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कोयला गैसीकरण परियोजनाओं से बिहार में बड़े निवेश की संभावना, केंद्र ने जताया भरोसा

पटना  कोयला गैसीकरण से संबंधित परियोजनाओं के माध्यम से बिहार में 8000 से 12000 करोड़ के निवेश की संभावना है। यह आकलन केंद्र सरकार का है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर केंद्रीय कोयला व खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे इस संदर्भ में विचार-विमर्श भी कर चुके हैं। आकलन है कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से बिहार में 2500 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। देश में कोयले का प्रचुर भंडार है, लेकिन कच्चा तेल, एलपीजी, प्राकृतिक गैस, मेथनाल आदि के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भरता है। वित्त वर्ष 2025 में मेथनाल, अमोनिया, अमोनियम नाइट्रेट और अन्य प्रतिस्थापन योग्य उत्पादों के लिए भारत का आयात बिल 2.77 लाख करोड़ रुपये रहा था। कोयला गैसीकरण सीधे तौर पर इस बिल को प्रभावित करेगा। ऐसे में सरकार यह मानकर चल रही कि अगले दशक में कोयला गैसीकरण भारत के सबसे उभरते क्षेत्रों में से एक होगा। कई प्रकार के उत्पाद देने वाली इस तकनीकी के जरिये तीन लाख करोड़ तक के आयात को प्रतिस्थापित करने की क्षमता है। इसीलिए सरकार ने भी खजाने का मुंह खोल दिया है। इस वर्ष 37500 करोड़ से पहले जनवरी, 2024 में 8500 करोड़ रुपये के पैकेज को स्वीकृति दी गई थी। बिहार से विशेष अपेक्षा दुबे ने बताया कि भारत में 2021 में राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन शुरू हुआ। 2030 तक प्रतिवर्ष 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण का लक्ष्य निर्धारित है। बहरहाल परियोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने आरएफपी को सार्वजनिक किया है और सभी हितधारकों से सुझाव मांगा है। इसी क्रम में बिहार से भी अपेक्षा है। जोखिम भी अधिक वर्ष 2024 में कोयला मंत्रालय ने झारखंड में भारत की पहली भूमिगत कोयला गैसीकरण पायलट परियोजना शुरू की थी। 2030 तक 25 परियोजनाओं की स्थापना का लक्ष्य है। इसका आशय यह नहीं कि सब कुछ सहजता से हो जाएगा। इसमें पूंजीगत लागत अधिक है, क्रियान्वयन का जोखिम वास्तविक है और नीतिगत समर्थन महत्वपूर्ण। कोयला गैसीकरण संयंत्रों का निर्माण एक लंबी प्रक्रिया है और बड़े पैमाने पर इन्हें स्थापित करने में 10 से 15 वर्ष लग सकते हैं। बहरहाल इस मिशन को गति देने और उद्योग जगत की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 18 जून को मुंबई में तीसरा रोड-शो भी हो चुका है। क्या है कोयला गैसीकरण इसमें कोयले को सीधे जलाने के बजाय उसे सिंथेटिक गैस (मुख्य रूप से कार्बन मोनोआक्साइड और हाइड्रोजन) में बदला जाता है। उस गैस का उपयोग ईंधन, उर्वरक और रसायन बनाने में होता है। जैसे कि मेथनाल, अमोनिया, यूरिया, हाइड्रोजन, तरल ईंधन आदि। संभावना कभी बिहार का अंश रहे झारखंड में भी कोयला के बड़े खदान हैं। ओडिशा भी निकटवर्ती है। बिहार तक कोयला आपूर्ति में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी, लिहाजा उत्पाद का मूल्य नियंत्रण में होगा। l कोयले के गैसीकरण में पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। बिहार जल संसाधन से समृद्ध है। कमी यहां पानी के संचयन की है। संरचना बनाकर बाढ़ का पानी संचय किया जा सकता है। समस्या 20 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले संयंत्र की स्थापना पर 600 करोड़ से 2000 करोड़ रुपये के बीच लागत आती है। इतनी बड़ी पूंजी लगाने से पहले निवेशक औद्योगिक परिवेश का आकलन करेंगे। बड़े व्यावसायिक संयंत्र के लिए लगभग 250 से 500 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। बिहार की विपुल जनसंख्या और कृषि पर निर्भरता के कारण भूमि अधिग्रहण तनिक दुरुह है।  

