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सैयद किरमानी का बड़ा बयान: कप्तानी रेस में थे वे और वेंगसरकर, लेकिन चुने गए कपिल देव

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सुनहरे अध्याय- 1983 विश्व कप को लेकर पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सैयद किरमानी का एक पुराना लेकिन बेहद अहम खुलासा एक बार फिर सुर्खियों में है. किरमानी ने बताया है कि इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट से ठीक पहले टीम इंडिया की कप्तानी को लेकर चयन समिति के भीतर गहन और निर्णायक मंथन चला था, जिसमें उनका नाम और दिलीप वेंगसरकर भी गंभीर दावेदारों के रूप में शामिल थे. … लेकिन अंतिम निर्णय उस खिलाड़ी के पक्ष में गया, जिसने आगे चलकर न सिर्फ उस विश्व कप की तस्वीर बदली, बल्कि भारतीय क्रिकेट के पूरे इतिहास को नई दिशा दे दी… और वह नाम था- कपिल देव. किरमानी के इस बयान ने 1983 विश्व कप से जुड़े उस कम चर्चित पहलू को फिर से चर्चा में ला दिया है, जो अब तक क्रिकेट इतिहास की परतों में दबा हुआ था. उस समय भारतीय चयन समिति की अध्यक्षता गुलाम अहमद कर रहे थे. उनके साथ अनुभवी चयनकर्ताओं की एक मजबूत टीम थी, जिसमें  बिशन सिंह बेदी, पंकज रॉय, चंदू बोर्डे और चंदू सरवते जैसे दिग्गज शामिल थे. किरमानी के अनुसार, वेस्टइंडीज दौरे के दौरान ही कप्तानी को लेकर अंदरखाने चर्चा तेज हो गई थी. यह बहस दो नामों के बीच सिमटी थी- किरमानी और वेंगसरकर. दोनों खिलाड़ियों के पास अपनी-अपनी मजबूत दावेदारी थी. एक ओर जहां किरमानी टीम के भरोसेमंद विकेटकीपर थे, वहीं वेंगसरकर शीर्ष क्रम के अनुभवी बल्लेबाज के रूप में स्थापित हो चुके थे. लेकिन इसी चर्चा के बीच एक महत्वपूर्ण तर्क सामने आया- क्या एक विकेटकीपर को कप्तानी का अतिरिक्त दबाव देना सही होगा? इसी सोच ने चयनकर्ताओं की दिशा बदल दी और अंतिम निर्णय की भूमिका तैयार की. कपिल देव की ओर झुकी तौल अंततः चयन समिति ने जिस खिलाड़ी पर भरोसा जताया, वह थे कपिल देव यह निर्णय उस समय भले ही साधारण चयन की तरह लगा हो, लेकिन इतिहास ने इसे भारतीय क्रिकेट का सबसे निर्णायक फैसला साबित कर दिया. कपिल देव की कप्तानी में भारत ने न सिर्फ विश्व कप में भाग लिया, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर ही बदल दी. कमजोर मानी जाने वाली भारतीय टीम ने पहले दौर में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों को हराकर सबको चौंका दिया. 25 जून 1983: इतिहास का अमर दिन 25 जून 1983 को लॉर्ड्स के मैदान पर भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रन से हराकर क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखा. यह वही वेस्टइंडीज टीम थी, जिसे उस समय दुनिया की सबसे मजबूत क्रिकेट टीम माना जाता था. इस जीत ने भारत को पहली बार 50 ओवर का विश्व कप दिलाया और ‘कपिल्स डेविल्स’ की एक ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है. किरमानी का मानना है कि यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नींव थी, जिसने आने वाले दशकों में खेल की दिशा और दशा दोनों बदल दी. 'पहला प्यार कभी नहीं भूलता' किरमानी ने भावुक होते हुए कहा कि 1983 की जीत भारतीय क्रिकेट के लिए 'पहले प्यार' जैसी है, जिसे कोई भी देशवासी कभी नहीं भूल सकता. उनके अनुसार, उस टीम ने न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि भारतीय क्रिकेट को आत्मविश्वास, पहचान और वैश्विक सम्मान दिलाया. वे यह भी कहते हैं कि इस उपलब्धि को हर वर्ष 25 जून को विशेष रूप से मनाया जाना चाहिए, क्योंकि इसी दिन भारतीय क्रिकेट ने दुनिया को अपनी असली ताकत दिखाई थी. सम्मान को लेकर सवाल किरमानी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर भी परोक्ष सवाल उठाए. उनका कहना है कि जिस तरह 2007 टी20 विश्व कप जीत के बाद महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम का भव्य सम्मान हुआ, वैसा 1983 के नायकों को नहीं मिला. उनका मानना है कि 1983 की टीम ने भारतीय क्रिकेट की आर्थिक और लोकप्रियता की नींव रखी, लेकिन समय के साथ उस योगदान को उतनी प्रमुखता नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी. किरमानी ने यह भी कहा कि उस दौर के खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट को सिर्फ जीत नहीं दी, बल्कि उसे टीवी, स्पॉन्सरशिप और वैश्विक पहचान के नए युग में पहुंचाया. बदलता क्रिकेट और विकेटकीपर की भूमिका किरमानी ने आधुनिक क्रिकेट में विकेटकीपर की भूमिका पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि पहले विकेटकीपर को केवल स्टंप के पीछे की जिम्मेदारी निभाने वाला खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. उन्होंने एमएस धोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज का विकेटकीपर मैदान का रणनीतिक केंद्र बन चुका है. वह गेंदबाजों को दिशा देता है, फील्ड सेट करता है और बल्लेबाजों की कमजोरियों को पढ़ने में अहम भूमिका निभाता है. उनके अनुसार, विकेटकीपर को अब केवल विशेषज्ञ नहीं, बल्कि 'आधुनिक ऑलराउंडर सोच' वाला खिलाड़ी माना जाना चाहिए.

