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न्यायपालिका में नया इतिहास: 2027 में भारत को मिलेगी पहली महिला CJI, 8 साल में 8 बदलाव

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट को 2033 तक यानी अगले आठ साल में आठ चीफ जस्टिस मिलेंगे. इनके कार्यकाल 36 दिन से लेकर करीब सवा दो साल तक के होंगे.मौजूदा चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई के 23 नवंबर 2025 को रिटायर होने के बाद जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट का नेतृत्व 9 फरवरी 2027 तक करेंगे. इसके बाद 10 फरवरी से 23 सितंबर तक जस्टिस विक्रम नाथ और 24 सितंबर 2027 से लेकर 29 अक्तूबर 2027 तक की 36 दिनों की अवधि में जस्टिस बीवी नागरत्ना देश की पहली महिला चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यभार संभालेंगी. वो पूर्व चीफ जस्टिस इंगलगुप्पे सीतारमैया वेंकटरमैया की बेटी हैं. इसके साथ ही पिता और बेटी के देश के चीफ जस्टिस की कुर्सी संभालने का कीर्तिमान भी बनेगा. अब तक सिर्फ पिता और बेटे के रूप में सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस बनने का रिकॉर्ड जस्टिस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ और उनके बेटे जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ का है.  इसके बाद अगले सात महीने यानी 30 अक्टूबर 2027 से 2 मई 28 तक जस्टिस पामिदीघंटम श्री नरसिम्हा चीफ जस्टिस बनेंगे. वो जस्टिस एस एम सीकरी और जस्टिस उदय उमेश ललित के बाद वकालत के पेशे से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनकर चीफ जस्टिस की कुर्सी संभालने वाले तीसरी हस्ती होंगे.  जस्टिस नरसिम्हा के बाद 2028 में 3 मई को चीफ जस्टिस पद की शपथ लेंगे जस्टिस जमशेद बुर्जोर पारदीवाला. जस्टिस पारदीवाला का कार्यकाल कई दशकों में सबसे बड़ा होगा. वो जस्टिस चंद्रचूड़ से भी अधिक समय तक यानी दो साल तीन महीने सात दिन देश के चीफ जस्टिस रहेंगे. जस्टिस पारदीवाला के 11 अगस्त 2030 को रिटायरमेंट के बाद 12 अगस्त 2030 को जस्टिस केवी विश्वनाथन चीफ जस्टिस बनेंगे. जस्टिस विश्वनाथन सवा नौ महीने यानी 25 मई 2031तक इस पद पर रहेंगे. जस्टिस विश्वनाथन वकालत के पेशे से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनकर चीफ जस्टिस बनने वाले चौथे शख्स होंगे. इसके बाद जस्टिस जॉयमाल्य बागची 26 मई 2031 से दो अक्टूबर 2031 तक यानी चार महीने से कुछ अधिक देश के चीफ जस्टिस बनेंगे. इनके बाद तीन अक्टूबर 2031 को जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली देश की सर्वोच्च न्यायपालिका की कमान संभालेंगे. जस्टिस पंचोली 27 मई 2033 तक यानी करीब दो साल 19 महीने से अधिक इस पद पर रहेंगे.

