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केंद्रीय सम्मेलन में झारखंड की मांग: कैंसर दवाएं सस्ती हों, मेडिकल शिक्षा को मिले बढ़ावा

 रांची  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों का सम्मेलन 29 जून से एक जुलाई तक आयोजित होगा। इस सम्मेलन में झारखंड से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सम्मिलित होंगे। इसमें झारखंड की ओर से कैंसर मरीजों को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने की मांग केंद्र से की जाएगी। साथ ही नए मेडिकल कालेज, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, डिजिटल हेल्थ सिस्टम में भी आर्थिक सहायता की मांग स्वास्थ्य मंत्री करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड़्डा की अध्यक्षता में होनेवाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देशभर में डिजिटल हेल्थ सिस्टम, स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, मेडिकल शिक्षा के विस्तार, स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने तथा आम जनता तक बेहतर, पारदर्शी और हाईटेक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर व्यापक मंथन करना है। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें एवं प्रस्ताव रखेंगे। इरफान अंसारी के अनुसार, झारखंड के सभी जिलों में मेडिकल कालेज की स्थापना एवं दो जिलों में लंबित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध केंद्र से किया जाएगा। डिजिटल हेल्थ सिस्टम को जिला स्तर से लेकर राज्य मुख्यालय तक पूरी तरह लागू करने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग करने का भी केंद्र से अनुरोध किया जाएगा ताकि लोगों को पारदर्शी, त्वरित एवं हाईटेक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। राज्य के सरकारी अस्पतालों में माड्यूलर हाईटेक आपरेशन थिएटर के लिए भी आर्थिक सहायता की मांग की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा विकसित डिजिटल हेल्थ प्लेटफार्म एवं हेल्थ ऐप को झारखंड में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया जाएगा। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों से झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा और नई गति मिलेगी तथा राज्य के लोगों को अत्याधुनिक, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।

यीडा द्वारा विकसित हो रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स में हाथरस बनेगा इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब

ग्रेटर नोएडा/हाथरस  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के एक और जिले व उसके कई गांवों को हाईटेक शहर बनाने की तैयारी चल रही है। यह जल्द ही इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के साथ लाखों रोजगार पैदा करने वाला डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को और तेज करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे के फेज-2 विकास के तहत 'महायोजना/मास्टर प्लान 2041' के अंतर्गत 'हाथरस अर्बन सेंटर' को एक हाई-टेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है।  यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स (अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस) में से हाथरस को विशेष तौर पर एक प्रमुख इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में चुना गया है। 10 हजार एकड़ में बसेगा नया शहर इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए हाथरस और सासनी तहसील के कुल 50 से अधिक गांवों को अधिसूचित किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 4 हजार हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) होगा। इस अत्याधुनिक शहर के नियोजन के लिए कंसल्टेंट कंपनी 'आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड' को नियुक्त किया गया है, जो जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक पर आधारित नक्शे से इसका सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर रही है। अर्बन सेंटर की चार प्रमुख श्रेणियां मास्टर प्लान 2041 के तहत इस अर्बन सेंटर को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहला औद्योगिक जोन, इस विशाल भूभाग का मुख्य ध्यान फैक्ट्रियों और भारी विनिर्माण इकाइयों पर केंद्रित होगा। दूसरा आवासीय क्षेत्र, यहां काम करने वाले लोगों के लिए आधुनिक सोसाइटी, फ्लैट्स और किफायती आवास  विकसित किए जाएंगे। तीसरा कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स हब जो व्यापारिक गतिविधियों के लिए मॉल, कमर्शियल टावर, होटल्स और विशाल वेयरहाउस के लिए विशेष स्थान आरक्षित हैं। चौथा ग्रीन बेल्ट, जहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कुल योजना क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तहत हरित और खुले क्षेत्र के रूप में संरक्षित रहेगा। शानदार कनेक्टिविटी और रणनीतिक लाभ प्रस्तावित हाथरस अर्बन सेंटर की भौगोलिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह नया शहर सीधे नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कैचमेंट एरिया में आता है, जिसके लिए यीडा एक एक्सप्रेस-रोड नेटवर्क विकसित कर रहा है। इसके साथ ही यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे के काफी करीब है और नेशनल हाईवे-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे तथा स्टेट हाईवे-33 से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है। इसे आगरा के एक 'सैटेलाइट टाउन' के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ताजनगरी का औद्योगिक दबाव भी कम होगा। स्थानीय उद्योगों को मिलेगी ग्लोबल पहचान हाथरस में वर्तमान में सक्रिय 10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को इस सेंटर में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाएगा। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओडी) के तहत हाथरस की विश्वप्रसिद्ध हींग और गुलाल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और एक्सपोर्ट हब की सुविधाएं मिलेंगी। वहीं कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को भी फायदा होगा, जिसके तहत ब्रज क्षेत्र की कृषि प्रधानता को देखते हुए यहां बड़े कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी प्लांट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही रेडीमेड गारमेंट्स (होजरी), ग्लास बीड्स (कांच के मोती), पीतल के आभूषण (पायल), मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों के लिए विशेष ब्लॉक बनाए जाएंगे। अगले चरण में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे मेडिकल-सर्जिकल उपकरण और पावर ग्रिड मशीनरी बनाने वाली वैश्विक कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। लाखों की संख्या में रोजगार की संभावनाएं प्राधिकरण के अनुसार इस महायोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए लाखों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

