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राज्यभर में विश्व रेडक्रॉस दिवस पर मनाए जाएंगे विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्यभर में रंगारंग कार्यक्रम  वालंटियर्स की सहभागिता से जागरूकता अभियान को मिलेगा बल रायपुर      विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आगामी 8 मई को राज्य स्तर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रेडक्रॉस राज्य शाखा, रायपुर के चेयरमैन तोमन साहू की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में बैठक आयोजित की गई।      बैठक में निर्णय लिया गया कि इस विशेष अवसर पर समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के रेडक्रॉस वालंटियर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।        इस दौरान रेडक्रॉस की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार कर जारी की गई। योजना में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, विशेष अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। साथ ही, रक्तदान शिविरों का व्यापक आयोजन कर रक्त की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित करने और “रक्तदान महादान” के संदेश को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।      जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक और सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है, जिससे उनमें मानवीय मूल्यों और सेवा भाव का विकास हो सके। जिला शिक्षा अधिकारियों को माहवार गतिविधियों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए हैं।      कार्ययोजना में शैक्षणिक भ्रमण, प्राकृतिक अध्ययन, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, काउंसलर प्रशिक्षण, ट्रैकिंग कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, रक्तदाता दिवस, विश्व योग दिवस, जनसंख्या दिवस, साक्षरता दिवस, अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस, दिव्यांग दिवस, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सहित विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। साथ ही, विद्यार्थियों को नई दिल्ली में लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी प्रस्तावित है। बैठक में चेयरमैन तोमन साहू, कोषाध्यक्ष संजय पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

53 केंद्रों पर कड़ी निगरानी में सहायक आचार्य पुनर्परीक्षा संपन्न, 19,718 अभ्यर्थी हुए शामिल

