samacharsecretary.com

भारत की प्लेइंग 11 में बदलाव तय, बुमराह की एंट्री से चौंकाएगा फैसला

 नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम का सामना नामीबिया से होगा. यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज यानी गुरुवार को खेला जाएगा. टीम इंडिया ने टूर्नामेंट का आगाज जीत के साथ किया था और अब कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इस लय को बरकरार रखना चाहेगी. दूसरी ओर नामीबिया को इसी मैदान पर नीदरलैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी, ऐसे में वह वापसी की कोशिश करेगा. अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर संशय भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की सेहत को लेकर है. अभिषेक पेट में संक्रमण और बुखार से जूझ रहे हैं और उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि उन्हें छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन नामीबिया के खिलाफ उनके खेलने पर संशय बना हुआ है. अगर अभिषेक मैच से बाहर होते हैं तो संजू सैमसन को ओपनिंग का मौका मिल सकता है. सैमसन के पास आक्रामक शुरुआत देने की क्षमता है, जो टीम को पावरप्ले में मजबूती दे सकती है. बुमराह की वापसी से बढ़ेगा आत्मविश्वास पहले मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बुखार के कारण नहीं खेल पाए थे. अब वह पूरी तरह फिट बताए जा रहे हैं और उन्होंने मंगलवार को नेट्स में गेंदबाजी अभ्यास भी किया. ऐसे में नामीबिया के खिलाफ उनकी प्लेइंग इलेवन में वापसी लगभग तय मानी जा रही है. अगर बुमराह टीम में लौटते हैं तो मोहम्मद सिराज को बाहर बैठना पड़ सकता है. बुमराह की मौजूदगी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और धारदार बना देगी, खासकर डेथ ओवर्स में. पाकिस्तान मैच से पहले लय पाना जरूरी अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में कप्तान सूर्यकुमार यादव को छोड़कर बाकी बल्लेबाज खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे. 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले यह मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए लय हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. अगर सैमसन और ईशान किशन ओपनिंग करते हैं तो टीम को तेज शुरुआत मिल सकती है. मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा और इन-फॉर्म सूर्यकुमार यादव बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं, जबकि रिंकू सिंह फिनिशर की भूमिका निभाएंगे. तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है टीम भारतीय टीम संतुलन बनाए रखने के लिए तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है. हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में गहराई देंगे. स्पिन विभाग की जिम्मेदारी वरुण चक्रवर्ती के कंधों पर रह सकती है, जिसमें उपकप्तान अक्षर पटेल उनका साथ देंगे. तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी अहम भूमिका निभा सकती है. भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह. भारतीय टीम स्क्वॉड संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अभिषेक शर्मा, कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर.

इतिहास रचते-रचते चूका अफगानिस्तान, डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका से हार

अहमदाबाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कांटे की टक्कर में दक्षिण अफ्रीका ने डबल सुपर ओवर में अफगानिस्तान को हरा दिया है। दोनों टीमों ने 20-20 ओवर के खेल के बाद 187-187 रन बनाए थे। मैच टाई रहने पर सुपर ओवर में पहुंचा था। इसके बाद अफगानिस्तान ने पहले सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने भी 17 रन बना डाले। सुपर ओवर में स्कोर टाई रहने के बाद मैच दूसरे सुपर ओवर में पहुंचा। दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 23 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम ने शुरुआती दो गेंद में कोई रन नहीं बनाए थे, साथ ही नबी भी आउट हो गए थे। इसके बाद गुरबाज बल्लेबाजी के लिए आए और अगली तीन गेंद पर तीन छक्के लगाए। ऐसे में केशव महाराज की आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को छह रन चाहिए थे। फिर महाराज ने वाइड गेंद फेंकी। ऐसे में अफगानिस्तान को मैच टाई कराने के लिए चार रन और जीत के लिए पांच रन चाहिए थे। हालांकि, आखिरी गेंद पर गुरबाज कैच दे बैठे और आउट हो गए। ऐसे में अफगानिस्तान की टीम हार गई। यह हार अफगानिस्तान के लिए दिल तोड़ देने वाली है। गुरबाज मैच के बाद भावुक दिखे।

अभिषेक शर्मा की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती — पाकिस्तान मुकाबले से पहले टीम इंडिया की बढ़ी चिंता

