samacharsecretary.com

भारत और अफगानिस्तान दूसरे टी20 मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी स्पोर्ट्स और फैनकोड पर होगी

नई दिल्ली पहले मैच में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज का आगाज किया। अरुण जेटली स्टेडियम में मेजबान अफगानिस्तान भारतीय टीम को टक्कर भी नहीं दे पाया। यह टी20 सीरीज तीन मैचों की है। दूसरे मैच को अपने नाम करके भारतीय टीम सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगी। भारत टी20 का विश्व चैंपियन है लेकिन अफगानिस्तान को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता है। भारत और अफगानिस्तान के बीच दूसरा टी20 मैच कब खेला जाएगा? भारत और अफगानिस्तान के बीच दूसरा टी20 मुकाबला 15 सितंबर (मंगलवार) को खेला जाएगा। भारत और अफगानिस्तान का दूसरा टी20 मैच कहां खेला जाएगा? भारत और अफगानिस्तान का दूसरा टी20 मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में ही खेला जाएगा। भारत और अफगानिस्तान के दूसरे टी20 मैच की शुरुआत कितने बजे से होगी? भारत और अफगानिस्तान का दूसरा टी20 मैच शाम 7 बजकर 30 बजे शुरू हो जाएगा। भारत और अफगानिस्तान के दूसरे टी20 का लाइव टेलीकास्ट कहां देखें? भारत और अफगानिस्तान के दूसरे टी20 मैच की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगी। भारत और अफगानिस्तान के दूसरे टी20 मैच की लाइव स्ट्रीमिंग किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं? भारत और अफगानिस्तान दूसरे टी20 मैच की लाइव स्ट्रीमिंग देखने के लिए फैंस फैनकोड ऐप पर जा सकते हैं। इस प्रकार हैं दोनों टीमों का स्क्वाड भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वैभव सूर्यवंशी, वाशिंगटन सुंदर, यश ठाकुर, रवि बिश्नोई। अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, गुलबदीन नैब, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी, नवीन-उल-हक, नांगेयालिया खरोती, अब्दुल्ला अहमदजई, नूर उल रहमान।  

भारत ने ठुकराई ट्रॉफी, नकवी बने सबसे बड़े विनर? महिला एशिया कप विवाद में समझिए पूरा खेल

 नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ मोहसिन नकवी के लिए एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) में आगे का सफर आसान नहीं रहने वाला है. एसीसी चेयरमैन के तौर पर नकवी का मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2027 में खत्म हो रहा है. एसीसी चेयरमैन के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रावधान मौजूद है, लेकिन दूसरे कार्यकाल के लिए सदस्य बोर्ड्स का समर्थन जरूरी होगा।  ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मोहसिन नकवी को दोबारा इस पद पर बने रहने के लिए पर्याप्त समर्थन मिल पाएगा. मौजूदा हालात में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की तरफ से उनके लिए समर्थन मिलने की संभावना नहीं मानी जा रही है. इतना ही नहीं, एसीसी के दूसरे सदस्य बोर्डों के बीच भी नकवी को एक और कार्यकाल दिलाने को लेकर उत्साह नजर नहीं आ रहा है।  एसीसीस में चेयरमैन का पद दो साल के रोटेशन सिस्टम के तहत चलता है. इसी व्यवस्था के मुताबिक नकवी ने 2025 में एसीसी की कमान संभाली थी और उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 में समाप्त होगा. इसका मतलब है कि नकवी के पास अब करीब सात महीने का समय बचा है. इसके बाद एसीसी को नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया से गुजरना होगा. हालांकि, कार्यकाल बढ़ाने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए सदस्य देशों के बीच सहमति और समर्थन अहम होगा।   महिला एशिया कप विवाद का खेल समझिए महिला एशिया कप के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. लेकिन मैच खत्म होते ही कहानी क्रिकेट से निकलकर भारत-पाकिस्तान के रिश्तों और राजनीति तक पहुंच गई. ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के लिए मंच पर मौजूद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) अध्यक्ष मोहसिन नकवी से भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।  दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान फाइनल में था ही नहीं. फिर भी उसका एक सबसे ताकतवर चेहरा पूरे घटनाक्रम के केंद्र में आ गया।  मोहसिन नकवी इस समय एसीसी अध्यक्ष, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री हैं. यानी जिस शख्स के हाथों भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया, वह सिर्फ क्रिकेट प्रशासक नहीं, बल्कि पाकिस्तान सरकार का भी बेहद अहम चेहरा है।  जय शाह को मिला था एक्सटेंशन उदाहरण के लिए आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के मौजूदा चेयरमैन जय शाह का बतौर एसीसी चीफ कार्यकाल बढ़ाया गया था. उन्होंने जनवरी 2021 में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के तत्कालीन प्रमुख नजमुल हसन से यह जिम्मेदारी संभाली थी. बाद में सदस्य देशों की सहमति से शाह का कार्यकाल 2024 तक बढ़ाया गया था. जय शाह का कार्यकाल चार साल तक चला और वह एसीसी के सबसे लंबे समय तक चेयरमैन रहने वाले पदाधिकारियों में शामिल हुए।  दिसंबर 2024 में जय शाह के चेयरमैन बनने के बाद श्रीलंका के शम्मी सिल्वा ने कुछ समय के लिए एसीसी में सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभाली. 2025 में यह जिम्मेदारी पाकिस्तान के मोहसिन नकवी को मिली. अब अप्रैल 2027 में उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद एसीसी के सामने अगला चेयरमैन चुनने का सवाल होगा।  भारत कब आएगी दोनों ट्रॉफी? मोहसिन नकवी का नाम पिछले दो सीनियर एशिया कप के ट्रॉफी विवादों से जुड़ चुका है. 2025 में पाकिस्तान को हराकर भारत मेन्स एशिया कप में चैम्पियन बना था. लेकिन भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की. इसके बाद खिलाड़ियों ने चैम्पियन बैनर के साथ जश्न मनाया और ट्रॉफी के बिना ही अपनी जीत का जश्न पूरा किया।  विमेंस एशिया कप 2026 में भी भारत ने यही रुख अपनाया. मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम ने काफी देर तक मैदान पर इंतजार किया, बीसीसीआई अधिकारियों के साथ चर्चा की और फिर ड्रेसिंग रूम लौट गई. इसके बाद पुरस्कार समारोह भारतीय टीम की मौजूदगी के बिना ही समाप्त हुआ. इन दोनों घटनाओं ने एसीसी चेयरमैन के तौर पर मोहसिन नकवी की भूमिका को लेकर लगातार बहस को जन्म दिया है. ऐसे माहौल में नकवी के अगले कार्यकाल के लिए बीसीसीआई का समर्थन मिलना मुश्किल माना जा रहा है।  फिलहाल बीसीसीआई की तरफ से मोहसिन नकवी के कार्यकाल या उनके संभावित विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है. बीसीसीआई अभी इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर कुछ कहने से बच रहा है. लेकिन अप्रैल 2027 में जब नए एसीसी चेयरमैन को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तब सदस्य देशों का रुख अहम होगा. मौजूदा समीकरणों को देखते हुए नकवी के लिए एक और कार्यकाल हासिल करना आसान नहीं दिख रहा  है।  पाकिस्तान में कितनी चलती है नकवी की? मोहसिन नकवी पाकिस्तान में ताकतवर माने जाते हैं. उन्हें सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के करीबी लोगों में गिना जाता है. यानी पाकिस्तान की सत्ता के शीर्ष गलियारों में उनकी पहुंच और प्रभाव दोनों मजबूत माने जाते हैं. लेकिन सत्ता के करीब होना और जनता के बीच लोकप्रिय होना दो अलग बातें हैं।  पाकिस्तान क्रिकेट में नकवी के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठे हैं. टीम के प्रदर्शन से लेकर चयन और खिलाड़ियों से जुड़े विवादों तक पीसीबी लगातार चर्चा में रहा है. हालिया इंग्लैंड दौरे में सात खिलाड़ियों को बाहर किए जाने और कोचिंग स्टाफ में बदलाव ने भी पाकिस्तान क्रिकेट की अंदरूनी उथल-पुथल को सामने रखा।  यानी जिस क्रिकेट बोर्ड की कमान नकवी के हाथ में है, वहां सवाल लगातार बने हुए हैं. टीम के प्रदर्शन से लेकर चयन और फैसलों तक उठ रही उंगलियों का सियासी और प्रशासनिक दबाव आखिरकार पीसीबी चेयरमैन के तौर पर नकवी पर भी आता है।  क्रिकेट से बाहर भी मुश्किलें कम नहीं नकवी की मुश्किलें सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं. पाकिस्तान की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उनके हालिया बयानों ने भी राजनीतिक बहस छेड़ दी है. उन्होंने मौजूदा सिस्टम में बदलाव और नए प्रशासनिक यूनिट बनाने की जरूरत पर जोर दिया. इस पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी समेत कई राजनीतिक हलकों में विरोध के सुर उठे और सवाल भी खड़े हुए।  नकवी ने बाद में साफ किया कि नए प्रशासनिक यूनिट लोगों की इच्छा और राजनीतिक सहमति से ही बनाए जाने चाहिए।  यानी एक तरफ क्रिकेट का संकट, दूसरी तरफ राजनीतिक विवाद. ऐसे माहौल में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ा कोई भी विवाद नकवी के लिए सिर्फ क्रिकेट का मामला नहीं रह जाता. और यहीं से महिला एशिया … Read more