देश को जल्द मिलेगा दमदार LCA Mk1A, HAL अक्टूबर में करने जा रहा पहली डिलीवरी

नई दिल्ली भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल हो गया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अक्टूबर 2025 में पहले दो LCA Mk1A विमानों की डिलीवरी देने जा रहा है. अमेरिका से इंजन डिलीवरी में देरी के बावजूद HAL ने गति बनाए रखी है. यह विमान भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत बढ़ाएगा. LCA Mk1A क्या है? स्वदेशी लड़ाकू विमान का महत्व LCA (लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) Mk1A तेजस का उन्नत संस्करण है, जो 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है. यह स्वदेशी तकनीक से बना है, जिसमें AESA रडार, बेहतर एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग की क्षमता है.  तेजस Mk1A MiG-21 जैसे पुराने विमानों की जगह लेगा, जो IAF की स्क्वाड्रन ताकत को मजबूत करेगा. 2021 में 83 विमानों का 48000 करोड़ रुपये का सौदा हुआ, जिसमें 73 फाइटर और 10 ट्रेनर शामिल हैं. स्वदेशीकरण 50% से बढ़कर 60% हो जाएगा. यह विमान हाई-थ्रेट एयर एनवायरनमेंट में काम कर सकता है, स्पीड मैक 1.8 और रेंज 1500 किमी. इंजन देरी की समस्या: अमेरिका से F404 का इंतजार मुख्य देरी GE F404-IN20 इंजनों की थी, जो अमेरिका से आते हैं. HAL ने 2021 में GE के साथ 99 इंजनों का 5,375 करोड़ का सौदा किया था. पहला इंजन अप्रैल 2025 में आया, दूसरा जुलाई में, लेकिन सप्लाई चेन की समस्या से देरी हुई. इस महीने दो और इंजन आने हैं और साल के अंत तक 12. GE ने 2026 से 20 इंजन सालाना देने का वादा किया है. देरी के कारण पहली डिलीवरी मार्च 2024 से खिसक गई, लेकिन अब HAL ने बैकअप प्लान से यूज्ड इंजनों का इस्तेमाल किया. 10 F414 इंजन (Mk2 के लिए) पहले ही आ चुके हैं. पहली डिलीवरी की तैयारी: 10 विमान तैयार HAL के स्रोतों के अनुसार, 10 विमान पहले ही बनाए और टेस्ट हो चुके हैं. नासिक प्लांट से पहला विमान तैयार है, जो अक्टूबर में हैंडओवर होगा. HAL ने नासिक में तीसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू की, जो सालाना 24 विमान बना सकती है. बेंगलुरु में दो लाइनें हैं. कुल 83 विमान अब 2029 तक मिलेंगे, चार तिमाही की देरी के बाद. HAL चीफ डीके सुनील ने कहा कि प्रोडक्शन फर्म फुटिंग पर है.  हथियार एकीकरण परीक्षण: सफलता की कहानी LCA Mk1A ने Astra और ASRAAM मिसाइलों का सफल परीक्षण किया. यह BVRAAM (बियॉन्ड विजुअल रेंज) मिसाइलों के साथ काम करेगा. विमान में Uttam AESA रडार, EW सिस्टम और BVR मिसाइलें हैं.   अतिरिक्त सौदा और भविष्य की योजनाएं 97 और Mk1A के लिए 62,000 करोड़ का सौदा CCS ने मंजूर किया है. कॉस्ट नेगोशिएशन पूरा हो चुका है. साइनिंग इस महीने होगी. कुल 180 विमान 2031-32 तक. Mk2 का रोलआउट 2027 में, पहली उड़ान 2026. HAL 15 अपग्रेडेड Su-30MKI पर काम कर रहा है. ALH फ्लीट की जांच इस महीने खत्म. LCA Mk1A की पहली डिलीवरी इंजन देरी के बावजूद अक्टूबर में होना 'आत्मनिर्भर भारत' की जीत है. HAL की क्षमता बढ़ रही है, जो IAF को मजबूत बनाएगी. लेकिन समय पर डिलीवरी जरूरी है.

