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बिहान की सोलर दीदियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम

बिहान की सोलर दीदियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम सोलर वेंडर के रूप मे कराया पंजीयन, छतो पर लगा रही सोलर पैनल ​“सोलर दीदी हर घर रोशनी, हर हाथ को रोजगार” के सेवा संकल्प के साथ आर्थिक सशक्तिकरण की ओर  रायपुर,  छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में ग्रामीण स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के तहत सोलर दीदी के रूप में अपनी एक मजबूत पहचान बना रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अब सोलर दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं। ​“​“सोलर दीदी हर घर रोशनी, हर हाथ रोजगार” के संकल्प के साथ यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेगा।े सेवा संकल्प को आदर्श मानकर यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेगा।        बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम दसरमा में हितग्राही तारनी घृतलहरे के घर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है।​ यह पूरी कार्ययोजना कलेक्टर  कुलदीप शर्मा एवं जिला पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं के लाभ तक सीमित न रखकर, उन्हें सौर ऊर्जा आधारित तकनीकी कार्यों में रोजगार व उद्यमिता से जोड़ना है। ​संकुल संगठन ने स्वयं कराया वेंडर पंजीयन         इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बिहान के तहत गठित संकुल स्तरीय संगठन  ने स्वयं को आधिकारिक सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया है। वेंडर पंजीयन के बाद अब बिहान की प्रशिक्षित सोलर दीदियां सीधे ग्राउंड लेवल पर जाकर हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल लगाने का कार्य संभाल रही हैं। ​पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक सशक्तिकरण         सोलर दीदियों द्वारा किए जा रहे इस कार्य से ग्रामीण महिलाओं में तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल का विकास हो रहा है। इससे एक ओर जहां स्वच्छ ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को बिजली बिल में राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से की सौजन्य भेंट, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार तथा युवा कार्य खेल मंत्री मांडविया से की सौजन्य भेंट मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों पर हुई सार्थक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। इस अवसरपर मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास तथा प्रदेश में रोजगार के नए अवसरों के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही प्रदेश के युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सहयोग से रोजगार एवं कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया के बीच युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों के विस्तार, कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा केंद्र और राज्य के समन्वय से रोजगारपरक गतिविधियों को गति देने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।  

मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल निवेश को मिलेगी रफ्तार, CM डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से की भेंट मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार और निवेश संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट की। इस दौरान मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार, निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए उपलब्ध संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को और अधिक गति प्रदान करने तथा इस क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव,मध्यप्रदेश सरकार के आवासीय आयुक्त रश्मि अरुण शमी तथा  केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय’, गोमती पुस्तक महोत्सव में बोले योगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जरूर पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह कहना अन्याय होगा कि युवा किताब नहीं पढ़ता, जरूरत किताबों को उन तक पहुंचाने की थी। ज्ञान को संकुचित दायरे में सीमित करने के दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र, दोनों को भुगतने पड़ते हैं। 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया था। यूपी के नौजवान के सामने पहचान का संकट था और नागरिक अपनी पहचान बताने से बचते थे। सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। डिजिटल युग ने शहर और गांव की दूरी को कम किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह पुस्तक पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए और कभी जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में। जब मुश्किल समय में व्यक्ति की हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसका संबल और मार्गदर्शक बन सकती है। सीएम के हाथों पुस्तक पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया या सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा, पूरी तरह सही नहीं। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा। जरूरत पुस्तकों को उसके पास पहुंचाने की व्यवस्था करने की है। जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब मैंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की। इसे प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू हुआ। इसका जब अच्छा परिणाम मिला तो मैंने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। वहां लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई कि आज का युवा पुस्तक नहीं पढ़ता। पहले संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह ही समाज और राष्ट्र भी तब बीमार होता है, जब उसकी क्षमता समाप्त होने लगती है और वह अपनी विरासत से दूरी बनाने लगता है। पहले भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया, जिसके परिणाम सहने पड़े। उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। इसी प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ में करीब 5 हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है। पुस्तक मेला ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का मंच सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, छात्रों, लेखकों और प्रकाशकों को मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा विभिन्न ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को देख सकते हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगले 9 दिनों तक चलने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा। आत्मकथाओं के माध्यम से महापुरुषों के जीवन संघर्ष को जाना जा सकता है। वैज्ञानिकों के शोध और उनकी यात्राओं को पुस्तकों के माध्यम से समझा जा सकता है। यह रचनात्मकता को आगे बढ़ाने और जीवन में नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है। ज्ञान को सीमित मत करें, सभी रास्ते खुले रखें मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने के लिए द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेना ही व्यक्ति को पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है। भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। लखनऊ साहित्य की पुरानी भूमि है और यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से देश-समाज को दिशा दी है डिजिटल युग ने घटाई गांव-शहर की दूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी कम करने का काम किया है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की और उसमें केवल प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। पहले सरकारों ने युवाओं और ग्रामीणों को प्लेटफार्म नहीं दिया, इसके बावजूद प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सुविधा मिलने पर वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकारें जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था मुख्यमंत्री ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले इन स्कूलों की स्थिति ऐसी थी कि उनके भवन और व्यवस्थाएं जर्जर नजर आती थीं। जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था। प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की तस्वीर बदली गई। भवनों का निर्माण हुआ और स्मार्ट क्लास की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। चित्रकूट का उदाहरण देते हुए सीएम ने बताया कि जब मैं वहां गया तो स्थिति … Read more

बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर, प्लॉट लेने से पहले ऑनलाइन चेक करें ये 5 बातें

पटना बिहार में अगर आप जमीन या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़ी सी जल्दबाजी आपकी गाढ़ी कमाई डुबा सकती है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Bihar Bhumi) ने आम जनता को जमीन विवादों और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे आप जमीन की जांच कर सकते हैं। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यदि आपने खरीदारी से पहले इन 5 जरूरी ऑनलाइन जांचों को पूरा नहीं किया, तो आप जमीन नहीं, बल्कि जमीन विवाद खरीदने जा रहे हैं। जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन जरूर जांचें ये 5 बातें 1. ऑनलाइन जमाबंदी: सबसे पहले यह जांच लें कि जमीन विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन (Online Land Record) दर्ज है या नहीं। इसके लिए बिहारभूमि पोर्टल पर जाएं और 'जमाबंदी देखें' विकल्प पर क्लिक करें। 2. सरकारी या गैर मजरुआ जमीन की पहचान: यह सुनिश्चित करें कि खतियान में जमीन सरकारी या गैर मजरुआ तो दर्ज नहीं है। इसकी जांच भू-अभिलेख पोर्टल bhuabhilekh.bihar.gov.in के जरिए की जा सकती है। 3. खाता, खेसरा और रकबा का मिलान: ऑनलाइन जमाबंदी में उस खाता, खेसरा (प्लॉट संख्या) और पर्याप्त रकबा (एरिया) का सही-सही विवरण दर्ज है या नहीं, इसे ध्यान से मिला लें। 4. विक्रेता का नाम: यह देखना बेहद जरूरी है कि ऑनलाइन जमाबंदी खुद विक्रेता के नाम पर ही है या किसी पुराने पूर्वज के नाम पर। 5. अन्य हिस्सेदारों की लिखित सहमति: यदि जमाबंदी विक्रेता के अकेले नाम पर नहीं है, तो क्या उसके पास अन्य सभी वैध हिस्सेदारों की बिक्री से संबंधित लिखित सहमति मौजूद है? दाखिल-खारिज के लिए क्या है जांच जरूरी? विभाग ने स्पष्ट किया है कि जमीन पर पूर्ण मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए दाखिल-खारिज बेहद जरूरी है। इसके लिए विक्रेता का सही हक होना अनिवार्य है, जो केवल खतियान और ऑनलाइन जमाबंदी से ही प्रमाणित होता है। जमीन हमेशा उसी व्यक्ति से खरीदें, जिसके नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज हो। जमीन खरीदने से पहले biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर यह पक्का कर लें कि जमाबंदी ऑनलाइन (Bihar Land Record Online) दिख रही है या नहीं। पोर्टल पर यह जरूर चेक करें कि जो जमीन आप खरीद रहे हैं, उसका खाता नंबर, खेसरा (प्लॉट नंबर) और जमीन का कुल क्षेत्रफल (रकबा) ऑनलाइन सही-सही दर्ज है। अगर आपको जमीन संबंधी कोई शिकायत दर्ज करानी है या सुझाव देना है, तो बिहारभूमि पोर्टल के 'जन शिकायत पोर्टल' सेक्शन पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

