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EPFO पेंशन में इज़ाफे की तैयारी, दिवाली से पहले प्राइवेट कर्मचारियों को मिल सकती है सौगात

नई दिल्ली इस दिवाली प्राइवेट कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी मिलने की उम्मीद है. अनुमान है कि EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कर्मचारियों की बेहतरी के लिए चलाए जाने वाली एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम के तहत मिनिमम पेंशन राशि को बढ़ा सकता है. दरअसल, 10 और 11 अक्टूबर को EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक बेंगलुरु में होनी थी. इस मीटिंग में कर्मचारियों की पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर गुड न्यूज मिलने की संभावनाएं लग रही है. कर्मचारी अब भी ईपीएफओ की तरफ से जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. कितनी है मौजूदा पेंशन राशि? कर्मचारियों के मुताबिक, एम्पलॉयी पेंशन स्कीम में मिनिमम पेंशन राशि काफी कम है. साल 2014 में तय की गई एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS) की मिनिमम पेंशन राशि 1000 रूपये पर मंथ है, जिसे एम्प्लॉयी लगातार बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीते दिनों हुई बैठक में इसे 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने के अनुमान है. ऐसे में इस पेंशन राशि के बढ़ने से कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी और उनकी कई साल की मांग पूरी हो जाएगी.   क्यों हो रही पेंशन बढ़ाने की मांग? एम्पलॉयीज का कहना है कि बदलते समय के साथ अब बाजार में हो रही महंगाई के हिसाब से पेंशन स्कीम से मिलने वाले 1000 रुपये काफी कम हैं. ऐसे में ट्रेड यूनियन और पेंशन का लाभ लेने वाले लोगों के यूनियंस काफी लंबे समय से इस राशि को बढ़ाकर 7500 रुपये करने की डिमांड कर रहे हैं. हालांकि, रिपोर्टस के अनुसार CBT ने पेंशन में सीधे 7.5 गुना की बढ़ोतरी से साफ इनकार कर दिया है.   कैसे डिसाइड होती है EPFO पेंशन? EPS स्कीम के तहत पेंशन को कैलकुलेट करने का भी अपना एक तरीका है. इसका फॉर्मूला (पेंशन = पेंशनेबल सैलरी × पेंशनेबल सर्विस)÷ 70 होता है. इसमें पेंशनेबल सैलरी यानी आपके आखिरी 60 महीनों का सैलरी एवरेज और पेंशनेबल सर्विस यानी सर्विस के कितने साल EPS में कॉन्ट्रीब्यूट किया. पेंशन पाने के लिए मैक्सिमम सैलरी लिमिट 15000 रुपये पर मंथ होती है. साथ ही, इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए कम से कम 10 साल की नौकरी जरूरी होती है. 

शांति की ओर बड़ा कदम: हमास ने किया बंधकों को रिहा, ट्रंप बोले– अब बदलेगा मिडिल ईस्ट

यरुशलम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इजराय के यरुशलम में नेसेट को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "अंधकार और कैद में दो कष्टदायक वर्षों के बाद 20 साहसी बंधक अपने परिवारों के पास लौट रहे हैं।" बता दें, करीब दो सालों तक इजरायल और हमास के बीच चले युद्ध के बीच सीजफायर का एलान किया गया है। इसी कड़ी में इजरायल ने ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को इजरायली संसद में भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ से की। उन्होंने कहा, "थैंक्यू वेरी मच, बीबी। ग्रेट जॉब।" यह भाषण उस ऐतिहासिक मौके पर हुआ जब हमास ने 20 बचे हुए बंधकों को रिहा कर दिया। यह रिहाई संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कराई गए सीजफायर और बंधक सौदे का हिस्सा थी।   ट्रंप का बड़ा ऐलान इस दौरान ट्रंप ने कहा कि यह समझौता युद्ध के अंत और स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने इसे मिडिल ईस्ट का नया ऐतिहासिक सवेरा बताया। ट्रंप ने कहा, "यह एक सुनहरा दौर होगा इजरायल के लिए, ठीक वैसे ही जैसे अभी अमेरिका के लिए हैं।" दो साल बाद रुका युद्ध हमास द्वारा सभी 20 बंधकों कि रिहाई के साथ ही दो साल से चल रही जंग पर रोक लग गई। इस युद्ध ने गाजा के बड़े हिस्से को खंडहर में बदल दिया था और कई हजार फलिस्तीनियों की जान चली गई थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि युद्धविराम मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की दिशा में नया अध्याय खोलेगा।  

