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ALERT: भारत में तीन कफ सिरप और 112 दवाओं पर WHO का चेतावनी जाल

नई दिल्ली केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की सितंबर रिपोर्ट ने एक बार फिर दवा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार देशभर में 112 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें तीन कफ सिरप भी शामिल हैं, जिनमें से एक नकली पाया गया। ये दवाएं गंभीर बीमारियों जैसे दिल, कैंसर, मधुमेह, हाई बीपी, दमा, संक्रमण, दर्द, सूजन, अनीमिया और मिर्गी के इलाज में उपयोग की जाती हैं। केंद्रीय दवा प्रयोगशाला की जांच में 52 सैंपल फेल हुए, वहीं राज्य स्तर पर 60 दवाओं के घटिया पाए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने कहा कि यह गुणवत्ता विफलता केवल जांच किए गए बैच तक सीमित है और अन्य बैच प्रभावित नहीं हैं। राज्यों में फैली समस्या सबसे अधिक 49 दवाएं हिमाचल प्रदेश में बनीं। इसके अलावा गुजरात में 16, उत्तराखंड में 12, पंजाब में 11 और मध्य प्रदेश में छह दवाओं के सैंपल फेल पाए गए। सिक्किम, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की तीन-तीन, कर्नाटक और महाराष्ट्र की दो-दो दवाएं असफल रहीं। बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में एक-एक दवा का सैंपल फेल हुआ। दो कफ सिरप हरिद्वार और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में बने हैं। तीसरा कफ सिरप “बेस्टो-कफ ड्राई कफ फार्मूला” है, जो सूखी खांसी में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ से भी एक नकली दवा का मामला सामने आया है, जिसमें एक अनधिकृत निर्माता ने अन्य कंपनी का ब्रांड नाम इस्तेमाल किया।   स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रतिक्रिया स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सभी राज्य नियामकों के सहयोग से बाजार से इन दवाओं को हटाने की कार्रवाई जारी है। हिमाचल प्रदेश के राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि अधिकांश दवाओं में मामूली खामियां पाई गईं, जिन्हें तुरंत ठीक करवाया जाएगा। कुछ में बड़ी खामियां पाई गई हैं, जिनके लिए उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी होंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अलर्ट WHO ने भारत में निर्मित तीन मिलावटी कफ सिरप की पहचान की है, जिनमें 'कोल्ड्रिफ कफ सिरप' भी शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी है कि ये दवाएं बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती हैं और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए। मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं और कहा कि यह नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, ताकि घटिया और नकली दवाओं को समय पर बाजार से हटाकर जनस्वास्थ्य सुरक्षित किया जा सके।  

