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नशा तस्करी के खिलाफ चंडीगढ़ में बड़ा एक्शन, 58 हॉटस्पॉट पर होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में अब ड्रग तस्करों की खैर नहीं। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई दोनों को और सख्त किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशा तस्करों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में नशे की रोकथाम को लेकर हुई बैठक में प्रशासक ने शहर में नशे की सप्लाई और बिक्री रोकने को पहली प्राथमिकता बनाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अफसरों की ओर से बताया गया कि शहर में नशे की बिक्री या इस्तेमाल की शिकायत वाले 58 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा पहले नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे आरोपितों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई चिह्नित नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है और कई न्यायिक हिरासत में हैं। सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस प्रशासक ने पुलिस को नशे की सप्लाई करने वालों, पेडलरों और नशा बेचने या इस्तेमाल होने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ साइबर विशेषज्ञ, कानूनी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई। बीट सिस्टम मजबूत होगा, लापरवाही पर कार्रवाई कटारिया ने थानों के बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और अचानक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोरों की भी होगी निगरानी नशे की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, जिनमें नशे की लत लगाने वाले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा सकती हैं। जनता बनेगी पुलिस की ‘आंख और कान’ बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने के लिए गोपनीय और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सकें। इसका उद्देश्य जनता को पुलिस की ‘आंख और कान’ के रूप में जोड़ना है। नशामुक्ति के लिए परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास तथा परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।

ग्वालियर की सड़कों पर आवारा गोवंश बना खतरा, चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग

ग्वालियर ग्वालियर शहर की यातायात व्यवस्था यूँ तो पहले ही से अतिक्रमण एवं टमटमों के बेतरतीब परिचालन से अस्त व्यस्त रहती है और ऊपर से किसी भी चौराहे पर अथवा बीच रास्ते मे आराम से बैठे अथवा लड़ते हुऐ आवारा जानवर कब किसी राहगीर को अपने सीगों से घायल कर दें यह कहा नहीं जा सकता नगर निगम प्रशासन का एक बहुत बड़ा अमला मात्र औपचारिकता करके कभी कभार गोवंश को पकडकर लाल टिपारा भेजकर अपनी इतिश्री कर लेता है और आम जनता को बीच चौराहे पर जानवरों के सींग खाने को छोड़ जाता है जबकि पूर्व में सभी शासनों द्वारा सरकारी मंदिरों से लगी तमाम भूमि को गऊचर के लिये दी जाती रही है आचार्य विनोवा भावे जी के भूदान आंदोलन के दौरान भी शासन ने इस अंचल में सेकड़ों बीघा जमीन गऊचर के लिये दी थी किन्तु अतिक्रमण करताओं द्वारा उक्त भूमियों पर कब्जा कर लेने से बेचारी गऊ माताओं को चारा मिल नहीं पाता और चारे के अभाव में गोमाता गाँव छोड़कर शहरों की और आ जाती हैं और कुछ लालची व्यक्ति जब गो माता दूध देना बंद कर देती हैं तो ऐसे गोवंशो को शहर मे छोड़ जाते हैं और वे बिचारि इधर उधर बदहवास सी दौड़ती फिरती हैं कुछ शहरी व्यक्ति भी अपने पापों से मुक्ति पाने के लिये बीच बाजारों में गोवंशो को चारा डालकर यातायात को अवरुद्र करने में अपना योगदान दे देते हैं l ऐसा कहाँ जाता है कि द्वापर काल में भगवान श्रीकृष्णजी का गोवंश चराने का क्षेत्र गोहद तक रहा था किन्तु अब ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान मे यह क्षेत्र ग्वालियर नगर निगम सीमा तक बढ़ गया है क्योंकि जहां देखो वही जानवर बीच चौराहे पर झुण्ड के झुण्ड खड़े होकर अथवा चौराहे पर बैठकर आम नागरिकों के लिये खतरा बन जाते है और कभी कभी माता बहनों एवं विशेषकर बुजुर्ग व्यक्ति इनकी चपेट में आ ही जाते हैं और दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं l मेरा जिलाधीश महोदय एवं नव नियुक्त आयुक्त महोदय से आग्रह है कि ग्वालियर में चरनोइ की जमीनों एवं गोदान आंदोलन के दौरान दान में दी गई भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाये जिससे पूजनीय गऊ माताओं को को चारा खाने एवं भोजन करने के लिये शहरों में आने का मौका ही ना मिले और शहर में आकर पाँलीथिन खाकर अकाल मौत का सामना भी नहीं करना पड़े एवं जिससे शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ने से बच सके और आम नागरिकों को भी जानवरों के बदहवास दौड़ने एवं आपस में लड़ने से अनावश्यक होने वाली दुर्घटनाओं से बचाया जा सके l  

