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बेमौसम बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, फसलों के नुकसान की सूचना के लिए खुला कंट्रोल रूम और प्रशासन ने शुरू किया सर्वे

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में बुधवार और बृहस्पतिवार के दौरान पूर्वी और पश्चिमी संभाग के 50 से ज्यादा जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। विक्षोभ के असर से हुई बारिश से बांदा, इटावा, बरेली, हरदोई जैसे जिलों में दिन व रात का पारा सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। बेमाैसम बारिश और तेज रफ्तार हवाओं से खेतों में कटने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। माैसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार से मौसम की यह आंख मिचौली थमने वाली है। अगले 15 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। इसके साथ ही अगले एक हफ्ते में प्रदेश भर के औसत तापमान में लगभग दस डिग्री तक की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जताया गया है। बृहस्पतिवार को 9.4 डिग्री की सर्वाधिक गिरावट के साथ बांदा में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं 11.5 डिग्री तापमान के साथ नजीबाबाद में सबसे ठंडी रात रही। वहीं 28 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ मुजफ्फरनगर व अयोध्या में सबसे ठंडा दिन रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार से प्रदेश भर में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो जाएगा और तापमान में क्रमश: बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 15 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं बहराइच में 6 मिमी, कानपुर में 5.4 मिमी और लखनऊ में 4.5 मिमी बारिश हुई।   तीखी धूप में मरहम लगाती रहीं ठंडी हवाएं राजधानी में माैसम अब स्थिर होने वाला है। पिछले दो-तीन से सक्रिय विक्षोभ का असर कमजोर पड़ चुका है। शुक्रवार से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। अब धूप और गर्म हवाओं से गर्मी की वापसी होगी। बृहस्पतिवार सुबह तक आसमान में बादलों का डेरा रहा। दोपहर में आसमान खुलने पर तीखी धूप से सामना हुआ। हालांकि ठंडी हवाएं असर में थीं जिन्होंने धूप में मरहम का काम किया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार और बुधवार की आंधी-बारिश के असर से बृहस्पतिवार को भी माैसम आमतौर पर राहत भरा रहा। दिन का अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री बढ़त के साथ 30.5 डिग्री दर्ज किया लेकिन यह सामान्य तापमान से लगभग 7 डिग्री कम था। बीती रात की बारिश सुबह में 4.5 मिमी दर्ज की गई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार से पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह खत्म हो जाएगा जिससे लखनऊ में अगले एक हफ्ते में तापमान में 5 से 7 डिग्री की क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। शुक्रवार से रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। साथ ही 25 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रूखी पछुआ हवाएं चलेंगी। इन हवाओं के असर में आने से गर्मी का अहसास और बढ़ जाएगा।  आने वाले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क और गर्म ही रहने के आसार हैं। यदि कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच पहुंच सकता है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री की बढ़त के साथ 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री की गिरावट के साथ 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बुधवार रात आंधी और बारिश के साथ कुछ जगहों पर हुई ओलावृष्टि से शहर के कई इलाकों में गेहूं और सब्जियों के साथ आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कई जगह खेतों में तैयार हो चुकी गेहूं की फसल गिर गई। कई जगहों पर गेहूं की फसल के जहां भीग जाने से उसके दाने काले पड़ने की भी संभावना बढ़ गई है। सरोजनीनगर के भटगांव पांडे निवासी किसान अभिलाष ने बताया कि आंधी और बारिश से गेहूं की फसल गिर गई। बाली टूटने से भी करीब 30 से 40 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। तहसील प्रशासन की टीम अभी तक सर्वे को नहीं पहुंची है। माल के केडोरा निवासी श्याम प्रकाश ने बताया कि उनकी दस बिस्वा गेहूं की फसल भीग कर गिर गई। बागवान जितेंद्र ने बताया कि आंधी पानी से आम के करीब 30 प्रतिशत टिकोरे झड़ गए। मुआवजे के सर्वे के लिए कोई टीम नहीं आई। एसडीएम ने लिया स्थिति का जायजा मोहनलालगंज। आंधी-बारिश से हुए फसल नुकसान का आकलन करने के लिए उप जिलाधिकारी पवन पटेल ने देवती, करोरा और केवली गांवों में पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि सभी लेखपालों को अपने क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निगोहा, नगराम और गोसाईगंज क्षेत्र के कई गांवों का भी निरीक्षण किया। खुला कंट्रोल रूम, फसल को नुकसान तो यहां दें सूचना  कंट्रोल रूम एवं दैवी आपदा के सहायक अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देशन में कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। कोई भी किसान अपनी फसल नुकसान की जानकारी मोबाइल नंबर 9415002525 पर अथवा लखनऊ जिले के लिए टोल फ्री नंबर 1077 पर दे सकता है। सर्वे में जिस किसान की 33 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान मिलेगा उसे तुरंत मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।  