रिलायंस का मिडिल ईस्ट मोड़: रूस प्रतिबंधों के बाद नए साझेदार बने ये देश

वाशिंगटन  अमेरिका द्वारा दो प्रमुख रूसी तेल उत्पादकों पर प्रतिबंध लगाने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने मिडिल ईस्ट और अमेरिका से लाखों बैरल कच्चा तेल खरीद लिया है। ईटी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रिलायंस ने सऊदी अरब के खफजी, इराक के बसरा मीडियम, कतर के अल-शाहीन जैसे कई ग्रेड के कच्चे तेल के साथ-साथ अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल की खरीदारी की है। ये माल दिसंबर या जनवरी में पहुंचने की उम्मीद है। रिलायंस इस साल मात्रा के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा रूसी तेल आयातक रहा है। कंपनी ब्लैक लिस्ट में शामिल रोसनेफ्ट पीजेएससी के साथ लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट के जरिए कच्चा तेल ले रही है। व्यापारियों के अनुसार, हालांकि रिलायंस सामान्यतः मध्य पूर्वी ग्रेड के कच्चे तेल की खरीदारी करता है, लेकिन हाल की ये डीलें जिनमें अमेरिकी प्रतिबंधों से ठीक पहले इस हफ्ते की शुरुआत में हुईं कुछ लेन-देन भी शामिल हैं, सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रहीं। इस महीने 1 करोड़ बैरल से ज्यादा खरीदा तेल कुल मिलाकर, रिलायंस ने इस महीने हाजिर बाजार से कम से कम 1 करोड़ बैरल तेल खरीदा है, जिसमें मिडिल ईस्ट का तेल सबसे अधिक है। ज्यादातर खरीदारी अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद हुई। कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। व्यापारियों ने बताया कि अन्य भारतीय रिफाइनर भी बाजार में सक्रिय हैं और मिडिल ईस्ट, अमेरिका तथा ब्राजील से खरीदारी कर रहे हैं। गुरुवार को ओमान जैसे ग्रेड के तेल की कीमतों में मजबूती देखी गई। रूसी तेल आयात पर पड़ा असर खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाड़ी देशों का कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 5% से ज्यादा का इजाफा हो चुका है। रोसनेफ्ट और लुकोइल पीजेएससी पर प्रतिबंध लगने के बाद, रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी लिमिटेड को छोड़कर, प्रमुख भारतीय रिफाइनर्स को रूसी तेल का प्रवाह तेजी से गिरने की उम्मीद है। कुछ चीनी कंपनियां भी अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव का आकलन कर रही हैं और खरीदारी रोक चुकी हैं।   4 दिनों में ब्रेंट कीमतों में 8% उछाल 20 अक्टूबर के बाद से खाड़ी देशों के कच्चे तेल की कीमतों में करीब 8% का इजाफा हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 61.01 डॉलर प्रति बैरल पर थीं, जो बढ़कर 66 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। इसका मतलब है कि मात्र 4 दिनों में ब्रेंट ऑयल की कीमतों में करीब 6 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ है। इसका प्रमुख कारण दुनिया के बड़े आयातकों द्वारा खाड़ी देशों के कच्चे तेल की बढ़ती मांग है। यह घटनाक्रम वैश्विक तेल बाजार में भू-राजनीतिक तनाव को और गहरा रहा है, जिससे भारतीय रिफाइनर्स को वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भरता बढ़ रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में कीमतों पर दबाव बने रह सकता है।  

भारत के बाद अब अफगानिस्तान का जल प्रहार, कुनार नदी पर बांध से सूखेगा पाकिस्तान

इस्लामाबाद  तालिबान शासित अफगानिस्तान पाकिस्तान को पानी की आपूर्ति सीमित करने और नदी पर बांध बनाने की तैयारी में है। अफगान सूचना मंत्रालय के अनुसार, तालिबान के सर्वोच्च नेता मौलवी हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने कुनार नदी पर जितनी जल्दी हो सके बांध बनाने का आदेश दिया है। यह कदम अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए युद्ध के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। अफगानिस्तान का यह फैसला भारत के पाकिस्तान के साथ जल-बंटवारे के निर्णय के बाद आया है। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया, जिसके तहत वह तीन पश्चिमी नदियों का पानी साझा करता था। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की ओर से 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के बाद यह कदम उठाया गया। अफगान जल और ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि सर्वोच्च नेता अखुंदजादा ने मंत्रालय को कुनार नदी पर बांध निर्माण जल्द शुरू करने और घरेलू कंपनियों के साथ करार करने का निर्देश दिया है। उप सूचना मंत्री मुहाजेर फराही ने गुरुवार को एक्स पर यह जानकारी साझा की। लंदन स्थित अफगान पत्रकार सामी यूसुफजई ने कहा, 'भारत के बाद अब शायद अफगानिस्तान की बारी है कि वह पाकिस्तान की जल आपूर्ति को सीमित करे।' यूसुफजई के अनुसार, सर्वोच्च नेता ने मंत्रालय को विदेशी कंपनियों का इंतजार करने के बजाय घरेलू अफगान कंपनियों के साथ करार करने का आदेश दिया। कुनार नदी के बारे में जानिए 480 किलोमीटर लंबी कुनार नदी अफगानिस्तान के हिंदू कुश पर्वतों में पाकिस्तान सीमा के पास ब्रोघिल दर्रे के निकट शुरू होती है। यह कुनार और नंगरहार प्रांतों से दक्षिण की ओर बहती है। इसके बाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में प्रवेश करती है, जहां यह जलालाबाद शहर के पास काबुल नदी में मिल जाती है। कुनार नदी को पाकिस्तान में चित्राल नदी कहा जाता है। यह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ी और सबसे अधिक जल वाली सीमापार नदी है। काबुल नदी अटक के पास सिंधु नदी में मिलती है और यह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लिए सिंचाई और अन्य जल आवश्यकताओं के लिए अहम है।  

भारत को मिलेगा नया मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस सूर्यकांत संभालेंगे CJI का पद