नेपाल ने लगाया सोशल मीडिया प्रतिबंध, फेसबुक और एक्स समेत 26 प्लेटफॉर्म हुए बंद

नई दिल्ली नेपाल में फेसबुक, व्हाट्सएस और एक्स समेत 26 सोशल मीडिया साइट्स पर बैन लगाने का फैसला किया गया है। नेपाल की सरकार ने टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। खबर के मुताबिक, नेपाल ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को रजिस्टर करने के लिए अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद कंपनियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। डेडलाइन पूरी होने के बाद सरकार ने इन्हें बैन करने का फैसला किया है। टिकटॉक ने कर लिया था रजिस्टर गुरुवार को हुई बैठक में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग, मंत्रालय के अधिकारियों, नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के प्रतिनिधियों, दूरसंचार ऑपरेटरों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं ने भाग लिया। इस बैठक में यह निर्णय लिया कि सभी अपंजीकृत प्लेटफॉर्म्स पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। अभी नेपाल में वाइबर, टिकटॉक, वीटॉक और निंबज़ जैसे प्लेटफॉर्म पंजीकृत हैं, जबकि टेलीग्राम और ग्लोबल डायरी का मामला प्रोसेस में हैं। फेसबुक, ट्विटर (एक्स) और व्हाट्सएप जैसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले प्लेटफॉर्म ने अभी तक पंजीकरण शुरू नहीं किया है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध पूरे देश में लागू होगा। ये प्लेटफॉर्म हो गए बैन दरअसल नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में घरेलू या विदेशी मूल के ऑनलाइन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अनिवार्य रूप से सूचीबद्ध करने और अवांछित सामग्री का मूल्यांकन और निगरानी करने को कहा था। इसके बाद कैबिनेट ने 7 दिन का अल्टीमेटम जारी किया था। फेसबुक, मैसेंजर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप, ट्विटर, लिंक्डइन, स्नैपचैट, रेडिट, डिस्कॉर्ड, पिंटरेस्ट, सिग्नल, थ्रेड्स, वीचैट, क्वोरा, टम्बलर सहित अन्य सभी प्रमुख सोशल मीडिया और संचार प्लेटफॉर्म क्लबहाउस, रंबल, एमआई वीडियो, एमआई वाइके, लाइन, इमो, जालो, सोल और हमरो पैट्रो जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लागू होगा।  

टावर चोरी का खुलासा: गिरोह ने रेडियो यूनिट चोरी कर भेजी हांगकांग

नई दिल्ली मोबाइल टावर उपकरणों की चोरी व अवैध निर्यात करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार है। इनके कब्जे से 30 महंगी रिमोट रेडियो यूनिट बरामद की गई है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में दर्ज रिमोट रेडियो यूनिट चोरी के 16 मामले सुलझाने का दावा किया है। चोरी में राजस्थान के एक मोबाइल टावर इंस्टालेशन ठेकेदार की संलिप्तता का पता चला है। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय कोरियर कंपनियों के जरिये हांगकांग और फिर चीन तक उपकरणों की तस्करी कर रहा है। वहां रिमोट रेडियो यूनिट ऊंचे दामों पर बिक जाता है। डीसीपी विक्रम सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम जाहिद (जाफराबाद), चंद्रकांत उर्फ अतुल (नांगल राय,दिल्ली) व समीर उर्फ मोहम्मद आफताब (मेटियाब्रुज, कोलकाता) है। रिमोट रेडियो यूनिट, जिसे रिमोट रेडियो हेड के नाम से भी जाना जाता है। यह मोबाइल टावर का एक महत्वपूर्ण उपकरण होता है। यह डिवाइस वायरलेस नेटवर्क और मोबाइल उपकरणों को जोड़ने का काम करता है। देश में रिमोट रेडियो यूनिट की चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। चोरी के लिए चोर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। क्राइम ब्रांच को सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर गुरमीत की टीम ने इस संगठित गिरोह का तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ में अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता चला। जाहिद और चंद्रकांत की निशानदेही पर चोरी के 10 रिमोट रेडियो यूनिट बरामद हुए। इनमें दो रिमोट रेडियो यूनिट दिल्ली, आंध्र प्रदेश व तीन राजस्थान से चोरी के पाए गए। दोनों से पूछताछ के बाद समीर को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर शिपिंग लाइन प्राइवेट लिमिटेड, महिपालपुर से चोरी के 20 रिमोट रेडियो यूनिट बरामद किए गए। यह खेप हांगकांग भेजने की तैयारी में थी। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी किए गए उपकरणों को कार्गो के माध्यम से हांगकांग भेजा जाता है, वहां से चीन में तस्करी की जाती है। वहां उपकरण ऊंचे दामों पर बिक जाता है। इससे पूछताछ में गिरोह में राजस्थान के एक मोबाइल टावर इंस्टालेशन ठेकेदार के शामिल होने का पता चला। जिसके बाद सीकर और जयपुर में भी छापेमारी की। मोबाइल टावर इंस्टालेशन ठेकेदार और उसके स्टाफ को इन उपकरणों की इंस्टालेशन और हटाने की तकनीकी जानकारी है। जिससे चोरी के बाद राजस्थान रोडवेज बस सेवाओं के जरिये उपकरणों को दिल्ली लाया जाता था। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें कार्गो एजेंट्स के माध्यम से हांगकांग भेजा जाता था, जहां दस्तावेजों में उन्हें "एम्प्लीफायर" के नाम से दर्ज किया जाता था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कोरियर कंपनियों के जरिए हांगकांग और फिर चीन तक तस्करी की जाती थी।  