जयपुर में ताजिया जुलूस को लेकर सुरक्षा कड़ी, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग पर रोक

जयपुर जयपुर में मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजिया जुलूसों को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है। शहर की संवेदनशीलता और लाखों लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने ऐसा सुरक्षा घेरा तैयार किया है, जिसमें जमीन से लेकर आसमान तक हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। करीब तीन हजार पुलिसकर्मी पूरे शहर में तैनात रहेंगे, जबकि ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी नेटवर्क और सादा वर्दी में मौजूद इंटेलिजेंस टीम हर संदिग्ध गतिविधि पर निगरानी रखेगी। प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना भी है। आस्था और परंपरा का दिन मुहर्रम का दिन मुस्लिम समाज के लिए गहरी आस्था और शहादत की याद का प्रतीक माना जाता है। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की स्मृति में शहर के अलग-अलग इलाकों से ताजिए निकलेंगे और कर्बला तक पहुंचेंगे। इस दौरान हजारों लोग जुलूस में शामिल होंगे, वहीं बड़ी संख्या में लोग रास्तों के किनारे खड़े होकर इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे। इसी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही विस्तृत योजना तैयार की है। परकोटे में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदलेगी परकोटा क्षेत्र में आज पूरे दिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी। संजय सर्किल, अजमेरी गेट, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, घाट गेट, गलता गेट और रामगढ़ मोड़ से परकोटे में सभी प्रकार के वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य मार्गों से आने वाले ट्रैफिक को भी वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी लेकर ही घर से निकलें। भारी वाहनों पर भी रहेगा प्रतिबंध भारी मालवाहक वाहनों के लिए भी शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर रोक लगा दी गई है। रोड नंबर-14 वीकेआई, कालवाड़ पुलिया, सिरसी पुलिया, 200 फीट अजमेर रोड, न्यू सांगानेर मोड़, गोपालपुरा मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा, धोबीघाट, रामगढ़ मोड़, गलता गेट चौराहा और आमेर तिराहे सहित कई स्थानों से भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इससे जुलूस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम रखने की कोशिश की जाएगी। इन बाजारों में पार्किंग पूरी तरह बंद ताजिया जुलूस के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में पार्किंग भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। चौड़ा रास्ता, बड़ी चौपड़, बापू बाजार, जौहरी बाजार, हवामहल बाजार, सुभाष चौक, रामगंज बाजार, घाट गेट बाजार, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, इंदिरा बाजार, किशनपोल बाजार, गोपीनाथ मार्ग, एमआई रोड और एमडी रोड सहित कई क्षेत्रों में वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। कर्बला तक निकलेगा ताजिया जुलूस आज दोपहर बाद शहर के विभिन्न इलाकों से ताजिए बड़ी चौपड़ पहुंचेंगे। यहां से पारंपरिक मार्ग से होते हुए जुलूस हवामहल बाजार, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट और रामगढ़ मोड़ के रास्ते कर्बला पहुंचेगा। इस पूरे मार्ग पर दोपहर से देर रात तक यातायात प्रभावित रहेगा और पुलिस लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करती रहेगी। ड्रोन, सीसीटीवी और QRT रहेगी अलर्ट पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। एडिशनल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राजीव पचार के अनुसार शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में करीब तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। संवेदनशील इलाकों में सादा वर्दी में पुलिस और इंटेलिजेंस के जवान भी तैनात रहेंगे। 17 ताजियों के लाइसेंस रद्द प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल लाइसेंसधारी ताजियों को ही जुलूस निकालने की अनुमति होगी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 17 ताजियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। जुलूस मार्ग पर बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को भी निर्देश जारी किए गए हैं अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी पुलिस विशेष सतर्क रहेगी। अभय कमांड सेंटर, शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से पूरे आयोजन की लाइव निगरानी की जाएगी। साइबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगी और भ्रामक पोस्ट, अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन से सहयोग की अपील यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं, ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से पहले वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि सभी के सहयोग से ही मुहर्रम का यह पारंपरिक और श्रद्धापूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सकेगा।

