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बारिश से फसल बर्बाद, CM साय ने दिया भरोसा- सर्वे के बाद मिलेगा मुआवजा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से बनी बाढ़ की स्थिति से कई जगहों पर हुए फसल नुकसान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को बड़ा दिलाया दिया है. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे होगा. हम स्वयं आकलन करने जा रहे हैं. आकलन के बाद मुआवजा दिया जाएगा. सुकमा के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बारिश की कारण कई जगह पर बाढ़ की स्थिति बनी है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों से मुलाकात करने जा रहे हैं. फसल, मकान का नुकसान हुआ है. पीड़ित लोगों से मुलाकात करेंगे. वहीं सिंगापुर दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति आने के बाद देश-विदेश में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया जा रहा है. इस कड़ी में 4, 5 और 6 अक्टूबर को सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे. पिछले तीन दिन में हुई बारिश, अंधड़ से धान फसल को नुकसान हुआ है। जिले के सभी ब्लॉक में अच्छी बारिश होने से कहीं खेतों मंे फसल झुकी हुई है तो कहीं पानी में डूबी हुई है। फिलहाल राजस्व विभाग व पीएम फसल बीमा योजना के अधिकृत इंश्योरेंस कंपनी की ओर से सर्वे शुरु नहीं हो पाया है। बालोद से बघमरा, ओरमा, मेड़की, खरथुली, भोथली मार्ग किनारे कई खेतों में धान की फसल झुकी हुई है। इसी तरह डौंडीलोहारा से मालीघोरी, दुधली से पाररास, जुंगेरा, तरौद, लाटाबोड़, सिकोसा, गुंडरदेही क्षेत्र में भी ऐसी स्थिति है। अभी सर्वे नहीं हो पाया है, इस वजह से कितने एकड़ में लगी फसल को कितना नुकसान हुआ है, यह स्पष्ट नहीं है। किसान गजेंद्र सार्वा, नारायण साहू, पीयूष साहू, दिलीप साहू, लोकेंद्र हिरवानी ने बताया कि अब तक नुकसान का आंकलन करने सर्वे करने खेतों में कोई नहीं पहुंचे है। राजस्व व कृषि विभाग के अनुसार फसल को 33% से कम नुकसान होने पर आरबीसी 6-4 के तहत प्रभावित किसानों को राज्य शासन की ओर से सहायता राशि नहीं मिलती। 33% या इससे ज्यादा नुकसान होने की स्थिति में सहायता राशि देने का प्रावधान है। सर्वे कर रिपोर्ट जल्द भेजी जाए। कृषि विभाग के मुताबिक 1.5 लाख में से सिर्फ 2670 किसानों को लाभ पीएम फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन करवाने के बावजूद मुआवजा मिलने की गारंटी नहीं रहती। एक साल पहले पंजीकृत किसानों में से सिर्फ 2.53% किसानों को मुआवजा सहायता राशि मिल पाया था। कृषि विभाग के अनुसार एक साल पहले खरीफ सीजन में प्रधानमंत्री बीमा योजना के अंतर्गत सिर्फ 2 हजार 670 और रबी सीजन में 3 हजार 412 किसानों को पीएम बीमा योजना के तहत मुआवजा राशि मिला था। जबकि खरीफ सीजन में एक लाख 5 हजार 867 किसानों ने पंजीयन कराया था। वहीं रबी सीजन में 11 हजार 591 किसानों ने पंजीयन कराया था। इस साल खरीफ सीजन में एक लाख से ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराया है। जानिए, रबी की तुलना में खरीफ में 10 गुना किसान पंजीयन कराते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हर साल खरीफ सीजन में औसतन 10-11 करोड़ रुपए प्रीमियम राशि जमा कर जिले के लगभग एक साल किसान पंजीयन करवाते है। अधिकांश किसान धान के लिए पंजीयन कराने विभागीय प्रक्रिया पूरी करते है लेकिन रबी सीजन में धान का पंजीयन नहीं होने की वजह से स्थिति दूसरी रहती है। खरीफ की तुलना में रबी में 10 गुना कम किसान ही पंजीयन करवाते है। नुकसान होने की स्थिति में फसल कटाई प्रयोग के आधार पर सहायता राशि उपलब्ध कराने की बातें विभागीय अफसर कह रहे है। प्राकृतिक विपदा के कारण उपज में होने वाले नुकसान का आंकलन फसल कटाई प्रयोग से किया जाता है। बीमा कराने वाले पंजीकृत किसान को ही मुआवजा देने का प्रावधान आरबीसी 6-4 के तहत शासन से राशि स्वीकृत होने के बाद प्रभावित किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराया जाता है। वहीं ऐसे किसान जो पीएम फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन करवाए है और 33% से कम नुकसान हुआ है तो इंश्योरेंस कंपनी की ओर से सहायता राशि उपलब्ध कराया जाएगा। अपर कलेक्टर अजय किशोर ने बताया कि जिले में अच्छी बारिश हुई है लेकिन फिलहाल मेरी जानकारी में जिले में फसल नुकसान होने की अभी कोई सूचना नहीं मिली है। जहां नुकसान की सूचना मिलेगी, वहां पटवारी, आरआई जाकर सर्वे करेंगे। नुकसान की स्थिति में किसानों को नियमानुसार मुआवजा, सहायता राशि मिलेगी।