पाकिस्तान को ICC ने दिया दोहरा झटका, 11 WTC अंक गंवाए; स्लो ओवर रेट पर भारी पेनल्टी

करांची  इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को 0-3 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था. बर्मिंघम के एजबेस्ट मैदान पर खेले गए सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच में पाकिस्तानी टीम ने कुछ संघर्ष किया, लेकिन वो जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था. इंग्लैंड ने वो मुकाबला 8 विकेट से जीतकर पाकिस्तान का सीरीज में 0-3 से सफाया किया था।  अब पाकिस्तानी टीम पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने तगड़ा एक्शन लिया है. एजबेस्टन टेस्ट में धीमा ओवर रेट पाकिस्तान को भारी पड़ गया. आईसीसी ने पाकिस्तानी टीम पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया है, साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 में उसके खाते से 11 अंक भी काट दिए हैं।  समय की तय छूट को शामिल करने के बाद भी पाकिस्तान की टीम निर्धारित लक्ष्य से 11 ओवर पीछे रही. इसी वजह से टीम पर यह कार्रवाई हुई. आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रंजन मदुगले ने मामले में सजा सुनाई. मैदानी अंपायर्स पॉल राइफल और क्रिस गैफनी, थर्ड अंपायर अल्लाहुद्दीन पालेकर और चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने धीमे ओवर रेट का आरोप लगाया था।  आईसीसी के नियम के अनुसार, निर्धारित समय में कम कराए गए प्रत्येक ओवर पर खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 फीसदी जुर्माना लगाया जाता है. हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 50 फीसदी है. पाकिस्तान के 11 ओवर कम रहने के कारण उस पर अधिकतम 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया।  आर्थिक जुर्माने से ज्यादा बड़ा झटका पाकिस्तान को डब्ल्यूटीसी में लगा है. नियमों के मुताबिक, प्रत्येक कम ओवर के लिए एक डब्ल्यूटीसी अंक काटा जाता है. लिहाजा 11 ओवर कम रहने के कारण पाकिस्तान के खाते से सीधे 11 अंक घटा दिए गए. पाकिस्तान WTC तालिका में पहले ही सबसे नीचे था. इस कटौती के बाद उसकी हालत और खराब हो गई है. उसका अंक प्रतिशत घटकर 4.63 रह गया है. इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 की हार के बाद टीम के लिए यह दोहरी मुश्किल है। 

वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू ने चौंकाया, 15 की उम्र में रोज कमा रहे 1.5-2 करोड़ रुपये