शेख हसीना समेत 11 पर बड़ी कार्रवाई, एसीसी ने 300 करोड़ के घोटाले में की FIR

ढाका  बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत 11 लोगों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दरअसल, एंटी करप्शन कमीशन (एसीसी) ने हसीना समेत 17 लोगों के खिलाफ 300 करोड़ के मंघना-गोमती पुल घोटाला मामले में शिकायत दर्ज की है। एसीसी के जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक संस्था ने शेख हसीना समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एसीसी ने पुल के हसीना की सरकार पर टोल संग्रह के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने में अनियमितताओं और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। एसीसी के अनुसार इससे सरकार को 300 करोड़ टका से अधिक का नुकसान हुआ। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार इस मामले में एसीसी ने पूर्व मंत्री अमीर हुसैन अमू, तोफैल अहमद, खांडकर मुशर्रफ हुसैन, ओबैदुल कादर, अनीसुल हक और एम ए मन्नान, पूर्व सचिव एमएएन सिद्दीक, पूर्व अतिरिक्त सचिव मोहम्मद फारुक जलील, पूर्व उप सचिव मोहम्मद शफीकुल करीम, सड़क एवं राजमार्ग प्रभाग और पुल प्रभाग के पूर्व इंजीनियर मोहम्मद फिरोज इकबाल, इब्न आलम हसन, मोहम्मद आफताब हुसैन खान, मोहम्मद अब्दुस सलाम और सीएनएस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मुनीर उज्जमान चौधरी, इसकी निदेशक सेलिना चौधरी और इकराम इकबाल को आरोपी बनाया है। एसीसी की तरफ से इस मामले में की गई जांच के अनुसार, पुल के टोल वसूलने की जिम्मेदारी 2016 में एकल कोटेशन के माध्यम से कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम्स (सीएनएस) लिमिटेड को दी गई थी। हालांकि, उस समय संबंधित मंत्रालय ने पिछली कंपनी की वैध निविदा रद्द कर दी और अन्य फर्मों से परामर्श किए बिना ही एक नई डील कर ली। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, नए समझौते के तहत शेख हसीना की सरकार में संबंधित मंत्रालय ने सीएनएस लिमिटेड को कुल एकत्रित टोल से वैट और आयकर को छोड़कर 17.75 प्रतिशत सेवा शुल्क प्राप्त करने की अनुमति दी। इसकी वजह से सीएनएस लिमिटेड को पुल से 489 करोड़ टका के बिल प्राप्त हुए, जबकि 2010 से 2015 के बीच टोल संग्रह के लिए एक संयुक्त उद्यम कंपनी को 15 करोड़ टका का भुगतान किया गया। एसीसी ने यह भी खुलासा किया कि सीएनएस लिमिटेड के साथ निविदा के एकल स्रोत समझौते के कारण सरकार को 2016 से 2022 की अवधि के दौरान 309 करोड़ टका का नुकसान हुआ। स्थानीय मीडिया ने दावा किया है कि आरोपी व्यक्ति अपने या दूसरों के लाभ के लिए एक-दूसरे के साथ मिलीभगत करके धोखाधड़ी कर रहे थे और अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके भ्रष्टाचार में लिप्त हुए।

UCC में बड़ा बदलाव: उत्तराखंड सरकार की मंजूरी से विदेशियों से शादी आसान, जानें कौन से दस्तावेज जरूरी

देहरादून  देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गृह सचिव शैलेश बगोली ने बैठक के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। गृह सचिव शैलेश बगोली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आने वाले मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बैठक में रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत छोटे घरों और दुकानों को नियमित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। राज्य सरकार ने फ्रीज जोन में राहत देने का भी फैसला किया है। इसके लिए नए मानक जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और कार्यकर्ताओं को सेवा अवधि में एक बार जनपद परिवर्तन की अनुमति दी है। इससे लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों को राहत मिलेगी। गृह सचिव शैलेश बगोली के अनुसार, कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत विवाह पंजीकरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संशोधन मंजूर किया। पहले नेपाली, तिब्बती और भूटानी मूल के लोगों को आधार कार्ड के आधार पर विवाह की अनुमति थी, लेकिन अब अन्य वैध दस्तावेजों को भी मान्यता दी जाएगी। नेपाली और भूटानी नागरिक अपने देश का नागरिकता प्रमाण पत्र या भारत में 182 दिन तक रहने वाले नेपाली मिशन और रॉयल भूटानी मिशन की ओर से जारी सीमित वैध पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। तिब्बती नागरिकों के लिए विदेशी पंजीकरण अधिकारी की ओर से जारी वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र को मान्य माना जाएगा। कैबिनेट ने कार्मिक विभाग में स्थायीकरण से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा विधायी विभाग के विशेष सत्र आयोजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। उत्तराखंड के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देहरादून में विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस विशेष सत्र की तारीख घोषित करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह सत्र राज्य की 'सिल्वर जुबली' के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उत्तराखंड की 'सिल्वर जुबली' के अवसर पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। राज्य के गठन के 25 साल पूरे होने पर इस अवधि में उत्तराखंड की ओर से देखे गए अलग-अलग उतार-चढ़ावों पर चर्चा की जाएगी।"

