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प्रमोटेड छात्रों की जानकारी ई-पंजाब पोर्टल पर फीड करने के लिए स्कूलों को निर्देश

लुधियाना. डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा (डी.जी.एस.ई.) सह स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पंजाब की ओर से ई-पंजाब पोर्टल (एम.आई.एस. 2.0) पर प्रमोट किए गए विद्यार्थियों के डाटा को वैरिफाई करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करें। विभाग द्वारा पोर्टल पर विद्यार्थियों का डाटा अगली क्लास में प्रमोट कर दिया गया है। अब सभी स्कूलों को प्रमोट किए गए विद्यार्थियों की क्लास और सैक्शन की जांच करनी होगी और जरूरत के अनुसार सुधार (एडिट) करवाना होगा। यदि किसी विद्यार्थी को गलती से प्रमोट कर दिया गया है, तो उसे उसकी सही क्लास में दर्ज करना होगा। ट्रासफर सर्टीफिकेट और नए दाखिले विभाग द्वारा जारी पत्र में सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अकादमिक साल 2025-26 की सबसे बड़ी क्लास के विद्यार्थियों को 'स्टूडेंट पर्सनल डिटेल्स' शीट में 'इनएक्टिव' और 'पास आऊट' दिखाया जाए। इन विद्यार्थियों को 'टी.सी. जैनरेशन' स्क्रीन से ट्रांसफर सर्टीफिकेट (टी.सी.) जारी किया जाए। इसके अलावा, साल 2026-27 के लिए सभी छोटी क्लास (लोअर क्लास) के सैक्शन निर्धारित किए जाएं और जरूरत पड़ने पर नए सेक्शन भी बनाए जा सकते हैं। गाइडलाइन्स के अनुसार नए दाखिले नए दाखिले के लिए आने वाले विद्यार्थियों को विभाग की गाइडलाइन्स के अनुसार सही क्लास में दर्ज करने को कहा गया है। विभाग के ध्यान में आया है कि कई स्कूलों के यू-डाइस पोर्टल और ई-पंजाब पोर्टल पर लोअर और हायर क्लास की जानकारी में अंतर (डिस्क्रेपैंसी) है। उदाहरण के तौर पर, कुछ स्कूलों की लोअर क्लास नर्सरी है, जबकि ई-पंजाब पोर्टल पर एल.के.जी. दर्ज है। स्कूल ऐसी विसंगतियों को ध्यान से वैरिफाई करने के बाद ही दर्ज करना होगा। सभी स्कूल प्रमुखों को 6 अप्रैल तक सारा काम मुकम्मल करने को कहा गया है। 

फर्जीवाड़े में शामिल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सस्पेंड, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की जांच जारी

कांकेर. सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए एक पहले से शादीशुदा जोड़े द्वारा दोबारा विवाह करने का मामला सामने आया है। यह घटना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम से जुड़ी है। मामले के उजागर होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच कर कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को पखांजूर में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में ग्राम पीवी-34 निवासी सुदीप विश्वास और पीवी-64 निवासी स्वर्ण मिस्त्री ने विवाह किया। जबकि इन दोनों की शादी इससे पहले ही 3 जून 2025 को हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि यह जोड़ा संगम सेक्टर का निवासी है, लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए इनका पंजीयन 20 किलोमीटर दूर हरनगढ़ सेक्टर में कराया गया। जांच के बाद कार्रवाई मामले के संज्ञान में आने के बाद कलेक्टर निलेश क्षीरसागर के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच शुरू की। जांच में दोबारा विवाह की पुष्टि हुई। इसके बाद हरनगढ़ सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जानवी शाह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं, पूरे मामले में निगरानी और सत्यापन की जिम्मेदारी निभाने वाली सुपरवाइजर पुष्पलता नायक के खिलाफ भी विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोक दिया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री को मिली बम से उड़ाने की धमकी, थ्रेट मेल में धमाके और हमले की चेतावनी

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी को फिर से धमकी मिली है। चंडीगड़ के स्कूलों को सोमवार सुबह मिले मेल में ये थ्रेट दिया गया। मेल में लिखा- सीएम सैनी चंडीगढ़ में रहिंदे ने, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। इसी के साथ कहा गया कि हम चंडीगढ़ और पंजाब के कई स्कूलों को सोमवार को निशाना बनाएंगे। 1 अप्रैल को चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला हुआ था। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। हाई अलर्ट जारी किया गया।  सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। धमकी वाली ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया। धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- ‘चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। चंडीगढ़ में सीएम सैनी रहिंदे, जदों तक नहीं ठोकदे, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में भी बम फटेगा।’ ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी।  

भगवंत मान और नायब सिंह सैनी को बम से उड़ाने की धमकी, पंजाब-हरियाणा CM और DGP भी खतरे में