रोनाल्डो, मेसी, एमबापे और नेमार पर टिकी दुनिया की नजरें

 नई दिल्ली  48 देश, 1248 खिलाड़ी और लक्ष्य एक फीफा विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी। वो ट्रॉफी जो आज तक सिर्फ आठ देश जीत पाए हैं। अमेरिका की उष्णकटिबंधीय जलवायु में जहां औसत तापमान 32 डिग्री रहेगा, वहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपने खेल से तापमान को और बढ़ाने के लिए जी जान लगा देंगे। अगले 39 दिन तक दुनिया फुटबॉल के मैदान पर सिमट जाएगी। गुरुवार रात मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका की भिड़ंत के साथ शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट का अंत 19 जुलाई को न्यूजर्सी में फाइनल के साथ होगा। अब तक के सबसे बड़े और भ‍व्य फुटबॉल विश्व कप में सभी की नजरें पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अर्जेंटीना के लियोन मेसी, फ्रांस के काइलियन एमबापे और ब्राजील के नेमार पर सभी की नजरें होंगी। रोनाल्डो के लिए विश्व कप जीतने का ये छठा प्रयास होगा। नेमार की झोली में भी ये बहुमूल्य ट्रॉफी नहीं है। तो वहीं मेसी और एमबापे चाहेंगे कि वो इसे दूसरी बार अपने नाम कर लें, लेकिन ये आसान नहीं होने वाला। मौजूदा विश्व कप में शामिल किसी भी खिलाड़ी ने ऐसे गरम मौसम में फुटबॉल विश्व कप नहीं खेला। इससे पहले सिर्फ एक बार इतनी गर्मी में फीफा विश्व कप खेला गया था। वो साल था 1994 और मेजबान, यही अमेरिका। उस विश्व कप को याद करने वाले आज भी गर्मी से बेचैन हो जाते हैं। उस बार के चैंपियन ब्राजील के सामने एक बार फिर से मौका होगा कि वो दुनिया को सांबा के मोहपाश में बांध लें। शकीरा और बर्ना बाय देंगे रंगारंग प्रस्तुति उद्घाटन मुकाबले से 90 मिनट पहले रंगारंग समारोह होगा, जिसमें शकीरा, बर्ना बाय, जे बैल्विन, टायला, माना, अलेहांद्रो फर्नांडेज, बेलिंडा जैसे दिग्गज सितारे प्रस्तुति देंगे। नंबर गेम 104 मैच खेले जाएंगे इस बार विश्व कप में जो सबसे ज्यादा हैं, पहले 64 मैच होते थे 3 अलग अलग विश्व कप मैचों की मेजबानी करने वाला मेक्सिको का एज्टेका पहला स्टेडियम बनेगा 17 वर्षीय मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा सबसे युवा खिलाड़ी होंगे जबकि स्काटलैंड के गोलकीपर क्रेग गार्डन सबसे उम्रदराज 357 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहले भी किसी न किसी विश्व कप टीम का हिस्सा रह चुके हैं 891 खिलाड़ी पहली बार फीफा विश्व कप का अनुभव करेंगे पहली बार खेलेंगे ये देश कैप वेर्डे, कुराकाओ, जार्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार फीफा विश्व कप में खेलेंगे अब तक के विजेता     ब्राजील : 1958, 1962, 1970, 1994, 2002     जर्मनी : 1954, 1974, 1990, 2014     इटली : 1934, 1938, 1982, 2006     अर्जेंटीना : 1978, 1986, 2022     उरुग्वे : 1930, 1950     फ्रांस : 1998, 2018     इंग्लैंड : 1966     स्पेन : 2010 फीफा विश्व कप के मैच मेक्सिको बनाम दक्षिण अफ्रीका स्थान : मेक्सिको सिटी समय : 12:30 एएम दक्षिण कोरिया बनाम चेकिया स्थान : गुअलदहारा समय : 7:30 एएम प्रसारण : युनाइट8 1 व 2 स्पोर्ट्स, जी5