टेक और सुरक्षा पर जोर: भारत-कनाडा ने किए अहम समझौते

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद ने सोमवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। भारत-कनाडा की साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों नेताओं ने आवश्यक तंत्रों को 'पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित' करने पर चर्चा की। इसके साथ ही एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर सहमति जताई। भारत-कनाडा की ओर से जारी किए गए संयुक्त बयान में, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अनीता आनंद ने सहयोग करने, सूचना और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी-अपनी जलवायु महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने पर सहमति जताई। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, भारी उद्योगों का कार्बन-मुक्तिकरण, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी, रसायनों के सुदृढ़ प्रबंधन का समर्थन और सतत उपभोग सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, दोनों देशों ने एआई और डिजिटल अवसंरचना सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नए आयाम खोलने के लिए सहयोग बढ़ाने पर हामी भरी है। संयुक्त बयान में कहा गया है, "लोगों के बीच संबंध, आपसी समझ को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक सहयोग के निर्माण के लिए, दोनों पक्ष शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यावसायिक गतिशीलता में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। उभरती प्रौद्योगिकियों (जैसे एआई, साइबर सुरक्षा और फिनटेक) में अनुसंधान साझेदारी पर जोर दिया जाएगा और विदेशी परिसरों के माध्यम से भारत में कनाडाई शैक्षणिक उपस्थिति का विस्तार किया जाएगा। इसमें कनाडा-भारत शैक्षणिक नेटवर्क और संस्थागत संबंधों को विस्तारित करने के लिए उच्च शिक्षा पर संयुक्त कार्य समूह को पुनर्जीवित करना भी शामिल है।" दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिसके तहत अधिक प्रभावी और समावेशी बहुपक्षीय संस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए काम किया जाएगा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद, जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और अनीता आनंद ने वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हुई। हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तंत्रों को पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करने हेतु रचनात्मक चर्चा हुई। वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति हमारी प्रतिक्रियाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। हम एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर भी सहमत हुए और अपने सहयोग के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का नेतृत्व करने पर सहमत हुए ताकि यह हमारे नेताओं की अपेक्षाओं और हमारे लोगों के हितों को पूरा कर सके।"

बडगाम-नगरोटा: J&K की इन दो सीटों पर उपचुनाव, जानें प्रक्रिया और तारीखें

जम्मू-कश्मीर  भारत के चुनाव आयोग ने सोमवार को बडगाम और नगरोटा विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही इन दोनों सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 22 अक्टूबर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर तय की गई है। इन दोनों सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा और वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। 

इजरायल में बंधक संकट खत्म, पीएम मोदी बोले – ट्रंप के प्रयासों से मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली इजरायल और हमास के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद सोमवार को हमास ने सभी 20 बंधकों को रिहा कर दिया। इसके एलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को धन्यवाद कहा और इसे मिडिल ईस्ट के लिए एक नया सवेरा बताया। इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता और फिर बंधकों की रिहाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि करीब दो साल बाद बंधकों को रिहा करने का कदम स्वागत योग्य है। पीएम मोदी ने ट्रंप का इस मामले पर समर्थन भी जताया है।  

जंग खत्म करो वरना… ट्रंप की पुतिन को खुली धमकी — यूक्रेन को मिल सकती हैं लंबी‑रेंज मिसाइलें

