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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा: जानिए 8वें वेतन आयोग की तिथि और सैलरी बढ़ोतरी का स्केल

नई दिल्ली  देशभर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स आगामी 8वें वेतन आयोग से जुड़े खबरों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। इससे वेतन और पेंशन में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। एम्बिट कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, नए सैलरी स्ट्रक्चर से कुल पारिश्रमिक में 30-34% की वृद्धि हो सकती है, जिसका असर देश भर के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों पर पड़ेगा। अगर इसे लागू किया जाता है तो यह संशोधन 2026 या वित्तीय वर्ष 2027 तक लागू हो सकता है, और इससे सरकारी खजाने पर 1.8 लाख करोड़ रुपये का भारी बोझ पड़ सकता है। क्या है डिटेल वर्तमान वेतन और पेंशन संरचना सातवें वेतन आयोग पर आधारित है, जो जनवरी 2016 में लागू हुआ था। जीवन-यापन की लागत, मुद्रास्फीति और आर्थिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए वेतन संरचना में संशोधन के लिए आमतौर पर हर दस साल में एक नया आयोग गठित किया जाता है। उम्मीद है कि आठवें वेतन आयोग द्वारा भी यह परंपरा जारी रहेगी और रक्षा कर्मियों और पेंशनभोगियों सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतनमान की पेशकश की जाएगी। वेतन बढ़ोतरी को गति देने वाला फिटमेंट फैक्टर अपेक्षित संशोधन के मुख्य कंपोनेंट में से एक फिटमेंट फैक्टर है—एक गुणक जिसका उपयोग नए बेसिक सैलरी को तय करने के लिए किया जाता है। एम्बिट कैपिटल का अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है। इसका अर्थ है कि वर्तमान में 18,000 रुपये का न्यूनतम वेतन बढ़कर 32,940 रुपये (1.83 पर) या 44,280 रुपये (2.46 पर) हो सकता है। उदाहरण के लिए, 50,000 रुपये का मौजूदा आधार वेतन, फिटमेंट फैक्टर के निचले सिरे पर 91,500 रुपये और ऊपरी सिरे पर 1.23 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। संशोधित ढांचे से महंगाई भत्ते को मुद्रास्फीति के साथ और अधिक सटीक रूप से संरेखित करने और पेंशन भुगतान को तदनुसार अद्यतन करने की भी उम्मीद है। उपभोग और आर्थिक विकास को बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेतन आयोग आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा, क्योंकि बढ़े हुए वेतन से उपभोग में वृद्धि, स्वास्थ्य सेवा तक बेहतर पहुंच, बेहतर आवास और मनोरंजन पर अधिक खर्च हो सकता है। इतने बड़े कर्मचारी आधार पर वेतन वृद्धि का व्यापक प्रभाव खुदरा, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।  