नई दिल्ली मौजूदा समय में वैभव सूर्यवंशी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट से लेकर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खुद की शुरुआती प्रतिभा का परिचय दिया है। मात्र 15 साल की उम्र में उन्होंने वह सब हासिल कर लिया है, जिसके लिए कई लोगों की पूरी जिंदगी बीत जाती है। आईपीएल 2026 में दमदार प्रदर्शन करने और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, मोस्ट वैल्यूवल प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट और ऑरेंज कैप जीतने के बाद उनकी ब्रांड वैल्यू में भी काफी इजाफा हुआ है। बिहार के समस्तीपुर से आने वाले वैभव सूर्यवंशी अब रोजाना 1.5 करोड़ से अधिक रुपये कमा रहे हैं। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से इतने रिकॉर्ड टूटे कि इससे क्रिकेट के सभी ट्रेडिशनल रूल धरे के धरे रह गए। आईपीएल सीजन 2026 के बीच में ही सूर्यवंशी की कहानी सिर्फ बल्ले से उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार में उनकी कीमत को लेकर भी चर्चा तेज हो गई। हौलिहान लोके की आईपीएल वैल्यूएशन स्टडी 2026 (Houlihan Lokey’s IPL Valuation Study 2026) के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी की लोकप्रिया सचिन तेंदुलकर के बराबर है। यह आम तौर पर पूरी फ्रेंचाइजी का मूल्यांकन करने के लिए बनाई गई रिपोर्ट है। इसने 15 वर्षीय खिलाड़ी के लिए तर्क दिया है कि प्रसारण के दौरान उसकी लोकप्रियता सचिन तेंदुलकर के बराबर है। इसने एक और अहम बात भी कही है। वह यह कि आज सूर्यवंशी को साइन करने वाला कोई भी ब्रांड असल में एक दशक की अप्रमाणित क्षमता को दांव पर लगा रहा है। लंबे निवेश का कोई निश्चित आधार नहीं है हालांकि, वैभव पर एक दशक तक दांव लगाने के लिए शर्तें, दर, संरचना, कानूनी आधार और निकास खंड की आवश्यकता होती है। एचटी डिजिटल ने पिछले महीने इस प्रस्ताव की जांच की और पाया कि यह फिलहाल एक जोखिम ज्ञापन के करीब है। इसके नियम अभी बाजार में नहीं लिखे गए हैं। सूर्यवंशी के लिए यह बात बन सकती है असुरक्षा कागज पर सूर्यवंशी का रेट कार्ड उन खिलाड़ियों के रेट कार्ड के बराबर है जो अपने करियर के दस साल पूरे कर चुके हैं। लेकिन अभी तक उनके पास इस वैल्यू को बनाए रखने का कोई निश्चित आधार नहीं है। सूर्यवंशी के पास फिलहाल, इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि 18 साल के होने पर उनके अनुबंधों का क्या होगा और न ही इस बात की कोई स्पष्ट जवाबदेही है कि अगर उन्हें सलाह देने वाले लोग गलत साबित होते हैं तो क्या होगा। जिस तरह से उनका मूल्य बढ़ रहा है उस तरीके से व्यावसायिक ढ़ांचा अभी तक नहीं बन पा रहा है। सूर्यवंशी फिलहाल प्रतिदिन 1.5-2 करोड़ रुपये कमाते हैं। फिलहाल सूर्यवंशी की कमाई 1.5 से दो करोड़ प्रतिदिन एएमपी स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट के संस्थापक और सीईओ इंद्रनील दास ब्लाह ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि "आईपीएल से पहले वास्तव में कोई तय स्टैंडर्ड नहीं था। यह बिल्कुल नया है कि वह (वैभव सूर्यवंशी) प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ रुपये चार्ज कर रहे हैं।" साल 2025 में शानदार प्रदर्शन के बाद सूर्यवंशी की तुलना तेंदुलकर से पहले ही की जा रही थी। इस साल की शुरुआत में अंडर-19 विश्व कप फाइनल में उनके 175 रनों ने इस तुलना को और भी पुख्ता कर दिया। आयरलैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत द्वारा खेली गई सीरीज में वैभव सूर्यवंशी की उपस्थिति ने टिकटों की बिक्री में भी होड़ लगा दी। दो साल तक यही प्रदर्शन रहा तो कमाई दोगुनी दास ब्लाह ने उन्हें पहले ही शुभमन गिल, ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे बड़े क्रिकेटरों की लिस्ट में रखा है। हालांकि, वह यह भी मानते हैं कि सूर्यवंशी की बल्लेबाजी शैली इन सबसे उन्हें अलग भी बनाती है। अगर अगले दो वर्षों में उनका प्रदर्शन बरकरार रहता है, तो दास ब्लाह को उम्मीद है कि एंडोर्समेंट से होने वाली कमाई दोगुनी होकर 3-4 करोड़ रुपये प्रतिदिन हो जाएगी। ऐसे में वह देश के सबसे बड़े सेलिब्रिटीज के बराबर हो जाएंगे। फिलहाल, ब्रांड किसी व्यक्ति के पूरे करियर के काम पर दांव नहीं लगा रहे हैं, बल्कि लगभग एक असाधारण सीजन और वर्तमान मूल्यों पर दांव लगा रहे हैं। परिवार और राजस्थान रॉयल्स पर है देखरेख की जिम्मेदारी बता दें कि 1.5 करोड़ प्रतिदिन की फीस लेने वाले सूर्यवंशी का अभी तक कोई औपचारिक एजेंट नहीं है। उनका परिवार उनके व्यावसायिक मामलों को संभालता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें राजस्थान रॉयल्स के अपने व्यावसायिक सिस्टम का पूरा समर्थन मिला हुआ है। इसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें खोजा, उनका पालन-पोषण किया और दुनिया के सामने एक उभरता हुआ सितारा बनाया। दास ब्लाह ने कहा, "राजस्थान रॉयल्स के सिस्टम ने उनका ख्याल रखा है। ऐसा लगता है कि उन्हें खुद को जरूरत से ज्यादा उजागर न करने के बारे में सही सलाह मिल रही है।" फिलहाल, दास ब्लाह को इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती। जेएसडब्ल्यू और मुंबई इंडियंस के आरआईएसई ने भी पहले इसी फ्रेंचाइजी के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया है। वैभव सूर्यवंशी अभी 18 साल के नहीं हुए हैं ऐसे में उनके पैरेंट्स को सहयोग और साथ अपेक्षित है।