फरीदाबाद को मिलेगी इलेक्ट्रिक बस सेवा: 100 ई-बसों के संचालन की योजना तेज

बल्लभगढ़  शहर के पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जल्द इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा मिलेगी। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) नौ करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-61 में चार्जिंग स्टेशन बना रहा है। इसमें छह करोड़ रुपये डिपो के निर्माण और तीन करोड़ रुपये इलेक्ट्रिकल कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। यह पांच एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। शहर की 22 लाख आबादी है। अंदर आने-जाने के लिए आटो को छोड़ कर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बहुत ही कम है। सिटी बस सेवा शुभगमन सिर्फ 50 बसों का संचालन कर रही हैं। यह बस भी ज्यादातर बल्लभगढ़ से राजमार्ग, बदरपुर बार्डर से मंझावली, मंझावली से बल्लभगढ़, बल्लभगढ़ से चांदपुर, बल्लभगढ़ से बाईपास होते हुए बदरपुर बार्डर पर चल रही हैं। सरकार ने शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की सुविधा देने के लिए योजना को मंजूरी दे दी है। अभी तक बस नहीं आई हैं। एचएसवीपी ने इस योजना को शुरू कर दिया है। सेक्टर-61 बाईपास के पास है और यहां से बसों का संचालन किसी भी रूट के लिए किया जा सकता है। सेक्टर-61 में पांच एकड़ भूमि पर बनने वाले इस डिपो में बसों के लिए पार्किंग, सर्विस स्टेशन, वर्कशाप और स्टाफ सुविधा बनाई जाएंगी। इसका काम जोरों से चल रहा है। एक वर्ष के अंदर इसे पूरी तरह से तैयार कर दिया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर बस अड्डा होगा, जबकि ऊपर की मंजिलों पर कमर्शियल कांप्लेक्स बनाया जाएगा।     – संदीप दहिया, अधीक्षक अभियंता एचएसवीपी फरीदाबाद     एफएमडीए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करेगा। अभी तक एक भी इलेक्ट्रिक बस डिपो को नहीं मिली है। 100 इलेक्ट्रिक बसों आने की उम्मीद है।     -शिखा, महाप्रबंधक हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद  

