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राजधानी में धमाका: गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा बैठक, सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट के मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए अमित शाह ने कहा कि इस कृत्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद मंगलवार को शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली कार ब्लास्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्हें इस घटना के पीछे के प्रत्येक दोषी की तलाश करने के निर्देश दिए। इस कृत्य में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को हमारी एजेंसियों की कड़ी सज़ा का सामना करना पड़ेगा।" बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक (डीजी) सदानंद वसंत दाते शामिल हुए। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी कड़ा संदेश दे चुके हैं कि षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भूटान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैं कल रात भर इस घटना की जांच में जुटी सभी एजेंसियों के साथ सभी महत्वपूर्ण लोगों के साथ संपर्क में था। विचार विमर्श चलता था। जानकारियों के तार जोड़े जा रहे थे। हमारी एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। इसके पीछे के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।" विस्फोट की जांच के लिए 500 से अधिक सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रमुख प्रतिष्ठानों पर एनएसजी कमांडो तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही हैं। उन्हें संदेह है कि कार विस्फोट ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया एक आत्मघाती हमला हो सकता है। जांच ​​एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं और दिल्ली भर के कई स्थानों से मोबाइल फोन का डंप डेटा इकट्ठा कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाल किला क्षेत्र में और उसके आसपास सक्रिय सभी मोबाइल फोन से डंप डेटा प्राप्त किया जा रहा है। यह डेटा कार बम विस्फोट से जुड़े फोन नंबरों और संचार लिंक की पहचान करने में मदद कर सकता है।

आतंक पर सख्त कानून की मांग: अबू आजमी बोले- 6 महीने में हो फांसी

मुंबई  महाराष्ट्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने सोमवार को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट पर कहा कि जो भी इस घटना के पीछे दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों को 6 माह में फांसी की सजा होनी चाहिए। सपा नेता ने मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में लाल किले के पास जोरदार धमाका हुआ। यह दुखद है कि ऐसी घटना ऐसी जगह पर हुई। हम मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच होनी चाहिए और उन्हें छह महीने के भीतर मौत की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने मुंबई के ट्रेन ब्लास्ट को दिल्ली ब्लास्ट से जोड़ते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी बेकसूर को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई ट्रेन ब्लास्ट की घटना में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इस घटना में भी कुछ लोगों को पकड़ा गया, और वर्षों तक जेल में रखने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया। आज तक असली दोषियों को सजा नहीं हुई। दिल्ली ब्लास्ट को लेकर उन्होंने कहा कि देश में ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप किसी बेकसूर को गिरफ्तार कर लें। घटना की सही तरीके से जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के लिए वर्तमान सरकार को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में यह ब्लास्ट एक बड़ी चूक है। अगर दिल्ली के अंदर विस्फोट हो सकता है, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रहते हैं, जहां पूरी सरकार काम करती है, तो दिल्ली के दिल में ऐसा विस्फोट, मेरी राय में, एक विफलता है, 100 प्रतिशत विफलता है। दिल्ली ब्लास्ट पर कई राजनीतिक दलों की ओर से भी दुख जताया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं पूरे मामले पर नजर बनाए हुई हैं। उन्होंने कहा कि ये हादसा बेहद दुखद है। सभी जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और पूरी तरीके से इसकी तह तक जाने का काम चल रहा है। हम लोग स्वयं अस्पताल जाकर घायलों से मिले। सरकार का पूरा सहयोग उनके साथ है।

