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छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने लाना हमारा उद्देश्य: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे। बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि  पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

ASDDF फॉर्मूला के तहत वोटर एब्सेंट, शिफ्ट, डेथ, डुप्लीकेट या फॉरेन नेशनल मतदाताओं की सूची अपडेट की जाएगी

नई दिल्ली  चुनाव आयोग ने दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बुधवार को कहा कि 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर तय नियमों के अनुसार यहां SIR की प्रक्रिया शुरू करेंगे। एक महीने के अंदर इसे पूरा किया जाएगा। इसके लिए आयोग ने ASDDF फॉर्मूला तैयार किया है। बीएलओ मौके पर जाकर देखेंगे कि क्या कोई वोटर एब्सेंट है, कहीं और शिफ्ट हो गया है, डेथ हो गई या डुप्लीकेट मतदाता है या फॉरेन नेशनल है। ऐसे कारण अगर आस-पड़ोस से पूछताछ और लिस्ट की चेकिंग के बाद मिलते हैं तो वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया जाएगा। अशोक कुमार ने बताया कि BLO जब लोगों के घर आएंगे, तो वे दो कॉपियों वाला एक एन्यूमरेशन फॉर्म देंगे। इसकी एक कॉपी भरकर वापस बीएलओ को देनी होगी। अगर आपका घर बंद मिलता है या आप बीएलओ से नहीं मिल पाते हैं, तो वे आपके घर में फॉर्म छोड़कर चले जाएंगे। नियम के मुताबिक, बीएलओ को एक घर में कम से कम तीन बार चक्कर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। तब ASDDF के तहत उनका नाम काटा जाएगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प भी खुला रखा गया है। वेबसाइट पर मौजूद है पुराना रिकॉर्ड जनता को अपने पुराने रिकॉर्ड ढूंढने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए वेबसाइट voters.eci.gov.in पर साल 2002 की वोटर लिस्ट अपलोड कर दी गई है। जो लोग 2002 से दिल्ली में स्थायी रूप से रह रहे हैं, वे वहां अपना ब्योरा देख सकते हैं। फॉर्म पर BLO का नाम और नंबर अशोक कुमार ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म पर संबंधित बूथ के बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज होगा। फॉर्म भरने में समस्या आने पर या 2002 की लिस्ट नाम न मिलने पर बीएलओ से जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए दिल्ली में 13,033 बीएलओ की ड्यूटी लगाई जाएगी। क्या है ASDDF? वोटर एब्सेंट (A) है, कहीं और शिफ्ट (S) हो गया है, डेथ (D) हो गई है या डुप्लीकेट (D) मतदाता है या फॉरेन नेशनल (F) है। अशोक कुमार ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म पर संबंधित बूथ के बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज होगा। जिन्हें फॉर्म भरने में समस्या आ रही है या 2002 की सूची में उनका नाम नहीं मिल रहा है, तो सीधे बीएलओ को फोन करके जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए राजधानी में 13,033 बीएलओ को जमीन पर उतारा जा रहा है। सरकारी अमले के साथ-साथ इस काम में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए 6 प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए 29,758 बूथ लेवल एजेंट भी फील्ड में सक्रिय रहेंगे दिल्ली से बाहर से आने वाले कैसे खोजें अपना नाम अगर 2002 के बाद दिल्ली में आकर बस गए हैं, तो आपका नाम जिस राज्य से आप आए हैं, वहां की 2002 से 2005 की SIR सूची में दिखेगा। इसके लिए आपको ईसीआई की वेबसाइट voters.eci.gov.in में जाना होगा। यहां 'सर्च योर नेम लास्ट एसआई' पर क्लिक करें। फिर 'सर्च बाय इलेक्टर डिटेल्स' में अपनी जानकारी भरकर डिटेल्स प्राप्त करें। दिल्ली के लोग ऐसे खोजें अपना नाम www.ceo.delhi.gov.in पर जाएं। जहां आपको सर्च बार में EPIC नंबर इलेक्टर डिटेल और पोलिंग स्टेशन के विकल्प दिखाई देंगे। इनसे आप 2002 की मतदाता सूची की डिटेल्स निकाल सकते हैं। यदि 2002 का EPIC नंबर मालूम है तो अपना नंबर और कैप्चा एंटर करें। अगर इलेक्टर डिटेल से सर्च करना चाहते हैं तो इसके ऑप्शन में जाकर AC नंबर भरें।  