रायपुर में DJ की तेज आवाज से जर्जर इमारत का हिस्सा गिरा, बाल-बाल बचे लोग

रायपुर. राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके में शुक्रवार देर रात तेज आवाज में डीजे बजाने से एक पुरानी और जर्जर इमारत का सामने का हिस्सा अचानक गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। इमारत गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। एहतियात के तौर पर पुलिस ने कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई अनहोनी नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक, यह जर्जर इमारत सहेली ज्वेलर्स के सामने स्थित है। इमारत के नीचे पान की दुकान संचालित होती है। बिल्डिंग का हिस्सा गिरने का आभास होते ही दुकानदार और वहां मौजूद लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए। दिन के समय इस इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। देर रात घटना होने से एक बड़ा हादसा टल गया। सीएम साय ने बैठक लेकर जर्जर भवनों को ढहाने के दिए थे निर्देश बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो दिन पहले ही जर्जर भवनों को लेकर सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बैठक ली थी। सीएम ने निर्देश दिया था कि जर्जर भवन ढहाए जाएं और कलेक्टर-एसपी अपने-अपने क्षेत्रों में भवनों की नियमित निगरानी करें। अधिकारी सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हो। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में लापरवाही हुई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संभावित खतरों की पहचान कर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। नगर निगम ने पहले ही जारी किया था नोटिस नगर निगम जोन-4 के कमिश्नर के मुताबिक, संबंधित मकान काफी जर्जर स्थिति में था और नगर निगम की ओर से भवन मालिक को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। शुक्रवार देर रात अचानक इमारत का एक हिस्सा गिर गया। घटना के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने का काम शुरू किया। आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। तेज आवाज में डीजे बजाने से पुलिस ने किया मना पुलिस ने आसपास के लोगों से भवन के पास तेज आवाज में डीजे या साउंड सिस्टम नहीं बजाने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, जर्जर हिस्से को हटाने और इलाके को सुरक्षित करने के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी या खतरा न हो, इसके लिए सावधानी बरती जा रही है। फिलहाल नगर निगम जोन अध्यक्ष और निगम की टीम मौके पर मौजूद है। क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने के साथ ही आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने की कार्रवाई जारी है।

लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त 13 सितंबर को होगी जारी, आगर मालवा से CM डॉ. यादव करेंगे अंतरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचेंगे 1,835 करोड़ रुपये अब तक 65,395 करोड़ से अधिक का अंतरण मुख्यमंत्री 225.95 करोड़ के 33 कार्यों का भूमि-पूजन, 28.14 करोड़ के 17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे आगर मालवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 13 सितंबर को आगर मालवा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की 40वीं किस्त का अंतरण करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 09 लाख 22 हजार 450 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता सीधे अंतरित की जाएगी। सितंबर की किस्त के साथ ही योजना के प्रारंभ से अब तक महिलाओं को नियमित मासिक सहायता के रूप में अंतरित राशि 65,395.99 करोड़ रुपये हो जाएगी। 1,000 रुपये से शुरू हुई सहायता अब 1,500 रुपये प्रतिमाह मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। अक्टूबर 2023 से इसमें 250 रुपये की वृद्धि कर सहायता राशि 1,250 रुपये प्रतिमाह की गई। नवंबर 2025 से एक बार फिर 250 रुपये की वृद्धि के बाद पात्र महिला हितग्राहियों को वर्तमान में 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना में ऐसी पात्र लाभार्थी महिलाओं को भी प्रावधान के अनुसार लाभ दिया जा रहा है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से प्रतिमाह 900 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत उन्हें अंतर की राशि उपलब्ध कराई जा रही है । जून 2023 से अगस्त 2026 तक लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 39 नियमित मासिक किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब सितंबर में 40वीं किस्त अंतरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी दी गई है। महिलाओं तक पहुंची 65 हजार करोड़ से अधिक की राशि लाड़ली बहना योजना के माध्यम से जून 2023 से अगस्त 2026 तक 63,560.90 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके अलावा आगर मालवा में 225 करोड़ रुपये से अधिक के कुल 33 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 28 करोड़ से अधिक के17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे।