Indore News: सिंगापुर टाउनशिप में चल रही थी नकली नोट छापने की फैक्ट्री, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

इंदौर इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक बड़े खुलासे का कारण बन गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से पहले एक युवक पकड़ा गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 44 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन तथा अन्य सामग्री जब्त की है।गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार राजनगर सेक्टर-ए, चंदन नगर निवासी यशवंत यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून को वह रिजलाय फाटा-नावदा पंथ रोड स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद था। इसी दौरान एक युवक चाय-नाश्ता करने के बाद भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट देने लगा। रेस्टोरेंट संचालक को हुआ शक, मौके पर पकड़ लिया नोट देखते ही रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को उसके नकली होने का संदेह हुआ। उन्होंने कर्मचारी आशीष चौहान की मदद से युवक को मौके पर ही रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान ग्राम अटाहेड़ा, थाना देपालपुर निवासी दीपक पटेल के रूप में बताई। उसने खुद को मजदूर बताते हुए दावा किया कि यह नोट उसे मजदूरी के भुगतान में मिले थे। हालांकि तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए। खंडवा एसटीएफ ने भी पकड़ा था पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसे खंडवा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से यही अवैध कारोबार शुरू कर दिया। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की भी जांच कर रही है। पूछताछ में खुला मास्टरमाइंड का नाम सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि नकली नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय पुत्र महेश वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया। संजय के कब्जे से करीब 40 हजार रुपये के नकली नोट और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस के अनुसार संजय दीपक को बाजार में जाली नोट चलाने के लिए देता था। पहले भी नकली नोट मामले में जा चुका है जेल पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसे पूर्व में एसटीएफ खंडवा नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय भी उसके पास से जाली नोट बरामद हुए थे और जेल भेजा गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

मौसम का बड़ा अपडेट: 3–4 दिन में यूपी पहुंचेगा मॉनसून, IMD ने जारी किया बारिश का पूर्वानुमान

लखनऊ उत्तर भारत के कुछ राज्यों में अब भी गर्मी का दौर जारी है। लोग बेसब्री से मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मॉनसून आने में काफी देरी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि यूपी में अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून की एंट्री हो जाएगी। इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होी। साथ ही, 27 से 29 जून के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कहीं कहीं बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हीटवेव चलेगी। वहीं, एक से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। इसके अलावा, पश्चिमी यूपी में 29 जून से दो जुलाई के बीच बरसात का अलर्ट है। मॉनसून पर मौसम विभाग ने कहा, ''अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बाकी हिस्सों, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं।'' वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो यहां 26 से 30 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-29 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर बारिश होने वाली है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, 29 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 से 30 जून दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर तेज बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में भारी बारिश एक से दो जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 30 जून से दो जुलाई के दौरान उत्तराखंड में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होने वाली है। वहीं, 26 जून और एक से दो जुलाई के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-27 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 से 29 जून के दौरान उत्तराखंड में तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है। वहीं, 26-27 जून और एक से दो जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, 30 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, 26-27 जून के दौरान पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। एमपी, विदर्भ, छत्तीसगढ़ के लिए क्या अलर्ट मध्य भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, 26-27 जून और 30 जून से एक जुलाई के दौरान विदर्भ, 26 जून को छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं जगहों पर बारिश की संभावना है। 26-30 जून के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है। 26-30 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं आंधी तूफान चलेगा और बिजली गिर सकती है। 28-29 जून के दौरान विदर्भ, 27-29 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत में भी अगले एक हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, 27 जून से दो जुलाई के दौरान असम, मेघालय में काफी भारी बारिश होने की संभावना है। 26 जून को असम, मेघालय में कहीं कहीं भारी बारिश होगी। 26-30 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने वाली है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक में जोरदार होगी बारिश इसके अलावा, दक्षिण भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 30 जून से एक जुलाई के दौरान उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 26-27 जून के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 29 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 26 जून और 28 जून से दो जुलाई के दौरान रायलसीमा, एक और दो जुलाई के दौरान तेलंगाना में बारिश की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, 26-29 जून और दो जुलाई को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 28 जून से दो जुलाई के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 26-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 27 जून को रायलसीमा, 26-30 जून के दौरान तेलंगाना में काफी भारी से बहुत भारी बारिश होगी।