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय पंचायतें होंगी पुरस्कृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अग्रणी है। सुमन पंचायत का नवाचार और अच्छे परिणाम लाने में सहयोगी होगा क्योंकि जो पंचायतें ग्रामवासियों को विशेष कर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए सक्रिय रहेंगी, उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में भी मातृ वंदना योजना, सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने और बच्चों को खसरा सहित अन्य रोगों से बचाने के लिए जनभागीदारी से बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्चतम मापदंड स्थापित करने का कार्य किया है। कोविड जैसे बड़े संकट से निपटने के लिए उन्होंने प्रबल इच्छाशक्ति का परिचय दिया। आज पूरे देश में मातृ और शिशु दर कम करने और रोगों को जागरूकता से नियंत्रित करने की दिशा में सार्थक कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में अनेक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अच्छे परिणाम दिए हैं। जनकल्याण का यह अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, जनभागीदारी आधारित अभिनव नवाचारी पहल "सुमन पंचायत" योजना का शुभारंभ और स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। साथ ही स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का लोकार्पण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी लघु फिल्में भी दिखाई गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी ने भगवान को नहीं देखा लेकिन चिकित्सक द्वारा अपनेपन के साथ की गई देखरेख और दिया गया उपचार रोगी को स्वस्थ बनाता है। इस नाते चिकित्सक ईश्वर का ही रूप है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया था। मध्यप्रदेश में जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का श्रेष्ठ क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले के कुकरू में रविवार की सुबह राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत तीन बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और प्रशासन अकादमी में हुए विशेष कार्यक्रम में इस तीन दिवसीय विशेष अभियान में प्रतीक स्वरूप पांच बच्चों को दवा ‍पिलाई। अभियान के अंतर्गत 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के कार्य में पूरे देश में अव्वल है। यह नतीजे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों और नागरिकों की सामूहिक भूमिका से प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए सभी अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण अभियान एवं स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। इन जिलों में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तीसरे स्थान पर रहे हैं। स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों में बालाघाट को प्रथम, छिंदवाड़ा को द्वितीय और शाजापुर को तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया। उप-मुख्यमंत्रीराजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए मार्गदर्शन दिया है। हमारे देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के पश्चात् सर्वाधिक ध्यान स्वास्थ्य क्षेत्र पर दिया गया है। नागरिकों को अनेक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं देने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में मध्यप्रदेश आगे है। सिर्फ दो माह की अवधि में आठ लाख से अधिक बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करने में सफलता मिली है। ऐसी ही सफलता स्वस्थ यकृत मिशन के कार्य में प्राप्त हुई है। लगभग डेढ़ करोड़ लोगों की लिवर की जांच एक वर्ष से कम समय में कर ली गई। प्रदेश में करीब ढाई हजार नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोगी चिन्हित किए गए हैं। मातृ और शिशु दर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश सुधार की गति बढ़ाने में सफल हुआ है। रोग की शीघ्र पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है। सुमन पंचायत योजना के माध्यम से प्रत्येक पंचायत को जागरूक कर हेल्थ सेक्टर में अच्छे नतीजे हासिल किए जाएंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्रीनरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सुमन पंचायत अर्थात (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) के साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं। स्वस्थ यकृत का महत्व समझाने के लिए मिशन के अंतर्गत बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है, जिससे ऐसे रोगी सामने आए जो शराब आदि का सेवन नहीं करते लेकिन लिवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाने की समस्या से प्रभावित हैं। दोषपूर्ण जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले इस लक्षण को पहचान कर सुधार की ओर बढ़ने के लिए यह स्क्रीनिंग कार्य उपयोगी सिद्ध होगा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान : 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 से 30 जून तक 5 वर्ष तक आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया। अभियान के सफल संचालन के लिए लगभग 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। आगामी 29 और 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 3800 ट्रांजिट बूथ तथा प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 1400 विशेष मोबाइल टीम को दायित्व दिया गया। ‘सुमन पंचायत’ से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगा बल प्रदेश में प्रारंभ की गई "सुमन पंचायत" (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। ऐसी पंचायतें जिनमें एक वर्ष तक मातृ मृत्यु पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे, उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करेगी। एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण की दिशा में प्रभावी पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। कार्यक्रम में जानकारी दी … Read more

सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिए उपचार के साथ जन-जागरूकता भी जरूरी

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि "धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना" और "प्रधानमंत्री जनमन योजना" जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होaने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकलसेल बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए मरीजों के उपचार के साथ-साथ जन-जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। राज्यपाल  पटेल रविवार ने यह बात खरगोन के झिरन्या में आयोजित सिकलसेल शिविर कार्यक्रम में कहीं।  इस दौरान ब्लड बैंक का शुभारंभ किया तथा दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत कुमारी आस्था को पोलियोरोधी दवाई पिलाई। उन्होंने सिकलसेल प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने क्षय रोगियों को फूड बास्केट भेंट की। राज्यपाल  पटेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को भी सुना। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकलसेल रोग अनुवांशिक रोग है। इसकी जांच गर्भावस्था में भी संभव है। बच्चों के गर्भावस्था के दौरान भी सिकल सेल रोग का उपचार प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि "सिकलसेल मित्र" मरीजों की मदद में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सिकलसेल रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। अब टीबी रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। मरीज यदि 6 माह तक नियमित रूप से दवाई ले, तो टीबी रोग ठीक किया जा सकता है।        राज्यपाल  पटेल ने इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा विकास योजनाओं के प्रदर्शन के लिए लगाए गए स्टाल पर जाकर उपस्थित अधिकारियों से विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल ने प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश तेजी मे विकास और गरीबों के कल्याण के काम तेजी से हो रहे हैं। झिरन्या में 1500 करोड़ रुपए लागत की उदवहन सिंचाई योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी। राज्यपाल  पटेल ने मारूगढ़ निवासी कालू के पीएम आवास में किया भोजन राज्यपाल  पटेल ने रविवार को खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड की ग्राम पंचायत शाहपुर के ग्राम मारूगढ़ निवासी कालू पिता रतन के प्रधानमंत्री आवास में भोजन किया। उन्होंने उपस्थित  ग्रामीणों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विधायक  छाया मोरे, खरगोन के विधायक  बालकृष्ण पाटीदार, महेश्वर के विधायक  राजकुमार मेव, जिला भाजपा अध्यक्ष  नंदा ब्राह्मणे एवं कलेक्टर  भव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक  रवींद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।  