भारत बना डिजिटल पेमेंट्स का सिरमौर, UPI ने जून में रचा 24 लाख करोड़ का इतिहास

नई दिल्ली भारत त्वरित भुगतान में दुनिया में ग्लोबल लीडर के रूप में उभरा है। यूपीआई से अकेले जून माह में 24.03 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन 18.39 अरब ट्रांजैक्शन के माध्यम से हुआ है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से रविवार को जारी किए गए नोट में दी गई। बीते महीने सालाना आधार पर यूपीआई लेनदेन की संख्या में 32 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पिछले साल जून में यूपीआई लेनदेन की संख्या 13.88 अरब थी। आईएमएफ की रिपोर्ट में बताया गया कि वर्तमान में भारत में सभी डिजिटल लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत और दुनिया भर में सभी रियल टाइम डिजिटल भुगतानों में यूपीआई की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अब यह प्रतिदिन 64 करोड़ से ज्यादा लेनदेन संभालता है, जो वीजा जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों से कहीं ज्यादा है, जो प्रतिदिन लगभग 63.9 करोड़ लेनदेन संभालती हैं। यह उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपीआई केवल नौ वर्षों में इस मुकाम तक पहुंच गया है। यूपीआई प्लेटफॉर्म वर्तमान में 49.1 करोड़ व्यक्तियों और 6.5 करोड़ व्यापारियों को सेवाएं प्रदान करता है और 675 बैंकों को एक ही प्रणाली के माध्यम से जोड़ता है। इसने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे देशभर के लोगों विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों के लोगों को आसान और किफायती तरीके से डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिली है। आईएमएफ की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की सफलता वर्षों के डिजिटल आधारभूत कार्य और समावेशी विकास के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग की एक मजबूत दृष्टि का परिणाम है। यूपीआई, जिसकी शुरुआत एक भुगतान प्रणाली के रूप में हुई थी, अब सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे में एक वैश्विक मानक बन गया है। यूपीआई का प्रभाव केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। यह पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस सहित सात देशों में मौजूद है। फ्रांस में इसकी शुरुआत यूरोप में इसके प्रवेश का प्रतीक है, जिससे वहां यात्रा करने वाले या रहने वाले भारतीय निर्बाध भुगतान कर सकेंगे। भारत ब्रिक्स समूह में भुगतान मानक के रूप में यूपीआई को अपनाने की भी वकालत कर रहा है, जिसमें हाल ही में छह नए सदस्य देश शामिल हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो इससे सीमा पार भुगतान तेज, सस्ता और अधिक सुरक्षित हो सकता है, जिससे वैश्विक डिजिटल लीडर के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा 2016 में लॉन्च किए गए यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को सरल, तेज और सुलभ बना दिया है। मोबाइल फोन पर बस कुछ ही टैप से, यूजर्स व्यापारियों को भुगतान कर सकते हैं, दोस्तों को पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, या अपने बैंक खातों का प्रबंधन कर सकते हैं। इसकी सुविधा और गति ने इसे व्यक्तियों और व्यवसायों दोनों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प बना दिया है।

किश्तवाड़ में एनकाउंटर: जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी इलाके में छिपे होने की सूचना

किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दच्छन इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के एक समूह के इलाके में छिपे होने की आशंका है. सुरक्षाबलों ने सूचना के आधार पर इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन जारी है. बताया जा रहा है कि कुछ आतंकी छिपे हुए हैं और सुरक्षा बलों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया है. समाचार एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब पुलिस और सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर दच्छन और नगसेनी के बीच स्थित खानकू जंगल में तलाशी अभियान शुरू किया. सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलियां चलाईं. ये मुठभेड़ कुछ समय तक चली, हालांकि किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है.अधिकारियों के अनुसार इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भेजा गया है और ऑपरेशन अब भी जारी है. सुरक्षाबल जंगल में छिपे आतंकियों की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने या निष्क्रिय करने का प्रयास कर रहे हैं. सुरक्षाबलों का कड़ा एक्शन किश्तवाड़ में एनकाउंटर की घटना से एक दिन पहले ही यानी शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने आतंकवादी फंडिंग और भर्ती मॉड्यूल से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीनगर, पुलवामा, बडगाम और गंदरबल जिलों से 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया था. इन सभी पर पाकिस्तान के निर्देश पर आतंकवादी गतिविधियों के समन्वय, वित्तपोषण और उन्हें अंजाम देने का आरोप है. जांच में बड़े खुलासे जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी संदिग्ध एक विशेष एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के जरिए लगातार संपर्क में थे. इसी एप्लिकेशन का उपयोग आतंकी संगठनों द्वारा रिक्रूटमेंट, फंडिंग और हमलों के समन्वय के लिए किया जा रहा था. यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर अब्दुल्ला गाजी संचालित कर रहा था, जो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ है.

