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सरकार ने दुबई में चीनी पर टैक्स की मंजूरी दी, नए साल से लागू

दुबई  यूएई ने 2026 में कई नए नियमों में बदलाव किया है. इसका वहां रह रहे लोगों पर व्यापक असर पड़ सकता है. आने वाला साल भविष्य पर केंद्रित होगा, जिसमें नई तकनीकें और नए नियम केंद्र में हैं. नए साल से हि वहां फ्लाइंग टैक्सी का ऑपरेशन शुरू हो जाएगा.  इसके साथ ही सरकार वहां चीनी पर टैक्स लगाने जा रही है.  खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई में यह घोषणा की गई है कि 1 जनवरी 2026 से देश में शर्करायुक्त (विद शुगर) पेय पदार्थों पर कर लगाने के तरीके में बदलाव होगा. चीन पर लगेगा 50 प्रतिशत उत्पाद शुल्क वित्त मंत्रालय और संघीय कर प्राधिकरण ने कहा है कि अगले साल से मीठे पेय पदार्थों पर लगने वाला टैक्स उनकी उत्पाद श्रेणी के बजाय उनकी चीनी सामग्री पर आधारित होगा – जो कि 50 प्रतिशत उत्पाद शुल्क है. इसका उद्देश्य देश को स्वस्थ बनाना है. टैक्स पेयर्स के स्वास्थ्य को लेकर उठाए गए कदम संयुक्त अरब अमीरात ने 2026 से व्यापक कर सुधारों की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य टैक्सपेयर्स के लिए जीवन को आसान बनाना और पारदर्शिता बढ़ाना है. इसमें स्पष्ट नियम और समय-सीमाएं होंगी, जिनमें रिफंड का दावा करने की समय-सीमा भी शामिल है. यूएई 2026 में लागू किए जाने वाले नए मूल्य वर्धित कर (वैट) नियमों के साथ कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए तैयार है. 2026 के मध्य से, यूएई  चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रव्यापी ई-इनवॉयसिंग प्रणाली लागू करेगा. नई प्रणाली के तहत, व्यवसायों को इनवॉइस का आदान-प्रदान एक मानकीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में करना होगा – न कि केवल पीडीएफ या स्कैन की गई प्रतियों के माध्यम से. बहुप्रतीक्षित राष्ट्रव्यापी एतिहाद रेल 2026 में यात्रियों के लिए परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है. एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने पर, यह नेटवर्क 11 प्रमुख शहरों और क्षेत्रों को जोड़ेगा, जिससे निवासियों को देश के कोने-कोने में आसानी से यात्रा करने में मदद मिलेगी. रेलवे से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने और देश के रियल एस्टेट परिदृश्य में बदलाव आने की उम्मीद है. इसका मतलब यह भी हो सकता है कि ज़्यादा लोग शहरों से बाहर निकलकर ट्रेन से काम पर जाएंगे.

पंकज चौधरी ने लोकसभा में किया 8वें वेतन आयोग पर स्पष्टीकरण, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर अहम जानकारी