मन की बात’ से मिली प्रेरणा, किसानों ने प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने का किया संकल्प

दुर्ग  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें संस्करण को लेकर रविवार को दुर्ग जिले में खास उत्साह दिखा। भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग ने धनौरा स्थित तुलसी पैलेस में सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किया, जहां सैकड़ों किसानों और कार्यकर्ताओं ने एक साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने किसानों के साथ बैठकर पूरा कार्यक्रम सुना। इस मौके पर जिला महामंत्री दिलीप साहू, किसान मोर्चा जिला प्रभारी विलास सुतार, सह प्रभारी रविंद्र सिंह चौहान और जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत विशेष रूप से मौजूद रहे। धनौरा सरपंच रुलेश्वरी बंजारे, जनपद अध्यक्ष सरस्वती साहू, खम्हरिया सरपंच दुलारी देशलहरे, उतई मंडल अध्यक्ष शीतला ठाकुर और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व किसान मोर्चा के पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। 'जैविक खेती से बदलेगी तकदीर'   प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जैविक खेती को भविष्य की खेती बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि जैविक खेती से न सिर्फ धरती की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और लोगों को जहर-मुक्त अनाज मिलेगा। विधायक ललित चंद्राकर ने कहा, "मन की बात प्रधानमंत्री का देश से सीधा संवाद है। आज पीएम ने जो जैविक खेती का मंत्र दिया है, उसे हम दुर्ग जिले के हर गांव तक पहुंचाएंगे। दुर्ग का किसान अब केमिकल फ्री खेती की मिसाल बनेगा।" जिलाध्यक्ष रोहित राजपूत ने बताया कि किसान मोर्चा आने वाले दिनों में गांव-गांव जैविक खेती कार्यशाला चलाएगा। "पीएम का हर शब्द हमारे लिए आदेश है। पर्यावरण बचाना और किसान की आय बढ़ाना ही हमारा लक्ष्य है।"  कार्यक्रम में विनोद चंद्राकर, राजेंद्र यादव, अजीत चंद्राकर, चंद्रकांत साहू, लुकेश्वर साहू समेत मोर्चा के सभी पदाधिकारियों और सैकड़ों किसानों ने जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया

सपा अध्यक्ष सच में धार्मिक हैं तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलें: सीएम योगी

