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दुर्ग: समितियों में रखा खाद निकला घटिया, गुणवत्ता जांच में कई नमूने फेल

दुर्ग. सेवा सहकारी समितियों में भंडारित खाद के तीन नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। मामले में विक्रेता व निर्माता कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 8 नमूने अमानक मिल चुके हैं। इन कंपनियों के है अमानक खाद प्रयोग शाला में परीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए नमूनों में एक पाटन विकासखंड के सेवा सहकारी समिति औंधी से लिए थे। यहां भण्डारित बीईसी फर्टिलाइजर कंपनी के एसएसपी खाद अमानक मिले है। इसी प्रकार सेवा सहकारी समिति पहंडोर में भंडारित एग्रोफास इंडिया लिमिटेड कंपनी की भी एसएसपी खाद का एक नमूना गुणवत्ता विहीन पाया गया है। वहीं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में भण्डारित श्री गणपति फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी की एसएसपी (जी) खाद का एक नमूना प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार अमानक पाए गए हैं। अमानक पाए गए खाद के लाट में सेवा सहकारी समिति औंधी में 2 सेवा सहकारी समिति पहंडोर में 1.800 एवं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में कुल 10 टन खाद है। जिले में लगभग 50 टन खाद गुणवत्ता जांच में फेल हो चुके हैं। विक्रय पर लगा दिया गया है प्रतिबंध उप संचालक कृषि संदीप भोई का कहना है कि अमानक पाए खाद के लाट की विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही निर्माता कंपनी व विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।

MP के SIR मॉडल की मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने की तारीफ, ज्ञानेश कुमार बोले- सबसे पारदर्शी व्यवस्था

इंदौर. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को इंदौर पहुंचे। उन्हाेंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद कर कहा कि मध्यप्रदेश के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, व्यवस्थित और दक्ष तरीके से पूरा कर देश के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। जिस गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ यह अभियान मध्यप्रदेश में संचालित हुआ है, वैसा उदाहरण अन्य राज्यों में दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय व्यवस्थाओं में शामिल है, जहां मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की भागीदारी सुनिश्चित होती है। इसी भरोसे के कारण भारत वर्ष 2026 में इंटरनेशनल आइडिया की अध्यक्षता कर रहा है। तला ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न हो। इसके लिए एसआईआर अभियान के तहत मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं की पहचान कर सूची को अधिक शुद्ध बनाया गया। देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं और चुनाव प्रक्रिया के संचालन में करीब 1.80 करोड़ चुनावकर्मी भाग लेते हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफार्म ईसीआई नेट एप को बेहतर बताते हुए कहा कि इससे बीएलओ और मतदाताओं के बीच सीधा संपर्क मजबूत हुआ है। एसआईआर अभियान की उपलब्धियों और नवाचारों पर आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डा. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन तथा कलेक्टर शिवम वर्मा उपस्थित रहे। इंदौर में 4.47 लाख से अधिक नाम हटे एसआइआर प्रक्रिया के दौरान इंदाैर की सभी नो विधानसभा क्षेत्रों में 28.67 लाख से अधिक मतदाताओं के फार्म 2625 बीएलओ द्वारा भरे गए। इसमें 24.20 लाख मतदाता की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से हुई, जबकि प्रक्रिया के बाद 4.47 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटे थे। इंदौर में 6.67 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई की गई और दस्तावेजों की जांच की गई। बीएलओ से मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया संवाद बीएलओ :- मतदाता सूची की पारदर्शिता के लिए आधार को अनिवार्य किया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त :- आधार न जन्म और न ही नागरिकता का प्रमाण है, इसलिए अनिवार्य नहीं किया गया। बीएलओ :- स्थानीय चुनाव की मतदाता सूची और एसआइआर के बाद शुद्ध हुई केंद्रीय सूची को क्यो नहीं जोड़ा जा रहा? आयुक्त :- दोनों चुनाव प्रक्रियाओं का विधान अलग-अलग है, इसलिए सूची को एक नहीं किया जा सकता।