53 केंद्रों पर कड़ी निगरानी में सहायक आचार्य पुनर्परीक्षा सम्पन्न, 19,718 अभ्यर्थी हुए शामिल प्रदेशभर में सख्त निगरानी के बीच परीक्षा सकुशल सम्पन्न एआई कंट्रोल रूम से की गई लाइव मॉनिटरिंग 6 जनपदों में दो पालियों में शांतिपूर्ण व नकलविहीन परीक्षा लखनऊ  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) के अंतर्गत 17 विषयों की लिखित पुनर्परीक्षा प्रदेश के 53 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, नकलविहीन और निर्धारित समय पर आयोजित की गई। इस पुनर्परीक्षा में कुल 19,718 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें 41.35% महिला और 58.65% पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो परीक्षा के प्रति अभ्यर्थियों की गंभीरता और उत्साह को दर्शाता है। 6 प्रमुख जनपदों में दो पालियों में आयोजन यह परीक्षा प्रदेश के 6 प्रमुख जनपदों, आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी में आयोजित की गई। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें अभ्यर्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। 17 विषयों की हुई परीक्षा पुनर्परीक्षा में एशियन कल्चर, म्यूजिक तबला, फिजिकल एजुकेशन, उर्दू, इंग्लिश, सोशियोलॉजी, केमिस्ट्री, एजुकेशन, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, हिंदी, लॉ, एनिमल हसबेंड्री एंड डेयरींग, म्यूजिक वोकल, फिलॉसफी और एंथ्रोपोलॉजी सहित कुल 17 विषय शामिल रहे। एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सघन निगरानी परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी केंद्रों की लाइव निगरानी की गई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव की मौजूदगी में एआई कैमरों के जरिए परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। एआई आधारित निगरानी और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के चलते यह परीक्षा पारदर्शिता और निष्पक्षता का उदाहरण बनी है। आयोग द्वारा अपनाई गई तकनीकी व्यवस्था भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है। लखनऊ केंद्र पर आग की घटना, त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रित लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रथम पाली से पहले प्राचार्य कक्ष में एसी वायरिंग में आग लगने की सूचना मिली। हालांकि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पा लिया और नोडल अधिकारी व आयोग के प्रेक्षक की मौजूदगी में परीक्षा केंद्र को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित कर परीक्षा सकुशल सम्पन्न कराई गई। नकलविहीन और व्यवस्थित परीक्षा संचालन प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा नकलविहीन, शुचितापूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। इसमें संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों का सक्रिय सहयोग भी देखने को मिला।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व होगा आयोजित 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन नाटकों और एक नृत्य नाटिका का होगा मंचन सीएम योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य अतिथि, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे मुख्य वक्ता लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश सरकार तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन करेगी। 24 अप्रैल को दिनकर जी की पुण्यतिथि से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में ‘रश्मिरथी पर्व’ मनाया जाएगा। इसमें तीन नाटकों एवं एक नृत्य नाटिका का मंचन होगा। लोकभवन में शनिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता कर जानकारी साझा की। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर यह कार्यक्रम होगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस दौरान "रश्मिरथी संवाद" स्मारिका का लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता होंगे। कार्यक्रम के संयोजक कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही हैं और अध्यक्षता राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह विशिष्ट अतिथि और भाजपा नेता नीरज सिंह सह-संयोजक रहेंगे। कब और क्या कार्यक्रम होंगे – इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 24 अप्रैल को शाम 6.15 बजे ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण होगा। शाम 6.20 बजे से राष्ट्रीय परिसंवाद – प्रकाश और प्रेरणा का पुंज: रश्मिरथी- कार्यक्रम तय है। वहीं शाम 7.05 बजे ‘रश्मिरथी’ नाट्य मंचन होगा। – 25 अप्रैल को शाम 6.10 बजे से सांस्कृतिक भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानंद जी के योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से ‘स्वामी विवेकानंद’ नाटक का मंचन होगा। इस दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे। साथ ही अन्य गणमान्य नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे। -26 अप्रैल शाम 6 बजे राष्ट्र निर्माण में लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री और अटल बिहारी वाजपेयी जी का योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से भारत रत्न, कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी की 10 कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका ‘अटल स्वरांजलि’ आयोजित होगी। शाम 8 बजे से ‘लोकमान्य तिलक’ नाटक का मंचन होगा। कार्यक्रम में यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व होगा आयोजित, सीएम योगी होंगे मुख्य अतिथि

लखनऊ.  राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश सरकार तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन करेगी। 24 अप्रैल को दिनकर जी की पुण्यतिथि से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में ‘रश्मिरथी पर्व’ मनाया जाएगा। इसमें तीन नाटकों एवं एक नृत्य नाटिका का मंचन होगा। लोकभवन में शनिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता कर जानकारी साझा की। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर यह कार्यक्रम होगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस दौरान "रश्मिरथी संवाद" स्मारिका का लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता होंगे। कार्यक्रम के संयोजक कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही हैं और अध्यक्षता राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह विशिष्ट अतिथि और भाजपा नेता नीरज सिंह सह-संयोजक रहेंगे। कब और क्या कार्यक्रम होंगे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 24 अप्रैल को शाम 6.15 बजे ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण होगा। शाम 6.20 बजे से राष्ट्रीय परिसंवाद – प्रकाश और प्रेरणा का पुंज: रश्मिरथी- कार्यक्रम तय है। वहीं शाम 7.05 बजे ‘रश्मिरथी’ नाट्य मंचन होगा। 25 अप्रैल को शाम 6.10 बजे से सांस्कृतिक भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानंद जी के योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से ‘स्वामी विवेकानंद’ नाटक का मंचन होगा। इस दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे। साथ ही अन्य गणमान्य नेता और पदाधिकारी शामिल होंगे। 26 अप्रैल शाम 6 बजे राष्ट्र निर्माण में लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री और अटल बिहारी वाजपेयी जी का योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद होगा। शाम 7.05 बजे से भारत रत्न, कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी की 10 कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका ‘अटल स्वरांजलि’ आयोजित होगी। शाम 8 बजे से ‘लोकमान्य तिलक’ नाटक का मंचन होगा। कार्यक्रम में यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