  नई दिल्ली टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा को पेट में इन्फेक्शन के कारण सोमवार को दिल्ली के एक फोर्टिस अस्तपताल में भर्ती कराया गया है. कल (मंगलवार)  रात तक वह हॉस्पिटल में थे, उनकी हेल्थ कंडीशन पर आगे के अपडेट का इंतजार किया जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि अगर वो पूरी तरह 12 फरवरी संग नामीब‍िया उनकी जगह कौन लेगा.  आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच टीम इंडिया को पहला बड़ा झटका तब लगा, जब हर्षित राणा घुटने की गंभीर चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए. जांच के बाद पता चला कि हर्षित के दाएं घुटने में लेटरल मेनिस्कस इंजरी हुई है. मेडिकल टीम ने उन्हें तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने ऑपरेशन करवाया. अब अभ‍िषेक के अस्पताल में भर्ती होने से टीम इंड‍िया संकट में है.  अब सवाल है कि अगर अभ‍िषेक 12 फरवरी को नहीं खेलते हैं तो उनकी जगह कौन टीम में लेगा? वहीं भारत को पाकिस्तान से भी 15 फरवरी को  कोलंबो में मैच खेलना है. अगर अभ‍िषेक उस मुकाबले से हटते हैं तो उनकी जगह कौन आएगा.  इसका सीधा जवाब है- संजू सैमसन. क्योंकि वह हाल फ‍िलहाल में टीम इंड‍िया के लिए वही ओपन‍िंग कर रहे थे. ईशान किशन के न्यूजीलैंड सीरीज में फॉर्म के बाद उनको बेंच पर बैठना पड़ा. अभ‍िषेक की गैरमौजूदगी में वो ओपन‍िंग करते हुए दिखेंगे.  अभ‍िषेक शर्मा को क्या हुआ अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण के कारण दिल्ली के फोर्टि‍स अस्पताल में भर्ती हैं, जिससे गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं. अभिषेक पिछले दो दिनों से अस्पताल में हैं और उनकी स्थिति जानने के लिए कई मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं. PTI को एक BCCI सूत्र ने बताया- अभिषेक को स्टमक इन्फेक्शन के कारण दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. समस्या की सही वजह जानने के लिए जांच चल रही है. आज डिस्चार्ज होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. फिलहाल नामीबिया मैच खेलना मुश्किल लग रहा है. अभिषेक ने मुंबई में USA के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में खाता भी नहीं खोला था और शून्य पर आउट हो गए थे. इसके बाद वह मैदान पर नहीं उतरे और फील्डिंग के दौरान संजू सैमसन ने उनकी जगह संभाली थी.भारतीय टीम के लिए फिलहाल नामीबिया मुकाबले से ज्यादा अहम 15 फरवरी को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा है. वहां की पिच और परिस्थितियां अलग होंगी, ऐसे में टीम मैनेजमेंट अभिषेक को पूरी तरह फिट देखना चाहता है.   मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक स्टमक इन्फेक्शन का असर खिलाड़ी की स्टैमिना और एंड्योरेंस पर पड़ता है. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या अभिषेक शुक्रवार को यात्रा कर पाएंगे, शनिवार को अभ्यास कर सकेंगे और रविवार को मैदान में उतरने की स्थिति में होंगे. इस बीच संजू सैमसन ने मंगलवार को नेट्स में लंबा अभ्यास किया और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के साथ काफी समय बिताया. इसे इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट विकल्प तैयार रख रहा है. हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि 25 वर्षीय बल्लेबाज पाकिस्तान मैच तक फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे. गंभीर के यह ड‍िनर में गए थे अभ‍िषेक दिलचस्प बात यह भी रही कि अभिषेक रविवार को हेड कोच गौतम गंभीर के घर आयोजित टीम डिनर में शामिल हुए थे, लेकिन बाकी खिलाड़ियों से पहले ही वापस लौट गए थे, जो उनकी तबीयत ठीक न होने का संकेत था. अब सभी की नजर उनकी मेडिकल रिपोर्ट और रिकवरी टाइमलाइन पर टिकी है. 12 फरवरी को दिल्ली में है भारत का नामीब‍िया से मैच  ध्यान रहे भारत को 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ अपना लीग मुकाबला दिल्ली में खेलना है. मुंबई में USA के खिलाफ मैच खेलने वाले अभिषेक पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं और मंगलवार के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं ले सके थे. इस बारे में भारत के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी बात की थी. रयान ने कहा था- अभिषेक को अभी भी पेट से जुड़ी कुछ दिक्कत है. हमें उम्मीद है कि वह मैच तक उपलब्ध हो जाएंगे. मंगलवार शाम फ्लडलाइट्स में हुए अभ्यास में ईशान किशन सबसे पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे, जबकि संजू सैमसन उनके साथ पेस बॉलिंग नेट में नजर आए. दोनों ने हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह और एक लंबे बाएं हाथ के नेट गेंदबाज का सामना किया, जिसे नामीबिया के तेज गेंदबाज रूबेन ट्रम्पेलमैन जैसी एंगल तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया गया. दूसरे नेट में तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ने साथ बल्लेबाजी की, जिससे भारत के संभावित टॉप-4 संयोजन का संकेत मिला. पिछले कुछ हफ्ते संजू सैमसन के लिए उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. मुंबई में विश्व कप के पहले मैच में वह ओपनिंग स्थान गंवा चुके हैं. खराब फॉर्म और ईशान किशन की शानदार लय के चलते उन्हें फिलहाल बेंच पर बैठना पड़ा. टेन डोशेट ने कहा टीम  मैनेजमेंट ने संजू को पूरा सपोर्ट किया, लेकिन जब ईशान जैसे खिलाड़ी न्यूज़ीलैंड सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो पहले मैच का चयन साफ हो जाता है. वैसे नेट्स में सैमसन ने करीब 30 मिनट बल्लेबाजी की.  बुमराह हुए फ‍िट, क्या नामीब‍िया के ख‍िलाफ खेलेंगे?  इस बीच जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर राहत की खबर मिली. टेन डोशेट ने मंगलवार को बताया- बुमराह 10 दिन से गेंदबाजी से दूर थे, लेकिन अब काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं. अभ्यास के दौरान बुमराह ने सूर्यकुमार और तिलक को लगभग 25 मिनट गेंदबाजी की और पूरी तरह फिट दिखे. इसके बाद बल्लेबाजी क्रम में रिंकू सिंह, शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या ने नेट्स संभाले. अब सबकी नजरें अभिषेक शर्मा की फिटनेस अपडेट और अंतिम प्लेइंग इलेवन पर टिकी हैं, जिसका फैसला मैच से ठीक पहले ही होगा. अगर अभ‍िषेक शर्मा फ‍िट नहीं हो पाते हैं तो उनकी जगह  संजू सैमसन ओपन‍िंग करते हुए नजर आएंगे. 