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने देश के अगले प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान सीजेआई बीआर गवई 23 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में अगले सीजेआई को चुने जाने की प्रक्रिया महीनेभर पहले शुरू कर दी जाती है। सीजेआई गवई के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज जस्टिस सूर्यकांत अगले सीजेआई बनने जा रहे हैं। प्रक्रिया और नियम के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति, ट्रांसफर और प्रमोशन के नियम को निर्धारित करने वाले डॉक्युमेंट्स में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में भारत के सीजेआई के पद पर नियुक्ति उस अदालत के सबसे वरिष्ठ जज की होनी चाहिए, जिन्हें पद धारण के लिए सबसे उपयुक्त समझा जाए। ऐसे में केंद्रीय कानून मंत्री वर्तमान सीजेआई से उनके उत्तराधिकारी के लिए उनकी सिफारिश मांगेंगे। हरियाणा के मिडिल क्लास में लिया जन्म हरियाणा के हिसार के एक मिडिल क्लास परिवार में 10 फरवरी, 1962 को जस्टिस सूर्यकांत का जन्म हुआ था। वह अभी सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई गवई के बाद सबसे सीनियर जज हैं। उन्होंने 1981 में गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, हिसार से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद 1984 में रोहतक की महार्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से लॉ की बैचलर डिग्री हासिल की। उन्होंने उसी साल 1984 में ही हिसार के जिला अदालत में प्रैक्टिस शुरू कर दी। बाद में 1985 में वे पंजाब एवं हरियाणा हाइ्र कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए चंडीगढ़ शिफ्ट हो गए। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के भी चीफ जस्टिस रहे सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, जस्टिस सूर्यकांत कॉन्स्टिट्यूशनल, सर्विस और सिविल मामलों में स्पेशलाइज्ड हैं। कई यूनिवर्सिटी, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, बैंक और खुद हाई कोर्ट को भी रिप्रेजेंट किया है। सात जुलाई 2000 को हरियाणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल नियुक्त किए गए। मार्च 2001 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। इसके बाद, 9 जनवरी 2004 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने तक हरियाणा के एडवोकेट जनरल के पद पर रहे। 22 फरवरी 2011 तक लगातार दो कार्यकालों के लिए 23 फरवरी 2007 को राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के शासी निकाय के सदस्य के रूप में चुना गया। पांच अक्टूबर, 2018 से हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने। इसके बाद, 24 मई, 2019 में सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में प्रमोट हुए। वे 9 फरवरी, 2027 को रिटायर होंगे।

