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भारतीय व्हिस्की की बढ़ी विदेशों में धाक, अवॉर्ड्स जीतकर बनाए नए रिकॉर्ड

नई दिल्ली  भारतीय व्हिस्की ने बीते कुछ वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है। एक समय था जब उपभोक्ता केवल इंपोर्टेड ब्रांड्स को तरजीह देते थे, लेकिन अब भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी शानदार गुणवत्ता और स्वाद के लिए पहचानी जा रही हैं। वर्ष 2025 में भारतीय सिंगल मॉल्ट्स ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय ब्रांड्स का जलवा देवांस ज्ञानचंद आडम्बरा और मंषा आडम्बरा को लास वेगास में आयोजित IWC (International Whisky Competition) में "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट" और "बेस्ट इंडियन व्हिस्की" का खिताब मिला। वहीं मंषा ने जर्मनी के ISW (International Spirits Award) में "इंटरनेशनल व्हिस्की ऑफ द ईयर" का अवॉर्ड अपने नाम किया। इंद्री-त्रिणि द्रु इस दमदार कास्क-स्ट्रेंथ सिंगल मॉल्ट को मायामी ग्लोबल स्पिरिट्स अवॉर्ड्स 2025 में "बेस्ट वर्ल्ड व्हिस्की" का अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही इसे इंटरनेशनल स्पिरिट्स चैलेंज में गोल्ड मेडल भी हासिल हुआ।   पॉल जॉन "द ग्रेट इंडियन सिंगल मॉल्ट" के नाम से मशहूर पॉल जॉन को "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट", "बेस्ट एशियन व्हिस्की" और सैन फ्रांसिस्को वर्ल्ड स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन में "डबल गोल्ड" जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। गोडावन यह भारत की सबसे अधिक सम्मानित सिंगल मॉल्ट बन चुकी है, जिसे अब तक 85 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। लंदन स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन 2024 में इसे "सिंगल मॉल्ट व्हिस्की ऑफ द ईयर" का खिताब भी मिला है। तेजी से बढ़ रहा है भारतीय सिंगल मॉल्ट का बाजार भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल गुणवत्ता में विदेशी ब्रांड्स के बराबर खड़ी हैं, बल्कि कीमत के लिहाज से भी उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक विकल्प बन गई हैं। यही कारण है कि भारत में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। ग्लोबल लेवल पर भारतीय एल्कोहल इंडस्ट्री की मांग वर्ष 2025 तक 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह बाजार 2025 से 2035 के बीच 7.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 300 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। 2020 से 2025 तक यह बाजार 6.8 प्रतिशत की CAGR से बढ़ा था। देश में बदलती जीवनशैली, युवा आबादी की बढ़ती संख्या और सामाजिक स्वीकार्यता ने शराब उद्योग को नया रूप दिया है। आज युवा वर्ग शराब को सामाजिक मेलजोल और मनोरंजन का माध्यम मान रहा है। साथ ही, महिलाओं की वर्कफोर्स में बढ़ती भागीदारी और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता के चलते भी शराब की खपत में वृद्धि देखी जा रही है।  