CM डॉ. यादव 13 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ जनजातीय मानव अधिकारों के संरक्षण और योजनाओं की उन तक पहुंच पर होगा मंथन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 13 सितंबर को भोपाल स्थित आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह के मुख्य अतिथि और जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष (कार्यवाहक) डॉ. अवधेश प्रताप सिंह करेंगे। अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों पर होगा विचार-विमर्श कार्यक्रम में ‘अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों का संरक्षण एवं शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच’ विषय पर वक्ताओं के उद्बोधन होंगे, साथ ही प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में मिशन कर्मयोगी अंतर्गत साधना सप्ताह में अच्छे प्रदर्शन के लिए जनजातीय कार्य विभाग के उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। स्मारिका और डायरी का होगा विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और आयोजन के अतिथि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल द्वारा प्रकाशित विषय आधारित ‘स्मारिका’ एवं बहुउपयोगी डायरी का विमोचन करंगे। स्मारिका में विभिन्न लेखकों के विषय आधारित आलेखों के साथ जनजातीय वर्ग के मानव अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच से संबंधित जानकारी शामिल की गई है। जनजातीय प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी होंगे शामिल कार्यक्रम में म.प्र. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त तरुण राठी सहित मानव अधिकार आयोग एवं जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, विभागीय हितग्राही, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे।  

Haryana Namo City: KMP एक्सप्रेसवे किनारे 9,000 एकड़ में नया शहर, दिल्ली-NCR से होगी सीधी कनेक्टिविटी