ट्रंप का वार: हम जो बाइडेन नहीं हैं, इजरायल की हरकतें बर्दाश्त नहीं करेंगे

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को वेस्ट बैंक को लेकर स्पष्ट चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि इजरायल वेस्ट बैंक पर "कुछ नहीं करेगा"। यह बयान इजरायली संसद द्वारा वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों को हड़पने वाले दो विधेयकों पर प्रारंभिक मतदान के एक दिन बाद आया। इस दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इजरायल में ही थे। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने साफ लहजे में कहा है कि मौजूदा सरकार को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की तरह न समझा जाए। इससे पहले ट्रंप ने वाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, "वेस्ट बैंक को लेकर चिंता न करें। इजरायल बहुत अच्छे काम कर रहा है। वे वेस्ट बैंक को लेकर कुछ नहीं करेंगे।" ट्रंप ने पिछले महीने ही कहा था कि वे इजरायल को यह विवादास्पद कदम उठाने की अनुमति नहीं देंगे। मीडिया को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "यह नहीं होगा क्योंकि मैंने अरब देशों को अपना वादा दिया है। अगर ऐसा होता है, तो इजरायल को अमेरिका का पूरा समर्थन खोना पड़ेगा।" ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने धमकाया ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इजरायल को बताया, "इजरायली हमसे जो बाइडेन की तरह व्यवहार नहीं कर सकते।" अधिकारी ने गुमनाम रहने की शर्त पर कहा कि नेतन्याहू ने बाइडेन प्रशासन के दौरान अक्सर झगड़े किए थे, जो घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए थे। यह टिप्पणी 2010 के ओबामा प्रशासन के दौरान उपराष्ट्रपति बाइडेन की इजरायल यात्रा के समय पूर्वी जेरूसलम में 1,600 आवास इकाइयों के निर्माण की घोषणा को भी याद दिलाती है, जिसने अमेरिका-इजरायल संबंधों में दरार पैदा की थी। रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर नेतन्याहू गाजा युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के समझौते को खतरे में डालते हैं, तो ट्रंप "उन्हें सबक सिखाएंगे"। अधिकारी ने कहा, "नेतन्याहू राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बहुत बारीक रेखा पर चल रहे हैं। अगर वे आगे बढ़े, तो गाजा समझौता बर्बाद हो जाएगा। और अगर समझौता बर्बाद होता है, तो डोनाल्ड ट्रंप उन्हें बर्बाद कर देंगे।" वेंस भी भड़के अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वेस्ट बैंक के विलय पर इजरायल की संसद में हुए मतदान की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम एक 'अपमान' है। वेंस ने इस सप्ताह अपनी इजरायल यात्रा के समापन पर प्रस्थान करने से पहले तेल अवीव के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कहा, ‘‘यदि यह मतदान एक 'राजनीतिक स्टंट' था, तो यह एक बहुत ही मूर्खतापूर्ण राजनीतिक स्टंट है।’’ वेंस ने इजरायल की संसद नेसेट में हुए मतदान को लेकर कहा, ‘‘ मैं व्यक्तिगत रूप से इसे अपमानजनक मानता हूं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीति यह है कि वेस्ट बैंक को इजरायल द्वारा नहीं हड़पा जाएगा।’’ इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो गुरुवार शाम को इजरायल पहुंचे और नेतन्याहू से जेरूसलम में मिले। दोनों ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दो मिनट से कम समय के बयान दिए, वो भी बिना सवालों के। अरब और मुस्लिम देशों ने हड़पने की निंदा की दूसरी ओर, सऊदी अरब के नेतृत्व में दर्जन भर से अधिक अरब और मुस्लिम देशों ने संयुक्त बयान जारी कर वेस्ट बैंक हड़पने के मतों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे "अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन" बताया। बयान में कहा गया, "हम इजरायली संसद द्वारा वेस्ट बैंक पर कथित 'इजरायली संप्रभुता' थोपने वाले दो ड्राफ्ट कानूनों की मंजूरी की सबसे कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।" बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में जॉर्डन, मिस्र, कतर, कुवैत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, ओमान, फिलिस्तीनी अथॉरिटी, लीबिया, मलेशिया, नाइजीरिया आदि शामिल हैं। मिडिल ईस्ट मॉनिटर के अनुसार, फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि "हड़पने की कोशिशें अवैध और अमान्य हैं। वेस्ट बैंक फिलिस्तीनी भूमि है, जो इतिहास, अंतरराष्ट्रीय कानून और 2024 के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के सलाहकारी फैसले पर आधारित है।" नेतन्याहू के लिए वेस्ट बैंक हड़पना मुश्किल मुद्दा है। उनकी सरकार के कई गठबंधन सदस्य पश्चिमी शक्तियों द्वारा पिछले महीने फिलिस्तीन राष्ट्र की मान्यता के जवाब में हड़पने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, ऐसा करना ट्रंप की सऊदी-इजरायल सामान्यीकरण की आशाओं को झटका दे सकता है, जो अब्राहम समझौतों का अगला कदम माना जाता है।

रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: खराब हवा से भारत में हर साल 20 लाख मौतें

