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यूक्रेनी ड्रोन से सुरक्षा के लिए रूस ने अपनाए सख्त कदम, मोबाइल-नेटवर्क बंद करने की पुष्टि

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सरकारी आवास क्रेमलिन की तरफ से यह बात कही गई है कि यूक्रेन के ड्रोन अटैक से बचने के लिए इंटरनेट बंद किया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेमलिन ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन से उत्पन्न खतरों से लोगों की सुरक्षा के लिए रूस में कभी-कभी मोबाइल इंटरनेट बंद करने का फैसला उचित है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव इंटरनेट आउटेज ट्रैकिंग सेवा Sboi.rf द्वारा इस हफ़्ते रूस के दर्जनों क्षेत्रों में अस्थिर इंटरनेट की सूचना दिए जाने के बाद इंटरनेट आउटेज के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। पेसकोव ने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर अधिकारी मोबाइल इंटरनेट बंद कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुश्मन को मात देने के लिए रणनीतिक कदम उठाने पड़ते हैं। रात भर रूस के 11 अलग-अलग इलाकों में ड्रोन हमले इस बीच, रूसी अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यूक्रेनी ड्रोनों ने रात भर रूस के 11 अलग-अलग इलाकों में हमले किए, जिनमें आवासीय इमारतों को नुकसान पहुँचा है और कई नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा यूक्रेनी ड्रोनों ने हवाई अड्डों पर भी हमले किए हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने देश भर में और क्रीमिया के कब्जे वाले क्षेत्र में 122 ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया। सबसे ज़्यादा संख्या में 43 ड्रोन ब्रांस्क और 38 ड्रोन कुर्स्क क्षेत्रों में मार गिराए गए। चार अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त, कई बच्चे घायल अधिकारियों के अनुसार यूक्रेनी ड्रोन अटैक में कम से कम चार अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त हो गए हैं।अधिकारियों के अनुसार, वोरोनिश शहर में ड्रोन के टुकड़े एक आवासीय इमारत से टकराए, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए। 2009 और 2013 में पैदा हुए इन लड़कों के सिर में चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 2009 में पैदा हुई एक लड़की के हाथ और पैर में चोटें आईं और उसका घटनास्थल पर ही इलाज किया गया। मॉस्को में अटैक नाकाम बेलगोरोड क्षेत्र के गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लैडकोव के अनुसार, स्मोरोडिनो गाँव में एक निजी घर पर एक ड्रोन ने विस्फोटक गिराया, जिससे एक महिला की मौत हो गई। उधर मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने राजधानी की ओर बढ़ रहे तीन ड्रोनों को मार गिराया है। किसी भी तरह के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।  

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: महामारी के दौरान दर्ज केसों से तबलीगी जमात के 70 लोग बरी

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में तबलीगी जमात से जुड़े 70 भारतीय नागरिकों के खिलाफ दर्ज 16 मामलों को खारिज कर दिया है। इन लोगों पर ये मामले वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल विदेशी लोगों की गुपचुप मेजबानी करने के आरोप में दर्ज किए गए थे। इस मामले में फैसला सुनाते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा, 'सभी आरोपपत्र खारिज किए जाते हैं।' इन 70 भारतीय लोगों के खिलाफ कुल 16 FIR दर्ज की गई थीं, जिन्हें उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए रद्द करने की मांग की गई थी। इस मामले में अधिवक्ता आशिमा मंडला और मंदाकिनी सिंह ने अदालत में याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा। इन 70 लोगों पर आरोप था कि कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान तबलीगी जमात से जुड़े इन लोगों ने 190 से ज्यादा विदेशियों को निजामुद्दीन मरकज में पनाह दी थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि आरोपियों ने विदेशी नागरिकों को पनाह देकर देशव्यापी लॉकडाउन और अन्य निषेधाज्ञाओं का उल्लंघन किया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने मार्च 2020 में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुए विदेशी लोगों की मेजबानी करने के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिकाओं का विरोध किया था और कहा था कि आरोपी स्थानीय निवासियों ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए निज़ामुद्दीन मरकज़ में आए लोगों को शरण दी थी।  

मौलवी की मौजूदगी में नाम परिवर्तन, युवक ने पत्नी पर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का लगाया आरोप

