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BJP नेता की संदिग्ध मौत: झाड़ियों में पड़ा मिला शव

गंगापुर छत्रपति संभाजीनगर के गंगापुर में नरवाड़ी शिवार के पास BJP नेता का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान भालगांव निवासी और BJP युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष गणेश रघुनाथ टेमकर के रूप में हुई है। शव हदियाबाद-नरवाड़ी मार्ग पर नलकांडी पुल के पास पाया गया। घटना की जानकारी स्थानीय सरपंच आसिफ पटेल और निवासी गौरव विधाटे ने पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि सड़क से गुजरते समय वहां से उठती दुर्गंध को देखकर उन्होंने पास जाकर झाड़ियों में पड़े व्यक्ति को देखा। उन्होंने तुरंत अपने साथियों के साथ गाड़ी लगाई और शव को उपजिला अस्पताल तक पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस निरीक्षक कुमारसिंह राठौड़ और उनकी टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही वजह सामने आएगी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। शव के पास मिले दस्तावेज और इलाके में फैंस और समर्थकों की भीड़ के आधार पर पहचान हुई। गंगापुर पुलिस ने मृतक की मौत को संदिग्ध मानते हुए मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर गहरी चिंता और अफ़सोस का माहौल है। पुलिस ने आस-पास के CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर हर एंगल से मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

इजरा स्ट्रीट पर बड़ी आग की घटना: फायर ब्रिगेड की 25 गाड़ियां लगीं काबू पाने में

कोलकाता  कोलकाता में शनिवार को भीषण आग लग गई है। पिछले कई घंटों से आग पर काबू पाने की कोशिश की जारी है, लेकिन अब तक आग को बुझाया नहीं जा सका है। इस भयानक आग को बुझाने के लिए मौके पर 25 दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इस आगजनी में अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की जानकारी सामने नहीं आयी है। जानकारी के अनुसार, यह भीषण आग कोलकाता के 26 इजरा स्ट्रीट की एक दुकान के वेयरहाउस में लगी है। आग की चपेट में आस-पास के कई दुकान और घर आ गए हैं। आग फैलने के कारण उस पर काबू पाना दमकलकर्मियों के लिए मुश्किल हो रहा है। अब तक आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं चल सका है। ज्वलनशील पदार्थ में लगी है आग बता दें कि मध्य कोलकाता के इजरा स्ट्रीट पर स्थित एक इलेक्ट्रनिक्स की दुकान पर शनिवार तड़के अज्ञात कारणों से आग लग गई, जो देखते-देखते आस-पास के दुकानों और घरों में फैल गई। ऐसे आग ने विकराल रूप ले लिया। सुबह से एक-एक करके 25 से ज्यादा दमकल की गाड़ियों की मदद से आग बुझाने की कोशिश जारी है। लेकिन अबतक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इमारतें, संकरी गलियों और भारी मात्रा में बिजली उपकरणों व ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग पर काबू पाने में मुश्किल हो रही है। तेजी से फैली आग बता दें कि जिस इलाके में यह आग लगी है, वहां बिजली उपकरणों की कई दुकानें हैं। पुलिस के अनुसार, सुबह-सुबह उठने वाले स्थानीय लोगों ने इजरा स्ट्रीट की पहली मंजिल पर आग की लपटें देखीं। लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को दी। लेकिन आग की लपटें तेजी से फैली और ज्वलनशील पदार्थों तक पहुंच गई। देखते-देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थिति पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मी लगातार कोशिश कर रहे हैं। शुरूआत में आग बुझाने के लिए 6 दमकल गाड़ियां भेजी गई, लेकिन आग बेकाबू हो जाने की हालत में 25 से ज्यादा दमकल की गाड़िया मौके पर पहुंची हुई हैं। दमकलकर्मी इमारत की पहली मंजिल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आग के बीच में पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।

