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जोधपुर में पंचायत चुनाव से पहले 20 करोड़ के 100 विकास कार्यों को हरी झंडी

जोधपुर  नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत राज चुनावों की तैयारियां तेज होने के साथ ही पंचायती राज विभाग अंतिम समय में विकास कार्यों को जमीन पर उतारने में जुट गया है। संभावित आचार संहिता लागू होने से पहले विभाग ने प्रदेशभर में 2800 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। इनमें जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 100 से ज्यादा कार्य शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 20 करोड़ रुपए है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश कार्यों में गांवों में ट्यूबवेल निर्माण, पेयजल पाइपलाइन विस्तार, टिन शेड निर्माण, सामुदायिक सुविधाओं का विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े काम शामिल हैं। लक्ष्य है कि अगले 20 दिन से एक माह के भीतर सभी कार्यों का शिलान्यास और निर्माण शुरू करा दिया जाए, ताकि पंचायत राज चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद इन पर रोक का असर न पड़े। चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं ने पकड़ी रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पंचायती राज विभाग ही नहीं, बल्कि वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट भी जल संरक्षण और जलापूर्ति से जुड़े कई निर्माण कार्यों की प्रक्रिया तेज कर रहा है। इससे चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर समय रहते जारी हो जाएंगे, उन्हें नियमानुसार आगे बढ़ाया जा सकेगा। यही कारण है कि विभाग इन दिनों स्वीकृत परियोजनाओं की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर रहा है। जोधपुर में प्रस्तावित प्रमुख कार्य जोधपुर जिले में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से 100 विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्यूबवेल और पाइपलाइन विस्तार के काम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा गांवों में टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा। सामुदायिक स्तर पर जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। विभाग की ओर से इन कार्यों की प्रक्रिया तेज की जा रही है, ताकि आचार संहिता लागू होने से पहले टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराए जा सकें। इसलिए जल्दबाजी निकाय चुनाव के बाद अब सरकार और विभाग का फोकस पंचायत राज चुनावों की तैयारियों पर है। माना जा रहा है कि अगले 20 से 30 दिनों में संभावित आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में विकास कार्यों को मंजूरी देने, टेंडर जारी करने और वर्क ऑर्डर देने का काम तेजी से किया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि आचार संहिता लागू होने से पहले अधिक से अधिक कामों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद निर्माण कार्यों को मौके पर शुरू कराने पर जोर रहेगा, ताकि स्वीकृत विकास कार्यों में देरी न हो और समय पर धरातल पर काम दिखाई दे।

योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए 6.55 करोड़ रुपये किए जारी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी, विद्यालयी प्रबंधन और शैक्षिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग के लिए 6.55 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और निगरानी के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ज्ञात हो कि इस व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार विद्यालयी आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित, बच्चों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी को अधिक प्रभावी तथा स्कूल प्रबंधन को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को मजबूत कर रही है। निर्देशों के अनुसार कुल 655.01 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा रही है। इसमें एमआईएस (यू-डायस प्लस) के लिए 262.00 लाख रुपये तथा चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए 393.01 लाख रुपये शामिल हैं। यह धनराशि विद्यालय स्तर पर एसएमसी के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों पर व्यय की जाएगी। हर बच्चे की जानकारी को व्यवस्थित करने पर जोर निर्देशों में यू-डायस प्लस पर विद्यालयों एवं विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों के संकलन और उनके उपयोग को महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। पत्र में अपार आईडी और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट पहचान के साथ उसकी शैक्षिक जानकारी को व्यवस्थित रूप से ट्रैक किया जा सके। मॉनिटरिंग को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी निर्देशों में जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक धनराशि के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एसएमसी स्तर पर हुए व्यय की प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।   कोट: योगी सरकार विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ हर बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर प्रभावी नजर सुनिश्चित कर रही है। एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच्चों से जुड़ी जानकारी के बेहतर उपयोग को नई मजबूती मिलेगी। *संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा* कोट: एमआईएस, यू-डायस प्लस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए एसएमसी स्तर पर स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में पारदर्शी उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