पीएम मोदी बोले- कांग्रेस ने बढ़ाया बजट, हमने घटाया; दिवाली से पहले खुशियों की खबर

नई दिल्ली जीएसटी में हुए सुधार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (04 सितंबर, 2025) को कहा कि अगर भारत को वैश्विक स्थिति में उचित स्थान दिलाना है तो समय के साथ बदलाव बहुत जरूरी है। जीएसटी रिफॉर्म्स पर पीएम मोदी ने कहा, "समय पर बदलाव के बिना, हम अपने देश को आज की वैश्विक स्थिति में उसका उचित स्थान नहीं दिला सकते। मैंने इस बार 15 अगस्त को लाल किले से कहा था कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगली पीढ़ी के सुधार करना बेहद जरूरी है। मैंने देशवासियों से यह वादा भी किया था कि इस दिवाली और छठ पूजा से पहले खुशियों की दोहरी बौछार होगी।" 'जीएसटी हो गया और भी सरल' पीएम मोदी ने कहा, "अब जीएसटी और भी सरल हो गया है। 22 सितंबर को, जो कि नवरात्रि का पहला दिन है, अगली पीढ़ी का सुधार लागू हो जाएगा क्योंकि ये सभी चीजें निश्चित रूप से 'मातृशक्ति' से संबंधित हैं।"

भारत ने ब्रह्मोस से किया था नूर खान एयरबेस पर हमला, अब मरम्मत का काम शुरू

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान स्थिति से उबरने की कोशिश कर रहा है। उसने नूर खान एअरबेस की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। इस बात का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए हुआ। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि नूर खान एअरबेस पर मरम्मत का काम चल रहा है। इस्लामाबाद से 25 किमी. से भी कम दूरी पर स्थित नूर खान एअरबेस पाकिस्तान वायुसेना की प्रमुख सुविधाओं और रणनीतिक उपकरणों का प्रमुख अड्डा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान एअरबेस को पहुंचा था काफी नुकसान 10 मई, 2025 को भारत ने मिसाइल से हमला किया था और इसे पाकिस्तान का डिफेंस सिस्टम रोकने में नाकाम साबित हुआ। इस हमले में एअरबेस को काफी नुकसान पहुंचा था और एक ड्रोन कमांड सेंटर तो पूरी तरह से तबाह हो गया। भारत ने किया था ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल हालाँकि भारत ने कभी पुष्टि नहीं की है कि उसने हमले में कौन सी मिसाइलों का इस्तेमाल किया, लेकिन इस बात की प्रबल संभावना है कि नूर खान स्थित प्रतिष्ठान को ब्रह्मोस या SCALP एअर-लॉन्च्ड लैंड अटैक मिसाइलों या दोनों से नष्ट किया गया हो। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, ब्रह्मोस को भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 लड़ाकू विमानों से, जबकि SCALP को राफेल से लॉन्च किया गया था। नई और पुरानी तस्वीरों के मिलान करने से पता चलता है कि जिस प्रतिष्ठान पर हमला किया गया था, वहां हमलों से पहले दोनों ओर शामियाने लगे दो ट्रैक्टर-ट्रेलर ट्रक खड़े थे। 10 मई 2025 की एक तस्वीर से पता चलता है कि हमलों में दोनों ट्रक नष्ट हो गए और पास की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा था। 17 मई तक जगह साफ कर दी गई थी। 3 सितंबर (इस हफ्ते की शुरुआत में) की एक तस्वीर में उस जगह पर नए निर्माण कार्य होते दिखाई दे रहा है। इसमें नई दीवारें भी शामिल हैं।