ICC का चौंकाने वाला फैसला: बांग्लादेश को दंड की बजाय मिला इनाम, जानें क्यों

 नई दिल्ली जब किसी बड़े टूर्नामेंट से कोई देश आखिरी वक्त पर खुद हटता है तो आमतौर पर उम्मीद यही होती है कि उस देश को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे. लेकिन ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप  के मामले में ऐसा नहीं हुआ. बांग्लादेश को इस टूर्नामेंट से हटने पर सज़ा नहीं, बल्कि फायदा मिला. ऐसा क्यों हुआ आज इसी के बारे में हम आपको बताएंगे… पहले एक नजर पूरे विवाद पर वर्ल्ड कप के पूरे विवाद के केंद्र में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) था. बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के मैचों के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम भेजने से इनकार कर दिया था. जब आईसीसी ने उसकी ये बात नहीं मानी तो बीसीबी ने वर्ल्ड कप के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. बांग्लादेश के इस एक्शन के बाद पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी शुरू की और भारत के साथ होने वाले मैच का बहिष्कार करने की बात कही.  इस पूरे नाटक के बाद माना जा रहा था की आईसीसी बांग्लादेश पर तगड़ा एक्शन लेगा.  लेकिन जुर्माना या किसी तरह की कार्रवाई झेलने के बजाय, BCB को भविष्य की मेज़बानी का आश्वासन मिला और उसके खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया गया. ICC का ये नरम रुख क्यों? अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) का यह रुख, जो दंडात्मक होने के बजाय सहयोगी दिखता है, कई लोगों को विरोधाभासी और चिंता पैदा करने वाला लगा. यहां समझते हैं कि आखिर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से हटने पर सज़ा क्यों नहीं दी गई. ICC ने पुष्टि की कि टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बावजूद बांग्लादेश पर किसी तरह का वित्तीय, खेल या प्रशासनिक प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा. यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और BCB के साथ हुई गहन बातचीत के बाद लिया गया. इतना ही नहीं, बांग्लादेश को 2031 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप से पहले एक और ICC टूर्नामेंट की मेज़बानी का भरोसा भी दिया गया है. ICC ने कहा कि बांग्लादेश वैश्विक क्रिकेट के विकास में एक अहम और प्राथमिक देश बना हुआ है. BCB अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल ने इस फैसले का स्वागत किया और ICC व अन्य क्रिकेट बोर्डों के साथ सहयोग जारी रहने की बात कही.  बांग्लादेश को सज़ा क्यों नहीं मिली? लाहौर की बैठक को सिर्फ मध्यस्थता नहीं, बल्कि कड़ी सौदेबाज़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका और ICC की मजबूरियां साफ दिखीं. पाकिस्तान का शुरुआती बहिष्कार बांग्लादेश के लिए दबाव बनाने का ज़रिया था. लेकिन जैसा कि पहले ही अनुमान लगाया गया था, पाकिस्तान का रुख बदला जा सकता था. ICC के लिए भारत-पाकिस्तान मैच का होना बेहद ज़रूरी था. यह मुकाबला कई अन्य मैचों से ज़्यादा कमाई करता है. इसके अलावा, ICC को उन छोटे बोर्डों की भी चिंता थी जो उसकी केंद्रीय फंडिंग पर निर्भर हैं. बांग्लादेश ने इस स्थिति को समझते हुए, पाकिस्तान के समर्थन के साथ हालात को अपने पक्ष में मोड़ लिया. नतीजा यह हुआ कि ICC ने अपना सबसे बड़ा मैच बचा लिया, पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया और बांग्लादेश को बिना किसी सज़ा के भविष्य की गारंटी मिल गई. अगर बांग्लादेश को सज़ा मिलती तो? अगर ICC ने बांग्लादेश को दंडित किया होता, तो इसके गंभीर असर होते. आर्थिक जुर्माना BCB की हालत और खराब कर देता, फैंस में नाराज़गी बढ़ती और क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ता. बांग्लादेश दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाज़ारों में से एक है, जहां 20 करोड़ से ज़्यादा क्रिकेट प्रेमी हैं. ICC इस बाज़ार को नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठा सकता. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप से हटने के कारण BCB को लगभग 325 करोड़ टका (करीब 27 मिलियन डॉलर) का नुकसान हो सकता है. कुल मिलाकर 2025-26 में उसकी आय 60 प्रतिशत तक गिर सकती थी. पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल ने भी चेताया था कि भावनाओं में लिया गया फैसला आने वाले 10 साल तक असर डाल सकता है. बांग्लादेश को दी गई राहत सिर्फ निष्पक्षता का मामला नहीं थी, बल्कि आर्थिक नुकसान को सीमित करने की कोशिश भी थी. इसी वजह से टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बावजूद बांग्लादेश को सज़ा नहीं, बल्कि फायदे मिले.

