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23 साल पुराने आदेश पर सवाल, हिंदू पक्ष ने पूछा—ना वजूखाना, ना मीनार, फिर मस्जिद कैसे?

धार  मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अदालत में मांग की गई कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई को भोजशाला परिसर के मूल धार्मिक स्वरूप को बहाल करने का निर्देश दिया जाए और वहां केवल हिंदुओं को पूजा की अनुमति दी जाए।  एएसआई के 2003 के आदेश को दी चुनौती हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष एएसआई के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को चुनौती दी। इस आदेश के तहत हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने और मुसलमानों को हर शुक्रवार नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है। वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत में कहा कि एएसआई का यह आदेश प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 का खुला उल्लंघन है। उन्होंने तर्क दिया कि कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि किसी संरक्षित स्मारक या तीर्थ स्थल का उपयोग उसके मूल स्वरूप के विपरीत उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। पूजा के अधिकार के उल्लंघन का आरोप हिंदू पक्ष की ओर से कहा गया कि एएसआई के आदेश के आधार पर लागू व्यवस्था हिंदुओं के पूजा के अधिकार का उल्लंघन करती है। साथ ही उन्होंने मुस्लिम पक्ष की उस आपत्ति को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि यह मामला जनहित याचिका नहीं बल्कि सिविल विवाद है और इसकी सुनवाई सिविल कोर्ट में होनी चाहिए। हिंदू पक्ष ने मुस्लिम पक्ष के तर्कों का खंडन करते हुए कहा कि उसके द्वारा दायर जनहित याचिका कोई दीवानी मुकदमा नहीं है। साथ ही हिंदू पक्ष ने यह भी पूछा कि जब उस इमारत में मीनार और वजूखाना दोनों नहीं है तो वह मस्जिद कैसे कहलाएगी। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने अदालत से गुहार लगाई की कि वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को 11वीं सदी के इस संरक्षित स्मारक का 'मूल धार्मिक स्वरूप' बहाल करने का निर्देश दे क्योंकि ASI की मौजूदा व्यवस्था से उसके बुनियादी अधिकारों का हनन हो रहा है। याचिकाकर्ताओं में शामिल संगठन 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के वकील विष्णु शंकर जैन ने विवादित स्मारक को लेकर ASI के सात अप्रैल 2003 के एक आदेश को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी और स्मारक में केवल हिंदुओं को उपासना का अधिकार दिए जाने की गुहार लगाई। दरअसल ASI के वर्तमान आदेश के अनुसार विवादित परिसर में हर मंगलवार को हिंदुओं और हर शुक्रवार को मुस्लिमों को उपासना की अनुमति दी गई है। जैन ने कहा कि ASI का यह आदेश प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन करता है। ASI के आदेश को बुनियाद अधिकार का उल्लंघन बताया विष्णुशंकर जैन ने कहा कि इस कानून के एक प्रावधान में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अगर केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित कोई स्मारक पूजास्थल या तीर्थस्थल है, तो उसका उपयोग उसके स्वरूप के विपरीत किसी भी उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। जैन ने कहा, 'ASI के साल 2003 में दिए गए आदेश के आधार पर जारी व्यवस्था से हमारे उपासना के अधिकारों के साथ ही बुनियादी अधिकारों का भी उल्लंघन हो रहा है।' सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पर विवादित स्मारक के 'मूल धार्मिक स्वरूप' के अनुरूप कार्य करने का वैधानिक दायित्व है। विष्णुशंकर जैन ने दिया मुस्लिम पक्ष के तमाम दलीलों का जवाब जैन ने मुस्लिम पक्ष की इस आपत्ति को खारिज किया कि भोजशाला विवाद को लेकर 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' की जनहित याचिका वस्तुतः एक दीवानी मुकदमा है और इसे उच्च न्यायालय की रिट कार्यवाही के बजाय किसी दीवानी अदालत में चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,'यह कोई दीवानी मुकदमा नहीं है और इसमें तथ्यों से संबंधित कोई विवादित प्रश्न नहीं हैं।' मुस्लिम पक्ष ने दिया उपासना स्थल अधिनियम का हवाला मुस्लिम पक्ष का कहना है कि धार का विवादित स्मारक देश की आजादी की तारीख यानी 15 अगस्त 1947 को मस्जिद के रूप में वजूद में था, लिहाजा उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 के प्रावधानों के तहत इसका धार्मिक स्वरूप बदला नहीं जा सकता। हालांकि जैन ने उनकी इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि भोजशाला पर यह कानून लागू नहीं होता क्योंकि वह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष के वकील ने पूछा- मीनार या वजूखाना नहीं तो मस्जिद कैसे उधर हिंदू पक्ष के एक अन्य याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी के वकील मनीष गुप्ता ने मुस्लिम पक्ष के दावों पर सवाल उठाए और कहा कि विवादित स्मारक में कोई मीनार या वजूखाना (नमाज से पहले हाथ-मुंह धोने का स्थान) नहीं है, ऐसे में इसे मस्जिद कैसे कहा जा सकता है? तिवारी ने इमारत के जैन मंदिर होने के दावे को भी नकारा साथ ही तिवारी ने भोजशाला के जैन मंदिर होने के दावे को भी गलत बताया और कहा कि यह स्मारक परमार राजवंश के राजा भोज द्वारा 1034 में स्थापित सरस्वती मंदिर है। मामले में अगली सुनवाई 11 मई को होगी। बता दें कि उच्च न्यायालय भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर दायर पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर छह अप्रैल से नियमित सुनवाई कर रहा है। धार की भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर एएसआई द्वारा संरक्षित है।   मुस्लिम पक्ष ने पूजा स्थल अधिनियम का दिया हवाला सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि धार स्थित यह विवादित स्मारक 15 अगस्त 1947 यानी स्वतंत्रता के समय एक मस्जिद के रूप में मौजूद था। इसलिए पूजा स्थल विशेष प्रावधान अधिनियम 1991 के तहत इसके धार्मिक स्वरूप को बदला नहीं जा सकता। इस पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने जवाब देते हुए कहा कि यह कानून भोजशाला परिसर पर लागू नहीं होता, क्योंकि यह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष ने कहा- भोजशाला मंदिर है, मस्जिद नहीं एक अन्य हिंदू याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी की ओर से पेश वकील मनीष … Read more