गुजरात फिर टॉप पर! पीएम-जनमन के क्रियान्वयन में पूरे देश को पीछे छोड़ा

गांधीनगर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की अपेक्षित जरूरतों एवं सुविधाओं की पूर्ति कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) मिशन कार्यान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में, पीएम-जनमन के क्रियान्वयन में गुजरात देश का शीर्ष राज्य बना है। भारत सरकार की ओर से पीएम-जनमन के कार्यान्वयन के संदर्भ में देश के अलग-अलग राज्यों की प्रगति को ध्यान में रखकर घोषित की गई रैंकिंग में गुजरात पहले स्थान पर है। भारत सरकार की ओर से 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात राज्य को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’ का पुरस्कार दिया। गुजरात की यह उपलब्धि दर्शाती है कि आदिवासियों के विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार मजबूत प्रयास कर रही है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 नवंबर 2023 को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर देश के 18 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश में बसे 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) का सर्वांगीण सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन का उद्देश्य निश्चित समयसीमा में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बिजली, आजीविका और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर उनका सामाजिक उत्थान करना है। गुजरात में ऐसे 5 विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह रहते हैं, जिनमें काथोडी, कोटवाळिया, पढार, सिद्दी और कोलघा समूह शामिल हैं। राज्य सरकार ऐसे समूहों की आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्यरत है। पीएम-जनमन मिशन के तहत विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों की आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को पूरा किया जाता है, जिनमें आवास, सड़क की कनेक्टिविटी, पाइपलाइन से जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं, महिलाओं के लिए आंगनबाड़ियों का निर्माण, विद्युतीकरण, मोबाइल टावर की स्थापना, वन धन विकास केंद्र और बहुउद्देश्यीय केंद्रों की स्थापना शामिल हैं। इस मिशन के अंतर्गत इस समुदाय के लोगों के घर-परिवारों का सर्वेक्षण करके और यह पता लगाकर कि किन्हें किस सुविधा की जरूरत है और कहां कितनी कमी है, इसके अनुसार सुविधाओं के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और उसके अनुसार उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। गुजरात राज्य में पीएम-जनमन के अंतर्गत पीवीटीजी समुदायों के लिए 14,552 आवासों के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, राज्य में बसे इस समुदाय के लगभग 2,803 घरों में पाइपलाइन के जरिए जल आपूर्ति की आवश्यकता थी, और इन सभी यानी 100 फीसदी घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा चुका है। इन समुदायों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 22 मोबाइल मेडिकल यूनिट कार्यरत की गई हैं, और 1.25 लाख से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया है। पीएम-जनमन मिशन के अंतर्गत, पीवीटीजी समुदायों की महिलाओं के लिए आगामी समय में 67 आंगनबाड़ियां कार्यरत करने का लक्ष्य है। वहीं, शिक्षा के उद्देश्य से 13 छात्रावासों के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इस मिशन के अंतर्गत ऐसे 6,630 घरों में बिजली पहुंचाई गई है, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंची थी। इसके साथ ही गुजरात राज्य ने पीएम-जनमन के अंतर्गत 100 फीसदी विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। पीएम-जनमन के तहत आदिम समूह बस्तियों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 36 नए मोबाइल टावर लगाने का आयोजन किया गया था, जिनमें से 21 टावर लगाए जा चुके हैं। वहीं, 41 आदिम समूह बस्तियों में 4जी सेवा कार्यरत है। इसके अलावा, सड़क सुविधा के अंतर्गत 45 नई सड़कों (कुल 94 किमी) की स्वीकृति दी गई है, विशेष रूप से छोटी बस्तियों को भी इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, वनोपज के प्राथमिक प्रसंस्करण और उसके मूल्य संवर्धन में पीवीटीजी समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी के जरिए उनकी आजीविका और आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से इस मिशन के तहत 21 वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) स्थापित किए गए है, जिनमें कुल 1,050 लाभार्थी जुड़े हैं। ये केंद्र वनोपज के मूल्य वर्धन और बिक्री के माध्यम से स्थानीय रोजगार और आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुए हैं। यही नहीं, इस मिशन के तहत पीवीटीजी समुदाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं, वयस्क शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसी विभिन्न गतिविधियों के संचालन के लिए 39 बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित करने की मंजूरी भी दी गई है। इन सभी बुनियादी सुविधाओं के लिए भारत सरकार के 8 मंत्रालयों द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है, जिनमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, संचार मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय शामिल हैं।

दिल्ली धमाके पर चीन का बड़ा बयान, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मचा हड़कंप