टीम मैनेजमेंट की मांग BCCI ने ठुकराई, T20 World Cup में भारतीय खिलाड़ियों को लगा झटका

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 की शुरुआत में ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ियों की एक मांग को ठुकरा दिया है। टीम मैनेजमेंट की ओर से बीसीसीआई से पूछा गया था कि क्या भारतीय खिलाड़ी टी20 विश्व कप में अपने परिवार के साथ ट्रेवल कर सकते हैं तो इस अनुरोध को बोर्ड ने ठुकरा दिया। बीसीसीआई ने पहले ही नियम बना दिए थे कि खिलाड़ियों के साथ उनका परिवार कब कितने दिन तक ठहर सकता है। इसी पॉलिसी के मुताबिक, T20 वर्ल्ड कप कैंपेन के दौरान इंडियन क्रिकेटरों के साथ उनके परिवारों को रहने की इजाजत नहीं होगी। एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो टीम मैनेजमेंट ने क्रिकेटरों के परिवारों को उनके साथ रहने की इजाजत देने के बारे में जानकारी मांगी थी। BCCI की वैसे कोई रोक नहीं है, लेकिन समय-सीमा जरूर निर्धारित की हुई है। खिलाड़ियों को उनके परिवारों (पार्टनर और बच्चों) को ज्यादा से ज्यादा 14 दिनों तक अपने साथ रखने की इजाजत देता है, लेकिन इसके लिए शर्त ये है कि कोई विदेशी दौरा 45 दिनों से ज्यादा का हो। भारत में टी20 विश्व कप खेला जा रहा है और एक महीने तक ही ये टूर्नामेंट चलने वाला है तो बोर्ड ने टीम मैनेजमेंट की ओर से आई इस सिफारिश को खारिज कर दिया। BCCI के एक सोर्स ने इंडियन एक्सप्रेस को कन्फर्म किया, “इंडियन टीम मैनेजमेंट ने BCCI से पूछा था कि क्या पत्नियां और मंगेतर टीम के साथ ट्रैवल कर सकती हैं और क्या वे उनके साथ रह भी सकती हैं? बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परिवार प्लेयर्स के साथ नहीं रहेंगे। हालांकि, अगर वे चाहें तो अलग से इंतजाम कर सकते हैं।” बीसीसीआई ने पिछले साल ही कई गाइडलाइन्स खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बनाई थीं, जिन पर बोर्ड अभी भी अड़िग है। टीम इंडिया की बात करें तो लीग फेज में भारत को चार मुकाबले खेलने थे। इनमें से एक मैच खेला जा चुका है। एक मैच कोलंबो में है और दो मैच ही भारत में भारतीय टीम के लीग फेज के बाकी हैं। इसके बाद सुपर 8 के मैच शुरू हो जाएंगे। वर्ल्ड कप से पहले कई द्विपक्षीय सीरीज भी खेली गई थीं। उनमें भी खिलाड़ियों को अपने परिवार को साथ रखने की इजाजत नहीं थी। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान प्राइवेट चार्टर प्लेन से ट्रेवल करने वाली है। कुछ खिलाड़ियों के पर्सनल शेफ भी साथ में ट्रेवल कर रहे हैं, लेकिन वे नजदीक के होटल में ठहरते हैं।

बल्ले और गेंद से बास डे लीडे का जलवा, टी20 विश्व कप में नीदरलैंड की 7 विकेट से जीत

