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रॉबर्ट कियोसाकी की सलाह: युद्ध जल्दी खत्म नहीं होगा…, सोना और चांदी खरीदने का किया सुझाव

  नई दिल्ली अमेरिका और ईरान में युद्ध (US-Iran War) जारी है. तेल-गैस संकट गहराया हुआ है. होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट से सप्लाई चेन पर पड़े असर के चलते कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर रोजमर्रा तक के सामानों पर महंगाई बढ़ गई है. तो दूसरी ओर शेयर बाजारों में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।  इस ग्लोबल संकट (Global Crisis) के बीच मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट किया है और क्रैश में भी अमीर बनने का सीक्रेट बताया है. उनका ये एक्स पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।  'अगर अमीर बनना है तो…' Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉर्बट कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में निवेशकों के सीक्रेट का जिक्र बड़ी सलाह दी, तो इसके साथ ही अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर चेतावनी भी दी है. उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'अगर आप एक अमीर निवेशक बनना चाहते हैं, तो फिर आपको भविष्य देखना होगा और इसे देखना फिलहाल दो वजहों से बेहद आसान भी हो गया है।      पहला– नेशनल कर्ज सिर्फ बढ़ता ही जाएगा, क्योंकि सरकारें सिर्फ नकली पैसा छापती रहेंगी. इसका मतलब है कि महंगाई लगातार बढ़ती रहेगी और अमेरिकी डॉलर को बचाकर रखने वालों को नुकसान होता रहेगा।      दूसरा– ईरान में चल रहा युद्ध कभी खत्म नहीं होगा और इससे साफ है कि ऐसा होने पर तेल की कीमतें सिर्फ बढ़ेंगी, जिससे महंगाई की और ज्यादा मार पड़ेगी।  कियोसाकी ने इसे बताया सबसे बड़ा झूठ कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, 'जैसा कि मैं सालों से कहता आ रहा हूं कि सबसे ज्यादा नुकसान उन लोगों का होगा, जो इस मीठी गोली पर भरोसा करते हैं कि स्कूल जाओ, अच्छे ग्रेड लाओ, नौकरी करो, टैक्स चुकाओ, पैसे बचाओ और लंबे समय के लिए स्टॉक, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड और ETF में निवेश करो. एक अच्छा और अलग-अलग तरह का पोर्टफोलियो बनाओ.' उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा झूठ यही है कि US Bonds सुरक्षित होते हैं।  उन्होंने कहा कि इस ग्लोबल ऑयल, कर्ज, बॉन्ड, कैश, बैंकिंग और महंगाई के संकट में सिर्फ एक ही चीज आपको सुरक्षित रख सकती है और वह आप खुद और आपकी आर्थिक शिक्षा है. अपनी जिंदगी के ज्यादातर हिस्से में मैं यह मानता हूं कि अगर कोई चीज छापी जा सकती है, तो वह नकली है।  सिर्फ सोना-चांदी ही मुसीबत में सहारा महंगाई, क्रैश की वार्निंग देने के साथ अपने लंबे-चौड़े पोस्ट में रॉबर्ट कियोसाकी ने लोगों को क्रैश में भी अमीर बनने का सीक्रेट बताया और निवेश की सलाह दी. उन्होंने लिखा, 'असली सोना, असली चांदी, तेल, Bitcoin और Ethereum मेरे हिसाब से 2026 के लिए सबसे सुरक्षित निवेश हैं.' हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि मेरी बात पर आंख मूंदकर यकीन न करें, आप खुद तय करें कि आपके लिए असली क्या है. Take Care.'   कियोसाकी का ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और इसे शेयर किए जाने के बाद से करीब 8 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके थे. बता दें कि रिच डैड पुअर डैड के लेखक सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहते हैं और आए दिन अपनी पोस्ट के जरिए निवेश की सलाह देते रहते हैं।  

सेंसेक्स में 1100 अंक की गिरावट, जानें शेयर बाजार में भूचाल आने के तीन प्रमुख कारण