ड्रग्स के खिलाफ महासंग्राम: राज्यपाल का आह्वान—अब एकजुट होकर लड़ना होगा पंजाब को

चंडीगढ़. पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राज्य की सबसे बड़ी चुनौती यानी नशे की समस्या पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाना केवल सरकार या पुलिस बल का कार्य नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की एक सामूहिक और साझा जिम्मेदारी है। राज्यपाल के अनुसार, जब तक समाज का हर व्यक्ति इस बुराई के खिलाफ अपनी भूमिका नहीं समझेगा, तब तक इस समस्या को जड़ से मिटाना संभव नहीं होगा। उन्होंने जन-जन से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है। युवा पीढ़ी के संरक्षण पर विशेष ध्यान राज्यपाल ने युवाओं को नशे की गर्त से बाहर निकालने के लिए एक ठोस रणनीति अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा राज्य की असली शक्ति हैं और उन्हें सुरक्षित रखना ही प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर एक ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जहाँ नशे के लिए कोई स्थान न हो। कटारिया ने स्पष्ट किया कि युवाओं को खेल और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना इस लड़ाई का एक अहम हिस्सा है ताकि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या गलत रास्ते पर न भटकें। पंचायतों और ग्राम सभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के प्रभाव को कम करने के लिए राज्यपाल ने पंचायतों को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्राम पंचायतों को अपने गांवों को नशामुक्त करने के लिए संकल्प लेना चाहिए। स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करके नशे के सौदागरों की पहचान करना और उनके खिलाफ सामूहिक आवाज उठाना बेहद जरूरी है। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि प्रशासन ऐसे साहसी प्रयासों को पूरा सहयोग प्रदान करेगा और सूचना देने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। नशा मुक्ति और पुनर्वास का संकल्प नशे की चपेट में आ चुके व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्यपाल ने उनके पुनर्वास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को अपराधी की तरह नहीं, बल्कि एक मरीज की तरह देखा जाना चाहिए जिन्हें सही इलाज और सामाजिक समर्थन की जरूरत है। सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार और उनके विस्तार की योजना पर भी चर्चा की गई। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि सामूहिक इच्छाशक्ति और एकजुटता के साथ पंजाब जल्द ही अपनी खोई हुई खुशहाली और गौरव वापस प्राप्त करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक व बांकुड़ा से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए किया रोड शो