कर्नाटक  कर्नाटक में धर्मांतरण के लिए मजबूर करने का एक मामला सामने आया है। खबर है कि यहां एक युवक के आरोप हैं कि उसकी पत्नी ने धर्म बदलने पर मजबूर किया है। साथ ही आरोप हैं कि ऐसा नहीं करने पर रेप का केस करने की धमकी देती थी। उन्होंने पत्नी के परिवार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने BNS यानी भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशाल कुमार गोकावी नाम के शख्स ने बताया है कि वह तीन सालों से तहसीन हुस्मानी के साथ रिलेशन में हैं। उन्होंने बताया कि दोनों ने नवंबर 2024 में शादी को रजिस्टर करा लिया था। उनके आरोप हैं कि शादी के बाद हुस्मानी ने उसपर दोबारा मुस्लिम रीति रिवाज से शादी करने का दबाव बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, शांति बनाए रखने के लिए विशाल ने सहमति दे दी और अप्रैल 2025 में मुस्लिम रीति रिवाज से शादी कर ली। अब विशाल का दावा है कि शादी समारोह के दौरान बगैर बताए उनका नाम बदल दिया गया। उन्होंने कहा है कि बगैर जाने एक मौलवी ने समारोह के दौरान धर्म परिवर्तन करा दिया। खबर है कि विवाह समारोह का वीडियो भी सामने आया है। विशाल ने कहा कि इसके बाद 5 जून को उनका परिवार हिंदू रीति रिवाजों से शादी की तैयारी कर रहा था, जिसपर हुस्मानी ने सहमति जता दी थी, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में आकर इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया है कि पत्नी ने चेतावनी दी थी कि अगर धर्म नहीं बदला, तो वह उसके खिलाफ केस कर देगी। विशाल के आरोप हैं कि हुस्मानी ने मां बेगम बानो के साथ मिलकर उसे नमाज पढ़ने और जमात में जाने के लिए भी मजबूर किया।  

जांच में चौंकाने वाला खुलासा: फ्यूल सप्लाई खुद पायलट ने रोकी, उठे कई सवाल

अहमदाबाद  12 जून को अहमदाबाद से लंदन रवाना हुआ एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान, टेकऑफ के कुछ ही पलों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है, लेकिन विवाद का केंद्र अब तकनीकी खराबी या मानवीय भूल नहीं, बल्कि अमेरिकी मीडिया की भूमिका बनता जा रहा है। क्या बोइंग को बचाने भारतीय पायलट को फंसाया जा रहा है? अमेरिका के प्रमुख अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने एएआईबी (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की शुरुआती रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि क्रैश से पहले फ्यूल कंट्रोल स्विच को फ्लाइट के कप्तान ने खुद बंद किया था। लेकिन भारत की रिपोर्ट में ऐसी कोई बात दर्ज नहीं है। यह दावा भारतीय एविएशन एक्सपर्ट्स, पायलट संगठनों और रिपोर्टिंग एजेंसियों के लिए चौंकाने वाला है। भारत की AAIB रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि स्विच को बंद किसने किया या कैसे हुआ, लेकिन अमेरिकी मीडिया इस दिशा में उंगली उठाकर बोइंग की छवि को बचाने का प्रयास करता दिख रहा है। उस दिन क्या हुआ था? एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर AI171, 12 जून को अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ था। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद, विमान की स्पीड और थ्रस्ट अचानक गिरने लगी। कॉकपिट में सीनियर कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर मौजूद थे। सभरवाल ने कुंदर से पूछा – “फ्यूल स्विच कटऑफ में क्यों है?” जवाब मिला – “मैंने नहीं किया।” इसी से यह सवाल खड़ा हुआ कि क्या तकनीकी खामी की वजह से स्विच ऑफ हो गया? क्या कहती है प्रारंभिक जांच? दोनों इंजनों को फ्यूल सप्लाई मिलनी बंद हो गई, जिससे विमान को पावर नहीं मिली और वह तेजी से नीचे गिरा। हादसे के बाद जब मलबा जांचा गया, तो दोनों फ्यूल स्विच कट पोजिशन में थे। इससे ऐसा लगता है कि शायद इंजनों को रीस्टार्ट करने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्लेन के टेकऑफ के तुरंत बाद रैम एयर टरबाइन (RAM) बाहर निकल आया था, जो दिखाता है कि विमान की मुख्य पावर पूरी तरह से फेल हो चुकी थी।   अमेरिकी मीडिया का पक्षपात? भारतीय एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में बोइंग कंपनी की पहले से ही साख पर सवाल खड़े हो चुके हैं – खासकर 737 MAX हादसों के बाद। अब 787 ड्रीमलाइनर की ये घटना बोइंग के लिए और भी बड़ा झटका बन सकती थी, इसलिए जिम्मेदारी से बचने के लिए पायलटों को जिम्मेदार ठहराने की रणनीति अपनाई जा रही है।  पायलट संघ ने जताई कड़ी नाराजगी भारत के फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने इस पर कड़ा बयान जारी करते हुए कहा: “बिना जांच पूरी हुए, किसी पायलट पर दोष मढ़ना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इससे न केवल पायलट की छवि को नुकसान होता है, बल्कि उनके परिवारों को भी मानसिक आघात पहुंचता है।” FIP ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाए और मीडिया को संयम बरतना चाहिए।  