क्रिकेट से अलग हॉकी में भारत-पाक मुकाबला, अगले महीने भारतीय सरजमीं पर भिड़ेंगी दोनों टीमें

 नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध इस समय अच्छे नहीं हैं। इसका असर खेल के मैदान पर भी नजर आता है। क्रिकेट में तो दोनों टीमें एक-दूसरे से हाथ तक नहीं मिलती हैं। बीती रात एशिया कप के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के मोहसिन नकवी से ट्रॉफी तक नहीं ली। दोनों टीमें एक-दूसरे का दौरा नहीं करती हैं, लेकिन अगले महीने होने वाले एक टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी टीम भारत आएगी। ये कोई क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं है बल्कि हॉकी का बड़ा टूर्नामेंट एशियन चैंपियंस ट्रॉफी है। मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पंजाब में होना है। ये टूर्नामेंट अगले महीने खेला जाना है। सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी टीम भारत आएगी। पॉलिसी का दिया हवाला भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार की पॉलिसी के तहत इसे मंजूरी दी गई है। मान ने कहा, "मल्टी नेशनल टूर्नामेंट में कोई परेशानी नहीं है। संभवतः द्विपक्षीय सीरीज में हो।" केंद्रीय खेल नीति के मुताबिक भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेंगी। हालांकि, ओलंपिक के नियमों को ध्यान में रखते हुए खेल मंत्रालय ने कहा था कि दोनों टीमें मल्टी टीम इवेंट्स में एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं और भारत, सीमा पार के खिलाड़ियों को इस तरह के टूर्नामेंट्स में अपने यहां खेलने से नहीं रोकेगा। हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तान ने पिछले साल जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले लिया था जो तमिलनाडु में खेला गया था। ऐसा है कार्यक्रम एशियन चैंपियंस ट्ऱॉफी की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी और ये टूर्नामेंट पांच नवंबर तक चलेगा। लीग स्टेज के मैच जालंधर में खेले जाएंगे और सेमीफाइनल, फाइनल मैच मोहाली में होंगे। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। ओमान और बांग्लादेश के तौर पर दो रिजर्व टीमों का भी ऐलान किया गया है। अगर कोई टीम नाम वापस लेती है तो इनको जगह दी जाएगी।  

ज्वेरेव बने US Open चैंपियन, शेल्टन को हराकर जीता दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब

नई दिल्ली जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रविवार को साल के चौथे ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन के फाइनल में अमेरिकी बेन शेल्टन को 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से हराकर कड़वी यादों को पीछे छोड़ा और खिताब अपने नाम किया। इसी कोर्ट पर छह साल पहले हाथ से निकले सुनहरे मौके के बाद आखिरकार यह खिताब ज्वेरेव ने अपनी झोली में डाल ही लिया। इससे पहले ज्वेरेव साल 2020 में यूएस ओपन के खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रियाई डोमिनिक थीम के खिलाफ दो सेट की बढ़त बनाने के बाद हार गए थेस लेकिन जून में फ्रेंच ओपन में मिली शानदार जीत के बाद अब एक चैंपियन वाली मानसिकता के साथ खेलते हुए उन्होंने शेल्टन के खिलाफ जबरदस्त खेल दिखाकर अमेरिकी प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया। ये ज्वेरेव का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इसी साल उन्होंने फ्रेंच ओपन जीता था। मेहनत लाई रंग ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान मुस्कुराते हुए ज्वेरेव ने जर्मनी टेनिस में ग्रैंड स्लैम सूखे के बारे में बात की और कहा कि इस साल जो हो रहा है वो पुरानी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा, "हमने 30 साल तक कोई ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीता, और अब हमने तीन महीने के अंदर दो खिताब जीत लिए हैं। 2026 उन सभी पिछले वर्षों का नतीजा है जो इससे पहले आए थे।" शेल्टन खत्म नहीं कर सके 23 साल पुराना सूखा घरेलू प्रशंसक शेल्टन को अमेरिकी पुरुषों के 23 साल के ग्रैंड स्लैम सूखे को खत्म करते हुए देखना चाहते थे, लेकिन आठवें सीड वाले खिलाड़ी को अपने पहले बड़े फाइनल में कभी भी अपना सर्वश्रेष्ठ फॉर्म नहीं मिल पाया। आर्थर ऐश स्टेडियम में शेल्टन का समर्थन करने वाले प्रशंसक निराश हुए क्योंकि 7 सितंबर, 2003 को एंडी रॉडिक की जुआन कार्लोस फेरेरो पर यूएस ओपन जीत के बाद से चला आ रहा सूखा अब लुई आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में ट्रॉफी उठाने के बाद से 8,407 दिनों से भी आगे बढ़ जाएगा। शेल्टन यूएस ओपन जीतने वाले आठवें अलग अमेरिकी पुरुष और राफेल नडाल के बाद पहले बाएं हाथ के चैंपियन बनने की कोशिश कर रहे थे जिसमें वह असफल रहे। कायम रखा दबदबा रविवार के मैच से पहले ज्वेरेव का शेल्टन के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 5-0 का था और उन्होंने खेले गए 11 में से 10 सेट जीते थे। पूरे दिन में उनकी सर्विस सिर्फ एक बार टूटी वो तीसरे सेट के अंत में जबकि उन्होंने शेल्टन की सर्विस चार बार तोड़ी जिसमें चौथे सेट में दो बार ऐसा करना शामिल था।  