नई दिल्ली  8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचार‍ियों और पेंशनरों के बीच काफी उत्‍सुकता है. सोशल मीड‍िया पर भी 8वें वेतन आयोग के लागू होने को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं. मसलन 1 जनवरी 2026 से इसे लागू कर द‍िया जाएगा और डीए को बेस‍िक सैलरी में मर्ज कर द‍िया जाएगा. लेक‍िन इन सभी अटकलों को साफ करते हुए  लोकसभा में फाइनेंस स्‍टेट म‍िन‍िस्‍टर पंकज चौधरी ने यह स्‍पष्‍ट कर द‍िया क‍ि फ‍िलहाल 8वें वेतन आयोग को लागू करने की कोई तारीख पक्‍की नहीं हुई है. और ना ही डीए और बेस‍िक सैलरी को मर्ज करने का कोई फैसला ल‍िया गया है. 8वें वेतन आयोग की स‍िफार‍िशों पर जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की हेडिंग वाला कमीशन अभी काम कर रहा है. बजट में हो सकता है अहम ऐलान हालांक‍ि अपने जवाब में पंकज चौधरी ने एक बात स्‍पष्‍ट कही क‍ि 8वें वेतन आयोग के तहत लगभग 50.14 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर के वेतन में वृद्ध‍ि के ल‍िए फंड का भी इंतजाम करना होगा. ल‍िहाजा समझने वाली बात ये है क‍ि अगर बात बजट की है तो उसका ऐलान भी बजट में हो सकता है. उम्‍मीद है क‍ि इस बार 8वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचार‍ियों और पेंशनरों की सैलरी के ल‍िए फंड पर बजट के दौरान बड़ा ऐलान हो सकता है. 8वें वेतन आयोग पर अब तक का अपडेट क्‍या है? भारत सरकार ने यह कन्फर्म किया है कि 8वां सेंट्रल पे कमीशन (CPC) फॉर्मल तौर पर बन गया है और इसका काम चल रहा है. हालांक‍ि 1 जनवरी 2026 इसके लागू होने की तारीख के लिए कोई वादा नहीं किया. सोमवार को लोकसभा में फाइनेंस स्टेट मिनिस्टर पंकज चौधरी के एक लिखित जवाब में कहा है क‍ि 8वें CPC के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को ऑफिशियली 3 नवंबर 2025 को नोटिफाई किया गया था. इससे ये पता चलता है क‍ि पे पैनल अपना काम शुरू कर चुका है. लेक‍िन साथ ही यह भी कहा क‍ि 8वां वेतन आयोग लागू करने से पहले कमीशन को देश के मौजूदा आर्थिक हालात, फिस्कल समझदारी की जरूरत और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले फाइनेंशियल असर को भी ध्‍यान रखना होगा. सरकार ने संसद को यह भी भरोसा दिलाया है कि मानी गई सिफारिशों को लागू करने के लिए फंड का इंतजाम किया जाएगा. मंत्री ने कन्फर्म है किया कि 8th CPC में लगभग 50.14 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर शाम‍िल होंगे. बता दें क‍ि सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सैलरी, अलाउंस और पेंशन स्ट्रक्चर में बदलाव की सिफारिश करने का काम जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की हेडिंग वाले कमीशन को सौंपा गया है.

शराब खरीदने के लिए सैलरी स्लिप जरूरी, इस देश में 50,000 रियाल की कमाई पर निर्भर करेगा नियम

रियाध सऊदी अरब में शराब बिक्री को लेकर नियमों में छूट दी जा रही है। इसके मुताबिक यहां पर गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक शराब खरीद सकेंगे। इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में रहने वाले गैर मुस्लिम विदेशी अपनी सैलरी स्लिप दिखाकर शराब खरीद सकते हैं। हालांकि यह जरूरी है कि उनकी मासिक कमाई 50 हजार रियाल यानी 13,300 डॉलर होनी चाहिए। अगर रुपए में बात करें तो यह कमाई करीब 12 लाख रुपए प्रतिमाह होनी चाहिए। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी में रहने वाले गैर मुस्लिम रियाध में स्थित दुकान से शराब खरीद सकते हैं। इस दुकान में एंट्री के लिए उन्हें सैलरी स्लिप दिखाकर अपनी कमाई साबित करनी होगी। यह दुकान पिछले साल विदेशी राजनयिकों के लिए खोली गई थी। हाल ही में यहां से उन गैर-मुस्लिमों को भी शराब बेची जाने लगी है जो प्रीमियम रेजीडेंसी का दर्जा रखते हैं। मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी नाम न छापने की शर्त पर दी। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यह लोग अपनी पहचान नहीं जाहिर करना चाहते। बता दें कि मामले को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। वहीं, सरकार ने भी इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। शराब में क्यों दे रहा छूट सऊदी शराब से जुड़े नियमों में छूट देने के पीछे सऊदी अरब की खास रणनीति है। ऐसा करके सऊदी अपने देश में सामाजिक प्रतिबंधों को आसाना बना रहा है। ताकि लोगों को व्यवसाय और निवेश के लिए यहां आमंत्रित किया जा सके। पिछले कुछ साल में सऊदी अरब में कई तरह के बदलाव हुए हैं। इनमें महिलाओं के ड्राइविंग पर प्रतिबंध को हटाना, सार्वजनिक मनोरंजन की इजाजत, संगीत आदि से जुड़ी छूट शामिल है। यह सब करके सऊदी खुद को अत्याधुनिकरण के रास्ते में बढ़ता दिखाना चाहता है।

मणिपुर में उग्रवाद पर प्रहार: 7 आतंकवादी दबोचे गए, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त

