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गर्मी से राहत: पुदीना और गुड़ की लस्सी बनाएगी शरीर को अंदर से ठंडा और तरोताजा

मई-जून की झुलसा देने वाली गर्मी और गर्म हवाओं और लू के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है जिससे डिहाइड्रेशन, पेट में जलन और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक्स पीने लगते हैं जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं. इस समर सीजन में खुद को अंदर से कूल और एनर्जेटिक रखने के लिए आप घर पर पुदीना और गुड़ की ठंडी-ठंडी लस्सी ट्राई कर सकते हैं. दही के प्रोबायोटिक्स, पुदीने की प्राकृतिक ठंडक और गुड़ के पोषक तत्व मिलकर एक ऐसा चमत्कारी ड्रिंक बनाते हैं जो आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखता है और पेट की गर्मी को शांत करता है. आइए जानते हैं इस देसी और हेल्दी लस्सी को मिनटों में बनाने की बेहद आसान रेसिपी. पुदीना और गुड़ की लस्सी रेसिपी की सामग्री ताजा गाढ़ा दही: 2 कप (चिल्ड) ताजी पुदीना पत्तियां: ½ कप गुड़ का पाउडर या कद्दूकस किया गुड़: 3-4 चम्मच (स्वादानुसार) भुना हुआ जीरा पाउडर: ½ छोटा चम्मच काला नमक: ½ छोटा चम्मच चाट मसाला: ¼ छोटा चम्मच ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार बनाने का आसान तरीका सबसे पहले एक छोटे ब्लेंडर जार में ताजी पुदीने की पत्तियां, गुड़ का पाउडर और 2-3 चम्मच ठंडा पानी डालें. इसे अच्छी तरह ब्लेंड करके एक स्मूथ पेस्ट तैयार कर लें. अब एक बड़े मिक्सिंग जार या ब्लेंडर में ठंडा गाढ़ा दही डालें. इसमें तैयार किया हुआ पुदीना-गुड़ का पेस्ट, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और चाट मसाला ऐड करें. सारे मिश्रण को कुछ सेकंड के लिए अच्छी तरह ब्लेंड कर लें या पारंपरिक मथानी से मथ लें ताकि सारे फ्लेवर आपस में मिल जाएं और लस्सी झागदार बन जाए. अगर लस्सी ज्यादा गाढ़ी लगे, तो थोड़ा ठंडा पानी मिला सकते हैं. तैयार लस्सी को सर्विंग गिलासों में निकालें. ऊपर से बर्फ के टुकड़े डालें और पुदीने की पत्ती या चुटकी भर भुने जीरे पाउडर से गार्निश करके तुरंत ठंडी-ठंडी सर्व करें.

7000mAh बैटरी और Android 16 के साथ लॉन्च हुआ Motorola G37 Power, कीमत 15,999 रुपये