टैरिफ तनाव और डाक सेवा रोक के बीच भारत की रणनीति

वाशिंगटन  अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगने के बाद नियमों में बदलाव भी हो रहा है. अब भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. भारत 25 अगस्‍त से अमेरिका के लिए ज्‍यादातर डाक सर्विस को बंद कर देगा. यह कदम अमेरिकी सरकार की ओर से 30 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश के बाद आया है, जिसमें 800 अमेरिकी डॉलर तक के आयातित सामानों पर टैरिफ छूट वापस ले ली गई है.  अमेरिकी सरकार के नियम के तहत 29 अगस्त से, अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी सामान इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमी पॉवर एक्‍ट (IEEPA) टैरिफ इंफ्रा के तहत सीमा शुल्क को आकर्षित करेंगे. हालांकि 100 अमेरिकी डॉलर तक की वस्‍तुएं टैरिफ छूट के तहत रहेंगी.    अमेरिकी आदेश के अनुसार, इंटरनेशनल डाक नेटवर्क के माध्‍यम से माल पहुंचाने वाले एयलाइंस या अमेरिकी सीमा शुल्‍क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) की ओर से अप्रूव अन्‍य पार्टी को भी डाक शिपमेंट पर टैरिफ वसूलने और उसका पेमेंट करना आवश्‍यक है. इस संबंध में CBP ने 15 अगस्‍त को एक दिशानिर्देश भी जारी किया है, लेकिन अभी टैक्‍स कलेक्‍शन और उसे भेजने की व्‍यवस्‍था जैसी कई चीजें अभी तय नहीं हुई हैं.  क्‍यों भारत ने रोकी डाक सर्विस जिस कारण अमेरिका जाने वाली एयरलाइंस ने परिचालन और तकनीकी तैयारी की कमी का हवाला देते हुए 25 अगस्त, 2025 के बाद डाक खेप स्वीकार करने में असमर्थता व्यक्त की है. इन सभी वजहों को ध्‍यान में रखते हुए डा‍क विभाग ने 25 अगस्‍त से अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक वस्‍तुओं की बुकिंग अस्‍थायी तौर से रोकने का फैसला किया है. लेकिन अभी 100 अमेरिकी डॉलर तक के डाक भेजे जा सकते हैं.  स्‍पष्‍टीकरण के बाद ही फिर शुरू होगी सर्विस  पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सीबीपी और यूएसपीएस से आगे स्पष्टीकरण मिलने के बाद, इन छूट प्राप्त श्रेणियों को अमेरिका में स्वीकार और भेजा जाता रहेगा. वहीं डाक विभाग सभी हितधारकों के साथ समन्वय में उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जल्द से जल्द सेवाओं को सामान्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. 

जयशंकर ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, कहा– समझौता नहीं होगा, अन्याय नहीं सहेंगे

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ पर ट्रंप को जमकर सुनाया है। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को जयशंकर ने पूरी तरह से गलत बताया है। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2025 में बोलते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करते वाला है। सीमा नहीं पार होनी चाहिए जयशंकर ने कहा कि कुछ सीमाए हैं, जिनका पालन करना होगा। हमारे लिए मुख्य तौर पर हमारे किसान और छोटे उत्पादक अहम हैं। इस मामले में हम पीछे नहीं हअ सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे सफल या अफसल होने की बात कह सकते हैं। लेकिन बतौर सरकार हम अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हम इसको लेकर दृढ़ हैं। जयशंकर ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिस पर हम समझौता नहीं कर सकते। टैरिफ और तेल विवाद एस जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि टैरिफ मुद्दे को गलत तरीके से तेल विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और अन्य यूरोपीय देश तो हमसे ज्यादा मात्रा में रूस से तेल आयात कर रहे हैं। लेकिन टैरिफ वाली बात उनके ऊपर लागू नहीं हो रही है। जयशंकर ने आगे कहा कि जब लोग कहते हैं कि भारत युद्ध के लिए रूस को पैसा दे रहा है, तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि रूस-यूरोपीय व्यापार भारत-रूस व्यापार से कहीं अधिक बड़ा है। इस बात में काफी विरोधाभास है। नए राजदूत से टिप्पणी पर इनकार जयशंकर ने साफ कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इसे रणनीतिक स्वायत्तता बताया। भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि तनाव के बावजूद बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि हम दो बड़े देश हैं… लाइनें कटी नहीं हैं, लोग एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, और हम देखेंगे कि यह कहां जाता है। वाशिंगटन के नए राजदूत के बारे में पूछे जाने पर, जयशंकर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।  