भारत की बेटियों और बेटों ने रचा इतिहास, जूनियर एशिया कप में दोनों टीमों का कब्जा

नई दिल्ली  भारतीय हॉकी के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। चीन के मोकी में खेले गए जूनियर हॉकी एशिया कप में भारत की पुरुष और महिला टीम ने खिताब अपने नाम किया। भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर छठी बार ट्रॉफी जीती तो भारतीय बेटियों ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही दोनों टीमों ने 2027 जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। अनमोल एक्का की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को पूरी तरह दबाव में रखा और चारों क्वार्टर में चढ़कर हॉकी खेली। अजीत यादव, अनमोल एक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने भारत के लिए गोल किए। महिला टीम ने भी जीता फाइनल कोरिया की ओर से ली मिनह्योक ही एकमात्र गोल कर सके। वहीं महिला फाइनल में चीन के खिलाफ मुकाबला बेहद कड़ा रहा। सानिका चंद्रकांत माने के शुरुआती गोल ने भारत को निर्णायक बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने चीन को कोई मौका नहीं दिया और भारत ने 1-0 से जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार ट्रॉफी पर नाम लिखाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई भारतीय महिला और पुरुष टीम के जीतने पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने लिखा, "भारतीय हॉकी के लिए गर्व का पल। शानदार प्रदर्शन के साथ एशिया कप का खिताब बरकरार रखने पर हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को बधाई। पुरुष जूनियर हाकी टीम को एशिया कप जीतने पर बधाई। यह वाकई एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह कामयाबी हमारे युवा खिलाड़ियों के जबरदस्त हुनर को दिखाती है। पूरी टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।" भारतीय टीम ने कब-कब जीता विश्व कप? महिला टीम के खिताब: 2023, 2024, 2026 पुरुष टीम के खिताब: 2004, 2008, 2015, 2023, 2024, 2026 अनमोल एक्का रहे शीर्ष स्कोरर 17 गोल के साथ अनमोल एक्का पुरुष जूनियर एशिया कप के शीर्ष स्कोरर रहे 7 गोल के साथ सानिका चंद्रकांत माने महिला जू. एशिया कप में संयुक्त शीर्ष स्कोरर रहीं 47 गोल दागे सात मैचों में भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट में और केवल तीन गोल खाए 46 गोल पुरुष टीम ने दागे छह मैचों में, जबकि उसने आठ गोल खाए।  

‘भारत ट्रॉफी डिजर्व नहीं करता था’, नकवी के फैसले पर पाकिस्तानी फैन ने जमकर बजाई तालियां