₹200 में करें उज्जैन के बड़े मंदिरों की सैर, CM यादव ने ई-बस में किया सफर

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  उज्जैन के श्री महाकाल लोक अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से ‘उज्जैन दर्शन’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ की शुरूआत हरी झंडी दिखाकर की। इसके साथ ही उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई। महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालु अब 200 रुपये के एक ही टिकट पर शहर के 17 से अधिक प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों की इलेक्ट्रिक एसी बसों में बैठकर सैर कर सकेंगे। 27 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालित इन बसों की सबसे बड़ी सुविधा हॉप-ऑन हॉप-ऑफ है। मतलब- यात्री किसी एक मंदिर पर उतरकर दर्शन कर सकता है और उसी टिकट पर अगली उपलब्ध बस से आगे जा सकता है। एक ही टिकट पर सभी बसों में यात्रा हरी झंडी दिखाने के बाद शक्ति पथ पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ स्वयं बस में सफर कर परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया। बस संचालन पर निगरानी रखने वाली कंपनी- उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी ने बताया कि ‘उज्जैन दर्शन’ बस सेवा की सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को हर मंदिर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग वाहन की व्यवस्था नहीं करनी होगी। 200रु में उज्जैन दर्शन, 27.01 किलोमीटर का पूरा सर्किट उज्जैन दर्शन सेवा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका निर्धारण धार्मिक पर्यटन सर्किट है. सेवा मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगी और महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋण मुक्तेश्वर महादेव, भर्तहरि गुफा, गढ़कालिका माता मंदिर, कालभैरव, सिद्धि वट, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामन गणेश, अष्टविनायक, शनि नवग्रह, इस्कॉन मंदिर बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी।  200 रुपये के टिकट पर यात्री निर्धारित स्टाप पर उतरकर दर्शन कर सकेंगे और फिर उसी टिकट से अगली उपलब्ध बस में बैठकर आगे की यात्रा जारी रख सकेंगे। ये है खास इस हॉप-ऑन हॉप-ऑफ व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अपनी सुविधानुसार प्रमुख स्थलों पर रुकने का अवसर मिलेगा। टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यम और यूपीआई से किया जा सकेगा। बस में यात्रियों को गाइड की सुविधा भी मिलेगी। बसों में जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा है। डिजिटल असिस्टेंट सह गाइड यात्रियों को प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के पौराणिक महत्व की जानकारी देगा। 27 किमी के दायरे में इन स्थलों को यात्रा के लिए जोड़ा 27 किलोमीटर लंबे उज्जैन दर्शन मार्ग पर 17 से अधिक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा गया है। मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होने वाली बस महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी के घाट, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह मंदिर और इस्कान मंदिर होते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके बाद बस वापस मेघदूत वन पार्किंग पर लौटेगी। शहर के 12 अन्य मार्ग भी सक्रिय उज्जैन शहर में कुल 12 मार्गों में जो शैक्षणिक, धार्मिक, आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ेंगे उसमें तपोभूमि-पानविहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन-कालियादेह महल, कानीपुरा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-तपोभूमि, देवास-ताजपुर, देवास गेट-नए आरटीओ, महाकाल चौराहा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय-नानाखेड़ा, देवास गेट-मुरलीपुरा, तपोभूमि-नजरपुर और उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं। इन 12 मार्गों से गुजरेगी बस शहर में स्थानीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए 12 बस मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि से पान विहार, रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कालोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा और अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा जैसे मार्ग शामिल हैं। इनसे आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान बनाने का लक्ष्य है। सिंहस्थ से पहले महत्वपूर्ण कदम सिंहस्थ 2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह व्यवस्था निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहर के धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम पहल है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता नियमित संचालन, बसों की उपलब्धता और यात्रियों को समय पर सुविधा मिलने पर निर्भर करेगी। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ महाराज, डा. लता वानखेड़े, महापौर मुकेश टटवाल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बस सरकार की, संचालन ग्रीन सेल का बस सेवा की पूरी व्यवस्था कई स्तरों पर काम करेगी। राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीएल) व्यवस्था देखेगी। इसके तहत उज्जैन संभाग के लिए यूसीटीसीएल काम करेगी। यूसीटीसीएल के एमडी मनीष सिंह और कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी हैं। नगर निगम आयुक्त, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी व्यवस्था से जुड़े हैं। बसों का प्रत्यक्ष संचालन ग्रीन सेल कंपनी करेगी। ड्राइवर-कंडक्टर उपलब्ध कराने से लेकर बस के मेंटेनेंस तक की जिम्मेदारी ग्रीन सेल की रहेगी। इसके बदले यूसीटीसीएल द्वारा ऑपरेटर को 58 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। ये रहेगी संचालन की व्यवस्था यात्रियों से किराया लेने और फेयर कलेक्शन की जिम्मेदारी ‘चलो’ कंपनी को दी गई है। टिकट से मिलने वाली पूरी आय यूसीटीसीएल के पास जाएगी। ‘चलो’ कंपनी को बस संचालन के हिसाब से 8 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार भुगतान किया जाएगा। महाकाल लोक पुलिस स्टेशन शुरू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन का भी शुभारंभ किया. महाकाल क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धलुओं की संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  14.42 किलोमीटर सड़क, आरओबी और पुल का निरीक्षण मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया. लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ के तहत निर्मित की जा रही 42.14 किलोमीटर लंबी सड़क और आरओबी व पुल निर्माण कार्यो को देखा. मुख्यमंत्री ने कहा, ''अवंतिका प्राचीन काल से गौरवशाली नगरी है. उज्जैन के सौंदर्यीकरण में नागरिक भी अपना योगदान दे रहे हैं. उज्जैन में मेट्रो ट्रेन की सौगात जल्द मिलने वाली है.'' प्रदेश में उद्योगिक विकास और अलग अलग शहरों के विकास से जुड़े प्रयासों के बारे में बताया।  172.87 करोड़ की 15 विकास … Read more