आज के समय में फ्लैगशिप ही नहीं, बल्कि बजट स्मार्टफोन्स की कीमतें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं. ऐसे में 15 की रेंज में ऐसा फोन ढूंढना आसान नहीं है, जो बैटरी, परफॉर्मेंस, कैमरा और सॉफ्टवेयर हर मामले में अच्छा एक्सपीरियंस दे सके. ज्यादातर बजट फोन्स में कहीं न कहीं कोई बड़ा समझौता देखने को मिल ही जाता है. इसी बीच Motorola ने अपना नया बजट मॉडल Motorola G37 Power 15,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च कर दिया है, जो बड़ी 7000mAh बैटरी, क्लीन Android एक्सपीरियंस, मजबूत बिल्ड क्वालिटी और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के साथ एक बैलेंस्ड पैकेज देने का दावा करता है. इस कीमत में इसके फीचर्स काफी दमदार नजर आते हैं, हालांकि असली सवाल यही है कि क्या यह फोन रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी उतना ही शानदार साबित होता है? Motorola G37 Power Review: डिजाइन Motorola G37 Power का डिजाइन पहली नजर में काफी अच्छा लगता है. फोन के पीछे सिंथेटिक लेदर फिनिश दी गई है, जिसकी वजह से हाथ में पकड़ने पर ग्रिप बेहतर मिलती है और फोन फिसलता नहीं है. अच्छी बात यह है कि लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बाद भी यह ज्यादा भारी नहीं लगता. फोन का बैक डिजाइन काफी साफ-सुथरा और प्रीमियम लगता है. कैमरा मॉड्यूल भी जरूरत से ज्यादा बड़ा नहीं बनाया गया, जिससे फोन का लुक सिंपल लेकिन स्टाइलिश दिखाई देता है. इसमें साइड में फिंगरप्रिंट स्कैनर मिलता है, जो ज्यादातर समय फास्ट और सही तरीके से काम करता है. हालांकि, अगर हाथ गीले या पसीने वाले हों, तो कभी-कभी स्कैनर थोड़ा परेशान कर सकता है. बिल्ड क्वालिटी की बात करें, तो Motorola ने इसमें Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन, MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड सर्टिफिकेशन और IP64 रेटिंग दी है. यानी फोन रोजमर्रा के हल्के झटकों, धूल और पानी की छींटों से काफी हद तक सुरक्षित रहता है. सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी ने इसमें 3.5mm हेडफोन जैक और microSD कार्ड स्लॉट भी दिया है. यानी आप चाहें तो स्टोरेज को 1TB तक बढ़ा सकते हैं, जो आजकल बजट फोन्स में कम देखने को मिलता है. Motorola G37 Power Review: डिस्प्ले Motorola G37 Power में 6.67 इंच का बड़ा LCD डिस्प्ले मिलता है, जो वीडियो देखने और एंटरटेनमेंट के लिए काफी अच्छा लगता है. हालांकि फोन में HD+ रिजॉल्यूशन दिया गया है, इसलिए डिस्प्ले सबसे ज्यादा शार्प नहीं कहा जा सकता. फिर भी YouTube वीडियो देखना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और वेब ब्राउजिंग जैसे काम आराम से हो जाते हैं. बड़ी स्क्रीन की वजह से कंटेंट देखने में मजा आएगा. फोन का 120Hz रिफ्रेश रेट इसकी सबसे अच्छी बातों में से एक है. इसकी वजह से स्क्रॉलिंग और ऐप्स के बीच स्विच करना काफी स्मूद लगता है, जिससे फोन इस्तेमाल करते समय लैग कम महसूस होता है. डिस्प्ले में 1050 निट्स तक की ब्राइटनेस मिलेगी, जिससे धूप में स्क्रीन ठीक-ठाक दिखाई देगा. हालांकि AMOLED डिस्प्ले जैसी ज्यादा ब्राइटनेस और डीप कलर्स यहां नहीं मिलते. फिर भी कीमत के हिसाब से यह ठीक है. Motorola G37 Power Review: परफॉर्मेंस Motorola G37 Power की सबसे मजबूत बात इसकी परफॉर्मेंस है. इसमें MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर, 8GB तक RAM और 256GB UFS 2.2 स्टोरेज मिलती है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में फोन काफी स्मूद चलेगा. कॉलिंग, सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग, ब्राउजिंग और हल्की फोटो एडिटिंग जैसे काम बिना किसी बड़ी दिक्कत के हो जाते हैं. मल्टीटास्किंग भी उम्मीद से बेहतर है. कई ऐप्स के बीच स्विच करने पर फोन ज्यादा स्लो नहीं लगेगा. गेमिंग की बात करें, तो BGMI और Call of Duty Mobile जैसे गेम्स बैलेंस्ड सेटिंग्स पर अच्छे से चल जाते हैं. हालांकि, यह फोन हार्डकोर गेमिंग के लिए नहीं बनाया गया है. लंबे समय तक गेम खेलने पर फोन थोड़ा गर्म जरूर होता है, लेकिन ज्यादा परेशान नहीं करता. Motorola G37 Power Review: सॉफ्टवेयर Motorola हमेशा से अपने क्लीन सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता है और G37 Power में भी यही देखने को मिलता है. फोन Android 16 पर चलता है और इसमें Hello UI मिलता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें बेवजह के एड्स और बहुत ज्यादा प्री-इंस्टॉल ऐप्स नहीं मिलेंगे. Moto Gestures जैसे फीचर्स रोजमर्रा के इस्तेमाल को आसान बनाते हैं. जैसे कि, फोन को ट्विस्ट करके कैमरा खोलना और chop-chop जेस्चर से टॉर्च ऑन करना काफी काम का लगता है. साथ ही इसमें कंपनी Android 17 अपडेट देने का भी वादा कर रही है. Motorola G37 Power Review: बैटरी Motorola G37 Power की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh बैटरी है. नॉर्मल इस्तेमाल में फोन आराम से डेढ़ से दो दिन तक चल सकता है. गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और 5G इस्तेमाल के बाद भी बैटरी काफी अच्छी बैकअप देती है. फोन में 30W TurboPower चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे बैटरी को 0 से 100% तक चार्ज होने में करीब 85 मिनट लगते हैं. Motorola G37 Power Review: कैमरा फोन में 50MP प्राइमरी कैमरा दिया गया है. दिन की रोशनी में कैमरा अच्छी डिटेल तस्वीरें क्लिक करेगा. पोर्ट्रेट मोड भी कीमत के हिसाब से अच्छा काम करता है और बैकग्राउंड ब्लर काफी नेचुरल लगता है. सेल्फी कैमरा भी सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए ठीक-ठाक रिजल्ट देता है. हालांकि, कम रोशनी में कैमरा परफॉर्मेंस निराश कर सकती है. रात में फोटो में नॉइज और थोड़ी सॉफ्टनेस देखने को मिल सकती है. क्या खरीदना चाहिए? अगर आप 20 हजार रुपये से कम कीमत में ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं, जो बड़ी बैटरी, भरोसेमंद परफॉर्मेंस, साफ-सुथरा सॉफ्टवेयर और मजबूत बिल्ड क्वालिटी दे, तो Motorola G37 Power एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. हालांकि, इसका LCD डिस्प्ले सबसे बेहतरीन नहीं है और लो-लाइट कैमरा भी एवरेज है, लेकिन फोन का ओवरऑल बैलेंस इसे बजट सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाता है.