Desh News: नौगाम विस्फोट में दर्जनभर लोगों की मौत

नई दिल्ली. नौगाम थाने में विस्फोट मामले में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। थोड़ी देर पहले ही डीजीपी नलिन प्रभात ने 9 मौतों की पुष्टि की थी। हालांकि उन्होंने कहा था कि कई अधिकारी और आम नागरिक घायल भी हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया था कि विस्फोट इतना भयानक था कि थाना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया, जब्त की गई सामग्री पुलिस स्टेशन में ओपन एरिया में रखी गई थी। एसएफएल की टीम इसके सैंपलिंग में लगी थी। कुछ सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपलिंग की प्रक्रिया दो दिन से चल रही थी। अस्थायी और संवेदनशीलता की वजह से सैंपलिंग की प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जा रही थी। इसके बाद भी दुर्भाग्य से 11 बजकर 20 मिनट के बाद एक हादसा हुआ और विस्फोट हो गया। इस घटना में कोई और अनुमान बेकार है। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों में, एसआई के अलावा तीन एसएफएल टीम के सदस्य. दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू ऑफिसर और एक टेलर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी डैमेज हुई हैं। इसके कारण का पता लगाया जा रहा है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में फरीदाबाद से आठ गिरफ्तारियां हुई थीं। वहीं डॉ. मुजम्मिल के पास से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम गई थी। वहीं इसकी जांच की जा रही थी। डॉ. उमर भी इन आतंकियों के साथ ही था और लालकिले के सामने वही विस्फोटक लेकर पहुंचा था। विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। डॉ. उमर की मां के डीएनए जांच से इसकी पुष्टि हुई है।

Desh News: नौगाम में सैंपलिंग के दौरान विस्फोट को DGP ने बताया महज हादसा

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया है कि यह सिर्फ एक हादसा था और इस मामले में कोई और अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस इस मामले की भी जांच करेगी। डीजीपी ने कहा कि यह धमका सैंपलिंग के दौरान हुआ जिसमें मामले की जांच कर रहे एसआई इसरार समेत 9 लोगों की जान चली गई। डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया, जब्त की गई सामग्री पुलिस स्टेशन में ओपन एरिया में रखी गई थी। एसएफएल की टीम इसके सैंपलिंग में लगी थी। कुछ सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपलिंग की प्रक्रिया दो दिन से चल रही थी। अस्थायी और संवेदनशीलता की वजह से सैंपलिंग की प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जा रही थी। इसके बाद भी दुर्भाग्य से 11 बजकर 20 मिनट के बाद एक हादसा हुआ और विस्फोट हो गया। इस घटना में कोई और अनुमान बेकार है। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों में, एसआई के अलावा तीन एसएफएल टीम के सदस्य. दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू ऑफिसर और एक टेलर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी डैमेज हुई हैं। इसके कारण का पता लगाया जा रहा है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में फरीदाबाद से आठ गिरफ्तारियां हुई थीं। वहीं डॉ. मुजम्मिल के पास से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम गई थी। वहीं इसकी जांच की जा रही थी। डॉ. उमर भी इन आतंकियों के साथ ही था और लालकिले के सामने वही विस्फोटक लेकर पहुंचा था। विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। डॉ. उमर की मां के डीएनए जांच से इसकी पुष्टि हुई है।

प्रदूषण पर सख्ती: दिल्ली-NCR में पारंपरिक वाहनों पर प्रतिबंध की संभावना, सुप्रीम कोर्ट का झुकाव ईवी की ओर

