनल काम्पिटिशन 2025-26 में ब्रिकलेइंग स्किल में स्वर्ण पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है तथा अब उनका चयन वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन 2026 के लिए हुआ है, जो सितम्बर 2026 में शंघाई (चीन) में आयोजित होगी। अजय अहिरवार वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता की तैयारी के लिये कानपुर में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका चयन ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 के लिए भी हुआ है, जो 23 से 29 जून 2026 तक ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होगी, जिसमें वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री टेटवाल ने अजय को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अजय अपनी प्रतिभा मेहनत एवं समर्पण के बल पर विश्व मंच पर भारत एवं मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा और परिश्रम के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद वैश्विक स्तर तक पहुंचा जा सकता है। अजय की उपलब्धियों तथा उनकी तैयारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा उन्हें विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है जिससे वे आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें। मध्यप्रदेश शासन युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।  

विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री ओपी चौधरी ने किया मौल पौधे का रोपण

रायपुर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल की केंद्रीय प्रयोगशाला परिसर में मौल पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।           मंत्री  चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. शंगीता, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव राजु अगसिमनि सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कहा गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित कर समय पर पूरा करें काम

रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के पहले दिन आज कई कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। वे इस दौरान कांकेर के कोटतरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भी शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान ग्राम पंचायत के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक, सामग्री और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।  साव आगामी चार दिनों तक बस्तर में रहकर निर्माण कार्यों और योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। वे इस दौरान बस्तर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। वे आज अपने बस्तर प्रवास के पहले दिन कांकेर पहुंचे, जहां उन्होंने चारामा विकासखण्ड के ग्राम बड़ेगौरी में जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। जल जीवन मिशन के तहत यहां दो करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण और रेट्रोफिटिंग कर 391 घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।  साव ने घरों में जाकर जल आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने कांकेर में निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का निरीक्षण किया। चार करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए आगामी अक्टूबर माह तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कांकेर में जिला मुख्यालय के अनुरूप साफ-सफाई की व्यवस्था और जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।  साव ने अमोड़ा-नरहरपुर सड़क के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए ठेकेदार और कार्यपालन अभियंता को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वर्क-फोर्स और मशीनरी बढ़ाकर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। 40 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से 16 किमी इस टू-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। कांकेर के विधायक  आशाराम नेताम भी सभी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

वृक्ष सिर्फ हरियाली नहीं, जीवन और भविष्य का आधार हैं: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

वृक्ष धरती को केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि मानवता को जीवन, ऊर्जा और भविष्य प्रदान करता है : उप मुख्यमंत्री देवड़ा भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा किवृक्ष धरती को केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि मानवता को जीवन, ऊर्जा और भविष्य प्रदान करता है। उन्होंनेविश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत भोपाल के महाराणा प्रताप मंडल में आरोग्य वाटिका में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता कर पौध-रोपण किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। एक पौधा लगाना केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायी संकल्प ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़कर हम न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, बल्कि अपनी मातृशक्ति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता भी व्यक्त कर रहे हैं। आईये, हम सभी अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लें और हरित, स्वच्छ एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश मंत्री एवं राज्यसभा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल, पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, महापौर श्रीमती मालती राय एवं टोली के सदस्य उपस्थित रहे।

राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के 7 जिलें बस्तर, कांकेर,दंतेवाड़ा, सुकमा,बीजापुर, नारायणपुर और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में एकीकृत आजीविका कार्यक्रम के तहत यहां के ग्रामीण परिवारों की आय और जीवन स्तर को बेहतर बनाया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है।         मुख्य सचिव ने कार्यक्रम के तहत प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एकीकृत आजीविका कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वकांक्षी पहल है। इसके तहत इन जिलों के प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविधिकृत आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इन गतिविधियों में सामान्यतः कृषि, वन, पशुपालन, गैर कृषि क्षेत्र में नए नवाचार के माध्यम से आमदनी बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रोसेसिंग एकाईयां, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे का विकास होगा। लोगों को सहकारी समितियों से भी जोड़ा जाएगा।   पशुपालन एवं संबद्ध गतिविधियों के अंतर्गत कुक्कुट पालन, बकरी पालन, डेयरी, सूकरपालन, मत्स्य पालन जैसे सेक्टरों से जोड़कर लोगों की आमदनी में इजाफा किया जाना है। इसी तरह से वन एवं वृक्ष के माध्यम से इमली, महुआ, चिरोंजी, काजू, बांस, कोसा रेशम, लाख, मधुमक्खी पालन के प्रमुख उत्पादों से जोड़कर परिवारों की आय एवं जीवन स्तर में बेहतर बनाया जाएगा।             बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विभाग  भीम सिंह सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन में संवेदनशीलता से काम करने के दिए निर्देश

रायपुर मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सीएम हेल्पलाइन के संबंध में अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के जरिये प्राप्त होने वाले शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश हैं।         मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों केा निर्देश दिए है कि सीएम हेल्पलाइन 9 जून 2026 से प्रारंभ की जा रही है। सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को सीएम हेल्पलाइन के क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देशों के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पत्र जारी किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आमजनों की शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में हो यह सुनिश्चित होना चाहिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।            मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव  राहुल भगत ने सीएम हेल्पलाइन के तहत आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन हेतु विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता पूर्ण शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 स्तर के अधिकारियों तक स्वचालित रूप से ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने नागरिकों से उनकी शिकायतों के संबंधों में उनकी संतुष्टि का फीडबैक लेने की पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में सीएम हेल्पलाइन लॉन्चिंग के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके, वेब पोर्टल, समर्पित मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें सीधे तौर पर दर्ज करा सकेंगे।        बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव मती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख  सचिव मती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव  पी.दयानंद, कौशल विकास एवं तकनीकी विभाग के सचिव  बसवराजु एस., सामान्य प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैंसर अब्दुल हक, ऊर्जा विभाग के सचिव  सारांश मित्तर और वित्त विभाग की विशेष सचिव मती शीतल शाश्वत वर्मा सहित मंत्रालय में पदस्थ विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।