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सीएम योगी के निर्देश पर प्रभारी मंत्री करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात

आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी योगी सरकार, राहत कार्यों में तेजी सीएम योगी के निर्देश पर प्रभारी मंत्री करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात जिलाधिकारियों को तत्काल सहायता पहुंचाने के सख्त निर्देश लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री लखनऊ उत्तर प्रदेश में आंधी, आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार भी संवेदनशीलता दिखाई है। सीएम ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन स्तर से की जा रही मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध करानी शुरू कर दी है। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि जरूरतमंदों तक सहायता समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी डीएम को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को जो भी सहायता आवश्यक हो, उसे बिना देरी उपलब्ध कराया जाए। सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता बरती जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि जनता की सुरक्षा और सहायता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  इन जिलों में है नुकसान की सूचना प्रदेश के बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई, उन्नाव समेत 19 जिलों में जनहानि, पशुहानि और फसल नुकसान की जानकारी सामने आई है। खराब मौसम के कारण कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

PMJAY जांच में बड़ा खुलासा: एक ही डॉक्टर कई अस्पतालों में तैनात, सरकार ने भेजे नोटिस

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) से संबद्ध अस्पतालों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। जांच में सामने आया कि 28 डॉक्टर ऐसे थे, जिनके नाम 15 से ज्यादा अस्पतालों से जुड़े हुए थे। वहीं 274 चिकित्सक ऐसे भी मिले, जिनके नाम सात से अधिक अस्पतालों में दर्ज थे। इस तीन दिनी सत्यापन प्रक्रिया में ऐसे सभी संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें डॉक्टर पूर्व में किसी अस्पताल से जुड़े थे और वर्तमान में कहीं और हैं। मगर डाटा अपडेट न होने के कारण उनके नाम अभी भी पूर्व अस्पतालों में ही दर्ज हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही, अनियमितताओं और कर्तव्य पालन में कोताही के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए पांच डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वहीं, कई स्वास्थ्य अधिकारियों और डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, लंबे समय तक बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और चिकित्सा कार्य से दूर रहने के आरोप में पांच चिकित्सा अधिकारियों को सेवा से हटाया गया। बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में गोरखपुर जिला अस्पताल की डॉ. अलकनंदा, कुशीनगर सीएमओ कार्यालय में तैनात डॉ. रामजी भारद्वाज, बलरामपुर के डॉ. सौरभ सिंह, अमेठी के सीएचसी जगदीशपुर के डॉ. विकलेश कुमार शर्मा और औरैया के सीएचसी दिबियापुर की डॉ. मोनिका वर्मा शामिल थे। अंबेडकरनगर के डॉक्टरों पर भी गिरी गाज सरकार ने अंबेडकर नगर में निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण में कथित अनियमितताओं के मामले में सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा समेत 16 चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों पर सरकारी मानकों के उल्लंघन, पद के दुरुपयोग और निजी हितों के लिए फाइलों को मंजूरी देने के आरोप सही पाए गए। जांच एक अपर जिलाधिकारी समेत तीन सदस्यीय समिति ने की थी। इन डॉक्टरों की सैलरी वृद्धि पर रोक सरकार ने कुछ मामलों में वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की। हमीरपुर में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लालमणि की तीन वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकी गई। उन पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान मरीजों से वसूली और दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। इसके अलावा बलरामपुर के डॉ. संतोष सिंह की चार और झांसी की डॉ. निशा बुंदेला की दो वेतनवृद्धियां रोकी गई।

ईंधन बचत के लिए चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, अब ऑफिस की जगह घर से होगा काम

चंडीगढ़. राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए लागू किए गए सख्त कदमों के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन भी इसी तरह के उपायों पर विचार कर रहा है। इस संबंध में शुक्रवार को अहम निर्णय लिया जा सकता है। यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेंगे। सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की व्यवस्था लागू करने, सरकारी वाहनों के ईंधन उपयोग में कटौती करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदमों पर विचार कर रहा है। निजी कंपनियों को भी सीमित कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन और घर से काम को प्रोत्साहित करने की सलाह दी जा सकती है। प्रशासन शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। जबकि लोक भवन कार्यालय मैं काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बुधवार को वाहन ना लेकर आने की हिदायत जारी कर दी गई है। इस दिन कर्मचारी साइकिल पर या अपने परिवार के अन्य सदस्य के साथ राजभवन में आएंगे। इस तरह का प्रयास प्रशासन के अन्य सरकारी कार्यालय में भी लागू किया जा सकता है। बुधवार का दिन नो व्हीकल डे के तौर पर रखा जाएगा। प्रशासन सार्वजनिक परिवहन दिवस” जैसी पहल पर भी विचार कर सकता है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों को बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। एक अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को होने वाली बैठक के बाद इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

