samacharsecretary.com

कांग्रेस में हलचल: बीड़ी-बिहार मामले पर केरल इकाई के सोशल मीडिया प्रमुख का इस्तीफा

नई दिल्ली मोदी सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में बदलाव करने के बाद कांग्रेस की केरल इकाई के सोशल मीडिया अकाउंट से बीड़ी और बिहार को जोड़ने वाला पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट पर खूब बवाल मचा था। विपक्षी दलों ने इसके लिए कांग्रेस की जमकर आलोचना की थी। विवाद के बाद अब केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया हेड वीटी बलराम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वीटी बलराम केरल की थ्रीथला विधानसभा सीट से दो बार के विधायक रहे हैं। पहले केरल प्रदेस कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया का जिम्मा डॉ. पी. सरीन के संभाल रहे थे। लेकिन उनके सीपीआई(एम) में शामिल होने के बाद बलराम को यह जिम्मेदारी मिली थी।   केरल कांग्रेस ने किया था पोस्ट जीएसटी काउंसिल की तरफ से बीड़ी पर लगने वाले 28 फीसदी टैक्स को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया था। जबकि इसके उलट सिगरेट पर टैक्स बढ़ाया गया था। इस बढ़े हुए टैक्स को सिन टैक्स (पाप के लिए टैक्स) नाम दिया गया। इसी विषय पर केरल कांग्रेस के एक्स हैंडल से एक पोस्ट किया गया था। पोस्ट में लिखा था कि बीड़ी और बिहार दोनों बी से शुरू होते हैं। अब इसे पाप नहीं माना जा सकता। लेकिन विवाद के बाद पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। एनडीए के नेताओं ने इसे लेकर कांग्रेस पर बिहार का अपमान करने का आरोप लगाया। यहां तक कि कांग्रेस के सहयोगी दल राजद ने भी खुद को इससे अलग कर लिया। आक्रोश देख केपीसीसी ने माफी मांगी। नई पोस्ट में कहा गया कि हमारे तंज को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और अगर किसी को ठेस पहुंची है तो हम क्षमा चाहते हैं। माफी के बाद अब केपीसीसी के सोशल मीडिया हेड का इस्तीफा भी हो गया है। बता दें कि बीड़ी पर 18 फीसदी और बीड़ी बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेंदू के पत्तों पर 5 फीसदी टैक्स लगाया गया है। बीड़ी उत्पादन में बिहार का अहम योगदान है और इस उद्योग से लगभग 70 लाख लोग जुड़े हुए हैं।  

ट्रंप के बयान ने कांग्रेस को भड़का दिया, कहा- ‘हम झुकेंगे नहीं

नई दिल्ली  भारत के खिलाफ खूब बयानबाजी करने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर नरम नजर आ रहे हैं। शनिवार को उन्होंने भारत के साथ रिश्ते को बेहद अहम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके हमेशा ही दोस्त रहेंगे, इसमें कोई चिंता की बात नहीं है। ट्रंप के बयान के बाद प्रधानमंत्री ने भी सराहना करते हुए कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति की भावनाओं का पूर्ण समर्थन करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक एवं वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है। वहीं इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ऐसा लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। कांग्रेस ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा, डोनाल्ड ट्रंप और नावारो जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वह केवल टैरिफ तक सीमित नहीं है बल्कि हमारे आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ है। हमने ब्रिटिशर्स का भी सामना किया और उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया। भारत एक रोटी खाएगा लेकिन कभी घुटने नहीं टेकेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की एससीओ सम्मेलन वाली तस्वीर शेयर करते हुए बयान दिया था। बता दें कि चीन के तियानजिन में हुए एससीओ सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे। इस बैठक में भारत-रूस और चीन की तिकड़ी दिखाई दी थी। भारत और चीन ने मिलकर संबंधों को सुधारने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई थी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को संदेश भी दे दिया था कि वह किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं। वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए भी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत रूस से तेल आयात करके बहुत गलत कर रहा है और इसीलिए उसपर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत जिस तरीके से रूस के साथ व्यापार कर रहा है, उससे हमें काफी निराशा है। इसीलिए भारत पर इतना ज्यादा टैरिफ लगाया गया है। लेकिन हमारे संबंध भारत के साथ बहुत अच्छे थे। खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ। कुछ महीने पहले ही रोज गार्डन गए थे और प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।  

उदयनिधि से अपील: अन्नाद्रमुक गुटबाजी में उलझा, पलानीस्वामी ने किया चेतावनी भरा बयान