शिमला की सड़क पर नोटों की बारिश, दिल्ली निवासी ने 19 हजार रुपए बिखेरे

शिमला हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां के रिज मैदान इलाके में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एक शख्स ने शुक्रवार को नोटों की बारिश कर दी। जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ लग गई और वे उसका वीडियो बनाने लगे। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन नोटों को उठाने के लिए कोई इंसान आगे नहीं आया। बल्कि वहां मौजूद लोगों ने इस बारे में पुलिस को खबर कर दी। जिसके बाद पुलिस ने आकर सड़क पर पड़े उन नोटों को उठवाया और उन्हें उड़ाने वाले उस शख्स को अपने साथ थाने ले गई। हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने वह सारी राशि उसी व्यक्ति को वापस उसी शख्स को दे दी। पुलिस के अनुसार शख्स ने करीब 19 हजार रुपए की रकम उड़ाई थी, जो उसे वापस कर दी गई। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहां खड़े लोगों ने बिखरे नोटों को हाथ भी नहीं लगाया विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नोटों की यह बारिश दिल्ली से आए एक शख्स ने शिमला के रिज इलाके में स्थित 'टका बेंच' से महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास की थी। वह दोस्तों के साथ घूमने आया था। इस दौरान उसने 50, 100 और 200 रुपए के नोट के रूप में हजारों रुपए उड़ा दिए। लोगों ने जब इस बारे में वहां तैनात पुलिसकर्मियों को बताया तो उन्होंने उस शख्स को जाकर उसे ऐसा करने से रोका और उसे मालरोड पर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम ले गए। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद लोगों की मदद से वहां सड़क पर पड़े नोटों को उठवाया और उन्हें भी थाने ले गए। शख्स ने बताई इस हरकत को करने की वजह पुलिस ने जब उस शख्स से इस हरकत को करने की वजह के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह जरूरतमंदों की मदद के लिए यह राशि लेकर आया था, हालांकि जब उसे कोई ऐसा इंसान नहीं मिला, तो उसने उन्हें उड़ाते हुए रिज मैदान पर पैसों की बारिश कर दी। वहीं जब पुलिस ने उसके दोस्तों से उस शख्स के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है, और कुछ समय के अंतराम पर ऐसी हरकतें करता रहता है। जिसके बाद पुलिस ने उसे उसके उड़ाए 19 हजार रुपए के अलग-अलग नोट और समझाइश देकर चलता कर दिया। 

सभी उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त: Google ने दी विशेष सर्विस का उपहार

नई दिल्ली  गूगल ने यूजर्स को तगड़ा गिफ्ट दिया गया है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने ऐलान किया है कि Google Veo 3 इस वीकेंड हर यूजर के लिए फ्री रहेगा। पिचाई ने यह ऐलान एक X पोस्ट में किया है। पिचाई ने गूगल के पोस्ट को रीपोस्ट किया है। गूगल के पोस्ट के अनुसार इस वीकेंड जेमिनी ऐप में यूजर Veo 3 के जरिए फ्री में तीन वीडियो जेनरेट कर सकते हैं। गूगल इस ऑफर के साथ अपने इस शानदार मीडिया टूल का एक्सपीरियंस ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को देना चाहता है। मंथली सब्सक्रिप्शन चार्ज 1999 रुपये आमतौर पर विओ 3 जेमिनी ऐप के प्रो सब्सक्रिप्शन के साथ आता है। भारत में इसका मंथली सब्सक्रिप्शन चार्ज 1999 रुपये है। हालांकि, नए यूजर्स को कंपनी एक महीने का फ्री ट्रायल दे रही है, लेकिन पहली बार इसे सभी के लिए फ्री कर दिया गया है। सीईओ पिचाई का भी कहना है कि इस ऑफर का मकसद ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक क्रिएटिव अवसर पहुंचाना है। अब तक का सबसे अडवांस्ड वीडियो मॉडल विओ 3 को गूगल ने I/O 2025 में दुनिया के सामने पेश किया था। इसने तेजी से दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह कंपनी का अब तक का सबसे अडवांस्ड वीडियो मॉडल है और विजुअल के साथ यह सिंक्रोनाइज्ड ऑडियो भी जेनरेट करने वाला पहला मॉडल है। गूगल वीओ 3 अभी टेक्स्ट प्रॉम्प्ट पर काम करता है। इंडियन यूजर्स के लिए गूगल ने Veo 3 Fast मॉडल को रोलआउट किया है। यह एक ऑप्टिमाइज्ड वर्जन है, जो नॉर्मल से थोड़ा फास्ट वीडियो जेनरेट करता है। कंपनी इसे ऐंड्रॉयड और iOS पर गूगल जेमिनी ऐप के जरिए ऑफर करेगी। इस वीकेंड के फ्री ट्रायल के साथ गूगल को उम्मीद है कि यूजर्स को वीओ 3 की काबिलियत को देख सकेगें। सबसे जरूरी बात यह है कि यूजर इसके बारे में अपना फीडबैक भी देंगे। पिचाई ने इस कदम को गूगल की अपने क्रिएटिव टूल के एक्सपैंशन के लगातार कमिटमेंट का हिस्सा बताया और इशारा किया कि भविष्य के अपडेट में यूजर इनपुट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मूसलाधार बारिश की संभावना, 13 राज्यों में जारी रेड-ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 23 से 26 अगस्त के बीच 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ राज्यों में हालात इतने गंभीर हो सकते हैं कि बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की अपील की है। राजस्थान में आफत की बारिश, कोटा में सेना की तैनाती राजस्थान में बारिश ने कहर ढा दिया है। खासकर कोटा, भीलवाड़ा, बारां और झालावाड़ जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने शनिवार (23 अगस्त) को पूर्वी राजस्थान में "अत्यधिक भारी वर्षा" की चेतावनी दी है। भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 10 अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। बारिश की गंभीरता को देखते हुए बारां, कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। कई इलाकों में पानी घरों में घुस चुका है और सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई है। बिहार, झारखंड, बंगाल और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक इन राज्यों में भारी से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।   दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भीगते रहेंगे बादलदिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। दिल्ली में शनिवार को गरज के साथ बारिश हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी में "येलो अलर्ट" जारी किया है। दिल्ली: न्यूनतम तापमान 23°C और अधिकतम 31°C के आस-पास रहेगा। यूपी: 23-25 अगस्त तक बारिश की संभावना। हरियाणा-पंजाब: 23-26 अगस्त तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पहाड़ी राज्यों में भी अलर्ट, उत्तराखंड में रेड अलर्ट जारी उत्तराखंड में शनिवार के लिए "रेड अलर्ट" जारी किया गया है। राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका है। वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद क्षेत्र में अगले 7 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। गुजरात और महाराष्ट्र में भी नहीं थमेगा पानी गुजरात में 23 अगस्त को उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने 25 अगस्त से राज्य में "बहुत भारी बारिश" का एक और नया दौर शुरू होने की चेतावनी दी है। कोंकण और गोवा: 25 से 28 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना। मध्य महाराष्ट्र: 26 अगस्त को सामान्य बारिश, जबकि 27-28 अगस्त को घाटी क्षेत्रों में तेज बारिश की चेतावनी है। राजस्थान के कोटा में सेना तैनात, भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ में रेड अलर्ट -बिहार, बंगाल, झारखंड में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान -दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा में येलो अलर्ट -उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा, रेड अलर्ट -गुजरात और महाराष्ट्र में लगातार जारी रहेगा बारिश का सिलसिला  