हिमाचल में आपदा राहत के लिए केंद्र सक्रिय, अमित शाह ने बहु-क्षेत्रीय टीम के गठन की घोषणा की

नई दिल्ली केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति व तीव्रता को देख एक बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम के गठन का निर्देश दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में यह महसूस किया गया कि हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और मूसलाधार वर्षा की आवृत्ति और तीव्रता में वृद्धि हुई है, जिससे राज्य में व्यापक जनहानि, बुनियादी ढांचे और आजीविका को नुकसान और पर्यावरण क्षरण हुआ है। अमित शाह ने तुरंत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की, भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे, भूविज्ञानी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के विशेषज्ञों की एक बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम गठित करने का आदेश दिया। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बाढ़, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने उनके ज्ञापन का इंतजार किए बिना ही, नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) को पहले ही भेज दिया है। यह अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल 18 से 21 जुलाई तक राज्य के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार आपदाओं के समय बिना किसी भेदभाव के राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है। इसी दिशा में, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2023 के लिए बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश को 2,006.40 करोड़ रुपए के परिव्यय को पहले ही मंजूरी दे दी है और 7 जुलाई 2025 को 451.44 करोड़ रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी है। इसके अलावा, राज्य के प्रभावित लोगों की सहायता के लिए, केंद्र सरकार ने तत्काल राहत उपायों के लिए 18 जून 2025 को राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) से हिमाचल प्रदेश को 198.80 करोड़ रुपए की केंद्रीय हिस्सेदारी की पहली किस्त पहले ही जारी कर दी है। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश सहित सभी राज्यों को आवश्यक राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) टीमें, सेना टीमें और वायु सेना की तैनाती सहित सभी प्रकार की रसद सहायता भी प्रदान की है। राज्य में बचाव और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की कुल 13 टीमें तैनात हैं।

समुद्र में मची चीख-पुकार: इंडोनेशियाई जहाज में भीषण आग, 280 लोगों की जान पर बन आई

इंडोनेशिया इंडोनेशिया के तट पर 280 लोगों से भरी एक जहाज में आग लग गई, जिससे घबराए यात्रियों ने समुद्र में छलांग लगा दी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें जहाज पूरी तरह से आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाई दे रहा है और आसमान में काले धुएं का गुबार उठ रहा है. इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत और 18 लोगों के घायल होने की खबर है. दुर्घटना का शिकार हुई इस जहाज का नाम केएम बार्सिलोना वीए (KM Barcelona VA) है.   आग रविवार दोपहर स्थानीय समयानुसार लगभग 1.30 बजे लगी. वायरल वीडियो में घबराये हुए यात्रियों को देखा जा सकता है, जिनमें से कुछ अपने बच्चों के साथ आग से बचने के लिए समुद्र में छलांग लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस भयावह फुटेज में यात्री चमकीले नारंगी रंग की लाइफ जैकेट पहनकर पानी में कूदते दिखाई दे रहे हैं और जहाज में आग तेजी से फैल रही है. KM Barcelona III, KM Venecian और KM Cantika Lestari 9F नामक तीन बड़े जहाजों को तुरंत मौके पर भेजा गया.  एक अन्य फुटेज में जहाज के डेक पर भीड़ दिखाई दे रही है और कर्मचारी यात्रियों को नाव से कूदने से पहले लाइफ जैकेट बांधने में मदद करते दिखाई दे रहे हैं. आग की लपटों ने जहाज को अंदर से बाहर तक पूरी तरह जला दिया. नीले और सफेद रंग का यह जहाज जलकर काले मलबे में तब्दील हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 18 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, हालांकि कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. नॉर्थ सुलावेसी रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के सेक्रेटरी जेरी हार्मनसिना ने स्थानीय न्यूज आउटलेट डेटिक को बताया कि आग तालिस द्वीप के पास लगी.  3000 गाड़ियों के साथ डूब गया था मालवाहक जहाज इस महीने की शुरुआत में प्रशांत महासागर में 'द मॉर्निंग मिडास' नाम का एक मालवाहक जहाज आग लगने के बाद डूब गया था. इस जहाज पर लगभग 3000 गाड़ियां लदी थीं, जिनमें से लगभग 800 इलेक्ट्रिक व्हीकल थे. अमेरिकन कोस्ट गार्ड द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में जहाज के पिछले हिस्से में इलेक्ट्रिक व्हीकल से भरे डेक से धुएं का एक बड़ा गुबार उठता देखा गया, जिसके बाद शिपिंग कंपनी जोडियाक मैरीटाइम ने एक बयान में इसकी पुष्टि की. इस जहाज को बचाने के लिए कुछ नहीं किया जा सका और 3000 गाड़ियों को लेकर यह समंदर में समा गया. 