मुंबई  शेयर बाजार में जिसका डर था वही हुआ. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को विदेशों से मिल रहे रेड सिग्नल के बीच सेंसेक्स-निफ्टी की बेहद खराब शुरुआत हुआ और मार्केट ओपनिंग के साथ ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद की तुलना में 1100 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी 300 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार शुरू किया. बैंकिंग शेयरों में कोहराम मचा नजर आया और Axis Bank, HDFC Bank, Kotak Bank के शेयर बुरी तरह फिसल गए. हालांकि, शुरुआती तेज गिरावट में हल्की रिकवरी होती भी दिखाई दे रही थी।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश  शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,583 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 72,565 के लेवल पर खुला और महज कुछ ही मिनटों ये इंडेक्स फिसलते हुए 72,391 के लेवल पर आ गया. यानी ओपनिंग के साथ ही ये 1192 अंक का गोता लगा गया।  बात एनएसई निफ्टी इंडेक्स की करें, तो ये अपने पिछले शुक्रवार के बंद 22,819 की तुलना में फिसलकर 22,549 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 349 अंक की गिरावट लेकर 22,470 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया।  सबसे ज्यादा टूटे ये शेयर सोमवार को बाजार में आए भूचाल के बीच बैंकिंग स्टॉक्स में सबसे तेज गिरावट देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में ही Axis Bank Share (4%), Kotak Bank Share (3%), HDFC Bank Share (2.50%), ICICI Bank Share (1.70%) और SBI Share (1.10%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा बीएसई की लार्जकैप में Bajaj Finance Share (2%), Bharti Airtel Share (1.50%) फिसल गए।   विदेशों से आए थे रेड सिग्नल  भारतीय शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशों बाजारों से मिल रहे थे. जापान, कोरिया से हांगकांग तक एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ दिखाई दिया था. Japan का निक्केई इंडेक्स 2382 अंक या 4.50 फीसदी क्रैश होकर  50,566 के स्तर पर आ गया था. Hongkong का हैंगसेंग इंडेक्स भी 490 अंक या 1.95 फीसदी टूटकर 24,469 पर ट्रेड कर रहा था।  साउथ  कोरिया के कोस्पी इंडेक्स की बात करें, तो यह भी क्रैश नजर आया और 215 अंक या 3.96% फिसलकर 5,223 पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (312 अंक), CAC (67 अंक) और FTSE-100 इंडेक्स भी रेड जोन में था।  शेयर बाजार में गिरावट के तीन बड़े कारण पहला: Stock Market Crash के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो एशियाई बाजारों में मचे कोहराम की सीधा असर सेंसेक्स-निफ्टी पर दिखा है. Gift Nifty भी क्रैश नजर आ रहा था।  दूसरा: शेयर मार्केट में गिरावट का दूसरा कारण क्रूड ऑयल की कीमत में अचानक आया बड़ा उछाल है. जी हां, सोमवार को ऑयल मार्केट में भी हड़कंप मचा है और Brent Crude Price एक झटके में उछलकर 116 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. महंगाई का जोखिम बढ़ने के खतरे से शेयर बाजार भी सहमा नजर आया।  तीसरा: अमेरिका और ईरान में तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है. अटैक जारी हैं और डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन की बड़ी तैयारी कर ली है. इससे ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंच गई है और शेयर बाजार धड़ाम हो गए हैं। 