95% मैपिंग पूरी, अब BLO से बदसलूकी पर होगी कड़ी कार्रवाई; प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश

चंडीगढ़ पंजाब में एसआईआर शुरू हो चुका है। बीएलओ को फील्ड में किसी प्रकार की कोई परेशानी पेश न आए, इसके लिए सभी इलेक्टरोल रजिस्ट्रेशन अफसरों (एसडीएम व एडीसी) को हिदायतें जारी कर दी गई हैं। सभी ईआरओ रोजाना अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इसके लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से विशेष लिंक तैयार किया जा रहा है, जो सभी एआरओ को उपलब्ध करवाया जाएगा।  इसी लिंक के माध्यम से सभी बीएलओ की एक माह रोजाना वर्चुअल बैठकें होंगी और उनसे फीडबैक जुटाया जाएगा। दरअसल, प्री मैपिंग के दौरान फील्ड से बीएलओ की कई शिकायतें आई थीं, जिसमें उन्होंने अपने साथ लोगों द्वारा दुर्व्यवहार करने की बात कही थी। एसआईआर के दौरान ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा खासी गंभीर हैं। मित्रा ने कहा, बीएलओ की सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत जरूरी है क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की रीढ़ हैं। वे एसआईआर में एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। लिहाजा सभी ईआरओ को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीएलओ के साथ जुड़ेंगे। उनकी समस्याओं भी इसी दौरान चर्चा होगी। फील्ड से यदि किसी भी बीएलओ के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं तो सभी ईआरओ बनती कार्रवाई करने के लिए सक्षम होंगे।   मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 86.02 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो गई है। कोशिश की जा रही है कि हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने के दौरान भी बीएलओ संबंधित क्षेत्र के बीएलएओ के साथ मिलकर अनमैप्ड लोगों की भी मैपिंग कर लें। यह प्रतिशत और बढ़ सकता है। मानसा में सबसे अधिक, मोहाली में सबसे कम मैपिंग मानसा जिले में सबसे अधिक 95.07 प्रतिशत मैपिंग हो चुकी है, जो सबसे ज्यादा है जबकि मोहाली जिले में सबसे कम 69.05 प्रतिशत मैपिंग हुई है। सीईओ अनिंदिता मित्रा बताती हैं कि दरअसल, साल 2003 (पंजाब में एसआईआर हुआ था) के बाद मोहाली में व्यापक स्तर पर बदलाव हुआ है। कई रिहायशी इलाके नए जुड़े हैं, कई हाईराइज भवन बने हैं, बहुत से लोग बाहर से आकर यहां बसे हैं, यह भी प्री-मैपिंग कम रहने की एक बड़ी वजह है लेकिन एसआईआर के दौरान यह सब कवर अप हो जाएगा। इसके अलावा लुधियाना में 77.17 प्रतिशत, जालंधर में 82.94, कपूरथला में 83.10, पटियाला में 85.05, फरीदकोट में 85.49, रूपनगर में 85.55, पठानकोट में 86.06, गुरदासपुर में 86.94, फिरोजपुर में 87.61, फतेहगढ़ साहिब में 88.16, फाजिल्का में 88.52, अमृतसर में 88.61, बठिंडा में 88.88, होशियारपुर में 89.69, संगरूर में 89.89, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) में 90.08, मोगा में 90.47, मलेरकोटला में 91.33, बरनाला में 92.24, श्री मुक्तसर साहिब में 92.79, तरनतारन में 93.03 व मानसा में 95.07 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो चुकी है। पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घरों में वितरित किए फॉर्म पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घर-घर दौरे शुरू कर दिए हैं। 24 जुलाई तक यह दौरा जारी रहेगा, जिसके तहत पंजाब भर के 2,14,61,043 मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे गणना फॉर्म वितरित करने और भरने में सहायता के लिए अपने घरों का दौरा करने वाले बीएलओ का सहयोग करें।  उन्होंने लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी एक ताजा रंगीन फोटो तैयार रखें, फॉर्म भरकर, उस पर हस्ताक्षर करें और बीएलओ को सौंप दें व विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने तक दूसरी प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।  मित्रा ने मतदाताओं को विश्वास दिलाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई घर बंद पाया जाता है तो बीएलओ फॉर्म को दरवाजे के नीचे से अंदर पहुंचा देगा और संबंधित घर के अगले दौरे की तारीख के बारे में दीवार पर स्टिकर चिपका दिया जाएगा। बीएलओ फॉर्म एकत्र करने के लिए तीन बार घर-घर जाएंगे। यदि मतदाता घर पर उपस्थित नहीं है, तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य, संबंधित व्यक्ति से अपना रिश्ता बताकर उसके फॉर्म पर हस्ताक्षर करके फॉर्म वापस बीएलओ को दे सकता है।   