पुराने वाहनों के मालिकों को झटका, रिन्यूअल फीस अब होगी डबल

नई दिल्ली  अगर आपके पास 20 साल से ज्यादा पुराना वाहन है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने अब ऐसे पुराने मोटर व्हीकल्स के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण (रिन्यूअल) के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए नई अधिसूचना जारी की है, जिसमें फीस को लगभग दोगुना कर दिया गया है। अब 20 साल बाद भी मिलेगा रजिस्ट्रेशन का मौका – लेकिन बढ़ी हुई कीमत पर पहले 15 साल पुराने वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराना संभव था, लेकिन अब सरकार ने इसे 20 साल तक बढ़ा दिया है। हालांकि, यह राहत मुफ्त में नहीं मिलेगी — रिन्यूअल फीस में भारी बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम वाहन मालिकों को कानूनी रूप से अपने पुराने वाहनों के उपयोग की सुविधा देगा, लेकिन इसके साथ ही पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाने की योजना को भी बढ़ावा देगा।  नई रिन्यूअल फीस क्या होगी? पूरी लिस्ट देखें वाहन का प्रकार                   नई रिन्यूअल फीस      पहले की फीस मोटरसाइकिल                      ₹2,000                     ₹1,000 थ्री-व्हीलर/क्वाड्रिसाइकिल        ₹5,000                   ₹3,500 लाइट मोटर व्हीकल (LMV)    ₹10,000                  ₹5,000 इम्पोर्टेड टू/थ्री व्हीलर             ₹20,000                   ₹10,000 इम्पोर्टेड फोर व्हीलर              ₹80,000                   ₹40,000 अन्य भारी वाहन                    ₹12,000                    —  नोट: इन दरों में GST शामिल नहीं है, यानी अंतिम भुगतान और अधिक हो सकता है।     दिल्ली-NCR को मिली राहत दिल्ली-NCR के वाहन मालिकों को इस नियम से फिलहाल छूट दी गई है, क्योंकि यहां पहले से ही पुराने वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लागू हैं: -पेट्रोल गाड़ियां: 15 साल बाद बैन -डीजल गाड़ियां: 10 साल बाद बैन इसलिए यहां पर 20 साल पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं कराया जा सकता।  