भारत में प्रोटीन डाइट का क्रेज: 2 साल में 150% बढ़े ऑर्डर, बदली खाने की आदतें

भारत में प्रोटीन डाइट लेने वालों की मात्रा दिन-ब-दिन बढ़ रही है. अब सिर्फ जिम जाने वालों या फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स तक सीमित नहीं है बल्कि आम घरों की रसोई में भी अब प्रोटीन प्रोडक्ट्स अपनी जगह बना रहे हैं. क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट के नए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 2 सालों में उनके प्लेटफॉर्म पर प्रोटीन से जुड़े प्रोडक्ट्स के ऑर्डर्स में 150 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है. यही नहीं, लोगों द्वारा इन चीजों पर किया जाने वाला खर्च भी अब करीब 3 गुना हो चुका है. बाजार में बदलते इस ट्रेंड को देखते हुए कंपनियों ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है और प्रोटीन वाली चीजों की अधिक पूर्ति करने में लगी है. अंडे और पनीर का दबदबा बरकरार भले ही मार्केट में नए-नए पैकेजों वाले न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स आ गए हों लेकिन आज भी भारतीय घरों में प्रोटीन के पारंपरिक ऑप्शंस ही सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. ऑनलाइन शॉपिंग कार्ट्स में अंडे और पनीर की जोड़ी नंबर वन बनी हुई है. इसके बाद सबसे ज्यादा डिमांड चिकन और अंडे के कॉम्बिनेशन की देखी जा रही है. इनके अलावा मखाना, ओट्स, प्रोटीन बार्स, ग्रीक योगर्ट और चने की बिक्री में भी काफी तेजी आई है. नए प्रोडक्ट्स की बात करें तो प्रोटीन चिप्स की डिमांड साल-दर-साल करीब 300 प्रतिशत बढ़ी है जबकि प्रोटीन योगर्ट की बिक्री में 280 प्रतिशत का उछाल आया है. आंकड़ों के अनुसार, प्रोटीन उत्पादों के लिए ऑर्डर देने का सबसे व्यस्त समय सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच था, जो मुख्य रूप से नाश्ते से संबंधित खरीदारी के कारण था. पीनट बटर बना नंबर वन सर्च इंटरनेट पर सर्च करने के मामले में भारतीयों की पहली पसंद पीनट बटर बनकर उभरा है. इंस्टामार्ट पर प्रोटीन कैटेगरी में इसे सबसे ज्यादा सर्च किया गया है, जिसके बाद दूसरे नंबर पर ग्रीक योगर्ट रहा. पारंपरिक भारतीय फूड्स की बात करें तो सोया चंक्स की मांग दोगुनी से ज्यादा हो गई है, जबकि टोफू की सेल में 87 प्रतिशत की तेजी आई है. अब लोग सत्तू, बेसन, भुने चने और मिलेट्स (बाजरा) को भी प्रोटीन के नजरिए से देख रहे हैं और इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं. छोटे शहरों में सबसे तेज रफ्तार यह बदलाव सिर्फ दिल्ली या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है. हालांकि कुल डिमांड में बेंगलुरु अब भी सबसे आगे है, लेकिन टियर-2 और छोटे शहरों में इसकी रफ्तार सबसे तेज है. नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़, भुवनेश्वर, गुवाहाटी और विजाग जैसे शहरों में प्रोटीन प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. इस क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चेन्नई के एक यूजर ने पीनट बेस्ड प्रोटीन फूड्स पर एक बार में 2 लाख 71 रुपये 385 खर्च कर दिए थए. वहीं बेंगलुरु के एक अन्य यूजर ने सिर्फ प्रोटीन बार्स खरीदने के लिए 2 लाख 09 हजार 626 का ऑर्डर दिया था. पारंपरिक चीजों की ओर लोगों का रुख इस बदलाव से पारंपरिक भारतीय चीजों पर फिर से लोगों का फोकस हो रहा है. सोया चंक्स की मांग दोगुनी से अधिक हो गई, टोफू की मांग में लगभग 87% की वृद्धि हुई, जबकि मखाना, चना सत्तू, बेसन और भुने हुए चने की मांग में भी अच्छी वृद्धि देखी गई क्योंकि उपभोक्ता इन परिचित खाद्य पदार्थों को प्रोटीन के नज़रिए से देखने लगे. अंकुरित बाजरा और ओट्स आधारित नाश्ते के मिश्रण की मांग में भी तेजी से वृद्धि हुई क्योंकि प्रोटीन का सेवन अब एक्सरसाइज के बाद की दिनचर्या से हटकर नियमित भोजन का हिस्सा बन गया है.