टिटहरी के 4 अंडों ने जगाई अच्छी बारिश की उम्मीद

भोपाल  दक्षिण पन्ना वनमंडल की रैपुरा रेंज अंतर्गत भरतला बीट में एक झिरिया के पास हाल ही में टिटहरी (रेड-वॉटल्ड लैपविंग) के 4 अंडे पाए गए हैं। सामान्यतः टिटहरी 2 या 3 अंडे देती है, जबकि 4 अंडों का समूह अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है। स्थानीय ग्रामीणों के बीच लंबे समय से यह रोचक मान्यता प्रचलित है कि यदि टिटहरी के घोंसले में 2 से अधिक अंडे हों, तो अच्छी और लंबे समय तक वर्षा होने की संभावना रहती है। झिरिया क्षेत्र में 4 अंडों का पाया जाना स्थानीय लोगों और वन अमले के बीच अच्छी बारिश की उम्मीदों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। यद्यपि इस विश्वास का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, फिर भी सदियों से संचित लोकज्ञान और प्रकृति अवलोकन की समृद्ध परंपरा पर ग्रामीण अंचलों में आज भी भरोसा किया जाता है। खुले पथरीले और कंकरीले भूभाग पर बिना पारंपरिक घोंसले के दिए गए ये अंडे प्रकृति की अद्भुत अनुकूलन क्षमता को दर्शाते हैं। अंडों का रंग और बनावट आसपास की मिट्टी एवं पत्थरों में इस प्रकार घुल-मिल जाते हैं कि उन्हें पहचान पाना कठिन हो जाता है, जिससे उन्हें प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है। वन अधिकारियों के अनुसार, ऐसे पारंपरिक दावों का व्यवस्थित अभिलेखन और दीर्घकालीन अध्ययन भविष्य में रोचक निष्कर्ष दे सकता है। दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में झिरियों के संरक्षण और पुनर्जीवन कार्यों से इन क्षेत्रों में पक्षियों एवं अन्य जीवों की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है। टिटहरी जैसे संवेदनशील पक्षियों की उपस्थिति यह संकेत देती है कि प्राकृतिक आवास और जलस्रोत पुनः जीवंत हो रहे हैं।  

ताजमहल से लेकर बटेश्वर तक सभी स्मारक, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं की होगी संख्या अंकन

आगरा  जन-जन की गणना का कार्य गति पकड़ रहा है। प्रगणक प्रत्येक मकान की जियो टैगिंग करते हुए नंबर आवंटित कर रहे हैं। इसमें ताजमहल, आगरा किला सहित सभी स्मारक, कमिश्नरी, कलक्ट्रेट भी शामिल हैं। जनगणना ताजमहल को एक नंबर, आगरा किला को 150 और बटेश्वर को 170 नंबर में अंकित किया गया है। जनगणना ठीक तरीके से करने के लिए जिले को 23 जोन में बांटा गया है। जनगणना के लिए 11 हजार प्रगणक लगाए गए हैं। जिले में 16 साल के बाद 22 मई से जनगणना शुरू हुई है जो 20 जून तक चलेगी। प्रत्येक प्रगणक को 180 से 200 मकानों का सर्वे करना होगा। सबसे पहले प्रत्येक मकान की जियो टैगिंग की जाएगी। जिला जनगणना अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि विश्वदाय स्मारक ताजमहल को एक नंबर, आगरा किला को 150, सिकंदरा स्मारक को 47, फतेहपुर सीकरी स्मार को 40, बटेश्वर को 170 नंबर में चिन्हित किया गया है। सभी स्मारकों, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों, स्कूल-कालेजों की जियो टैगिंग होगी। फील्ड में उतरेंगे सुपरवाइजर, लापरवाही पर मुकदमा नगर निगम को चार जोन में बांट जनगणना हो रही है। जनगणना कार्य को गति देने और प्रत्येक वार्ड में प्रगति को लेकर बुधवार को अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार ने बैठक की। बैठक में अपर नगरायुक्त ने कहा कि सभी सुपरवाइजर प्रतिदिन फील्ड में जाकर प्रगणकों से गणना कार्य कराएं और कार्य की नियमित मानीटरिंग करें। जिन प्रगणकों और सुपरवाइजरों द्वारा कार्य में रुचि नहीं दिखाई जा रही है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कई स्थानों पर प्रगणकों द्वारा अभी तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की गई है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे प्रगणकों और सुपरवाइजरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बैठक में उपनगर आयुक्त डा. सरिता सिंह, सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम मौजूद रहे। सही और सटीक दें जानकारी जनगणना प्रमुख मनीष बंसल ने कहा कि प्रगणकों द्वारा मकानों का सूचीकरण किया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति से 33 प्रश्नों के उत्तर पूछे जाएंगे। लोगों को प्रश्नों के उत्तर सही और सटीक देने होंगे। प्रश्नों के उत्तर गलत न दें और न ही टालमटोल करें।  