सुप्रीम कोर्ट ने रेप पीड़िता से की कड़ी पूछताछ, होटल जाने को लेकर उठाए सवाल

नई दिल्ली शादी के झूठा वादा कर बलात्कार से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की की अग्रिम जमानत बरकरार रखी है। वहीं, आरोप लगाने वाली महिला को लताड़ लगाई है। शीर्ष न्यायालय ने महिला के विवाहेतर संबंध पर सवाल उठाए हैं। महिला ने याचिका दाखिल कर आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिका पर जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने महिला को चेताया है कि विवाहित होते हुए पति के अलावा किसी और शख्स से संबंध बनाए जाने के चलते उसपर भी मुकदमा चलाया जा सकता है। साथ ही कहा है कि उसने विवाह के बाहर रिश्ता बनाकर अपराध किया है। महिला की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कहा कि शख्स महिला के साथ शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसपर कोर्ट ने महिला से कहा, 'आप एक शादीशुदा महिला हैं और आपके दो बच्चे हैं। आप मेच्योर हैं और आप समझते हैं कि जो रिश्ता आप बनाने जा रहे हैं वह शादी के बाहर बना रहे हैं।' वकील ने यह भी कहा कि शख्स ने महिला को शारीरिक संबंध बनाने के लिए कई बार होटल बुलाया था। कोर्ट ने कहा, 'आप उसके अनुरोध पर बार-बार होटल क्यों गए थे? आप अच्छी तरह से जानते हैं कि आपने भी शादी के बाहर शारीरिक संबंध रखकर अपराध किया है।' पूरा केस समझें महिला और आरोपी शख्स की मुलाकात साल 2016 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। तब से ही दोनों रिलेशन में हैं। महिला के आरोप थे कि उसने साथी के दबाव में आकर पति से तलाक लिया था, जिसपर फैमिली कोर्ट ने भी 6 मार्च को मुहर लगा दी थी। तलाक के तुरंत बाद महिला ने उससे शादी करने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया। इस बात से खफा होकर महिला ने बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाए कि शख्स ने उसके साथ शादी का झूठा वादा कर यौन उत्पीड़न किया है। बाद में जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो पटना हाईकोर्ट ने शख्स को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने पाया था कि महिला के तलाक के बाद से ही दोनों किसी शारीरिक गतिविधियों में नहीं रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: होटल जाने की बात पर महिला की मंशा पर उठाए सवाल

नई दिल्ली  शादी के झूठा वादा कर बलात्कार से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की की अग्रिम जमानत बरकरार रखी है। वहीं, आरोप लगाने वाली महिला को लताड़ लगाई है। शीर्ष न्यायालय ने महिला के विवाहेतर संबंध पर सवाल उठाए हैं। महिला ने याचिका दाखिल कर आरोपी की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिका पर जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने महिला को चेताया है कि विवाहित होते हुए पति के अलावा किसी और शख्स से संबंध बनाए जाने के चलते उसपर भी मुकदमा चलाया जा सकता है। साथ ही कहा है कि उसने विवाह के बाहर रिश्ता बनाकर अपराध किया है। महिला की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कहा कि शख्स महिला के साथ शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसपर कोर्ट ने महिला से कहा, 'आप एक शादीशुदा महिला हैं और आपके दो बच्चे हैं। आप मेच्योर हैं और आप समझते हैं कि जो रिश्ता आप बनाने जा रहे हैं वह शादी के बाहर बना रहे हैं।' वकील ने यह भी कहा कि शख्स ने महिला को शारीरिक संबंध बनाने के लिए कई बार होटल बुलाया था। कोर्ट ने कहा, 'आप उसके अनुरोध पर बार-बार होटल क्यों गए थे? आप अच्छी तरह से जानते हैं कि आपने भी शादी के बाहर शारीरिक संबंध रखकर अपराध किया है।' पूरा केस समझें महिला और आरोपी शख्स की मुलाकात साल 2016 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। तब से ही दोनों रिलेशन में हैं। महिला के आरोप थे कि उसने साथी के दबाव में आकर पति से तलाक लिया था, जिसपर फैमिली कोर्ट ने भी 6 मार्च को मुहर लगा दी थी। तलाक के तुरंत बाद महिला ने उससे शादी करने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया। इस बात से खफा होकर महिला ने बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाए कि शख्स ने उसके साथ शादी का झूठा वादा कर यौन उत्पीड़न किया है। बाद में जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो पटना हाईकोर्ट ने शख्स को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने पाया था कि महिला के तलाक के बाद से ही दोनों किसी शारीरिक गतिविधियों में नहीं रहे हैं।  