हाथरस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई और कांवड़ यात्रा तक प्रतिबंधित कर दी, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस, सिकंदराराऊ व सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 548 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। वहीं लाभार्थियों को आवास की चाभी, स्मार्ट फोन, युवा उद्यमी योजना के तहत चेक वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉल के पास एक नन्ही बच्ची को चम्मच से दूध पिलाया, गोद में लेकर दुलार किया।    सीएम योगी ने कहा अखिलेश यादव का बयान पढ़कर आश्चर्य हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे। पहले अपना इतिहास देखिए। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिखाई दे रही है। रामभक्तों के परिश्रम और पुरुषार्थ से अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। ऐसे में अब समाजवादी पार्टी को भी अयोध्या की याद आने लगी है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने थानों और जेलों में होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम तक बंद करा दिए थे। कांवड़ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है, लेकिन यह कार्य समाजवादी सरकार में कभी संभव नहीं था। तब यही पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च होता था। हमने वही पैसा मंदिरों की ओर डायवर्ट किया है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है क्योंकि मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं। रामलला के दर्शन कर लो, शायद सद्बुद्धि आ जाए मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे अयोध्या की चिंता छोड़ दें क्योंकि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है। अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने सजाया और संवारा है। आप उसकी चिंता मत करिए। पश्चाताप कर एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, शायद सद्बुद्धि आ जाए। सपा वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहती है तो उसे खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाने की बात समाजवादी पार्टी को खुलकर करनी चाहिए। खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे योगी ने कहा कि उनकी सरकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। लेकिन समाजवादी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उसका पूरा एजेंडा केवल तुष्टिकरण की राजनीति तक सीमित है। अखिलेश जी, आपमें हिम्मत नहीं है। आप तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई ऐसा एजेंडा नहीं रखते जो प्रदेश के विकास, अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को मजबूत करने का हो। जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करिए। 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' वाली कहावत को चरितार्थ मत करिए। अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में है और उसे किसी राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस ने संविधान का गला घोंटा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि देश में संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर की थी। कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का गला घोंटा था। उस समय लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। जयप्रकाश नारायण, राज नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और कल्याण सिंह जैसे तमाम नेताओं को कांग्रेस सरकार ने जेल में बंद कर दिया था ताकि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस का विरोध न कर सकें। एक लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। मुलायम सिंह यादव का भी कांग्रेस ने अपमान किया था और उन्हें जेल भेजा था। कांग्रेस व सपा ने वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज वही समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर मुलायम सिंह यादव की विरासत का भी अपमान कर रही है। कांग्रेस ने बाबा साहब आंबेडकर के सपनों को तोड़ने का काम किया और समाजवादी पार्टी उसी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर उसके पापों में भागीदार बन रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे। उन्होंने जनता से ऐसे दलों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश का विकास, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और आस्था के केंद्रों का सम्मान केवल डबल इंजन सरकार में ही संभव हुआ है। 2017 से पहले दंगे, कर्फ्यू और माफिया थे पहचान, आज यूपी विकास और सुरक्षा का मॉडल बना : सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास केवल वहीं संभव है, जहां सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मजबूत वातावरण हो। तीनों विधानसभा क्षेत्रों को लगभग 548 करोड़ रुपये की परियोजनाएं उपहार स्वरूप मिली हैं, जिसके लिए सभी क्षेत्रवासियों को बधाई देता हूं। सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास की आशा और आकांक्षाएं पूरी होती हैं। जहां दंगे, उपद्रव और बार-बार कर्फ्यू लगता हो, वहां विकास और उज्ज्वल भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की यही स्थिति थी। कौन-सा ऐसा जिला था, जहां दंगे नहीं हुए। मथुरा के जवाहरबाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगे प्रदेश की पहचान बन गए थे। … Read more