रायबरेली से आए बुजुर्ग की पीड़ा सुन मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई का दिया निर्देश

जनता दर्शन  शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था नए यूपी की पहचान, इसमें बाधा डालने वालों को सिखाएं सबकः मुख्यमंत्री रायबरेली से आए बुजुर्ग की पीड़ा सुन मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई का दिया निर्देश  राजस्व से जुड़े प्रकरणों का समय से निस्तारण करने पर रहा सीएम का जोर  आमजन से बोले सीएम- घबराइए मत, सबकी समस्या का होगा समाधान लखनऊ  जनसेवा को सदैव सर्वोपरि रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और पीड़ितों को समाधान का भरोसा दिया। रायबरेली से आए एक बुजुर्ग अपनी पीड़ा कहते भावुक हो गए, इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि शांति, खुशहाली व सुदृढ़ कानून व्यवस्था ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, इसमें बाधा डालने वालों को कानूनी ढंग से सबक सिखाएं। कब्जे की शिकायतों पर भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाए।  हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर उनकी पीड़ा जानी। उन्होंने हर पीड़ित को आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध-पारदर्शी निस्तारण कराएं।  मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग का सुना प्रकरण, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश  रायबरेली से एक बुजुर्ग भी जनता दर्शन में पहुंचे। शरीर पर लगी चोट मुख्यमंत्री को दिखाते हुए उनका गला रुंध गया। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूरे प्रकरण की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन पर अकारण हमला कर दिया है। आरोपियों को लगता है कि वह कहीं बाहर रहते हैं। ऐसे में घात लगाए बदमाशों ने उन्हें पीटा और रुपये छीन लिए। इस पर मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि सख्त से सख्त कार्रवाई कर इस प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करें।  राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर  कुछ पीड़ितों ने जमीन जबरन कब्जा किए जाने की भी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया।

मिशन रोजगार के तहत 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी ने विकसित गांव का दिया मंत्र

नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही सपा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   मिशन रोजगार के तहत 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी ने विकसित गांव का दिया मंत्र   बोले- नौजवानों के हक पर डकैती डालने वाले नए रूप में आ रहे सामने, भ्रम फैलाकर यूपी को फिर अराजकता में धकेलने की करेंगे कोशिश   मुख्यमंत्री योगी का हमला- सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था, बाकी गांवों और जिलों की नहीं थी चिंता   बोले- 2017 से पहले हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार, आज यूपी दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त   छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी का लक्ष्य, बोले- सपा-कांग्रेस के नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे   राजभर बोले- सपा सरकार में नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट, शाही ने कहा- अब बिना घूसखोरी मिल रही सरकारी नौकरी   ग्राम पंचायत जितनी बढ़ाएगी अपनी आय, सरकार उतनी ही देगी अतिरिक्त धनराशि, आत्मनिर्भर गांव बनाने पर जोर   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नौजवानों के हक पर डकैती डाली, दलितों को योजनाओं से वंचित रखा और पिछड़ों का हक मारा, वही आज नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। मुख्यमंत्री योगी ने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र वितरित करते रहेंगे।   मुख्यमंत्री योगी मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि आयोग ने निष्पक्ष और शुचितापूर्ण चयन प्रक्रिया समय सीमा में पूरी की है।   योग्यता थी, फिर भी नौकरी रहती थी दूर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलते ही आशंकाएं खड़ी हो जाती थीं। गरीब और बिना पहुंच वाले परिवार का बच्चा योग्य होने के बावजूद नौकरी से दूर रहता था। इस जकड़न और बेईमानी को समाप्त करने के लिए सरकार ने व्यवस्था बदली। आज साढ़े नौ लाख नौजवान सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।   उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की गिनती देश के पांच पिछड़े राज्यों में होती थी, जबकि आज प्रदेश शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट का दायरा तीन गुना हुआ है।   सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। प्रदेश के बाकी गांवों और जिलों से उसे कोई मतलब नहीं था। केंद्र सरकार गरीबों को आवास और शौचालय देना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन सरकार योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी। गरीबों के आवास की बात आती थी तो सपा अपने कैडर को लाभ देना चाहती थी।   हर जिले में चलती थी माफिया की समानांतर सरकार मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले हर जिले में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी। असलहे लहराते हुए गाड़ियों के काफिले निकलते थे और पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने माफिया तंत्र और अराजकता पर प्रभावी कार्रवाई की। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, उपद्रव और माफिया से मुक्त होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।   अक्टूबर से फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष नियुक्ति पत्र नहीं बांटे जाने की बात कर रहे थे। सितंबर में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है।   उन्होंने सरदार भगत सिंह की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए बलिदान दिया। नियुक्ति पत्र पाने वाले बहुत से युवाओं की उम्र भी 20 से 27 वर्ष के बीच है। उन्हें अपनी ऊर्जा और प्रतिभा प्रदेश की समृद्धि में लगानी है।   पंचायत भवन नहीं, अब ग्राम सचिवालय मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब गांवों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं। इनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के कार्यालय के साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायक के बैठने की व्यवस्था है। डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।   उन्होंने कहा कि जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। बीसी सखी, पंचायत सहायक, अन्नपूर्णा भवन और उत्सव भवन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।   अपनी आय बढ़ाने वाली पंचायत को अतिरिक्त धन मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ग्राम पंचायतें अपनी भूमि, दुकानों और तालाबों के बेहतर उपयोग से आय बढ़ा सकती हैं। धार्मिक महत्व न रखने वाले तालाबों में मत्स्य पालन कराया जा सकता है। ग्राम पंचायत जितनी अपनी आय अर्जित करेगी, सरकार उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से मॉडल और स्मार्ट ग्राम पंचायत की सोच के साथ काम करने को कहा।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना आत्मनिर्भर व विकसित ग्राम पंचायत से पूरा होगा। नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारी इसमें महत्वपूर्ण सारथी हैं।   नौकरी के हिसाब से तय होता था रेट: राजभर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही गुर्गे सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से रकम तय होती थी। आज बिना पैसे सरकारी नौकरी मिल रही है।   अब बिना घूसखोरी मिल रही नौकरी: शाही कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है।   कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में महापौर सुषमा खड़कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा, प्रमुख सचिव पंचायती … Read more

JPSC 14वीं PT में सेंधमारी का आरोप, ‘सागर पैलेस’ से रकम बंटवारे का दावा; CID को मिले अहम सुराग

