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भोपाल मंडल में रेलवे का बड़ा ब्लॉक, अक्टूबर में 22 ट्रेनें रद्द और 23 के बदले रूट

भोपाल भोपाल रेलवे के अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और रीमॉडलिंग कार्यों के कारण अक्टूबर में भोपाल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग, कसारा में तीसरी रेल लाइन और कोटा जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी। 23 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जबकि 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त रहेंगी। बीना स्टेशन पर प्री-एनआई/एनआई कार्य और आगासौद यार्ड के काम के कारण दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के कुल 12 फेरे भी निरस्त रहेंगे। 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रेलवे के अनुसार ये 22 ट्रेनें निरस्त रहेंगी:     64618 ललितपुर-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     64617 बीना-ललितपुर मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61619 बीना-कटनी मुड़वारा मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61620 कटनी मुड़वारा-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस: 14 अक्टूबर तक।     12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर तक।     61611 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61612 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61625 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61626 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     12197 भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     12198 ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     11086 ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस: 9 अक्टूबर को।     11085 एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस: 4 और 11 अक्टूबर को।     22161 भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक।     22162 दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस: 10 से 16 अक्टूबर तक।     22163 भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     22164 खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     01925 कानपुर सेंट्रल-मदुरै स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     01926 मदुरै-कानपुर सेंट्रल स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को।     04149 प्रयागराज-यशवंतपुर स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     04150 यशवंतपुर-प्रयागराज स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को। 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त 11271 इटारसी-भोपाल एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी। दमोह-भोपाल के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। 11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी। भोपाल-दमोह के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। कसारा में तीसरी लाइन का काम, 23 ट्रेनों के रूट बदले कसारा में तीसरी रेल लाइन के काम के कारण इन ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाया जाएगा:     कल्याण-करजत-पुणे-मनमाड रूट:12598 सीएसएमटी-गोरखपुर (14 अक्टूबर), 11043 दादर-बलिया (14 अक्टूबर), 22121 एलटीटी-लखनऊ (17 अक्टूबर), 11071 एलटीटी-बलिया (17 अक्टूबर), 11047 दादर-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 12107 एलटीटी-सीतापुर (17 अक्टूबर), 12546 एलटीटी-रक्सौल (17 अक्टूबर) और 20435 एलटीटी-प्रयागराज (17 अक्टूबर)।     जलगांव-नंदुरबार-बसई रोड-ठाणे/पनवेल रूट:12533 पुष्पक एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 15066 पनवेल-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 15018 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 12172 हरिद्वार-एलटीटी (16 अक्टूबर), 22537 कुशीनगर एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 12617 एर्नाकुलम-एलटीटी (16 अक्टूबर), 13202 एलटीटी-राजगीर (17 अक्टूबर), 22221 सीएसएमटी-निजामुद्दीन राजधानी (17 अक्टूबर), 12137 पंजाब मेल (17 अक्टूबर), 20436 प्रयागराज-एलटीटी (16 अक्टूबर) और 02198 जबलपुर-कोयम्बटूर स्पेशल (16 अक्टूबर)।     मनमाड-पुणे-लोनावला-कल्याण रूट:15660 अगरतला-एलटीटी (15 अक्टूबर), 12166 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 11058 अमृतसर-सीएसएमटी (16 अक्टूबर) और 12335 भागलपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर)। कोटा में भी ट्रेनों का संचालन बदला 18 अक्टूबर तक कोटा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पुनर्विकास कार्य चलेगा। इसके कारण:     61634/61633 बीना-कोटा-बीना पैसेंजर: सोगरिया स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट और वहीं से ओरिजिनेट होगी। कुल 20 फेरे।     14814/14813 भोपाल-जोधपुर-भोपाल और 12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस: कोटा जंक्शन को बायपास कर गुरला-सोगरिया मार्ग से चलेंगी। हमसफर एक्सप्रेस के कैंसिलेशन की तारीख बदली पहले 22169 रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस को 14 अक्टूबर और 22170 संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर को 15 अक्टूबर को निरस्त बताया गया था। 28 सितंबर के संशोधित आदेश के बाद अब ये अक्टूबर वाली कैंसिलेशन लागू नहीं होगी। 22169 का 9 दिसंबर और 22170 का 10 दिसंबर 2026 का फेरा निरस्त रहेगा। अक्टूबर में दोनों ट्रेनों का संचालन सामान्य रहेगा। यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचें ट्रेनों के निरस्त होने और रूट बदलने से यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले रेल मदद 139, NTES, Rail One ऐप या अधिकृत रेलवे सूचना माध्यमों से ट्रेन का स्टेटस, समय और रूट जांचने की अपील की है।

अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी

अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-'सपा के दावे हवा-हवाई' अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी  2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी: दानिश आजाद लखनऊ,   यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विपक्षी एकता के दावे को खोखला बताया। जहां कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी तक सीमित रहने का आरोप लगाया, वहीं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के दावों को लेकर निशाना साधा।  विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके: संजय निषाद संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी के अलावा कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने यह सब देखने के बाद ही अपने दल खड़े किए हैं या एनडीए के साथ आए हैं। निषाद ने कहा कि सत्ता के बाहर रहने पर अखिलेश को मिलन दिखाई देता है, उनके इन बयानों से कुछ होने वाला नहीं है। संजय निषाद ने दावा किया कि इस बार एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी।  अखिलेश के बयान पर दानिश आजाद का पलटवार वहीं, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही थी लेकिन अब उसके सारे दावों की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ का जो गुब्बारा फुलाया था, अब उस गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी ने गफलत और नफरत की राजनीति को फैलाने का काम किया, उसके लिए राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी। 2027 में होगी सपा की सबसे बड़ी हार दानिश आजाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तरफ सपा जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसकी अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। 2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।

गांधी जयंती पर राज्यपाल पटेल बोले- उच्च आदर्शों को जीवन में उतारने का दिन

गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल गांधी भवन न्यास की प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्चादर्शों को अपने आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म प्रार्थना सभा में गाए जाने वाले भजनों के संदेश का प्रतिदिन चिंतन करें और उन्हें जीवन में उतारने का प्रयास करें। यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल की प्रेरणा पर उपस्थित जनों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं के साथ समूह चित्र में सहभागिता की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। जीवन में जो अच्छा है, उसे आचरण में उतारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यसन और नशे से मुक्त जीवन आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने, उसकी देखभाल करने तथा जल और विद्युत संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर के प्रसंग में 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधी जयंती और विश्व अहिंसा दिवस पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा भारत की उस महान परंपरा की कड़ी है, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव का भाव है। भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता गांधी को पढ़ने के साथ उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ संत कवि नरसिंह मेहता की रचना है, जिसमें परोपकार, करुणा, सत्य, समानता, विनम्रता और निष्काम सेवा जैसे जीवन-मूल्य समाहित हैं। भजन मनुष्य को लोभ, मोह, काम, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सभी का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है। ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत राज्यपाल पटेल ने गांधी भवन न्यास, भोपाल द्वारा महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों और स्वयं सेवकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, महात्मा गांधी के प्रिय भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रार्थना सभा के पहले महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल को न्यास के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, सुनलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। प्रारंभ में गांधी भवन न्यास के पदाधिकारियों ने राज्यपाल पटेल का स्वागत किया। सचिव अंकित मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने आभार व्यक्त किया।     