इंफाल मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में अलग-अलग जिलों से सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं। गिरफ्तार आतंकी महिलाओं के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) और पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (पीआरईपीएके) के पांच आतंकवादियों को इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व और बिष्णुपुर जिले में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य की सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्व जिले के मोइरांगकांपू सजेब माखा लेइकाई इलाके से यूएनएलएफ (कोइरेंग गुट) की दो सक्रिय महिला कैडरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकवादियों की पहचान इंफाल पूर्व जिले की ताखेलंबम सनाथोई चानू उर्फ ​​लोइंगकपी उर्फ ​​सनाथोई (19) और कोंगब्रैलाकपम रामेश्वरी देवी उर्फ ​​लैंगलेन उर्फ ​​बेम्मा उर्फ ​​बुचू (19) के रूप में हुई है। उनके पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। मणिपुर पुलिस ने इंफाल पूर्व जिले के पोरोमपत पंगल लेइराक इलाके से एक ड्रग डीलर बेसैमायुम याइबी (47) को गिरफ्तार किया। उसके पास से सात साबुन के डिब्बों में छिपाई गई हेरोइन जब्त की गई। ड्रग्स की अनुमानित कीमत 16 लाख रुपए थी। सुरक्षा बलों ने काकचिंग जिले से कुछ हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए। बरामद हथियारों और गोला-बारूद में एक एसएलआर, स्थानीय रूप से बनी बोल्ट एक्शन स्नाइपर राइफल, एक डबल-बैरल बोल्ट राइफल, एक सिंगल-बैरल बोल्ट राइफल, एक स्थानीय रूप से बनी पिस्तौल और एक 36 एचई हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी रखे हुए हैं, जिसमें जिलों में सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। मणिपुर में घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों में कुल 113 नाके/चेकप्वाइंट स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा, "बिना किसी आधार वाले वीडियो या ऑडियो क्लिप के सर्कुलेशन की सच्चाई सेंट्रल कंट्रोल रूम से कन्फर्म की जा सकती है। सोशल मीडिया पर फेक पोस्ट अपलोड करने और सर्कुलेट करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयान पर सख्त हुए भाजपा सांसद, कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली भाजपा सांसदों ने दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पलटवार करते हुए कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस रैली को घुसपैठियों के समर्थन में सम्मेलन करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ घुसपैठियों के पक्ष में किया जा रहा है। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यह रैली दिखाती है कि कांग्रेस की सोच मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस जैसी हो गई है। राहुल गांधी से प्रेरणा लेकर, कांग्रेस कार्यकर्ता अब खुलेआम नारों के जरिए पीएम मोदी को धमकी दे रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए जा रहे इन नारों के खिलाफ देश की जनता पीएम मोदी के साथ एकजुट होकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि वे गालियां देते रहेंगे, भारत की जनता चारों तरफ कमल खिलाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है, इससे साफ है कि यह रैली घुसपैठियों के समर्थन में की जा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जब घुसपैठियों के खिलाफ बात की तो कांग्रेस के सांसदों को मिर्ची लगी और वॉकआउट कर दिया। भाजपा नेता विवेक ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का जनसरोकार समाप्त हो चुका है। देश में मतदाता उसे त्याग चुका है। खाली नारे वाली पार्टी इसी तरह रह जाएगी। अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रामलीला मैदान में पांच हजार की भीड़ की क्षमता है। केरल में निगम चुनावों में एनडीए ने प्रचंड रूप से जीत हासिल की है। कांग्रेस मुक्त भारत का सपना पूरा हो चुका है। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि पीएम मोदी को कोई छू नहीं सकता। उन्होंने मेहनत के साथ देश को आगे ले जाने का काम किया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन लोगों का यही स्तर रह गया है। अब इतनी बड़ी हार के बाद अभद्र टिप्पणी करेंगे। बिहार में उनका सूपड़ा साफ हो गया। जनता वोट नहीं देती तो अभद्र टिप्पणी करेंगे। हम इसकी पुरजोर तरीके से निंदा करते हैं।

यौन हिंसा के खिलाफ गंभीर चेतावनी: 100 करोड़ से अधिक महिलाएं प्रभावित, भारत की स्थिति चिंताजनक