रांची  जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितता की जांच कर रही सीआइडी को गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। सीआइडी ने इसका उल्लेख अदालत के सामने भी किया है। सीआइडी के अनुसार, परीक्षा में सेंधमारी के लिए बनाए गए कथित नेटवर्क में मुख्य आरोपित अभय तिवारी का करीबी उमेश कुमार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। उमेश नामकुम के तेतरी टोली का रहने वाला है, जबकि अभय ने भी नामकुम के जोरार में मकान बना रखा था। उमेश उसके भरोसेमंद बिजनेस पार्टनर के रूप में काम करने लगा। पूछताछ में उमेश ने बताया है कि उसका और अभय का संबंध महज सामान्य परिचय तक सीमित नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर वसूली गई रकम, एजेंटों के कमीशन और हिस्सेदारी के बंटवारे का वित्तीय तालमेल रांची के एक ठिकाने ‘सागर पैलेस’ से किया जाता था। 1.10 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप सीआइडी के अनुसार, उमेश और रमेश ने बिचौलियों की भूमिका निभाते हुए अभ्यर्थियों से करीब 1.10 करोड़ रुपये की कथित तौर पर अवैध वसूली की थी। दोनों ने पूछताछ में रकम वसूलने और उसे अभय तिवारी तक पहुंचाने की बात स्वीकार की है। जांच एजेंसी को अभय तिवारी और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के साथ आरोपितों के सीडीआर लिंकेज भी मिले हैं। बरामद डिजिटल साक्ष्यों को साइबर सेल के मुख्य तकनीकी अधिकारी से प्रमाणित कराने की बात भी सीआइडी ने अदालत को बताई है। अभय के आईकार्ड पर था उमेश का नंबर सीआइडी ने जेपीएससी की परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग लिमिटेड) के रांची स्थित गैर-मान्यता प्राप्त कार्यालय में छापेमारी के दौरान उमेश कुमार और अभय तिवारी के विजिटिंग कार्ड व आइ कार्ड बरामद किए थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, अभय तिवारी के टीडीपीएल आइकार्ड पर उमेश कुमार का मोबाइल नंबर दर्ज था। सीआइडी ने काल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की तो उमेश, अभय और टीडीपीएल से जुड़े कर्मियों के बीच लगातार संपर्क की बात सामने आई। उमेश को उसके दो सहयोगियों बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार के साथ चार अगस्त को रांची से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में बुद्धेश्वर और रमेश ने कथित तौर पर बताया कि अभ्यर्थियों से संपर्क के बाद उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, चेक, हस्ताक्षरित खाली स्टांप पेपर और हस्ताक्षरयुक्त ए-4 शीट लिए जाते थे।

पहाड़ों के बीच खूबसूरत डैम, 500 मीटर ट्रैक और सोलर लाइट से बदली बुंगा की सूरत

बरवाला (पंचकूला) चंडीगढ़ की बेटी कविता चौधरी ने हरियाणा के सरपंचों के लिए विकास की बड़ी मिसाल पेश की है। कविता की शादी पंचकूला के बरवाला ब्लाॅक के गांव बुंगा गांव में हुई। वे अब गांव की सरपंच हैं और अपने गांव में विकास की ऐसी तस्वीर पेश करने की पहल की है, जिसे देखकर सुखना लेक की याद आती है। गांव में पहले से मौजूद डैम को विकसित कर उसके आसपास खूबसूरत ट्रैक, सोलर लाइट और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पहाड़ों के बीच स्थित यह डैम अब ग्रामीणों के लिए सैर-सपाटे के साथ जल संरक्षण का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां सुखना लेकर जैसा नजारा देखने को मिलता है। कविता चौधरी ने कहा कि वह चंडीगढ़ के गांव की रहने वाली हैं और शादी के बाद बुंगा गांव की बहू बनीं। चंडीगढ़ में रहते हुए उन्होंने सुखना लेक का खूबसूरत नजारा देखा है। उनके मन में अक्सर यह विचार आता था कि जब हमारे गांव में भी पहाड़ों के बीच प्राकृतिक रूप से इतना सुंदर क्षेत्र मौजूद है तो इसे विकसित क्यों न किया जाए। इसी सोच के साथ डैम को नया रूप देने की दिशा में काम शुरू किया गया। कई करोड़ रुपये की लागत से डैम के विकास का काम लगभग पूरा हो चुका है। डैम के किनारे करीब 500 मीटर लंबा और चौड़ा ट्रैक तैयार किया गया है। यहां सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शाम के समय भी लोग सुरक्षित रूप से सैर कर सकें। ट्रैक से सामने दिखाई देने वाले पहाड़ और सूर्यास्त का दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। ओवरफ्लो पानी भी हो रहा संरक्षित डैम से निकलने वाले ओवरफ्लो पानी को आगे तालाब में रिजर्व किया जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ अतिरिक्त पानी का उपयोग भी सुनिश्चित किया गया है। यह पानी आसपास के पशुओं के लिए भी बड़ा सहारा बन गया है और गांव में पशुओं के पीने के पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। नाव और काटेज की भी योजना पंचायत की ओर से डैम को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की तैयारी है। यहां नाव चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा एक काटेज बनाने की योजना है, जहां लोगों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध हो सके। डैम के दोनों तरफ पैदल ट्रैक को और विकसित करने पर भी विचार चल रहा है। गांव में ही मिले घूमने की जगह सरपंच कविता चौधरी का कहना है कि अक्सर गांव की महिलाएं और परिवार घूमने के लिए चंडीगढ़ जैसी जगहों पर जाते हैं। उनकी सोच है कि बुंगा में ही ऐसा स्थान विकसित किया जाए, जहां लोग परिवार के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकें। उनका प्रयास है कि डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाए।  