बिना स्क्रीन वाला नया फिटनेस बैंड: Fitbit Air बना चर्चा का केंद्र

फिटनेस बैंड की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब Google ने ऐसा डिवाइस पेश किया है, जिसमें न डिस्प्ले है और न ही कोई भारी-भरकम डिजाइन. फिर भी यह हेल्थ ट्रैकिंग के मामले में बड़े-बड़े स्मार्टवॉच को चुनौती देता नजर आ रहा है. नया Fitbit Air उन यूजर्स को टारगेट करता है, जो बिना स्क्रीन के हल्का, आरामदायक और AI फीचर्स से लैस फिटनेस ट्रैकर चाहते हैं. खास बात यह है कि इसमें Google का नया AI हेल्थ कोच भी मिलता है, जो फिटनेस रूटीन को पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट बना सकता है. कम कीमत और प्रीमियम फीचर्स के साथ यह डिवाइस मार्केट में काफी चर्चा बटोर रहा है. बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर क्यों बना चर्चा का विषय? Fitbit Air का सबसे बड़ा आकर्षण इसका स्क्रीनलेस डिजाइन है. आज के दौर में जहां हर डिवाइस में डिस्प्ले दिया जा रहा है, वहीं Google ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना है. यह ट्रैकर बेहद हल्का है और पूरे दिन पहनने पर भी भारी महसूस नहीं होता. इसका वजन सिर्फ 12 ग्राम बताया गया है, जिससे यह लगातार इस्तेमाल के लिए काफी आरामदायक बन जाता है. इसका डिजाइन पुराने Fitbit Flex और Jawbone जैसे क्लासिक फिटनेस बैंड्स की याद दिलाता है. डिवाइस को स्ट्रैप के अंदर फिट किया गया है और इसे आसानी से बदला भी जा सकता है. यूजर्स को कई कलर ऑप्शन भी मिलते हैं. Google Health App और AI Coach बना रहे खास Fitbit Air में स्क्रीन नहीं होने की वजह से लगभग पूरा कंट्रोल Google Health ऐप से किया जाता है. यही ऐप आपकी एक्टिविटी, स्लीप, हार्ट रेट और दूसरे हेल्थ डेटा को मैनेज करता है. इसका इंटरफेस काफी साफ और आसान बताया जा रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा इसके Gemini AI बेस्ड Health Coach फीचर की हो रही है. यह फीचर यूजर्स की फिटनेस आदतों को समझकर उन्हें पर्सनल सुझाव देता है. वर्कआउट प्लान, स्लीप रूटीन और हेल्थ गोल्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने में यह AI काफी मददगार साबित हो सकता है. फिटनेस और हेल्थ ट्रैकिंग में कितना दम? Fitbit Air उन लोगों के लिए खास हो सकता है, जो सिर्फ स्टेप काउंट नहीं बल्कि डीप हेल्थ एनालिसिस चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक यह डिवाइस स्लीप पैटर्न, रिकवरी और एक्टिविटी डेटा को काफी विस्तार से ट्रैक करता है. यही वजह है कि इसे Whoop Strap का किफायती ऑप्शन भी माना जा रहा है. हालांकि इसमें GPS और NFC जैसे फीचर्स नहीं दिए गए हैं. यानी आप इससे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट नहीं कर पाएंगे और रनिंग के दौरान फोन के बिना लोकेशन ट्रैकिंग भी सीमित रहेगी. बैटरी और चार्जिंग ने किया प्रभावित Fitbit Air की बैटरी और चार्जिंग स्पीड को इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है. कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस तेजी से चार्ज हो जाता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. स्क्रीन नहीं होने का फायदा इसकी बैटरी लाइफ पर भी देखने को मिलता है. यही कारण है कि यह उन यूजर्स के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है, जो बार-बार चार्जिंग से परेशान रहते हैं. कम कीमत में प्रीमियम एक्सपीरियंस? Google ने Fitbit Air को बजट सेगमेंट में उतारा है, लेकिन फीचर्स प्रीमियम कैटेगरी वाले देने की कोशिश की गई है. शुरुआती कीमत करीब 100 डॉलर के आसपास रखी गई है, जो Whoop जैसे डिवाइसेज की तुलना में काफी कम है. हालांकि, कुछ एडवांस फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है. इसके बावजूद AI हेल्थ कोच और डीप हेल्थ ट्रैकिंग इसे मार्केट में अलग पहचान दिला सकते हैं.