जल संरक्षण अभियान को जनभागीदारी से मिला नया आयाम

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सभी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल बचा कर भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत कबीरदास एवं संत रहीम के दोहों का उल्लेख करते हुए जल की महत्ता को सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को जीवन, संवेदना और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संरक्षण, तालाबों और कुंडों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन जल संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और जल गंगा संवर्धन अभियान से पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसहभागिता से ही जल संरक्षण के प्रयास सफल होंगे और आने वाले समय में प्रदेश जल समृद्धि की दिशा में नई पहचान बनाएगा। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, गौरव रणदिवे, श्रवण सिंह चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, डीआईजी मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

51 लाख किसानों को 45 हजार करोड़ से अधिक का सीधा लाभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में खाद्य तथा रसद विभाग ने किसानों और गरीब परिवारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच का काम किया है। रबी विपणन वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश में गेहूं खरीद अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया गया। इस दौरान कुल 51,70,117 किसानों को लाभ मिला। योगी सरकार की ओर से किसानों को 45,935.46 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। प्रदेश में गेहूं खरीद को सुचारु बनाने के लिए 5,837 गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए गए, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत मिल रही है।  योगी सरकार की प्राथमिकता रही कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ समय पर मिले और उन्हें बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े। यही वजह रही कि खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। विभिन्न फसलों की खरीद से लाखों किसानों को मिला सीधा फायदा खाद्य तथा रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान खरीद के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक धान खरीद से 80,39,539 किसानों को लाभ पहुंचाया गया। किसानों को इसके बदले 1,03,694.71 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।इसी प्रकार खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 के अंतर्गत ज्वार खरीद से 26,972 किसान लाभान्वित हुए हैं, जिन्हें 363.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं बाजरा खरीद से 1,48,718 किसानों को फायदा पहुंचा और उन्हें 1,854 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। किसानों के विश्वास को योगी सरकार ने किया मजबूत   इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि योगी सरकार केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं रही, बल्कि अन्य फसलों की खरीद को भी बढ़ावा दिया गया। खाद्य तथा रसद विभाग की सक्रिय कार्यप्रणाली ने प्रदेश में किसानों के विश्वास को मजबूत किया है। समय पर भुगतान, खरीद केंद्रों का विस्तार और पारदर्शी व्यवस्था ने यह साबित किया है कि योगी सरकार किसानों और गरीबों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

दूषित पानी और बाहर का खाना बना बीमारी की वजह, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें

 भिवानी  लगातार बढ़ रही गर्मी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। तेज तापमान और दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। वीरवार को पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी बंद होने के बावजूद के अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। रोजाना 50 से 60 मरीज उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं को लेकर ओपीडी पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी की छुट्टियों में बच्चे बाहर खेल रहे हैं और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ खाने से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि दूषित पानी और बाहर का तला-भुना खाना पेट संबंधी बीमारियों की बड़ी वजह बन रहा है। अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीजों को दवा के साथ खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। दूषित पानी भी बढ़ा रहा समस्या अस्पताल में आने वाले मरीजों से बातचीत के दौरान सामने आया कि कालोनियों में सप्लाई हो रहा दूषित पानी भी एक मुख्य समस्या है। असल में शहर की अंदरूनी कॉलोनियों में सबसे अधिक दूषित पानी सप्लाई की समस्या बनी हुई है। सबसे अधिक बिचला बाजार, हालु बाजार, दिनोद गेट, नया बाजार, बर्तन बाजार, बाग कोठी, सराय चौपटा, हालुवास गेट, हनुमान गेट आदि क्षेत्र में समस्या बनी हुई है। डाक्टरों की सलाह, हल्का भोजन करें, धूप से बचें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से गर्मी में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। डाक्टरों का कहना है कि साफ और शुद्ध पानी पीएं, खुले में बिकने वाले कटे फल और फास्ट फूड से दूरी बनाएं। मसालेदार और ज्यादा तैलीय भोजन से परहेज करें तथा हल्का और सुपाच्य भोजन लें। बच्चों को तेज धूप में बाहर न भेजें और जरूरत पड़ने पर सिर ढककर ही बाहर निकलें। साथ ही शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनने और नियमित हाथ धोने की सलाह भी दी गई है। विशेषज्ञों ने छह माह तक के बच्चों को मां का दूध पिलाने पर भी जोर दिया है। गर्मी में इन बातों का रखें खास ध्यान     बच्चों को धूप में खेलने से बचाएं     घर से निकलते समय सिर ढकें और पानी साथ रखें     साफ-सफाई और हाथ धोने की आदत अपनाएं     खुले खाद्य पदार्थ और फास्ट फूड से दूरी रखें     हल्का और ताजा भोजन करें     पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीएं  