17 साल की तन्वी शर्मा ने किया बड़ा उलटफेर

सिडनी  दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू की अगुआई में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने बुधवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में प्रभावी प्रदर्शन किया जबकि तन्वी शर्मा भी उलटफेर करने में सफल रहीं। तीसरी वरीय सिंधू, तन्वी, मालविका बंसोड, ईशारानी बरुआ और तान्या हेमंत सभी ने राउंड आफ 16 में जगह बनाई। सिंधू ने महिला सिंगल्स के पहले दौर के एकतरफा मुकाबले में पेरू की इनेस लूसिया कास्टिलो सालाजार को सीधे गेम में सिर्फ 32 मिनट में 21-13, 21-11 से हराया। सिंधू अगले दौर में हमवतन ईशारानी से भिड़ेंगी जिन्होंने एक घंटा तीन मिनट चले कड़े मुकाबले में चीन की हान कियान को 22-20, 10-21, 21-14 से शिकस्त दी। दिन का सबसे बड़ा उलटफेर दिन का सबसे बड़ा उलटफेर 17 साल की तन्वी ने किया जिन्होंने पांचवीं वरीय और दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी चीनी ताइपे की च्यु पिन चियान को 45 मिनट में 21-12, 22-20 से शिकस्त दी। तन्वी अगले दौर में साथी भारतीय खिलाड़ी मालविका से भिड़ेंगी, जिन्होंने पहला गेम गंवाने के बाद वापसी करते हुए थाईलैंड की तोंरुंग सेहेंग को 15-21, 21-7, 21-13 से हराया। जॉर्ज ने झेली शिकस्‍त पुरुष सिंगल्स में किरण जॉर्ज को कड़े मुकाबले में मलेशिया के जस्टिन हो के विरुद्ध एक घंटा दो मिनट में 19-21, 21-14, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव रावत और मनीषा के ने लिन जेडन और विक्टोरिया जोनाडी की स्थानीय जोड़ी को 27 मिनट में 21-13, 21-14 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।  

वनडे क्रिकेट में भारत का जलवा बरकरार, ICC ODI रैंकिंग में हासिल किया शीर्ष स्थान

नई दिल्ली आईसीसी की पुरुष ODI रैंकिंग में टीम इंडिया टॉप पर बनी हुई है. आईसीसी की जारी रैंकिंग में टीम इंडिया के 1189 प्वाइंट हैं. पिछले साल की तुलना में टीम इंडिया के प्वाइंट में एक अंक की कमी आई है. न्यूजीलैंड 113 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है. वहीं, ऑस्ट्रेलिया 109 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर है।  टॉप 10 पोजीशन में एक एक ही बड़ा बदलाव हुआ है. दक्षिण अफ्रीका 102 अंकों के साथ पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए चौथे स्थान पर पहुंच गया है. पाकिस्तान वनडे रैंकिंग में 98 अंक हैं। 

दंबुला में वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक खेल, बिना छक्के 200 के स्ट्राइक रेट से खेली तेज पारी