ChatGPT बनाने वाली कंपनी के CEO बोले- AI से खत्म नहीं होंगे रोजगार

 नई दिल्ली पिछले कुछ सालों में AI को लेकर दुनिया भर में सबसे बड़ा डर यही रहा है कि क्या मशीनें इंसानों की नौकरियां छीन लेंगी. चैटजीपीटी और दूसरे एआई टूल्स आने के बाद यह बहस और तेज हो गई. दुनिया भर में कई कंपनियों ने AI के नाम पर हजारों जॉब्स कट की हैं. लेकिन अब टॉप टेक सीईओ के सुर बदले से लग रहे हैं।  कई लोगों को लगने लगा है कि आने वाले समय में लाखों लोग बेरोजगार हो सकते हैं. लेकिन अब खुद AI दुनिया के बड़े नाम इस मुद्दे पर थोड़ा अलग सुर में बात करते नजर आ रहे हैं।  OpenAI सीईओ ऑल्टमैन ने मानी अपनी गलती OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में माना कि एआई को लेकर नौकरी खत्म होने का जो डर था, वह अभी तक उतना सच साबित नहीं हुआ है जितना उन्होंने पहले सोचा था।  ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें लगा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे पहले एंट्री लेवल ऑफिस जॉब्स को तेजी से खत्म कर देगा, लेकिन ऐसा बड़े स्तर पर अभी तक देखने को नहीं मिला. उन्होंने यहां तक कहा कि वह गलत साबित होकर खुश हैं।  ऑल्टमैन का कहना है कि एआई कई काम आसान जरूर कर रहा है, लेकिन इंसानों की जगह पूरी तरह नहीं ले पा रहा. उन्होंने मिसल देते हुए बताया कि उन्होंने कुछ समय तक अपने मैसेज और जवाब एआई से लिखवाने की कोशिश की, लेकिन बाद में महसूस हुआ कि इंसानों के बीच बातचीत और जुड़ाव की अहमियत अलग होती है।  सैम ऑल्टमैन के मुताबिक कई नौकरियों में मानवीय हिस्सा ऐसा है जिसे मशीनें आसानी से कॉपी नहीं कर सकतीं।  AI का बहाना बना कर की जा रही छंटनी: Nvidia CEO दूसरी तरफ अमेरिकी टेक कंपनी Nvidia के सीईओ जेनसन हुआंग का बयान भी काफी चर्चा में है. उन्होंने कहा कि जो लोग एआई सीखेंगे और उसके साथ काम करना सीख जाएंगे, वही आगे बढ़ेंगे. लेकिन जो लोग नई टेक्नोलॉजी अपनाने से बचेंगे, उनके लिए खतरा बढ़ सकता है. यानी एआई नौकरी पूरी तरह खत्म नहीं करेगा, लेकिन काम करने का तरीका जरूर बदल देगा।  जेनसन हुआंग ने उन कंपनियों पर भी सवाल उठाए जो हर छंटनी का कारण एआई को बता रही हैं. उनका कहना है कि कई कंपनियां एआई का नाम लेकर आसान बहाना बना रही हैं. उनके मुताबिक एआई अभी इतना पुराना नहीं हुआ कि वह अचानक पूरी दुनिया की नौकरियां खत्म कर दे।  गूगल सीईओ सुंदर पिचाई क्या कह रहे हैं? गूगल सीईओ सुंदर पिचाई भी लगातार कह रहे हैं कि एआई को डर की तरह नहीं बल्कि एक नए टूल की तरह देखना चाहिए. हाल ही में उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी AI के साथ काम करेगी और उसी के साथ फ्यूचर बनाएगी. पिचाई का मानना है कि AI इंसानों की मदद करेगा, लेकिन लोगों को नई स्किल्स सीखनी होंगी।  हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि खतरा बिल्कुल खत्म हो गया है. दुनिया भर की कई कंपनियां अब AI की मदद से कम लोगों में ज्यादा काम करने की कोशिश कर रही हैं।  कुछ जगहों पर एंट्री लेवल और दोहराए जाने वाले काम कम हुए हैं. लेकिन साथ ही नए तरह के काम भी पैदा हो रहे हैं, जैसे एआई ट्रेनिंग, एआई मॉनिटरिंग और एआई आधारित कंटेंट वर्क।  एक नई रिसर्च में भी सामने आया है कि एआई सीधे नौकरी खत्म करने से ज्यादा काम करने के तरीके को बदल रहा है. कंपनियां अब लोगों की भर्ती और काम की जिम्मेदारियां दोनों बदल रही हैं. यानी आने वाले समय में वही लोग ज्यादा सुरक्षित होंगे जो नई तकनीक के साथ खुद को बदल सकेंगे।  धीरे धीरे तस्वीर बगलती हुई दिख रहा है. कुछ साल पहले जहां जॉब एपोकैलिप्स यानी नौकरियों के खत्म होने का डर सबसे बड़ा मुद्दा था, वहीं अब टेक दुनिया के बड़े लोग कह रहे हैं कि एआई इंसानों की जगह लेने नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 