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी  अनूपपुर में देवदत्त सोनी का हुआ भव्य स्वागत  अनूपपुर को शहडोल संभाग के अनूपपुर में होटल मंदाकिनी में आयोजित हुई स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष देवदत्त सोनी के साथ प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी गण की उपस्थिति में देवदत्त सोनी ने अनूपपुर जिले के कर्मठ योग एवं जुझारू मिलनसार श्री अशोक सोनी एवं श्री राजकुमार सोनी को अनूपपुर जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया इनकी घोषणा बैठक के दौरान की गई। आयोजित बैठक संपन्न हुई जिसमें स्वजातीय स्वर्णकार समाज को एकजुट करके उनके अधिकार के लिए संघर्ष और नेतृत्व करने की रणनीति बनी!आगामी बैठक मैहर में आयोजित होगी जिसमें प्रदेश भर के जिले के पदाधिकारी गण समाज के दिशा निर्देश देकर उनके अधिकार के लिए देवदत्त सोनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का दरवाजा खटखटाया जाएगा !यह रणनीति आगामी बैठक में तय होगी उनके अधिकार के लिए एक होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन जल्दी किया जाएगा  इनका कहना है अशोक सोनी ने कहा कि मुझे इस दायित्व के लायक समझा गया मुझे जो पद दिया गया है उसका मैं पूर्ण रूप से निर्वहन करने में अपनी अहम भूमिका का दायित्व निर्वहन करुंगा जिसमें मुझे अनूपपुर जिले के प्रभारी बनाया गया है  उन्होंने कहा कि समाज के लिए हमेशा तत्पर रहकर कार्य करने की लगन रही है और पिछड़ा वर्ग काफी पिछड़ा है उसे मजबूत करने के लिए पूरे जिले में नेतृत्व और एकता का परिचय दिया जाएगा ताकि समाज पूरे प्रदेश में मजबूती से खड़े होकर अपना -अपने अधिकार की बात बिना दर एवं भाय के कर सके

बिहार में अब पर्यटन स्थलों पर होगी ‘सुपर पेट्रोलिंग’, पुलिस अफसरों को मिले सख्त निर्देश

पटना राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर गुरुवार को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने पुलिस मुख्यालय में वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान शुक्रवार से सोमवार तक अलग-अलग जिलों में भेजे गए एडीजी से लेकर आइजी-डीआइजी स्तर के 36 पुलिस अफसरों की रिपोर्ट भी साझा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि सभी जिलों में संवेदनशील स्थलों को क्राइम स्पाट के रूप में चिह्नित कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रभारी डीजीपी ने सभी जिलों में पर्यटन स्थलों एवं सेल्फी प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती बढ़ाते हुए प्रभावी निगरानी के लिए 'सुपर पेट्रोलिंग' की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। पुलिस महानिदेशक के स्तर से सभी नोडल पदाधिकारियों को थानों में जनसंवाद के लिए बैठक आयोजित करने का निदेश भी दिया गया। नारकोटिक्स तथा साइबर क्राइम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष एवं वायरलेस सिस्टम को सक्रिय एवं प्रभावी रूप से संचालित रखने पर विशेष जोर दिया गया। भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों में नारकोटिक्स गतिविधियों के संबंध में विशेष जानकारी एकत्रित करने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित इकाइयों एवं जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। किशनगंज पुलिस की गुड मार्निंग वॉक को मिली सराहना समीक्षा बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, नारकोटिक्स एवं साइबर क्राइम की रोकथाम से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान किशनगंज पुलिस की ओर से संचालित 'गुड मार्निंग वाक' पहल की सराहना की गई। इसमें वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरफ से आमजनों के साथ सुबह भ्रमण कर उनसे संवाद स्थापित किया जाता है। अन्य जिलों को भी स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के सकारात्मक पहल संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। गृह सचिव की चेतावनी- लापरवाही पर नपेंगे एसडीपीओ-इंस्पेक्टर गृह विभाग के प्रधान सचिव ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अंचल पुलिस निरीक्षक एवं थाना अध्यक्ष (एसएचओ) को अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्देश दिया गया कि जिन जिलों से वरीय पदाधिकारियों को टैग किया गया है, वे संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) सुनिश्चित करते हुए पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करें। सभी दोपहिया एवं चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रयास करने का निर्देश दिया गया, ताकि आपातकालीन पुलिस सेवा एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में न्यायालय से प्राप्त किसी भी कुर्की आदेश को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने का निर्देश दिया गया।

मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के लिए झारखंड में नए नियम लागू, हाईकोर्ट में याचिका निष्पादित