भूकंप से अफगानिस्तान में सैकड़ों की मौत, राहत-बचाव कार्य जोर पकड़ रहा

काबुल अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में आए भीषण भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,457 हो गई है, जबकि 3,394 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 6,700 से ज्यादा घर पूरी तरह ढह गए हैं और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां अब भी दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए जूझ रही हैं। तालिबान के उप प्रवक्ता हामदुल्लाह फिटरत ने बताया कि कुनार और नंगरहार प्रांतों में 3,994 से अधिक लोग घायल हुए हैं और 6,782 से ज्यादा घर नष्ट हो चुके हैं। राहतकर्मी मलबे से शव निकालने में जुटे हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि बचाव कार्य अभी अधूरा है। भूकंप पीड़ित पानी, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। तालिबान प्रशासन ने दावा किया है कि कई परिवारों को मानवीय सहायता पहुंचाई गई है और दूरदराज के इलाकों की सड़कें खोल दी गई हैं। साथ ही कई देशों की विशेष बचाव टीमें राहत कार्यों में शामिल हुई हैं। हालांकि, स्थानीय लोग और सहायता एजेंसियां कह रही हैं कि बचाव कार्य अभी भी धीमा और असमान रूप से चल रहा है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों और भारी तबाही के कारण सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना बेहद कठिन साबित हो रहा है। रेड क्रॉस और विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत अंतरराष्ट्रीय संगठन राहत कार्यों में लगे हैं। भारत, जापान, ईरान और तुर्की से भी सहायता सामग्री भेजी गई है। राहत एजेंसियों का कहना है कि पहुंच की दिक्कतों के चलते जरूरी सामग्री और चिकित्सा सेवाओं में देरी हो रही है। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, यह 6.0 तीव्रता का भूकंप 31 अगस्त की रात 11:47 बजे स्थानीय समय पर, आठ किलोमीटर की गहराई पर आया था। भूकंप प्रभावित क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील है क्योंकि यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स मिलती हैं। पहाड़ी भूभाग भूस्खलन की आशंका को और बढ़ा देता है, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो जाता है। भारत ने भी अफगानिस्तान को तुरंत सहायता भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से फोन पर संवेदना जताते हुए कहा कि भारत कठिन समय में अफगानिस्तान के साथ खड़ा है। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “आज काबुल में 1,000 परिवारों के लिए टेंट पहुंचा दिए गए हैं। इसके अलावा 15 टन खाद्य सामग्री भी तुरंत काबुल से कुनार भेजी जा रही है। भारत से और भी राहत सामग्री भेजी जाएगी।”

GST दरों में कटौती, पीयूष गोयल ने कहा- उद्योग जगत उपभोक्ताओं तक पूरा फायदा पहुंचाए