नेपाल की भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंडक उफान पर; बगहा-वाल्मीकिनगर पथ डूबा

पटना बिहार में बाढ़ से एक बार फिर हाहाकार की स्थिति है। हालत यह है कि नेपाल के ग्लेशियर वाली बाढ़ से तिगुना पानी बिहार आ रहा है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 5 लाख 43 हजार क्यूसेक से ज्यादा डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद गंडक नदी उफान पर है। वाल्मीकिनगर बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसके चलते अरेराज अनुमंडल के गंडक तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का गंभीर संकट मंडराने लगा है। नेपाल के ग्लेशियर वाली बाढ़ से तिगुना पानी आने से त्रासदी की स्थिति बन सकती है। बगहा शहर के कैलाश नगर की वार्ड 1,2,4,6,7 में तेजी से गंडक का पानी फैल रहा है । अब तक 200 से अधिक घरों में गंडक का पानी फैल चुका है। ऐसे में लोग रेलवे ट्रैक के पास शरण लिए हुए हैं। लोग मवेशियों के साथ अहले सुबह से ही रेलवे ट्रैक पर जमे हुए हैं अभी तक राहत के नाम पर कैलाश नगर के लोगों को कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। अब दो दिनों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से सोमवार सुबह तक पूर्वी चंपारण के अरेराज अनुमंडल के गंडक दियारा और तटीय क्षेत्रों में व्यापक बाढ़ आने की पूरी संभावना बन गई है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और दहशत का माहौल है। बगहा शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर, गंडक के अलावा बागमती और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल और सहरसा के कई गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। जल संसाधन विभाग ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और चंपारण से वैशाली जिले तक तटबंधों की निगरानी का निर्देश दिया है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से अरेराज अनुमंडल के गंडक तटवर्ती गांवों में स्थिति संवेदनशील हो गई है। मुख्य रूप से सरेया, मिश्रौलिया, पुछरिया, बिंद टोली, नवादा सहित निचले इलाकों के दर्जनों गांवों पर बाढ़ और कटाव का खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है और बस्तियों के जलमग्न होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों की रात की नींद उड़ गई है। लोग अपने मवेशियों, जरूरी अनाज और जान-माल की सुरक्षा के लिए ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने की तैयारी में जुट गए हैं। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड में है। अरेराज एसडीएम सुजीत कुमार लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम सुजीत कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों और संवेदनशील तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया है। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि नदी के कटाव और रिसाव की हर गतिविधि पर चौबीस घंटे पैनी नजर रखी जाए।वहीं, ज़मीनी स्तर पर राहत और सुरक्षा व्यवस्था की कमान अरेराज सीओ ने संभाल रखी है। सीओ विनोद कुमार पाण्डेय राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर तटीय गांवों के ग्रामीणों से लगातार संपर्क साध रहे हैं और स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सीओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और निचले इलाकों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। संभावित खतरे से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। नदी तटीय इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सरकारी और निजी नावों को रिजर्व मोड पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन के नियमों के तहत प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई, शुद्ध पेयजल और मेडिकल टीमों की व्यवस्था की जा रही है। एसडीएम सुजीत कुमार ने जनता को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-2, बगहा-1, पिपरासी, मधुबनी, ठकहरा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूब गया है। वीटीआर में पानी फैलने से जगली जानवर जंगल क्षेत्र से बाहर निकल कर शरण तलाश रहे हैं। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूबा गंडक नदी डुमरियाघाट, कोसी बलतारा, बागमती ढेंग, सोनाखान, कटौंझा व बेनीबाद, लालबकिया गोवाबारी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उधर, पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-2, बगहा-1, पिपरासी, मधुबनी, ठकहरा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूब गया है। वीटीआर में पानी फैलने से जगली जानवर जंगल क्षेत्र से बाहर निकल कर शरण तलाश रहे हैं। मधुबनी प्रखंड के चिऊरही के रवहिया में लोग ऊंचे स्थान पर चले गए हैं। पूर्वी चंपारण के अरेराज ब्लॉक के तटवर्ती क्षेत्र के खेतों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है। पश्चिम चंपारण की कई सड़कें गंडक की बाढ़ में डूबीं हैं।