तरनतारन में एनकाउंटर के बाद वांटेड बदमाश गिरफ्तार, पैर में लगीं दो गोलियां

तरनतारन. तरनतारन जिले के मुरादपुर इलाके में शनिवार को पुलिस और एक वांछित आरोपित के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। पुलिस ने उसे घायल हालत में गिरफ्तार कर इलाज के लिए सिविल अस्पताल तरनतारन में भर्ती करवाया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल और मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रिपूतपन सिंह ने बताया कि थाना सिटी तरनतारन की पुलिस को सूचना मिली थी कि मामले में वांछित आरोपित मुरादपुर इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी निरीक्षक परमजीत सिंह विरदी ने पुलिस टीम गठित कर आरोपित की तलाश शुरू की। जवाबी कार्रवाई में लगी दो गोलियां पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने पर आरोपित मुरादपुर स्थित एक बंद पड़े पेट्रोल पंप में जाकर छिप गया। पुलिस टीम ने जब इलाके की घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया और उसके करीब पहुंची तो आरोपित ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की। इसी दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पहले भी पुलिस पर कर चुका फायरिंग पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल आरोपित पहले भी अपने भाई के साथ मिलकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर चुका है। इस संबंध में दर्ज मामले में दोनों पुलिस को वांछित थे। शनिवार की मुठभेड़ के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलने पर नगर उपाधीक्षक सुखबीर सिंह और उपाधीक्षक डी शिवदर्शन सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल और पिस्तौल बरामद की है। पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

BSP में सेजेस प्रणाली से होगी कार्मिकों की शिनाख्त, भागने वालों पर कसेगा शिकंजा

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा एवं प्रवेश प्रबंधन व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में सेजेस (स्मार्ट एक्सेस एंड गेट एंट्री सिस्टम) परियोजना का शुभारंभ किया गया। इसे सुरक्षा के नाम पर लगाया गया है लेकिन इससे ड्यूटी टाइम में संयंत्र से बाहर जाने वाले यानी भगोड़े कार्मिकों की शिनाख्त करना आसान होगा। संयंत्र के सभी 12 गेटों में यह सिस्टम लगेगा। बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि इस स्मार्ट गेट प्रवेश प्रणाली का उद्देश्य अनधिकृत प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ संयंत्र के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश एवं निकास को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित, सुगम एवं दक्ष बनाना है। सेजेस परियोजना के अंतर्गत संयंत्र के सभी 12 प्रवेश द्वारों पर आरएफआईडी आधारित स्मार्ट गेट पास प्रणाली लागू की जाएगी।यह आधुनिक प्रणाली वतर्मान गेट पास व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुगम एवं तकनीक सक्षम बनाने में सहायक होगी तथा प्रवेश प्रक्रिया में पहचान एवं सत्यापन को अधिक सरल और सहज बनाएगी। इससे कार्मिकों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाते हुए गेट प्रबंधन की कार्यप्रणाली को और अधिक दक्ष बनाया जा सकेगा। आरएफआईडी एवं फेस- रिकग्निशन आधारित यह प्रणाली प्रवेश के समय पहचान एवं सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के साथ-साथ संयंत्र के विभिन्न प्रवेश द्वारों से होने वाली आवाजाही की निगरानी एवं ट्रैकिंग को भी बेहतर बनाएगी।

राज्यपाल डेका बोले- डिजिटल एडिक्शन आज हर दूसरे नशे से ज्यादा खतरनाक, ICFAI यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक – राज्यपाल  डेका आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हुए शामिल 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई रायपुर,   राज्यपाल रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र  के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए,  जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह         राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी। विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें         राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए        डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।        समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।