अब मिलेगा सस्ता पेट्रोल! इथेनॉल ब्लेंड से 8 रुपये तक कम होगी कीमत

नई दिल्ली 1 अप्रैल 2026 से देशभर में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ कई महत्वपूर्ण नियम लागू होने जा रहे हैं। इसी क्रम में पेट्रोल से जुड़ा एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिलेगा। सरकार ने अब पूरे देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को अनिवार्य करने का फैसला किया है। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर न्यूनतम 95 ऑक्टेन स्तर और 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन ही उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब वैश्विक परिस्थितियों के कारण पेट्रोल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में यह नया ईंधन न केवल सस्ता साबित हो सकता है, बल्कि पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी माना जा रहा है। क्या है इथेनॉल मिश्रित ईंधन और क्यों हो रहा लागू इथेनॉल एक जैविक ईंधन है, जो मुख्य रूप से गन्ने जैसी फसलों से प्राप्त शर्करा के किण्वन से तैयार किया जाता है। जब इसे पेट्रोल में मिलाया जाता है, तो यह मिश्रित ईंधन बनता है। 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण को ई-20 कहा जाता है। सरकार का लक्ष्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है। यही कारण है कि अब इस प्रकार के ईंधन को देशभर में अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। आने वाले समय में इथेनॉल की मात्रा और बढ़ाकर इसे और अधिक प्रभावी बनाने की योजना भी है। कीमत और बचत का गणित इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत है। यह सामान्य पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर लगभग 8 रुपये तक सस्ता हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति हर महीने औसतन 40 लीटर ईंधन का उपयोग करता है, तो उसे करीब 300 रुपये से अधिक की बचत हो सकती है। इस तरह यह आम उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाला कदम साबित हो सकता है। पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था को लाभ यह ईंधन पर्यावरण के लिए भी बेहतर माना जा रहा है क्योंकि यह कम प्रदूषण फैलाता है। इथेनॉल के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। साथ ही, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता भी कम होगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पुरानी गाड़ियों के लिए क्या है स्थिति हालांकि नई तकनीक की गाड़ियां इस ईंधन के अनुरूप तैयार की जा रही हैं, लेकिन पुरानी गाड़ियों के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हो सकती हैं। लंबे समय तक उपयोग करने पर ईंधन प्रणाली के कुछ हिस्सों पर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, ईंधन दक्षता में थोड़ी कमी भी देखी जा सकती है। इसलिए पुराने वाहन उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहकर इसका उपयोग करना चाहिए। भविष्य की योजना क्या है सरकार आने वाले वर्षों में इथेनॉल मिश्रण को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य है कि धीरे-धीरे इस अनुपात को बढ़ाकर अधिकतम स्तर तक पहुंचाया जाए, जिससे देश पूरी तरह वैकल्पिक ईंधन की दिशा में आगे बढ़ सके। यह बदलाव न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

US-ईरान जंग के बीच पेट्रोल के दाम घटने की संभावना, जेडी वेंस ने शेयर किया प्लान

वॉशिंगटन  मिडिल ईस्ट में बरसते बारूद ने पूरी दुनिया का तेल पी लिया है. कई देशों में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और अमेरिका जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. हर कोई सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है कि ये जंग कब खत्म होगी और कब ईंधन के दाम गिरेंगे? इस सवाल का जवाब हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दे दिया है. उन्होंने बताया है कि गैस के दाम कब गिरेंगे और जंग को लेकर उनका प्लान आखिर क्या है? वेंस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर क्या कहा? वेंस का कहना है कि अमेरिका का मकसद ईरान पर कब्जा करना नहीं, बल्कि उसे इतना ‘शक्तिहीन’ कर देना है कि वह दोबारा कभी चुनौती न बन सके. जेडी वेंस ने एक हालिया इंटरव्यू में अमेरिकी जनता को बड़ी राहत देने की कोशिश की।  उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान में एक या दो साल तक नहीं रुकने वाला है. राष्ट्रपति ट्रंप का मिशन साफ है, काम खत्म करो और बाहर निकलो. उन्होंने यह भी दावा किया कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की समस्या सिर्फ कुछ समय के लिए है और जैसे ही ऑपरेशन सफल होगा, गैस के दाम फिर से नीचे आ जाएंगे।  ईरानी नौसेना पर आखिरी अटैक अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कुछ ऐसे वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें ईरानी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. अमेरिका का कहना है कि दशकों से ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में जो दादागिरी मचा रखी थी, अब उसका अंत हो चुका है. अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों को खंडहर बना दिया है जो व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बने हुए थे।  जहां अमेरिका अपनी जीत के दावे कर रहा है, वहीं ईरान की तरफ से आने वाली खबरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया है कि उन्होंने दुबई में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार हमला किया है. रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में ‘सैकड़ों’ अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं और घंटों तक एम्बुलेंस और राहत दल शवों और घायलों को ढोते रहे। 