बुलडोजर बाबा' को देख बोला बंगाल, देखो-देखो शेर आया   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक व बांकुड़ा से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए किया रोड शो बंगाल ने सीएम योगी को सिर आंखों पर बिठाया तो उन्होंने भी हाथ जोड़कर किया अभिवादन  पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर गूंजा- ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम’  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शानदार रोड शो के लिए जताया बंगालवासियों का आभार बांकुड़ा  पश्चिम बंगाल की सड़कों पर शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का जबरदस्त क्रेज दिखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने बीच पाकर स्थानीय नागरिकों का जोश देखते ही बनता था। जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम योगी को देख गगनभेदी नारों के बीच बंगालवासी बोल उठे, ‘देखो-देखो, कौन आया, शेर आया-शेर आया। योगी जी सुस्वागतम!’ उत्तर प्रदेश के इस शेर को बंगाल के मतदाताओं ने भी विश्वास दिलाया कि 4 मई, 'दीदी' गई। सीएम योगी ने इस शानदार रोड शो के लिए स्थानीय लोगों के प्रति आभार जताया।  बंगाल की जनता के स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री ने रोड शो में विधायक व बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए जनसमर्थन मांगा तो ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम, हर-हर महादेव’ की गूंज से गुंजायमान बांकुड़ा की सड़कों पर उतरे मतदाताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि विधानसभा क्षेत्र में कमल ही खिलेगा। पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर ‘योगी-योगी’ की गूंज सुनाई देती रही।  जनसैलाब से आई 'मन की आवाज', 4 मई-'दीदी' गई  बंगाल की सड़कों पर स्थानीय नागरिकों ने शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का अभूतपूर्व स्वागत किया। भगवा रंग की पगड़ी पहने सीएम योगी की एक झलक पाने को सड़क के दोनों और जनसैलाब उमड़ पड़ा। उन्हें अपने बीच देखकर मतदाताओं के मनोभाव भी जुबां पर आ गए। जगह-जगह से गूंज सुनाई देने लगी- 4 मई, ‘दीदी’ गई। अंधकार छंटेगा-कमल खिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथ हिलाकर, हाथ जोड़कर बंगालवासियों का ह्रदय से अभिवादन किया। छतों पर खड़ी महिलाओं-बच्चों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया सीएम योगी को देखने के लिए महिलाएं व बच्चे भी रोड के दोनों तरफ मकानों की छतों पर खड़े थे। जैसे ही सीएम का काफिला उनके सामने से गुजरता, तमाम महिलाएं व बच्चे हाथ जोड़कर 'बुलडोजर बाबा' को प्रणाम करते, सीएम ने भी हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। रास्ते व  छतों पर खड़े लोग अपने मोबाइल में सीएम योगी की फोटो भी लेते रहे। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्तो बांग्ला सीएम योगी ने रोड-शो के समापन पर मतदाताओं से संवाद किया और इतने भव्य स्वागत के लिए जनता का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि आमार सोनार बांग्ला,  अब टीएमसी मुक्तो बांग्ला (हमारा सोने जैसा बंगाल, अब टीएमसी मुक्त बंगाल)। समूचे बंगाल का उत्साह बता रहा है कि 4 मई को बंगाल में भाजपा का कमल खिलेगा। बंगाल भारत की कल्चरल कैपिटल के रूप में जानी जाती है, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस व कम्युनिस्टों ने इस पहचान को मिटाया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा का अर्थ भी बताया, कहा-भाजपा मतलब सुरक्षा, नौजवान को रोजगार, किसान को उपज का अच्छा दाम, बहन-बेटी को सुरक्षा, विरासत का संरक्षण और विकास के लिए डबल इंजन की स्पीड।

शहीद परिवारों का सम्मान सर्वोपरि: रक्षा सेवा कल्याण विभाग के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

चंडीगढ़ पंजाब के रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने पंजाब सचिवालय में विभाग के कामकाज का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव सुमेर सिंह गुर्जर और निदेशक भूपिंदर सिंह ढिल्लों विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और उनके आश्रितों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करना और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना था। मुआवजा वितरण और लंबित मामलों पर चर्चा अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को सूचित किया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से संबंधित विभिन्न मामलों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विभिन्न युद्धों के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अधिकांश शहीदों के परिवारों को पंजाब सरकार द्वारा पहले ही आर्थिक मुआवजा दिया जा चुका है। बैठक के दौरान उन शेष मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई जो अभी प्रक्रिया में हैं। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि फाइलों के निपटारे में होने वाली देरी को कम किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके। रिक्त पदों को भरने और बजट पर ध्यान विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा कि मानव संसाधन की कमी को दूर करना आवश्यक है ताकि सेवा वितरण सुचारू रूप से चलता रहे। इसके साथ ही, विभागीय बजट के सही उपयोग और नई परियोजनाओं के लिए धन के आवंटन पर भी मंथन किया गया। सरकार का लक्ष्य रक्षा सेवाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है ताकि सेवानिवृत्त सैनिकों को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें। शहीदों के प्रति सम्मान और सरकारी प्रतिबद्धता बैठक को संबोधित करते हुए मोहिंदर भगत ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के प्रति पंजाब सरकार पूरी श्रद्धा और सम्मान रखती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़ी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। सरकार शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगी और उनके आश्रितों की हर संभव सहायता के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगी। यह बैठक सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी पेश करेंगे विश्वास मत, विशेष सत्र की तारीख का ऐलान