दिल्ली-NCR दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट लगातार चिंता जता रहा है। सरकार की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब बाजार में बड़े इलेक्ट्रिक वाहन (EV) आसानी से उपलब्ध हैं, इसलिए समान आकार के आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। कोर्ट ने सरकार को इस दिशा में ठोस नीति तैयार करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। अदालत पहले भी कई बार पेट्रोल-डीजल वाहनों के उपयोग पर सख्ती दिखा चुकी है, खासकर जब दिल्ली-एनसीआर में AQI लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि पेट्रोल-डीजल से चलने वाले महंगे लग्जरी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़क से हटाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सरकार की EV खरीद और उपयोग को बढ़ावा देने वाली नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग की गई है। पीठ ने कहा कि अब बड़े आकार के इलेक्ट्रिक वाहन भी बाजार में उपलब्ध हैं, इसलिए सरकार धीरे-धीरे ऐसे ICE वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकती है। अदालत ने साफ किया कि बढ़ते प्रदूषण के बीच EV को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। कई VIP और बड़ी कंपनियां कर रहीं EV का इस्तेमाल न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ मामलों से जुड़े अनुभवों के आधार पर यह विचार सामने आया है कि अब इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भी बड़ी और प्रीमियम श्रेणी की कारें बाजार में उपलब्ध हैं। ये वाहन उतनी ही सुविधाजनक हैं जितनी कि परंपरागत ईंधन पर चलने वाली लग्जरी गाड़ियां, जिनका उपयोग कई VIP और बड़ी कंपनियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा, “मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता क्योंकि इससे कोई पूर्वाग्रह पैदा हो सकता है। लेकिन शुरुआत में महंगे वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सकता है। इससे आम आदमी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश की आबादी का बहुत छोटा हिस्सा ही ऐसे वाहनों को खरीदने में सक्षम है।” EV नीति की फिर से समीक्षा की जरूरत न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह भी संकेत दिया कि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति की दोबारा समीक्षा की आवश्यकता हो सकती है। अदालत ने कहा कि इस नीति को लागू हुए पाँच साल हो चुके हैं, इसलिए मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसे पुनः परखा जाना चाहिए। सुनवाई के अंत में अटॉर्नी जनरल ने पीठ को सूचित किया कि अब तक जारी की गई अधिसूचनाओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। कोर्ट के सुझाव से सरकार सहमत अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट के सुझाव से सहमति जताते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के संबंध में अभी भी कई महत्वपूर्ण कार्य बाकी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के भीतर इस विषय पर कई बैठकों का आयोजन हो चुका है, और अब इसे गहनता से देखा जाना चाहिए। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर विस्तार से विचार करके EV नीति की सम्पूर्ण रूपरेखा तैयार की जाएगी।

गृह मंत्री का हमला: वोट बैंक की राजनीति करने वालों को जनता ने दिखाया आईना

पटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद राज्य की जनता का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को बचाने वालों को जनता ने करारा जवाब दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "ज्ञान, परिश्रम और लोकतंत्र की रक्षक 'बिहार भूमि' की जनता को कोटि-कोटि नमन। बिहारवासियों की ओर से एनडीए को यह प्रचंड जनादेश, बिहार में विकास, महिलाओं की सुरक्षा, सुशासन और गरीब कल्याण की एनडीए की संकल्प सेवा पर जनता की मुहर है।  पिछले 11 सालों में मोदी जी ने बिहार के लिए दिल खोलकर कार्य किए और नीतीश जी ने बिहार को जंगलराज के अंधेरे से बाहर निकालने का काम किया। यह जनादेश ‘विकसित बिहार’ के संकल्प के लिए है।" उन्होंने लिखा, "बिहारवासियों का एक-एक वोट भारत की सुरक्षा और संसाधनों से खेलने वाले घुसपैठियों और उनके हितैषियों के खिलाफ मोदी सरकार की नीति में विश्वास का प्रतीक है। वोटबैंक के लिए घुसपैठियों को बचाने वालों को जनता ने करारा जवाब दिया है। बिहार की जनता ने पूरे देश का मूड बता दिया है कि मतदाता सूची शुद्धिकरण अनिवार्य है और इसके खिलाफ राजनीति की कोई जगह नहीं है। इसीलिए राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस आज बिहार में आखिरी पायदान पर आ गई है।" इसे 'विकसित बिहार' में विश्वास रखने वाले हर बिहारवासी की जीत बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, "जंगलराज और तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले किसी भी भेष में आएं, उन्हें लूटने का मौका नहीं मिलेगा। जनता अब सिर्फ और सिर्फ 'प्रदर्शन की राजनीति' के आधार पर जनादेश देती है।" प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ एनडीए के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत की बधाई देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "अपने अथक परिश्रम से इस परिणाम को चरितार्थ करने वाले बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक के बिहार भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं का अभिवादन करता हूं।" उन्होंने कहा, "मैं बिहार की जनता और विशेषकर हमारी माताओं-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि जिस आशा और विश्वास के साथ आपने एनडीए को यह जनादेश दिया है, मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार उससे अधिक समर्पण से उसे पूरा करेगी।"