 नई दिल्ली  2023 में 15 साल से कम उम्र की 1 अरब से ज्यादा महिलाएं बचपन में यौन हिंसा का शिकार हुईं हैं। यह खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है। द लैसेंट जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 608 मिलियन (60 करोड़ 80 लाख) महिलाओं अपने पार्टनर के द्वारा ही प्रताड़ित हुई हैं। घरेलू हिंसा और यौन हिंसा की सबसे अधिक घटनाएं अफ्रीका और दक्षिण एशिया में देखी गईं हैं। इससे महिलाएं एचआईवी समेत कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो गई हैं। भारत में क्या कहते हैं आंकड़ें? भारत में 15 साल से अधिक उम्र वाली 23 प्रतिशत महिलाओं को पार्टनर की हिंसा झेलनी पड़ी है। वहीं, 30 प्रतिशत महिलाएं और 13 प्रतिशत पुरुष बचपन में यौन हिंसा क शिकार हो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हर 10 मिनट में 1 लड़की या महिला की हत्या होना यह दर्शाता है कि वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बावजूद, आज भी कुछ विशेष परिवर्तन नहीं आया है. हर दिन औसतन 137 लड़कियों और महिलाओं की हत्या कर दी जाती है.  यह रिपोर्ट ग्लोबर बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) के 2023 के अध्ययन के आधार पर प्रकाशित की गई है। अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के द्वारा जीबीडी स्डटी की जाती है, जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया- "2023 में वैश्विक स्तर पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की 60 करोड़ से ज्यादा महिलाएं कभी न कभी घरेलू हिंसा का शिकार हुई हैं। 15 साल की उम्र से अधिक 1 अरब से ज्यादा लोगों ने बचपन में यौन हिंसा का सामना किया है।" महिलाओं की सेहत पर हुआ असर: रिपोर्ट बचपन में यौन हिंसा का शिकार होने का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थित पर पड़ता है। वहीं, घरेलू हिंसा के कारण कई महिलाएं विकलांगता की चपेट में आ जाती हैं। इससे महिलाओं को कई गंभीर बीमारी होने का भी खतरा रहता है। घरेलू और यौन हिंसा: बीमारी का बोझ शोधकर्ताओं के अनुसार कमजोर स्वास्थ्य प्रणालियों और महिलाओं-बच्चों के लिए सीमित कानूनी सुरक्षा वाले क्षेत्रों में इन समस्याओं को रोकने और कम करने की चुनौती और बड़ी हो जाती है। उच्च आय वाले देशों में हिंसा का प्रसार अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद घरेलू और यौन हिंसा 15–49 वर्ष के युवा वयस्कों में बीमारी के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव रिपोर्ट बताती है कि विश्व स्तर पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की दस लाख से अधिक महिलाएं बचपन में यौन हिंसा का सामना कर चुकी हैं। वहीं लगभग 608 मिलियन महिलाएं घरेलू हिंसा से प्रभावित हुई हैं। AIIMS नई दिल्ली और गोरखपुर, PGIMER चंडीगढ़ तथा ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरकुलोसिस, चेन्नई के शोधकर्ताओं की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये अनुभव दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हैं। इनमें अवसाद, चिंता, पुरानी बीमारियां और समय से पहले मृत्यु का बढ़ा हुआ खतरा शामिल है। WHO ने जारी किए थे आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी नवंबर में एक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया था कि 2023 में 15-49 साल के बीच हर 5 में से 1 महिला पार्टनर के द्वारा घरेलू हिंसा का शिकार हुई थी। वहीं, 30 प्रतिशत महिलाएं अपने पूरे जीवन में कभी न कभी घरेलू हिंसा झेल चुकी हैं।  

महायुति में शामिल लेकिन संघ से परहेज? RSS कार्यक्रम में अजित पवार की गैरमौजूदगी पर सियासी घमासान