नशे की समस्या पर चिंता जताई, सांसद ने मरीजों के बेहतर इलाज और नशा केंद्रों पर दिया जोर

चंडीगढ़  दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में हर सेकंड कीमती होता है। कुछ मिनटों की देरी जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है। पंजाब में अब समय के साथ चल रही यह जंग लगातार जीती जा रही है, क्योंकि भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत तेज और कैशलेस एंजियोप्लास्टी सेवाएं मरीजों को जरूरत पड़ने पर समय पर यह आपातकालीन इलाज उपलब्ध करवा रही हैं। हार्ट अटैक केवल एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति ही नहीं होता, बल्कि यह परिवारों पर आर्थिक बोझ भी डालता है। पहले इलाज के लिए पैसों का प्रबंध करने, जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने और अस्पताल से मंजूरी लेने में परिवारों का कीमती समय बर्बाद हो जाता था। अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है। स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की जांच और आपातकालीन एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया, इलाज से पहले भुगतान में होने वाली देरी के बिना, तेजी से पूरी की जा रही है। यह बदलाव विशेष रूप से ‘गोल्डन ऑवर’ — अर्थात हार्ट अटैक के बाद के पहले 60 मिनट — के दौरान कीमती जानें बचाने में निर्णायक साबित हो रहा है। विश्व स्तर पर हृदय संबंधी बीमारियां मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बनी हुई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल लगभग 17.9 मिलियन लोगों की मौत हृदय रोगों के कारण होती है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की होती है, जहां इलाज में हुई देरी जानलेवा साबित होती है। पंजाब की स्वास्थ्य प्रणाली अब इस चुनौती से सक्रिय रूप से निपट रही है। राजभर के डॉक्टरों के अनुसार, दिल की बीमारियों के मामले अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आरामदायक जीवनशैली, तनाव, अस्वास्थ्यकर खानपान और डायबिटीज के बढ़ते मामले इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। हालांकि, इसके साथ-साथ हृदय संबंधी बीमारियों के आपातकालीन इलाज तक पहुंच भी पहले से बेहतर हुई है। नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई बैठक में तिवारी ने शहर में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खासकर रिहायशी कॉलोनियों और शहरी गांवों में युवाओं में नशे का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कई महिलाओं ने भी उनसे बच्चों में बढ़ते नशे को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-18 के नशा मुक्ति केंद्र समेत शहर के सभी डी-एडिक्शन सेंटर पूरी तरह सक्षम होने चाहिए, ताकि नशे की लत छोड़ना चाहने वाले लोगों को सही इलाज और मदद मिल सके। साथ ही इलाज का खर्च भी कम रखा जाए। फंड से अस्पतालों में स्थायी सुविधाएं बेहतर करे तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीजों को मुफ्त इलाज, जांच और इमरजेंसी सेवाएं मिल रही हैं। इससे लोगों खासकर गरीब और जरूरतमंद वर्ग को काफी राहत मिल रही है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का मकसद हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ता इलाज पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने रोगी कल्याण समिति के सदस्यों को निर्देश देते हुए कहा कि समिति के फंड