हरियाणा में बावरिया गैंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन, दो सगे भाई एनकाउंटर में ढेर

कैथल. चीका एरिया में कुछ दिन पहले करीब एक करोड़ की चोरी करने के मामले में फरार चल रहे दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया है। बदमाशों की पहचान मोड़ मंडी भठिंडा पंजाब निवासी सोहन और धर्मबीर के रूप में हुई है। दोनों बदमाश सगे भाई हैं और दोनों को पैरों में गोलियां लगी हैं। बताया जा रहा है कि पकड़े गए बदमाश बावरिया गैंग से जुड़े हुए हैं और रेल लूट तक कि वारदात कर चुके हैं। दोनों बदमाशों के ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम था। देर रात स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट टीम को सूचना मिली थी कि बदमाश एक गाड़ी में पूंडरी एरिया में आये हुए हैं। सूचना के बाद इंस्पेक्टर सुनील, एएसआई तरसेम, हरीश, अनिल और बुट्टा सिंह की टीम पहुंची। टीम ने रात करीब दो बजे गाड़ी को देख लिया और बदमाशों ने गाड़ी को भगा लिया। इसके बाद बदमाशों की गाड़ी बैलेन्स खराब होने से पेड से भीड़ गई। गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली गाड़ी के शीशे को पार हुए एक पुलिस कर्मचारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। एक गोली इंपेक्टर सुनील की जैकेट में भी लगी। दोनों तरफ से करीब 20 राउंड फायरिंग हुई है। दो गोलियां बदमाशों के पैरों में लगी। दोनों को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। बता दें कि कैथल पुलिस इससे भी मुठभेड़ में 9 बदमाशों को पकड़ चुकी है। एसपी कैथल मनप्रीत सिंह ने सभी क्राइम टीमों को बदमाशों पर कार्रवाई की निर्देश दिए हुए हैं।

बेअदबी केसों में अब संवेदनशील होगी पुलिस की भाषा, PBI की 22 पवित्र शब्दों वाली नई गाइडलाइन जारी