रांची समेत छह शहरों में बनेंगे कैंसर रेडिएशन सेंटर, डे-केयर सुविधा होगी बहाल

रांची  कैंसर मरीजों के इलाज के लिए राज्य में छह जगहों पर रेडिएशन सेंटर की स्थापना होगी। साथ ही डे-केयर की सुविधा बहाल होगी। रांची सदर अस्पताल के अलावा धनबाद, जमशदेपुर, पलामू, हजारीबाग तथा दुमका स्थिति मेडिकल कालेजों में पीपीपी माडल पर इन सुविधाओं को बहाल किया जाएगा। इसे लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें इस योजना पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कालेजों में उपलब्ध संसाधनों, मशीनों, मानवबल और आवश्यक खर्च का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में रेडिएशन उपचार के लिए आधुनिक लीनैक मशीन की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेडिएशन के लिए मशीन के साथ रेडिएशन विशेषज्ञ, टेक्नीशियन और रेडियो फिजिसिस्ट जैसे प्रशिक्षित मानवबल की आवश्यकता होती है। राज्य में रेडियो फिजिसिस्ट की कमी को इस क्षेत्र की प्रमुख चुनौती माना गया। मशीन के खराब होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और रखरखाव की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि डे-केयर और रेडिएशन सेंटर की व्यवस्था अलग-अलग होगी। डे-केयर सेंटर में चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से सेवाएं संचालित करने तथा रेडिएशन सेंटर के लिए विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित तकनीकी मानवबल की व्यवस्था की जाएगी बिहार में संचालित डे-केयर माडल का भी बैठक में संदर्भ लिया गया, जहां चिकित्सा पदाधिकारी को प्रशिक्षण देकर डे-केयर सेवा संचालित की जाती है। रेडिएशन सेंटर व डे-केयर सेंटरों में आयुष्मान और अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के कार्डधारियों को संबंधित योजना के निर्धारित पैकेज और दर के अनुसार उपचार मिलेगा। वहीं, अन्य मरीजों के लिए सीजीएचएस की निर्धारित दरों को आधार बनाने पर सहमति बनी। पूरी योजना की निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर समिति गठित की जाएगी। अपर सचिव सह झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में समिति प्रस्ताव, संसाधनों के आकलन, टेंडर प्रक्रिया और संचालन व्यवस्था की निगरानी करेगी। विभाग की ओर से भारत सरकार के बीजीएफ कार्यक्रम के तहत भी प्रस्ताव भेजकर आवश्यक स्वीकृति लेने की तैयारी की जा रही है। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डा. नेहा अरोड़ा, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह, सदर अस्पताल क उपाधीक्षक डाॅ. विमलेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे। दो समूह में मेडिकल कालेजों को रखने पर विचार प्रस्तावित रेडिएशन सेंटर के लिए मेडिकल कालेजों को दो समूह रखने पर विचार किया गया। पहले समूह में जमशेदपुर, धनबाद और दुमका तथा दूसरे समूह में रांची, हजारीबाग और पलामू को सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। रिम्स, रांची से होगी डे-केयर सेंटरों की निगरानी बैठक में कैंसर डे-केयर सेंटरों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए रिम्स में कंट्रोल एवं कमांड सेंटर विकसित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा रांची, जमशेदपुर और धनबाद में पैट स्कैन की सुविधा के विस्तार तथा इसे पीपीपी मोड पर संचालित करने की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई।  

हरियाणा ट्रांसफर नीति पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (भले ही कोई कर्मचारी किसी निश्चित समयावधि के लिए वास्तविक रूप से (फिजिकली) नौकरी पर उपस्थित या कार्यरत नहीं था, फिर भी रिकॉर्ड और गणना के उद्देश्य से उसे उस अवधि के लिए सेवा में माना जाता है) का लाभ मिला है, उस सेवा अवधि को स्थानांतरण के लिए अनुभव की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के आधार पर भी अनुभव अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट और पसंद के पद मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।विभाग दूसरे लाभ दे रहा था, ट्रांसफर में अनुभव अंक रोक दिएमामला परविंद्र कुमार समेत दर्जन भर पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा है। शिक्षकों का कहना था कि विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी, वरिष्ठता, नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा लाभों के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन शिक्षक स्थानांतरण अभियान में अनुभव अंक देने के लिए केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि को आधार बना रहा है। जगबीर मलिक ने खटखटाया अदालत का दरवाजा इससे उनकी सेवा अवधि कम मानी जा रही थी और उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ रहा था।इसके खिलाफ शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से अदालत को बताया कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिका खारिज की जा चुकी है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से नए तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया। अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय के भारत सरकार बनाम के बी राजोरिया मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि नोशनल सेवा से जुड़े कानूनी सिद्धांत को केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनी दलीलें अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें नोशनल सेवा अवधि का लाभ तो दिया गया, लेकिन स्थानांतरण के लिए उसी अवधि के अनुभव अंक नहीं दिए जा रहे थे। दूसरे कर्मचारियों के लिए भी खुला राहत का रास्तायह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समान प्रकृति के मामले में कृषि विकास अधिकारी की याचिका और उसके बाद दायर एलपीए पहले खारिज हो चुके थे। इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और नए कानूनी पहलुओं के आधार पर पीजीटी शिक्षकों को राहत मिल गई। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद नोशनल सेवा के बावजूद अनुभव अंकों से वंचित अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल पर बिहार में सेवा संकल्प, हर घर जलेगा आशीर्वाद का दीया