चेन्नई तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन की आलोचना करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी को गुटबाजी से ग्रस्त अपनी पार्टी को बचाने की सलाह दी। उदयनिधि ने विपक्षी दल अन्नाद्रमुक में आई दरार का जिक्र करते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक में उभरा यह एक नया समूह है। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता के ए सेंगोट्टैयन ने पांच सितंबर को पलानीस्वामी से पार्टी छोड़ने वाले सभी लोगों को दोबारा दल में शामिल करने का आग्रह किया था। उदयनिधि ने शुक्रवार शाम पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “जब अन्नाद्रमुक के दो गुटों के सदस्य मिलते हैं, तो वे केवल यह पूछते हैं कि कौन किस गुट से है जैसे ईपीएस (एडप्पादी के. पलानीस्वामी), ओपीएस (ओ. पन्नीरसेल्वम), टी.टी.वी (टीटीवी दिनाकरन), शशिकला (अपदस्थ अंतरिम महासचिव), सेल्लूर राजू या नया उभरा सेंगोट्टैयन समूह।” अन्नाद्रमुक में गुटबाजी की खबरों के बीच पलानीस्वामी हालांकि यह दावा करते रहे कि द्रमुक अपने सहयोगियों को निगल जाएगी। उदयनिधि ने कहा, “उन्हें (पलानीस्वामी को) द्रमुक की आलोचना करने के बजाय पहले अपनी पार्टी के संकट को सुलझाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “अन्नाद्रमुक और भाजपा दोनों की विचारधारा एक ही है, खासकर ‘आत्मघाती’ होने और ‘एक-दूसरे को निगलने’ के मामले में।” द्रमुक युवा शाखा के सचिव उदयनिधि ने कहा, “पलानीस्वामी को सिद्धांतों पर आधारित हमारे गठबंधन के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है। यह विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि तमिलनाडु में अगर अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन सत्ता में आया तो ये त्रिभाषा फार्मूले के माध्यम से हिंदी लागू करने, निर्वाचन क्षेत्रों का पुनः परिसीमन करने, नई शिक्षा नीति को लागू करने और राज्य के वित्तीय अधिकारों को त्यागने का मार्ग प्रशस्त करेगा। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीट हैं।  

सांसद महुआ मोइत्रा पर फिर घिरा विवाद, अब सीएम ममता करेंगी पूछताछ

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा का विवाद पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। मोइत्रा एक बार फिर विवादों में घिरती दिख रही हैं। उनकी एक कथित विवादित टिप्पणी को लेकर अखिल भारतीय मतुआ महासंघ ने नाराज़गी जताई है। महासंघ की ओर से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर मामले में दखल देकर कार्रवाई की मांग की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम ममता बनर्जी उनकी क्लास ले सकतीं हैं। दरअसल, 31 अगस्त को नदिया ज़िले में एक सभा को संबोधित करते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा था कि ‘साल भर तृणमूली और चुनाव के समय सनातनी बनने का खेल क्यों? हर एससी बूथ पर जहां एक सामान्य जाति की महिला को 1000 रुपये मिलते हैं, वहां एससी महिला को 1200 रुपये मिलते हैं। फिर भी एससी, नामशूद्र, मतुआ बूथों पर बीजेपी को 100 में से 85 वोट मिलते हैं। काम के वक्त ममता, सड़क के वक्त ममता, और जब लाभ लेने की बात आती है तो कंठमाला पहन कर सब आ जाते हैं। सच्चाई हमेशा कड़वी होती है।  रिपोर्ट के मुताबिक, महासंघ की ओर से 3 सितंबर को भेजे गए इस पत्र में महासचिव सुकैश चंद्र चौधरी ने लिखा है कि महुआ मोइत्रा की टिप्पणी से मतुआ समुदाय आहत और क्रोधित है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह ‘एक अभिभावक की तरह कदम उठाकर समुदाय का दर्द कम करें। हालांकि पत्र के लेटरहेड पर महासंघ की अध्यक्ष और तृणमूल की राज्यसभा सांसद ममता बाला ठाकुर का नाम है, लेकिन उस पर हस्ताक्षर महासचिव चौधरी के हैं।  ममता बाला ठाकुर ने इस मुद्दे पर कहा, ‘यह उनकी (महुआ की) व्यक्तिगत राय है। यह धार्मिक मुद्दा है, इसमें मैं बतौर सांसद क्यों बोलूं? संगठन ने निर्णय लिया है। जो कुछ कहा गया वह अपमानजनक है, और मैं इस पर ज़्यादा शब्द बर्बाद नहीं करना चाहती।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या वह महुआ मोइत्रा से इस विषय पर बात करेंगी तो उन्होंने पलटकर कहा, ‘क्यों करूं?’ मोइत्रा की इस टिप्पणी पर भाजपा ने भी कड़ा रुख अपनाया है।  पार्टी नेता दिपंकर सरकार ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा, उन्होंने एससी/एसटी महिलाओं और मतुआ समुदाय का अपमान किया है। न केवल आस्था पर टिप्पणी की, बल्कि महिलाओं का भी अपमान किया। अब उन्हें अदालत में पेश होकर सफाई देनी होगी। इधर, केंद्रीय मंत्री और मतुआ नेता शांतनु ठाकुर, जो ममता बाला ठाकुर के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं, के लिए यह विवाद अपने घरेलू मतभेदों से राहत का मौका बन सकता है। शांतनु का अपने बड़े भाई और विधायक सुब्रत ठाकुर तथा मां छबी रानी ठाकुर के साथ धार्मिक प्रमाणपत्रों के मुद्दे पर टकराव जारी है।  