चंडीगढ़. पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़े बेअदबी मामलों की जांच अब केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जांच की भाषा और दस्तावेजों में भी धार्मिक मर्यादा और श्रद्धा स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। पंजाब ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (पीबीआइ) ने बेअदबी से जुड़े मामलों की जांच के लिए 22 सम्मानजनक धार्मिक शब्दों की सूची जारी करते हुए राज्य के सभी पुलिस कमिश्नरों, रेंज अधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं। पीबीआइ की ओर से जारी इस सर्कुलर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बेअदबी जैसे अत्यंत संवेदनशील मामलों में पुलिस की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा किसी भी रूप में धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केस डायरी, एफआइआर, चार्जशीट और जांच से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेजों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी तथा उनसे संबंधित वस्तुओं और प्रक्रियाओं का उल्लेख केवल निर्धारित सम्मानजनक शब्दों से ही किया जाए। पंजाबी में उच्चारित शब्द ही लिखे जाएं पीबीआइ निदेशक एलके यादव की ओर से जारी सर्कुलर में कहा है कि जांच में “क्लीनिकल और आब्जेक्टिव लैंग्वेज” का प्रयोग किया जाए, ताकि तथ्यों को निष्पक्ष तरीके से दर्ज किया जा सके, लेकिन साथ ही धार्मिक गरिमा भी अक्षुण्ण बनी रहे। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे पवित्र सामग्री का दोबारा अनादर होने का जोखिम पैदा हो। पीबीआइ की ओर से जारी सूची में जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी, पावन स्वरूप, पावन अंग, रुमाला साहिब, चौर साहिब, पालकी साहिब, पीढ़ा साहिब, चंदोआ साहिब, सैंची साहिब, गुटका साहिब, नितनेम, प्रकाश स्थान, सुखासन, थड़ा साहिब, ग्रंथी सिंह, सेवक/सेवादार, बिरध अवस्था, चाले पाना/पहुंच कर्मा और आनंद कारज जैसे शब्द शामिल हैं। इन शब्दों को अंग्रेजी दस्तावेजों में भी ठीक उसी तरह लिखा जाएगा जैसे पंजाबी में उच्चारित किए जाते हैं, ताकि मूल धार्मिक संदर्भ और सम्मान बना रहे। मर्यादा का पूर्ण पालन करना जरूरी उदाहरण के तौर पर रुमाला साहिब को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पर आदरपूर्वक ओढ़ाए जाने वाले सजावटी वस्त्र के रूप में परिभाषित किया गया है। चौर साहिब को श्रद्धा स्वरूप किया जाने वाला चंवर बताया गया है, जबकि पालकी साहिब वह पवित्र स्थान है जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप स्थापित किया जाता है। इसी तरह बिरध अवस्था का उपयोग उस स्थिति के लिए होगा जब पावन स्वरूप समय और उपयोग के कारण पुराना हो जाए। सर्कुलर का एक अहम हिस्सा यह भी है कि बेअदबी मामलों की जांच के दौरान पुलिस को धार्मिक संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा। यदि घटनास्थल से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी या उसके किसी अंग की बरामदगी होती है तो पुलिस संबंधित धार्मिक अधिकारियों, विशेषकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्रवाई करेगी। सर्कुलर में साफ कहा गया है कि एसजीपीसी द्वारा निर्धारित धार्मिक प्रोटोकाल और सिख रहत मर्यादा का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। घटनास्थल पर मौजूद पवित्र सामग्री को अत्यंत सम्मान और गरिमा के साथ संभालना अनिवार्य होगा। पहले भी SOP हो चुकी है जारी गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पंजाब सरकार पहले ही बेअदबी मामलों को लेकर सख्त कानूनी ढांचा तैयार कर चुकी है। अप्रैल में पीबीआइ ने बेअदबी मामलों की जांच के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया था। इसमें हाई रेजोल्यूशन फोटोग्राफी, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, इलेक्ट्रॉनिक फुटप्रिंट की जांच और साजिश की कड़ियों को जोड़ने जैसे आधुनिक जांच मानक शामिल किए गए। साथ ही जांच एजेंसियों को 60 से 90 दिनों के भीतर चालान अदालत में पेश करने की समयसीमा भी दी गई। 20 अप्रैल को लागू किया गया था एक्ट इसके अलावा पंजाब सरकार ने 20 अप्रैल को जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2025 को लागू किया था। इस कानून के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े अपराधों के लिए न्यूनतम सात साल से लेकर 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही दोषी पर दो लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि जांच में यह साबित होता है कि बेअदबी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी या इसके पीछे शांति भंग करने अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा थी, तो सजा 10 साल से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है। ऐसे मामलों में पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। हालांकि इस कानून की कुछ धाराओं को लेकर धार्मिक संस्थाओं ने आपत्ति भी जताई है। एसजीपीसी और अकाल तख्त ने विशेष रूप से “कस्टोडियन” शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस शब्द की व्यापक व्याख्या से ग्रंथियों, प्रबंधकों, गुरुद्वारा कमेटियों और सेवादारों पर अनजाने में भी आपराधिक जिम्मेदारी आ सकती है, जबकि कई बार मर्यादा का उल्लंघन जानबूझकर नहीं होता। रिकॉर्ड मेंटेनेंस और पावन स्वरूपों की ट्रैकिंग संबंधी कुछ प्रावधानों पर भी सिख संस्थाओं ने चिंता जताई है।