विकास मॉडल की जीत: बिहार चुनाव पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सहयोगी दलों को बधाई दिया है। उन्होंने बिहार की जनता को एनडीए की ऐतिहासिक सफलता के लिए हृदय से धन्यवाद किया। बता दें कि एनडीए ने कुल 243 सीटों में से 200 से अधिक सीटों पर मजबूत बढ़त बना ली है। पीएम मोदी ने इस सफलता को सुशासन, विकास, जनकल्याण तथा सामाजिक न्याय की अभूतपूर्व जीत करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "बिहार में सुशासन की जीत हुई है। विकास की जीत हुई है। जनकल्याण की भावना की जीत हुई है। सामाजिक न्याय की जीत हुई है।" उन्होंने आगे कहा कि बिहार के मेरे परिवारजनों को बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को ऐतिहासिक व अभूतपूर्व विजय का आशीर्वाद प्रदान किया है। यह अपार जनसमर्थन हमें जनता-जनार्दन की निष्ठापूर्ण सेवा करने तथा बिहार के उज्ज्वल भविष्य के लिए नए संकल्पों के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं एनडीए के प्रत्येक कार्यकर्ता का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अथक परिश्रम किया है। उन्होंने जनता के बीच जाकर हमारे विकास के एजेंडे को सामने रखा और विपक्ष के हर झूठ का मजबूती से जवाब दिया। मैं उनकी हृदय से सराहना करता हूं। पीएम ने कहा कि आने वाले समय में हम बिहार के विकास, यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्य की संस्कृति को नई पहचान देने के लिए बढ़-चढ़कर काम करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यहां की युवा शक्ति और नारी शक्ति को समृद्ध जीवन के लिए भरपूर अवसर मिले।

भारतीय वायुसेना का ट्रेनर विमान हादसे का शिकार, जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित

चेन्नई  चेन्नई के तांबरम इलाके में गुरुवार को भारतीय वायु सेना के एक बेसिक ट्रेनर विमान के क्रैश होने की खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, यह विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था। पायलट ने समय रहते विमान से ईजेक्शन लिया और सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान PC-7 पिलाटस ट्रेनर था, जो वायु सेना के कैडेटों को शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वायु सेना ने बयान में कहा कि इस घटना की पूरी जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दे दिया गया है। फिलहाल हादसे के कारणों, नुकसान की सीमा और सटीक स्थान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। IAF का PC-7 फ्लीट नौसिखिए पायलटों के लिए बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण का अहम हिस्सा है। इसलिए इस हादसे ने न केवल रक्षा अधिकारियों बल्कि नागरिक हवाई सुरक्षा एजेंसियों के बीच भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। 