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को भारतीय उद्योग जगत से विभिन्न वस्तुओं की श्रेणियों में घोषित जीएसटी दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की अपील की, जिससे मांग को बढ़ाया जा सके और अर्थव्यवस्था में विकास को गति मिले। राष्ट्रीय राजधानी में भारत न्यूट्रावर्स एक्सपो 2025 को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से उपभोग मांग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। उद्योग अब अधिक बिक्री की आकांक्षा रख सकते हैं, जिससे सभी के लिए मुनाफे वाली स्थिति बनेगी। गोयल ने आगे कहा कि हालांकि, यह तभी संभव हो सकता है जब जीएसटी का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने देश को दिए गए "फेस्टिव गिफ्ट" के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को घोषणा की थी कि जीएसटी के मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव और अच्छी खबर आने वाली है। उन्होंने कहा कि किसी ने भी यह उम्मीद नहीं की थी कि बुधवार को घोषित परिवर्तनकारी सुधारों से उत्पादों, वस्तुओं और सेवाओं की इतनी विस्तृत श्रृंखला को लाभ मिलेगा। गोयल ने उद्योग जगत से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि जीएसटी में कटौती से बचाई गई हर एक रुपए की राशि उपभोक्ताओं तक पहुंचे। नए ढांचे के तहत, कई श्रेणियों पर जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में पर्याप्त बचत हुई है। यह मांग को मजबूत बढ़ावा देगा, क्योंकि कम कीमतें स्वाभाविक रूप से खपत को बढ़ावा देती हैं और उद्योग के विकास को गति प्रदान करती हैं। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत से प्रधानमंत्री के प्रति दो मजबूत प्रतिबद्धताएं रखने का आग्रह किया, जिसमें पहली, जीएसटी में कटौती से हुई बचत का हर एक रुपया उपभोक्ताओं तक पहुंचाना और दूसरी, भारतीय उत्पादों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना। उन्होंने मेहनती भारतीयों के पसीने और परिश्रम से बने उत्पादों, भारत की मिट्टी में पोषित उत्पादों को समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि जब ऐसे उत्पाद देश के कोने-कोने तक पहुंचते हैं, तो वे न केवल आर्थिक मूल्य, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक होते हैं। गोयल ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि स्वामित्व किसी भारतीय उद्यमी के पास है या किसी विदेशी निवेशक के पास, जरूरत इस बात की है कि उत्पाद भारत में निर्मित हों, भारतीय युवाओं के लिए रोजगार पैदा करें, स्थानीय समुदायों के लिए अवसर पैदा करें और देश की विकास गाथा में योगदान दें। उन्होंने आगे कहा कि भारत में निर्मित प्रत्येक उत्पाद 1.4 अरब लोगों की आकांक्षाओं को अपने साथ लेकर चलता है और विकसित भारत 2047 की ओर देश की यात्रा का प्रतीक है। भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वैश्विक उथल-पुथल और अनिश्चितता के बावजूद, भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में अगले दो दशकों तक अग्रणी बना रहेगा। उन्होंने 2047 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद को 4 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के सरकार के दृष्टिकोण को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि भारत एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

एआई से न्यूक्लियर तक: भारत और जापान के बीच नई टेक्नोलॉजी साझेदारी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन भारत और सिंगापुर के बीच साझेदारी के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने एआई, क्वांटम और अन्य डिजिटल टेक्नीक में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर सिंगापुर के पीएम लॉरेंस वोंग भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए हैं। दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीआई और पे नाउ को डिजिटल कनेक्टिविटी का 'सफल उदाहरण' बताया। उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर ने आसियान के साथ द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और मुक्त व्यापार समझौते की समयबद्ध तरीके से समीक्षा करने का निर्णय लिया है। पीएम ने कहा, "प्रौद्योगिकी और नवाचार हमारी साझेदारी के मजबूत स्तंभ हैं। हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम और अन्य डिजिटल तकनीकों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। आज अंतरिक्ष क्षेत्र में हुआ समझौता अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग का एक नया अध्याय जोड़ रहा है। हमने अपने युवाओं को उनकी प्रतिभा से जोड़ने के लिए इस वर्ष के अंत में भारत-सिंगापुर हैकाथॉन का अगला राउंड आयोजित करने का निर्णय लिया है। यूपीआई और पे नाउ हमारी डिजिटल कनेक्टिविटी के सफल उदाहरण हैं और यह खुशी की बात है कि आज 13 नए भारतीय बैंक उनसे जुड़ गए हैं।" प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर के नेता का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा, "मैं पदभार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री वोंग की पहली भारत यात्रा पर उनका हार्दिक स्वागत करता हूं। यह यात्रा इसलिए और भी खास है, क्योंकि इस वर्ष हम अपने संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।" प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में अपनी सिंगापुर यात्रा को याद किया, जिसके तहत दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया था, और उन क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया जो दोनों देशों के बीच सहयोग का केंद्र बिंदु भी बनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पिछले साल सिंगापुर की मेरी यात्रा के दौरान हमने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया। इस एक साल में हमारे संवाद और सहयोग में गति आई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सिंगापुर दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत में सिंगापुर से बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। हमारे रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। लोगों के बीच संबंध गहरे और जीवंत हैं। आज, हमने अपनी साझेदारी के भविष्य के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। हमारा सहयोग केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहेगा। बदलते समय के साथ उन्नत विनिर्माण, ग्रीन शिपिंग कौशल विकास, परमाणु और शहरी जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र भी हमारे सहयोग का केंद्र बिंदु बनेंगे।" उन्होंने सिंगापुर को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के अपने संयुक्त दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आसियान के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच संबंध कूटनीति से आगे हैं। यह साझा मूल्यों पर आधारित एक उद्देश्यपूर्ण साझेदारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमने निर्णय लिया है कि द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते और आसियान के साथ हमारे मुक्त व्यापार समझौते की समयबद्ध समीक्षा की जाएगी, ताकि पारस्परिक व्यापार में तेजी आए।