का उपयोग मुख्य रूप से अस्पतालों में स्थायी सुविधाएं विकसित करने पर किया जाए। इसमें नए मेडिकल उपकरण खरीदना, अस्पतालों में अतिरिक्त बेड बढ़ाना, मरीजों के बैठने की बेहतर व्यवस्था करना, भवनों की मरम्मत, नई स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार करना और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना शामिल होना चाहिए। विकास कार्यों में इस्तेमाल हो फंड तिवारी ने कहा कि अस्पतालों के रोजमर्रा के खर्च जैसे बिजली-पानी के बिल, सामान्य रखरखाव, स्टाफ वेतन, अन्य प्रशासनिक खर्च चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार के नियमित बजट से पूरे किए जाने चाहिए, ताकि रोगी कल्याण समिति का फंड विकास कार्यों में इस्तेमाल हो सके। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के सुझाव बैठक में मौजूद समिति के अन्य सदस्यों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए। सदस्यों ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को कम खर्च में अच्छी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरी में डॉक्टरों, दवाइयों और मेडिकल जांच सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए। स्टेट हेल्थ एजेंसी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों के दौरान स्वास्थ्य योजना के तहत कुल 5,054 हृदय संबंधी सर्जरियां की गई हैं। इनमें 5,000 परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम भी शामिल हैं, जबकि 54 मामलों में पेरिफेरल एंजियोप्लास्टी की गई। इन इलाजों की कुल लागत लगभग 49.6 करोड़ रुपये रही, जिसमें पीटीसीए प्रक्रियाएं संख्या और कुल खर्च दोनों मामलों में सबसे अधिक रहीं। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “अब अधिक मरीज उन स्थितियों से भी बच रहे हैं, जिन्हें पहले लगभग जानलेवा माना जाता था। ऐसे नाजुक समय में स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के कारण इलाज की तेजी ही राज्य के लिए जीवनरक्षक बन रही है।” अस्पतालों के कार्डियोलॉजी विभाग को तेजी से नई जरूरतों के अनुरूप ढाला जा रहा है। आपातकालीन प्रोटोकॉल इस प्रकार सुव्यवस्थित बनाए जा रहे हैं कि हार्ट अटैक के संभावित मरीजों की तुरंत जांच हो सके और प्रशासनिक कार्रवाई में फंसे बिना उन्हें आवश्यक इलाज उपलब्ध कराया जा सके। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा, “स्वास्थ्य कार्ड लोगों को समय पर इलाज दिलाने में मदद कर रहा है। इलाज के खर्च को लेकर जो हिचकिचाहट पहले होती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है। पहले कई परिवार इलाज की लागत को लेकर असमंजस में रहते थे, जिसके कारण प्रक्रिया के लिए मंजूरी देने में देरी होती थी।” डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि कैशलेस सुविधा उपलब्ध होने से यह रुकावट लगभग समाप्त हो चुकी है। यह बदलाव जिलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पहले मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर किए जाने के कारण खतरनाक देरी का सामना करना पड़ता था। अब योजना के तहत अधिक अस्पतालों के सूचीबद्ध होने और बेहतर सुविधाओं से लैस होने के कारण कई केंद्र लंबी दूरी तक रेफर किए बिना ही एंजियोप्लास्टी शुरू करने में सक्षम हो गए हैं। 5 हजार हृदय संबंधी सर्जरियां हुईं पंजाब में स्टेट हेल्थ एजेंसी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों … Read more

‘सफाई साथी अभियान’ के तहत पतरातू डैम पर शुरू हुई अनोखी पहल की हो रही चर्चा

रांची रामगढ़ जिला अंतर्गत पतरातू डैम के पास एक नई पहल की शुरुआत हुई है। यहां बीआइटी मेसरा के छात्र छात्राओं ने यत्र तत्र फेंकी हुई पानी की बोतल से बेहद मजबूत डस्टबिन बनाए हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह बेहद सशक्त संदेश है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। बीआईटी मेसरा के छात्रों ने वेस्ट वाटर और प्लास्टिक बोतलों से डस्टबिन बनाए। बीआईटी मेसरा के डिपार्टमेंट आफ मैनेजमेंट की मानसी सिंह और उनकी टीम ने 'सफाई साथी अभियान' के तहत पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर जोर दिया है। इस तरह का प्रयोग पहली बार राज्य के किसी संस्थान के छात्र छात्राओं द्वारा किया गया है। वेस्ट वाटर बोतलों, प्लास्टिक बोतलों से बनाए गए डस्टबिन को पतरातू में लगाया गया है, जिसे बीआइटी मेसरा के डिपार्टमेंट आफ मैनेजमेंट के छात्रों द्वारा तैयार किया गया है। छात्रा मानसी कुमारी ने बताया कि कहीं भी आप जाएं तो आपके इर्द गिर्द बेकार पड़ी पानी की बोतलें फेंकी रहती हैं, जो हमारे पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है। हमारी टीम ने इन बोतलों को नया रूप देने की ठानी और पतरातु डैम से इसकी शुरुआत की गई है। वहां हमलोग गए और फेंकी हुई बोतल को जमा कर डस्टबिन का रूप देने में लगा गए। जब डस्टबिन तैयार हो गया तो देखने में बेहद आकर्षक लग रहा था। आसपास के लोग भी इस नए प्रयोग को देखने जुट गए। उन्होंने बताया कि बीआईटी मेसरा कैंपस में भी प्रतिदिन बोतलें जहां तहां फेंकी दिख जाती हैं। जिसका उपयोग हम रचनात्मक कार्यों में कर सकते हैं। इस नेक कार्य में संस्थान के यूथ टूरिज्म क्लब का भी भरपूर सहयोग मिला। क्लब की मीनाक्षी, हनाफ, गौतम, स्नेहल, तनिष्क, निधि, ईशा, साकेत, मुस्कान जैसे सहयोगियों ने मिलकर इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाया। अपने अनुभव साझा करते मानसी ने बताया कि जब मेसरा कैंपस में फेंकी हुई बोतल को चुनती थी तो वहां सहयोगी और कुछ लोग कहते थे कि एमबीए करने के बाद अब यही काम तुम्हें करना बाकी रह गया है, लेकिन हमने फेंकी हुई बोतल से डस्टबिन बनाने की ठान ली थी तो पीछे नहीं हटी। यही कारण है कि डस्टबिन इंस्टालेशन की शुरुआत पतरातु से की। हालांकि, मेसरा कैंपस में भी जल्द ही एक डस्टबिन इंस्टाल करूंगी। बताया कि आमतौर एक नीले और पीले रंग के डस्टबिन की कीमत 4500 रूपये होती है जबकि बेकार या फेंकी हुई प्लास्टिक बोतलों से यह डस्टबिन महज 1200 रूपये में तैयार की जा रहीं हैं। बोतल को जमा कर की पेंटिंग मानसी सिंह ने बताया कि सबसे पहले हमने फेंकी हुई बोतलों को जमा किया। अच्छी तरह से धोने के बाद बोतल की पेंटिंग की ताकि दिखने में आकर्षक लगे। कहा कि झारखंड में यह पहल पहली बार की जा रही है, जिसमें वेस्ट प्लास्टिक बोतलों से डस्टबिन बनाकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है। मानसी ने बताया कि हमने देखा की अक्सर ये बोतलें नालों में चली जाती हैं जो न सिर्फ पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है बल्कि बरसाती दिनों यही जमा बोतलें नाला जाम का कारण बनती हैं और नाले का गंदा पानी उफनकर बाहर निकलता है और गंदगी फैलती है। इस समस्या को देखते हुए मानसी सिंह और उनकी टीम ने 'सफाई साथी अभियान' की शुरुआत करने का निर्णय लिया। इस पहल के अंतर्गत इस्तेमाल हो चुकी प्लास्टिक बोतलों को पुनः उपयोग करके डस्टबिन बनाए जा रहे हैं, ताकि कचरे का सही प्रबंधन हो सके और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़े। उन्होंने कहा कि इस डस्टबिन को बनाने और पतरातु डैम जाकर इंस्टाल करने में प्रबंधन की अनुमति के लिए चार माह का समय लग गया जबकि आमजनों से जुड़ा यह नवाचार है।

बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन जांच के बाद ही मिलेगा परीक्षा केंद्र में प्रवेश