रांची झारखंड हाईकोर्ट में खुले में कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सकार की ओर से बताया गया कि झारखंड में मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के संचालन को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने नया रूल एवं रेगुलेशन प्रकाशित किया है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने जनहित याचिका को निष्पादित कर दी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर विकास विभाग ने राज्य में संचालित मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को रेगुलेट करने के लिए नया रेगुलेशन प्रकाशित किया है। इसके तहत सभी मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन, 2011 तथा प्रिवेंशन आफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (स्लाटर हाउस) रूल्स, 2001 के प्रविधानों का पालन करना होगा। नगर निकाय से एनओसी लेना होगा अनिवार्य नए रेगुलेशन के तहत प्रत्येक मीट दुकान और स्लाटर हाउस के लिए संबंधित नगर निगम या नगर निकाय से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। एनओसी जारी करने से पहले संबंधित नगर निगम या नगर निकाय की ओर से मीट दुकान और स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद निर्धारित मानकों का अनुपालन पाए जाने पर एनओसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। खुले में मीट बिक्री के खिलाफ दायर हुई थी याचिका राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में दुकानों के बाहर खुलेआम कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री किए जाने के खिलाफ प्रार्थी श्यामानंद पांडेय ने झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि रांची शहर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मीट विक्रेता खुले में कटे हुए बकरे और चिकन को प्रदर्शित कर बिक्री करते हैं। प्रार्थी ने इसे खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया था। राज्य सरकार की ओर से नए रेगुलेशन की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया।

जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य

जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन, ग्रामीणों की भागीदारी से तैयार होगा गांवों के विकास का रोडमैप रायपुर गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के बीच नारायणपुर जिले से लोकतंत्र की एक सुखद तस्वीर सामने आई। कभी नक्सल प्रभाव से जूझने वाले ओरछा विकासखंड की ग्राम पंचायत कच्चापाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण एक पेड़ की छांव तले ग्राम सभा के लिए जुटे और अपने गांव के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।        कच्चापाल की यह ग्राम सभा इसलिए भी विशेष रही कि बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की तथाकथित ‘जन अदालतों’ का भय रहता था, उन्हीं क्षेत्रों में अब ग्रामीण संवैधानिक ग्राम सभा के मंच पर बैठकर अपनी बात रख रहे हैं और अपने गांव की विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा कर रहे हैं। बदलते बस्तर की यह तस्वीर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है। पेड़ की छांव बनी लोकतांत्रिक संवाद का मंच         कच्चापाल में ग्राम सभा के लिए किसी बड़े सभागार की जरूरत नहीं पड़ी। गांव के लोग पेड़ के नीचे एकत्र हुए और सामूहिक रूप से गांव की आवश्यकताओं तथा विकास कार्यों पर चर्चा की। ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने ग्राम सभा को जीवंत बनाया। महिलाओं और ग्रामीणों ने भी चर्चा में हिस्सा लेकर स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषय सामने रखे।         प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया। विकसित भारत-जी राम जी योजनांतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी विकास कार्यों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए। गांव की जरूरत के अनुसार बनेगा विकास का रोडमैप        विशेष ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना जैसे विषयों पर स्थानीय जरूरत के अनुरूप कार्यों की पहचान पर जोर दिया गया। रिफॉर्म उत्सव के तहत ग्रामीणों को 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, समय पर रोजगार एवं मजदूरी भुगतान तथा योजना के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों से संबंधित जानकारी भी दी गई। ग्राम सभाओं से मिले सुझाव विकसित ग्राम पंचायत प्लान का आधार बनेंगे। आगामी चरणों में गांवों के संसाधनों और आवश्यकताओं का आकलन कर विकास योजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा। कच्चापाल की ग्राम सभा बनी बदलते बस्तर की तस्वीर          नारायणपुर के दूरस्थ कच्चापाल में पेड़ के नीचे लगी ग्राम सभा केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रही। कभी नक्सल प्रभाव से जूझे इस क्षेत्र में ग्रामीणों का बड़ी संख्या में एक साथ बैठकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना बदलते बस्तर की महत्वपूर्ण तस्वीर है। जहां कभी भय और हिंसा के बीच तथाकथित जन अदालतों की चर्चा होती थी, वहां अब ग्राम सभा में गांव के लोग स्वयं अपनी जरूरतों और विकास के भविष्य पर संवाद कर रहे हैं।

शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव

शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि रायपुर,  भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था। श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।  उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव] राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि रायपुर, 02 अक्टूबर 2026। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था। श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।  उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिजन को दी सांत्वना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को युवा अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्व. श्री दिव्यऋषि तिवारी के पत्रकार कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर शोकाकुल परिजन को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि के पिता श्री आनंद तिवारी, माता श्रीमती रविकला तिवारी, भ्राता श्री दिव्यांकु तिवारी एवं श्री युगान्तर तिवारी से मिलकर आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं और सभी को ढांढ़स बंधाया। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, समाजसेवी श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति, श्री अमन यादव, श्री अतुल यादव, जनप्रतिनिधियों सहित स्व. तिवारी के सभी परिवारजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री दिव्यऋषि तिवारी का बीते रविवार (27 सितम्बर) को भोपाल में एक सार्वजनिक स्थल पर स्थापित विद्युत पोल से करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया था। वे 30 साल के थे और जिला न्यायालय एवं हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे, साथ ही सामाजिक एवं समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय थे।  

टोंक रोड पर फिल्मी अंदाज में चोरी, चादरें लगाकर Rado शोरूम से लाखों की घड़ियां ले गए चोर

  जयपुर जयपुर में गुरुवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जब शहर सो रहा था और टोंक रोड पर राडो लग्जरी घड़ियों के शोरूम में चोरी का पूरा 'ऑपरेशन' चल रहा था। छह-सात नकाबपोश आए, शटर के बाहर दो चादरें तानीं और फिर शुरू हुआ घड़ियां समेटने का सिलसिला। महज 36 मिनट में बदमाश 251 घड़ियां बैगों में भरकर निकल गए। चोरी गई घड़ियों की शुरुआती कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पूरी वारदात शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। सूत्रों के मुताबिक, चोरी की गई घड़ियों की कीमत 90 हजार से लेकर सात लाख रुपए तक है। आधा घंटे तक अंदर…क्या पहले से था 'नक्शा'? पुलिस को आशंका है कि चोरों को शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था और महंगी घड़ियों के डिस्प्ले की पहले से जानकारी थी। हालांकि, यह भी जांच की जा रही है कि घड़ियों का चयन पहले से तय था या मौके पर किया गया। बदमाशों ने पहले आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी। मौका देखकर शटर के बाहर कपड़े की दो चादरें आड़ी लगाईं, ताकि अंदर चल रही गतिविधियां सड़क से दिखाई न दें। घटना के बाद जांच करती पुलिस इसके बाद शटर तोड़कर उसे ऊपर उठाया और एक-एक कर अंदर दाखिल हो गए। अंदर पहुंचते ही उनका निशाना तय था। महंगी घड़ियों वाले शोकेस और काउंटरों तक पहुंचे और बैगों में घड़ियां भरने लगे। सीसीटीवी फुटेज में नकाब पहने बदमाश टॉर्च की रोशनी में लगातार घड़ियां समेटते नजर आ रहे हैं। कोई शोकेस खंगाल रहा था तो कोई बैग भरने में जुटा था। चार राज्यों में पहले भी इसी कंपनी के शोरूम बने निशाना शुरुआती जांच में सामने आया है कि देश के अन्य राज्यों में भी राडो घड़ियों के शोरूम चोरों के निशाने पर रहे हैं। जयपुर पुलिस अब इन पुरानी वारदातों के पैटर्न और आरोपियों के तौर-तरीकों का बारीकी से मिलान कर रही है। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस तेलंगाना में पकड़े गए उस अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में भी पता लगा रही है, जिसने 11 राज्यों में ऐसे शोरूम को निशाना बनाने की बात कबूल की थी। कुल 251 घड़ियां चोरी होना बताया गया है। सड़क पर लोग गुजरते रहे पुलिस को आशंका है कि बदमाश बाइक या चौपहिया वाहन से आए थे। वाहन शोरूम से कुछ दूरी पर खड़ा करने या किसी साथी के उन्हें नजदीक छोड़ने की भी संभावना है। वारदात के दौरान सुबह की सैर करने वाले लोग और वाहन वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ताल शुरू कर दी है। सुबह 8 बजे खुला चोरी का राज दुर्गापुरा की चंद्रकला कॉलोनी निवासी शोरूम मालिक ने बजाज नगर थाने में मामला दर्ज कराया। सुबह करीब 8 बजे पड़ोसी दुकानदार ने शटर ऊंचा देखा तो मालिक को सूचना दी। अंदर जाकर देखा तो शोरूम में घड़ियों का बड़ा स्टॉक गायब था। शुरुआती जांच में 251 घड़ियां चोरी होना सामने आया है। मॉडल, कीमत और स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान जारी है। इसके बाद चोरी गए माल की अंतिम कीमत स्पष्ट होगी। कई लग्जरी मॉडल लाखों रुपए कीमत के हैं। कैमरे बंद मिलने और लाइव मॉनिटरिंग न होने से खुली पोल पॉश और व्यस्त सड़कों में शुमार टोंक रोड पर चोरों ने सुरक्षा तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने लग्जरी घड़ी के शोरूम को आधे घंटे से अधिक समय तक इत्मीनान से खंगाला और करोड़ों रुपए की घड़ियां समेटकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात हो गई, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। शोरूम में न तो कोई अलार्म सिस्टम था और न ही कोई ऐसा अलर्ट तंत्र, जो चोरी की भनक लगते ही मालिक या पुलिस को सतर्क कर सके। अगले दिन सुबह जब पड़ोस का दुकानदार शोरूम पर पहुंचा, तब चोरी का खुलासा हुआ और उसने शोरूम मालिक लितेश को इसकी सूचना दी। गश्त व्यवस्था पर सवाल जिस जगह पर यह चोरी हुई, वहां से बजाज नगर थाना महज सवा किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद बदमाशों का इतनी देर तक बेखौफ होकर शोरूम के भीतर रहना पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े करता है। यदि रात के वक्त पुलिस की चौकसी मजबूत होती, तो चोरों के लिए इस तरह आसानी से वारदात को अंजाम देना मुश्किल होता। सुरक्षा के दावे कागजी शहर में अभय कमांड सेंटर के जरिए हजारों कैमरों से पैनी नजर रखने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इस घटना ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शोरूम के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरे या तो बंद मिले या फिर उन पर किसी की नजर ही नहीं पड़ी। कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग का फेल होना बड़ी नाकामी है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारस जैन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शोरूम में सुरक्षा के नाम पर अलार्म और अलर्ट सिस्टम दोनों ही नदारद थे। ये सवाल ताकि शहर रहे सुरक्षित बजाज नगर थाना इलाके में करोड़ों के सामान वाले इस शोरूम में हुई चोरी ने शहर के अन्य महंगे आभूषण, घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक शोरूमों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस को ऐसे प्रतिष्ठानों एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना भी जरूरी हो गया है। क्या जयपुर में सुरक्षा का मतलब सिर्फ वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालना रह गया है? टोंक रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर चोर आधे घंटे से ज्यादा सक्रिय रहे, तो पुलिस गश्त कहां थी? बजाज नगर थाने से महज सवा किलोमीटर दूर वारदात हुई, फिर पुलिस की मौजूदगी का असर क्यों नहीं दिखा? रात में बंद रहने वाले शोरूमों की सुरक्षा पुलिस गश्त में क्यों नहीं है? क्या हजारों कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग फेल हो रही है? क्या कमांड सेंटर के पास कैमरों के बंद होने या तकनीकी खराबियों का कोई रियल-टाइम डैशबोर्ड है? सेंधमारी होने पर मालिक को तुरंत सूचना देने वाला ऑटोमैटिक अलार्म सिस्टम क्यों नहीं था? क्या ऐसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों के लिए यह अनिवार्य किया जाना चाहिए? अपराध रोकने के लिए पुलिस, कमांड सेंटर और व्यापारियों के बीच कोई एकीकृत सुरक्षा तंत्र काम कर … Read more