ईरान जंग को लेकर एक्सपर्ट की चेतावनी, कच्चा तेल $200 बैरल तक पहुंच सकता है

 नई दिल्‍ली ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई ने पूरी दुनिया को महंगाई के खतरे में डाल दिया है. हर देश महंगाई के खतरे से बचने के लिए छोटे-मोटे कदम उठा रहा है, लेकिन सवाल है कि ये कब तक चलेगा? अगर वॉर ज्‍यादा दिनों तक चलता है तो दुनिया में महंगाई बढ़ना और ग्‍लोबल इकोनॉमी में संकट में आ सकती है. साथ ही तेल के दाम में रिकॉर्ड उछाल आ सकती है, जिससे हर छोटी बड़ी चीजें के दाम में बड़ी बढ़ोतरी हो जाएगी।  ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने  भी इसी चीज को लेकर चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अगर ईरान से जुड़ा मौजूदा संघर्ष जून तक खिंचता है और स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहता है तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ सकती हैं और इसकी 40% संभावना है।  फर्म ने कहा कि दूसरी तिमाही तक जारी रहने वाला संघर्ष तेल की वास्तविक कीमतों को ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर पर पहुंचा सकता है. हालांकि, ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 60 फीसदी की ज्‍यादा आशावादी संभावना जताई है, जिसके तहत इस महीने के अंत तक संघर्ष में कमी आ सकती है।  यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ब्रेंट क्रूड की कीमतों में सालों में सबसे मजबूत मंथली उछाल देखी गई है, जिसका मुख्‍य कारण अमेर‍िका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव हैं. ईरान द्वारा स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग बंद कर देने से आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है और एक गहरे एनर्जी संकट की आशंका बढ़ गई है।  तेल क्षेत्रों में संकट बढ़ी  एक महीने से चल रहे इस वॉर ने प्रमुख तेल उत्‍पादक क्षेत्रों में हलचल तेज कर दी है. एशिया को तेल की आपूर्ति करने वाले एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍से को कंट्रोल करने वाले स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के कंट्रोल ने एनर्जी मार्केट में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है. ब्रोकरेज ने अपनी नोट में कहा कि अगर यह रास्‍ता लंबे समय तक बंद रहता है तो कीमतों में इतनी तेजी होनी चाहिए कि ग्‍लोबल तेल डिमांड में भारी गिरावट आ आ जाए. हालांकि यह रास्‍ता खुलने का संकेत मिला है।  ब्रेंट के दाम फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार  27 मार्च को दो चीनी जहाजों को होर्मुज से गुजरने से रोके जाने के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे यह संकेत मिला कि ईरान इस खास समुद्री मार्ग से आने-जाने पर प्रतिबंध लगाना जारी रखे हुए है. मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 2.82% बढ़कर 111.06 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर 2.68% बढ़कर 97.01 डॉलर हो गया।  समुद्री यातायात पर नज़र रखने वाली कंपनी मरीनट्रैफिक के अनुसार, चाइना ओशन शिपिंग कंपनी के मालिकाना हक वाले जहाजों को वापस भेज दिया गया. वॉर शुरू होने के बाद से किसी बड़े कंटेनर वाहक द्वारा इस मार्ग को पार करने का यह पहला प्रयास था. क्षमता के हिसाब से COSCO दुनिया की चौथी सबसे बड़ी शिपिंग लाइन है।  ट्रंप का बड़ा ऐलान  वहीं डोनाल्‍ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज फिर से खोलने के लिए 10 दिन का समय देने का फैसला किया है. साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा है कि वे 10 दिनों तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर हमला नहीं करेंगे. सोशल मीडिया पोस्‍ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान से बातचीत अभी अच्‍छी चल रही है. इस कदम के तहत, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह 6 अप्रैल तक ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोक देंगे। 

