samacharsecretary.com

थाने में बड़ा घोटाला: 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, SP ने कड़ी कार्रवाई की

डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर विवादों में है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को निलंबित कर दिया है। वायरल हो रहे इस कथित वीडियो में थाना परिसर के भीतर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। फुटेज में एक एएसआई, जिसे रोहित खूंटे बताया जा रहा है, मोबाइल फोन में एक महिला की तस्वीर को ज़ूम कर देखते नजर आते हैं। यह दृश्य पुलिस आचरण को लेकर कई सवाल खड़े करता है। इसके बाद वीडियो में कथित तौर पर एक वर्दीधारी आरक्षक, जिसे लक्ष्मी शंकर कंवर बताया जा रहा है, नगदी लेकर अपनी जेब में रखते दिखाई देता है।  आगे के हिस्से में एएसआई द्वारा बाहर आकर संबंधित व्यक्ति से और पैसों की मांग करने और “मामला निपटाने” की बात कहने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सामने आए दृश्य पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं और इसी संवेदनशीलता के चलते एसपी ने दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटनाक्रम ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब यह सब थाने के भीतर हो रहा था, तो क्या थाना प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर यह सब उनकी जानकारी में ही चल रहा था? किसी भी थाने की गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है, ऐसे में जांच का दायरा केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहिए।  मामला सामने आते ही एसपी अंकिता शर्मा ने “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत त्वरित कदम उठाते हुए वीडियो में दिख रहे एएसआई रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विभाग की सख्ती का संकेत जरूर है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस विभाग इस पूरे मामले की जांच कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करता है।  जनता के बीच फिलहाल एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या वर्दी के भीतर चल रही इस कथित ‘सौदेबाज़ी’ पर सख्त कार्रवाई होगी, या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?  

बैंक फ्रॉड मामला, हरियाणा में IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल

  चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने बुधवार रात 15 आई.ए.एस. अफसरों के तबादले करके कई अफसरों को सख्त संदेश दिया है। अहम यह है कि आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड के मामले में सी.बी. आई. जांच की मंजूरी से पहले 3 आई.ए.एस. अफसरों पर सरकार ने गाज गिरा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त प्रधान सचिव (ए.पी.एस.) आई.ए.एस. साकेत कुमार को उनके सभी पदों से हटाते हुए अभिलेखागार विभाग की जिम्मेदारी दे दी है। वहीं अजय कुमार को चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-11 (नया पद) बनाया गया है। इसी तरह सीनियर आई. ए. एस. पंकज अग्रवाल और डी.के. बेहरा को महत्वपूर्ण विभागों से पदमुक्त करते हुए साइड लाइन कर दिया गया है। पंकज अग्रवाल को आर्किटेक्चर विभाग का प्रधान सचिव वहीं डी. के. बेहरा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन का सचिव लगाया गया है। चर्चा है कि इन तीनों अफसर का नाम आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड में सामने आया है। ये सभी अफसर पूर्व में पंचायत विभाग में तैनात रह चुके हैं। चर्चा है कि ए.सी.बी. की ओर से इन अफसरों के खिलाफ 17ए की कार्रवाई शुरू करने के लिए मंजूरी मांगी गई है। वहीं अन्य तबादलों में विनीत गर्ग पहले हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन थे, अब अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग बनाए गए हैं। ए.सी.एस. अनुराग अग्रवाल पहले टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग और अर्बन एस्टेट्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, अब इसके अलावा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ-साथ हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के एडवाइजर भी होंगे। विजयेन्द्र कुमार कृषि एवं किसान कल्याण, पर्सनल, सैनिक कल्याण समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी होंगे। राजीव रंजन लेबर और यूथ एम्पावरमेंट विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी थे, अब सहकारिता विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। आई.ए.एस. सी.जी. राजिनी कान्थन फाइनैंस विभाग (हरियाणा-III) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी थे, अब माइंस एवं जियोलॉजी विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। जे. गणेशन- फूड, सिविल सप्लाइज, हाऊसिंग फॉर ऑल और हारट्रोन समेत कई पदों पर थे, अब हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन और पब्लिक हैल्थ इंजीनियरिंग विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। अतुल कुमार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर थे, अब फाइनेंस विभाग (हरियाणा-1) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। मनी राम शर्मा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार थे, अब स्वास्थ्य विभाग के सैक्रेटरी बनाए गए हैं। डॉ. आदित्य दहिया हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के एम.डी. थे, अब हरियाणा पावर जैनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एम.डी. भी होंगे। अजय कुमार गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर थे, अब चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-II (नया पद) बनाए गए हैं। उत्तम सिंह करनाल के डिप्टी कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. थे, अब गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर होंगे। आनंद कुमार शर्मा रोहतक के डिस्ट्रिक्ट म्यूनिसिपल कमिश्नर समेत कई पदों पर थे, अब करनाल के डिप्टी कमिश्नर और करनाल स्मार्ट सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाए गए हैं।