भारतीय भाषाओं को आगे ले जाने का काम कर रही विश्वरंग की पहल : संतोष चौबे

“आरंभ” – विश्वरंग मुंबई 2025 का भव्य समापन मुंबई  ‘आरंभ – विश्वरंग मुंबई 2025’ के दो  दिवसीय आयोजन मुंबई विश्वविद्यालय के ग्रीन प्रौद्योगिकी सभागार में विविध सत्रों के साथ सम्पन्न हुआ। पूरे दिन चले कार्यक्रमों में भारतीय भाषा, सिनेमा, साहित्य, विज्ञान संचार और रंगमंच की समृद्ध परंपराओं को नए दृष्टिकोण से अवगत कराया। इस अवसर पर विश्वरंग निदेशक और रबिन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है। आज बातचीत, रचनात्मकता, पढ़ाई-लिखाई और तकनीक के क्षेत्र में इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विश्वरंग की पहल हिंदी और भारतीय भाषाओं को और आगे ले जाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत “भारतीय सिनेमा का भाषा और संस्कृति के विकास में योगदान” विषयक सत्र से हुई। इस अवसर पर ‘विश्वरंग संवाद – सिनेमा विशेषांक’ का विमोचन किया गया। सत्र में पुरुषोत्तम अग्रवाल, अशोक मिश्रा, अनंग देसाई, रूमी जाफरी, अजय ब्रह्मात्मज, सलीम आरिफ और छाया गांगुली की उपस्थिति रही। रूमी जाफरी ने अपनी पुस्तक ‘भोपाली टप्पे’ का एक प्रसंग साझा किया, वहीं सलीम आरिफ ने ‘शोले’ और ‘लागान’ का उदाहरण देते हुए सिनेमा के सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डाला। अजय ब्रह्मात्मज ने हिंदी में लेखन और कथा–संरचना पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई, अशोक मिश्रा ने सिनेमाई भाषा और बोली के प्रयोग पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अनंग देसाई ने सिनेमा उद्योग में अपने अनुभव साझा किए और पुरुषोत्तम अग्रवाल ने साहित्य–सिनेमा के संबंध पर विस्तार से चर्चा की, सत्र का संचालन रवींद्र कात्यायन ने किया।  इसके पश्चात "मायानगरी का रंग संसार" सत्र का आयोजन हुआ इस सत्र में वामन केंद्रे, जयंत देशमुख, प्रीता माधुर, अतुल तिवारी और अखिलेंद्र मिश्रा ने मंचकला, रंग–प्रस्तुति और नाट्य–परंपराओं पर अपने विचार साझा किए।अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने हिंदी रंगमंच की विशेषताओं, उसकी चुनौतियों और उसके सशक्त प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने थिएटर को रचनात्मकता की वास्तविक प्रयोगशाला बताते हुए नए कलाकारों के लिए इसकी अनिवार्यता पर बल दिया। जयंत देशमुख ने मंच को समाज का जीवंत प्रतिरूप बताया, जबकि अतुल तिवारी ने हबीब तनवीर के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस सत्र के दौरान ‘रंग संवाद – हबीब तनवीर अंक’ का विमोचन किया गया। इसके पश्चात “भारतीय भाषाओं में विज्ञान संचार” सत्र की अध्यक्षता विश्वरंग निदेशक श्री संतोष चौबे ने की। वक्ताओं में कृष्ण कुमार मिश्रा, मनीष मोहन गोरे, रमाशंकर, समीर गांगुली, नरेंद्र देशमुख, डॉ. कुलवंत सिंह और रीता कुमार शामिल रहे। सत्र में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विज्ञान तब तक जनसामान्य तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँच सकता, जब तक वह लोगों की भाषा में सरल, सहज और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत न हो। संतोष चौबे ने कहा कि विश्वरंग जनभाषाओं के माध्यम से विज्ञान संचार को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिये – नवंबर 2025’ अंक का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के आखिरी सत्र में “शताब्दी समारोह – धर्मवीर भारती : विश्व साहित्य चेतना के रचनाकार” शीर्षक सत्र विशेष आकर्षण रहा। इस सत्र की मुख्य अतिथि श्रीमती पुष्पा भारती रहीं। वक्ताओं में संतोष चौबे, विश्वनाथ सचदेव, हरि मृदुल और हरीश पाठक शामिल हुए। वक्ताओं ने धर्मवीर भारती के साहित्य, उनकी दृष्टि, रचनात्मकता और सांस्कृतिक योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। श्रीमती पुष्पा भारती ने धर्मवीर भारती के लेखन को संवेदना, विचार–गहराई और सृजनशीलता का विशिष्ट उदाहरण बताया। सत्र के अंत में ‘गुनाहों का देवता’ के 189वें संस्करण का औपचारिक विमोचन किया गया। दिवस के समापन पर श्री संतोष चौबे ने घोषणा की कि आगामी भव्य आयोजन ‘विश्वरंग 2025’ का  27, 28 और 29 नवंबर को भोपाल में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “मुंबई से आरंभ हुई यह सांस्कृतिक यात्रा भोपाल में अपने उत्कर्ष पर पहुँचेगी और भारतीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के वैश्विक विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगी।”

H-1B वीजाधारकों की मुश्किल बढ़ी: अमेरिकी विधेयक स्वदेश वापसी और नागरिकता का रास्ता भी प्रभावित करेगा