संसदीय समितियों का दौरा टला, विधान परिषद ने स्थगित किया भ्रमण कार्यक्रम

विधान परिषद की संसदीय समितियों के भ्रमण कार्यक्रम स्थगित जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों में करेंगे प्रतिभाग  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सरकारों ने ईंधन बचाने, काफिला कम करने आदि की पहल को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों को फ्लीट को 50 प्रतिशत कम करने का फैसला किया है। अब इसी क्रम में विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने परिषद की संसदीय समितियों के पूर्व निर्धारित भ्रमण के समस्त कार्यक्रमों को अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया है।  यह जानकारी विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि संसदीय समितियों की बैठकों में जिला स्तरीय अधिकारी अग्रिम आदेशों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग करेंगे।

काफिला छोटा करने के बाद CM का नया संदेश, पैदल पहुंचे सचिवालय

पटना  देश में पेट्रोलियम संकट और ईंधन बचत की बढ़ती जरूरत के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को एक बड़ा संदेश दिया।मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास से पैदल ही सचिवालय पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के रूप में मनाने का फैसला लेते हुए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया। तेज धूप के बावजूद उनके साथ सचिव व अन्‍य अधिकारी भी पैदल ही निकले। रास्‍ते में मुख्‍यमंत्री ने लोगों का अभ‍िवादन भी स्‍वीकार किया। मुख्यमंत्री के इस कदम को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।इससे पहले भी उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी थी और इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल शुरू किया था। पहले ही कर चुके हैं अपील मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही लोगों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है।अब मुख्यमंत्री खुद उसी अपील पर अमल करते नजर आए। उनके पैदल सचिवालय पहुंचने की चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में होती रही। मंत्रियों पर भी दिख रहा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण संबंधी अपील का असर अब बिहार सरकार में भी दिखाई देने लगा है। कई मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा दी है।कुछ मंत्री ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई जनप्रतिनिधि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। सरकार इसे जनभागीदारी के जरिए ऊर्जा संकट से निपटने की कोशिश के रूप में देख रही है।

शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का आज होगा शुभारंभ, राज्यमंत्री श्रीमती गौर करेंगी शुरुआत

राज्यमंत्री श्रीमती गौर आज करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल 20 जिलों के 4000 ओबीसी युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती के लिए मिलेगा 45 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार 15 मई 2026 को सुबह 11 बजे 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' का शुभारंभ करेंगी। अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित रहेंगे। भोपाल, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए ये योजना विभाग द्वारा शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश के 20 चयनित जिलों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य अर्ध सैनिक बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है। योजना में प्रदेश भर से चयनित 4000 प्रतिभागियों को जिला स्तर पर 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100-100 के बैच में पुरुष और महिला वर्ग के युवाओं को अलग-अलग केंद्रों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद वैज्ञानिक और सघन बनाया गया है। इसमें कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन 4 घंटे का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 3 घंटे का शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निशुल्क आवास और भोजन के साथ स्टाइपेंड, अध्ययन सामग्री भी मिलेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए एक 'ऐतिहासिक सौगात' है, जो न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि उनमें देश सेवा का जज्बा और अनुशासन भी पैदा करेगी।  