क्रूज हादसे से दहला देश: 37 शव बरामद, लापता यात्रियों की तलाश जारी

वियतनाम  वियतनाम में एक भीषण हादसे में पर्यटकों से भरा एक क्रूज जहाज समुद्र में पलट गया है जिससे अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। यह दुखद घटना शनिवार को क्वांग निन्ह प्रांत के प्रसिद्ध हा लॉन्ग खाड़ी में तब हुई जब जहाज एक भयंकर तूफान की चपेट में आ गया। बचाव अभियान अभी भी बड़े पैमाने पर जारी है क्योंकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना शनिवार को दोपहर लगभग 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुई। अधिकारियों ने बताया कि जहाज का सामना एक शक्तिशाली तूफान से हुआ और दोपहर 2:05 बजे तक जहाज का अधिकारियों से संपर्क टूट गया और वह खाड़ी के पानी में डूब गया। जहाज में सवार थे 48 यात्री, अधिकतर युवा और बच्चे हादसे के समय क्रूज जहाज में 48 यात्री सवार थे जिनमें 24 पुरुष और 24 महिलाएँ थीं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई यात्री युवा और बच्चे थे। ज़्यादातर यात्री वियतनाम से ही थे जो राजधानी हनोई से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हा लॉन्ग खाड़ी घूमने आए थे। चुनौतीपूर्ण मौसम और भारी बारिश के बावजूद बचाव दल 11 लोगों को पानी से ज़िंदा निकालने में कामयाब रहे। हालांकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं जिसके चलते बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जताया शोक, जांच के आदेश इस दुर्घटना और पर्यटकों की मौत के बाद देश भर में शोक का माहौल है। वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह ने भी इस घटना को लेकर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने दुर्घटना की विस्तृत जांच का आह्वान किया है। सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस घटना में हुई किसी भी चूक या लापरवाही से सख्ती से निपटा जाएगा। बता दें कि हा लॉन्ग बे वियतनाम के सबसे प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। साल 2019 में यहां देश और विदेश से 40 लाख से ज़्यादा पर्यटक घूमने आए थे। इस हादसे ने वियतनाम के पर्यटन उद्योग और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

क्रूज हादसे से दहला देश: 37 शव बरामद, लापता यात्रियों की तलाश जारी

वियतनाम  वियतनाम में एक भीषण हादसे में पर्यटकों से भरा एक क्रूज जहाज समुद्र में पलट गया है जिससे अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। यह दुखद घटना शनिवार को क्वांग निन्ह प्रांत के प्रसिद्ध हा लॉन्ग खाड़ी में तब हुई जब जहाज एक भयंकर तूफान की चपेट में आ गया। बचाव अभियान अभी भी बड़े पैमाने पर जारी है क्योंकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना शनिवार को दोपहर लगभग 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुई। अधिकारियों ने बताया कि जहाज का सामना एक शक्तिशाली तूफान से हुआ और दोपहर 2:05 बजे तक जहाज का अधिकारियों से संपर्क टूट गया और वह खाड़ी के पानी में डूब गया। जहाज में सवार थे 48 यात्री, अधिकतर युवा और बच्चे हादसे के समय क्रूज जहाज में 48 यात्री सवार थे जिनमें 24 पुरुष और 24 महिलाएँ थीं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई यात्री युवा और बच्चे थे। ज़्यादातर यात्री वियतनाम से ही थे जो राजधानी हनोई से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हा लॉन्ग खाड़ी घूमने आए थे। चुनौतीपूर्ण मौसम और भारी बारिश के बावजूद बचाव दल 11 लोगों को पानी से ज़िंदा निकालने में कामयाब रहे। हालांकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं जिसके चलते बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जताया शोक, जांच के आदेश इस दुर्घटना और पर्यटकों की मौत के बाद देश भर में शोक का माहौल है। वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह ने भी इस घटना को लेकर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने दुर्घटना की विस्तृत जांच का आह्वान किया है। सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस घटना में हुई किसी भी चूक या लापरवाही से सख्ती से निपटा जाएगा। बता दें कि हा लॉन्ग बे वियतनाम के सबसे प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। साल 2019 में यहां देश और विदेश से 40 लाख से ज़्यादा पर्यटक घूमने आए थे। इस हादसे ने वियतनाम के पर्यटन उद्योग और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