शादी के बाद दूल्हे को कार से उतारा, दुल्हन जेवर-नकदी समेत फरार; 2 महिलाओं सहित 7 गिरफ्तार

 लखनऊ यूपी के आजमगढ़ में एक दुल्हन ने ससुराल पहुंचने से पहले ही दूल्हे को तगड़ा झटका दे दिया। दरअसल, शादी के बाद जब दुल्हन के साथ आए लोगों ने रास्ते में दूल्हे को कार से उतार दिया और जेवर,नकदी और शादी में मिले अन्य सामान के साथ फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही शुक्रवार को लुटेरी दुल्हन गैंग के दो महिलाओं समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस के अनुसार लुटेरी दुल्हन गैंग के शातिरों ने हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव के रहने वाले राजकुमार को शादी कराने के नाम पर अपने जाल में फंसाया। व्हाट्सऐप पर लड़की का फोटो भेजा था। लड़की पसंद आने पर शादी तय हो गई। बुधवार को दोनों पक्षों के लोग जिले के बरदह के बंधवा महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर में लड़की और राजकुमार की शादी हुईं। लड़का पक्ष ने दुल्हन को सोने जेवर और 80 हजार रुपये नकद, कपड़े आदि दिए थे। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को लेकर घर जाने के लिए रवाना हो गया। बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, परिजनों ने दूल्हे को गाड़ी से उतारकर दुल्हन सहित सभी सामान लेकर फरार हो गए थे। दूल्हे के पिता रामबिलास की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर करा दिया। पुलिस ने शुक्रवार को कोदहरा चौराहे के पास से घटना में शामिल दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 19,650 रुपये नकदी, पायल, मंगलसूत्र, झुमका, साड़ी, कपड़ा, दो बाइक सहित अन्य सामान बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी जौनपुर के गिरफ्तार आरोपियों में सभी जौनपुर के रहने वाले हैं। इनमें बजरंगी बिन्द निवासी मलहज थाना शाहगंज, राजन विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर थाना सराय ख्वाजा, बहादुर निवासी जमालपुर,जौनपुर, रामबिलास निवासी मलहज थाना शाहगंज, जय किशन उर्फ अजीत लाइन बाजार, माधुरी पत्नी रिंकू निवासी जासोपुर थाना सराय ख्वाजा और करीना पत्नी शिवकुमार निवासी समोधीपुर थाना गौरा बादशाहपुर शामिल हैं। बुलेट और एक लाख के लिए विवाहिता को घर से निकाला उधर, भदोही दहेज में बुलेट एवं एक लाख रुपये की मांग पूरी ना होने पर विवाहिता को ससुराल के लोगों ने प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उसे मायके लाकर छोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर औराई थाने की पुलिस ने मिर्जापुर निवासी छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। औराई थाना क्षेत्र के गौरीडीह गांव निवासी शिवचंद गौड़ की बेटी रिया ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। कहा कि रवि शंकर गौड़ के साथ उनकी शादी 12 मई को हुई थी। पिता ने सोने की चेन, 50 हजार रुपया नकद, बाइक, अंगूठी दूल्हे को दिया था। ससुराल जाने के बाद आरोपितों ने एक लाख रुपये नकद और बुलेट की मांग करने लगे। फिर दो जुलाई को मायके लाकर छोड़ दिया।

लंपी वायरस को लेकर हरियाणा में अलर्ट, सीमावर्ती इलाके सील; पशुओं की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक

हिसार. दो वर्ष पहले पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला लंपी वायरस एक बार फिर हरियाणा की चौखट तक पहुंच गया है। सात राज्यों में संक्रमण मिलने और भिवानी, नारनौल तथा कुरुक्षेत्र में मामले सामने आने के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। सरकार ने पशुओं के अनावश्यक आवागमन पर रोक लगाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि अभी हिसार में संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन बीमारी को राज्य में फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं। गोशालाएं पहली प्राथमिकता, सीमाओं पर भी निगरानी जिलों को जारी एडवाइजरी में गोशालाओं में गोवंश के प्रवेश व निकास पर नियंत्रण रखने, नए पशुओं को कम से कम 15 दिन अलग रखने तथा संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है ताकि संक्रमित पशुओं के माध्यम से बीमारी न फैल सके। बीमारी से पहले रोकथाम पर पूरा जोर विभाग ने मच्छर, मक्खी और अन्य वाहक कीटों की रोकथाम के लिए नियमित फागिंग, शेड और नालियों की सफाई तथा किसी भी पशु में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक अथवा विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है, ताकि समय रहते उपचार और निगरानी शुरू की जा सके। लंपी के लक्षण पहचानिए – तेज बुखार शरीर पर गांठें उभरना आंख और नाक से स्राव दूध उत्पादन में कमी सुस्ती और भूख कम लगना बचाव के पांच आसान उपाय – नया पशु तुरंत झुंड में न मिलाएं शेड व आसपास सफाई रखें मच्छर-मक्खी नियंत्रण के उपाय करें बीमार पशु को अलग रखें टीकाकरण छूट गया हो तो पशु चिकित्सालय में संपर्क करें

साउथ रिज फेज-2 में 400 हेक्टेयर जमीन, एलजी की मंजूरी का इंतजार

नई दिल्ली  दिल्ली के रिज को संरक्षित करने की कवायद अब तेज हो गई है। साउथ रिज फेज-2 (A) के तहत 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन को रिज क्षेत्र में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर लिया गया है। लॉ और रेवेन्यू विभाग से जांच पूरी होने के बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी एनजीटी में जमा कराई है। दो हिस्सों में बांटा गया साउथ रिज फेज-2 साउथ रिज फेज-2 को दो हिस्सों में बांटकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फेज-2 (A) में 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लॉ और रेवेन्यू विभाग ड्राफ्ट की जांच पूरी कर चुके हैं और अब एलजी की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, फेज-2 (पार्ट बी) में शामिल बाकी क्षेत्रों का दोबारा ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इनमें आबादी क्षेत्र, अतिक्रमण, गांव की आबादी, अनधिकृत कॉलोनियां, जेजे क्लस्टर और धार्मिक संरचनाएं शामिल हैं। राजस्व विभाग के साथ मिलकर इनकी वास्तविक और कानूनी स्थिति की दोबारा जांच की जा रही है। 4 साल में 35.5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) ने 2026-27 से 2029-30 तक के ईको-रिस्टोरेशन प्लान को मंजूरी दी है। इसके तहत 6,303.55 हेक्टेयर क्षेत्र में 35.5 लाख पेड़ और करीब 65 लाख झाड़ियां, बेल और बांस लगाने का लक्ष्य है। 2026-27 में करीब 1,490 हेक्टेयर में 28.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है। सेंट्रल, साउथ रिज में 8 थीम आधारित वन भी विकसित होंगे।