 दांबुला श्रीलंका के दांबुला स्थित रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई नेशन A सीरीज 2026 के मुकाबले में भारत A के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं. अफगानिस्तान A के खिलाफ गुरुवार (11 जून) को मुकाबले में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे वैभव ने सिर्फ 22 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली. आमतौर पर बड़े शॉट्स और छक्कों के लिए पहचाने जाने वाले वैभव इस बार अलग अंदाज में नजर आए. उन्होंने पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया, लेकिन चौकों की ऐसी बरसात की कि अफगानिस्तान A के गेंदबाज दबाव में आ गए. उनकी पारी में कुल 9 चौके शामिल रहे और स्ट्राइक रेट 200 रहा.   भारत A की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की. अफगानिस्तान A ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने नई गेंद का फायदा उठाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले और टीम को तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि शानदार अर्धशतक की ओर बढ़ रहे वैभव सातवें ओवर में आउट हो गए. पारी के 7.1 ओवर में अब्दुल्ला अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने बैकफुट से गाइड करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर इशाक रहीमी के दस्तानों में चली गई. इस तरह वैभव 22 गेंदों में 44 रन बनाकर पवेलियन लौटे. हालांकि वैभव, जिस तरह आउट हुए उस तरीके पर सवाल भी उठे. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी, क्योंकि वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर सकते थे. फिर भी उनकी पारी ने यह दिखा दिया कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स के भरोसे नहीं, बल्कि क्लासिकल स्ट्रोकप्ले और टाइमिंग के दम पर भी तेजी से रन बना सकते हैं. यही वजह है कि उनकी यह पारी कई क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली के शुरुआती दिनों की याद दिला गई, जब चौकों के जरिए रन गति बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी. खास बात यह है कि व‍िराट कोहली भी छक्के जड़ने से ज्यादा इन‍िंग बिल्ट करने में व‍िश्वास करते हैं, उसी अंदाज में वो वैभव भी खेलने उतरे थे. इससे पहले श्रीलंका ए के ख‍िलाफ मंगलवार को हुए मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए थे, तब भी उन्होंने 3 चौके जड़े थे. आईपीएल 2026 में 72 छक्के जड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी फ‍िलहाल तो अब तक चौकों में ही डील करते नजर आए हैं. भारत A प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विपराज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज. अफगानिस्तान A प्लेइंग XI: इमरान मीर (कप्तान) ,हसन ईसाखिल, खालिद तनीवाल, इजाज अहमद अहमदजई, बहिर शाह, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर),फरमानुल्लाह, अब्दुल्ला अहमदजई, खलील गुरबाज, मोहम्मद इब्राहिम, जहीर खान

क्या बेन स्टोक्स की जाएगी कप्तानी? संभावित कार्रवाई की खबरों से इंग्लैंड में हड़कंप

लंदन  लॉर्ड्स में जीत का जश्न अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि इंग्लैंड क्रिकेट में फिर से हलचल मच गई है. कप्तान बेन स्टोक्स नाइटक्लब विवाद को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना के बाद न सिर्फ उनकी कप्तानी पर बल्कि पूरे करियर पर भी ‘फुल स्टॉप’ लगने की अटकलें तेज हो गई हैं।  कहानी यूं शुरू होती है- इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 115 रनों से हराया, स्टेडियम में तालियां गूंजीं और ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल था. लेकिन असली ड्रामा उसके बाद शुरू हुआ. ‘टॉकस्पोर्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, देर रात एक नाइटक्लब में स्टोक्स और साथी खिलाड़ी  गस एटकिंसन की मौजूदगी में विवाद हो गया, जिसमें टीम प्रोटोकॉल के उल्लंघन की बात सामने आई।  अब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने जांच शुरू कर दी है. बोर्ड ने साफ कहा है कि मामला टीम अनुशासन और कर्फ्यू तोड़ने से जुड़ा है और सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा. यानी फिलहाल गेंद ECB के पाले में है और खिलाड़ी 'ड्रेसिंग रूम' में इंतजार कर रहे हैं।  इस बीच पूर्व इंग्लिश तेज गेंदबाज स्टीव हार्मिसन ने स्टोक्स का बचाव किया है. उनका कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरा सच सामने आना चाहिए. उनके मुताबिक, स्टोक्स सिर्फ खिलाड़ी नहीं बल्कि एक जिम्मेदार इंसान भी हैं और जल्दबाजी में फैसला लेना सही नहीं होगा।  लेकिन दूसरी तरफ क्रिकेट गलियारों में चर्चा गर्म है- क्या यह मामला सिर्फ एक 'लेट नाइट आउटिंग' है या फिर इंग्लिश क्रिकेट के सबसे बड़े चेहरे के लिए बड़ा मोड़? कुछ रिपोर्ट्स तो यहां तक दावा कर रही हैं कि स्टोक्स कप्तानी छोड़ सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास भी ले सकते हैं।  फिलहाल स्थिति यह है कि जांच जारी है, अटकलें तेज हैं, और इंग्लिश क्रिकेट एक बार फिर उसी मोड़ पर खड़ा है जहाँ सवाल ज्यादा हैं और जवाब कम। 