ईंधन संकट टला, दिल्ली में WFH और बदली ऑफिस टाइमिंग का आदेश वापस

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने के बाद दिल्ली सरकार ने सरकारी ऑफिसों में ईंधन बचाने के लिए लागू विशेष इंतजामों को समाप्त कर दिया। सीएम रेखा गुप्ता ने हफ्ते में दो दिन (बुधवार और शनिवार) को लागू वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था खत्म कर दी है। सरकारी ऑफिसों के अलग-अलग समय के फैसले को भी वापस ले लिया गया है। समय में फिर हुआ बदलाव नए आदेश के मुताबिक दिल्ली सरकार के सभी ऑफिस सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुले रहेंगे। पहले यह समय बदलकर सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे कर दिया गया था। हालांकि, MCD के कर्मचारियों के लिए पहले से लागू समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये नियम किए गए थे लागू 14 मई को दिल्ली सरकार ने ईंधन की आपूर्ति पर पड़े असर को देखते हुए WFH, ऑफिस टाइमिंग में बदलाव, मंडे मेट्रो जैसे कई अहम फैसले लागू किए थे। सरकार का कहना है कि सुरक्षा स्थिति और ईंधन की आपूर्ति सामान्य होने के बाद प्रशासनिक कामों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के मकसद से यह फैसला लिया गया है। पीएम मोदी ने की थी अपील बता दें कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच पीएम मोदी ने ईंधन की बचत करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राजधानी में कई बड़े फैसले किए थे। सीएम ने ऐलान किया था कि मेट्रो डे मनाया जाएगा। इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन नो कार डे होगा। चलाई जा रहीं स्पेशल बसें तब दिल्ली सरकार और एमसीडी के ऑफिस का समय भी बदल दिया गया था। दिल्ली सरकार के ऑफिस सुबह 10.30 से शाम 7 बजे। एमसीडी ऑफिस सुबह 8.30 बजे से कर दिए गए थे। सरकारी 29 कॉलोनी से 58 स्पेशल बस चलाई जा रही थीं। इसके अलावा कंपनियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन वर्क फ्रॉम होम करावाने का निर्देश जारी किया गया था।

मेरठ-आगरा मंडल में बारिश से बदला मौसम, दो दिन उमस के बाद फिर बरसेंगे बादल

लखनऊ यूपी के कुछ इलाकों में शनिवार को बादल भरपूर बरसे। पश्चिम यूपी के मेरठ मंडल और आगरा मंडल में हुई बारिश से गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। लोगों को जलभराव से भी जूझना पड़ा है। दो दिन फिर गर्मी, उमस झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को सूखा रह सकता है। अन्यथा की स्थिति में बूंदाबांदी या रिमझिम देखी जा सकती है। इसके बाद 7 जुलाई से बारिश का दौर फिर शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खुले में होने वाले आयोजनों को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। शनिवार को करीब एक घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 83 दर्ज किया गया। कहीं बरसे बादल तो कहीं पर सिर्फ गिरी बूंदें पश्चिम यूपी में दिनभर उमस और गर्मी के बीच शनिवार को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई जबकि कुछ जगह केवल बूंदों ने भिगोया। अधिकांश हिस्सा पूरी तरह शुष्क रहा और बारिश का इंतजार करता रहा। आज से सात जुलाई तक कुछ हिस्सों में ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर चलने की उम्मीद है। अधिकांश हिस्से इस अवधि में सूखे रहेंगे। गर्मी एवं उमस का प्रकोप भी बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मेरठ में दिन-रात का तापमान क्रमश: 37 एवं 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.7 एवं 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ। शुक्रवार के सापेक्ष दिन में 0.7 एवं रात में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आठ से दस जुलाई के बीच मेरठ सहित वेस्ट यूपी में अच्छी और व्यापक बारिश के आसार हैं, लेकिन इससे पहले केवल कुछ हिस्सों में छुटपुट बारिश का दौर चल सकता है। आधे घंटे की बारिश में जलमग्न हुए क्षेत्र शनिवार दोपहर को यूपी के कई इलाकों में हुई बारिश के कारण आधे घंटे की बारिश में गलियों में कई फुट पानी भर गया। पानी निकासी का कोई इंतजाम न होने से गांव की सड़कें तालाब बन गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नाले-नालियां बनी ही नहीं हैं। जबार ने बताया कि हर बार यही हाल होता है। आने वाले दिनों में तेज बारिश में पानी भरने की समस्या और बढ़ेगी।

सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: बिहार में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट होंगे स्थापित