BYD की सबसे छोटी कार: 4.9 सेकंड में तेज़ी, 380Km की रेंज के साथ

 नई दिल्ली BYD ने अपनी सबसे छोटी कार को लॉन्च कर दिया है. हम बात कर रहे हैं बीवाईडी एटो 1 (BYD Atto 1) की, जिसे कंपनी ने बैंकॉक मोटर शो के दौरान थाईलैंड में लॉन्च किया है. वैसे तो ये कार ग्लोबल मार्केट में पहले से मौजूद थी. कुछ मार्केट में कंपनी इसे सीगल (Seagull) या डॉल्फिन सर्फ के नाम से बेचती है।   ये कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है, जिसका फोकस शहरों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक साधन ऑफर करता है. कंपनी ने इसे चार कलर ऑप्शन- शेल वॉइट, क्वांटम ब्लैक, पॉप ग्रीन और वेलोसिटी ब्लू में लॉन्च किया है. आइए जानते हैं इस कार की कीमतें और दूसरी खास बातें.  कितनी है कीमत?  कंपनी ने इस कार को थाईलैंड में लॉन्च किया है. जहां इसकी कीमत 4,29,900 बात (थाईलैंड की करेंसी) से शुरू होती है. भारतीय रुपयों में ये कीमत लगभग 12.32 लाख रुपये हो जाती है. वहीं टॉप वेरिएंट की कीमत 4,59,900 बात (लगभग 13.18 लाख रुपये) है।  कार चार एक्सटीरियर कलर में उपलब्ध है. इसमें ब्लैक और ग्रे कलर का इंटीरियर मिलता है. ग्लोबल लाइनअप में ये कार बीवाईडी डॉल्फिन से नीचे है और ब्रांड की थाईलैंड में सबसे छोटी कार है. इसकी लंबाई 3925 एमएम, चौड़ाई 1720 एमएम और ऊंचाई 1590 एमएम है. इसका व्हीलबेस 2500 एमएम का है।  थाईलैंड में कंपनी ने इस कार को दो वेरिएंट- डायनैमिक और प्रीमियम में लॉन्च किया है. कार में एलईडी हेडलैम्प्स, एलईडी डीआरएलएस और टेल लैम्प्स दिए गए हैं. साथ ही कार में स्पोर्टी रियर स्पॉयलर, फ्लोटिंग रूफ डिजाइन, रेन सेंसिंग वाइपर और 15-इंच के एलॉय व्हील्स हैं।  इंटीरियर की बात करें, तो इसमें 7-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंटल क्ल्सटर और 10.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है. ये सिस्टम एंड्रॉयड ऑटो और ऐपल कारप्ले के साथ आता है. कार में ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, लेदर सीट्स, रियर व्यू कैमरा और कई दूसरे फीचर्स मिलते हैं।  बीवाईडी एटो 1 को शहरों के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है. इसमें फ्रंट माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 74 एचपी की पावर और 135 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. ये कार 4.9 सेकंड में 0 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है. इसमें तीन ड्राइविंग मोड्स- ईको, नॉर्मल और स्पोर्ट मिलते हैं।  कार में 30.08kWh की बैटरी दी गई है, जो 300 किलोमीटर की रेंज ऑफर करती है. इसमें 6.6kW की एसी चार्जिंग और 30kW तक की फास्ट डीसी चार्जिंग मिलती है. इसके प्रीमियम वेरिएंट में 38.88kWh की बैटरी दी गई है, जो 380 किलोमीटर की रेंज ऑफर करती है। 

Royal Enfield ने पेश की दमदार Guerrilla 450 बाइक, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड ने अपनी गुरिल्ला 450 (Guerrilla 450) का अपडेट लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस बाइक दो साल पहले लॉन्च किया था. नए अपडेट के साथ ही ब्रांड ने इसका नया वेरिएंट Guerrilla 450 Apex भी लॉन्च किया है. बाइक में कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं किया गया है।  बाइक के एपेक्स वेरिएंट में हैंडलबार थोड़ा नीचे (56 एमएम) और आगे (57 एमएम) की ओर सेट किया गया है. इसका मतलब है कि बाइक चलाते हुए राइडर पहले के मुकाबले अब आगे की ओर ज्यादा झुका होगा. बाइक में नए टायर्स जोड़े गए हैं. बाइक का सीधा मुकाबला ट्रायम्फ स्पीड 400 से है. आइए जानते हैं इस बारे में क्या कुछ नया और अब इसकी कीमत कितनी है।  इंजन और परफॉर्मेंस  बाइक में वहीं पुराना 452 सीसी का लिक्विड कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 40 पीएस की पावर और 40 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. इसमें 6 स्पीड गियरबॉक्स मिलता है, जो स्लिप एंड असिस्ट क्लच के साथ आता है. बाइक में कोई ज्यादा बदलाव नहीं किए गए हैं।  इसमें 43 एमएम का टेलीस्कोपिक फ्रंट सस्पेंशन और लिंकेज टाइप मोनोशॉक रियर सस्पेंशन मिलता है. बाइक में फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक और डुअल चैनल एबीएस का फीचर दिया गया है. इसमें 4 इंच का टीएफटी डिस्प्ले दिया गया है, जो गूगल मैप्स के जरिए नेविगेशन में मदद करेगा।  इसके अलावा फोन कनेक्टिविटी, यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग और दो राइडिंग मोड्स मिलते हैं. बाइक का कर्ब वेट 185 किलोग्राम है. इसमें 11 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है, जो छोटा है. कंपनी अगर एक बड़ा फ्यूल टैंक देती तो ज्यादा बेहतर होता।  कितनी है कीमत?  Royal Enfield Guerrilla 450 की कीमत 2,49,194 रुपये एक्स शोरूम से शुरू होती है. वहीं टॉप वेरिएंट की कीमत 2,72,479 रुपये एक्स शोरूम है. इसे आप कई कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं. एपेक्स वेरिएंट रेड, ब्लैक और ग्रीन कलर में आता है।  वेरिएंट्स की कीमत एपेक्स रेड     ₹ 2,49,194 एपेक्स ब्लैक     ₹ 2,56,387 एपेक्स ग्रीन     ₹ 2,56,387 डैश वेरिएंट ट्विलाइट ब्लू     ₹ 2,49,194 शैडो ऐश     ₹ 2,67,116 स्मोक सिल्वर     ₹ 2,67,116 पेइक्स ब्रॉन्ज     ₹ 2,67,116 वहीं डैश वेरिएंट को ट्विलाइट ब्लू, शैडो ऐश, स्मोक सिल्वर और ब्रॉन्ज में खरीद सकते हैं. बाइक का टॉप वेरिएंट फ्लैश सिर्फ एक कलर ब्रावा ब्लू में आता है। 