नई दिल्ली   अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में टी20 विश्व कप 2026 का ग्रुप ए का मुकाबला नामीबिया और नीदरलैंड के बीच मंगलवार को खेला गया। बास डे लीडे के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर नीदरलैंड ने नामीबिया को 2 ओवर पहले ही 7 विकेट से हरा दिया। नीदरलैंड को जीत के लिए 157 रन का लक्ष्य मिला। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और मैक्स ओ दाउद के रूप में पहला झटका 16 के स्कोर पर लगा। वह 7 रन बनाकर आउट हुए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे बास डे लीडे ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और 48 गेंद पर 4 छक्कों और 5 चौकों सहित नाबाद 72 रन की पारी खेल टीम को 12 गेंद पहले 7 विकेट से जीत दिला दी। डे लीडे ने दूसरे विकेट के लिए माइकल लेविट 28, के साथ 30 और तीसरे विकेट के लिए कोलिन एकरमैन 32 के साथ 68 रन की अहम साझेदारी की। इसके अलावा लीडे ने कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स नाबाद 18 के साथ 43 रन की साझेदारी की। नीदरलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट पर 159 रन बनाकर मैच जीता। विजयी चौका बास डे लीडे के बल्ले से निकला। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नामीबिया ने 8 विकेट पर 156 रन बनाए थे। निकोल लोफ्टी-ईटन ने सबसे ज्यादा 42 रन की पारी खेली थी। 38 गेंदों की पारी में उन्होंने 2 छक्के और 1 चौका लगाया था। इसके अलावा जान फ्राइलिंक ने 30 और जेजे स्मिट ने 22 रन की पारी खेली। कप्तान गेरहर्ड इरासमस ने 9 गेंद पर 18 रन बनाए थे। नीदरलैंड के लिए बास डे लीडे और लोगान वान बीक ने 2-2, जबकि आर्यन दत्त और फ्रेड क्लासेन ने 1-1 विकेट लिए थे। बास डे लीडे को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 

PAK ने बांग्लादेश के साथ डबल गेम खेला: पहले बायकॉट का शिकार बनाया, फिर खुद यू-टर्न लिया

 नई दिल्ली    भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का ताजा यू-टर्न सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि उसकी विफल राजनीति की खुली स्वीकारोक्ति है. 2026 टी20 विश्व कप से पहले जिस बायकॉट की धमकी को सिद्धांत, स्वाभिमान और सुरक्षा का मुद्दा बनाकर उछाला गया, वही अंततः पाकिस्तान की कमजोरी बन गई. मैच अब खेला जाएगा- बिना शर्त, बिना रियायत…. और यही इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा सच है. धमकी की शुरुआत, लेकिन दिशा विहीन PCB ने जिस आक्रामक भाषा में भारत के खिलाफ खेलने पर आपत्ति जताई, उसने शुरू से यह संकेत दे दिया था कि यह फैसला कम और दबाव की राजनीति ज्यादा है. सुरक्षा जैसे पुराने तर्क दोहराए गए, लेकिन कोई नई परिस्थिति, कोई नया खतरा या कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं रखी गई यह बायकॉट कोई अंतिम निर्णय नहीं था, बल्कि सौदेबाजी का औजार था और यही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बनी. सीधे टकराव से बचने की चाल भारत के खिलाफ सीधे खड़े होने की हिम्मत PCB में नहीं दिखी. इसकी बजाय बांग्लादेश की मांगों को आगे कर दिया गया, ताकि विवाद को क्षेत्रीय सहमति का रूप दिया जा सके. यह एक सोची-समझी रणनीति थी- खुद पीछे रहो, माहौल दूसरों के जरिए बनाओ और ICC पर दबाव डालो. … लेकिन यह चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी. ICC के भीतर यह स्पष्ट हो गया कि बांग्लादेश का नाम केवल ढाल है, असली एजेंडा पाकिस्तान की अपनी राजनीतिक जिद है. बांग्लादेश के साथ 'डबल गेम' यही वह मोड़ था, जहां पाकिस्तान की राजनीति पूरी तरह बेनकाब हो गई.जिस बांग्लादेश को PCB ने बायकॉट की मुहिम में आगे किया, उसी को यू-टर्न के वक्त पूरी तरह किनारे कर दिया गया. न कोई साझा बयान, न कोई संयुक्त विरोध, न कोई नैतिक जिम्मेदारी.दबाव बनाने के लिए बांग्लादेश का इस्तेमाल हुआ, लेकिन जब ICC के सामने चाल नाकाम हुई, तो पाकिस्तान ने अकेले पीछे हटना बेहतर समझा. यह ‘साझा चिंता’ नहीं, बल्कि सुविधाजनक साझेदारी थी- काम निकलते ही खत्म. यहीं PCB का दोहरा चरित्र उजागर होता है.पहले बांग्लादेश को ढाल बनाना और फिर हालात बिगड़ते ही उसे मैदान में अकेला छोड़ देना. क्रिकेट नहीं, आर्थिक हकीकत ने तोड़ा भ्रम PCB शायद यह भूल बैठा कि आधुनिक क्रिकेट भावनाओं और नारों से नहीं चलता. भारत–पाक मुकाबला किसी भी ICC टूर्नामेंट की आर्थिक रीढ़ है. इस एक मैच से जुड़े प्रसारण अधिकार, विज्ञापन, प्रायोजन और वैश्विक दर्शक संख्या पूरे आयोजन की दिशा तय करते हैं. इस मैच के न होने से ICC को झटका जरूर लगता, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान को ही उठाना पड़ता- आर्थिक रूप से भी और क्रिकेटिंग प्रासंगिकता के लिहाज से भी. ICC के सामने नहीं चलीं शर्तें PCB की उम्मीद थी कि हाइब्रिड मॉडल, विशेष प्रावधान या राजनीतिक सहानुभूति के जरिए वह ICC को झुका लेगा. लेकिन परिषद ने इस बार साफ कर दिया कि टूर्नामेंट किसी एक बोर्ड की जिद से नहीं चलेगा. जब यह संदेश स्पष्ट हो गया कि न तो ढांचा बदलेगा और न ही भारत पर कोई दबाव बनेगा, PCB का सख्त रुख अचानक पिघल गया. भारत–पाक मैच खेलने पर सहमति बन गई, लेकिन यह सहमति किसी समझौते की जीत नहीं, बल्कि मजबूरी की स्वीकारोक्ति है. PCB न तो कोई शर्त मनवा सका, न किसी तरह की नैतिक या कूटनीतिक बढ़त हासिल कर पाया. जिस बायकॉट को ‘सिद्धांत’ बताया गया था, वह अंततः खोखली बयानबाजी साबित हुआ. … साख पर गहरा दाग इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान क्रिकेट की विश्वसनीयता को हुआ. बार-बार राजनीतिक दबाव की रणनीति अपनाकर PCB ने यह संदेश दिया कि वह क्रिकेट को खेल की बजाय मंच के रूप में इस्तेमाल करता है. इसका असर सिर्फ बोर्ड की छवि पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और अंतरराष्ट्रीय भरोसे पर भी पड़ता है. नतीजा पहले से तय था भारत-पाक मुकाबले को लेकर PCB की रणनीति हर मोर्चे पर विफल रही. बायकॉट की धमकी बेअसर रही, बांग्लादेश की आड़ बेनकाब हुई और ICC पर दबाव नहीं बन सका.अंततः वही हुआ, जो शुरू से तय था- मैच खेला जाएगा, नियम ICC तय करेगी और झुकना पाकिस्तान को ही पड़ा.