रायपुर के उत्तम साहू का कमाल, OSOA मंच पर चमकी छत्तीसगढ़ी टेराकोटा कला की विरासत

रायपुर. रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि युवा कलाकार उत्तम साहू का चयन राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहल “वन स्टेट वन आर्टिस्ट (OSOA)” के लिए किया गया, जहां उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध टेराकोटा कला का प्रतिनिधित्व किया. 1 से 9 मई 2026 तक नशाला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस विशेष पहल में देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 38 युवा लोक और पारंपरिक कलाकारों ने भाग लिया. इस पहल का उद्देश्य भारत की पारंपरिक और लोक कला विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था. उत्तम साहू ने रायपुर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली टेराकोटा कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला परंपरा को देशभर के कलाकारों और दर्शकों तक पहुंचाया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के साथ कोलेबोरेटिव आर्टवर्कस तैयार किए और कला कार्यशालाओं, सांस्कृतिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई.   लोक कला ढोकरा का प्रदर्शन  इस राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ से अन्य युवा कलाकारों का भी चयन हुआ, जिनमें सुरेंद्र सोनी ने प्रसिद्ध लोक कला ढोकरा का प्रतिनिधित्व किया. युवा आर्टिस्ट प्रकाश गर्ग द्वारा परिकल्पित OSOA का उद्देश्य भारत की लोक कला परंपराओं को युवाओं के माध्यम से नई पहचान देना और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर लाना है. पूर्ण रूप से प्रायोजित इस पहल ने युवा कलाकारों को अपनी लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने, अन्य राज्यों की कला शैलियों को समझने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया. उत्तम साहू का यह चयन और प्रतिनिधित्व रायपुर एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला परंपरा के लिए गर्व का विषय है. यह दर्शाता है कि राज्य के युवा कलाकार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं.

संघर्ष और समर्पण से रचा सफलता का नया अध्याय

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत संचालित म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में आयोजित “24वीं कुमार सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप 2026” के अंतर्गत आज 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन (वुमेन) स्पर्धा का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से आई महिला निशानेबाज़ों ने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, धैर्य एवं एकाग्रता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें अकादमी की युवा निशानेबाज़ों ने अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और सटीक निशानेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियाँ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रथा राठौड़ ने जीता स्वर्ण एवं रजत पदक 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन युथ महिला वर्ग में म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी कु. प्रथा राठौड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इसके साथ ही उन्होंने जूनियर वर्ग में रजत पदक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वहीं सीनियर वर्ग में भी प्रथा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने संतुलित एवं प्रभावशाली निशानेबाजी का परिचय देते हुए अपनी तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती साबित की। प्रार्थना सेन ने भी साधा पदक पर निशाना अकादमी की होनहार खिलाड़ी कु. प्रार्थना सेन ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए युथ वर्ग में रजत पदक अर्जित किया। इसके अतिरिक्त जूनियर वर्ग में उन्होंने पाँचवाँ स्थान प्राप्त कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता में उनके निरंतर प्रदर्शन और आत्मविश्वास ने दर्शकों एवं विशेषज्ञों को प्रभावित किया। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया उत्कृष्ट कौशल प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों, रेलवे, सेना एवं अन्य संस्थानों के खिलाड़ियों ने सहभागिता की। खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को रोमांचक बनाया। इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ खिलाड़ियों को बड़े मंचों के लिए तैयार करने के साथ युवाओं में शूटिंग खेल के प्रति रुचि एवं अनुशासन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी लगातार खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, वैज्ञानिक कोचिंग एवं उत्कृष्ट मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर रही है। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई समस्त पदक विजेता खिलाड़ियों को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी नई उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।  

आम आदमी पर फिर बढ़ा बोझ, MP में पेट्रोल-डीजल महंगा; भोपाल-इंदौर के ताजा भाव जारी

भोपाल  विश्व संकट और ईरान-अमेरिका के बीच युद्द के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई है। लेकिन, अब इसका असर  भारत में भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल, आज यानी 15 मई से देशभर में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल पर 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इंदोर और भोपाल में पेट्रोल व डीजल 3-3 रूपए मंहगा हुआ है। इसके चलते आमजनजीवन को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है। इंदौर और भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एमपी के भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। यहां 3-3 रूपए की कीमत से पेट्रोल और डीजल मंहगा हुआ है। इंदौर में पेट्रोल की कीमत ₹106.58 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.58 प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, डीजल की कीमत ₹91.97 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹94.97 प्रति लीटर की गई है। भोपाल में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.82 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डीजल की कीमत 91.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 94.98 रुपये हो गई है। क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा को माना जा रहा है। कच्चा तेल (Crude Oil) महंगा होने की वजह से घरेलू तेल कंपनियों ने इस बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है। 15 मई से लागू हुए इन दामों ने आम जनता के घर का बजट बिगाड़ दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम

पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए निभानी होगी सामूहिक जिम्मेदारी: सीएम योगी टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए: मुख्यमंत्री देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे: योगी आदित्यनाथ हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाने में सफल रहा विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं, सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था, पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच उसी सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यह वैश्विक संकट है, जिसका असर ईंधन, खाद्य व उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे समय हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों को अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे। मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ के होटल ताज में टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। संकट के समय देशहित सर्वोपरि मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन की बचत के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से अधिक गोवंश के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित करने की बात कही, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए। हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर अपना योगदान दे। उन्होंने अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए। देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे। बालिग होती पीढ़ी को सही जानकारी देना आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिग होती पीढ़ी को उत्तर प्रदेश के बारे में सही जानकारी देना आवश्यक है। 500 से 1500 वर्ष पूर्व तक भारत की विश्व अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44-45 प्रतिशत थी, कारण था जीवन के हर क्षेत्र में सामूहिकता, समन्वय और परस्पर सहयोग। भारत के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ भूमि और जल संसाधन थे। विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की परंपरागत खेती होती थी। खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और हस्तशिल्प का भी उत्कृष्ट तंत्र विकसित था। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जाल फैला हुआ था। भारतीय कारीगर और व्यापारी विश्व बाजार तक अपनी वस्तुओं को पहुंचाते थे। खेती, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन की व्यापक संभावनाओं के कारण भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बना। आक्रमणों के बावजूद भारत अस्तित्व बचाने में सफल मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज जो आर्थिक समृद्धि दिखाई दे रही है, उसकी जड़ें मात्र 400-500 वर्ष पुरानी हैं, जबकि भारत में यह समृद्धि इससे बहुत पहले विद्यमान थी। लेकिन जब हमने अपने संसाधनों, ज्ञान और नवाचार पर विश्वास करना छोड़ दिया, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को उपेक्षित किया तो हम पिछड़ते गए। उस समय तीर्थयात्रा पर्यटन का प्रमुख रूप थी। केदारनाथ में जलाभिषेक के लिए रामेश्वरम का जल और रामेश्वरम में अभिषेक के लिए गंगोत्री का जल ले जाने की परंपरा उत्तर और दक्षिण को जोड़ती थी। द्वादश ज्योतिर्लिंग और चार धाम पूरे देश को एक सूत्र में बांधते थे। जीवन इस तरह व्यवस्थित था कि कोई किसी पर बोझ न बने। यही कारण था कि भारत विश्व गुरु बना। हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाए रखने में सफल रहा, जो दुनिया में कम  ही देखने को मिलता है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बना दिया था प्रश्न प्रदेश मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश बना दिया गया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, त्योहारों के समय दंगे-फसाद होते थे, गुंडागर्दी और माफिया राज था। भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता चरम पर थी। बिजली, सड़क, सिंचाई और बाजार की कोई व्यवस्था नहीं थी। परंपरागत उद्यम बंद हो रहे थे। इसी निराशा और अराजकता के माहौल में 2017 में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को आशीर्वाद दिया। सरकार बनते ही हमने पहले एक महीने तक केवल मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ शाम छह बजे से रात बारह बजे तक बैठक की। हर विभाग का प्रेजेंटेशन लिया गया और कार्ययोजना तैयार की गई। खजाना खाली था, कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन हमने स्पष्ट नीति बनाई कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, कोई परिवारवाद नहीं। आज उत्तर प्रदेश में विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं है। सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है। सभी जगह एक समान बिजली पहुंच रही है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू है। भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस है। बीमारू से भारत की विकास यात्रा का इंजन बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे में यूपी का हिस्सा देश का 60 प्रतिशत है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे बन चुके हैं। भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर (नोएडा) बनकर तैयार है और 15 जून से उड़ानें शुरू हो रही हैं। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही है। राष्ट्रीय जल मार्ग सक्रिय हैं। फोर-लेन सड़कों और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का जाल बिछा है। कृषि वृद्धि दर 8 से बढ़कर 18 … Read more