9 लाख करोड़ का नुकसान, आज फिर शेयर बाजार क्रैश, सेंसेक्स में 1700 अंक की गिरावट

मुंबई  दो दिनों की तेजी के बाद, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. लॉर्जकैप से लेकर मिड और स्‍मॉलकैप स्‍टॉक में हैवी फाल रहा. बीएसई SENSEX में 1690 अंक या 2.25% की गिरावट आई और यह 73,583 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी में 486 अंक या 2.09 फीसदी की गिरावट रही, जो 22,819 पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक 1433 अंक गिरकर 52,274 पर क्‍लोज हुआ।  शेयर बाजार में यह बड़ी गिरावट ईरान और अमेरिका के बीच स्थिति सामान्‍य नहीं होने के कारण आई है. हालांकि ट्रंप ने ईरान के तेल ठिकानों पर 10 दिनों तक कोई हमला नहीं करने का ऐलान किया है और होर्मुज को खोलने की डेडलाइन बढ़ाकर 6 अप्रैल तक कर दी है. फिर भी बाजार में गिरावट देखने को मिली है।  बीएसई टॉप 30 शेयरों में एयरटेल, टीसीएस और पावरग्रिड को छोड़कर बाकी 27 शेयर तेजी से टूटे हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट रिलायंस इंडस्‍ट्री के शेयरों में हुई है, जो 4.60 फीसदी गिरकर 1347 रुपये पर आ चुका है. इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एसबीआई जैसे शेयरों में 4 फीसदी की गिरावट रही है. बाकी शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा गिरे हैं।  निवेशकों को तगड़ा नुकसान बुधवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 431 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 422 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. इस हिसाब से देखा जाए तो निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं।  क्‍यों आई शेयर बाजार में भारी गिरावट     प्रॉफिट बुकिंग: पिछले दो सत्रों में शेयरों में 3.5% की तेजी के बाद 27 मार्च को मुनाफावसूली देखने को मिली. आईटी को छोड़कर सभी सेक्‍टर बुरी तरह प्रभावित हुए. स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में 1.7% की गिरावट आई. बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के शेयरों में 1-3% की गिरावट दर्ज की गई. सबसे ज्‍यादा गिरावट में योगदान Reliance ने दिया, जो 4.60 फीसदी तक टूट गया।      जियो-पॉलिटिकल तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत होते हुए दिखाई नहीं दे रही है. हालांकि ट्रंप ने 6 अप्रैल तक डेडलाइन बढ़ा दी है और कहा है कि वे 10 दिनों तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर हमला नहीं करेंगे. इसके बावजूद, शेयर बाजार इसके निगेटिव ले रहा है. इसी कारण ग्‍लोबल मार्केट में भी भारी गिरावट देखने को मिली है।      कच्‍चे तेल का भाव: शुक्रवार को कच्‍चे तेल के भाव में तेजी देखी जा रही है. भारतीय शेयर बाजार बंद होने तक कच्‍चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया, जिस कारण शेयर बाजार में गिरावट और भी हावी हो गई।      ऑल टाइम लो पर रुपया: शुक्रवार को भारतीय रुपया 94 प्रति डॉलर के पार चला गया. यह रुपया का सबसे निचला स्‍तर है, क्‍योंकि इस बात की चिंता थी कि मिडिल ईस्‍ट वॉर के कारण पैदा एनर्जी आपूर्ति संकट लंबा खिंचेगा, जिससे एनर्जी आयात करने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर दबाव और गहरा जाएगा।      VIX में बड़ी उछाल: बाजार की अस्थिरता का सूचकांक इंडिया VIX करीब 9% बढ़कर 28 पर पहुंच गया, जो दर्शाता है कि बाजार को निकट भविष्य में बिकवाली के दबाव की उम्मीद है।   