फ्लॉप प्रदर्शन पड़ा भारी! जो रूट की रैंकिंग गिरी, शुभमन गिल ने टेस्ट रैंकिंग में मारी लंबी छलांग

मुंबई  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार को टेस्ट प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है, जिसमें तख्तापलट पलट हो गया। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट से नंबर-1 बल्लेबाज का ताज छिन गया है। रूट के हमवतन हैरी ब्रूक फिर से शीर्ष पर काबिज हो गए हैं। ब्रूक के खाते में फिलहाल 869 रेटिंग अंक हैं। रूट 853 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर लुढ़क गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड (853) अब ब्रूक की जगह दूसरे स्थान पर आ गए। रूट को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में प्लॉप शो का खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने पहली पारी में एक जबकि दूसरी पारी में 8 रन बनाए। ब्रूक ने अर्धशतक (56 रन) लगाया था। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में आयोजित टेस्ट मैच 115 रनों से अपने नाम किया था। शुभमन गिल की टॉप-10 में आई मौज भारतीय कप्तान शुभमन गिल (743 अंक) की टॉप-10 में मौज आई है। वह दो स्थान चढ़कर आठवें पर पहुंच गए हैं। गिल ने मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में 126 रनों की शानदार पारी खेली थी। भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से धूल चटाई। यह भारत की पारी के आधार पर सबसे बड़ी जीत थी। विकेटकीपर ऋषभ पंत (705) को एक स्थान का फायदा मिला। वह 12वें पर चले गए। उन्होंने मुल्लांपुर में 81 रनों की पारी खेली थी। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (733) एक पायदान लुढ़कर नौवें पर आ गए हैं। उन्होंने 24 रनों का योगदान दिया था। बेन डकेट (तीन पायदान ऊपर 15वें), जेमी स्मिथ (पांच स्थान चढ़कर 23वें) और ग्लेन फिलिप्स (15 पायदान ऊपर 40वें) को लॉर्ड्स टेस्ट में अच्छे प्रदर्शन का लाभ मिला। पेसर गस एटकिंसन ने लगाई छलांग टेस्ट बॉलर्स की लिस्ट में इंग्लैंड के पेसर गस एटकिंसन सात पायदान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर आ गए हैं। वह दो स्थान टेस्ट ऑलराउंडरों की लिस्ट में आगे बढ़े और छठे पर चले गए। लाल गेंद वाले क्रिकेट से लंबे ब्रेक के बाद वापसी करने वाले तेज गेंदबाज काइल जैमीसन (22वें) और ओली रॉबिन्सन (23वें) टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में फिर से शामिल हो गए हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ 16 स्थान की छलांग 43वें नंबर पर आ गए हैं। भारत के जसप्रीत बुमराह नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज हैं। उनके 870 अंक हैं। बुमराह अफगानिस्तान टेस्ट में नहीं खेले थे। ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क (838) दूसरे नंबर पर हैं। भारत के रवींद्र जडेजा (446 अंक) नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। वह भी मुल्लांपुर टेस्ट में भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थे।

Pakistan Squad Announced: एशियन गेम्स में नए चेहरे, वरिष्ठ खिलाड़ियों की छुट्टी, फरहान बने कप्तान