मॉनसून सत्र का एजेंडा तय: सर्वदलीय बैठक में उठा पहलगाम हमला, SIR विवाद और सुरक्षा अभियान का मुद्दा

नई दिल्ली  संसद के मॉनसून सत्र से पहले सरकार की ओर से रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इसमें विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और पहलगाम आतंकवादी हमले सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कथित चुनावी घोटाले और भारत व पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इंडिया गठबंधन केवल लोकसभा चुनावों के लिए है और आप विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ रही है। समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, 'देश अब मुद्दों से भरा हुआ है लेकिन मैंने 4 बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की बात की है। पहला- पहलगाम में जो आतंकवादी हमला हुआ और जिस तरह से उपराज्यपाल ने कहा कि इसमें इंटेलिजेंस फेलियर था, यह बहुत गंभीर मामला है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। दूसरा- जब ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने युद्ध बंद करवा दिया है। कल उन्होंने यह भी कहा कि 5 जेट गिराए गए थे। तीसरा- हिंदुस्तान की विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो गई है। विदेश नीति तब सफल होती है जब हमारे मित्र देशों की संख्या बढ़ती है और दुश्मन देशों की संख्या घटती है। ऑपरेशन सिंदूर या पहलगाम की घटना पर दुनिया के किसी भी देश ने हमारा साथ नहीं दिया। अब कोई भी हमारे साथ नहीं है। इसपर चर्चा होना जरूरी है। सबसे खतरनाक बात यह है कि लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म होने जा रहा है। जिस तरह से बिहार में वोटर लिस्ट का SIR हो रहा है, वो सब देख रहे हैं। बिहार में करोड़ों लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। यह कुछ गंभीर बाते हैं और मुझे नहीं लगता कि सरकार इसपर चर्चा कराएगी।' बीजद सांसद ने कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, 'ओडिशा में स्थिति बेहद गंभीर है। महिलाओं और बच्चियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। सच तो यह है कि आज ओडिशा की भाजपा सरकार पूरी तरह से अक्षम, विफल है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा रही है। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जघन्य अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इसलिए हम राज्य के अन्य मुद्दों के अलावा, इन सभी मुद्दों को संसद में उठाएंगे। हम सभी मुद्दों पर विपक्ष के साथ हैं, विपक्ष जो भी चर्चा चाहता है उसके लिए हम उनके साथ हैं।' सर्वदलीय बैठक में कौन-कौन शामिल केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और उनके जूनियर मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस के गौरव गोगोई व जयराम रमेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)-शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के टीआर बालू और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI-A) के नेता व केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बैठक में भाग लेने वाले सांसदों में शामिल रहे। ऑपरेशन सिंदूर अचानक रोकने पर सवाल विपक्षी गठबंधन इंडिया के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को ऑनलाइन मीटिंग की थी। इसमें फैसला किया था कि वे पहलगाम आतंकवादी हमले, ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोके जाने, भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के बीच मध्यस्थता संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे, बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।  