रामनवमी पर सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा झटका

इंदौर  आज रावनवमी के मौके पर सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी तो अचानक 15000 रुपये टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते दबाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में राम नवमी के दिन यह बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 26 मार्च को शेयर बाजार बंद रहा, लेकिन कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोना और चांदी के दाम में भारी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शाम के वक्त ट्रेडिंग शुरु होते ही कीमतें तेजी से टूट गईं, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। पीली धातु 3 हजार से ज्यादा टूटी एमसीएक्स (MCX) पर शाम करीब 7 बजे सोना 3000 रुपये से ज्यादा गिरकर करीब 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह गिरावट तो  बुधवार के बंद भाव के मुकाबले 2 फीसदी से ज्यादा रही। चांदी में तो 15 हजार की भारी भरकम गिरावट कीमती धातु सोने के साथ ही चांदी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।  मई वायदा वाली चांदी करीब 15,000 रुपये टूटकर 2.20 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे आ गई। यह गिरावट करीब  6% दर्ज की गई। सोना और चांदी फिर क्यों हुए धड़ाम? दरअसल अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध से  तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच, ईरान ने समुद्री रास्तों को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ सकता है। तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल की कीमत बढ़ने से डॉलर मजबूत हुआ है, जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है और वो काफी गिर गए। वहीं जनवरी के मुकाबले देखें, तो सोना अपने रिकॉर्ड हाई 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से करीब 53,000 रुपये सस्ता हो चुका है जबकि चांदी भी 4.20 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से गिरकर करीब 2.20 लाख रुपये पर आ गई है।

सेंसेक्स में 1009 अंकों की गिरावट, युद्ध और कमजोर रुपया प्रमुख कारण—गिरावट की 5 वजहें

मुंबई   शेयर बाजार में आज शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक शुरुआती कारोबार के दौरान लुढ़क गए। सेंसेक्स 1009 अंक की गिरावट के बाद 74624.78 अंक के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद 23,000.85 स्तर तक लुढ़क गया था। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट की वजह से निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये आज डूब गए हैं। इस गिरावट की वजह एशिआई बाजारों की कमजोर स्थिति, रुपया का नए रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने को माना जा रहा है। आइए जानते हैं 5 बड़ी वजहें — 1-मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ईरान के साथ जारी सत्ता संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से अनिश्चितता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर अटैक ना करने की बात कही है। एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर तनाव कम नहीं तब की स्थिति में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकती है। इसका बुरा असर शेयर बाजारों पर दिख सकता है। 2-वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति एशिया के कई धाकड़ शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को को मिली है। कोरिया Kospi और जापान Nikkei में आज 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है। S&P 500 और Nasdaq में भी दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 3- रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर है युद्ध शुरू होने के बाद से ही रुपया की स्थिति ठीक नहीं है। आज रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। 1 डॉलर की कीमत 94.1575 के स्तर पर आ गया। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड लो लेवल 93.98 था। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से रुपया 3.5 प्रतिशत लुढ़क चुका है। 4- कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल ने बढ़ाई टेंशन सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। आज ब्रेंट क्रू़ड ऑयल का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। 5- FPI की निकासी घरेलू शेयर बाजारों से एफपीआई की निकासी जारी है। एफपीआई ने 123688 रुपये की निकासी की है। यह आंकड़ा 25 मार्च तक का है। (यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)