करांची  एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। जापान में होने वाले इन एशियाई खेलों के लिए पाकिस्तान की टीम में तमाम दिग्गजों को जगह नहीं मिली है। कप्तान सलमान अली आगा से लेकर बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं है। पहली नजर में देखकर लग रहा है कि यह एकदम नई नवेली टीम है, क्योंकि 4 खिलाड़ियों ने अभी तक T20I में डेब्यू भी नहीं किया है। इस टीम की कप्तानी बोर्ड ने युवा बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को सौंपी है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन किया था। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में एशियन गेम्स का आयोजन होना है। इसके लिए क्रिकेट टीमों की घोषणा होना शुरू हो गया है। बीसीसीआई ने पिछले सप्ताह टीम की घोषणा की थी। बीसीसीआई ने फुल फ्लेज्ड टीम इस इवेंट में भेजने का फैसला लिया है, जबकि पाकिस्तान एक युवाओं से भरी हुई टीम भेजने जा रहा है, जिसकी घोषणा भी पीसीबी ने कर दी है। बहुत कम ऐसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं, जिन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट का बहुत ज्यादा अनुभव है। बोर्ड ने यह फैसला क्यों लिया है? इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। हो सकता है कि कोई सीरीज उस समय पाकिस्तान की किसी देश के साथ शेड्यूल हो। 10 टीमों का मेन्स T20I इवेंट आइची प्रीफेक्चर के कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेला जाएगा। मेन्स क्रिकेट इवेंट 24 सितंबर को शुरू होगा, जबकि मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेले जाएंगे। पाकिस्तान के लिए 46 टी20 मैच खेल चुके साहिबजादा फरहान इस टीम को लीड करेंगे, जो दो शतक और 10 अर्धशतक इस फॉर्मेट में जड़ चुके हैं। वहीं, पांच टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले अब्दुल समद को वाइस कैप्टन बनाया गया है। 4 खिलाड़ी ऐसे भी इस 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं, जिन्होंने अभी तक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। आकिफ जावेद, अली रजा, माज सदाकत और साद मसूद ने अभी तक पाकिस्तान के लिए एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। इनमें से कुछ खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिल सकता है और देश का प्रतिनिधित्व इंटरनेशनल क्रिकेट में करने का मौका मिलने की संभावना है। पाकिस्तान की टीम इस प्रकार है साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद (उप-कप्तान), अबरार अहमद, अहमद दानियाल, आकिफ जावेद, अली रजा, अराफात मिन्हास, हैदर अली, हसन नवाज, माज सदाकत, मोहम्मद सलमान मिर्जा, साद मसूद, सैम अयूब, सुफयान मुकीम और उस्मान खान (विकेट-कीपर) एशियन गेम्स के लिए जो सपोर्ट स्टाफ पाकिस्तान भेजने वाला है। उनमें हेड कोच माइक हेनस, बॉलिंग कोच एशले नोफके, फील्डिंग कोच शेन मैकडरमॉट, फीजियोथेरेपिस्ट मुहम्मद ताहिर, ट्रेनर इमरान उल्लाह और एनालिस्ट उस्मान हाशमी का नाम शामिल है।  

टीम इंडिया को बड़ा झटका! हार्दिक पंड्या OUT, चोट के कारण अफगानिस्तान वनडे सीरीज से हुए बाहर

धर्मशाला भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 जून से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं।  बीसीसीआई की मेडिकल अपडेट के अनुसार हार्दिक को लो-ग्रेड क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेन हुआ है. यह जांघ के आगे वाले हिस्से की मांसपेशी में खिंचाव की चोट है. मेडिकल स्टाफ ने उनकी रिकवरी अवधि लगभग तीन सप्ताह बताई है. ऐसे में वह अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले तीनों वनडे मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे।  हार्दिक का बाहर होना भारतीय टीम के संतुलन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वह न सिर्फ मध्यक्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हैं, बल्कि नई गेंद और मिडिल ओवरों में उपयोगी तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं. उनकी गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन को ऑलराउंडर विभाग में नए संयोजन पर विचार करना पड़ सकता है।  शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगी. टीम में रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और ईशान किशन जैसे बल्लेबाज शामिल हैं. ऑलराउंडर विभाग में नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और हर्ष दुबे पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ सकती है।  भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 13 जून को धर्मशाला में खेला जाएगा. इसके बाद दूसरा मुकाबला 17 जून को लखनऊ और तीसरा तथा अंतिम वनडे 20 जून को चेन्नई में होगा।  इस सीजन आईपीएल में हार्दिक पंड्या को फिटनेस समस्याओं का सामना करना पड़ा था. वह मुंबई इंडियंस के लिए कुछ मुकाबलों में नहीं खेल पाए थे, हालांकि 24 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम के आखिरी मैच में उन्होंने वापसी कर ली थी।  अफगानिस्तान सीरीज भारत के लिए आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ऐसे में हार्दिक पंड्या का बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है. अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलता है और भारतीय टीम मैदान पर किस संयोजन के साथ उतरती है।  भारत: वनडे  स्क्वॉड शुभमन गिल (कप्तान), श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव और गुरनूर बरार।  * हार्दिक पंड्या लो-ग्रेड क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेन के कारण अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनके स्थान पर रिप्लेसमेंट की घोषणा होना बाकी है।  IND vs AFG: ODI सीरीज पहला वनडे- 13 जून, धर्मशाला, दोपहर 1:30 बजे दूसरा वनडे- 17 जून, लखनऊ, दोपहर 1:30 बजे तीसरा वनडे- 20 जून, चेन्नई, दोपहर 1:30 बजे