सीएम नायब सैनी की सख्त कार्रवाई, IAS राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार सस्पेंड, बैंक फ्रॉड से जुड़े तार

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में संलिप्तता के आरोपों के चलते दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में राम कुमार सिंह, आईएएस (एचवाई 2012) शामिल हैं, जो राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के साथ-साथ पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। सरकार के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान राम कुमार सिंह का मुख्यालय मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा) में निर्धारित किया गया है। इसी तरह, प्रदीप कुमार-1, आईएएस (एचवाई 2011), जो राज्य परिवहन विभाग में निदेशक और परिवहन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे, को भी निलंबित किया गया है। उनके निलंबन के दौरान मुख्यालय भी मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा), चंडीगढ़ में रहेगा। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर की गई है। सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

जहाँ बंदूकें थीं, अब बहता है पानी – हेटारकसा की बदली हुई तस्वीर

जहॉ बन्दूकें थीं, अब बहता है पानी- हेटारकसा की बदली तस्वीर रायपुर   कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से अछूता रहा कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम हेटारकसा आज बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जहां पहले सड़क, संचार और मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल थी, वहीं अब शासन के नक्सल उन्मूलन अभियान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांव में विकास दिखने लगा है। नक्सल प्रभाव के कारण वर्षों तक इस क्षेत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी। ग्रामीण, कुएं और नालों पर निर्भर थे, और गर्मी के दिनों में पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन और राज्य शासन के प्रयासों से ग्राम हेटारकसा के 63 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से अब गांव के हर घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव के निवासी राजनाथ पोटाई बताते हैं कि पहले पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, जिसमें अधिक समय व श्रम लगता था। वहीं अब घर में ही दिनभर पानी मिलने से दैनिक जीवन काफी आसान हो गया है। गांव की महिला सविता बेन ने कहती हैं कि पहले पानी की समस्या के कारण दिन का बड़ा हिस्सा इसी कार्य में चला जाता था, लेकिन अब नल-जल सुविधा से उन्हें राहत मिली है और वे अन्य कामों में समय दे पा रही हैं। स्वास्थ्य और आजीविका पर सकारात्मक असर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से गांव में जलजनित बीमारियों में कमी आई है। साथ ही ग्रामीण अब घरों के आसपास सब्जी-बाड़ी कर रहे हैं, जिससे टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी जैसी फसलें उगाकर वे पोषण के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित इस दूरस्थ क्षेत्र में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। आज ग्राम हेटारकसा यह साबित कर रहा है कि जब सुरक्षा, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है।

आतंकियों की साजिश बेनकाब: पंजाब में टाइम बम तैयार कर रहे दो आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर. पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क को बेनकाब किया। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो एक विदेशी संचालक के इशारे पर काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के समर्थन से सक्रिय था और इसका संबंध बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। यह नेटवर्क प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से बड़े हमलों की तैयारी कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। जानें क्या-क्या मिला – बरामद सामान में पांच हैंड ग्रेनेड, दो विशेष प्रकार के डेटोनेटर (IED), समय नियंत्रित यंत्र, कोडिंग और डिकोडिंग उपकरण, नौ वोल्ट बैटरी, करीब एक किलोग्राम उच्च विस्फोटक सामग्री जिसमें कीलें भरी हुई थीं, तथा एक संचार उपकरण शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन सामग्रियों का उपयोग बड़े और प्रभावशाली हमले के लिए किया जाना था। स्पष्ट है कि इससे टाइम बम तैयार किया जाना था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा तैयार किया जा रहा विस्फोटक उपकरण भी बरामद किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि उनकी योजना किसी भी समय हमले को अंजाम देने की थी। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू इस मामले में गुरदासपुर जिले के कलानौर थाना में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उनके आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर किस प्रकार का सहयोग मिल रहा था। साथ ही विदेशी संचालकों के साथ उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