दबाव में बढ़ोतरी: विश्व कप मुकाबले से पहले अमेरिका ने पाकिस्तान का समर्थन किया नहीं, संवेदनशील रग पर रखा हाथ

कोलंबो टी20 विश्व कप में मंगलवार को ग्रुप ए के मुकाबले में शाम 7 बजे कोलंबो में पाकिस्तान और अमेरिका की टीमें आमने-सामने होंगी। पिछले वर्ल्ड कप में यूएस की टीम ने पाकिस्तान को सुपर ओवर तक चले मैच में शिकस्त देकर बड़ा उलटफेर किया था। अब इस बार मुकाबले से पहले अमेरिका ने पाकिस्तान की उस दुखती रग पर हाथ रख दिया है। अमेरिकी स्पिनर मोहम्मद मोहसिन ने पाकिस्तान को पिछली हार की याद दिलाते हुए कहा है कि उनकी टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल है। मुकाबले से पहले सलमान अली आगा के नेतृत्व वाली टीम को चेतावनी देते हुए मोहसिन ने कहा, 'पिछला मैच हारने की वजह से पाकिस्तान के ऊपर दबाव होगा।' मोहसिन पाकिस्तानी मूल के हैं और वह 5 साल पहले अमेरिका शिफ्ट होने से पहले पाकिस्तान में काफी क्रिकेट खेले हैं। उन्होंने कहा, 'मैं पाकिस्तान टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूं, इसलिए मैंने टीम को इनपुट दिया है और अब हम और ज्यादा कुशल और विश्वास से भरी टीम हैं।' जब अमेरिका ने पाकिस्तान को 22 गज की पट्टी पर चटाई थी धूल पिछले वर्ल्ड कप में अमेरिका ने पाकिस्तान को हराकर चौंका दिया था। वो मैच काफी चर्चित रहा था और उसका फैसला सुपर ओवर में हुआ था। डलास में 6 जून 2024 को खेले गए मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाए थे। जवाब में अमेरिका ने भी निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 159 रन ही बनाए। उसके बाद मैच सुपर ओवर में गया। सुपर ओवर में पाकिस्तान के सबसे अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने लचर गेंदबाजी की। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण ओवर में 3 वाइड फेंके। इसके अलावा विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान की गलती से ओवरथ्रो के रूप में भी अमेरिका को गिफ्ट मिला। अमेरिकी टीम ने सुपर ओवर में 1 विकेट खोकर कुल 18 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान सुपर ओवर में 1 विकेट खोकर सिर्फ 13 रन ही बना सका और उसे हार का सामना करना पड़ा था। इस बार पहले ही मैच में अमेरिका ने भारत की बढ़ा दी थी टेंशन पिछले वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ऊपर अमेरिका की जीत को तुक्का समझने की भूल किसी भी टीम को भारी पड़ सकती है। इस बार भारत के पहले ही मुकाबले में अमेरिका ने ये साबित भी कर दिया। भारत की बेजोड़ बल्लेबाजी को अमेरिकी गेंदबाजों ने पूरी तरह अंकुश में रखा। एक समय तो 76 रन पर भारत के 6 विकेट गिर चुके थे। भला हो कप्तान सूर्यकुमार यादव के नाबाद 84 रनों की जबरदस्त पारी का जो टीम 9 विकेट के नुकसान पर 161 रन का स्कोर खड़ा कर पाई। जवाब में अमेरिका की टीम 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी और इस तरह टीम इंडिया ने मैच 29 रनों से जीता।