कृषि विभाग ने किसानों से की अपील, खलिहानों को आग से बचाने के लिए ज्वलनशील पदार्थों से करें परहेज

ज्वलनशील पदार्थों से करें खलिहानों का बचाव आगजनी की घटनाओं के पश्चात कृषि विभाग ने किसानों से की अपील बेमौसम बरसात पर भी किसानों को किया जा रहा जागरूक, दाने भीग गए हैं तो उनमें मात्र 10 प्रतिशत तक नमी बचने के बाद ही करें भंडारित  लखनऊ प्रदेश के कुछ जनपदों में खेत-खलिहानों में आगजनी की घटनाओं पर कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। कृषि विभाग ने जनपदों में तैनात कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस समय किसान बेमौसम बारिश से परेशान हैं। वहीं कुछ जनपदों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में किसानों के पास पहुंचकर उन्हें जागरूक करें कि वे खलिहानों का सिगरेट, बीड़ी व अन्य ज्वलनशील पदार्थों से बचाव करें।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन दिनों निरंतर किसानों से संपर्क में रहें। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी हो, इसके लिए भी लगातार किसानों से संवाद स्थापित करें।  कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वर्तमान में सरसों, चना, मसूर, मटर जैसी फसलों की कटाई एवं मड़ाई पूर्ण करते हुए भण्डारण इत्यादि किया जा रहा है। सर्वाधिक क्षेत्र में उगाई गई गेहूं की फसल को कुछ दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा से क्षति की आशंका है। ऐसे में किसान इस समय फसलों की कटाई एवं मड़ाई के समय सावधानी बरतें।  विभाग ने किसानों से कहा कि खेतों में यदि खड़ी फसल है और भीग गई है तो एक या दो दिन सूखने का मौका दें। यदि फसल की कटाई हो गई है और लांक खेत में पड़ी है तो खेत में पानी न रुकने दें अथवा बोझा बांधकर खड़ा कर दें। यदि फसल कटकर खलिहान में पड़ी है और भीग गई है तो उसे खोलकर हवा व धूप लगने दें जिससे जल्द ही सूख जाए, तत्पश्चात मड़ाई करें। यदि दाने भीग गए हैं तो उसे मात्र 10 प्रतिशत तक नमी बचने के बाद ही भंडारित करें। बीज उत्पादक कृषक हार्वेस्टर कंबाइन से कटाई कराते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें। वर्तमान में नमी के दृष्टिगत भण्डारण के समय भण्डार स्थल अथवा बखारी, बोरा, दीवाल आदि को धूमरीकरण/फ्यूमिगेशन अवश्य कर लें, जिससे भण्डारगृह साफ सूखा एवं कीटमुक्त रहे। थोड़ी सी सावधानी व उचित प्रबंधन से वर्षा से होने वाले संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

राष्ट्रीय जनजाति आयोग की जांच में सामने आई हकीकत, 16 साल की निकली मोनालिसा और पति फरमान के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