बीजिंग दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। मौके पर पुलिस, एनएसजी और फॉरेंसिक टीमों ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस दुखद घटना पर चीन का  भी तुरंत  रिएक्शन सामने आया है जिससे दुनिया हैरान है । चीन  ने मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया है। बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा,“हम इस घटना से स्तब्ध हैं। दिल्ली में हुए विस्फोट में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। मृतकों के परिजनों को हमारी हार्दिक संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।” लिन जियान ने आगे बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी भी चीनी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन इस घटना पर भारत के साथ खड़ा है और शांति व सुरक्षा के लिए अपनी शुभकामनाएं देता है।इससे पहले जापान, ईरान, अर्जेंटीना और ब्रिटेन सहित कई देशों ने भी दिल्ली विस्फोट पर दुख व्यक्त किया था और भारत के साथ एकजुटता दिखाई थी। चीन का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले भारत में हुए हादसों पर चीन देर तक चुप्पी साधे रखता है और कुछ दिन बाद अपनी प्रतिक्रिया देता है । लेकिन हाल ही में अमेरिका के साथ अनबन व  भारत के साथ संबंधों में सुधार के चलते चीन का यह बयान अहम माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट एक खड़ी कार में हुआ, जिसमें संभवतः विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कार में विस्फोट कैसे हुआ  क्या यह आतंकी साजिश थी या किसी तकनीकी खराबी से हुआ हादसा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किला और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि फॉरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोट के नमूने एकत्र कर जांच कर रहे हैं।

‘धोखा’ विवाद के बाद कार्रवाई, बाबा रामदेव की पतंजलि को नोटिस जारी

 नई दिल्ली योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने तीन दिनों के अंदर पतंजलि च्यवनप्राश के उस विज्ञापन को प्रसारित करने से रोकने का आदेश दिया है, जिसमें अन्य सभी च्यवनप्राश ब्रांडों को 'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) कहा गया है। जस्टिस तेजस करिया ने डाबर इंडिया लिमिटेड बनाम पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को सोशल मीडिया कंपनियों, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म और अनेय प्रसारकों को तीन दिनों के अंदर इस विज्ञापन को रोकने का आदेश दिया। जस्टिस करिया ने अपने फैसले में कहा, “प्रतिवादी राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों, ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म या किसी भी प्रकार की स्ट्रीमिंग प्रणाली, और प्रिंट माध्यमों और वर्ल्ड वाइड वेब/इंटरनेट पर प्लेटफॉर्म, समाचार पत्रों और अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से विवादित विज्ञापन को तीन दिनों के अंदर हटाएं, ब्लॉक करें या उसे निष्क्रिय कर दें।” डाबर इंडिया के क्या आरोप? हाई कोर्ट की एकल पीठ ने यह आदेश डाबर इंडिया की उस याचिका पर दिया, जिसमें पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश के हालिया टेलीविजन विज्ञापन को अपमानजनक और अनुचित बताया गया था। डाबर की याचिका के अनुसार, विज्ञापन में बाबा रामदेव उपभोक्ताओं को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे थे कि च्यवनप्राश के नाम पर ज़्यादातर लोगों को ठगा जा रहा है। विज्ञापन में अन्य च्यवनप्राश ब्रांडों को'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) बताया गया था और पतंजलि के उत्पाद को 'आयुर्वेद की असली शक्ति' देने वाला एकमात्र असली च्यवनप्राश बताया गया था। बाजार के 61% हिस्सेदारी पर डाबर हावी बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, डाबर ने आरोप लगाया कि यह विज्ञापन जानबूझकर उसके प्रमुख उत्पाद, डाबर च्यवनप्राश को बदनाम करता है, जो 1949 से बाजार में 61% से अधिक की हिस्सेदारी पर हावी रहा है। डाबर ने अपनी याचिका में यह भी तर्क दिया कि पतंजलि का यह विज्ञापन और संदेश संपूर्ण च्यवनप्राश श्रेणी का अपमान है, जिससे आयुर्वेद-आधारित हेल्छ सप्लीमेंट पर लोगों का विश्वास कम होता है। इन तर्कों पर विचार करने के बाद, हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि विज्ञापन संपूर्ण च्यवनप्राश उत्पादों की श्रेणी का अपमान करने का प्रयास है। 'धोखा' का क्या अर्थ बताया पतंजलि ने? इससे पहले पिछली सुनवाई पर गुरुवार (6 नवंबर) को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और पतंजलि आयुर्वेद से पूछा था कि वह अन्य च्यवनप्राश उत्पादों को ‘धोखा’ कैसे कह सकता है? कोर्ट ने तब कहा था कि योग गुरु रामदेव की पतंजलि को अपने विज्ञापनों में किसी अन्य शब्द के इस्तेमाल पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पतंजलि को अपने उत्पाद और अन्य उत्पादों की तुलना की अनुमति तो है, लेकिन अन्य उत्पादों का अपमान करने की अनुमति नहीं है। जस्टिस करिया ने तब कहा था, ‘‘आप दावा कर सकते हैं कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन आप दूसरों को ‘धोखा’ नहीं कह सकते, जिसका अंग्रेजी शब्दकोश में अर्थ धोखाधड़ी और छल है।’’ पतंजलि के वकील ने दावा किया था कि ‘धोखा’ शब्द से रामदेव का मतलब ‘साधारण’ है, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।      