लुधियाना में HSRP अनिवार्य, बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट होगी कार्रवाई

लुधियाना   पंजाब में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (HSRP) दौड़ रहे वाहनों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने रुख सख्त कर लिया है। जालंधर और अमृतसर में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल न देने के आदेश के बाद अब लुधियाना में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। ऐसे वाहनों को सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है। जिले का रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) मनकंवल सिंह चाहल इसे लेकर की गई सख्ती और कार्रवाइयों के बारे में जानकारी साझा की। इस बातचीत के साथ उन्होंने वहीं शहर में अवैध ऑटो, स्कूल बसों के नियमों की अनदेखी और आरसी-लाइसेंस की पेंडेंसी जैसे मुद्दे पर भी अपनी बात रखी है। लुधियाना (Ludhiana) में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (HSRP) के वाहन चलाने पर ट्रैफिक पुलिस और आरटीए (RTA) द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत पहली बार पकड़े जाने पर 2,000 रुपये और दोबारा उल्लंघन करने पर 3,000 रुपये तक का चालान काटा जा रहा है। पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह सख्ती बढ़ाई गई है। प्रमुख चौराहों और जांच बिंदुओं पर विशेष अभियान चलाकर बिना HSRP वाले निजी वाहनों और अन्य गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है।

भोपाल में अमित शाह के दौरे की तैयारी तेज, DGP ने अधिकारियों संग की समीक्षा

भोपाल  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित मध्य प्रदेश दौरे और तीन अक्टूबर से आयोजित होने वाली नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी की तैयारियों की डीजीपी कैलाश मकवाणा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में समीक्षा की। बैठक में साइबर अपराध, कानून-व्यवस्था, आतंकवाद प्रतिरोध, माओवादी समस्या उन्मूलन, पुलिस आधुनिकीकरण और पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय सहित पुलिसिंग के विभिन्न विषयों पर अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिए। अधिकारियों ने ई-जीरो एफआईआर, 1930 साइबर हेल्पलाइन, साइबर कमांडो प्रशिक्षण और सेफ क्लिक अभियान की जानकारी दी। सेफ क्लिक के माध्यम से 8.6 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाए जाने की जानकारी दी गई। ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-समन, फॉरेंसिक सेवाओं और 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन की जानकारी भी दी गई। विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी दी। इसमें अपराध घटित होने से नागरिक को न्याय मिलने तक की प्रक्रिया को पुलिस, एफएसएल, अभियोजन और जेल की भूमिका के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी करीब पांच दिन चलेगी और तीन अक्टूबर से आम नागरिकों के लिए शुरू होगी।

LPU हिंसा पर महिला आयोग सख्त, DC-SSP से मांगी रिपोर्ट; यूनिवर्सिटी में छुट्टी,इंटरनेट बंद