पटना  बिहार में नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गठित एनडीए की नई सरकार के विश्वास मत पेश करने की तारीख आ गई है। बिहार विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र की तिथि का ऐलान हो गया है। विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। यह विशेष सत्र आगामी शुक्रवार, 24 अप्रैल को बुलाया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सीएम सम्राट चौधरी विधानसभा में अपनी सरकार का विश्वास मत पेश करेंगे। बिहार विधानसभा सचिवालय ने सभी सदस्यों को 24 अप्रैल सुबह 11 बजे सदन में उपस्थित होने के लिए अनुरोध किया है। विधानसभा के निदेशक राजीव कुमार ने शनिवार को इस संबंध में आह्वान पत्र जारी किया। यह विशेष सत्र एक दिन का ही रहेगा। एनडीए के पास सदन में भारी बहुमत है। ऐसे में सरकार के सामने बहुमत परीक्षण का कोई संकट नहीं आएगा। सम्राट चौधरी आसानी से सदन में अपना विश्वास मत पेश कर देंगे। नई सरकार के कैबिनेट विस्तार का इंतजार सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार के कैबिनेट का विस्तार अभी नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण हुआ था। इसमें सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद और जदयू के दो वरीय नेताओं विजय चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। माना जा रहा है कि सदन में विश्वास मत पेश करने के बाद ही सम्राट कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार अगले महीने होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के बाद बिहार में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा। तब तक मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम मिलकर ही सरकार चलाएंगे। एनडीए के पास सदन में भारी बहुमत 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन के पास भारी बहुमत है। पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा, जदयू समेत पांचों सहयोगी दलों ने मिलकर 202 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह पटना की बांकीपुर सीट से विधायक थे, जो अभी खाली है। इस तरह, एनडीए के पास अभी विधानसभा में 201 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 88, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 विधायक शामिल हैं। जबकि सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों का समर्थन ही चाहिए होता है। वहीं, विपक्षी दलों के महागठबंधन के 35 विधायक ही हैं। पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनाव में इनमें से कांग्रेस के 3 विधायकों ने वोटिंग से दूरी बनाई थी, जिसके बाद महागठबंधन में भी टूट की चर्चा होने लगी थी। क्या है विश्वास मत की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 163, 164 और 175 के तहत नई सरकार के गठन के बाद राज्यपाल बहुमत परीक्षण के लिए विधानसभा सत्र बुलाने का निर्देश देते हैं। नई सरकार को सदन में विश्वास मत के जरिए यह साबित करना होता है कि उसे विधानसभा के कुल सदस्य संख्या का बहुमत हासिल है। मुख्यमंत्री खुद सदन में विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करते हैं। फिर इस पर सदन में चर्चा होती है। इसके बाद ध्वनि मत या वोटिंग से इस प्रस्ताव को पारित या खारिज करने का फैसला होता है।

लगभग 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने लिया महोत्सव में भाग