 पटना PM Narendra Modi Birthday: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेक संवाद में सरकार के सभी मंत्रियों की बैठक चल रही है। मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में चल रही बैठक में 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन्मतिथि पर शुरू होने वाले महीने भर के सेवा संकल्प अभियान को लेकर मंत्रियों से विचार-विमर्श कर रहे हैं। 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्‍य में अभ‍ियान विदित हो कि मुख्यमंत्री पद से लेकर संसदीय जीवन में प्रधानमंत्री पद पर नरेन्द्र मोदी के लगातार काम करते हुए 17 सितंबर को 25 वर्ष पूर हो रहे हैं। इसे लेकर सरकार ने अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के सभी 13 प्रमुख घटकों की विभागवार तैयारियां पर चर्चा की। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की संध्या को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम से होगी, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक घर तथा हर जिले के कम-से-कम 10 प्रमुख व प्रतीकात्मक सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन कराया जाएगा। इसके लिए जीविका, नगर निकायों और जन वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों तक दीया पहुंचाया जाएगा। वहीं, 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में 'सेवा चित्र' के अंतर्गत 'विकसित भारत संकल्प' विषय पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक भी आयोजन किया जाएगा। जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 'सेवा स्मरण' के तहत पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं पर आधारित 18-20 नाट्य टोलियां गठित की जाएंगी। स्‍कूल-कॉलेजों से लेकर पंचायत तक में नुक्‍कड़ नाटक स्कूलों, कालेजों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगी। दो अक्टूबर को विशेष मंचन करेंगी। इसके साथ ही 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय आयोजन होगा। इसमें आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, लाभार्थी माताओं से संवाद और बच्चों की मनोरंजक गतिविधियों के साथ-साथ पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को उजागर करने के लिए 'कहानी बदलाव की' घटक के अंतर्गत वास्तविक रील्स व लघु वीडियो का संकलन कर जिला और राज्य स्तरीय डिजिटल डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, 'सेवा ज्योति यात्रा' के माध्यम से राज्य व जिलों में पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें 'मेरा युवा भारत' के स्वयंसेवक भाग लेंगे और समापन पर 'विकसित भारत 2047' का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को मिलेगा नया बाजार