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रयोगशाला सहायक (Lab Assistant) एवं कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) के कुल 804 पदों पर भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए गए हैं. हाईटेक जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस बार अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने के लिए 'डबल लेयर' सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. अभ्यर्थियों की न केवल बायोमेट्रिक जांच की जाएगी, बल्कि फेस रिकग्निशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा. इन दोनों प्रक्रियाओं के मिलान के बाद ही परीक्षार्थी को अपनी सीट पर बैठने की अनुमति दी जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध परीक्षा  केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर, स्मार्ट घड़ी, बैग या किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना पूरी तरह मना है.  इसके अलावा किताबें या सादा कागज ले जाने पर भी पाबंदी रहेगी. बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षित परिवहन और वीडियोग्राफी परीक्षा सामग्री (क्वेश्चन पेपर और ओएमआर शीट) की सुरक्षा के लिए विशेष 'उप समन्वयक दल' तैनात किए गए हैं.  यह दल कोषागार (Treasury) से पेपर बॉक्स को सीधे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा समाप्ति के बाद सामग्री को सुरक्षित वापस जमा कराने की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके साथ ही, हर परीक्षा केंद्र की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वीडियोग्राफी भी अनिवार्य की गई है.  एक घंटे पहले बंद होंगे गेट प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है कि वे परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से कम से कम 1 से 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुंच जाएं. बोर्ड के नियमों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे.  इसके बाद किसी भी स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, 804 पदों के लिए हो रही परीक्षा राजस्थान प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ सहायक के कुल 804 पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी कर घोषणा की गई थी.  जारी अधिसूचना के अनुसार राजस्थान प्रयोगशाला सहायक आवेदन 2026 (Rajasthan Lab Assistant Application 2026) प्रक्रिया 27 जनवरी से 25 फरवरी तक चली थी.

देशभर में 14 मई को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल? सायरन सुनते ही बंद करनी होंगी लाइटें

पूर्णिया. एक बार फिर पूर्णिया समेत सीमांचल के चारों जिले के साथ राजधानी पटना में ब्लैक आउट होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में किसी भी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आगामी 14 मई को हवाई हमला एवं ब्लैकआउट संबंधी एक वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन, पूर्णिया की ओर से जारी सूचना में आम जनमानस से यह अपील किया गया है कि 14 मई को शहर में सायरन बजने, अचानक बिजली कटने या आपातकालीन वाहनों की आवाजाही देखकर बिल्कुल भी घबराएं नहीं। यह कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं है, बल्कि हमारी सुरक्षा और बचाव प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए किया जा रहा एक मॉक ड्रिल है। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन कर इस मॉक ड्रिल को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। राज्य के छह जिलों में हो रहा है आयोजन केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वर्ष में दो बार इस तरह के अर्द्धवार्षिक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाना है। राज्य के छह नागरिक सुरक्षा जिलों पटना, किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया तथा कटिहार में यह आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर नागरिक सुरक्षा निदेशालय को इस मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है, जिसकी तैयारियां राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन विभाग की निगरानी में की जा रही हैं। इस वृहद अभ्यास के दौरान आपातकाल के विभिन्न परिदृश्यों का सजीव चित्रण और प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया जाएग। बताया गया है कि सायरन बजते ही पूरे क्षेत्र की बत्तियां बंद कर अंधेरा रखना है। इसके लिए विद्युत विभाग के साथ विशेष समन्वय स्थापित किया गया है। इस मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय और उनके रिस्पांस टाइम का आकलन किया जाएगा। इसके लिए अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, रेड क्रॉस सोसाइटी एवं नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों की विशेष रूप से तैनाती की जायेगी।