नई दिल्ली विमेन्स एशिया कप के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को धूल चटाकर आठवीं बार ट्रॉफी अपने नाम कर ली. लेकिन मैदान पर भारत की शानदार जीत के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने एशियाई क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चीफ मोहसिन नकवी की सरेआम धज्जियां उड़ा दीं. मुकाबला खत्म होने के बाद जब ट्रॉफी देने की बारी आई तो भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी पूरी टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया. भारत के इस कड़े रुख की वजह से नकवी स्टेज पर ही शर्मिंदा खड़े रहे. आखिर में उन्हें सिर्फ उपविजेता श्रीलंका की टीम को चेक देकर ही संतोष करना पड़ा. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ किया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुई घटना और दोनों देशों के बीच जारी तनाव की वजह से भारतीय खिलाड़ियों ने यह फैसला लिया. टीम इंडिया किसी ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी स्वीकार नहीं कर सकती जो देश के हितों के खिलाफ काम करता हो.   ट्रॉफी चोर के नारों से गूंजा स्टेडियम इस बेइज्जती के बाद जब मोहसिन नकवी स्टेडियम छोड़कर अपनी गाड़ी से निकल रहे थे तब स्टेडियम के बाहर भारतीय फैन्स ने 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे लगाकर उनकी जमकर खिंचाई की. यह मामला 2025 के मेन्स एशिया कप से जुड़ा है, जब पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद भी ट्रॉफी मिलने में काफी ड्रामा हुआ था. पाकिस्तानी फैन्स ने की नकवी की तारीफ हैरानी की बात यह रही कि जहां एक तरफ पूरे स्टेडियम में नकवी की थू-थू हो रही थी, वहीं स्टेडियम के बाहर मौजूद कुछ पाकिस्तानी फैन्स उनकी गाड़ी के सामने आकर उनकी तारीफों के पुल बांध रहे थे. एक फैन ने कहा कि नकवी सर आपने अच्छा किया, भारत ट्रॉफी डिजर्व नहीं करता था. पाकिस्तान में ट्रॉफी नहीं देने पर भी नकवी की तारीफ की जा रही है.

अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक का कहर, 7 छक्कों के साथ 6000 टी20 रन पूरे

नई दिल्ली भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20I सीरीज के पहले मुकाबले में 7 विकेट से जीत हासिल की. रविवार (13 सितंबर) को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय टीम की जीत के हीरो अभिषेक शर्मा रहे. सलामी बल्लेबाज अभिषेक ने 7 छक्के और 7 चौके की मदद से सिर्फ 32 बॉल पर 82 रन बनाए. अभिषेक की तूफानी पारी के दम पर भारतीय टीम ने 13.4 ओवरों में ही 157 रनों का टारगेट हासिल कर लिया. इस तूफानी पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. अभिषेक टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 6000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए. अभिषेक को इस उपलब्धि के लिए सिर्फ 5 रनों की जरूरत थी. उन्होंने फजलहक फारूकी के खिलाफ पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर यह मुकाम हासिल किया. उन्होंने 3420 गेंदों में 6000 टी20 रन पूरे किए. ओवरऑल सबसे तेज 6000 टी20 रन पूरे करने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के फिन एलन के नाम है. एलन ने यह उपलब्धि 3386 गेंदों में हासिल की थी. यानी अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड से सिर्फ 34 गेंद पीछे रहे. वेस्टइंडीज के दिग्गज आंद्रे रसेल 3550 गेंदों के साथ इस सूची में तीसरे नंबर पर हैं, जबकि टिम डेविड ने 3681 गेंदों में 6000 रन पूरे किए थे. T20 में सबसे तेज 6000 रन (गेंदों के हिसाब से): 3386 फिन एलन 3420 अभिषेक शर्मा 3550 आंद्रे रसेल 3681 टिम डेविड 3857 विल जैक्स/फिल साल्ट अभिषेक शर्मा ने साल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) डेब्यू किया था. डेब्यू मैच में ही उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों पर नाबाद 46 रनों की तूफानी पारी खेली थी. हालांकि शुरुआती वर्षों में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले. 2018 और 2019 में उन्होंने तीन-तीन आईपीएल मैच खेले. इसके बाद 2020 और 2021 में उन्होंने आठ-आठ मुकाबलों में हिस्सा लिया. फिर आईपीएल 2024 में अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने उस सीजन 484 रन बनाए और इसी प्रदर्शन के दम पर पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाई. 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. इसके बाद वह टीम के नियमित सदस्य बन गए और 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे. अभिषेक का ऐसा रहा है टी20 करियर अभिषेक शर्मा ने अपने टी20 करियर में अब तक 207 मैच खेलकर 6077 रन बनाए हैं, जिसमें 9 शतक और 38 अर्धशतक शामिल रहे. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए उनके पास आने वाले वर्षों में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है. 10000 टी20 रनों का आंकड़ा उनके करियर के बड़े लक्ष्यों में शामिल हो सकता है. फिलहाल अभिषेक की पहचान मुख्य रूप से टी20 बल्लेबाज के तौर पर है. उन्हें अभी तक भारतीय वनडे टीम में जगह नहीं मिली है. अभिषेक शर्मा ने आखिरी बार फरवरी 2024 में फर्स्ट क्लास मुकाबला खेला था. अब तक उनके नाम 24 फर्स्ट क्लास मैचों में 30.60 की औसत 1071 रन दर्ज हैं. फिलहाल वह भारतीय टेस्ट टीम की योजनाओं में नजर नहीं आते, जबकि सीमित ओवरों में उनका कद लगातार बढ़ रहा है.