चंडीगढ़  हरियाणा में गुरुग्राम जैसा नया शहर बसाने की तैयारी हो गई है. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) किनारे 9 हजार एकड़ में नमो सिटी बसाने का ऐलान हुआ है. दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की दो महीने पहले हुई बैठक में जिन चार राज्यों में ऐसे नमो शहर विकसित करने का फैसला हुआ था, उसमें एक यूपी, दिल्ली, राजस्थान के अलावा हरियाणा शामिल था. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे 5000 एकड़ से बढ़ाकर 9 हजार एकड़ करने का फैसला किया है.दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक घटाने के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे स्मार्ट नमो सिटी बसाया जाएगा.सरकार ने इन गांवों में जमीनों की मैपिंग और फिर उन्हें चिन्हित करने की तैयारी की है।  NCR प्लानिंग बोर्ड के तहत 4 नमो सिटी नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने क्षेत्रीय योजना 2041 (Regional Plan 2041) के तहत 4 राज्यों में नए नमो शहर बनाने के फैसले में सबसे पहले पहल की है.ये नया शहर पूरी तरह से ग्रीनफील्ड होगा, यानी पूरी टाउनशिप की नए सिरे से प्लानिंग की गई है. केएमपी एक्सप्रेसवे किनारे दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. इसमें व्यापारियों के लिए वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, कॉर्पोरेट ऑफिस और वॉक टू वर्क के साथ हाउसिंग सोसायटी होंगी।  KMP एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा शहर केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे जमीनों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं. किसानों से भूमि अधिग्रहण या लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत जमीनें लेने की तैयारी है.दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने के बाद हरियाणा के किसान भी अपनी जमीनों के लिए ऊंचे मुआवजे की मांग कर रहे हैं. हरियाणा के सीएम ने जून में दिल्ली के बड़े व्यापारिक संगठनों के साथ अहम बैठक की थी. उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार और खारी बावली जैसे भीड़भाड़ वाले थोक बाजारों के कारोबारियों को हरियाणा में आकर बसने का न्योता दिया था.हरियाणा सरकार उन्हें हाईवे कनेक्टिविटी के साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और रियायतें देने का ऑफर दिया।  नमो सिटी (KMP) के करीब एक्सप्रेसवे  1. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे  कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इस नमो सिटी की बैकबोन होगा.136 किमी लंबा यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे पूरे दिल्ली को पश्चिम छोर से घेरता है. यह यूपी, दिल्ली और हरियाणा के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी का जरिया बना है।  2. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. केएमपी एक्सप्रेसवे सोहना के पास खलीलपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है. नमो सिटी से मुंबई, जयपुर, वडोदरा और इंदौर तक आवाजाही आसान होगी।  3. डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे  डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे (DND-Faridabad-KMP Expressway) 59 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली के महारानी बाग (DND Flyway) को फरीदाबाद बाईपास से होते हुए केएमपी (खलीलपुर) से जोड़ता है. इससे नमो सिटी को दिल्ली से मुंबई तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।  4. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे  दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Amritsar-Katra Expressway) एक्सप्रेसवे केएमपी के उत्तरी छोर (निलौठी पॉइंट) से प्रारंभ होता है.पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक तेज आवाजाही देता है।   5. फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे  फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे भी केएमपी और डीएनडी एक्सप्रेसवे के जंक्शन सेक्टर 65 फरीदाबाद से एक 31 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीधे यूपी के जेवर में बने नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ा है. इससे नमो सिटी से जेवर एयरपोर्ट की दूरी महज 20-25 मिनट रह जाएगी।  एनसीआर का दिल बनेगी नमो सिटी नमो सिटी की हरियाणा ही नहीं, बल्कि NCR के सभी बड़े इंडस्ट्रियल और आबादी वाले शहरों से सीधी कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के जरिये गुरुग्राम और न्यू गुरुग्राम के आईटी हब और आबादी वाले इलाकों तक 15-20 मिनट में पहुंच सकते हैं।  मानेसर और सोहना मानेसर का विशाल ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट सीधे केएमपी कॉरिडोर पर है. सोहना का लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर नमो सिटी के नजदीक है. फरीदाबाद और बल्लभगढ़ भी डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी से जुड़ेंगे. केएमपी से इन शहरों की दूरी 2 घंटे की जगह 30 मिनट रह जाएगी।  दिल्ली, नोएडा से सीधी कनेक्टिविटी दिल्ली के ओखला, कालिंदी कुंज, सराय काले खां और नोएडा से केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी की कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के उत्तरी छोर में सोनीपत, कुंडली, बहादुरगढ़ भी आवाजाही आसान होगी. पलवल शहर और आगरा-मथुरा हाईवे (NH-19) तक सीधी पहुंच होगी। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर  केएमपी एक्सप्रेसवे के बराबर से 121 किमी लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के तहत इलेक्ट्रिक पैसेंजर और मालगाड़ी रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. यह पलवल से सोनीपत को कनेक्ट करेगी. नमो सिटी के पास मानेसर, सोहना, पंचगांव और बहादुरगढ़ होंगे.माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी। 

पीएम मोदी की 25 साल की यात्रा पर यूपी में बड़ा अभियान, हर बूथ पर जलाया जाएगा ‘आशीर्वाद का दीया’