AC और फैन साथ चलाएं: गर्मी में बिजली बिल कम करने का आसान तरीका

तपती गर्मी की वजह से कई लोग एयर कंडिशनर (AC) का यूज कर रहे हैं. हालांकि घर में लगातार AC को चलाने से भारी बिजली बिल का भी सामना करना पड़ता है. AC और फैन दोनों यूज करें AC और सीलिंग फैन का कॉम्बीनेशन की मदद से ना सिर्फ बेहतरीन कूलिंग का आनंद मिलेगा बल्कि बिजली बिल भी काफी कम आएगा. ये बिजली सेविंग में अच्छी मदद करता है. फैन चलाने के फायदे कई एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि AC के साथ फैन का भी यूज करना चाहिए. फैन की मदद से AC की हवा पूरे कमरे में सर्कुलेट होती है, जिससे AC पर लोड कम पड़ता है. ऐसे में बेहतर कूलिंग मिलती है. इतने पर चलाएं AC और पंखा तपती गर्मी के दौरान AC को 26 डिग्री सेल्सियस पर चलाना चाहिए और उसके साथ ही सीलिंग फैन को 1 या 2 नंबर पर चलाना चाहिए. BLDC फैन यूज करें हम सलाह देते हैं कि अपने घर में BLDC मोटर के साथ आने वाले फैन का यूज करना चाहिए. ये लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है, जो पावर सेविंग भी करती है AC को लगातार ना चलाएं तपती गर्मी के दौरान अगर AC को लगातार चलाते हैं, तो ऐसा नहीं करना चाहिए. AC कुछ घंटे चलाने के बाद उसके स्विच ऑफ कर दें. घर में लग सकती है आग AC लगातार चलाने की वजह से ओवरहीट हो जाता या फिर तार आदि गर्म होकर शॉट सर्किट में बदल सकता है. इसकी वजह से घर में आग तक लग सकती है. AC की सर्विसिंग कराएं AC से बेहतर कूलिंग पाने के लिए जरूरी है कि उसकी सर्विसिंग रेगुलर कराएं. एयर फिल्टर को हर 4-5 दिन के बाद क्लीन करें. आउटडोर को भी साफ रखें. 

नौतपा में हेल्थ अलर्ट: सुबह 9 बजे के बाद अंडा खाना पड़ सकता है भारी

नौतपा शुरू हो चुके हैं और इन दिनों सुबह 7-8 बजे से ही तेज धूप महसूस होने लगती है. पारा 40 से 45 डिग्री को पार कर रहा है और झुलसती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ऐसे मौसम में जरा सी भी लापरवाही सीधे आपके पेट का कबाड़ा कर सकती है. जब बात प्रोटीन डाइट की आती है, तो अंडा सबसे पॉपुलर और आसान ऑपशन माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भीषण गर्मी के महीनों में अंडा खाने की टाइमिंग आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है? यदि आप भी सुबह देर से उठते हैं या ऑफिस की जल्दबाजी में सुबह 9 बजे के बाद हैवी एग ब्रेकफास्ट करते हैं तो यह आदत आपको सीधे डॉक्टर के पास पहुंचा सकती है. सुबह 9 बजे के बाद अंडा क्यों न खाएं? साइंस के अनुसार, अंडे में भरपूर मात्रा में हाई-क्वालिटी प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. जब आप प्रोटीन से भरपूर चीजें खाते हैं तो शरीर को उसे पचाने के लिए अधिक एनर्जी खर्च करनी पड़ती है और इस प्रक्रिया को थर्मिक इफेक्ट ऑफ फूड (TEF) या थर्मोजेनेसिस कहते हैं. प्रोटीन का थर्मिक इफेक्ट (20% से 30%) कार्बोहाइड्रेट और फैट से कहीं ज्यादा होता है जिसका सीधा मतलब है कि प्रोटीन को ब्रेकडाउन करने में शरीर के अंदरूनी तापमान में बढ़ोतरी होती है. सुबह 9 बजे के बाद गर्मी तेज होने लगती है और बाहर का तापमान भी अधिक रहता है. इसलिए यदि आप उस समय अंडा खाते हैं तो शरीर के अंदर का तापमान बढ़ेगा और सूरज की रोशनी से बाहर का. ऐसे में हैवी प्रोटीन आपके डाइजेशन सिस्टम पर डबल लोड डाल देता है, जिससे दिनभर एसिडिटी, ब्लोटिंग और पेट में भारीपन की समस्या मससूस हो सकती है. गर्मियों में अंडा कब खाएं? न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप गर्मियों में अंडे का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो इसे सुबह 7:00 से 8:30 बजे के बीच ही खा लें. इस समय मौसम में थोड़ी ठंडक रहती है जिससे धूप तेज होने से पहले आपकी बॉडी इसे आसानी से प्रोसेस कर लेती है. WebMD का कहना है, अंडा न्यूट्रिएंट्स का पावरहाउस है लेकिन तपती गर्मी में अंडे के पीले हिस्सों का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें. क्योंकि इसमें फैट की मात्रा ज्यादा होती है जो शरीर में सबसे ज्यादा हीट जनरेट करता है. गर्मी के महीनों में रोजाना 1 से 2 अंडे खाना सुरक्षित है. बाकी अंडे की मात्रा आपकी फिजिकल एक्टिविटी, गोल आदि पर निर्भर करती है. पानी की कमी से ब्लॉक हो जाएगा पेट गर्मी में अंडा या कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट लेते समय लोग सबसे बड़ी चूक पानी की मात्रा में करते हैं. प्रोटीन मेटाबॉलिज्म के बाद निकलने वाले बाई-प्रोडक्ट्स को शरीर से बाहर फ्लश करने के लिए किडनी को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. यदि आप अंडा खाने के बाद दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी नहीं पी रहे हैं तो गंभीर डिहाइड्रेशन और कब्ज होना तय है इसलिए सुबह तेज धूप से पहले अपना नाश्ता निपटा लें.