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक मेल के जरिए आई है। इस मेल में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव का ल नाम भी शामिल है। इसके अलावा मेयर ऑफिस और सचिवालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मेल भरी इस धमकी को मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है और इन सभी की सुरक्षा और सतर्क कर दी गई है। स्कूलों को भी मिली धमकी चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके बाद प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मी स्कूल परिसरों में पहुंच गए और शैक्षणिक संस्थानों के अंदर तलाशी अभियान चला रहे हैं। एक स्कूल में तलाशी के दौरान मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ’’जैसे ही हमें सूचना मिली, हम स्कूल परिसर में पहुंच गए। सघन तलाशी ली जा रही है, लेकिन अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। हमने अभिभावकों से कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।’’ मिल चुकी हैं कई बार धमकियां यह ताजा घटना पिछले कुछ हफ्तों में चंडीगढ़ समेत पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों में हुई इसी तरह की घटनाओं के बाद सामने आई है, जहां कुछ स्कूलों और उच्च न्यायालय को धमकी मिली थी, जो बाद में झूठी साबित हुई। इससे पहले पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को बम संबंधी धमकी मिली। हालांकि बाद में अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने कहा कि ईमेल के जरिये मिली धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग के अधिकारियों, बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों के दस्ते और एक एंबुलेंस को जांच के लिए उच्च न्यायालय के परिसर में भेजा गया। इससे पहले बुधवार को सेक्टर 37 में भाजपा के पंजाब कार्यालय के बाहर विस्फोट हुआ था जिसमें एक संदिग्ध देसी विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में स्थित पंजाब सिविल सचिवालय, पासपोर्ट कार्यालय और अमृतसर, जालंधर, पटियाला और हरियाणा में विभिन्न स्कूलों को भी ऐसी ही धमकियां मिली थी। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया।  

‘बड़े भाई’ वाले बयान पर विजय सिन्हा ने दी सफाई, कहा- मैं सीएम की रेस में नहीं

पटना. बिहार की राजनीति में इन दिनों नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर तेज है। सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने यह संकेत दिया है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से अलग बताया है। सेवक की भूमिका में हैं, क‍िसी रेस में नहीं पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह 'सेवक की भूमिका' में हैं, किसी पद की रेस में नहीं। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार पहले भी एनडीए की थी, अब भी है और आगे भी रहेगी। गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें न कोई बड़ा भाई है, न छोटा, सभी बराबरी के भागीदार हैं। उनके अनुसार, यही भावना सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगी और राज्य के विकास को गति देगी। 10 अप्रैल को राज्‍यसभा की शपथ लेंगे नीतीश उधर, मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की तैयारी ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के मुताबिक, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ ले सकते हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा। इधर, उत्तराधिकार को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। निशांत कुमार को राजनीति में सक्रिय करने और उन्हें विधान परिषद के रास्ते आगे बढ़ाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ हलकों में उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठ रही है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति फिलहाल संभावनाओं और अटकलों के दौर से गुजर रही है, जहां आने वाले कुछ दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

वीसी पद के लिए आवेदन आमंत्रित, रेणु विग का कार्यकाल बढ़ा

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित कर लिए गए हैं। बीते 28 मार्च को मौजूदा कुलपति प्रोफेसर रेनू विग का कार्यकाल खत्म होने जा रहा था, लेकिन चांसलर ऑफिस की ओर से उन्हें 4 महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया है। अब नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर तीन सदस्यों की सर्च कमेटी चार से पांच नाम शॉर्ट लिस्ट करके चांसलर ऑफिस को भेजेगा जिसके बाद में कुलपति का फैसला होगा। 5 मई तक कुलपति पद के लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। आमतौर पर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति को पहले चरण में 3 वर्ष का कार्यकाल दिया जाता है और उसके बाद फिर से 3 वर्ष की एक्सटेंशन मिल जाती है। लेकिन पहली बार मौजूदा कुलपति को सिर्फ 4 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति पद के लिए इस बार मुकाबला काफी कड़ा रहने की उम्मीद है। देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी में मौजूदा समय में पंजाब यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर कुलपति के पद पर कार्यरत हैं। यह सभी प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति के लिए आवेदन करेंगे। 2023 में कुलपति पद के लिए 134 आवेदन मिले थे। कुलाधिपति एवं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कुलपति रेणु विग के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार अगले कुलपति की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन पैनल भी गठित कर दिया गया है। विग के तीन साल के कार्यकाल के खत्म होने के ठीक अगले दिन 29 मार्च से यह विस्तार प्रभावी होगा। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस पैनल में सभी महिलाएं होंगी जिसकी अध्यक्षता नासिक स्थित महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ की कुलपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर करेंगी। समिति में नयी दिल्ली के राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) की कुलपति शशिकला वंजारी और कोलकाता के सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक जीव विज्ञान संस्थान की निदेशक विभा टंडन सदस्य के रूप में शामिल हैं।’’ रेणु विग ने 16 जनवरी 2023 को तत्कालीन कुलपति राज कुमार के भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफे के बाद कार्यवाहक कुलपति के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वर्ष 2023 में उन्हें औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय की 14वीं और पहली महिला कुलपति नियुक्त किया गया था। 

खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, अधिकारियों ने दुकानों की जांच की

मुंगेली. जिले में यूरिया की निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बिक्री की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है. कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय के निर्देश पर एसडीएम अजय शतरंज, उप संचालक कृषि और नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम ने जिला मुख्यालय के विभिन्न निजी कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान सुपर एजेंसी, पंजाब एजेंसी, कैलाश ट्रेडर्स और शक्ति माई कृषि केंद्र सहित कई दुकानों में पहुंचकर अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की. यूरिया की वास्तविक बिक्री दर, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी ली गई, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने लाई जा सके. सरकार के मुताबिक खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है। वर्तमान में राज्य के गोदामों और समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जिससे शुरुआती जरूरतों को पूरा करने की तैयारी है। हाल ही में हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ की स्थिति भी साझा की गई, जिसमें बताया गया कि राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार राज्य को आवंटित कुल उर्वरकों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं। वहीं 30 मार्च 2026 की स्थिति में उपलब्ध स्टॉक में भी इन सभी उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, जिससे किसानों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है। संभावित कमी की स्थिति से निपटने के लिए सरकार किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसके तहत जैविक खाद, हरी खाद और नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य में जल्द ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए किसानों को उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अनियमितता पर रोक लगेगी। इसके अलावा कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 

भोपाल: लाल परेड ग्राउंड में NSG कमांडो का जोरदार पावर शॉ

भोपाल  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है। 'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा' सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है। 'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों' सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा। आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया। डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया। कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।

सागर जोन के अतिरिक्त प्रभार के तौर पर नर्मदापुरम आईजी मिथिलेश शुक्ला को जिम्मेदारी, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

सागर  मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदापुरम जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मिथिलेश शुक्ला को सागर जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी मिथिलेश शुक्ला अब नर्मदापुरम के साथ-साथ सागर जोन की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। यह अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक के लिए दिया गया है। 31 मार्च को सागर जोन की आईजी हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद पद रिक्त हुआ था। अब इस पद पर शुक्ला को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। मिथिलेश शुक्ला अपने कार्यकाल में अच्छा प्रशासनिक अनुभव रखते हैं।  

विजय मेवाड़ा के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग, परिजनों और हिंदू संगठनों ने निकाला कैंडल मा

भोपाल  राजधानी के अशोका गार्डन इलाके में होटल संचालक विजय मेवाड़ा की हत्या के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फांसी की मांग को लेकर हिंदूवादी संगठनों,  परिजनों और क्षेत्रीय नागरिकों ने रविवार को एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। हजारों की संख्या में लोग इस मार्च में शामिल हुए। विजय मेवाड़ के हत्यारों को फांसी की सजा देने मांग करते हुए नारे लगाए। कैंडल मार्च में शामिल हुए मंत्री सारंग यह कैंडल मार्च नेहरू स्कूल चौराहे से शुरू होकर प्रभात चौराहे तक पहुंचा और फिर वापस नेहरू स्कूल चौराहे पर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृतक विजय मेवाड़ा को श्रद्धांजलि दी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। मार्च में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी शामिल हुए। उनके साथ हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। आरोपियों ने चाकू से कर दिया था हमला गौरतलब है कि 30 मार्च को अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में प्रभात पेट्रोल पंप के पास 35 वर्षीय विजय मेवाड़ा पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। वह अपनी चाय होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने जा रहे थे, तभी मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम, फरमान उर्फ आरिस और मोहम्मद इमरान उर्फ ब्रावो ने विवाद के बाद उन पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल विजय ने हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फरमान और इमरान को पहले ही पकड़ लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम फरार था, जिस पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। मुख्य आरोपी का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आसिफ रातीबड़ क्षेत्र में छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची और गिरफ्तार कर वापस ला रही थी, तभी आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आसिफ के पैर में गोली लग गई। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अवैध हथियार भी बरामद  पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक 9 आपराधिक मामले सामने आए हैं और उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आरोपी के पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसे हथियार कहां से मिले और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। हिंदूवादी संगठन सड़कों पर उतरे इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इससे पहले अशोका गार्डन थाने पर हनुमान चालीसा पाठ और चक्काजाम भी किया गया था। वहीं, सकल हिंदू समाज ने एनएसए लगाने, बुलडोजर कार्रवाई और आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। इलाके में अब भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।