कोरोना के बाद नया खतरा! तेजी से फैल रहा वायरस, बजी वैश्विक अलार्म बेल

नई दिल्ली  चीन जहां से कोरोना वायरस फैला था अब एक और नए वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है। इस बार मच्छर से फैलने वाले 'CHIKV वायरस' (चिकनगुनिया) ने चीन के कई जिलों में हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है जिसके बाद चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय को आपातकालीन अभियान जारी करना पड़ा है। इस वायरस के कारण तेज बुखार और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। हॉन्गकॉन्ग में भी अलर्ट जारी इस वायरस के तेजी से फैलाव के कारण चीन के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को इस बीमारी को रोकने में मदद करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। चीन के पड़ोसी देश हॉन्गकॉन्ग में भी इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।   फोशन में तेज़ी से फैल रहा चिकनगुनिया चीन की मीडिया scmp.com की खबर के मुताबिक दक्षिण चीन के फोशन शहर में चिकनगुनिया बुखार तेज़ी से फैल रहा है। चीन के शुंडे की लोकल हेल्थ बॉडी ने जानकारी दी कि यहां चिकनगुनिया के मामले पाए गए हैं। केवल इसी इलाके में शुक्रवार तक चिकनगुनिया के पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 1,161 तक पहुंच चुकी है। चीन के अन्य शहरों जैसे शुंडे, लेशॉन्ग, बिजीओ, चेनकून, नन्हई और चानचेंग में भी इस वायरस के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। दुनिया भर में 2 लाख से अधिक चिकनगुनिया केस अगर चिकनगुनिया बुखार के दुनिया भर के मामलों की बात करें तो साल 2025 में अब तक 2,20,000 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं। ये आंकड़े भी चिकनगुनिया बुखार को लेकर वैश्विक स्तर पर सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं। क्या है CHIKV वायरस? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार चिकनगुनिया एक CHIKV वायरस है जो मच्छर के ज़रिए फैलता है। इसके कारण शरीर के जोड़ों में दर्द और तेज़ बुखार की शिकायत होती है। बुखार और दर्द काफी अधिक होता है और कई बार मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। बारिश के मौसम में इसके फैलने की संभावना अधिक होती है। बता दें CHIKV वायरस मुख्य रूप से मादा मच्छर के ज़रिए फैलता है।  

कोरोना के बाद नया खतरा! तेजी से फैल रहा वायरस, बजी वैश्विक अलार्म बेल

नई दिल्ली  चीन जहां से कोरोना वायरस फैला था अब एक और नए वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है। इस बार मच्छर से फैलने वाले 'CHIKV वायरस' (चिकनगुनिया) ने चीन के कई जिलों में हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है जिसके बाद चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय को आपातकालीन अभियान जारी करना पड़ा है। इस वायरस के कारण तेज बुखार और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। हॉन्गकॉन्ग में भी अलर्ट जारी इस वायरस के तेजी से फैलाव के कारण चीन के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को इस बीमारी को रोकने में मदद करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। चीन के पड़ोसी देश हॉन्गकॉन्ग में भी इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।   फोशन में तेज़ी से फैल रहा चिकनगुनिया चीन की मीडिया scmp.com की खबर के मुताबिक दक्षिण चीन के फोशन शहर में चिकनगुनिया बुखार तेज़ी से फैल रहा है। चीन के शुंडे की लोकल हेल्थ बॉडी ने जानकारी दी कि यहां चिकनगुनिया के मामले पाए गए हैं। केवल इसी इलाके में शुक्रवार तक चिकनगुनिया के पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 1,161 तक पहुंच चुकी है। चीन के अन्य शहरों जैसे शुंडे, लेशॉन्ग, बिजीओ, चेनकून, नन्हई और चानचेंग में भी इस वायरस के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। दुनिया भर में 2 लाख से अधिक चिकनगुनिया केस अगर चिकनगुनिया बुखार के दुनिया भर के मामलों की बात करें तो साल 2025 में अब तक 2,20,000 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं। ये आंकड़े भी चिकनगुनिया बुखार को लेकर वैश्विक स्तर पर सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं। क्या है CHIKV वायरस? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार चिकनगुनिया एक CHIKV वायरस है जो मच्छर के ज़रिए फैलता है। इसके कारण शरीर के जोड़ों में दर्द और तेज़ बुखार की शिकायत होती है। बुखार और दर्द काफी अधिक होता है और कई बार मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। बारिश के मौसम में इसके फैलने की संभावना अधिक होती है। बता दें CHIKV वायरस मुख्य रूप से मादा मच्छर के ज़रिए फैलता है।