करी पत्ता स्टोर करने के आसान तरीके: महीनों तक रहेगा फ्रेश और हरा-भरा

 चाहे सुबह का गरमा-गरम पोहा हो, सांभर, नारियल की चटनी हो या फिर दाल का कड़कड़ाता हुआ तड़का, करी पत्ते के बिना हर पकवान अधूरा सा लगता है. इसकी खुशबू भूख तो बढ़ाती ही है, साथ ही यह हमारी सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. हर भारतीय घर की गर्मियों में एक आम समस्या है, हम बाजार से बड़े चाव से हरा-भरा करी पत्ता खरीद कर लाते हैं या पड़ोस के गमले से तोड़कर लाते हैं, लेकिन दो से तीन दिनों में ही वह काला, सूखा और बेजान होने लगता है. अच्छी बात यह है कि कुछ घरेलू तरीकों की मदद से आप महीनों तक करी पत्ते की ताजगी बनाएं रख सकते हैं. आइए आपको कुछ ऐसे ही बेहद आसान और असरदार देसी नुस्खों के बारे में बताते हैं, जिन्हें अपनाकर आप करी पत्ते को महीनों तक एकदम फ्रेश रख सकते हैं. एयरटाइट डिब्बा और टिशू पेपर यह सबसे आसान और असरदार तरीका है, करी पत्ते को किसी एयरटाइट डिब्बे में रख दें. इसके लिए सबसे पहले करी पत्तों को डंडियों से अलग कर लें और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. अब इन्हें एक सूती कपड़े या टिशू पेपर पर फैलाकर पंखे के नीचे पूरी तरह सुखा लें. सूखने के बाद एक प्लास्टिक या कांच के एयरटाइट डिब्बे के नीचे टिशू पेपर बिछाएं, उसमें पत्ते डालें और ऊपर से एक और टिशू पेपर रखकर डिब्बा बंद कर दें. इसे फ्रिज में रखें, पत्ते महीनों तक हरे बने रहेंगे. मलमल का कपड़ा है मददगार पत्तों को धोकर अच्छे से सुखाने के बाद, उन्हें एक हल्के और साफ सूती या मलमल के कपड़े में ढीला-ढीला बांध लें. इस पोटली को फ्रिज के वेजिटेबल बॉक्स में रख दें. कपड़ा पत्तों से एक्स्ट्रा नमी को सोख लेता है और पत्ते सड़ते नहीं हैं. पत्तियों को फ्रीज करें स्टोर अगर आप करी पत्तों को 6 महीने से भी अधिक चलाना चाहते हैं तो सूखी हुई पत्तियों को जिप-लॉक बैग में भरकर उसकी पूरी हवा निकाल दें. फिर इसे सीधे फ्रीजर में रख दें. जब भी इस्तेमाल करना हो, मुट्ठी भर पत्ते निकालें और सीधे तड़के में डाल दें. इससे इनका स्वाद और खुशबू दोनों लंबे समय तक वैसी ही बनी रहती है. तेल में भूनकर रखना करी पत्ते को आप लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप उनको तेल में फ्राई करके भी स्टोर कर सकते हैं. इसके लिए एक कड़ाही में आधा चम्मच तेल गरम करें और करी पत्तों को धीमी आंच पर हल्का सा भून लें. ठंडा होने पर इन्हें किसी कांच की बरनी में भरकर फ्रिज में रख दें. इस टिप का रखें खास ध्यान करी पत्ते को कभी भी धूप में न सुखाएं, इससे उसकी असली खुशबू और स्वाद उड़ जाता है. हमेशा इन्हें छांव या पंखे की हवा में ही सुखाएं. इन छोटे-छोटे देसी जुगाड़ को अपनाकर आप जब चाहे, अपनी रसोई को करी पत्ते की बेहतरीन खुशबू से महका सकते हैं.