विभाग में अतुलनीय योगदान देने वाले सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को किया गया सम्मानित लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव 2026' के रूप में धूमधाम से मनाया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो-दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव' के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विभाग के नाम भेजे गए शुभकामना सन्देश को पढ़कर सुनाया गया। जिसमें उन्होंने दुग्ध विकास को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। महोत्सव में प्रदेश के लगभग 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने भाग लिया, जबकि लाखों अन्य लोग वेबकास्टिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े। महोत्सव के समापन अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा 'स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन' और 'नवीनतम डेयरी टेक्नोलॉजी' पर विस्तृत चर्चा की गई, ताकि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखा जा सके। कार्यक्रम के दौरान अपर प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम  ने वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गोपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी साझा की। साथ ही दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. द्वारा प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाये रखने के संकल्प और प्रदेश सरकार के प्रयासों से दुग्ध उत्पादकों को अवगत कराया। प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थान है, जो राज्य के सकल मूल्यवर्धन में ₹1.72 लाख करोड़ का योगदान दे रहा है। तो वहीं नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब तक 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को ₹84 करोड़ की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। विभाग द्वारा अब तक ₹25 हजार करोड़ से अधिक के 796 एमओयू निष्पादित किए गए, जिनसे लगभग 60 हजार रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 के तहत ₹2 हजार करोड़ की 72 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम के दौरान ₹3 हजार करोड़ से अधिक के 59 नए एमओयू साइन किए गए, जिनमें आनन्दा डेयरी, ज्ञान और परम डेयरी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं, जिससे 13 हजार नए रोजगार पैदा होंगे। प्रदेश में 4 हजार से अधिक नई प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं, जिससे लगभग 1.50 लाख दुग्ध उत्पादक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग में अतुलनीय योगदान देने वाले सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, सफल दुग्ध उत्पादकों ने अपनी सफलता की गाथा भी साझा की।

गोंडा-अयोध्या यात्रा होगी सरल: 114 पीपों से बना ढेमवाघाट पुल तैयार

 गोंडा चार साल से गोंडा व अयोध्या के बीच मुसीबत बने ढेमवाघाट पर पीपा पुल बनकर तैयार हो गया है। नदी के बीच में 114 पीपों से दो पुल बनाए गए हैं, जिनमें एक पुल से यात्री गोंडा से अयोध्या जा सकेेंगे जबकि, दूसरे पुल यात्री अयोध्या से गोंडा जिले में प्रवेश कर सकेंगे। इससे गोंडा व अयोध्या जिले की माझा क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। तरबगंज की लाइफाइलन कहे जाने वाले ढेमवाघाट पुल का निर्माण वर्ष 2016 में हुआ था। 120 करोड़ की लागत से सरयू नदी पर बना 1132 मीटर लंबा पुल अयोध्या के सोहावल स्थित लखनऊ हाईवे से नवाबगंज को जोड़ रहा था, जो 2022 में सरयू नदी में उफान से कटान की चपेट में आ गया। पहले पुल को जोड़ रही डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क (एप्रोच मार्ग) कटी,जिसके बाद पुल पर आवागमन बंद हो गया। वर्ष 2024 में नदी फिर तेवर में आई तो ढेमवाघाट को जोड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़कें भी कट गईं। 2023 में इसके पुनर्निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने 42 करोड़ रुपये मांगा, जो शासन में स्वीकृत नहीं हुआ। यही नहीं, बचा 150 मीटर हिस्सा भी बह गया। चार वर्षों से क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण में नदी का रुख अड़ंगा बना है। बनने पर भी यह कैसे सुरक्षित रहेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की इस समस्या का उत्तर खोज रही है, लेकिन वह निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। एप्रोच मार्ग कट जाने से गोंडा के नवाबगंज अन्य क्षेत्रों के चार पहिया वाहनों को अयोध्या होते हुए फैजाबाद जाना पड़ता था जबकि अयोध्या के सोहावल समेत अन्य लोगों को नवाबगंज व अयोध्या होते हुए आना जाना पड़ता है। कैसरगंज सांसद करन भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री से पीपा पुल निर्माण की मांग की थी। इसके बाद दो करोड़ 16 लाख रुपये से 400 मीटर लंबे पुल बनाने की स्वीकृति शासन ने दी थी, जो अब बन गया है। लोक निर्माण खंड द्वितीय के प्रभारी अधिशासी अभियंता पीके त्रिपाठी ने बताया कि ढेमवाघाट पर पुल निर्माण पूरा हो गया है,जो गोंडा के साथ अयोध्या के लोगों के आवागमन को आसान बनाएगा।