वैष्णो देवी जाने वालों के लिए खुशखबरी: तीर्थयात्रियों की यात्रा होगी और आसान

जम्मू उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और आस्था से जुड़े रेल रूट में अब एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने जम्मू से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक की रेल लाइन को डबल करने के लिए अंतिम स्थान सर्वे की मंजूरी दे दी है। यह सर्वे लगभग 77.96 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को कवर करेगा, जो भविष्य में इस मार्ग की कनेक्टिविटी और गति दोनों में बड़ा सुधार लाएगा। कटरा भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा समय में जम्मू और कटरा के बीच केवल एक सिंगल रेल लाइन है, जिसके कारण ट्रेनों की संख्या सीमित रहती है। एक ही लाइन होने के कारण ट्रेनों की रफ्तार और संचालन में बाधा आती है, साथ ही नई ट्रेनों को चलाने में भी दिक्कत होती है। अब, रेल लाइन की डबलिंग से ट्रेनों की संख्या में इजाफा, आवाजाही में तेजी और समय की बचत संभव होगी। इससे न केवल तीर्थयात्रा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय विकास भी गति पकड़ेगा।  12.59 करोड़ रुपये की लागत से होगा सर्वे उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस सर्वे की अनुमानित लागत करीब 12 करोड़ 59 लाख रुपये होगी। इस फाइनल लोकेशन सर्वे के जरिए निर्माण कार्य की तकनीकी योजना और व्यवहारिकता तय की जाएगी। यह प्रोजेक्ट उत्तर रेलवे के अधीन संचालित किया जाएगा।  क्यों जरूरी हो गया है डबल ट्रैक? रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जब से कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत हुई है, देश के अन्य हिस्सों से कटरा तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी की मांग काफी बढ़ गई है। डबल ट्रैक के ज़रिए यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ मालवाहक ट्रेनों का संचालन भी सुचारू रूप से किया जा सकेगा।

बलूच विद्रोही समूह का बड़ा दावा: क़्वेटा-कलक में पाक सेना के 29 सैन्य कर्मी हताहत

 क्वेटा बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दावा है कि उन्होंने कलात और क्वेटा में दो अलग-अलग ऑपरेशन में पाकिस्तान के 29 सुरक्षाबलों को मार गिराया है. बीएलए ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ इस जंग को बदस्तूर जारी रखने की भी बात कही है.  बलूच लिबरेशन आर्मी ने बयान जारी कर बताया कि क्वेटा में बीएलए की स्पेशल यूनिट फतह स्क्वाड ने पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को ले जा रही बस को निशाना बनाकर IED अटैक किया. बलूच लिबरेशन आर्मी ने यह हमला अपनी इंटेलिजेंस इकाई ZIRAB के खुफिया इनपुट के बाद किया. ZIRAB पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को लेकर जा रही बस को लगातार मॉनिटर कर रहा था. यह बस पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को कराची से क्वेटा लेकर जा रही थी. इस हमले में 27 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को मौके पर ही ढेर कर दिया गया जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए. इस बस में कव्वाली गायक भी थे.  बीएलए ने कहा कि ये कव्वाली कलाकार हमारे निशाने पर नहीं थे इसलिए इन्हें हाथ तक नहीं लगाया गया. इस बीच बीएलए ने कलात के हजार गांजी इलाके में एक और IED अटैक किया. यह हमला भी पाकिस्तानी सेना के वाहन को निशाना बनाकर किया गया. इस हमले में दो सैनिकों को मार गिराया गया. कलात में बीएलए के ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बड़ा नुकसान पहुंचा. बलूच लिबरेशन आर्मी ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हमारी जंग जारी तब तक जारी रहेगी, जब तक बलूचिस्तान को आजाद नहीं करा लिया जाता और तब तक पाकिस्तान की सेना इसकी कीमत चुकाएगी. इससे पहले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने 11 मार्च को क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था. इस दौरान ट्रेन में 440 यात्री सवार थे. लड़ाकों ने अपनी मांग मंगवाने के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव बना रही थी. इस घटना में लड़ाकों ने 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसमें 18 सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे.