श्रीलंका ने आखिरी पलों में किया सरेंडर, भारत ने 10 गेंदों में छीनी जीत, दांबुला में दिखा दमदार खेल

 दांबुला दांबुला में मंगलवार (9 जून) को खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत A ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए श्रीलंका A को 8 रन से हरा दिया. एक समय मैच पूरी तरह मेजबान टीम की गिरफ्त में दिखाई दे रहा था, लेकिन आखिरी 10 गेंदों में चार विकेट गिरने से मुकाबला पलट गया और तिलक वर्मा की अगुआई वाली भारतीय टीम ने जीत के साथ अभियान का आगाज किया।  मैच में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की थी. हालांकि युवा बल्लेबाज अपनी पहली लिस्ट-A पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना सके और 14 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने अपनी छोटी पारी में तीन आकर्षक चौके लगाए, लेकिन मोहम्मद शिराज की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर शॉट खेलने की कोशिश में कप्तान सहान अराचिगे को कैच थमा बैठे।  भारत A की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने सिर्फ 16 रन पर वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह के विकेट गंवा दिए. इसके बाद प्रियांश आर्य ने 32 रन की तेज पारी खेली, लेकिन ऋतुराज गायकवाड़ के साथ गलतफहमी का शिकार होकर रनआउट हो गए।  69 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने पारी को संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 150 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।  ऋतुराज ने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए 112 गेंदों पर 101 रन बनाए. यह उनके लिस्ट-A करियर का 21वां शतक रहा. उन्होंने शुरुआत में संयम बरता और बाद में रनगति बढ़ाते हुए टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया. दूसरी ओर तिलक वर्मा ने 97 गेंदों पर 60 रन बनाए. दोनों बल्लेबाजों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी की।  पारी के अंत में आयुष बदोनी और सूर्यांश शेडगे ने तेजी दिखाई. बदोनी ने 18 गेंदों पर 24 रन बनाए, जबकि शेडगे 14 गेंदों पर 26 रन बनाकर नाबाद लौटे. दोनों के बीच 46 रन की तेज साझेदारी ने भारत A को 50 ओवर में 277/6 तक पहुंचा दिया।  श्रीलंका का दमदार रनचेज, लेकिन फ‍िर हालत खराब  लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका A ने दमदार शुरुआत की. वापसी कर रहे न‍िरोशन डिकवेला (47) और अविष्का फर्नांडो (45) ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़कर भारत पर दबाव बनाया. हालांकि दोनों बल्लेबाज आयुष बदोनी की स्पिन के खिलाफ बड़े शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए।  इसके बाद सदीरा समरविक्रमा ने 46 रन बनाए, जबकि कप्तान सहान अराचिगे ने 72 गेंदों पर 74 रन की बेहतरीन पारी खेली. अंतरराष्ट्रीय अनुभव रखने वाले सहान ने टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया था।  श्रीलंका को अंतिम 10 गेंदों में सिर्फ 9 रन चाहिए थे और उसके हाथ में तीन विकेट थे. तभी तेज गेंदबाज अंशुल कांबोज ने सटीक यॉर्कर पर सहान को बोल्ड कर भारत को मैच में वापस ला दिया. इसके बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने दबाव में लगातार गलतियां कीं।  अंतिम ओवर में भारत ने तीन विकेट झटककर मुकाबला पूरी तरह भारत की झोली में डाल दिया. यह ओवर अरशद खान ने फेंका, 2 व‍िकेट उनको मिले, वहीं एक व‍िकेट रनआउट हुआ. श्रीलंका A की पूरी टीम 48.5 ओवर में 269 रन पर सिमट गई और भारत A ने 8 रन से रोमांचक जीत दर्ज कर ली।  गेंदबाजी में आयुष बदोनी (2/46) और अनुकुल रॉय (2/49) ने अहम भूमिका निभाई. दोनों स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम लगाकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा. भारत A अब 11 जून को इसी मैदान पर अफगानिस्तान A के खिलाफ अपना अगला मुकाबला खेलेगा।