बीड़ी विवाद पर भड़के रविशंकर प्रसाद, तेजस्वी यादव की पोल खोलने की तैयारी

नई दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने केरल कांग्रेस के विवादित ट्वीट 'बी फॉर बीड़ी, बी फॉर बिहार' पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसे बिहार विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनाकर राजद नेता तेजस्वी यादव को एक्सपोज करेंगे, क्योंकि बिहार को अपमानित करने का काम कांग्रेस की ओर से किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना पर तेजस्वी यादव की चुप्पी को बिहार की जनता देख रही है और उन्हें करारा जवाब मिलेगा।   मीडिया से बातचीत के दौरान प्रसाद ने इसे बिहार और यहां की जनता की अस्मिता पर हमला बताया। उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पोस्ट बिहार के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का अपमान है। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की चुप्पी पर निशाना साधा, खासकर तेजस्वी से इस बयान की निंदा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस अपमान का जवाब आगामी विधानसभा चुनाव में वोट के जरिए देगी। भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भाषा की मर्यादा तोड़ी, अब बिहार को बीड़ी से जोड़कर उसकी अस्मिता को ठेस पहुंचाई। उन्होंने इसे कांग्रेस की नीच मानसिकता का सबूत बताया और इंडी गठबंधन की चुप्पी को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार, जो चाणक्य, भगवान बुद्ध, और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की धरती है, इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा। भाजपा नेता संजय मयूख ने भी इस मामले पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वोटर अधिकार यात्रा के फ्लॉप होने से हताश हैं, जिसके चलते वे और उनकी बहन प्रियंका गांधी 'बम' जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस केरल के पोस्ट को बिहार और यहां के लोगों का अपमान बताया, जो चाणक्य, बुद्ध और स्वतंत्रता संग्राम की भूमि है। उन्होंने पीएम मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को जंगलराज से बाहर निकालने का जिक्र करते हुए कांग्रेस से तत्काल माफी की मांग की। तेजस्वी यादव और वामपंथी दलों की चुप्पी की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक करार दिया। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस अपमान का जवाब आगामी विधानसभा चुनाव में देगी और कांग्रेस व राजद को करारा सबक सिखाएगी।

सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा– हमेशा हिंदू विरोधी रवैया अपनाती है