महिला ने बौद्ध भिक्षुओं से ठगे 100 करोड़, वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

बैंकॉक थाईलैंड में एक बड़े सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़ हुआ है। यहां एक महिला को कई साधुओं के साथ यौन संबंध बनाने और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। खबर है कि पहले लुभा कर सेक्स में फंसाने और ब्लैकमेल के इस खेल के जरिए करीब 385 मिलियन बाथ की उगाही की गई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। रॉयल थाई पुलिस सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने बताया कि इस कांड में शामिल कम से कम नौ बौद्ध भिक्षुओं और वरिष्ठ भिक्षुओं को भिक्षु पद से हटा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि उत्तरी थाईलैंड स्थित एक बौद्ध मंदिर के बैंक खाते से एक वरिष्ठ भिक्षु की तरफ से विलावान एम्सावत के खाते में भेजी गई धनराशि का भी पता चला है। कौन है विलावान एम्सावत लगभग 35 वर्षीय विलावान एम्सावत को राजधानी बैंकॉक के उत्तर में नोंथबुरी प्रांत स्थित उसके घर से जबरन वसूली, धन शोधन और चोरी का सामान लेने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। अपनी गिरफ्तारी से पहले विलावान ने ऐसे एक संबंध की बात स्वीकारी थी और कहा था कि उसने उस बौद्ध भिक्षु को पैसे दिए थे। गिरफ्तारी के बाद से विलावान ने कोई बयान नहीं दिया है और यह स्पष्ट नहीं है कि उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई वकील है या नहीं। कैसे बनाती थी शिकार रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि विलावान ने वित्तीय लाभ के लिए जानबूझकर वरिष्ठ भिक्षुओं को निशाना बनाया। पुलिस ने पाया कि प्रेम संबंध शुरू करने के बाद कई भिक्षुओं ने बड़ी धनराशि विलावान को ट्रांसफर की थी। पुलिस ने बताया कि पिछले तीन साल में विलावान के बैंक खाते में 1.19 करोड़ अमेरिकी डॉलर की धनराशि प्राप्त हुई लेकिन इसमें से अधिकतर राशि ऑनलाइन जुए वाली वेबसाइट पर खर्च की गई। सेंट्रल इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो के उपायुक्त जारूनकियात पंकेव ने कहा कि जांच पिछले महीने तब शुरू हुई जब बैंकॉक के एक प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर के वरिष्ठ भिक्षु ने अचानक अपना पद छोड़ दिया। इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जारूनकियात ने बताया कि जांचकर्ताओं ने पाया है कि विलावान ने एक भिक्षु से कहा था कि वह गर्भवती है और मदद के लिए 7.2 मिलियन बाथ मांगे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस का मानना है, 'यह महिला बहुत ही खतरनाक है और हमें इसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करना होगा।' खबरें ये भी हैं कि विलावान के फोन से हजारों फोटो और वीडियो मिले हैं। साथ ही इसमें कई चैट भी हैं, जो कई भिक्षुओं के साथ संबंधों की ओर इशारा कर रही हैं।

इराक में आग का कहर: सुपरमार्केट हादसे में 50 लोगों की मौत, कई घायल

कूत  इराक के पूर्वी शहर कूत में एक दर्दनाक घटना घटी है. यहां 16 जुलाई, 2025 की रात एक हाइपरमार्केट और रेस्तरां में भीषण आग लग गई, जिसमें 50 लोग मारे गए और बहुत से लोग जख्मी हुए हैं. इराक की स्टेट न्यूज एजेंसी आईएनए ने वासित प्रांत के गवर्नर मोहम्मद अल-मायाही के हवाले से यह जानकारी दी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पांच मंजिला इमारत को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा गया, जहां दमकलकर्मी आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे. इलाके के गवर्नर ने बताया कि आग उस समय लगी, जब मार्केट में मौजूद रेस्तरां में बहुत से परिवार खाना खा रहे थे और लोग दुकानों में खरीदारी कर रहे थे. आपको बता दें कि ये शॉपिंग मॉल हाल ही में बना था और प्राइमरी रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि आग की वजह शॉर्ट सर्किट रही. घटना में हुई मौतों की वजह से गवर्नर ने तीन दिन के शोक की घोषणा की और हादसे की जांच शुरू कर दी, जिसके नतीजे 48 घंटे में आने की उम्मीद है. आईएनए के मुताबिक गवर्नर ने कहा कि इमारत और मॉल के मालिक के खिलाफ मुकदमे दायर किए गए हैं. उन्होंने इसे त्रासदी और आपदा करार दिया है. ये घटना कूत शहर के लिए बड़ा झटका है हालांकि इराक में इस तरह आग लगने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं. साल 2021 में बगदाद के एक अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक विस्फोट से 82 लोग मारे गए थे जबकि साल 2023 में निनेवेह के एक मैरिज हॉल में आतिशबाजी से लगी आग में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी.