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महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने महतारी वंदन योजना मददगार

महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने महतारी वंदन योजना मददगार आर्थिक सहायता मिलने से हेमा सिंग बनीं आत्मनिर्भर रायपुर महिलाओं के साथ असमानता को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार लाने, आर्थिक स्वावलंबन तथा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए  राज्य सरकार कृत संकल्पित है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका को सुदृढ़ करने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना लागू की गई है। महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी, जिसे मलिाओं ने इसे एक अवसर के रूप में देखा और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने उपयोग करने लगी।             गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के छोटे से ग्राम मझगंवा की श्रीमती हेमा सिंग की कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली हेमा सिंग ने आज अपने आत्मविश्वास और सरकारी योजना के सहयोग से अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।  महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। जिसे हेमा सिंग ने इसे एक अवसर के रूप में देखा।           हेमा सिंग ने इस राशि को बचाकर अपने घर के पास एक छोटा सा किराना स्टोर शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी दुकान चल निकली। गांव के लोगों की जरूरतों को पूरा करते हुए उनका व्यवसाय बढ़ने लगा और आय में भी स्थिरता आने लगी। आज उनकी दुकान न सिर्फ उनकी आर्थिक मजबूती का आधार बनी है, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर में भी बड़ा बदलाव लाई है। हेमा सिंग अब अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रही हैं और भविष्य के लिए भी बचत कर रही हैं। पहले जहां रोजमर्रा के खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती थी, वहीं अब उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष साफ नजर आता है।             महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को लगातार आर्थिक मजबूती मिल रही है। महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई आशा और अवसर लेकर आया है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अपनी सफलता का श्रेय देते हुए हेमा सिंग कहती हैं कि महतारी वंदन योजना उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को आभार व्यक्त किया और कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है।

चाईबासा-खरसावां मुख्य पथ से उद्यान कॉलेज तक की सड़क होगी चकाचक, विधायक की पहल पर मिली स्वीकृति

खूंटपानी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी क्षेत्र में उद्यान महाविद्यालय तक जाने वाली जर्जर सड़क का जल्दी ही कायाकल्प होगा. चाईबासा-खरसावां मुख्य पथ स्थित जानुमबेडा गांव से उद्यान महाविद्यालय तक जाने वाली सड़क को पीसीसी पथ में कन्वर्ट किया जाएगा. इसके लिए 3 करोड़ 91 लाख 31 हजार 800 रुपये की स्वीकृति दी गई है. यह निर्माण कार्य डीएमएफटी फंड से कराया जाएगा और अगले नौ माह में सड़क बनकर तैयार हो जाएगी. सड़क निर्माण को लेकर पहल विधायक दशरथ गागराई ने 10 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में उठाया था. स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने सरकार के प्रति आभार जताया है. जर्जर सड़क से लोगों को होती है परेशानी जानुमबेड़ा से उद्यान कॉलेज तक जाने वाली यह सड़क पिछले 15 वर्षों से जर्जर स्थिति में है. सड़क की पिच उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं. बारिश में जलभराव और अन्य मौसम में उड़ती धूल के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस कारण अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं और आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी कठिन हो जाता है. उद्यान महाविद्यालय का महत्व खूंटपानी के बिंज में स्थित यह उद्यान महाविद्यालय 18 अक्टूबर 2012 को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय का अंगीभूत कॉलेज बना था. यह राज्य का एकमात्र उद्यान महाविद्यालय है, जहां शिक्षा के साथ-साथ किसानों के लिए शोध, प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्य भी होते हैं.  

आम्रेश्वर धाम में छऊ नृत्य ने बांधा समां, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित महिला मंडली ने दी प्रस्तुति

खूंटी बाबा आम्रेश्वर धाम में आयोजित मंडा महोत्सव का समापन आज यानी 3 अप्रैल शुक्रवार को भव्य झूलन कार्यक्रम के साथ हुआ. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. छऊ नृत्य ने बांधा समां समापन से एक दिन पूर्व 2 अप्रैल गुरुवार की रात आयोजित जागरण कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया (बोंगाबारी) से आई राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित उस्ताद सुनीता महतो की महिला मंडली तथा चिरकाडीह, पुरुलिया की उस्ताद ममता महतो की महिला मंडली द्वारा भव्य छऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया. छऊ नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों महिला-पुरुष पूरी रात कार्यक्रम का आनंद लेते रहे. झूलन कार्यक्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ शुक्रवार को सुबह लगभग 10 बजे झूलन कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें भगतों को बारी-बारी से झुलाया गया. इस दौरान श्रद्धा के फूल लेने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा. बेहतर व्यवस्था से शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मेला मेला परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंडा मेला समिति के महामंत्री सहित सभी सदस्य और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तैनात रहे. उनके प्रयास से भीड़ नियंत्रित रही और किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा नहीं हुई. इस प्रकार मंडा महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया  

स्कूल चलें हम अभियान के तहत आयोजित हुए सांस्कृतिक, खेल एवं हार के आगे जीत कार्यक्रम

शहडोल  जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में आज "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत सांस्कृतिक, खेल-कूद एवं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ "हार के आगे जीत" कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालकों की सहभागिता रही, जिससे विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा उपस्थित पालकों को राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और बच्चों की शिक्षा में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम के दौरान पिछले शैक्षणिक सत्र में 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के पालकों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों ने पालकों के सहयोग को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। इसी क्रम में "हार के आगे जीत" कार्यक्रम के तहत ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित किया गया, जो किसी कारणवश कक्षोन्नति प्राप्त नहीं कर सके। पालकों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया और समझाया गया कि असफलता के बाद भी निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक आयोजित कर नए शैक्षणिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और वार्षिक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने सभी बच्चों के विद्यालय में नामांकन हेतु विशेष प्रयास करने का संकल्प लिया।

शैक्षणिक सत्र के द्वितीय दिवस भी शासकीय विद्यालयों में ‘प्रवेश उत्सव’ का हुआ आयोजन

अनूपपुर नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ जिले के शासकीय विद्यालयों में ‘प्रवेश उत्सव’ का आयोजन उत्साहपूर्वक किया जा रहा है। प्रदेश शासन की मंशा अनुरूप अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु आयोजित इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा शाला प्रबंधन समिति भी सक्रिय रूप से सहभागिता निभा रहे हैं। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया जा रहा है।  इसी अनुक्रम में शैक्षणिक सत्र के द्वितीय दिवस भी शासकीय विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भदरा कालरी (अनूपपुर) में ‘प्रवेश उत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को सुगम आवागमन हेतु विधायक अनूपपुर श्री बिसाहूलाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों द्वारा निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया।  इसी प्रकार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कल्याणपुर एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय सड़कटोला, पैरीचुआ में अध्ययन कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो सके, इसके लिए कक्षावार निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के सेट उपलब्ध कराए गए। आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं द्वारा शासन के ‘‘हर बच्चे को शिक्षित करने’’ के लक्ष्य पर प्रकाश डाला गया।  कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए शिक्षण कार्य को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

भीड़ से मिलेगी मुक्त,उत्तर पश्चिम रेलवे का बड़ा फैसला, 76 स्टेशनों पर बनेंगे अत्याधुनिक पैसेंजर होल्डिंग एरिया

जयपुर गर्मियों का मौसम शुरू होते ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ उमड़ने लगती है और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने समय रहते तैयारी पूरी कर ली है। रेलवे ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए हॉलिडे स्पेशल ट्रेनें चलाने और कई लंबी दूरी की ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने का ऐलान किया है। यह व्यवस्था 15 जुलाई तक जारी रहेगी। हॉलिडे स्पेशल ट्रेनें चलेंगी उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे पर यात्रियों का दबाव काफी बढ़ जाता है, जिससे कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हॉलिडे स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं और अधिकांश लंबी दूरी की ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री आसानी से सफर कर सकें। 76 स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया ट्रेनों में सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में दी गई लिखित जानकारी में बताया कि देश के 76 प्रमुख स्टेशनों पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस समर्पित यात्री होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। इन जगहों को इसलिए तैयार किया जा रहा है, ताकि पीक आवर्स में प्लेटफॉर्म पर होने वाली भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके। ये सुविधाएं मिलेंगी इन होल्डिंग एरिया में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, टिकट काउंटर, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन सूचना बोर्ड और पब्लिक एड्रेस सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे, लगेज स्कैनर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और अग्निशमन प्रणाली भी लगाई जाएगी। इसके अलावा आरओ पेयजल और पुरुष, महिला व दिव्यांगजन के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा भी होगी। बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस तरह का एक मॉडल होल्डिंग एरिया पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिसे यात्रियों ने काफी सराहा है और इससे प्लेटफॉर्म पर भीड़ में उल्लेखनीय कमी आई है।  

जल संरक्षण कार्यों को तेज करें, पेड़ लगाकर उन्हें संरक्षित करें- राज्यपाल डेका

 जल संरक्षण के कार्यों को और गति दें,अधिक से अधिक पेड़ लगाकर संरक्षित करें-राज्यपाल डेका राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली जैविक खेती को प्रोत्साहित करें,चांवल का वैल्यू एडिशन करें रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए किसानों को डबरी खनन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बताया गया  कि विकासखंड में 218 डबरी स्वीकृत की गई हैं तथा बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं,  राज्यपाल ने  और गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल डेका ने आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।                 राज्यपाल ने वृक्षारोपण को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए। कैंपा एवं मनरेगा मद से वृहत वृक्षारोपण करते हुए शासकीय भवनों, रेस्ट हाउस परिसरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जाएं। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख पौधरोपण किया गया है तथा अमृत सरोवरों के आसपास भी हरित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।               राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने तथा धान के साथ उद्यानिकी फसलों के समावेश पर बल दिया। उन्होंने  जैविक चावल के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने, हितग्राहियों से सेवा शुल्क लेने तथा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।                स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने टीबी रोगियों की जानकारी ली और उनके उपचार की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सक्षम व्यक्तियों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने, रेडक्रॉस से जुड़ने तथा ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं मोतियाबिंद के उपचार हेतु जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने एम्स से समन्वय स्थापित कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।                राज्यपाल डेका ने योग को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही योग की आदत विकसित की जाए तथा इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और कक्षाएं संचालित की जाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पुस्तकालय खोलने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।               बैठक में सरायपाली विधायक श्रीमती चतुरी नंद भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर कलेक्टर विनय लंगेह ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एसडीएम श्रीमती अनुपमा आनंद सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