बागपत कुंभ में वायरल हुई मोनालिसा की शादी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग की जांच में लड़की नाबालिग पाई गई, जिसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है।  कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा की शादी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जांच में सामने आया है कि जिस लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, वह वास्तव में नाबालिग है। इसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह खुलासा हुआ कि शादी के समय मोनालिसा की उम्र महज 16 वर्ष 2 माह थी। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में संबंधित दस्तावेज और स्थानीय रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। जांच के बाद मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।  आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जनजाति आयोग की ओर से केरल और मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी को दिल्ली तलब किया है, ताकि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली जा सके और आगे की कार्रवाई तय की जा सके। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस शादी को लेकर कई सवाल उठे थे, जिसके बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी। जांच में उम्र संबंधी रिकॉर्ड सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि फरमान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के रहने वाले हैं। पिछले कुछ वर्ष पहले ही वह अपने परिवार को छोड़कर फिल्मों में काम करने का सपना लेकर मुंबई चले गए। यहीं पर उनकी मुलाकात मोनालिसा से हुई। इस जोड़े ने हाल ही में केरल में शादी की। जिसके बाद से ही ये मामला चर्चा में बना हुआ है। हालांकि फरमान के परिवार का कहना है कि वे इस शादी को नहीं मानते और न ही मोनालिसा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार करते हैं।  

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी बना जेम पोर्टल से खरीद में शीर्ष राज्य

पारदर्शिता का रोल मॉडल पेश किया उत्तर प्रदेश ने सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी बना जेम पोर्टल से खरीद में शीर्ष राज्य वित्त वर्ष 2025-26: जेम पोर्टल से सर्वाधिक 3606 करोड़ रुपये की खरीद कर यूपी में अव्वल रहा नगर विकास विभाग  टॉप-10 की सूची में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर व असम भी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी नीतियों ने उत्तर प्रदेश को देश के सामने रोड मॉडल के तौर पर पेश किया है। किसानों से गन्ना, गेहूं-चावल व अन्य कृषि उत्पाद खरीदने का मामला हो या सरकारी विभागों की विविध आवश्यकताओं से जुड़ी खरीद का, योगी सरकार ने पारदर्शिता के उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। इसी क्रम में प्रदेश के सरकारी महकमों ने अपनी अधिसंख्य खरीद जेम पोर्टल से सुनिश्चित कर यूपी को अन्य राज्यों से आगे लाकर खड़ा कर दिया है।   वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर खरीद में उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों के सामने मिसाल बना है। देश में शीर्ष स्थान पर काबिज उत्तर प्रदेश ने इस अवधि में जेम पोर्टल पर 22,337 करोड़ रुपये की खरीद की। प्रदेश की कुल खरीद में सर्वाधिक हिस्सेदारी नगर विकास विभाग की रही, जिसने 3606 करोड़ रुपये की खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से की। भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम पोर्टल क्रय नीति की सराहना करते हुए पारदर्शी खरीद में यूपी को रोल मॉडल राज्य घोषित किया है।  अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना उत्तर प्रदेश  वित्त वर्ष 2025-26: जेम पोर्टल खरीद में यूपी अव्वल राज्य-कुल क्रय (करोड़ रुपये में)  उत्तर प्रदेश-22,337 गुजरात-14,009  महाराष्ट्र-6113  दिल्ली-4278  छत्तीसगढ़-3935  बिहार-3611  मध्य प्रदेश-2900  जम्मू-कश्मीर-2653  झारखंड-2647  असम-2494  वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर यूपी के शीर्ष 10 विभागों की खरीद  विभाग-कुल क्रय (करोड़ रुपये में) नगर विकास विभाग-3606 चिकित्सा शिक्षा-2973 चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग-2498 गृह विभाग-1852 ऊर्जा विभाग-1192 पशुपालन विभाग-1139 बेसिक शिक्षा विभाग-812 ग्रामीण विकास-755 माध्यमिक शिक्षा-560  महिला एवं बाल विकास विभाग-450  साल दर साल खरीदारों का बढ़ता विश्वास  महिला उद्यमियों द्वारा खरीद  2020-21 में 467 करोड़  2021-22 में 734 करोड़  2022-23 में 1603 करोड़  2023-24 में 2583 करोड़  2024-25 में 3310 करोड़  2025-26 में 4755 करोड़  एससी/एसटी उद्यमियों द्वारा खरीद  2020-21 में 54 करोड़  2021-22 में 119 करोड़  2022-23 में 261 करोड़  2023-24 में 438 करोड़  2024-25 में 507 करोड़  2025-26 में 752 करोड़  स्टार्ट अप द्वारा जेम से खरीद  2020-21 में 261 करोड़  2021-22 में 785 करोड़  2022-23 में 1108 करोड़  2023-24 में 2435 करोड़  2024-25 में 2139 करोड़  2025-26 में 3203 करोड़  लघु-मध्यम इकाइयों द्वारा जेम से खरीद 2020-21 में 3978 करोड़  2021-22 में 8643 करोड़  2022-23 में 13,376 करोड़  2023-24 में 18,230 करोड़  2024-25 में 21,275 करोड़  2025-26 में 27,235 करोड़  यूपी के विक्रेताओं का जेम से बढ़ता कारोबार  2020-21 में 5770 करोड़  2021-22 में 14,792 करोड़  2022-23 में 20,910 करोड़  2023-24 में 29,232 करोड़  2024-25 में 33,536 करोड़  2025-26 में 42,654 करोड़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में सभी विभागों को जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल के माध्यम से सर्वाधिक खरीद कर अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। – कृष्ण मुरारी, IRSS, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जेम