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोहन के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा उत्तर प्रदेश में सेवा संकल्प के रूप में बड़ा अभियान चलाएगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक यह अभियान चलेगा। शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की जानकारी विस्तार से साझा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। सीएम योगी ने कहा कि पिछले 12 वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश और उसके पहले 13 वर्षों तक गुजरात को जैसा कुशल नेतृत्व प्रदान किया वह अतुलनीय है। पीएम मोदी के साथ कोई वंश परंपरा नहीं जुड़ी थी लेकिन एक साधना-तप और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उस साधना और तप का लाभ पूरे देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत का तेजी से उभार हुआ है। 500 सालों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। सीएम योगी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के कामों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश में विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनकल्याण से जुड़े कामों को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को हर बूथ पर प्रत्येक लाभार्थी परिवार आर्शीवाद का दीया जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं तक पहुंचना है। देश के अंतिम आदमी तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में 7 अक्टूबर को 25 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके उपलक्ष्य में उनके द्वारा किए गए योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पार्टी और सरकार मिलकर सेवा के इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रही है। इस दिशा में कई आयोजन किए गए हैं। 7 अक्टूबर 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में और प्रधानमंत्री के रूप में देश अंदर, कार्य करने के 25 साल पूरे होने का दिन है। सरकार और संगठन ने मिलकर तैयार की कार्ययोजना सीएम योगी ने कहा कि 25 साल की पीएम मोदी की यशस्वी यात्रा का अभिनंदन करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने और संगठन ने मिलकर एक कार्य योजना तैयार की है। वास्तव में जब 25 साल के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों का हम अवलोकन करते हैं तो यह एक समग्र विकास की योजना और विजन देशवासियों को प्रदान करता है। जिस भी क्षेत्र में उन्होंने, मुख्यमंत्री के रूप में देखें या प्रधानमंत्री के रूप में, कोई कदम बढ़ाया, योजना बनाई तो वह योजना केवल योजना तक ही सीमित नहीं रही। उसका सफल क्रियान्वयन हुआ और अंतिम पंक्ति तक उसकी पहुंच कैसे हुई ये भी पूरे देश और दुनिया ने देखा। सीएम योगी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्य को भीषण सूखे का सामना करना पड़ता था, जहां पेय जल का संकट था, सिंचाई की बात तो बहुत दूर थी कनेक्टिविटी की समस्याएं थीं , ढेर सारी समस्याएं थीं। उस गुजरात में सरदार सरोवर की लंबित परियोजना को पूरा करके, उन्होंने गुजरात को न केवल वेलफेयर प्रदेश के रूप में बल्कि देश के अंदर एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। सीएम योगी ने कहा कि आज भारत गरीब या कमजोर देश नहीं है। यह दुनिया में पिछलग्गु नहीं है बल्कि दुनिया के अंदर वैश्विक ताकत के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष प्रेस कॉफ्रेन्स में मौजूद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 'सेवा संकल्प' अभियान पर कहा कि संवैधानिक प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल 7 अक्टूबर को पूरे होंगे। इस उपलक्ष्य में 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। जन सेवा ही प्रभु सेवा का मूल भाव है, इसी भाव के साथ ये अभियान चलाया जा रहा है।

रांची में अक्टूबर के त्योहारों पर ट्रैफिक पुलिस अलर्ट, जाम-अतिक्रमण और गलत पार्किंग पर चलेगा अभियान

 रांची गणेश पूजा, करमा पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के साथ अक्टूबर में होने वाले क्रिकेट मैच को देखते हुए रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक यातायात की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान सभी यातायात थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को भीड़ और जाम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में आगामी त्योहारों और क्रिकेट मैच के दौरान संभावित यातायात दबाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक यातायात ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ब्लैक शीशा से लेकर नशे में ड्राइविंग तक पर होगी कार्रवाई यातायात पुलिस ब्लैक शीशा, फैन्सी नंबर प्लेट, मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न, रेस ड्राइविंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगी। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आटो और टोटो चालकों के यूनिफार्म में नहीं रहने तथा नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। नंबर प्लेट पर टेप लगाने वालों पर विशेष नजर वाहनों की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर नंबर छिपाने या नंबर प्लेट पर गलत तरीके से नंबर लिखने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यातायात पोस्ट के आसपास की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि कई स्थानों पर लेफ्ट फ्री रहने के बावजूद वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनती है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से आटो और टोटो खड़े करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यातायात थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर ऐसी स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए निगम के साथ समन्वय सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान, ठेला या अन्य सामान लगाने से यातायात प्रभावित होने वाले स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस रांची नगर निगम की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाएगी। बारिश के कारण जिन स्थानों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है, वहां यातायात थाना प्रभारी भ्रमणशील रहेंगे। जरूरत के अनुसार क्यूआरटी और अभियान टीम को भी लगाया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति बनने पर तत्काल यातायात सामान्य कराया जा सके। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विशेष निगरानी स्कूलों के शुरू होने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में विशेष रूप से भ्रमणशील रहेगी। इस दौरान स्कूलों के आसपास यातायात सुचारु रखने के साथ चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक यातायात प्रथम और द्वितीय, सभी यातायात थाना प्रभारी एवं यातायात शाखा के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक यातायात ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

दिल्ली PG बिल्डिंग हादसे में बड़ा अपडेट, आरोपी शुभम त्यागी गिरफ्तार; पुलिस करेगी पूछताछ