एमपी में ग्रेच्युटी का भुगतान अब एक सप्ताह में, वित्त विभाग ने किया आदेश जारी

भोपाल   राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों- कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर उनकी ग्रेच्युटी भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन पेंशन सॉफ़्टवेयर के माध्यम से होगी। उन्हें ग्रेच्युटी पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। पहले सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवक को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना होगी। सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह के अंदर उन्हें भुगतान हो जाएगा। वित्त विभाग ने पूरी प्रक्रिया तय कर विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसकी शुरुआत सेवानिवृत्ति के 3 माह पहले तक वर्ष में कभी भी की जा सकेगी। सरकारी सेवक की सेवा में रहते मृत्यु होने पर 7 दिन में प्रक्रिया पूरी होगी। अधिकांश कर्मचारी, अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने देयकों के लिए भटकते रहते हैं। कई बार तो सालों तक राशि का भुगतान नहीं किया जाता है। यहां तक कि पेंशन में भी कई दिक्कतें आती हैं। ग्रेच्युटी भुगतान में तो कर्मचारी, अधिकारी को खासी परेशानी आती है। इनमें रिश्वतखोरी की शिकायतें भी आम हैं। पेंशन, ग्रेच्युटी के समय पर भुगतान को पूर्व सरकारी सेवक का अधिकार मानते हुए कोर्ट भी सख्त आदेश जारी कर चुके हैं पर अमल में लापरवाही की जा रही है। ग्रेच्युटी भुगतान पर सरकार अब सक्रिय हुई है। सेवानिवृत्त होने वाला शासकीय सेवक ग्रेच्युटी प्रकरण की तैयारी के लिए सभी प्रविष्टियों की जांच पेंशन सॉफ़्टवेयर से सत्यापित होगी। अनुमोदन के बाद एक दिन में होंगे ई-साइन प्रस्तावक अधिकारी के अनुमोदन के बाद उच्चाधिकारी के पास आवेदन ऑनलाइन जाएगा। अनुमोदित ग्रेच्युटी प्रकरण के अदायगी आदेश पर एक दिन के अंदर ई-हस्ताक्षर कर आदेश जारी करना अनिवार्य है। सेवा में रहते मृत्यु होने पर नोमिनी द्वारा उसके मृत्यु प्रमाणपत्र सहित आवेदन करने के 7 दिन में प्रक्रिया होगी अदायगी आदेश की सूचना भी ऑनलाइन दी जाएगी। शासकीय सेवक की सेवा में रहते मृत्यु होने पर नोमिनी द्वारा उसके मृत्यु प्रमाणपत्र सहित आवेदन करने के 7 दिन में प्रक्रिया होगी। पेंशनर्स से पहले राज्य सरकार श्रमिकों को सौगात दे चुकी पेंशनर्स से पहले राज्य सरकार श्रमिकों को सौगात दे चुकी है। प्रदेश के श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के श्रमिकों के लिए नई न्यूनतम वेतन दरें लागू कर दी हैं। राज्य के निजी व उद्योगों के करीब 40 लाख श्रमिकों को वेतन बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सरकारी विभागों के करीब 10 लाख श्रमिक भी इससे लाभान्वित होंगे। श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश से न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) के कारण श्रमिकों के प्रतिदिन के वेतन में औसतन ₹9 की बढ़ोत्तरी होगी। इस प्रकार मासिक वेतन में करीब ₹234 की वृद्धि होगी।

अनूपपुर जिले में गेहूँ उपार्जन 15 अप्रैल से प्रारंभ, 6 केंद्र निर्धारित

अनूपपुर  रबी विपणन वर्ष 2026–27 के अंतर्गत जिले में गेहूँ उपार्जन का कार्य 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती अनीता सोरते से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देशानुसार किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ क्रय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जिले में 6 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए हैं। दुलहरा समिति के लिए मां शारदा वेयरहाउस BOT 2 बरबसपुर, पटनाकला समिति के लिए कृषि उपज मंडी अनूपपुर, मझगवां (फुनगा) समिति के लिए शारदा फूड प्रोसेसिंग BOT B गोदाम पयारी, धनगवां समिति के लिए सिंह वेयरहाउस छातापटपर, बिजुरी समिति के लिए बतूल वेयरहाउस कोतमा तथा राजेंद्रग्राम समिति के लिए MPWLC गोदाम राजेंद्रग्राम को उपार्जन केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने संबंधित केंद्र प्रबंधकों को किसानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी उपज निर्धारित मापदंडों के अनुसार साफ-सुथरी एवं अच्छी तरह सुखाकर उपार्जन केंद्रों पर लाएं, ताकि उपार्जन प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।

CG में रद्द 14 ट्रेनों को फिर से शुरू किया, ओडिशा, महाराष्ट्र और अन्य क्षेत्रों के यात्रियों को राहत, 7 अप्रैल तक चलेगी सेवाएं

रायगढ़ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण पहले निरस्त किए गए 14 ट्रेनों को फिर से बहाल किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इनका परिचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इससे रायपुर, गेवरारोड, बिलासपुर और रायगढ़, झारसुगुड़ा और गोंदिया के यात्रियों को राहत मिलेगी। इससे पहले नागपुर मंडल से होकर गुजरने वाली चार एक्सप्रेस ट्रेनों को भी दोबारा शुरू किया गया था। गोंदिया स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3, लाइन नंबर 5 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर उसे बैलस्टेड ट्रैक में बदलने के कार्य के कारण इन गाड़ियों को अस्थायी रूप से रद्द किया गया था। यात्रियों के लिए सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की सही स्थिति की जानकारी अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 से जरूर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।