महतारी वंदना योजना में केवाईसी सर्वर बना परेशानी का कारण, घंटों इंतजार के बाद भी निराश लौटी महिलाएं

बिलासपुर सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदना योजना के तहत केवाईसी (KYC) प्रक्रिया इन दिनों ग्रामीण महिलाओं के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है। सर्वर की लगातार खराबी और धीमी गति के चलते महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी रहने के बावजूद अपना काम नहीं करवा पा रहीं हैं। ग्राम पंचायत परसदा सहित आसपास के गांवों की सैकड़ों महिलाएं सुबह से ही, पंचायत भवन और लोक सेवा केंद्रों में केवाईसी कराने पहुंच रही हैं, लेकिन सर्वर डाउन रहने के कारण उनका काम नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ लंबा इंतजार करती रहीं, फिर भी शाम तक उनका नंबर नहीं आया और उन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। महिलाओं ने बताया कि वे रोजमर्रा के काम छोड़कर योजना का लाभ लेने के लिए आती हैं, लेकिन बार-बार सर्वर फेल होने से समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि कई दिनों से लगातार चक्कर लगाने के बावजूद उनका केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वर व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और केवाईसी प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, ताकि महिलाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

हितग्राहियों के लिए बड़ा अपडेट: महतारी वंदन योजना में निःशुल्क ई-केवाईसी अभियान शुरू

सक्ती महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को तेज करते हुए सभी लाभार्थियों से समय पर इसे पूर्ण कराने की अपील की है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के लगातार मिलता रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के रायपुर संचालनालय के निर्देश पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर आसानी से ई-केवाईसी करवा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से बताया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी पीडीएस दुकान या सीएससी केंद्र पर ई-केवाईसी के नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कोई ऑपरेटर शुल्क मांगता है, तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग में की जा सकती है। ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूर्ण कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा या योजना से वंचित होने की स्थिति से बचा जा सके। यह अभियान न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि योजना के लाभ को सही और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में भी मददगार साबित होगा।

पीवीटीजी सर्वे में तेजी, मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण

पीवीटीजी सर्वे में तेजी, मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के सर्वे को गति देने के लिए जनपद पंचायत में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली सिंह की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मैदानी अमले को सर्वे ऐप के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सर्वे प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने, डेटा एंट्री व रिपोर्टिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों को जिम्मेदारी व संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई पात्र परिवार छूट न जाए। साथ ही मुनादी, जनसहभागिता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सर्वे को समयबद्ध व प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