हेल्थकेयर की आड़ में आतंक? डॉक्टरों के पास से हथियार और खतरनाक ज़हर बरामद

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर सोमवार शाम को धीमी गति से चल रही कार में हुए भीषण विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में 20 लोग घायल भी हुए हैं। विस्फोट में कई वाहन जल गए। जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ, वह घटना से करीब तीन घंटे पहले सुनहरी मस्जिद के पास पार्क की गई थी। अब दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे शक गहराता जा रहा है कि यह हमला एक फिदायीन आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है।  डॉक्टर्स नेटवर्क से जुड़ा आतंकी कनेक्शन धमाके की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक चौंकाने वाला ‘डॉक्टर्स नेटवर्क’ मिला है। जांच में सामने आया है कि इस साजिश के हर तार किसी न किसी डॉक्टर से जुड़ रहे हैं — कोई मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर है, तो कोई रिसर्चर या प्रैक्टिसिंग डॉक्टर। इससे पहले सोमवार सुबह ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में 2,900 किलो विस्फोटक बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। यह कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के खुलासे के दौरान हुई। इस बरामदगी और दिल्ली धमाके के बीच की समय-निकटता ने एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। डॉ. आदिल अहमद राठर: मेडिकल कॉलेज से AK-47 बरामद  जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. आदिल अहमद राठर को पुलिस ने सबसे पहले गिरफ्तार किया। उसके लॉकर से AK-47 राइफल मिली। जांच में राठर के जैश और अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं।   डॉ. शाहीन शाहिद: महिला डॉक्टर की कार में असॉल्ट राइफल 7 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से दूसरी गिरफ्तारी हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत लखनऊ निवासी डॉ. शाहीन शाहिद की कार से ‘कैरोम कॉक’ नाम की असॉल्ट राइफल बरामद की गई। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में उसकी भूमिका क्या थी। उसकी पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है।   डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद: बना रहा था ‘रिसिन’ जहर इसी दिन गुजरात एटीएस ने हैदराबाद के रहने वाले डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया। वह चीन से मेडिकल पढ़ाई कर चुका है और जांच में सामने आया कि वह ‘रिसिन’ नाम के घातक जहर की तैयारी कर रहा था। यह जहर अरंडी के बीजों से बनता है और बेहद खतरनाक माना जाता है। मोहियुद्दीन ने दिल्ली के आज़ादपुर मंडी, अहमदाबाद के नरोडा मार्केट और लखनऊ के आरएसएस कार्यालय जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की कई महीनों तक रेकी की थी। डॉ. मुझमिल शकील: 2,900 किलो विस्फोटक बरामद 10 नवंबर को चौथी गिरफ्तारी भी फरीदाबाद से हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाला डॉ. मुझमिल शकील पकड़ा गया। उसके पास से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जबकि उसके ठिकाने से 2,563 किलो विस्फोटक बरामद किया गया। फरीदाबाद पुलिस के मुताबिक, मुझमिल के तार भी जैश से जुड़े हैं और वह श्रीनगर में आतंकी पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा था। उसकी गिरफ्तारी अदिल राठर से मिली जानकारी के आधार पर हुई।   डॉ. उमर मोहम्मद: ब्लास्ट हुई कार उसी के नाम पर जांच एजेंसियों के अनुसार, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास जिस i20 कार में विस्फोट हुआ, वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर रजिस्टर्ड थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, धमाके के वक्त वह कार में मौजूद था। शिक्षित आतंक: सफेद कोट में काले कारनामे जांच से साफ है कि पकड़े गए सभी डॉक्टर सिर्फ आतंकी संगठनों के संपर्क में नहीं थे, बल्कि हथियार और केमिकल खुद तैयार कर रहे थे। इन खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अब आतंकवाद देश के शिक्षित तबके में भी अपनी जड़ें फैला रहा है जहां शिक्षा का इस्तेमाल सफेद कोट में काले कारनामे करने के लिए हो रहा है।  