नशा तस्करी के खिलाफ चंडीगढ़ में बड़ा एक्शन, 58 हॉटस्पॉट पर होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में अब ड्रग तस्करों की खैर नहीं। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई दोनों को और सख्त किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशा तस्करों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में नशे की रोकथाम को लेकर हुई बैठक में प्रशासक ने शहर में नशे की सप्लाई और बिक्री रोकने को पहली प्राथमिकता बनाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अफसरों की ओर से बताया गया कि शहर में नशे की बिक्री या इस्तेमाल की शिकायत वाले 58 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा पहले नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे आरोपितों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई चिह्नित नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है और कई न्यायिक हिरासत में हैं। सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस प्रशासक ने पुलिस को नशे की सप्लाई करने वालों, पेडलरों और नशा बेचने या इस्तेमाल होने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ साइबर विशेषज्ञ, कानूनी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई। बीट सिस्टम मजबूत होगा, लापरवाही पर कार्रवाई कटारिया ने थानों के बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और अचानक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोरों की भी होगी निगरानी नशे की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, जिनमें नशे की लत लगाने वाले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा सकती हैं। जनता बनेगी पुलिस की ‘आंख और कान’ बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने के लिए गोपनीय और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सकें। इसका उद्देश्य जनता को पुलिस की ‘आंख और कान’ के रूप में जोड़ना है। नशामुक्ति के लिए परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास तथा परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।

ग्वालियर की सड़कों पर आवारा गोवंश बना खतरा, चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग

ग्वालियर ग्वालियर शहर की यातायात व्यवस्था यूँ तो पहले ही से अतिक्रमण एवं टमटमों के बेतरतीब परिचालन से अस्त व्यस्त रहती है और ऊपर से किसी भी चौराहे पर अथवा बीच रास्ते मे आराम से बैठे अथवा लड़ते हुऐ आवारा जानवर कब किसी राहगीर को अपने सीगों से घायल कर दें यह कहा नहीं जा सकता नगर निगम प्रशासन का एक बहुत बड़ा अमला मात्र औपचारिकता करके कभी कभार गोवंश को पकडकर लाल टिपारा भेजकर अपनी इतिश्री कर लेता है और आम जनता को बीच चौराहे पर जानवरों के सींग खाने को छोड़ जाता है जबकि पूर्व में सभी शासनों द्वारा सरकारी मंदिरों से लगी तमाम भूमि को गऊचर के लिये दी जाती रही है आचार्य विनोवा भावे जी के भूदान आंदोलन के दौरान भी शासन ने इस अंचल में सेकड़ों बीघा जमीन गऊचर के लिये दी थी किन्तु अतिक्रमण करताओं द्वारा उक्त भूमियों पर कब्जा कर लेने से बेचारी गऊ माताओं को चारा मिल नहीं पाता और चारे के अभाव में गोमाता गाँव छोड़कर शहरों की और आ जाती हैं और कुछ लालची व्यक्ति जब गो माता दूध देना बंद कर देती हैं तो ऐसे गोवंशो को शहर मे छोड़ जाते हैं और वे बिचारि इधर उधर बदहवास सी दौड़ती फिरती हैं कुछ शहरी व्यक्ति भी अपने पापों से मुक्ति पाने के लिये बीच बाजारों में गोवंशो को चारा डालकर यातायात को अवरुद्र करने में अपना योगदान दे देते हैं l ऐसा कहाँ जाता है कि द्वापर काल में भगवान श्रीकृष्णजी का गोवंश चराने का क्षेत्र गोहद तक रहा था किन्तु अब ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान मे यह क्षेत्र ग्वालियर नगर निगम सीमा तक बढ़ गया है क्योंकि जहां देखो वही जानवर बीच चौराहे पर झुण्ड के झुण्ड खड़े होकर अथवा चौराहे पर बैठकर आम नागरिकों के लिये खतरा बन जाते है और कभी कभी माता बहनों एवं विशेषकर बुजुर्ग व्यक्ति इनकी चपेट में आ ही जाते हैं और दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं l मेरा जिलाधीश महोदय एवं नव नियुक्त आयुक्त महोदय से आग्रह है कि ग्वालियर में चरनोइ की जमीनों एवं गोदान आंदोलन के दौरान दान में दी गई भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाये जिससे पूजनीय गऊ माताओं को को चारा खाने एवं भोजन करने के लिये शहरों में आने का मौका ही ना मिले और शहर में आकर पाँलीथिन खाकर अकाल मौत का सामना भी नहीं करना पड़े एवं जिससे शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ने से बच सके और आम नागरिकों को भी जानवरों के बदहवास दौड़ने एवं आपस में लड़ने से अनावश्यक होने वाली दुर्घटनाओं से बचाया जा सके l