मुंबई  महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन में शामिल अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से दूरी बनाकर रखी है। रविवार को संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के नागपुर स्थित स्मारक पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तो पहुंचे लेकिन एनसीपी से कोई नजर नहीं आया। इस बारे में जब पार्टी नेता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एनसीपी महायुति में राज्य के विकास के लिए शामिल हुई है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब अजित पवार और उनकी पार्टी के विधायकों ने हेडगेवार के स्मारक पर जाने से परहेज किया हो।   प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा कि पार्टी की विचारधारा छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले और बी आर आंबेडकर जैसे समाज सुधारकों की प्रगतिशील सोच पर आधारित है। उन्होंने दोहराया कि यह पहली बार नहीं है जब अजित पवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक के स्मारक पर जाने से दूरी बनाई है। उन्होंने कहा, “हम अपने सिद्धांतों पर कायम हैं और हमारा ध्यान राज्य के विकास पर है।” महायुति में उठी इस दरार का फायदा उठाने के लिए कांग्रेस की तरफ से तुरंत ही एक बयान सामने आ गया। पार्टी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि राकांपा मंत्रिमंडल बैठकों में आरएसएस की “विचारधारा” सुन रही है और अगर पवार की पार्टी उससे सहमत नहीं होगी, वह सत्ता में नहीं रह सकती। सावंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरएसएस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने वाली विचारधाराओं को बढ़ावा देता है। शिंदे और शिवसेना विधायकों के हेडगेवार स्मारक जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनका ध्यान “पैसा बांटकर सत्ता हासिल करने और संवैधानिक लोकतंत्र को नष्ट करने” पर है। कांग्रेस नेता ने यह दावा भी किया कि सौ साल से अधिक समय से अस्तित्व में रहने के बावजूद आरएसएस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि हिंदुत्व का वास्तविक अर्थ क्या है। उन्होंने कहा, “कम से कम अब उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि हिंदुत्व वास्तव में क्या है।” इससे पहले रविवार सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सत्तारूढ़ भाजपा एवं शिवसेना के विधायकों ने हेडगेवार के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी, लेकिन अजित पवार और उनके नेतृत्व वाली राकांपा के नेता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इस समय नागपुर में महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र जारी है। हर साल इस सत्र के दौरान भाजपा के मंत्री और विधायक रेशिमबाग में स्थित स्मृति मंदिर में आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक एम.एस. गोलवलकर के स्मारक पर जाते हैं। विधानसभा में 41 विधायकों वाली राकांपा की ओर से पिछले साल केवल विधायक राजू करेमोरे और राजकुमार बडोले स्मृति मंदिर पहुंचे थे।  

सिडनी का बॉन्डी बीच बना कत्लेआम का मैदान, अंधाधुंध फायरिंग में 10 की जान गई

सिडनी ऑस्ट्रेलिया स्थित सिडनी के बांडी बीच पर कई लोगों को गोलियों से भून दिया गया है। इस घटना में अभी तक 10 लोगों के मारे जाने की खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर दो की संख्या में आए थे। इन लोगों ने करीब 50 राउंड फायर किया। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहाकि घटनास्थल पर दृश्य काफी चौंकाने वाला और वीभत्स है। पुलिस और इमरजेंसी सेवाएं बांडी बीच पर लोगों की जान बचाने में जुटी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने सभी प्रभावितों के साथ अपनी सहानुभूति जताई है। गोलियां चलने की घटना आठ दिनों के यहूदी त्योहार हनुक्का की पहली रात को हुई। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने रिपोर्ट किया कि बंदूकधारियों ने शाम 6.30 बजे (ऑस्ट्रेलियाई समय) के तुरंत बाद गोलीबारी शुरू कर दी, जब सैकड़ों लोग यहूदी त्योहार की शुरुआत का जश्न मनाने के लिए समुद्र तट पर एक कार्यक्रम में इकट्ठा हुए थे। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहाकि मैंने अभी एएफपी कमिश्नर से बात की है। हम एनएसडब्लू पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जैसे ही आगे की कोई जानकारी आती है, हम लोगों को बताएंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि लोग एनएसडब्लू पुलिस से मिली सूचना को फॉलो करें। सिडनी के समाचार पत्र सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने स्थानीय लोगों के हवाले से कहा कि बोंडी में लोगों ने 50 से ज्यादा गोलियों के चलने की आवाज़ सुनी। अख़बार ने एक स्थानीय शख्स हैरी विल्सन के हवाले से कहा कि उसने ज़मीन पर कई लोगों को गिरे हुए देखा और चारों ओर ख़ून बिखरा हुआ था। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि बोंडी बीच पर दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने लोगों से उस क्षेत्र में जाने से बचने का अनुरोध किया है और वहां मौजूद लोगों से शरण लेने के लिये कहा है।  

थाइलैंड में छिपे लूथरा ब्रदर्स पर शिकंजा, गोवा अग्निकांड केस में 24 घंटे में भारत लाने की तैयारी