हमास को इजराइल की धमकी: गाजा को खंडहर बना देंगे, हमले में 17 फिलीस्तीनियों की जान गई

इजराइल  इजराइल के रक्षा मंत्री ने गाजा सिटी में हमले का दायरा बढ़ाने की तैयारी के बीच शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर हमास उसकी शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो इस शहर को तबाह किया जा सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा सिटी पर कब्जा करने की अनुमति देने का एलान किया। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चेतावनी दी कि गाजा पट्टी का सबसे बड़ा शहर ‘‘रफाह और बैत हानून'' इलाकों की तरह मलबे में तब्दील हो सकता है, जिन्हें युद्ध के शुरुआती चरण में तबाह कर दिया गया था। उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘गाजा में हमास के हत्यारे और बलात्कारी अगर युद्ध को समाप्त करने के लिए इजराइल की शर्तों को स्वीकार नहीं करते हैं, तो उनके लिए जल्द ही नरक के दरवाजे खुलने वाले हैं।'' काट्ज ने इजराइल की युद्ध-विराम शर्तों को दोहराया, जिसमें सभी बंधकों की रिहाई और हमास का पूरी तरह निरस्त्रीकरण शामिल है। वहीं, हमास का कहना है कि वह युद्ध खत्म करने के बदले बंधकों को रिहा कर सकता है, लेकिन फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के बिना निरस्त्रीकरण को स्वीकार नहीं करेगा। गाजा सिटी में व्यापक पैमाने पर सैन्य अभियान कुछ ही दिनों में शुरू हो सकता है। गाजा सिटी हमास की गतिविधियों का गढ़ है और इजराइल का मानना ​​है कि शहर में हमास का सुरंगों का विशाल नेटवर्क है। गाजा सिटी में लाखों नागरिक भी शरण लिए हुए हैं और वहां अब भी गाजा पट्टी के कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद हैं। हमास ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि वह अरब मध्यस्थों के युद्ध-विराम प्रस्ताव पर सहमत हो गया है, जिसे अगर इजराइल स्वीकार कर लेता है, तो हमलों को रोका जा सकता है। दोनों पक्ष सीधे तौर पर बातचीत नहीं कर रहे हैं और अतीत में भी ऐसी घोषणाएं की गई हैं, जिनसे युद्ध-विराम नहीं हो सका। कई इजराइलियों को डर है कि अगर हमला हुआ, तो हमास समर्थित आतंकवादियों के सात अक्तूबर 2023 के हमले के बाद अब भी जीवित बचे लगभग 20 बंधकों की जान खतरे में पड़ सकती है। सहायता समूहों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि इससे गाजा पट्टी का मानवीय संकट और भी बदतर हो जाएगा। वहीं, नेतन्याहू का कहना है कि सैन्य अभियान ही बंधकों को छुड़ाने और हमास को कुचलने का सबसे ठोस उपाय है।  उन्होंने बृहस्पतिवार को दक्षिणी इजराइल में एक कमांड सेंटर के दौरे के दौरान कहा, ‘‘ये दोनों चीजें-हमास को हराना और हमारे सभी बंधकों को मुक्त कराना, साथ-साथ चलेंगी।'' गाजा शहर में स्थित शिफा अस्पताल ने बताया कि इजराइल द्वारा शुक्रवार को किए गए व्यापक हमले में कम से कम 17 फिलीस्तीनियों की मौत हो गयी। इजराइल ने शेख रादवान स्थित एक स्कूल पर हवाई हमला किया। शेख रादवान गाजा शहर का एक ऐसा इलाका है, जहां दर्जनों फलस्तीनी स्कूल के प्रांगण में अस्थायी तंबुओं में शरण लिए हुए हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी और अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, इस हमले में कम से कम सात लोग मारे गए। इजराइली सेना ने कहा कि उन्हें इस क्षेत्र में किसी हमले की जानकारी नहीं थी।    