30 जून से शुरू होगा बड़ा चुनावी सर्वे, ऐसे तय होगा आपका नाम वोटर लिस्ट में

नई दिल्ली देश के इलेक्शन कमिशन की ओर से चलाए जा रहे SIR (स्पेशल इंटेसिव रिवीजन) अभियान का मकसद वोटर लिस्ट को सही, पारदर्शी और अपडेट करना है। इसके तहत यह देखा जा रहा है कि कहीं कोई सही और पात्र वोटर इस लिस्ट से छूट न जाए और कोई भी गलत या अपात्र वोटर इसमें शामिल न हो जाए। दिल्ली जैसे शहर में यह काम और भी अहम हो जाता है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर रहते है। एनसीआर और आसपास के शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद आदि से लोग यहां आकर रहते है। जॉब, पढाई या कारोबार की वजह से भी लोग अक्सर घर बदलते है। ऐसे में समय के साथ वोटर लिस्ट में गलतियां, डुप्लिकेट नाम या पुराने रिकॉर्ड बने रह सकते है। SIR का मकसद इन्हीं कमियों को दूर करना है। SIR की प्रक्रिया एक नजर में कर्मचारियों की ट्रेनिंग: 20 जून से 29 जून तक BLO घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे: 30 जून से 29 जुलाई तक पहली वोटर लिस्ट जारी: 5 अगस्त नाम जोड़ने और सुधार का मौका: 5 अगस्त से 4 सितंबर तक नोटिस और शिकायतों की जांच: 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक अंतिम वोटर लिस्ट जारी: 7 अक्तूबर नोट: दिल्ली के साथ यही तारीखे कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र और झारखंड की है। क्या करना है आपको? जब तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर पर दस्तक नहीं देता, तब तक यह पता कर सकते हैं कि आपका नाम 2002 की दिल्ली की वोटर लिस्ट में है या नहीं। इस पूरे अभियान में 2002 की वोटर लिस्ट की अहम आधार माना गया है। लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceodelhi.gov.in पर जाएं। वेबसाइट में दिल्ली मतदाता सूची 10.01.2002 को     प्रकाशित (गहन संशोधन, 2002) में नाम तलाशें। इसके अलावा ये जानकारियां तैयार रखेंः     विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर     वोटर आईडी की डिटेल्स दस्तक से असली काम शुरू     अभियान के तहत 30 जून से बीएलओ पूरी दिल्ली में घर-घर आकर वेरीफिकेशन करेंगे।     वे घर आकर गणना प्रपत्र (एनुमरेशन फॉर्म) के दो सेट देंगे। भरकर एक फॉर्म वापस देना है, और दूसरा अपने पास रखना होगा     चाहें तो इसे नागरिक सेवा पोर्टल voters.eci gov.in पर भरकर भी जमा कर सकते हैं।     शुरुआती चरण में डॉक्युमेंट्स की जरूरत नहीं।     अगर 2002 की वोटर लिस्ट में जानकारियां हैं तो बिना परेशानी आपका नाम इसमें दर्ज हो जाएगा। तीन बार होगी घर पर दस्तक     अगर बीएलओ पहली बार आए और घर बंद मिले तो आपका नाम कट नहीं जाएगा।     बीएलओ कम से कम तीन बार आपके घर आएगा।     हर बार सूचना छोड़ सकता है।     जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है।     इसलिए अगर जॉब या किसी दूसरी वजह से दिनभर घर से बाहर रहते हैं तो फैमिली या पड़ोसियों को पहले से बता दें। नाम है, नहीं है या बाहर से आए हैं तो…     अगर नाम है: अगर आपका नाम 2002 की दिल्ली वोटर लिस्ट में है तो कोई परेशानी की बात ही नहीं। फॉर्म में यही बताने से आपका नाम दर्ज हो जाएगा।     अगर नाम नहीं है: अगर आपका नाम नहीं है, लेकिन माता-पिता, दादा-दादी या किसी रिश्तेदार का नाम लिस्ट में है तो उनके नाम और जानकारी का इस्तेमाल कर सकते हैं।     2002 के बाद आए है: दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर रह रहे है। ऐसे में उनके नाम दिल्ली की 2002 वाली लिस्ट में नहीं होंगे। ऐसे वोटर अपने पुराने राज्य की 2002, 2003 या 2005 की वोटर लिस्ट में मौजूद ये जानकारियां तैयार रखें     पैरेंट्स का नाम     राज्य का नाम     विधानसभा क्षेत्र की जानकारी     वोटर आईडी की डिटेल्स डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत कब पड़ेगी अगर आपका नाम या माता-पिता/रिश्तेदारों की डिटेल्स दिल्ली की 2002 की वोटर लिस्ट या किसी दूसरे राज्य की 2002, 2003 या 2005 की वोटर लिस्ट में भी नहीं मिलतीं तो कुछ डॉक्यूमेंट्स मंगे जा सकते हैं। ऐसे मामलों में वेरीफिकेशन किया जा सकता है और चुनाव अधिकारियों की ओर से स्क्रूटनी के बाद ही फैसला लिया जाएगा। ये डॉक्यूमेंट्स मांगे जा सकते हैं     सरकारी कर्मचारी या पेशनर का     पहचान पत्र/PPO1 जुलाई 1987 से     पहले सरकारी संस्था, बैंक, डाकघर, LIC या PSU से जारी पहचान पत्र या सर्टिफिकेट     बर्थ सर्टिफिकेट     पासपोर्ट     10वी या अन्य प्रमाण     पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र वन     अधिकार प्रमाण पत्र     OBC, SC/ST अन्य जाति प्रमाण पत्र     NRC का रिकॉर्ड (जहां लागू हो)     परिवार रजिस्टर     सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान     आवंटन प्रमाण पत्र     आधार कार्ड ASDDF की स्थिति में कटेगा नाम A-Absent (अनुपस्थित): वह शख्स उस पते पर नहीं रहता और उसका पता भी नहीं चल पा रहा। S-Shifted (दूसरी जगह जाना): वह शख्स परमानेंट शिफ्ट कर चुका है। D-Dead (मृत्यु): उस शख्स की मृत्यु हो चुकी हो D-Duplicate (डुप्लिकेट): एक ही शख्स का नाम एक से ज्यादा बार दर्ज है। F-Foreign (विदेशी): यह शख्स भारतीय नागरिक नहीं है 5 अगस्त के बाद आपका सबसे अहम रोल घर-घर वेरीफिकेशन और फॉर्म भरने व जमा कराने की प्रक्रिया के बाद सबसे अहम तारीख होगी 5 अगस्त क्योंकि इस दिन मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी। यहीं से आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगा। मसौदा लिस्ट आने के बादः 5 अगस्त के बाद आपका सबसे अहम रोल घर-घर वेरीफिकेशन और फॉर्म भरने व जमा कराने की प्रक्रिया के बाद सबसे अहम तारीख होगी 5 अगस्त क्योंकि इस दिन मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी। यहीं से आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगा। मसौदा लिस्ट आने के बादः     अपना नाम जरूर चेक करें। इसके लिए voters.eci.gov.in में मतदाता सूची डाउनलोड करने के ऑप्शन में जाना होगा।     नाम, पता और दूसरी जानकारियां मिलाएं।     कोई गलती हो तो सुधार के लिए आवेदन करें।     नाम गायब हो तो दावा दर्ज कराएं।     नोटः 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा और आपत्ति यानी नाम न होने पर उसे जोड़ने या कोई गलती होने पर उसे सुधारने के लिए आवेदन कर सकते है। नाम नहीं या गलती है … Read more