बैरिकेड तोड़कर फरार ट्रक चालक ने मचाया कहर, मोहला-मानपुर में मासूम की गई जान

मोहला-मानपुर-अंबागढ़. छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से हिट एंड रन की बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. तेज रफ्तार ट्रक ने गुंडरदेही गांव के पास शुक्रवार सुबह मासूम को रौंद दिया. हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने जब ट्रक को पकड़ने की कोशिश तो, चालक बैरिकेड्स तोड़कर महाराष्ट्र बॉर्डर की ओर भाग निकला. इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए. जानकारी के मुताबिक, गुंडरदेही में सड़क किनारे खेल रहे बच्चे को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। दर्दनाक हादसे में मासूम की मौत हो गई. मृतक के परिजनों की सूचना पर पुलिस एक्टिव हुई और ट्रक चालक को पकड़ने के प्रयास शरू कर दिए. मोहला और मानपुर थाना के पास ट्रक को पकड़ने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे. मौके पर कई पुलिसकर्मी भी मौजूद थे. आरोपी चालक घटनास्थल के बाद काफी रफ्तार में ट्रक दौड़ा रहा था. मोहला में पुलिसकर्मियों के रुकवाने पर भी चालक ट्रक को बिना रोके बेरिकेड तोड़ते हुए आगे निकल गया. घटना की सूचना के बाद मानपुर थाना के बाहर भी बेरिकेडिंग की गई थी. जब ट्रक पास में पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी चालक ने दोबारा बेरिकेडिंग तोड़ दो और भाग निकला. हालांकि पुलिस लगातार आरोपी पीछा करती रही. वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर आई. आखिरकार चालक को कोरकोट्टी गांव के पास पकड़ गया. वह फिलहाल पुलिस की हिरासत में है. आरोपी को पकड़कर पुलिस थाना लेकर आ रही है. चालक नशे में था या नहीं इसकी जांच की जा रही है. पूछताछ के बाद आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इधर गुंडरदेही में हादसे से ग्रामीणों में रोष व्यापत है. मौके पर चक्काजाम की स्थिति बन गई है. मोहला-मानपुर। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गुंडरदेही गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मासूम बच्चे को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल पीछा शुरू कर दिया।

Punjab News: सिख विधायकों और मंत्रियों की श्री अकाल तख्त पर पेशी पर सस्पेंस, 29 जून से पहले कमेटी का अहम निर्णय

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने को लेकर अंतिम फैसला विधानसभा की कमेटी करेगी। कमेटी जो निर्देश देगी उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति उनका सिर हमेशा झुका है और भविष्य में भी झुका रहेगा। श्री अकाल तख्त साहिब ने ‘दि जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ के संबंध में पंजाब के सभी सिख विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों को 29 जून सुबह 11 बजे सचिवालय में तलब किया है। वहीं गैर सिख विधायकों से लिखित स्पष्टीकरण और गैर सिख मंत्रियों से 29 जून से पहले अपनी राय लिखित रूप में देने को कहा गया है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को भी अलग से बुलावा भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार बुलावे के बाद श्री अकाल तख्त सचिवालय की ओर से विधायकों और मंत्रियों से फोन पर भी संपर्क किया गया है ताकि उन्हें भेजे गए आधिकारिक पत्रों की जानकारी दी जा सके। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जब भी उन्हें पहले श्री अकाल तख्त साहिब बुलाया गया, वह एक विनम्र सिख के रूप में वहां पहुंचे। भविष्य में भी बुलावा आने पर बिना किसी हिचकिचाहट के उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि वह श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को कभी चुनौती नहीं दे सकते। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार विधानसभा से जुड़े मामले में संस्थागत प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और कमेटी के निर्णय के अनुसार ही आगे कदम उठाया जाएगा।  सियासी लाभ के लिए जारी कराए जा रहे आदेश मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल अपने सियासी हितों के लिए कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें धार्मिक रूप से बदनाम करने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से उनके खिलाफ आदेश जारी करवाए जा रहे हैं। मान ने कहा कि राजनीतिक आकाओं के इशारे पर धार्मिक पदों पर बैठे लोगों से घोषणाएं करवाई जा रही हैं और अब उन्हें निशाना बनाने के लिए रोज नए आदेश जारी किए जा रहे हैं। 

CM विष्णु देव साय के सुशासन में बदली गरीब परिवार की जिंदगी, PM आवास योजना से मिला पक्का घर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है। बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है। अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।