जल संकट पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: गोदरीपारा में टैंकरों से राहत, 16 नई टंकियों से स्थायी समाधान की तैयारी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी गोदरीपारा में पेयजल संकट को लेकर हुए चक्का जाम के बाद आखिरकार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। अब न केवल त्वरित राहत दी जा रही है, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में भी तेज़ी से कदम उठाए जा रहे हैं। नगर पालिक निगम चिरमिरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में 14 टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिल रही है। अमृत मिशन 2.0 बनेगा गेम चेंजर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अमृत मिशन 2.0 के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने का कार्य तेज़ी से जारी है। इसके साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने और पाइपलाइन विस्तार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पाइपलाइन विस्तार से बढ़ेगी पहुंच 15वें वित्त आयोग की राशि से गोदरीपारा, डोमनहिल और बरतुंगा क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। वार्ड क्रमांक 26, 27, 30, 31, 32, 33, 34 और 35 में लगभग 100 मीटर नई पाइपलाइन जोड़कर बड़ाबाजार पानी टंकी से कनेक्शन दिया गया है, जिससे एसईसीएल कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों में जल आपूर्ति बहाल हो रही है। गर्मी में राहत: टैंकरों की सतत सेवा भीषण गर्मी और गिरते जल स्तर के कारण उत्पन्न अस्थायी संकट को देखते हुए नगर निगम और एसईसीएल प्रबंधन के समन्वय से 14 टैंकरों द्वारा नियमित सप्लाई की जा रही है, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। 15 दिन में कनेक्शन, सप्ताह में दो दिन पानी जन जागरण संघर्ष समिति की मांगों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि 15 दिनों के भीतर पाइपलाइन कनेक्शन पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, सप्ताह में कम से कम दो दिन नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। 16 नई टंकियां बदलेंगी तस्वीर दीर्घकालिक समाधान के तहत अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत 16 नई पानी टंकियों के निर्माण के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। योजना के पूर्ण होते ही क्षेत्र में जल संकट पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है। प्रशासन का आश्वासन प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में कहीं भी जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और एसईसीएल के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया गया है। कुल मिलाकर, गोदरीपारा में जल संकट अब केवल अस्थायी राहत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ी तस्वीर सामने आने वाली है।

आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद बीपीएम सुलेमान खान को अब तक पद से नहीं हटाया जाना न सिर्फ आदेशों की अवहेलना है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गहरा दाग लगाता नजर आ रहा है। आखिर ऐसा क्या है कि कलेक्टर का सीधा निर्देश भी जमीन पर लागू नहीं हो पा रहा? क्या आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं, या फिर कहीं न कहीं कोई अदृश्य ताकत इस पूरे मामले को दबाने में लगी है? सवाल जो चुभ रहे हैं: किसके संरक्षण में हैं बीपीएम सुलेमान खान? क्या अब कलेक्टर के आदेश भी असरहीन हो चुके हैं? जिला स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी क्या किसी बड़े दबाव की ओर इशारा कर रही है? सूत्रों की मानें तो जिला स्वास्थ्य अधिकारी की रहस्यमयी चुप्पी इस पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना रही है। आदेश जारी होने के बाद भी संबंधित अधिकारी का पद पर बने रहना प्रशासनिक अनुशासन पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। जनता का गुस्सा, व्यवस्था पर अविश्वास: अब आम जनता भी सवाल उठाने लगी है, क्या जिले में “सेटिंग और संरक्षण” का खेल इतना मजबूत हो चुका है कि आदेश भी बेबस नजर आ रहे हैं? या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर कार्रवाई से बच रहे हैं? अब नजर कलेक्टर पर: यह मामला अब सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रशासन की साख दांव पर है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कलेक्टर इस चुनौती को कैसे लेते हैं, क्या सख्त कार्रवाई होगी या फिर आदेश फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल, सवाल ज्यादा हैं और जवाब नदारद… और यही इस पूरे मामले को और भी विस्फोटक बना रहा है।

ग्रास्प फाउंडेशन, भोपाल द्वारा दीप स्तंभ कार्यक्रम का सफल आयोजन

ग्रास्प फाउंडेशन, भोपाल द्वारा दीप स्तंभ कार्यक्रम का सफल आयोजन भोपाल  ग्रास्प फाउंडेशन, भोपाल द्वारा आयोजित "दीप स्तंभ" कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर, डॉ. वी. के. महाडिक, निदेशक, आर. डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन को "प्रदेश गौरव सम्मान" से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. रविंद्र कन्हेरे, अध्यक्ष, प्रवेश और शुल्क विनियमन समिति, मध्य प्रदेश सरकार ने कहा, "यह सम्मान उन लोगों के लिए है जो समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।" कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, मध्य प्रदेश एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने की। उन्होंने कहा, "यह सम्मान समाज के लिए एक प्रेरणा है और हमें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।" इस अवसर पर कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम के पश्चात रात्रिभोज का आयोजन किया गया। ग्रास्प फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अशोक जोहरी और सचिव श्रीमती स्मिता पागनीस ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।