प्रधानमंत्री ने ब्यावरा की बहनों द्वारा किए जा रहे अनुकरणीय प्रयासों का किया उल्लेख

भोपाल प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्रीमोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्रीदुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षहेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायकमहेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्रीमोदी ने 'मन की बात' में ब्यावरा में चल रहे 'प्लास्टिक मुक्त अभियान' का उल्लेख किया। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्रीमोदी ने अभियान को 'जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन' और 'वेस्ट टू वेल्थ' का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया। प्रधानमंत्रीमोदी ने 'मन की बात' में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्रीमोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा 'मन की बात' जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो। आखिर क्या है यह अभियान ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजकअनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथीन को एकत्र कर इको ब्रिक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन इको ब्रिक्स से पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर तथा अन्य उपयोगी सामग्री निर्मित की जा रही है। यह पहल 'वेस्ट टू वैल्यू' की अवधारणा को साकार कर 'प्लास्टिक कचरे को बहुपयोगी संसाधन' में बदल रही है। उन्होंने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी ताकत जन सहभागिता है। यहां शहर की सभी गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक इस संस्था को सौंप रहे हैं और शहर के युवा समय निकालकर प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण के इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था द्वारा नगर में प्लास्टिक बैंक एवं बोतल बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक्स जमा करा सकते हैं। शहर के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करके नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संस्था के सदस्यतरुण सेन बताते हैं कि वर्तमान में 40 से 50 युवाओं एवं महिलाओं की टीम रोजाना स्वैच्छिक रूप से अभियान में काम कर रही है। अब तक 2 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को इको ब्रिक्स में बदल कर नगर के विभिन्न स्थानों में इनका उपयोग किया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी दिनों-दिन बढ़ रहा है, इससे अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है। नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़कर भविष्य में इको ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक उपयोग करने की मंशा जाहिर की है।  

61 लाख बच्चों को पोलियो खुराक देने का लक्ष्य, झारखंड में तीन दिन चलेगा विशेष अभियान

 रांची  राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को सदर अस्पताल, रांची में महापौर रोशनी खलखो ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर किया। इस अवसर पर विधायक सीपी सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार समेत कई स्वास्थ्य अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से भारत में पोलियो का कोई मामला सामने नहीं आया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और लोगों की जागरूकता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अब भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों का समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है। विधायक सीपी सिंह ने कहा कि देश को पोलियो मुक्त बनाने में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने सदर अस्पताल में बेहतर होती स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल को और सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि झारखंड में इस वर्ष लगभग 61 लाख बच्चों को 24,507 बूथों पर पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 28 जून यानी आज बूथ दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगे। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं। राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक ने कहा कि पोलियो उन्मूलन की सफलता को बनाए रखने के लिए नियमित टीकाकरण और सतर्कता आवश्यक है। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 से 30 जून तक चलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाकर अभियान को सफल बनाएं।