एक साल बाद फिर वही एशिया कप की कहानी, हरमनप्रीत कौर के मामले में BCCI ने नहीं माना नकवी का दबाव

 दुबई भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन चैम्पियन बनने के बाद भी हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल सकी. रविवार (13 सितंबर) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर गतिरोध पैदा हो गया।  खिताबी मुकाबला खत्म होने से कुछ देर पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACB) के मौजूदा चेयरमैन और PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम पहुंचे. नकवी विजेता भारतीय टीम को ट्रॉफी खुद सौंपना चाहते थे. लेकिन भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से इस पर सहमति नहीं बनी. इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में देरी हुई और पर्दे के पीछे दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली. भारतीय पक्ष ने एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी दिलाने का विकल्प रखा था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ।  आखिर में मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम को रनरअप चेक सौंपा. उनके साथ खालिद अल जरूनी, श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख एरान विक्रमरत्ने, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और टाइटल स्पॉन्सर DP World की प्रतिनिधि मंच पर मौजूद थीं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्टेडियम में थे, लेकिन उन्होंने मंच साझा नहीं किया. दोनों ने मैदान पर भारतीय टीम से मुलाकात की. भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी और मेडल्स दिए बिना ही पुरस्कार वितरण समारोह खत्म हो गया।  2025 में भी इसी मैदान पर हुआ था 'तमाशा' इस मामले ने सितंबर 2025 के मेन्स एशिया कप की यादें ताजा कर दीं. तब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ही पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी सौंपने को लेकर इसी तरह का गतिरोध सामने आया था. उस समय भी मोहसिन नकवी एसीसी प्रमुख थे और भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. करीब एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया।  भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार से जब इस घटनाक्रम पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि टीम बीसीसीआई के रुख के साथ है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और टीम इस बात पर गर्व कर रही है कि उसने एशिया कप जीता. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर भारत को चैम्पियन दिखाया गया था. मजूमदार ने दोहराया कि अब टीम का ध्यान अगले बड़े लक्ष्य यानी एशियन गेम्स पर है।  हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते  बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने विस्तार से बताया है कि भारतीय टीम ने यह फैसला क्यों लिया और आखिर बीसीसीआई की मांग क्या थी. देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए सबसे पहले भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि श्रीलंका को फाइनल में 72 रनax से हराने वाली टीम पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन रही. भारत ने पाकिस्तान को भी 55 रनों पर ऑलआउट कर एकतरफा जीत दर्ज की थी. सैकिया ने कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि अब टीम की नजर एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है।  ट्रॉफी विवाद पर देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम का फैसला देश के लोगों की भावनाओं और पिछले साल मेन्स टीम द्वारा लिए गए रुख को ध्यान में रखकर किया गया. उन्होंने कहा कि भारत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हर औपचारिकता को स्वीकार करना जरूरी है।  उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों से ट्रॉफी स्वीकार करना मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है. देवजीत सैकिया ने यह भी याद दिलाया कि करीब एक साल पहले पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी और बीसीसीआई अब तक उस ट्रॉफी को वापस पाने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, जब मेन्स टीम के मामले में बोर्ड अपना रुख नहीं बदल रहा है तो महिला टीम के मामले में भी उससे अलग फैसला लेना संभव नहीं था।   'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा दुबई का मैदान दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पिछले साल के विवाद की यादें ताजा कर दीं।  फाइनल खत्म होने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद थे. हालांकि, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई. नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनरअप चेक सौंपा और इसके बाद स्टेडियम से निकल गए।  पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जब दुबई इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, तभी दर्शकों की तरफ से 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे सुनाई दिए. यह वही नारा है, जो 2025 के मेन्स एशिया कप फाइनल के बाद हुए ट्रॉफी विवाद के दौरान नकवी को लेकर चर्चा में आया था।