नई दिल्ली  दुनिया की हवा पर रिसर्च करने वाली संस्था की नई रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत और चीन में 2023 में खराब हवा में सांस लेने के चलते 20 लाख लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, नाइजीरिया जैसे देशों में भी दो लाख मौतें हुई हैं। इंडोनेशिया, म्यांमार, मिस्र का भी हाल खराब है और यहां एक साल के अंदर 1 लाख लोग खराब हवा के चलते ही मारे गए। रिपोर्ट का कहना है कि दुनिया में अकाल मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण अब एयर पलूशन बन गया है और पहले नंबर पर अब भी हाई ब्लड प्रेशर है। बोस्टन स्थित हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टिट्यूट की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया की 36 फीसदी आबादी भीषण एयर पलूशन की शिकार है। डिमेंशिया जैसी बीमारी भी इस समस्या के चलते हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में एयर पलूशन जनित बीमारियों ने दुनिया भर में 79 लाख लोगों की जान ले ली। इस तरह दुनिया में होने वाली 8 मौतों में से हर एक की वजह एयर पलूशन रही है। इनमें से 49 लाख लोग तो ऐसे रहे हैं, जो हवा में पीएम 2.5 के बढ़ने के कारण बीमारियों के शिकार हुए। अहम तथ्य यह है कि इनमें से 28 लाख लोग तो ऐसे ही थे, जो आमतौर पर घर में ही रहते थे। सबसे खराब हाल भारत और चीन का है, जहां दुनिया की बड़ी आबादी बसती है। दोनें देशों में 2023 में 20-20 लाख लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट कहती है कि एयर पलूशन से होने वाली 90 फीसदी मौतें तो एशिया में ही हुई हैं। इनमें भी लोअर-मिडल इनकम वाले देशों की स्थिति ज्यादा खराब है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हार्ट की बीमारी, डिमेंशिया और डायबिटीज जैसी समस्याएं भी एयर पलूशन के चलते हो रही हैं। अनुमान है कि 2023 में स्वस्थ मानव जीवन के 11.6 मिलियन वर्ष 2023 में ही कम हो गए। एयर पलूशन के चलते लोगों के फेफड़े बीमार हो रहे हैं और वे गंभीर समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा 25 फीसदी हार्ट की बीमारियों का कारण एयर पलूशन है। डिमेंशिया के शिकार लोगों में भी 25 फीसदी की वजह एयर पलूशन बताई जाती है। खराब एयर क्वालिटी डायबिटीज की भी वजह बन रही है। अब सवाल है कि सबसे ज्यादा खराब हवा का सामना कौन कर रहा है। इन देशों में भारत, चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ब्राजील और कुछ अफ्रीकी मुल्क शामिल हैं। सीधी बात यह है कि अधिक आबादी के चलते मकान, बाजार की जरूरतें बढ़ी हैं। जंगल खत्म हुए हैं तो प्रदूषण में इजाफा दिखा है।  

राजकोट और आसपास जिलों में भूकंप के झटके, गुजरात में लोगों में हलचल

राजकोट गुजरात के राजकोट में शुक्रवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (NCS) ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.4 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र बिंदु सौराष्ट्र के गोंडल क्षेत्र से 24 किमी पश्चिम-दक्षिण में था. राजकोट और आसपास के जिलों मे दोपहर 12:37:42 बजे के आसपास भूकंप का असर महसूस किया गया. लोगों ने घरों में झटके महसूस होने की बात कही, जिससे कुछ पल के लिए अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान या संपत्ति को क्षति की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं. गुजरात सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को देने को कहा है.

पुलिस का झांसा देकर 1 लाख रुपये की डिमांड, पीड़िता ने बताया गांजा और देह व्यापार के झूठे आरोप

बेंगलुरु नेलमंगला के पास मंगलवार रात एक 27 वर्षीय महिला से गैंगरेप के मामले ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। बेंगलुरु ग्रामीण पुलिस ने इस घटना में शामिल तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मिथुन सहित अन्य की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और बेंगलुरु में पिछले छह महीनों से अपने पति और दो बेटों के साथ किराए के मकान में रह रही थी। वह शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में ब्यूटीशियन का काम करती है। पीड़िता के साथ बंगाल की ही एक अन्य महिला और उसके पति का एक मित्र भी पास के मकान में रहते थे। मित्र असम का रहने वाला है। घटना के समय पीड़िता का पति काम पर गया हुआ था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 21 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे पांच लोग खुद को स्थानीय पुलिस बताकर उसके घर में घुस आए। उन्होंने आरोप लगाया कि वह और उसके परिचित लोग गांजा रखने और देह व्यापार में शामिल हैं। इसके बाद उन्होंने 1 लाख रुपये की मांग की। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने विरोध करने पर उसे और उसकी सहेली को क्रिकेट बैट और मछेटी (चाकू जैसी हथियार) से पीटा। उसकी सहेली बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसके छोटे बेटे और पति के दोस्त को बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया। इसके बाद तीन आरोपियों ने उसे पास के मकान में खींचकर गैंगरेप किया। उन्होंने घर से 25,000 रुपये कैश और दो मोबाइल फोन भी लूट लिए। उसी दौरान पीड़िता का बड़ा बेटा, जो बाहर था, उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर मदद मांगी। कुछ ही देर में एक होयसला पेट्रोलिंग वैन मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने घायल पीड़िता को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं से उसने अपनी शिकायत दर्ज कराई। मदनायकनहल्ली पुलिस थाने ने मामला दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 (सामूहिक दुष्कर्म) सहित अन्य धाराओं में जांच शुरू की। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर जांच आगे बढ़ाते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। बुधवार रात को नवीन, कार्तिक और ग्लानी को गिरफ्तार किया गया, जबकि गुरुवार दोपहर तक सुयोग, जंगली पृथ्वी और सीना को भी हिरासत में ले लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी मिथुन घटना का मास्टरमाइंड है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मिथुन का पीड़िता से पुराना विवाद था और वह उसे “सबक सिखाने” की धमकी देता रहता था। उसी ने अपने साथियों को साथ लेकर पुलिस बनकर हमला करने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों ने दुष्कर्म किया जबकि दो अन्य ने पीड़िता से मारपीट कर लूटपाट की। सभी आरोपियों और पीड़िता के मेडिकल परीक्षण कराए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद घटना के और भी पहलू साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल, पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मुख्य आरोपी मिथुन की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने यूक्रेन युद्ध में खोए सैनिकों को किया याद, स्मारक निर्माण की तैयारी