रोज सुबह एक कीवी खाने से मिलते हैं कई जबरदस्त हेल्थ फायदे

आजकल लोग अपनी हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए डाइट में कई तरह के फलों को शामिल करते हैं. इन्हीं में से एक है कीवी जो दिखने में छोटा जरूर होता है लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. अगर आप रोज सुबह खाली पेट या नाश्ते में सिर्फ एक कीवी खाते हैं तो इससे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं. विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर कीवी इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. आइए जानते हैं रोज सुबह एक कीवी खाने से शरीर को क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं. इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है कीवी में भरपूर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. रोजाना सुबह कीवी खाने से मौसमी बीमारियों और संक्रमण का खतरा कम हो सकता है. डाइजेशन को बेहतर बनाता है कीवी में एक्टिनिडिन नाम का एंजाइम होता है जो प्रोटीन को पचाने में मदद करता है. इससे पेट फूलने, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. स्किन हेल्दी होती है विटामिन C और E से भरपूर कीवी चेहरे को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करता है. यह कोलेजन प्रोडक्शन बढ़ाकर बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने में मदद करता है कीवी में मौजूद पोटैशियम शरीर में सोडियम के असर को बैलेंस करने में मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और दिल की सेहत भी बेहतर बनी रहती है. वेट लॉस में मददगार कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने की वजह से कीवी खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है. इससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है. आंखों के लिए फायदेमंद कीवी आंखों के लिए भी काफी फायदेमंद है. इसमें ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो आंखों को नुकसान से बचाने और उसे हेल्दी रखने में मदद करते हैं. बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है कीवी बॉडी को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है. इसमें पानी और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है जो शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने और गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है.

यूजर्स के लिए खुशखबरी! WhatsApp पर नंबर छिपाने वाला नया फीचर जल्द

नई दिल्ली WhatsApp पर किसी से बातचीत करने के लिए फिलहाल उनके फोन नंबर की जरूरत होती है. कंपनी अब इसे बदल रही है. ये फीचर कुछ यूजर्स को मिल रहा है और जल्दी ये सभी को मिलना स्टार्ट होगा।  अब तक WhatsApp पर किसी से बात करने के लिए उसका मोबाइल नंबर होना जरूरी था. कंपनी एक नए यूजरनेम फीचर पर काम कर रही है, जिसके जरिए लोग बिना नंबर शेयर किए भी एक-दूसरे से चैट कर सकेंगे।  गौरतलब है कि इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्रा में काफी पहले से यूजरनेम फीचर है. टेलीग्रम पर यूजर्स अपना फोन नंबर हाइड करके भी लोगों से बात कर सकते हैं, लेकिन वॉट्सऐप पर अभी तक ऐसा नहीं था।  यूजरनेम फीचर से होंगे कई फायदे नई जानकारी के मुताबिक, यूजर्स अपना एक अलग यूजरनेम बना सकेंगे, ठीक वैसे ही जैसे दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होता है. इसका मतलब यह होगा कि अब आप किसी को अपना फोन नंबर दिए बिना भी उससे जुड़ सकते हैं. यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहते हैं।  आज के समय में कई लोग अपना पर्सनल नंबर हर किसी के साथ साझा नहीं करना चाहते. खासकर ऑनलाइन ग्रुप, बिजनेस, या नए लोगों से जुड़ते समय यह चिंता और बढ़ जाती है. ऐसे में यह नया फीचर यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित अनुभव देगा और उनकी पहचान को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp इस फीचर को सुरक्षित बनाने के लिए कुछ खास नियम भी ला सकता है. हर यूजरनेम अलग होगा और कुछ शब्दों या फॉर्मेट पर रोक लगाई जा सकती है, ताकि फर्जी अकाउंट और धोखाधड़ी को रोका जा सके।  इसके अलावा अगर कोई यूजर अपना यूजरनेम बदलता है, तो इसकी जानकारी भी सामने वाले को मिल सकती है. इस फीचर के आने के बाद आप किसी को भी अपना वॉट्सऐप यूजरनेम दे सकते हैं. चैटिंग के दौरान सामने वाले को आपका नंबर नहीं दिखेगा।  मोबाइल नंबर बिना दिखाए होगी चैटिंग इस फीचर के आने के बाद WhatsApp का इस्तेमाल थोड़ा बदल सकता है. अभी तक यह पूरी तरह मोबाइल नंबर पर आधारित ऐप है, लेकिन यूजरनेम आने के बाद यह एक तरह से सोशल प्लेटफॉर्म जैसा भी लग सकता है. लोग आसानी से नए लोगों से जुड़ पाएंगे, बिना अपनी निजी जानकारी दिए।  हालांकि इसके साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं. जैसे फर्जी प्रोफाइल बनाना या किसी और की पहचान का इस्तेमाल करना. लेकिन कंपनी इस पर काम कर रही है ताकि यूजर्स को सुरक्षित माहौल मिल सके।  फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग स्टेज में बताया जा रहा है और अभी सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है. लेकिन जिस तरह से WhatsApp लगातार नए फीचर जोड़ रहा है, उससे साफ है कि आने वाले समय में ऐप का इस्तेमाल और ज्यादा सुरक्षित और आसान होने वाला है।