जयशंकर का ट्रंप को करारा जवाब, भारत-पाक रिश्तों में दखल बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर वाले दावों को एक बार फिर से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि लगभग 50 सालों से भारत की नीति रही है कि हम पाकिस्तान के साथ रिश्तों में किसी भी तरह की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करते हैं। विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पूरा ट्रंप प्रशासन भारत और पाकिस्तान के बीच में सीजफायर का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं। ईटी के फोरम पर बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा, "जहां तक भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का मुद्दा है, तो 1970 के दशक से लेकर अभी तक 50 साल हो चुके हैं। भारत का सीधा कहना है कि हम पाकिस्तान के साथ मुद्दों पर मध्यस्थता स्वीकार नहीं करते हैं।" पाकिस्तान और अमेरिका की बढ़ती घनिष्ठता के सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे लिए यह हालात पहली बार नहीं है। उन्होंने कहा, "उन दोनों देशों की एक-दूसरे के साथ इतिहास रहा है… उनका एक दूसरे का इतिहास भुलाने का भी इतिहास रहा है। यह पहली बार नहीं है, जब हम ऐसा कुछ देख रहे हैं। आज किसी को वहां पर एक सेना सर्टिफिकेट दे रही है, वही सेना कुछ साल पहले एबटाबाद में घु्सी थी, सभी को पता है वहां पर कौन मिला था। जब देश राजनीति करते हैं, तो ऐसे हालात बनते हैं। यह रणनीतिक भी हो सकते और अन्य तरीके के भी।" विदेश मंत्री ने इसके बाद ट्रेड, किसानों और संप्रभुता के मुद्दे पर सरकार की नीति को साफ किया। उन्होंने कहा, “जब बात हमारे व्यापार, हमारी संप्रभुता और हमारे किसानों के हितों की या मध्यस्थता (पाकिस्तान के साथ) को लेकर आ जाती है, तो हमारी नीति एक दम साफ है। अगर कोई भी इससे सहमति नहीं रखता है, तो वह भारत के लोगों को बता सकता है कि वह भारत की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए तैयार नहीं है, या फिर वह किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए तैयार नहीं है। हम अपनी नीतियों पर कायम हैं, और इनकी रक्षा के लिए हमें जो करना होगा हम वह करेंगे।”

राजनीतिक हलचल के बीच अमित ठाकरे-आशीष सेलार की मीटिंग पर सबकी नजरें

मुंबई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं का सत्ताधारी दलों के मंत्रियों से मुलाकात का सिलसिला जारी है। पिछले दिन मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। शनिवार को उनके बेटे और महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष अमित ठाकरे संस्कृति मंत्री आशीष सेलार से मिले। हालांकि, अमित ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्थिति को स्पष्ट कर दिया है, लेकिन मुलाकात के दौर से राज्य की राजनीति में नई हलचल है। यह इसलिए भी है कि बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी चुनावों में ‘ठाकरे ब्रांड’ की करारी हार के बाद मनसे नेता सत्तापक्ष के लीडर से मिले हैं। अमित ठाकरे ने अपने बयान में कहा, “हमारे पहले से ही पुराने रिश्ते हैं, इसलिए दोनों के बीच सिर्फ निजी बातचीत हुई, कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो “आलोचनाएं की जा रही हैं, वे सिर्फ राजनीतिक हैं, कोई व्यक्तिगत आलोचना नहीं हैं।” राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “गणेशोत्सव 27 तारीख से शुरू हो रहा है। इस साल उत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा दिया गया है। फिर भी अगर कुछ स्कूल-कॉलेज परीक्षाएं आयोजित कर रहे हैं, तो हमने उन्हें रद्द करने की मांग की है।” अमित ठाकरे का कहना है, “अलग-अलग मंत्रियों के पास जाने के बजाय वे स्वयं संस्कृति मंत्री (आशीष सेलार) से मिलने आए हैं। अगर उन्होंने यह पहल (राज्य उत्सव) की है तो उन्हें हमारी मांग पर विचार करते हुए इस पर आगे बढ़ना चाहिए।” क्या शिवसेना-यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे को गणेश उत्सव के लिए आमंत्रित किया गया है? इस सवाल पर अमित ठाकरे ने कहा कि यह सरप्राइज रहेगा। मुंबई में जलभराव और सड़कों पर गड्ढों के मामले को लेकर अमित ठाकरे ने कहा कि इसका एक ही जवाब है। राज ठाकरे साहब को सत्ता दो और देखो फिर क्या बदलाव होता है। इस दौरान अमित ने नासिक का उदाहरण मीडिया के सामने दिया। इससे पहले, राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। मनसे प्रमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्होंने नगर नियोजन और ट्रैफिक जाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यह मुलाकात की।