रायपुर: फार्मेसी शिक्षा और शोध से स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर : फार्मेसी शिक्षा और शोध से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल फार्मा अन्वेषण 2026 में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रायपुर  राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित फार्मा अन्वेषण 2026 कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की थीम “Future Pharma Ecosystem: Academia, Industry, Research, Regulatory and Practice के बीच समन्वय” रही, जिसमें फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बेहतर तालमेल पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि फार्मेसी क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ फार्मेसी शिक्षा और रिसर्च को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने युवाओं और शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार (Innovation) और अनुसंधान के माध्यम से ही हम बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे नए अवसरों का सृजन हो सके। कार्यक्रम में कीनोट सेशन, इंडस्ट्री-एकेडमिक संवाद, पेटेंट एवं इनोवेशन शोकेस, ओरल एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस आयोजन के माध्यम से फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

लखनऊ में अप्रैल में हुआ नवंबर जैसी सर्दी का अहसास, पारा गिरकर 27 डिग्री पर पहुंचा, जानें मौसम विभाग का नया अपडेट

लखनऊ प्रदेश में जारी बेमौसम वर्षा, तड़ित झंझावत और ओलावृष्टि के दौर से बृहस्पतिवार से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। यह मौसमी बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रहा था, जिसने पूरे प्रदेश को प्रभावित किया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में बना हुआ था। यह उत्तरी पाकिस्तान और संलग्न जम्मू-कश्मीर के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में केंद्रित था। एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद इसके अतिरिक्त, निचले क्षोभमंडल में प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग पर एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। यह परिसंचरण मणिपुर तक एक द्रोणी के रूप में फैला हुआ है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। बुधवार को प्रदेश के ऊपरी क्षोभमंडल से इन मौसमी प्रणालियों में प्रभावी कमी आने की संभावना है। इस कमी के बाद बृहस्पतिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से मौसम पूर्णतया शुष्क होने की संभावना है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान मौसम में सुधार के साथ ही प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। आगामी चौबीस घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह गिरावट हल्की ठंडक का अनुभव कराएगी। हालांकि, उसके बाद के दिनों में तापमान में आठ से दस डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह बढ़ोतरी मौसम को सामान्य स्थिति में लाएगी और गर्मी का अनुभव कराएगी। नवंबर जैसी सर्दी का अहसास मात्र 24 घंटे में मौसम के बदले मिजाज ने राजधानी में अप्रैल के महीने में नवंबर जैसा अहसास करा दिया। सुबह से शुरु हुई रिमझिम बारिश दिन में रुक-रुककर होती रही। हालांकि इस दौरान धूप भी निकली और बादलों की आवाजाही भी लगी रही। इस बदलाव से अधिकतम तापमान पर पारा 7.5 डिग्री का गोता लगाते हुए 34.5 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मंगलवार रात की बारिश 5.3 मिमी दर्ज की गई जबकि बुधवार को शाम तक तीन मिमी बारिश हुई। आमतौर पर अप्रैल का महीना गर्म होता है, लेकिन इस बार लखनऊ में स्थिति भिन्न रही। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई। दिन के समय भी मौसम में ठंडक बनी रही। रात में ठंड का अहसास इतना बढ़ गया कि लोगों को नवंबर के मौसम की याद आ गई। पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार शाम में ही तेज हवा के साथ बारिश देखने को मिली। रात में रुक-रुककर बारिश होती रही। बुधवार को भी सुबह में हल्की बारिश ने ठंड का अहसास कराया। शाम को भी बूंदाबांदी हुई। देर शाम मौसम काफी सुहाना हो गया।  

श्रमिक महासम्मेलन में निर्धारित मानकों का पालन, अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्य

रायपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में विभाग  व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च के आरोपों को श्रम विभाग ने निराधार और भ्रामक है।         छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 5,000 से 8,000 लोग शामिल हुए थे।            श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित संस्था को नियमों के तहत किया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तय मानक के अनुरूप नहीं होने पर बदली जाएंगी साड़ियां रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग  द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ है, लेकिन जहां भी गड़बड़ी मिली है, वहां सुधार किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर साड़ियां बदली जाएंगी।     आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दी गई साड़ियों की लंबाई और गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक्शन लिया है। विभाग के मुताबिक, केंद्र सरकार के प्रावधान के तहत हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को साल में दो साड़ी यूनिफॉर्म दी जाती है। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपए तय हैं। इसी आधार पर राज्य में करीब 1.94 लाख साड़ियों की आपूर्ति का आदेश छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी को दिया गया था। साड़ियों के रंग, डिजाइन और लंबाई का मापदंड राज्य स्तर पर तय किया गया था। इसके अनुसार साड़ी की लंबाई 5.50 मीटर और ब्लाउज पीस सहित कुल लंबाई 6.30 मीटर निर्धारित है।       महिला एवं बाल विकास विभाग को साड़ी की आपूर्ति से पहले छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी के  सैंपल की जांच तकनीकी एजेंसी राइट्स लिमिटेड, मुंबई से कराई गई थी, जिसमें गुणवत्ता सही पाई गई।                आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी वितरित की गई l हालांकि वितरण के बाद दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जिलों से कुछ शिकायतें सामने आईं। इनमें साड़ी छोटी होने, धागा निकलने और रंग छोड़ने की बात कही गई। विभाग ने तुरंत जांच समिति बनाकर इन मामलों की पड़ताल कराई। जांच में कुछ मामलों में लंबाई कम और बुनाई में खामियां सामने आईं।विभाग का कहना है कि कॉटन साड़ी होने के कारण पहली धुलाई में रंग छोड़ने की स्थिति कुछ जगहों पर दिखी, लेकिन बाद में रंग सामान्य रहा।          महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साड़ियों की दोबारा जांच करें और जहां मापदंड से कमी मिले, उसकी जानकारी भेजें। साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी साड़ियों को बदलकर मानक के अनुसार नई साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं।       विभाग ने यह भी बताया कि जारी कार्यादेश में ही एजेंसी को गुणवत्ता बनाए रखने और शिकायत मिलने पर सामग्री बदलने की शर्त लिखी गई थी।विभाग का कहना है कि किसी भी हितग्राही को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी मानक के अनुरूप साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

गैस संकट के कारण टलने लगीं शादियां, कैटरर्स ने चाट और डोसा के काउंटर घटाए, एडीएम से मिले व्यापारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम से उनके कार्यालय में मुलाकात की। पदाधिकारियों ने कैटरिंग क्षेत्र के व्यवसायियों की समस्याओं को उनके सामने रखा। एडीएम ने कहा कि शादी का कार्ड दिखाने पर सिलिंडर मिल सकेगा। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि 15 अप्रैल से सहालगों की शुरुआत हो रही है। इससे कैटरिंग क्षेत्र के व्यापारियों के सामने व्यावसायिक सिलिंडरों की बड़ी चुनौती आ रही है। कैटरिंग व्यापारियों को सहालग में सुगमता से व्यावसायिक सिलिंडर मिलने चाहिए। अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं अपूर्ति ज्योति गौतम ने व्यापारियों को भरोसा दिया कि कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शादी के कार्ड और प्री ऑर्डर बुकिंग के प्रपत्र के साथ जिला आपूर्ति कार्यालय या मेरे कार्यालय में जमा करा दें। कैटरर्स या शादी वाले घरों के लोग पत्र देकर व्यावसायिक गैस सिलेंडर की मांग कर सकते हैं। संबंधित गैस एजेंसी को व्यापारियों की मांग भेज कर व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के अध्यक्ष राघवेंद्र चौधरी, संतोष गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान, आयुष पांडेय, संजीव सिंह मौजूद रहे। रिश्तेदारों की मेहमान नवाजी बड़ी समस्या उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार बताते हैं कि गैस की किल्लत की वजह से लोग शादी टाल रहे हैं। घर आने वाले रिश्तेदारों के खाने-पीने की व्यवस्था कैसे होगी, इसकी चिंता बढ़ती जा रही है। बताया कि मेरे परिचित के पांच परिवारों ने नवंबर तक के लिए शादियां टाल दी हैं। मार्च में टाली थी शादी, नहीं मिली राहत: उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट कैटरिंग एंड डेकोरेशन व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने बताया कि इंदिरानगर और चिनहट के दो परिवारों ने मार्च में आयोजित अपने घरों की शादियां गैस किल्लत को देखते हुए एक महीने के लिए टाल दी थीं। अब वह अप्रैल के अंत में शादी के लिए हिम्मत जुटा रहे हैं। हालांकि, उन्हें अब भी डर है कि कहीं सिलिंडर नहीं मिला तो मेहमानों को कैसे खिलाएंगे। व्यंजन भी हुए कम, काउंटर घटाए गए कारोबारी बताते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर हम हर जगह लकड़ी और कोयला नहीं जला सकते। धुआं होने के कारण मैरिज लॉन वाले ऐसे चूल्हे पर आपत्ति करते हैं। ऐसे में हम लोगों ने शादियों में चाट, पावभाजी, डोसा आदि के काउंटर कम किए गए हैं। इन काउंटर पर लगातार गैस की जरूरत पड़ती है।