पटना बिहार में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट खुलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इसकी घोषणा की है। सीएम ने कहा कि आपराधिक मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए नए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार बिहार में अभी 54 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट सक्रिय हैं। इनमें से 48 विशेष रूप से पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों सुनवाई करती हैं। अब 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट खुलने से लंबित रहने वाले गंभीर आपराधिक मामलों में पीड़ितों को न्याय मिलने में और तेजी आएगी। नए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कहां-कहां किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से फिलहाल नहीं दी गई है। सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को नए आपराधिक कानूनों से जुड़े दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इसका आयोजन बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) और बिहार न्यायिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित किया जा रहा है। सीएम ने दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग 10 फीसदी आबादी और 14 करोड़ से अधिक लोगों को न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बिहार की न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन पर टिकी हुई है। बिहार की पहचान हमेशा से न्याय के साथ विकास की रही है। नए आपराधिक आपराधिक कानूनों का प्रभावी एवं जनहितकारी क्रियान्वयन इसी भावना को और मजबूत करेगा। अपराध से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। सहयोग शिविर में जनता की समस्याओं का निपटारा मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सहयोग कार्यक्रम चलाया जा रहा है, उसमें कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर आवेदन दे सकता है। उस समस्या का सरकार 30 दिनों के भीतर समाधान कर देगी। हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी प्रखंडों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाता है। यहां आने वाले आवेदन का 30 दिनों में निपटारा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को सीएम कार्यालय से निलंबित कर दिया जाता है। महीने में एक बार राज्यस्तरीय सहयोग शिविर सम्राट चौधरी ने कहा कि हर महीने के दूसरे मंगलवार को राज्य स्तर पर पटना में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें वैसे लोग शामिल होंगे जिनके आवेदन का निष्पादन प्रखण्ड स्तर पर हुआ है लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी समस्याओं का समाधान होगा और न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और कार्यपालिका सहयोगी बनेंगे तो काम अच्छा होगा।

योगी सरकार की पहल से न्यायालयों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों से होगी कार्यवाही, मामलों के निस्तारण में आएगी तेजी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए राजस्व परिषद के न्यायालयों में मूल अभिलेखों के स्थान पर प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रतियों के आधार पर कार्यवाही करने का निर्णय लागू किया है। इस व्यवस्था को राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल के निर्देशों के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। डिजिटल व्यवस्था से सुरक्षित रहेंगे मूल अभिलेख नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा विलंब से उपलब्ध होने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा भेजी जाने वाली स्कैन प्रतियों में प्रत्येक पृष्ठ, आदेश पत्रक, नोटशीट, मानचित्र और अन्य समस्त अभिलेख क्रमवार एवं स्पष्ट रूप से शामिल किए जाएंगे। साथ ही संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर द्वारा प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य किया गया है, जिससे व्यवस्था की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे। राजस्व परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय कारण दर्ज करते हुए निर्देश देगा, तभी मूल अभिलेख प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगी। आरसीसीएमएस पोर्टल से न्यायिक प्रक्रिया होगी और अधिक आधुनिक योगी सरकार लगातार ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दे रही है और यह नई पहल उसी सोच का विस्तार मानी जा रही है। भविष्य में आरसीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन संचालित करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे न्यायिक कार्यवाही और अधिक सुगम, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी। अधिकारियों को निर्देश जारी राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था की जानकारी देने और इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि यदि कोई अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है, तो संबंधित आरआरके के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शरजील इमाम-उमर खालिद को नहीं मिली राहत, दिल्ली कोर्ट ने बेल अर्जी की खारिज

 नई दिल्ली दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने उनकी जमानत याचका खारिज कर दी हैष शनिवार को दोनों ओर से दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शाम को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत ने दोनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट में उमर की ओर से अधिवक्ता त्रिदीप पेस और शरजील की ओर से अधिवक्ता मुस्तफा ने दलीलें पेश की थीं। जमानत के लिए क्या दी गई दलील? उमर खालिद और शरजील इमाम ने जमानत याचिकाओं में दलील दी कि मुकदमे की सुनवाई शुरू हुए बिना उन्हें लगातार हिरासत में रखना स्वतंत्रता के उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। उनकी याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फैसले के 6 महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद, मुकदमे की कार्यवाही में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और आरोपों पर बहस अभी भी अधूरी है। उन्होंने दलील दी कि वे इस मामले में लगभग 6 साल से जेल में हैं। खालिद की याचिका में यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही उनकी पिछली जमानत याचिका खारिज कर दी थी लेकिन उसके बाद हुए न्यायिक घटनाक्रम से परिस्थितियों में बदलाव आया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई याचिका की थी दायर उन्होंने मई में एक अन्य मामले में अदालत की उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया था कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी जमानत नियम है। सुप्रीम कोर्ट ने पांच जनवरी को यूएपीए मामले में दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद ये नई याचिकाएं दायर की गई थीं। उमर खालिद, शरजील इमाम और कई अन्य लोगों पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीछे कथित व्यापक साजिश का हिस्सा होने के आरोप में आतंकवाद-रोधी कानून यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

35 किलो चांदी के गुप्तदान से जगमगाया चिंतामण गणेश मंदिर, श्रद्धालुओं के आकर्षण का बना नया केंद्र