नई दिल्ली  सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के मामले में फरार चल रहे PG ऑपरेटर शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे हादसे की वजह और PG के संचालन से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए रिमांड मांगी। दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी अदालत ने त्यागी को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। हादसे के बाद से त्यागी फरार था। पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही थी। उसकी अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी थी। इसके एक दिन बाद उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी से करेगी ये पूछताछ अब पुलिस त्यागी से PG के रोजमर्रा के संचालन को लेकर पूछताछ करेगी। वहां कितने लोग रहते थे? उनकी जानकारी कैसे दर्ज की जाती थी? प्रॉपर्टी का लीज एग्रीमेंट क्या था? इमारत में मरम्मत या निर्माण का काम किसके कहने पर चल रहा था? इन सभी पहलुओं की जांच होगी। पुलिस ने त्यागी का मोबाइल फरेंसिक जांच के लिए भेजा है। क मंजिल किराए पर लेकर चलाया था PG इससे हादसे के आसपास की उसकी बातचीत और संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। सह-आरोपी सुधांशु लोवनीश के मोबाइल का भी डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है। लोवनीश पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, त्यागी और लोवनीश ने प्रॉपर्टी मालिक हरिराम गुप्ता से एक मंजिल किराए पर लेकर PG चलाया था। बिल्डिंग की जांच कर रही पुलिस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें हरिराम बंसल (81), उनकी पत्नी उर्मिला बंसल (75), उनके बेटे महेश बंसल, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार और दोनों PG ऑपरेटर शामिल है। जांच में इमारत में चल रहे मरम्मत के काम पर भी फोकस है। हादसे के समय बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक लाने के लिए उसमें भराव किया जा रहा था। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या किसी स्ट्रक्चरल बदलाव या सुरक्षा नियमों की अनदेखी से इमारत कमजोर हुई। कॉन्ट्रैक्टर ने मालिकों को दी थी चेतावनी पुलिस के मुताबिक, इमारत में एक दुकान की दीवार गिराए जाने के बाद कॉन्ट्रैक्टर ने मालिक और PG ऑपरेटरों को स्ट्रक्चरल सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी। हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया। दिल्ली पुलिस ने शहर के दूसरे PG की भी जांच शुरू की है।

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण तकनीकी अड़चनों के बीच फँसा आधार हुआ अपडेट, 75 वर्षीय वासुदेव गुप्ता को मिली राहत, खुले शासकीय योजनाओं के द्वार रायपुर,  पहचान का एक छोटा-सा दस्तावेज किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय श्री वासुदेव गुप्ता का प्रकरण है। पहचान पत्र न बन पाने के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा था। किन्तु  यह बदलाव तब संभव हुआ जब प्रशासन की संवेदनशील सोच ने सेवा संकल्प का प्राथमिकता में रखकर कार्य किया। चार वर्षों की लंबी भागदौड़ और संघर्ष        आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक की पहचानए वित्तीय लेन.देन और सरकारी योजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। बीते चार वर्षों के दौरान श्री वासुदेव गुप्ता ने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र के चक्कर काटे और कई बार नामांकन भी करवाया। हालांकि, जब भी वे पावती से स्थिति की जांच करवाते, तो हर बार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इस समस्या के समाधान और पहचान संख्या प्राप्त करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक की दौड़ लगाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लगातार आ रही इन बाधाओं के चलते उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूटने लगी थीं। प्रशासन की संवेदनशील पहल और त्वरित समाधान       इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों की ऐसी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला टीम तथा संबंधित तकनीकी कार्यालयों (ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ) ने तकनीकी अड़चनों की गहराई से पड़ताल की। आपसी समन्वय से समाधान का मार्ग निकालते हुए अंततः श्री गुप्ता का दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया। खुले शासकीय और जनकल्याणकारी योजनाओं के द्वार        दस्तावेज के तैयार होते ही वृद्ध कृषक के लिए शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के रास्ते खुल गए हैं। इसके अपडेट होने से अब श्री वासुदेव गुप्ता एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सुगमता से धान विक्रय करने और अन्य कृषि-हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवायसी, बैंकिंग सेवाओं तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल प्राप्त होगा। प्रशासन की दूरदर्शी सोच          जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल एक अकेले प्रकरण के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करना है जहाँ पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी भी पात्र हितग्राही के अधिकारों के आड़े न आएं। इस दिशा में नामांकन व अपडेशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के तहत पूरा करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस संवेदनशील दृष्टिकोण से दूरस्थ अंचलों और वृद्धजनों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, जो कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।