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आदिवासियों से जुड़े एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इससे भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस पर हमला बोलने का एक बार फिर मौका मिल गया है। दरअसल अमंग सिंघार ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था आदिवासी हिंदू नहीं हैं। उन्होंने गुरुवार को आदिवासीबहुल जिले छिंदवाड़ा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, गर्व से कहो हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं। मैं इस बात को हमेशा कहता हूं। वो शबरी थीं, जिन्होंने राम को बेर खिलाए थे, वो भी आदिवासी थीं। जो आदिकाल से वास कर रहे हैं, वो आदिवासी हैं। उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत कई नेताओं ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है। सीएम मोहन यादव ने कहा, दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस हमेशा हिंदू और हिंदुत्व के विरोध में काम करती है। राहुल गांधी ने हिंदू के बारे में जो बात कही, वह अत्यंत बचकानापन था। अब कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कह रहे हैं कि आदिवासियों में हिंदुत्व नहीं है। उन्हें शर्म आनी चाहिए। हिंदुत्व पर प्रश्न उठाएंगे तो जनता माफ नहीं करेगी। कांग्रेस के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। वहीं केंद्रीय मंत्री डीडी उइके ने सिंघार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने जनजातीय समुदाय को अपमानित किया है। जनजातीय समुदाय मूलत: महादेव के वंशज हैं। लगभग सभी ज्योतिर्लिंग भी जनजातीय क्षेत्र में ही हैं। सभी गोंड राजाओं के किलों में भी महादेव विराजमान हैं। आदिवासी राजा महादेव के उपासक थे। भारतीय जनता पार्टी के सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा कि वे श्री सिंघार की इस बात को खारिज करते हैं। भारत के संविधान में आदिवासी समाज को हिंदू समाज का अभिन्न अंग माना गया है। 1951 की जनगणना में इसी परिधि में आदिवासी समुदाय को गिना गया है।

उत्तराखंड : कांग्रेस की मीटिंग में हंगामा, आपसी भिड़ंत में नेताओं के बीच हाथापाई

देहरादून  उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आई है. कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित बैठक में उस वक्त अफरातफरी का माहौल बन गया जब दो गुट आपस में भिड़ गए. मामला इतना बढ़ा कि बैठक मारपीट में बदल गई और पूरा घटनाक्रम मीडिया के कैमरों में कैद हो गया. आपस में भिड़े दो गुट रुद्रपुर के सिटी क्लब में हुई इस बैठक में एआईसीसी ऑब्जर्वर डॉक्टर नरेश कुमार और कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा मौजूद थे. बैठक के बीच ही कांग्रेसियों के दो गुटों में गाली-गलौज शुरू हो गई. हालांकि ऑब्जर्वर के हस्तक्षेप के बाद मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ और बैठक समाप्त कर दी गई.  कांग्रेस नेता के कपड़े फटे जैसे ही बैठक खत्म हुई, सिटी क्लब का माहौल एकदम बदल गया और दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई. झगड़े के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र मिश्रा पर हमला किया गया और उनके कपड़े तक फट गए.  इस घटना के बाद एक पक्ष सीधे पुलिस चौकी पहुंचा और मामले में कार्रवाई की मांग की. रुद्रपुर की यह बैठक कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी का एक और बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है.

देवेंद्र फडणवीस पर टिक सकती है बीजेपी की नजर, चुनाव के बाद तय होगा नया चीफ

नईदिल्ली  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के बाद भारतीय जनता पार्टी की कमान कौन संभालेगा, इसे लेकर फैसला अब तक नहीं हो सका है। भाजपा में अब तक उम्मीदवारों के नाम पर मंथन जारी है। अब कहा जा रहा है कि संभावित उम्मीदवारों की रेस में एक मुख्यमंत्री और एक और केंद्रीय मंत्री की भी एंट्री हो गई है। हालांकि, भाजपा ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। लंबे समय से कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत कई नेताओं के नामों की भी चर्चा है।  रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला के नाम पर विचार कर सकती है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फडणवीस को संकेत दे दिए गए हैं कि उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सीएम पद छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया, 'संदेश दे दिया गया है, लेकिन अब तक उनकी भविष्य की भूमिका पर चर्चा नहीं हुई है। संभावनाएं हैं कि भाजपा अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। वह युवा हैं और उनके पास आरएसएस का समर्थन है। साथ ही उन्हें पार्टी नेतृत्व का विश्वास भी हासिल है।' इसे लेकर फडणवीस ने कोई टिप्पणी नहीं की है। इधर, कहा जाता है कि रूपाला को भी संघ का समर्थन हासिल है। साथ ही उन्हें पीएम मोदी का भी करीबी माना जाता है। इनके अलावा राजनीतिक गलियारों में प्रधान के नाम पर भी अटकलें तेज हैं। कब होंगे चुनाव भाजपा अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पार्टी ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन कयास लगाए जा रहे थे कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा इसपर फैसला ले सकती है। इसके अलावा खबरें थीं कि बीजेपी ने संभावित उम्मीदवारों की सूची भी तैयार कर ली है, जिसपर उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के बाद विचार किया जाएगा। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव होना है।