फियोंगयांग यूक्रेन के साथ युद्ध में रूस का खुलकर समर्थन करने वाला उत्तर कोरिया अब अपने सैनिकों के लिए स्मारक बनवा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस-यूक्रेन के युद्ध में उत्तर कोरिया के हजारों सैनिक मारे गए हैं। उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसियों के मुताबिक राजधानी प्योंगयांग में इस स्मारक की नींव रखी गई है। शिलान्यास कार्यक्रम में उत्तर कोरिया में रूस के राजदूत और खुद किम जोंग उन शामिल हुए थे। किम ने कहा कि यह म्यूजियम सच्चे देशभक्तों के लिए बनाया जा रहा है। बता दें कि उत्तर कोरिया जो कि दुनियाभर में सबसे अलग-थलग देश माना जाता है, उसकी रूस के साथ खूब बन रही है। पश्चिमी रूस से यूक्रेनी सेना को खदेड़ने के लिए किम जोंग उन ने हथियार और हजारों सैनिक रूस भेजे थे। दक्षिण कोरिया की मीडिया के मुताबिक इस युद्ध में उत्तर कोरिया के करीब 6 हजार सैनिक मारे गए हैं और हजारों सैनिक घायल हुए हैं। किम जोंग उन ने रूस की मदद करने के लिए अपने सैनिकों की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय उन सैनिकों को समर्पित है जिन्होने राष्ट्रभक्ति की भावना का परिचय देते हुए रूस के लिए लड़ते हुए अपनी जान दे दी। इस मौके पर सेना के बड़े अधिकारियों के साथ उन सैनकों के परिवारवाले भी मौजूद थे जिनकी रूस में मौत हो गई है। बता दें कि रूस और उत्तर कोरिया में बड़ा सैन्य समझौता हुआ है जिसके मुताबिक युद्ध की स्थिति में दोनों को एक दूसरे के साथ खड़े होना है। वहीं उत्तर कोरिया लगातार नए-नए हथियारों का परीक्षण करता रहता है। हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया ने विभिन्न हाइपरसोनिक हथियार प्रणालियों का परीक्षण किया है। ये हथियार ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक गति से उड़ान भरने में सक्षम बताए जाते हैं और अपने मार्ग से मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भ्रमित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने यह सवाल उठाया है कि क्या उत्तर कोरियाई मिसाइलें वास्तव में परीक्षणों के दौरान उतनी ही गति से उड़ान भर रही हैं जितनी गति का दावा किया जाता है।

दर्दनाक हादसा: बर्निंग बस में फंसे 20 लोग जिंदा जले, बारिश और फ्यूल टैंक ने बढ़ाई त्रासदी