29 मई को लुधियाना कोर्ट में कामकाज ठप, बार एसोसिएशन ने किया बहिष्कार का ऐलान

लुधियाना. जिला बार एसोसिएशन लुधियाना ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ASJ) जसपिंदर सिंह हायर के रिटायरमेंट के अवसर पर 29 मई 2026 को “नो वर्क डे” घोषित किया है। यह निर्णय बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में प्रधान एडवोकेट विपिन सग्गर की अध्यक्षता में लिया गया। जारी नोटिस के अनुसार, जसपिंदर सिंह हायर 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सम्मान में जिला बार एसोसिएशन द्वारा 29 मई, शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे बार रूम में विशेष विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। बार एसोसिएशन ने सभी सदस्यों से सामूहिक निर्णय का पालन करने और समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। इसके साथ ही न्यायिक अधिकारियों, रेवेन्यू कोर्ट, कंज्यूमर कोर्ट, लोक अदालत, जुवेनाइल कोर्ट और लेबर कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि उक्त दिन वकीलों की अनुपस्थिति को देखते हुए किसी भी मामले में प्रतिकूल आदेश जारी न किए जाएं। बार एसोसिएशन के इस फैसले के चलते 29 मई को जिला अदालत परिसर में नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित रहने की संभावना है।

भूसा दान आदेश नहीं, लोक कल्याण का पुनीत अभियान

बरेली  निराश्रित गोवंशों के लिए भूसा दान को लेकर जारी किए गए पत्र पर बरेली की बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह किसी प्रकार का आदेश या दबाव नहीं, बल्कि लोकहित और जीव सेवा का स्वैच्छिक अभियान है। प्रदेश सरकार गो संरक्षण और निराश्रित गोवंश के पालन-पोषण को लेकर लगातार बड़े कदम उठा रही है। सनातन संस्कृति, लोक कल्याण और जनभागीदारी की भावना को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे इस अभियान को अब समाज का भी व्यापक समर्थन मिलने लगा है। बीएसए ने कहा कि इसी कड़ी में बीएसए कार्यालय की ओर से 22 मई 2026 को जारी पत्र में निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा दान की अपील की गई थी। यह कदम जीव-कल्याण के प्रति मानवीय संवेदना के तहत उठाया गया था, इसे किसी प्रकार के दबाव या आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए था। मीडिया में इसे भावना के विपरीत दृष्टिकोण से पेश किया गया। इस पत्र में अब आंशिक संशोधन करते हुए स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी तरह से स्वैच्छिक सहयोग है। इसमें किसी भी शिक्षक या अन्य स्टाफ पर किसी प्रकार की बाध्यता या दबाव नहीं है। डॉ. विनीता ने मीडिया से अपील की कि इसे आदेश के रूप में न देखा जाए, बल्कि यह समाज और संस्कृति के संरक्षण से जुड़ा एक पुण्य कार्य है। हमारा मानना है कि गो-संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रदेशभर में गोशालाओं के निर्माण, निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, चिकित्सा, चारा व आश्रय की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इसमें सरकार के साथ आमजन भी स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं। उद्देश्य यही है कि कोई भी गोवंश सड़क पर बेसहारा न घूमे और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके। बीएसए डॉ. विनीता ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) से कहा गया है कि इस अभियान में समाजसेवियों, युवाओं, जागरूक किसानों, ग्राम प्रधानों और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाए। जब प्रशासन व समाज मिलकर काम करते हैं तो लोक कल्याण के बड़े लक्ष्य आसानी से पूरे होते हैं। भारतीय संस्कृति में गोसेवा को सदियों से पुण्य और धर्म का कार्य माना गया है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव विकसित करने का प्रयास है। निराश्रित गोवंशों के लिए भूसा दान जैसी पहल केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मानवीय मूल्यों और सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत करती है। बीएसए ने कहा कि प्रदेशभर में गो संरक्षण अभियान के तहत गांवों और कस्बों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायतें और सामाजिक संगठन भी इस मिशन में भागीदारी निभा रहे हैं। प्रयास है कि जन-सहयोग से गोवंश के लिए बेहतर आश्रय, भोजन और देखभाल की स्थायी व्यवस्था विकसित हो सके। यह अभियान किसी दबाव का नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कृति और लोकहित का है, जिसमें समाज का हर वर्ग अपनी क्षमता के अनुसार भागीदारी निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विनायक दामोदर सावरकर को किया याद, देशभक्ति और त्याग को बताया प्रेरणा

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।