मायावती का बड़ा ऐलान: बिहार विधानसभा चुनाव में बसपा खड़े करेगी सभी सीटें

मोतिहारी बहुजन समाज पार्टी, बिहार के प्रदेश प्रभारी अनिल पटेल ने गुरुवार को कहा कि बसपा सूबे के सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वो स्थानीय परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बोल रहे थे। उन्होंने सभी गठबंधनों पर जमकर हमला बोला। उन्हें ठगबंधन करार देते हुए कहा कि ये दल जनता को गुमराह कर रहे हैं। पटेल ने कहा कि मुख्य मुद्दे रोजी-रोटी, कपड़ा और मकान से ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, हालिया बंद में बीजेपी फ्लाप रही। कुछ असामाजिक तत्वों ने सड़क पर लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन जनता उनके साथ नहीं है। बिहार में बेरोजगारी व गरीबी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भी लोग झोपड़ियों में रहते हैं। बिहार का युवा नौकरी के लिए भटक रहा है, लेकिन न पीएम इस पर बोलते हैं, न 20 साल से सत्ता में बैठे लोग। मोतिहारी की चीनी मिल और उद्योगों की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मोतिहारी ने नेताओं को सिर-माथे बिठाया, लेकिन बदले में कुछ नहीं मिला। एकला चलो की नीति पर बीएसपी उन्होंने बीएसपी की रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा, हम एकला चलो की नीति पर चलेंगे। हमारा गठबंधन जनता के साथ होगा। उन्होंने एलान किया कि 10 सितंबर से राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के नेतृत्व में सर्वजन हिताय जागरूक यात्रा शुरू होगी। पार्टी अगर बहुमत में आती है तो मुख्यमंत्री का फैसला बहनजी (मायावती) करेंगी। जोर देकर उन्होंने कहा कि बीएसपी बाबासाहेब आंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और बिहार की जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी, जो रोजगार और बुनियादी सुविधाएं देने में नाकाम रही है। इस मौके पर बीएसपी के बिहार प्रभारी उमाशंकर गौतम, हाजीपुर जिलाध्यक्ष बालेंद्र दास, स्थानीय जिलाध्यक्ष मथुरा राम, विवेक कुमार आदि उपस्थित थे।

बीजेपी गठबंधन टूटा: 2026 से पहले राजनीतिक हलचल तेज

तमिलनाडु  तमिलनाडु की राजनीति में आगामी 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से दो प्रमुख सहयोगियों ने किनारा कर लिया है।    टी.टी.वी. दिनाकरन की पार्टी ने तोड़ा एनडीए से नाता अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन ने आधिकारिक रूप से एलान किया कि उनकी पार्टी अब एनडीए का हिस्सा नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। दिनाकरन ने साफ किया कि 2024 लोकसभा चुनावों में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन किया था, लेकिन आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के लिए वह नया गठबंधन बनाने या अकेले चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं, जिसका एलान दिसंबर 2025 में किया जाएगा। NDA से अलग हुए ओ. पन्नीरसेल्वम भी दिनाकरन के अलावा तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) ने भी भाजपा गठबंधन से दूरी बना ली है। चेन्नई के अलवरपेट में आयोजित अपने समर्थकों की बैठक में उन्होंने एनडीए से अलग होने का ऐलान किया और साफ किया कि वर्तमान में उनका समूह किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन में नहीं है। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि पन्नीरसेल्वम जल्द ही राज्यव्यापी दौरे पर निकलेंगे, ताकि अपने राजनीतिक एजेंडे को जनता के सामने रख सकें। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में बदलाव तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले प्रदेश की राजनीति में गठबंधनों का पुनर्गठन जोरों पर है। वर्तमान में राज्य की सत्ता द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के पास है और मुख्य विपक्ष में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और भाजपा का गठबंधन है। हालांकि अब AMMK और OPS के एनडीए से हटने के बाद भाजपा के लिए दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।   लोकसभा और विधानसभा में AMMK की स्थिति टी.टी.वी. दिनाकरन की पार्टी AMMK का फिलहाल लोकसभा या विधानसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। दिनाकरन स्वयं कभी AIADMK के प्रभावशाली नेता रहे हैं और संसद (लोकसभा व राज्यसभा) के सदस्य भी रह चुके हैं। 2018 में AIADMK से निष्कासित होने के बाद उन्होंने AMMK की स्थापना की थी। हालांकि फिलहाल उनकी पार्टी की कोई संसदीय ताकत नहीं है, लेकिन तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में उनका प्रभाव अब भी बना हुआ है, खासकर रामनाथपुरम और मदुरै जैसे इलाकों में।