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को रूस को चेतावनी दी कि यदि वह यूक्रेन के साथ लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त नहीं करता है तो अमेरिका यूक्रेन को लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइल दे सकता है। ट्रंप ने इजराइल जाते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि अगर यह युद्ध नहीं समाप्त होता तो मैं उन्हें टॉमहॉक भेजूंगा। टॉमहॉक बेहतरीन हथियार है, बेहद आक्रामक हथियार…।'' ट्रंप ने पत्रकारों से कहा,‘‘ मैं उनसे कहूंगा कि अगर युद्ध समाप्त नहीं हुआ तो हम ऐसा कर सकते हैं।'' ट्रंप ने हालांकि कहा, ‘‘हो सकता है कि हम ऐसा न करें और ये भी हो सकता है कि हम ऐसा करें। मुझे लगता है कि यह बात रखनी चाहिए।'' ट्रंप की यह टिप्पणी रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर हुई बातचीत के बाद आई है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उस बातचीत में टॉमहॉक मिसाइल भेजने की संभावना का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘‘टॉमहॉक्स बेहद आक्रामकता भरा कदम है।'' ट्रंप ने ये बयान ऐसे वक्त दिए हैं जब रूस ने यूक्रेन के बिजली संयंत्रों पर रातों रात हमला किया और यह सर्दियों से पहले यूक्रेन की ऊर्जा संरचनाओं को ठप करने संबंधी उसके अभियान का ही हिस्सा है। रूस ने अमेरिका द्वारा यूक्रेन को टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दिए जाने की संभावना पर ‘‘बेहद चिंता'' व्यक्त की है। पुतिन पूर्व में कह चुके हैं कि अमेरिका द्वारा यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें दिए जाने से मॉस्को और वाशिंगटन के संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। ट्रंप ने युद्ध के संबंध में कहा, ‘‘मुझे सचमुच लगता है कि अगर पुतिन इस मामले को सुलझा लेते हैं तो अच्छा है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह उनके लिए ही अच्छा नहीं होगा।''    

बारात लेकर जा रही बस खाई में गिरी, शादी का जश्न बदल गया हादसे में

हिमाचल  हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के लुहारघाट क्षेत्र में एक निजी बस के खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो गया। यह बस रामशहर थाना क्षेत्र के तहत वैवाहिक समारोह में शामिल होने जा रहे 42 रिश्तेदारों को लेकर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गई। विवाह की खुशियां मातम में बदलीं इस दुर्घटना में लगभग 10 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर एम्स रेफर कर दिया गया है। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य जानकारी के अनुसार, बस रामशहर के जोबी गांव में एक विवाह कार्यक्रम के लिए जा रही थी। रास्ते में एक तीव्र ढलान और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बस फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी और पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पुलिस के पहुंचने से पहले ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस टीम को सूचना मिलते ही वे भी मौके पर पहुंच गई। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बिलासपुर एम्स भेजे गए घायल रामशहर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए एम्स बिलासपुर भेजा गया। इस हादसे में बस को भी काफी नुकसान हुआ है। डीएसपी नालागढ़ भीष्म ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्होंने पुष्टि की कि गंभीर रूप से घायल यात्रियों का इलाज एम्स बिलासपुर में चल रहा है। हादसे के बाद अस्पताल की ओर दौड़े परिजन दुर्घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। अपने प्रियजनों का हाल जानने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यह हादसा बिलासपुर जिले की सीमा से लगे क्षेत्र में हुआ है। गौरतलब है कि पिछले दिनों बिलासपुर में ही पहाड़ दरकने से एक चलती बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस नए हादसे ने क्षेत्र में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।  

बाढ़ की जिम्मेदारी भूटान पर, ममता बनर्जी ने मुआवजे की मांग की

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि पड़ोसी देश भूटान से बहकर आने वाले पानी के कारण उत्तर बंगाल में बाढ़ आयी और उन्होंने भूटान से मुआवजे की मांग की। राहत एवं पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रही मुख्यमंत्री बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में कहा कि भूटान से विभिन्न नदियों के माध्यम से बहकर आने वाले वर्षा जल के कारण यह क्षति हुई है। बनर्जी ने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, ‘‘भूटान से आने वाले पानी के कारण हमें नुकसान हुआ है हम चाहते हैं कि वे हमें मुआवजा दें।" उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले कुछ समय से भारत-भूटान संयुक्त नदी आयोग के गठन पर जोर दे रही हूं और मेरी मांग है कि पश्चिम बंगाल को भी इसका हिस्सा बनाया जाए। हमारे दबाव में इस महीने की 16 तारीख को एक बैठक होनी है और हमारे अधिकारी उसमें शामिल होंगे।'' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य को आपदाओं से निपटने के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से वंचित रखा है। बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा के बामनडांगा क्षेत्र में कई राहत शिविरों का दौरा किया, जो चार अक्टूबर को हुई भारी बारिश के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। इससे इस क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी और दार्जिलिंग तथा उसके निचले इलाकों के ऊपरी इलाकों में जान-माल की व्यापक क्षति हुई थी। पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में भूस्खलन और बाढ़ में कम से कम 32 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। प्राकृतिक आपदा के बाद बनर्जी उत्तर बंगाल के अपने दूसरे दौरे पर हैं। वह शुक्रवार तक वहां रहेंगी। राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री बनर्जी पांच अक्टूबर से चार दिनों के लिए उत्तर बंगाल में थीं।