BCCI की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट: कोहली और रोहित का डाउनग्रेड, किशन-शमी का नाम गायब

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और सीनियर ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को बीसीसीआई ने 2025-26 सत्र के लिए ग्रेड A सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया है. ये तीनों ही इस बार सबसे ऊंची कैटेगरी में जगह पाने वाले खिलाड़ी हैं. बीसीसीआई ने इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है. बोर्ड ने A+ कैटेगरी को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिसके बाद अब ग्रेड A ही सबसे ऊंचा दर्जा बन गया है. रोहित-कोहली का डिमोशन पूर्व कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा, जो अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते हैं, उन्हें ग्रेड B में रखा गया है. इससे पहले दोनों ही खिलाड़ी टॉप A+ कैटेगरी का हिस्सा थे, लेकिन टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से हटने के बाद उन्हें एक दर्जा नीचे किया गया है. टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी ग्रेड B में जगह मिली है. उनके साथ केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर भी इसी कैटेगरी में शामिल हैं. ग्रेड सी में इनका नाम ग्रेड C की बात करें तो इसमें अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नीतीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई और ऋतुराज गायकवाड़ को जगह दी गई है. शमी-किशन  सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर इस लिस्ट से सबसे बड़ा नाम बाहर होने वाला तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी हैं. शमी को इस बार बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है. उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद से भारत के लिए कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है. इसके अलावा ईशान किशन का नाम भी किसी भी कैटेगरी में शामिल नहीं किया गया है. यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि ईशान टी20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थे और हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहा था. बीसीसीआई के नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में खिलाड़ियों को उनके मौजूदा फॉर्मेट और नियमितता के आधार पर ग्रेड दिया गया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि बोर्ड अब तीनों फॉर्मेट में योगदान को प्राथमिकता दे रहा है. BCCI कॉन्ट्रैक्ट 2025-26 में अहम बदलाव * टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली को दूसरे स्तर (ग्रेड बी) में रखा गया. * शुभमन गिल को ग्रेड बी से प्रमोट कर टॉप कैटेगरी ग्रेड ए में शामिल किया गया. * जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा ने अपना टॉप ग्रेड कॉन्ट्रैक्ट बरकरार रखा. * वॉशिंगटन सुंदर को ग्रेड सी से ग्रेड बी में प्रमोशन मिला. * श्रेयस अय्यर की ग्रेड बी कॉन्ट्रैक्ट में वापसी हुई. * मोहम्मद शमी को बीसीसीआई की वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट सूची से बाहर कर दिया गया. ग्रेड ए: शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा ग्रेड बी: रोहित शर्मा, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, वॉशिंगटन सुंदर, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर ग्रेड सी: अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई, ऋतुराज गायकवाड़. महिला टीम की बात करें तो कप्तान हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स को ग्रेड A में रखा गया है. इन तीनों खिलाड़ियों ने बीते समय में भारतीय महिला क्रिकेट की रीढ़ के रूप में अहम भूमिका निभाई है. ग्रेड B में दीप्ति शर्मा, रेणुका ठाकुर, शैफाली वर्मा और ऋचा घोष जैसी खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने सीमित ओवरों के प्रारूप में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. ग्रेड C में युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका दिया गया है, जिनमें यास्तिका भाटिया, हरलीन देओल, काश्वी गौतम और कई नए नाम शामिल हैं. महिला टीम के लिए कुल 21 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सूची में जगह मिली है.  

बांग्लादेश को लाहौर का न्योता: सीक्रेट मीटिंग और रात की फ्लाइट के पीछे की पूरी कहानी