तमिलनाडु में सिलेंडर ट्रक दुर्घटनाग्रस्त, तेज धमाकों से मचा हड़कंप

तमिलनाडु तमिलनाडु के अरियालूर में एक बड़ा हादसा हुआ. एक ट्रक जिसमें गैस सिलेंडर भरे थे, वो अचानक पलट गया. इसके बाद लगातार कई सिलेंडरों में आग गई. एक के बाद एक धमाके के बाद पूरा इलाका दहल गया. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को अरियालुर के पास वरणावासी में एक ट्रक एलपीजी सिलेंडर ले जा रहा था, जो पलट गया और उसमें धमाकों के बाद आग लग गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया था, जिससे ये हादसा हुआ. ड्राइवर ने किसी तरह बचाई जान ट्रक पलटने के बाद किसी तरह से ड्राइवर बाहर कूद गया. वह मामूली तौर पर जख्मी हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे अरियालुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, ट्रक पूरी तरह से जल गया. इसमें रखे सिलेंडरों के फटने की आवाज करीब 2 किलोमीटर तक सुनाई दी. ब्लास्ट के बाद हर तरफ फैल गई, जिससे आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया. ट्रैफिक को किया गया डायवर्ट हादसे के बाद ट्रैफिक को भी डायवर्ट कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, अरियालुर जाने वाली सभी गाड़ियों को वी. कैकट्टी के रास्ते से जाने की सलाह दी गई है. सूचना मिलते ही अरियालुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी हादसे वाली जगह पर पहुंच गए हैं. 

धनखड़ का ‘कमबैक भाषण’! इस्तीफे के बाद पहली बार मंच से देंगे संदेश

नई दिल्ली  देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 नवंबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पुस्तक विमोचन समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। समारोह के आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद संभवतः यह पहला मौका होगा जब धनखड़ किसी सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। धनखड़, इससे पहले उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे। सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सहसरकार्यवाह मनमोहन वैद्य द्वारा लिखित पुस्तक 'हम और यह विश्व' का विमोचन भोपाल के रविन्द्र भवन में 21 नवंबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में वृंदावन-मथुरा स्थित आनंदम धाम के पीठाधीश्वर रीतेश्वर जी महाराज भी शामिल होंगे जबकि धनखड़ मुख्य वक्ता के रूप में इसे संबोधित करेंगे। पुस्तक का प्रकाशन सुरुचि प्रकाशन ने किया है। तुली ने बताया कि कई पुस्तकों के लेखक मनमोहन वैद्य की ताजा पुस्तक सामाजिक, राष्ट्रीय और आर्थिक विषयों पर भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद हुए उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। धनखड़ अपने इस्तीफे के 53 दिन बाद 12 सितंबर को राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए थे। कांग्रेस धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने पर सवाल खड़े करती रही है। विपक्षी पार्टी ने यह भी दावा किया था कि धनखड़ को पद छोड़ने पर मजबूर किया गया। कांग्रेस नेताओं ने तब कहा था कि देश धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे पर उनके बयान का इंतजार कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 22 जुलाई को त्यागपत्र सौंप दिया था। हालांकि, अटकलें थीं कि सरकार के साथ टकराव के चलते उन्होंने पद छोड़ा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा। उसके बाद से करीब डेढ़ महीने से अधिक की अवधि में वह किसी भी कार्यक्रम में नहीं दिखे।