लखनऊ  योगी सरकार के निर्देश पर स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को नया बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन मॉल का उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित और विपणन करने के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है, जिससे कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के ओडीओपी और जीआई-टैग उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परंपरागत उद्योगों को मिलेगी संजीवनी ग्रामीण क्षेत्रों में दम तोड़ रहे परंपरागत उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए सरकार की ओर से बढ़ाया गया यह कदम न सिर्फ शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत कर रहा है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को “स्वदेशी की नई ताकत” के रूप में स्थापित भी कर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पीएम यूनिटी मॉल राज्यों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री, प्रदर्शन और ब्रांडिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है। आगरा में 128 करोड़ से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर करीब 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम एवं रिटेनिंग बाल की आरसीसी का कार्य 100% तक पूर्ण हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 135 दुकानें होगी। यह मॉल नवंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। वाराणसी में काशी की विरासत को मिलेगा नया मंच वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 154.71 करोड़ रुपये की लागत से 1.46 एकड़ क्षेत्र में यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। डी-वाल और छत की स्लैब की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए विशेष स्थान मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 111 दुकानें होगी। यह मॉल दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। लखनऊ में अवध शिल्पग्राम में बनेगा मॉल लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। अभी यहां दुकानों में फिनिशिंग एवं एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य प्रगति पर है। यहां चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 139 दुकानें होगी। इस मॉल के आगामी अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है। कारीगरों और स्थानीय उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के 75 जिलों के उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ न कोई वंश परंपरा थी और न ही उन्हें कोई विरासत वंशानुगत रूप से मिली थी। उनके पास तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उनकी साधना और तप का लाभ पूरे देश को योग्य नेतृत्व के रूप में मिल रहा है। सात अक्तूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में शासन प्रमुख के तौर पर नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस यात्रा के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएंगे।   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन प्रदेशभर में ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन हर ग्राम पंचायत, नगर निकाय और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके जरिये प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेगी। अस्पतालों में फल वितरण के साथ रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी सेवा कार्यक्रमों में भाग लेंगे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की बड़नगर से काशी तक की यात्रा को भी अभियान से जोड़ा गया है। बड़नगर से काशी के लिए 10 और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकाली जाएंगी। बड़नगर का जल लेकर यात्राएं काशी आएंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का पवित्र जल लेकर यात्राएं बड़नगर जाएंगी। सभी यात्राएं 17 सितंबर को शुरू होंगी और सात अक्तूबर को अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। यात्रा मार्ग पर हर दिन चार स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे।   वंचित पात्रों तक योजनाएं पहुंचाएगा ‘सेवा सेतु’ अभियान के तहत सरकारी योजनाओं से अब तक वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 29-30 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच प्रत्येक विकासखंड और जिला मुख्यालय के नगर निकाय में छह से सात दिन तक शिविर लगाने की योजना है। इनमें स्वास्थ्य योजनाओं के साथ पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा।   योगी ने कहा कि पंजीकरण के बाद दो-तीन दिन के भीतर सत्यापन कर संबंधित कार्ड अथवा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 826 विकासखंड और 762 नगर निकाय हैं। जरूरत पड़ी तो अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। प्रयास यह रहेगा कि पात्र व्यक्ति केवल आवेदन देकर वापस न जाए, बल्कि शिविर के दौरान ही उसे संबंधित योजना से जोड़ दिया जाए। जनप्रतिनिधि भी इन शिविरों में मौजूद रहेंगे।   बच्चों और युवाओं के बीच होंगी तीन प्रतियोगिताएं सेवा संकल्प अभियान में बच्चों और युवाओं की भागीदारी के लिए तीन स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और नौवीं से 12वीं तक के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता होगी। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।   इन प्रतियोगिताओं की थीम ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश’ होगी। गांव, विकासखंड और जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। सात अक्तूबर को प्रदेश स्तर पर होने वाले आयोजन में चयनित बच्चों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे।   मलिन बस्ती से देवालय तक ‘सेवा मेरा योगदान’ मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर के बीच ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम भी चलेगा। मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम लोग इनमें भाग लेंगे।   अभियान के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, गोसेवा और युवाओं की करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर लोग इन कार्यक्रमों में अपना सेवा योगदान देंगे।   स्टार्टअप और तकनीकी छात्रों के लिए इनोवेशन चैलेंज आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप को जोड़कर ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप कार्यरत थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। अटल टिंकरिंग लैब, इनक्यूबेटर सेंटर के साथ ड्रोन, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े विद्यार्थियों और युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।   प्रदेश में ‘राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं भी होंगी। अलग-अलग स्थानों पर रंगोली के माध्यम से देश की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत और नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों के साथ ‘सुशासन सेवा संवाद’ का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।   राजीव गांधी के बयान का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली से भेजे गए सौ रुपये में केवल 15 रुपये गरीब तक पहुंचने की बात कही गई थी। योगी ने कहा कि यह उस समय की व्यवस्था की लाचारी और बेचारगी को प्रदर्शित करता था। जनधन खातों और डीबीटी के बाद अब दिल्ली से सौ रुपये भेजे जाते हैं तो पूरे सौ रुपये लाभार्थी के खाते में पहुंचते हैं।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और वाटरवे के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें नए भारत की पहचान बनी हैं। एम्स की संख्या बढ़ने के साथ आईआईटी, आईआईएम और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों का भी विस्तार हुआ है।   ‘2014 के बाद गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला भारत’ योगी ने देश की विरासत के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के वहां आयोजित … Read more