 ढाका शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे (8 फरवरी) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ ढाका के हज़रत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में थे. उस वक्त बीसीबी के कुछ अधिकारी सो रहे थे, तो कई को यह भी पता नहीं था कि उनके अध्यक्ष कहां जा रहे हैं. बुलबुल की इस अचानक यात्रा की जानकारी बीसीबी के डायरेक्टर्स को तब मिली, जब उनके व्हाट्सऐप ग्रुप पर एक मैसेज आया. मैसेज में बताया गया कि अमीनुल इस्लाम बुलबुल लाहौर के लिए रवाना हो चुके हैं. बांग्लादेशी अखबार प्रथम आलो के मुताबिक, बुलबुल ने मैसेज में लिखा, 'इस यात्रा की पुष्टि सिर्फ 90 मिनट पहले हुई है. मैं अभी एयरपोर्ट पर हूं. इतने कम समय में किसी को फोन नहीं कर पाया. बैठक 8 फरवरी को लाहौर समय के अनुसार शाम 4 बजे होगी. मैं 9 फरवरी की शाम तक लौट आऊंगा.' हालांकि इस मैसेज से यह तो साफ हो गया कि बुलबुल लाहौर जा रहे हैं, लेकिन उनके अपने बोर्ड के सदस्य भी यह नहीं जान पाए कि आखिर इस दौरे का मकसद क्या है. टी20 वर्ल्ड कप विवाद से जुड़ी थी यह यात्रा अमीनुल इस्लाम बुलबुल की यह आधी रात की उड़ान आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बड़े विवाद से जुड़ी थी. बांग्लादेश पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है, जबकि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला मैच खेलने से इनकार कर दिया था. पाकिस्तान ने यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया था. इसी बीच खबरें आईं कि पाकिस्तान अपने फैसले पर यू-टर्न ले सकता है. ऐसे में लाहौर में होने वाली आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की बैठक काफी अहम हो गई. इसी बैठक में अमीनुल इस्लाम बुलबुल की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए. सवाल यह था कि क्या बुलबुल पाकिस्तान के समर्थन में वहां पहुंचे थे? या यह किसी तरह की सौदेबाजी का संकेत था? और अगर सौदा हो रहा था, तो किस बात पर? यह भी हैरानी की बात रही कि जब कई लोग ज़ूम के जरिए बैठक में शामिल हुए, तो फिर बीसीबी प्रमुख को खुद लाहौर जाकर मौजूद रहने की जरूरत क्यों पड़ी, जबकि बैठक का एजेंडा बांग्लादेश से ज्यादा पाकिस्तान से जुड़ा हुआ था. खासकर तब, जब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप में शामिल कर लिया गया है. बांग्लादेश के क्रिकेट अध्यक्ष क्यों पहुंचे पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमीनुल इस्लाम बुलबुल रविवार को लाहौर पहुंचे, जहां उन्हें पीसीबी के सीईओ सलमान नसीर ने रिसीव किया. पीसीबी ने सोशल मीडिया पर उनका स्वागत करते हुए एक वीडियो भी साझा किया. दरअसल, पाकिस्तान ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाला टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से इनकार तब किया था, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से मना कर दिया था. मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के समर्थन से बांग्लादेश ने आईसीसी से अपने मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी. आईसीसी ने यह मांग ठुकरा दी और बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद यह पूरा विवाद और गहरा गया.  5 घंटे की बैठक, लेकिन फैसला अधूरा लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी के बीच करीब 5 घंटे तक चली बैठक के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. पाकिस्तान ने आईसीसी को बताया कि वह भारत के खिलाफ मैच खेलने पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की अगुवाई वाली केंद्र सरकार से सलाह के बाद ही करेगा. बैठक में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के बदले तीन शर्तें रखीं— 1. आईसीसी रेवेन्यू में ज्यादा हिस्सा 2. भारत-पाक द्विपक्षीय क्रिकेट की बहाली 3. खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल खबरों के मुताबिक, बुलबुल और पीसीबी प्रमुख नक़वी के बीच अलग से वन-ऑन-वन बैठक भी हुई. तो आखिर बैठक में बांग्लादेश क्यों था? भले ही बांग्लादेश अब वर्ल्ड कप से बाहर हो चुका है, लेकिन लाहौर बैठक में उसकी मौजूदगी अहम मानी जा रही है. बीसीबी लगातार पाकिस्तान के रुख के साथ खड़ा रहा है और यह मौजूदगी पाकिस्तान की मोलभाव की ताकत बढ़ाने वाली मानी जा रही है. भारत-पाकिस्तान मैच दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मुकाबलों में से एक है. इससे आईसीसी को ब्रॉडकास्ट, स्पॉन्सरशिप और विज्ञापन से करोड़ों की कमाई होती है. इसका असर बाकी छोटे बोर्ड्स, जैसे बांग्लादेश, की सालाना कमाई पर भी पड़ता है. बांग्लादेशी खेल पत्रकार देब चौधरी के मुताबिक, आईसीसी बांग्लादेश के जरिए पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है. अगर यह मैच होता है, तो बांग्लादेश को भी आईसीसी की कमाई में हिस्सा मिल सकता है, जिससे वर्ल्ड कप से बाहर होने का आर्थिक नुकसान कुछ हद तक कम हो जाएगा. खेल और राजनीति की जटिल कहानी अमीनुल इस्लाम बुलबुल की रात 1 बजे की यह अचानक उड़ान भले ही उनके अपने बोर्ड के लिए रहस्य रही हो, लेकिन इससे यह साफ हो गया कि बांग्लादेश क्रिकेट किस तरह पाकिस्तान के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ गया है. यह पूरा मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेल और राजनीति को अलग करना आसान नहीं है.