गोवा  गोवा में बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को अगले 24 से 48 घंटे में भारत लाया जा सकता है। नाइटक्लब में अग्निकांड के बाद ही दोनों भाई थाइलैंड भाग गए थे। 6 दिसंबर को लगी इस आग में कम से कम 25 लोग मारे गए थे जिनमे से कई क्लब के कर्मचारी भी थे। पिछले रविवार दिल्ली से इंडिगो फ्लाइट पकड़कर वे फुकेट चले गए थे।   सरकारी सूत्रों के मुताबिक उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और रविवार को उन्हें भारत लाया जा सकता है। इस संबंध में मजिस्ट्रेट जांच समिति ने शनिवार देर रात तक जमीन के मूल मालिक प्रदीप घाडी अमोणकर और आरपोरा-नागोवा के सरपंच रोशन रेडकर से पूछताछ की। अग्निकांड की जांच जिलाधिकारी अंकित यादव की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। अमोणकर के वकील प्रसेनजीत ढगे ने बताया कि उनके मुवक्किल से अपराह्न साढ़े तीन बजे से रात 10:30 बजे तक गहन पूछताछ की गई। सरपंच रेडकर ने भी समिति के सवालों के जवाब दिए, जो इस मामले में पहले ही अग्रिम जमानत ले चुके हैं। गोवा पुलिस ने क्लब के पांच प्रबंधकों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सह-मालिक गौरव और सौरभ लूथरा को थाइलंड से भारत लाया जाना है। विदेश मंत्रालय ने लूथरा भाइयों के पासपोर्ट कैंसल कर दिए थे। उनके खइलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। रविवार को पुलिस ने उनके दिल्ली स्थित घर पर भी छापा मारा। दिल्ली की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें डर है कि गोवा में उनकी पीट-पीटकर हत्या की जा सकती है।  

हिंदू मंदिर पर टूटा कहर: चार मंजिला इमारत ढही, कई श्रद्धालकों की जान गई

दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अफ्रीका के एक भारतीय कस्बे में स्थित रेडक्लिफ पहाड़ी पर बने एक चार मंजिला मंदिर के निर्माणाधीन हिस्से के गिरने से कई लोगों की मौत हो गई है। अहोबिलम मंदिर के नाम से स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय इस मंदिर में शुक्रवार को हुए हादसे के बाद से लगातार बचाव अभियान जारी है। अभी तक चार शवों को बरामद किया गया है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक बचावकर्मियों को एक और शव का पता चला है, लेकिन खराब मौसम की वजह से बचाव कार्य बंद करना पड़ गया। अभी भी कई टन मलबे के नीचे कितने लोग और दबे हुए हैं इसको लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।   दक्षिण अफ्रीका के क्वाज़ुलु-नटाल प्रांत यह अहोबिलम मंदिर रेडक्लिफ इलाके में खड़ी पहाड़ी पर बना हुआ था। इसी के एक हिस्से को आगे बढ़ाने का काम जारी था। इसी दौरान निर्माणाधीन हिस्सा बाकी के मंदिर के ऊपर भी गिर गया, जिसकी वजह से वहां काम कर रहे मजदूर और कई अन्य लोग दब गए। एक व्यक्ति के फोन के आधार पर बचाव दल अपना काम कर रहा था, लेकिन शाम होने तक उससे भी संपर्क टूट गया। दक्षिण अफ्रीका रिस्पॉन्स इकाई के प्रवक्ता प्रेम बलराम की तरफ से स्थानीय मीडिया को बताया गया कि बचाव अभियान फिलहाल जारी है। चार शवों में से अभी एक की पहचान विक्की जयराज पांडे (52) के रूप में हुई है, जो पिछले दो साल से मंदिर की स्थापना के बाद से इसमें सेवा दे रहे थे। पांडे की मृत्यु की पुष्टि में मंदिर से संबंध धर्मार्थ संस्था 'फूड फॉर लव' के निदेशक सनवीर महाराज ने भी की है। उन्होंने बताया कि पांडे पिछले दो साल से मंदिर के कार्यकारी सदस्य और निर्माण परियोजना के प्रबंधक थे। वहीं, दूसरी तरफ जब इस बारे में इथेक्विनी (पूर्व में डरबन) की नगर पालिका से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर इस जगह को मंदिर बनाने के लिए कोई स्वीकृति नहीं मिली थी। इस आधार पर यह एक अवैध निर्माण था। गौरतलब है कि अहोबिलम मंदिर के नाम से पहचाने जाने वाले इस मंदिर के स्थानीय समुदाय द्वारा बनवाया गया था। इसको एक गुफा के रूप में बनाया जा रहा था, इसका निर्माण कार्य अभी भी जारी था। इस मंदिर में स्थानीय पत्थरों के अलावा भारत से ले जाए गए पत्थरों का भी उपयोग किया गया था। मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे परिवार ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग दो साल पहले शुरू हुआ था और इसमें भगवान नरसिंहदेव की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित किए जाने का कार्यक्रम था।