वॉशिंगटन एक अमेरिकी सांसद एच-1बी वीजा कार्यक्रम को "पूरी तरह से समाप्त" करने और इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली नागरिकता के रास्ते को छीनने के लिए एक विधेयक पेश करेंगे. इससे व्यक्तियों को अपने वीजा की अवधि समाप्त होने पर "स्वदेश लौटने" के लिए मजबूर होना पड़ेगा. जॉर्जिया की कांग्रेस सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, "मेरे प्यारे अमेरिकी साथियों, मैं एच-1बी वीजा कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए एक विधेयक पेश कर रही हूं, जो धोखाधड़ी और दुरुपयोग से भरा हुआ है और दशकों से अमेरिकी कामगारों को विस्थापित कर रहा है." उन्होंने कहा कि उनके विधेयक में केवल एक छूट होगी, जो अमेरिकियों को जीवन रक्षक देखभाल प्रदान करने वाले डॉक्टरों और नर्सों जैसे चिकित्सा पेशेवरों को जारी किए जाने वाले वीजा पर प्रति वर्ष 10,000 की सीमा की ही अनुमति देगा. हालांकि, ग्रीन ने कहा कि यह 10,000 प्रतिवर्ष की सीमा भी 10 वर्षों में "चरणबद्ध तरीके से समाप्त" कर दी जाएगी, ताकि "हमें अमेरिकी डॉक्टरों और चिकित्सकों की अपनी पाइपलाइन बनाने का समय मिल सके." ग्रीन ने आगे कहा कि उनका विधेयक "नागरिकता का रास्ता भी छीन लेगा, जिससे वीजाधारकों को अपने वीजा की अवधि समाप्त होने पर स्वदेश लौटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा." उन्होंने आगे कहा कि उनके विधेयक का उद्देश्य एच-1बी वीजा के "मूल उद्देश्य" को बहाल करना है, जो "इसे अस्थायी बनाना" था. उन्होंने कहा, "ये वीजा किसी विशेष व्यावसायिक जरूरत को पूरा करने के लिए थे. लोगों को हमेशा के लिए यहां आकर रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. हम उनकी विशेषज्ञता के लिए उनका धन्यवाद करते हैं, लेकिन हम उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी करते हैं, ताकि वे अपने देश लौट सकें." "अब यह एच-1बी वीजा कार्यक्रम और नौकरी और कार्यबल के सभी अन्य क्षेत्रों को पूरी तरह से समाप्त कर देगा. यह अमेरिका पहले है. अब समय आ गया है कि विदेशियों के बजाय अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता दी जाए, और यह बहुत लंबे समय से एक दुरुपयोग रहा है. अमेरिकी एक भविष्य के हकदार हैं, उन्हें एक मौका मिलना चाहिए. और मेरा मानना ​​है कि अमेरिकी दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोग हैं, सबसे रचनात्मक हैं, और मैं चाहती हूं कि वे अपना अमेरिकी सपना पूरा करें." देश में अमेरिकी डॉक्टरों और चिकित्सा पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार करने के लिए, ग्रीन ने कहा कि उनका विधेयक मेडिकेयर-वित्त पोषित रेजीडेंसी कार्यक्रमों में गैर-नागरिक मेडिकल छात्रों को अपने कार्यक्रमों में प्रवेश देने से रोकेगा. उन्होंने बताया कि पिछले साल ही, अमेरिका में 9000 से ज़्यादा डॉक्टर ऐसे थे, जिन्होंने मेडिकल स्कूल से स्नातक किया, लेकिन उन्हें रेजीडेंसी प्लेसमेंट नहीं मिला. उन्होंने बताया कि इस बीच, अकेले 2023 में 5000 से अधिक विदेशी मूल के डॉक्टरों को रेजिडेंसी स्थान प्राप्त हुआ. उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से अनुचित है, और यह अमेरिका का मामला है. मेरा विधेयक हमारे देश में डॉक्टरों और नर्सों की कमी को कम करने में मदद करेगा, जिसका हम सामना कर रहे हैं. साथ ही यह हमें अपने रेजिडेंसी कार्यक्रमों को अमेरिकी डॉक्टरों से भरने का समय देकर विदेशी कर्मचारियों पर हमारी निर्भरता को कम करने में भी मदद करेगा." कांग्रेस द्वारा निर्धारित सीमा 65,000 नियमित H-1B वीजा और अमेरिकी उन्नत डिग्री धारकों के लिए 20,000 वीजा प्रति वर्ष जारी किए जाते हैं. अमेरिकी व्यवसाय विशिष्ट व्यवसायों में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए H-1B कार्यक्रम का उपयोग करते हैं. ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा कार्यक्रम के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है. इसका उपयोग कंपनियां, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी कंपनियां, अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए करती हैं. भारतीय पेशेवर, जिनमें प्रौद्योगिकी कर्मचारी और चिकित्सक शामिल हैं. H-1B वीजाधारकों के सबसे बड़े समूह में शामिल हैं. कंपनियां अपने H-1B कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकती हैं, जो ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के 5 साल बाद अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस साल सितंबर में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी गैर-आप्रवासी वीजा कार्यक्रम में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम के रूप में, 'कुछ गैर-आप्रवासी श्रमिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध' शीर्षक से एक घोषणा जारी की. इस घोषणा के तहत, 21 सितंबर, 2025 के बाद दायर की जाने वाली कुछ एच-1बी आवेदनों के साथ पात्रता की शर्त के रूप में 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त भुगतान करना होगा.