कर्नूल आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले के चिन्ना टेकुरु गांव में शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम 20 लोगों के जिंदा जलने की पुष्टि हो चुकी है। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। घटना उस समय हुई जब कावेरी ट्रैवल्स की एक प्राइवेट बस हैदराबाद-बेंगलुरु हाईवे पर एक बाइक से टकरा गई, जिसके बाद बस में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस कुछ ही मिनटों में आग की लपटों में घिर गई। हादसे के समय बस में 44 यात्री सवार थे। 12 यात्री किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि बाकी लोग बस के अंदर फंस गए। दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन फिलहाल आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। यह घटना सुबह करीब 3:30 बजे हुई, जब कावेरी ट्रैवल्स की एक बस हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही थी। कुर्नूल शहर के बाहरी इलाके के पास नेशनल हाईवे 44 पर एक मोटरसाइकिल से टकरा गई। पुलिस ने बताया, "दोपहिया वाहन बस के नीचे फंस गया और फ्यूल टैंक से टकरा गया, जिससे तुरंत धमाका हुआ और आग पूरी गाड़ी में तेजी से फैल गई।" हादसे के समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे। कुछ यात्री अचानक आग लगने से जाग गए और खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदने में कामयाब रहे, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए क्योंकि आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। चश्मदीदों ने बताया कि बस के पूरी तरह जलने से पहले मदद के लिए चीखें सुनाई दे रही थीं। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड के आने से पहले घायलों को बचाने की कोशिश की। कुरनूल बस हादसे की कहानी दरअसल, कुरनूल बस हादसे की असली वजह एक बाइकर निकला. जी हां, बाइकर भी बस के रास्ते ही जा रहा था. उस समय तेज बारिश हो रही थी. सड़क पर टायर फिसलने की स्थिति बन गई थी. बावजूद इसके कुरनूल का बाइकर शिवशंकर अपनी बाइक तेज चला रहा था. वह बाइक पर नियंत्रण नहीं रख पाया. आखिरकार बाइक फिसल गई और बस के आगे के पहियों के नीचे आ गई. बाइक, बाइकर के साथ बस के नीचे चली गई. बाइक अब सीधे जाकर बस के डीजल टैंकल से टकरा गई. इस कारण ही बस में भयंकर आग लग गई. बाइकर बस के नीचे ही मर गया, मगर आग की लपटों ने बस को अपनी चपेट में ले लिया. बर्निंग बस और मौत का मातम यह हादसा सुबह 3.30 बजे हुआ. बस संख्या DD01N 9490 थी. जैसे ही बस में आग लगी ड्राइवर ने अचानक बस को सड़क पर ब्रेक लगाकर बगल में सो रहे सहायक ड्राइवर को जगाया. दोनों ने इसे छोटी सी आग समझकर बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे बुझा नहीं पाए. यह जानते हुए कि यह एक बड़ी आग है, वे बस से कूदकर बाहर निकल आए, लेकिन उन्होंने यात्रियों को सचेत नहीं किया. यही उनकी सबसे बड़ी भूल थी. चूंकि यात्री सो रहे थे, इसलिए उन्हें कुछ पता नहीं चला. आग पहले ही बस के दरवाजे और ड्राइवर की सीट तक फैल चुकी थी. चूंकि यह एक वोल्वो बस और एक एसी बस थी, इसलिए सभी खिड़कियां और दरवाजे बंद थे. इसलिए यात्रियों को समझ नहीं आया कि उन्हें कैसे तोड़ा जाए. बस का आधा हिस्सा पहले ही जल चुका था. धुआं फैल रहा था. कुछ लोग बच पाए, मगर कुछ क्यों नहीं इसी बीच एक व्यक्ति ने जबरदस्ती आपातकालीन खिड़की का दरवाज़ा तोड़ दिया. वह नीचे कूद गया. तुरंत ही, 11 अन्य लोग भी नीचे कूद गए. सभी को मामूली चोटें आईं. बाकी लोग बच नहीं पाए. वे बस के पिछले हिस्से में ही रहे. इस बीच आग पूरी बस में फैल गई. वे चिखते-चिल्लाते हुए बस के अंदर ही रहे.. और उनकी मौत हो गई. जैसे ही दमकल विभाग को मामले की जानकारी मिली.. वे तीन दमकल गाड़ियों के साथ पहुंचे. उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की.. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. यह सब उस बाइक सवार की वजह से हुआ. यह हादसा इसलिए हुआ क्योंकि वह बस के पहियों के बीच फंस गया. सब कुछ इतनी जल्दी हुआ. अब तक 20 लोगों की मौत की खबर है. पुलिस शवों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. चालक और सहायक चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने प्रशासन को घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। बीते सप्ताह राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर 14 अक्टूबर को एक बस में आग लगने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। उस मामले में एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट और गैस रिसाव को आग का कारण बताया गया था।