पंजाब में ED रेड पर सियासत तेज: केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़. पंजाब में लगातार हो रही प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारियों को लेकर आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा- जैसे ही बंगाल चुनाव खत्म हुए, मोदी ने पंजाब में रोज ईडी की रेड करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ सालों में मोदी जी ने पंजाब के साथ बहुत धक्का किया है। पंजाबियों को तरह तरह से प्रताड़ित किया है। केजरीवाल ने आरोप लगाए कि पंजाब के पानी पर हमला किया, पंजाब यूनिवर्सिटी को लेने की कोशिश की, ग्रामीण विकास का पैसा रोक लिया और अब ईडी की ताबड़ तोड़ रेड शुरू कर दी। अशोक मित्तल के यहां रेड हुई, अगले दिन उनको बीजेपी में शामिल करवा लिया। रेड करवा मित्तल को पार्टी से तोड़ने के आरोप केजरीवाल ने कहा कि इसका मतलब ईडी की रेड का मकसद चोरी का पैसा ढूंढना नहीं था। केवल अशोक मित्तल को तोड़कर उन्हें बीजेपी में शामिल करवाना था। कुछ दिन पहले संजीव अरोड़ा के यहां भी रेड हुई। वो बीजेपी में शामिल नहीं हुए तो उनके यहां फिर से रेड करवा दी। पंजाब गुरुओं की धरती है। कई सौ साल पहले औरंगजेब ने जुर्म और अत्याचार के जरिए देश के कई भागों पर कब्जा कर लिया। प्रधानमंत्री ने भी बेईमानी से देश के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। उसके बाद औरंगजेब पंजाब पहुंचा। मोदी भी अब पंजाब पहुंचे हैं। पंजाबियों पर अत्याचार कर रहे मोदी केजरीवाल ने कहा कि औरंगजेब ने गुरुओं पर बहुत अत्याचार किए। प्रधानमंत्री भी पंजाबियों पर अत्याचार कर रहे हैं। पर गुरुओं ने कुर्बानी देकर औरंगजेब का सामना किया और लोगों को बचाया। आज गुरुओं की कुर्बानी से प्रेरणा लेकर पंजाब पीएम मोदी के अत्याचार का सामना करेगा और पूरे देश को उनके अत्याचार से बचाएगा। कुछ वर्ष पहले पीएम मोदी ने पंजाब के किसानों को ललकारा था और उन्हें किसानों के आगे झुकना पड़ा। आज मोदी जी ने पूरे पंजाब को ललकारा है।

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड, चेहरे पर मुस्कान

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड, चेहरे पर आई मुस्कान गांव के नजदीक मिला समाधान, महिलाओं ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। “गांव-गांव, द्वार-द्वार” पहुंच रही प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। शिविर में कुल 5 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की अनामिका टोप्पो, मयूरचुंदी की श्रीमती लीलावती गोंड तथा सेली खेस की गीता सिंह सहित अन्य हितग्राही शामिल हैं।  राशन कार्ड प्राप्त होने पर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। हितग्राहियों ने कहा कि सुशासन तिहार उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव के नजदीक पहुंचकर त्वरित समाधान उपलब्ध करा रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

10 मई से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, 11 मई से पंजाब में आएंगी तेज बारिश और आंधी

चंडीगढ़  पंजाब में 11 मई से मौसम के मिजाज फिर बदलेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक 10 मई से पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पंजाब में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर बारिश होगी। मौसम विभाग ने 11 मई सेे चार दिन के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पंजाब के तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल पंजाब में मौसम शुष्क बना हुआ है। शुक्रवार को तापमान में 0.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे बना है। सबसे अधिक 38.1 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे कम 16.5 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों का तापमान अमृतसर का अधिकतम पारा 33.6 डिग्री, लुधियाना का 33.5 डिग्री, पटियाला का 33.6 डिग्री, पठानकोट का 35.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 33.2 डिग्री, फरीदकोट का 36.0 डिग्री, फाजिल्का का 36.3 डिग्री, फिरोजपुर का 35.4 डिग्री, होशियारपुर का 32.5 डिग्री और रूपनगर का 34.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 21.3 डिग्री, लुधियाना का 20.4 डिग्री, पटियाला का 20.0 डिग्री, पठानकोट का 22.4 डिग्री, बठिंडा का 23.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.5 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री और होशियारपुर का 19.4 डिग्री दर्ज किया गया।   