दिल्ली ब्लास्ट पर केंद्र सख़्त: गृह मंत्री अमित शाह की आपात बैठक, जम्मू-कश्मीर से भी ली रिपोर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके को लेकर होम मिनिस्टर अमित शाह ने उच्च स्तरीय मीटिंग की है। गृह मंत्री की अध्यक्षता में उनके ही आवास पर मंगलवार को मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौजूद थे। इसके अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका और NIA के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते और दिल्ली पुलिस के कमिश्नर सतीश गोलचा भी पहुंचे थे। इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात भी वर्चुअली ही जुड़े। दिल्ली में हुए बम धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं। इस भीषण धमाके के बाद से दिल्ली, मुंबई, यूपी समेत देश के तमाम राज्यों और संवेदनशील इलाकों में अलर्ट है।   सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में इस बीत पर चर्चा हुई कि आखिर दिल्ली में सोमवार शाम को हुए धमाके की जांच कहां तक पहुंची है। इसके अलावा फरीदाबाद में बरामद हुए बड़े पैमाने पर विस्फोटक से इस धमाके का क्या और कितना लिंक है, इस पर भी बात हुई। धमाके के बाद होम मिनिस्टर अमित शाह ने जांच का आदेश दिया है। इस घटना की जांच में NIA, एनएसजी शामिल हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल लैब की भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस को इस बात की जिम्मेदारी दी गई है कि वह जांच करे कि इस धमाके का कारण क्या था। इसमें किन चीजों का इस्तेमाल किया गया और विस्फोटक कैसे आया। मंगलवार को सुबह ही NIA की टीम मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम भी उसके साथ थी। दोनों टीमों ने घटनास्थल पर धमाके की घटना को रिक्रिएट किया। फिलहाल दिल्ली पुलिस की मदद भी NIA कर रही है। सूत्रों ने बताया कि मीटिंग में अधिकारियों ने कहा कि फरीदाबाद से जो विस्फोटक बरामद हुआ था। उससे इस घटना का लिंक हो सकता है। फिलहाल उसके बारे में ही जांच जारी है। अधिकारियों को शक- फरीदाबाद मॉड्यूल हो सकता है देशव्यापी सोमवार को ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है। इसके अलावा 2900 किलो आईईडी मैटीरियल मिला है। इनमें केमिकल, डेटोनेटर और वायर शामिल हैं। यह सारी सामग्री फरीदाबाद के एक अपार्टमेंट से मिली है। अधिकारियों ने संदेह जाहिर किया है कि फरीदाबाद से बड़े पैमाने पर विस्फोटक की रिकवरी और दिल्ली के धमाके के बीच कोई देशव्यापी नेटवर्क हो सकता है।  

भारी मन से आया हूं — भूटान में बोले पीएम मोदी, दिल्ली धमाके पर कड़ा रुख

नई दिल्ली  पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके को लेकर दुख जाहिर किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। भूटान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं बहुत भारी मन से यहां आया हूं। उन्होंने कहा, 'कल शाम दिल्ली में जो भयानक घटना हुई, उससे सभी बहुत दुखी हैं। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूं। आज पूरा देश उनके साथ खड़ा है। मैं कल रात भर इस घटना की जांच कर रही सभी एजेंसियों के संपर्क में था। हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी। इसके पीछे जो भी साजिश करने वाले हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जो भी इसके लिए ज़िम्मेदार हैं, उन सभी को सज़ा मिलेगी।' इस दौरान भूटान के राजा के नेतृत्व में एक प्रार्थना सभा का आयोजन भी राजधानी थिंपू में ही किया गया। इस सभा में मौजूद हजारों लोगों ने दिल्ली धमाके में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। चांगलिमेथांग स्टेडियम में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान भूटान नरेश ने घटना पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि हम इस मुश्किल वक्त में भारत के साथ हैं और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। बता दें कि अमेरिका, इजरायल और कनाडा समेत दुनिया के कई देशों ने इस धमाके पर दुख जताया है और दोषियों के खिलाफ सख्त ऐक्शन की उम्मीद जताई है।