फगवाड़ा/जालंधर सोमवार सुबह LPU के बाहर हाईवे पर आवाजाही सामान्य है। यूनिवर्सिटी के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। डीजीपी गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर मीडिया से बात की। एसएसपी गौरव तूरा ने पुलिस फोर्स को गाइड किया। पंजाब से BJP के राज्यसभा मेंबर अशोक मित्तल की फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए बवाल के बाद अगले आदेश तक यहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है। किसी तरह के भड़काऊ वीडियो से माहौल फिर खराब न हो, इसके लिए ये आदेश दिए गए हैं।  छात्र प्रदर्शन के बीच डीजीपी गौरव यादव खुद स्थिति का जायजा लेने एलपीयू पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। डीजीपी ने बताया कि छात्रों और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के बीच आज फिर बैठक होगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं को मैनेजमेंट के सामने रखा जाएगा। वहीं, पुलिस के मुताबिक देर रात कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ते हुए पुलिस और मीडिया की गाड़ियों पर पथराव किया तथा तोड़फोड़ की। इस संबंध में जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। डीजीपी ने पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और मीडिया से भी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही खबर प्रकाशित करने की अपील की।  वहीं CM भगवंत मान ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उनके निर्देश पर DGP गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद DGP ने कहा- पुलिस ने मिनिमम फोर्स यूज की। स्टूडेंट्स से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की गई। अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी गई है। वहीं हंगामे के बाद LPU को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स अपने घर जाना चाहते हैं, वह पेरेंट्स को बुला लें। जो स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में ही रुकना चाहते हैं, वे बेवजह हॉस्टल से न निकलें। केवल जरूरी काम के लिए ही हॉस्टल से बाहर आएं। यूनिवर्सिटी में मिड-टर्म एग्जाम रद्द कर दिए गए। इसके अलावा, रविवार सुबह करीब 6 बजे से करीब 18 घंटे तक जाम रहा दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे रविवार रात करीब 12 बजे खुल गया। इसी बीच हंगामे के दौरान मॉल से सामान लूटा गया, अज्ञात लड़कों ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसने की कोशिश की। बता दें कि यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात बवाल शुरू हुआ था, जो रविवार आधी रात को थमा। इस दौरान यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ हुई। इस माहौल को शांत करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले भी दागे। छात्रों ने भी पुलिस की गाड़ियां फूंक दीं, पथराव किया। अब स्थिति पुलिस के कंट्रोल में है और यूनिवर्सिटी में पुलिसबल तैनात है। पुलिस ने छात्रों की मांग पर यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की FIR दर्ज कर ली है। रेप के मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया है, जिसमें 5 स्टूडेंट्स हैं। DIG नवीन सिंगला ने छात्रों का भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच की जाएगी। शाह की जालंधर में रैली से पहले जानबूझकर तो नहीं भड़काई गई हिंसा: बलियावाल पंजाब भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बवाल पर सवाल उठाया है। बलियावाल ने कहा कि एलपीयू में जो कुछ भी हो रहा है, वह पंजाब में कानून और व्यवस्था की एक गंभीर विफलता है। कैंपस में हिंसा, तोड़फोड़ और झड़पों की खबरों ने आम आदमी पार्टी सरकार के स्थिति से निपटने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।   ऐसी प्रामाणिक रिपोर्टें आ रही हैं कि बाहरी लोग हथियारों या संचार उपकरणों के साथ परिसर में दाखिल हुए थे। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे कौन थे, उन्हें किसने भेजा था और उनका मकसद क्या था? इस बात पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इस अशांति को जानबूझकर भड़काया गया था और क्या इसका 30 सितंबर को होने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के कार्यक्रम से कोई संबंध है? इन दावों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा के 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' कार्यक्रमों के दौरान भी पंजाब आप कार्यकर्ताओं की ऐसी ही हरकतें देख चुका है। पंजाब की जनता तथ्यों, जवाबदेही और एक पारदर्शी जांच की हकदार है! पंजाब देख रहा है। भारत देख रहा है। बाहर से आए लोगों ने की तोड़फोड़ विशाल कुमार नाम के एक छात्र ने एजेंसी को बताया कि छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन रात को बाहर से बड़ी संख्या में लोग मास्क पहनकर आए और स्थिति हिंसक हो गई। कैंपस में तोड़-फोड़ हुई। वे एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाकर सब कुछ तोड़-फोड़ रहे थे। वे छात्र नहीं थे। रात में बहुत हिंसा हुई। फिर हमें यूनिवर्सिटी से 10 दिन की छुट्टी का मैसेज मिला। अब सब घर जा रहे हैं। सुरक्षा एक चिंता का विषय है। कल रात के मंजर बहुत डरावने थे।   दातर के साथ पकड़े पांच युवक छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर 27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने बताया कि पांच युवकों को पकड़ा गया है। उनके पास से एक 'दातर' और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया है। अब उनसे पूछताछ की जाएगी।   डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियां तोड़ी शनिवार देर रात शुरू हुए हंगामे के बाद रविवार देर रात पुलिस के लाठीचार्ज के बाद हालात तेजी से बिगड़े। छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। कई अन्य पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ हुई और कई वाहनों में आग लगाए जाने की सूचना है। तनाव को देखते हुए 5 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।