जल संकट को लेकर प्रशासन अलर्ट: खराब हैंडपंप-पाइपलाइन जल्द दुरुस्त करने का आदेश

रायपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों को पेयजल संकट के निवारण के निर्देश दिए हैं। विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी निकायों को हैंडपंपों, बोरवेल एवं अन्य जलप्रदाय प्रणालियों की एक सप्ताह में चेकिंग कर आवश्यक मरम्मत करने को कहा है। साथ ही पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट को तत्काल सुधारने तथा नालियों से होकर गुजरने वाले पाइपलाइनों व हाऊस-सर्विस कनेक्शन को स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम ने पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए थे निर्देश उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने हाल ही में निकायों की समीक्षा बैठक के दौरान गर्मियों में निरंतर और समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके परिपालन में संचालनालय ने सभी निकायों को पेयजल संकट के निवारण तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति के लिए निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने ऐसे वार्डों एवं बस्तियों जहां ग्रीष्म काल में जलस्तर नीचे चला जाता है, उन्हें चिन्हित कर उचित माध्यम से जलप्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें बनाया गया नोडल अधिकारी नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट के निवारण के लिए नगर निगमों में आयुक्त तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नोडल अधिकारी होगें। पेयजल संकट के समाधान के लिए वे प्रतिदिन स्वयं शिकायतों के निराकरण की समीक्षा करेगें। जल प्रदाय योजनाओं के संधारण एवं मरम्मत के लिए प्राप्त शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करेंगे। विभाग ने सभी निकायों को संचालनालय से जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए ग्रीष्म काल में लोगों को शुद्ध पेयजल प्रदान करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निकायों को हैंडपंपों के जल को कीटाणुरहित करने ब्लीचिंग पावडर का घोल और सोडियम हाइपोक्लोराइड आवश्यक मात्रा में डालना सुनिश्चित करने को कहा है। जलप्रदाय में क्लोरीन की मात्रा का नियमित परीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार ओव्हरहेड टैंक में रि-क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। निकायों में स्थापित जल शोधन संयंत्रों, उच्च स्तरीय जलागारों एवं संपवेल के सिल्ट की सफाई एवं डिस-इन्फेक्शन भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने बस स्टैण्डों, बाजारों एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर प्याऊ घर खोलने और वहां पानी की व्यवस्था के साथ मानव बल भी उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं एवं एनजीओ से भी स्वेच्छानुसार सहयोग लिए जा सकते हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मद से स्वीकृत जल प्रदाय योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा है। ऐसी जल आवर्धन योजनाएं और अमृत मिशन के कार्य जो पूर्णता की स्थिति में हैं, उन्हे 15 दिनों में पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति प्रारंभ कर कार्य पूर्णता वाली योजनाओं का तुरंत संचालन प्रारंभ करते हुए पेयजल आपूर्ति योजनाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के भी निर्देश निकायों को दिए गए हैं। निकायों को पशुधन के लिए भी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस हेतु निस्तारी के लिए तालाबों में जल भराव के लिए जल संसाधन विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा गया है। विभाग ने निकायों को भू-जल स्तर बढ़ाने नलकूप या बोरवेल के समीप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग या रिचार्ज पिट का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए नियमित जल परीक्षण कर रिपोर्ट संचालनालय को भेजने कहा गया है। निकायों को महामारी फैलने की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर उचित कार्यवाही करने कहा गया है। विभाग ने निकायों में संचालित डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण वाहनों के माध्यम से जल के दुरूपयोग को रोकने व जल संचयन के लिए प्रचार-प्रसार करने के साथ ही जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं नागरिक समूहों के सहयोग से प्रत्येक वार्ड में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

धमाके से दो दिन पहले रेकी करने वाला संदिग्ध दिल्ली से पकड़ा गया, जालंधर में थ्री-लेयर चेकिंग