100 करोड़ इंटरनेट यूजर्स का भारत, अप्रैल-जून में रिकॉर्ड इजाफा

नई दिल्ली ब्रॉडबैंड ग्रोथ के कारण भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 30 जून, 2025 तक 1 अरब को पार कर 1,002.85 मिलियन हो गई, जो मार्च की तुलना में 3.48 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन 100 करोड़ से अधिक ग्राहकों में से 4.47 करोड़ के पास वायर्ड इंटरनेट कनेक्शन थे, जबकि 95.81 करोड़ के पास वायरलेस कनेक्शन थे। ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स की संख्या 3.77 प्रतिशत बढ़कर 979.71 मिलियन हो गई, जबकि नैरोबैंड यूजर्स की संख्या घटकर 23.14 मिलियन रह गई। जून तिमाही में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1,218.36 मिलियन तक पहुंच गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 1.46 प्रतिशत अधिक है। आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि इससे कुल दूरसंचार घनत्व बढ़कर 86.09 प्रतिशत हो गया, जो पिछली तिमाही में 85.04 प्रतिशत था। जनसांख्यिकी के संदर्भ में, शहरी इंटरनेट ग्राहकों की संख्या लगभग 57.94 करोड़ है, जबकि ग्रामीण इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 42.33 करोड़ है। आंकड़ों के अनुसार, वायरलेस सेवाओं के लिए मासिक औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता (एआरपीयू) 186.62 रुपए है, जबकि प्रति वायरलेस ग्राहक औसत उपयोग मिनट (एमओयू) हर महीने 16.76 घंटे है। दूरसंचार क्षेत्र का सकल राजस्व 96,646 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछली तिमाही से 1.63 प्रतिशत कम है, लेकिन सालाना आधार पर 12.34 प्रतिशत अधिक है। समायोजित सकल राजस्व 81,325 करोड़ रुपए रहा, जो पिछली तिमाही से 2.65 प्रतिशत अधिक है। एक्सेस सेवाओं का समायोजित सकल राजस्व में 83.62 प्रतिशत का योगदान रहा है। प्रेस रिलीज में आगे कहा गया है कि लाइसेंस शुल्क 2.63 प्रतिशत बढ़कर 6,506 करोड़ रुपए हो गया और पास-थ्रू शुल्क 19.45 प्रतिशत घटकर 10,457 करोड़ रुपए हो गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने लगभग 912 निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को अपलिंकिंग या डाउनलिंकिंग या दोनों के लिए अनुमति दी है। भारत में डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध 902 सैटेलाइट टीवी चैनलों में से, 30 जून, 2025 तक 333 सैटेलाइट पे टीवी चैनल हैं।