उज्जैन   धर्म नगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर का गर्भगृह अब चांदी की भव्य आभा से जगमगा उठा है। एक गुप्त दानदाता द्वारा करीब 35 किलो चांदी दान किए जाने के बाद गर्भगृह की दीवारों पर आकर्षक चांदी की नक्काशी और वर्क का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस भव्य बदलाव से मंदिर की धार्मिक गरिमा के साथ-साथ उसकी स्थापत्य सुंदरता भी और अधिक निखरकर सामने आई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, उज्जैन के एक श्रद्धालु ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताते हुए लगभग 85 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चांदी दान की। इस चांदी का उपयोग गर्भगृह की दीवारों पर विशेष डिज़ाइन और कलात्मक नक्काशी तैयार करने में किया गया। मंदिर के प्रशासक अभिषेक शर्मा ने बताया कि इस पूरे कार्य को करीब 15 दिनों में पूरा किया गया। पहले चांदी की नक्काशी तैयार की गई और उसके बाद उसे गर्भगृह की दीवारों पर सावधानीपूर्वक स्थापित किया गया। प्रशासन का कहना है कि इस कार्य के बाद गर्भगृह की भव्यता, आध्यात्मिक वातावरण और आकर्षण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब भगवान गणेश के दिव्य स्वरूपों के साथ चांदी से सुसज्जित गर्भगृह की मनमोहक छटा का भी अनुभव कर सकेंगे। गौरतलब है कि महाकालेश्वर मंदिर से लगभग छह किलोमीटर दूर ग्राम जवास्या में स्थित चिंतामण गणेश मंदिर मध्य प्रदेश के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गिना जाता है। यहां भगवान गणेश के तीन स्वयंभू स्वरूप—चिंतामण, इच्छामन और सिद्धिविनायक—विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता है कि चिंतामण स्वरूप भक्तों की चिंताओं का निवारण करते हैं, इच्छामन सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और सिद्धिविनायक सफलता एवं सिद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गर्भगृह में चांदी की नई सजावट ने मंदिर की आध्यात्मिक भव्यता में एक नया अध्याय जोड़ दिया है और श्रद्धालुओं के लिए यह आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।

बिहान योजना से मिली नई पहचान: पशु सखी बन आत्मनिर्भर हुईं तैलासो राजवाड़े, हर माह 10 से 15 हजार रुपये की आय

रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। इसी का प्रेरक उदाहरण सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर की तैलासो राजवाड़े हैं, जो महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) एवं समृद्ध सरगुजा संकुल से जुड़ी हुई हैं। वे पिछले दो वर्षों से पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। तैलासो राजवाड़े बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका का सशक्त माध्यम मिला। वर्तमान में वे पशुपालकों को बकरियों की देखभाल, टीकाकरण के प्रति जागरूकता, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा कक्षा 12वीं, दूसरा कक्षा 10वीं तथा सबसे छोटा कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है। पहले आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज स्वयं की आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं। तैलासो ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां पशुपालन एवं बकरियों के स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्होंने कहा कि यदि पशु सखियों को नियमित रूप से उन्नत प्रशिक्षण एवं टीकाकरण संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न अवसर प्राप्त हुए हैं। योजना से मिली सहायता के आधार पर उन्होंने अपने खेत में बोर खुदवाया है तथा धान की खेती शुरू की है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन कर अपनी आय में और वृद्धि करने की योजना बना रही हैं। तैलासो राजवाड़े ने कहा कि बिहान योजना से जुड़कर उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है और इससे अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

बिजली बिल हुआ शून्य, हर माह लगभग एक हजार रुपये की बचत

रायपुर राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की रहने वाली मितानीन प्रशिक्षक  कामती बाई साहू के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन गई है। योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया गया है। अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और हर माह करीब एक हजार रुपये की बचत हो रही है। योजना की जानकारी मिली तो उठाया लाभ कामती साहू बताती हैं कि वे मितानीन प्रशिक्षक हैं और उनके पति किराना दुकान संचालित करते हैं। पहले हर महीने एक हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल आता था, जिससे घरेलू खर्च बढ़ जाता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन किया और अपने घर में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया। सरकार की सब्सिडी से आसान हुआ सोलर प्लांट लगाना कामती साहू को सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता मिलने से बिना किसी आर्थिक परेशानी के सोलर प्लांट स्थापित करना संभव हो सका। अब घर की बिजली भी अपनी, अतिरिक्त बिजली से भी लाभ सोलर प्लांट लगने के बाद इस माह उनका बिजली बिल शून्य आया। अब उनका परिवार अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर रहा है। साथ ही अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ प्राप्त कर रहा है। इससे परिवार की आय और बचत दोनों में वृद्धि हुई है। स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा   कामती साहू का कहना है कि यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होती है, प्रदूषण घटता है और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। अन्य परिवारों से भी योजना का लाभ लेने की अपील कामती साहू ने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इससे आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण तीनों उद्देश्यों की एक साथ पूर्ति हो रही है।