जालंधर पंजाब के जालंधर में BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई को हुए धमाके मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिससे CIA और दिल्ली पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि आरोपी वारदात से पहले दो दिन तक BSF चौक और आसपास के इलाके की रेकी करता रहा। जांच एजेंसियों के मुताबिक संदिग्ध जालंधर से बस में बैठकर दिल्ली पहुंचा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट आरोपी ने खुद किया या उसे किसी अन्य व्यक्ति ने विस्फोटक डिलीवर किया था। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार आरोपी को जालंधर लाकर पूछताछ की जा रही है। CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग धमाके के तुरंत बाद जालंधर पुलिस को इलाके में लगे CCTV कैमरों से अहम सुराग मिले थे। जांच के दौरान एक युवक धमाके के बाद तेजी से बस स्टैंड की ओर जाते हुए दिखाई दिया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे कैमरों की फुटेज खंगालकर उसकी मूवमेंट ट्रैक की। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ में भी यही जानकारी सामने आई कि वह वारदात के बाद बस से दूसरे शहर गया और फिर दिल्ली में छिप गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद जालंधर बस स्टैंड पहुंचा था और वहां से दूसरे शहर के लिए बस पकड़ी। बाद में दिल्ली जाकर छिप गया। इस मामले में पुलिस ने भी कोई पुष्टि नहीं की, लेकिन बताया जा रहा है कि आरोपी को जालंधर पुलिस कस्टडी में ले आई है। सूत्रों के हवाले से ये भी बताया गया कि सीआईए स्टाफ जालंधर और दिल्ली पुलिस की टीम ने संयुक्त आपरेशन चलाकर संदिग्ध को पकड़ा। ब्लास्ट में इसकी कितनी भूमिका है, इसके बारे में कुछ भी शेयर नहीं किया गया है। बता दें कि 5 मई को जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर रात 8 बजे विस्फोट हुआ था। इसमें बीएसएफ से पार्सल लेने आए गढ़ा निवासी गुरप्रीत (21) की स्कूटी जल गई थी। शुरूआती जांच में स्कूटी में विस्फोटक का शक जताया गया था। गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अगले दिन रात को उसे छोड़ दिया गया। जालंधर में धमाके के बाद अमृतसर के आर्मी एरिया खासा में विस्फोट हुआ। इस मामले में अभी तक कोई नहीं पकड़ा जा सका है। 2 दिन तक BSF चौक के आसपास रेकी की थी धमाके के बाद ही जालंधर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से क्लू मिले थे। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित होने का हवाला देकर कुछ भी जानकारी शेयर करने से मना कर दिया था, लेकिन इतना जरूर पता चला था कि धमाके के बाद एक युवक बस स्टैंड की तरफ भागकर जाता दिखा था। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से हुई पूछताछ में भी कुछ ऐसी ही बातें समाने आई है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले 2 दिन तक इलाके की रेकी की थी। धमाके के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की है। 5 मई को BSF मुख्यालय के बाहर हुआ था धमाका 5 मई की रात करीब 8 बजे जालंधर स्थित BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर धमाका हुआ था। घटना के दौरान गढ़ा निवासी 21 वर्षीय गुरप्रीत अपनी स्कूटी पर पार्सल लेने पहुंचा था। विस्फोट में उसकी स्कूटी जलकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस को स्कूटी में विस्फोटक होने का संदेह हुआ था, जिसके बाद गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि, अगले दिन पुलिस ने जांच के बाद उसे छोड़ दिया और बाद में क्लीन चिट दे दी। गुरप्रीत ने बयान में कहा था कि वह केवल पार्सल लेने गया था और उसी दौरान धमाका हो गया। पंजाब के कैंट इलाकों में सुरक्षा कड़ी जालंधर धमाके और अमृतसर के खासा आर्मी एरिया में हुए दूसरे विस्फोट के बाद पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तान सीमा से करीब 550 किलोमीटर लगने वाले पंजाब के सभी कैंटोनमेंट क्षेत्रों में थ्री-लेयर चेकिंग लागू की गई है। जालंधर कैंट, पठानकोट और अन्य सैन्य इलाकों में अब हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। आर्मी, पंजाब पुलिस और डिफेंस सिक्योरिटी स्टाफ संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। बिना पहचान पत्र किसी भी नागरिक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। संसारपुर, कुक्कड़ पिंड और धोगड़ी जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। राज्यसभा सांसद साहनी ने पीड़ित युवक की मदद का ऐलान किया धमाके में स्कूटी खोने वाले डिलीवरी बॉय गुरप्रीत की मदद के लिए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी आगे आए हैं। उन्होंने गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह से फोन पर बातचीत कर नई स्कूटी देने का भरोसा दिलाया। सांसद ने कहा कि गुरप्रीत जिस मॉडल की स्कूटी चाहता है, उसकी जानकारी उनके कार्यालय को भेज दी जाए। साहनी ने यह भी कहा कि अगर गुरप्रीत डिलीवरी का काम जारी रखना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं अगर वह कोई नया कौशल सीखना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल ट्रेनिंग भी देगी। इस घोषणा के बाद परिवार ने सांसद का आभार जताया है। पार्सल देने आए युवक को पुलिस ने क्लीन चिट दी घटना के बाद पुलिस ने धमाके में डैमेज स्कूटी मालिक गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एक दिन बाद गुरप्रीत को छोड़ दिया गया था। गुरप्रीत ने पुलिस को बताया था कि वह केवल पार्सल लेने के लिए वहां आया था। इसी दौरान धमाका हो गया। पुलिस ने युवक की गतिविधियों और बयान की जांच के बाद उसे क्लीन चिट दी है। पंजाब के सभी कैंट में थ्री लेयर चेकिंग साढ़े 500 किलोमीटर बॉर्डर शेयर करने वाले पंजाब में अचानक धमाकों के बाद सभी कैंटोनमेंट में सिविलियन की एंट्री पर जांच कड़ी हो गई है। जालंधर, पठानकोट सहित सभी कैंटोनमेंट एरिया … Read more